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  • मालवनी में चला बुलडोजर 135 झोपड़े हुए क्षतिग्रस्त

    मालवनी में चला बुलडोजर 135 झोपड़े हुए क्षतिग्रस्त

    मालाड पश्चिम के मालवनी इलाके में कलेक्टर ऑफिस और बीएमसी की संयुक्त कार्रवाई में 135 अवैध झोपड़ों को तोड़ा गया। कार्रवाई अली तालाव और चिकूवाड़ी इलाकों में हुई। प्रशासन ने कहा – अवैध निर्माण पर आगे भी सख्त कदम जारी रहेंगे।

    मुंबई: मालाड पश्चिम के मालवनी इलाके में सरकारी जमीन पर कब्जा कर बनाए गए 135 अवैध झोपड़े बीएमसी और कलेक्टर ऑफिस की संयुक्त कार्रवाई में ढहा दिए गए। यह अभियान अली तालाव और चिकूवाड़ी इलाकों में चलाया गया, जिसमें भारी मशीनरी और मजदूरों की मदद से अवैध निर्माण हटाए गए। अधिकारियों के मुताबिक, ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी ताकि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे दोबारा न हों।

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    अवैध झोपड़ियों पर चला बुलडोजर

    मालाड पश्चिम के मालवनी इलाके में सोमवार और मंगलवार को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की। कलेक्टर ऑफिस और बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) की टीम ने सरकारी जमीन पर कब्जा जमाए 135 झोपड़ियों को तोड़ डाला।
    इस संयुक्त ऑपरेशन में बीएमसी के कई विभागों ने सहयोग किया। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई लंबे समय से चल रहे अवैध निर्माण पर रोक लगाने के उद्देश्य से की गई है।

    कहाँ हुई कार्रवाई — अली तालाव और चिकूवाड़ी में हटाए गए कब्जे

    बीएमसी के अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई दो प्रमुख जगहों — अली तालाव और चिकूवाड़ी में की गई।

    • अली तालाव क्षेत्र में 127 अवैध झोपड़ियाँ हटाई गईं।
    • वहीं चिकूवाड़ी इलाके में 6 झोपड़ियाँ और 2 अन्य अवैध संरचनाएँ गिराई गईं।

    स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इन इलाकों में पिछले कुछ महीनों में झोपड़ियाँ बढ़ती जा रही थीं। प्रशासन ने कई बार नोटिस जारी किए थे, लेकिन जब कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली तो आखिरकार बुलडोज़र चलाना पड़ा।

    बीएमसी की तैयारी और भारी मशीनरी का इस्तेमाल

    कार्रवाई के दौरान बीएमसी की ओर से भारी जेसीबी मशीनें, ट्रक और बड़ी संख्या में मजदूर तैनात किए गए। मौके पर पुलिस बल भी मौजूद रहा ताकि किसी तरह की अव्यवस्था या विरोध की स्थिति न बने।
    बीएमसी अधिकारियों ने कहा कि यह सिर्फ एक शुरुआत है, और भविष्य में भी ऐसे एंटी-एनक्रोचमेंट ड्राइव (Encroachment Drive) लगातार चलाए जाएंगे ताकि सरकारी संपत्ति पर कोई नया कब्जा न कर सके।

    सरकारी जमीन को कब्जे से मुक्त कराने का अभियान जारी

    प्रशासन का कहना है कि मालवनी और आसपास के इलाके में कई ऐसी सरकारी भूमि हैं जिन पर वर्षों से अवैध झोपड़पट्टियाँ बनी हैं। इस ऑपरेशन के जरिए न सिर्फ जमीन को खाली कराया गया, बल्कि आगे पुनः कब्जा रोकने के लिए निगरानी टीम भी तैनात की गई है।
    बीएमसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया,

    “यह कार्रवाई केवल आज की नहीं है। आने वाले हफ्तों में भी अन्य जगहों पर इसी तरह की सख्त कार्यवाही की जाएगी। हमारा उद्देश्य सार्वजनिक भूमि की रक्षा करना है।”

    स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया

    कुछ स्थानीय निवासियों ने इस कार्रवाई का स्वागत किया, यह कहते हुए कि अवैध झोपड़ियों से इलाके में गंदगी और भीड़भाड़ बढ़ रही थी। वहीं कुछ लोगों ने प्रशासन से पुनर्वास की मांग भी की, क्योंकि तोड़ी गई झोपड़ियों में रहने वाले कई मजदूरों के पास अब रहने की जगह नहीं है।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

    Q1. यह कार्रवाई कहाँ हुई?
    A1. यह कार्रवाई मुंबई के मालाड पश्चिम के मालवनी इलाके में अली तालाव और चिकूवाड़ी में की गई।
    Q2. कितनी झोपड़ियाँ तोड़ी गईं?
    A2. कुल 135 अवैध झोपड़ियाँ और संरचनाएँ गिराई गईं।
    Q3. कार्रवाई किसने की?
    A3. कार्रवाई कलेक्टर ऑफिस और बीएमसी (BMC) की संयुक्त टीम ने की।
    Q4. क्या आगे और कार्रवाई होगी?
    A4. हाँ, बीएमसी ने साफ कहा है कि आने वाले दिनों में ऐसे अवैध निर्माणों पर कार्रवाई जारी रहेगी।
    Q5. क्या किसी को पुनर्वास दिया जाएगा?
    A5. फिलहाल कोई आधिकारिक पुनर्वास योजना घोषित नहीं हुई है, लेकिन प्रशासन इस दिशा में विचार कर रहा है।

  • Mumbai: मालाड़ में बनेगा समुद्र के पानी को मिठा करने का प्रोजेक्ट, 21 कंपनियों ने भेजा प्रस्ताव

    Mumbai: मालाड़ में बनेगा समुद्र के पानी को मिठा करने का प्रोजेक्ट, 21 कंपनियों ने भेजा प्रस्ताव

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    Manori Seawater Desalination Project Cost: कांग्रेस के भ्रष्टाचार के आरोप के बाद टेंडर को निरस्थ कर दिया गया था। अब फिर एक बार लागत बढाकर टेंडर प्रकृया की गई। जिसमें विदेशी कंपनियों के साथ कुल 21 कंपनियों ने इंट्रेस्ट दिखाया है। Mumbai: A project to sweeten sea water will be built in Malad, 21 companies have sent proposals

    मुंबई: मलाड़ पश्चिम के मनोरी आईलैंड में प्रस्तावित समुद्र के पानी को मीठा करने के प्रोजेक्ट की लागत इस बार पिछले आंकड़ो की तुलना लगभग डेढ़ गुना बढ़ गई है। पहले इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 1920 करोड़ रुपये थी, जो अब बढ़ कर 3000-3200 करोड़ रुपये हो गई है। यह जानकारी देते हुए बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के एडिशनल कमिश्नर अभिजीत बंगार ने बताया कि पिछली बार टेंडर को लेकर विवाद होने पर उसे रद्द कर दिया गया था। 25 मई को दोबारा टेंडर जारी किया गया, जिसके लिए अब तक 21 कंपनियों ने रुचि दिखाई है। इनमें एक कंपनी स्पेन और एक मध्य पूर्वी देश से है। Mumbai: A project to sweeten sea water will be built in Malad, 21 companies have sent proposals

    भ्रष्टाचार का आरोप

    बता दें कि पिछली बार टेंडर में 5 कंपनियों ने टेंडर भरा था, हालांकि बाद में सिर्फ एक कंपनी रह गई। कांग्रेस ने इस टेंडर में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया, जिसके बाद बीएमसी ने टेंडर रद्द कर दिया। नए टेंडर की लागत 3000 से 3200 करोड़ रुपये आंकी गई है, जो पिछली अनुमानित लागत 1920 करोड़ रुपये से डेढ़ गुना अधिक है। Mumbai: A project to sweeten sea water will be built in Malad, 21 companies have sent proposals

    कैसे होगा प्रोजेक्ट?

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका के एडिशनल कमिश्नर अभिजीत बंगार ने बताया कि इस प्रोजेक्ट के तहत टनल बनाई जाएंगी। इसमें दो समुद्र से पानी खींचने के लिए और एक अवशेष जल (नमकीन पानी) को निकालने के लिए बनाई जाएगी। अधिकारी ने बताया कि प्रोजेक्ट के तहत समुद्र के गहरे हिस्से लगभग 2-3 किलोमीटर दूर से पानी खींचा जाएगा, जिससे प्रदूषण होने का खतरा नही होगा। यहां बिजली की जगह ग्रीन एनर्जी का उपयोग किया जाएगा। Mumbai: A project to sweeten sea water will be built in Malad, 21 companies have sent proposals

    रोजाना मिलेगा 400 एमएलडी मिठा पानी

    उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि प्रोजेक्ट को दो चरणों में बांटा गया है। पहले चरण में खारे पानी को शुद्ध करने पर 200 एमएलडी पीने योग्य पानी प्रतिदिन प्राप्त होगा। दूसरे चरण में प्रतिदिन 200 एमएलडी पानी प्राप्त होगा। यानी दोनों चरणों के शुरू होने पर मुंबई को प्रतिदिन 400 एमएलडी पानी मिलेगा। Mumbai: A project to sweeten sea water will be built in Malad, 21 companies have sent proposals