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  • Malad फ्लाईओवर में BMC को मिली ‘350 करोड़ रुपये की बचत’ नया फॉर्मूला

    Malad फ्लाईओवर में BMC को मिली ‘350 करोड़ रुपये की बचत’ नया फॉर्मूला

    Malad वेस्ट फ्लाईओवर और Marve Road widening प्रोजेक्ट में BMC ने 350 करोड़ मुआवजा बचाने के लिए अनोखा तरीका अपनाया। L&T की सबसे कम बोली के बावजूद JKumar-RPS को मिला काम। जानिए पूरा मामला।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने मलाड वेस्ट फ्लाईओवर और मार्वे रोड चौड़ीकरण प्रोजेक्ट में एक ऐसा फैसला लिया है, जो नगर निगम के इतिहास में पहली बार देखने को मिला है। करोड़ों के मुआवजे से बचने के लिए प्रशासन ने टेंडर प्रक्रिया में अनोखा ‘राइट ऑफ फर्स्ट रिफ्यूजल’ फॉर्मूला अपनाया और लगभग 350 करोड़ रुपये की बचत का दावा किया जा रहा है।

    क्या है पूरा मामला | Malad West Flyover Project

    मलाड (पश्चिम) में रयान इंटरनेशनल स्कूल से चारकोप जंक्शन और एमडीपी रोड को जोड़ने वाले नाले पर ट्रैफिक फ्लाईओवर, एलिवेटेड रोड और मार्वे रोड चौड़ीकरण के लिए BMC ने बड़ा टेंडर निकाला था।

    इस प्रोजेक्ट में महाकाली जंक्शन से लेकर गिरिधर पार्क मिठ चौकी तक सड़क को करीब 3.5 मीटर चौड़ा करने का भी काम शामिल है।

    L&T Lowest Bid के बावजूद क्यों नहीं मिला कॉन्ट्रैक्ट?

    टेंडर प्रक्रिया में Larsen & Toubro (L&T) ने अनुमानित लागत से करीब 25–26% कम यानी लगभग 1647 करोड़ रुपये की सबसे कम बोली लगाई थी।

    लेकिन इसके बावजूद BMC ने L&T को काम नहीं दिया।

    350 करोड़ मुआवजा बचाने का ‘Unique Formula’

    दरअसल, J Kumar Infraprojects-RPS जॉइंट वेंचर ने पहले एक दूसरे प्रोजेक्ट (ईस्टर्न फ्रीवे से ग्रांट रोड) का कॉन्ट्रैक्ट रद्द होने पर BMC से करीब 350 करोड़ रुपये का मुआवजा मांगा था।

    इसी दौरान कंपनी ने एक शर्त रखी—
    👉 अगर उन्हें इस नए प्रोजेक्ट में L1 (Lowest Bidder) यानी L&T के बराबर रेट पर काम दिया जाए, तो वे 350 करोड़ का मुआवजा छोड़ देंगे।

    कैसे मिला JKumar-RPS को काम?

    BMC ने इस प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए JKumar-RPS से पूछा कि क्या वे L&T के रेट पर काम करेंगे।

    कंपनी ने हामी भर दी।
    👉 इसके बाद प्रशासन ने L&T की जगह JKumar-RPS को ही काम सौंप दिया।

    इस फैसले से:

    • BMC को 350 करोड़ का मुआवजा नहीं देना पड़ेगा
    • प्रोजेक्ट की लागत भी L1 के बराबर ही रहेगी

    कुल प्रोजेक्ट लागत कितनी है?

    • अनुमानित लागत: 2225.95 करोड़ रुपये
    • L&T की बोली: ~1647 करोड़ रुपये
    • टैक्स और कंसल्टेंसी मिलाकर कुल कॉन्ट्रैक्ट: ~3456 करोड़ रुपये

    किन इलाकों को मिलेगा फायदा?

    इस फ्लाईओवर और रोड चौड़ीकरण से:

    • मालवनी
    • जनकल्याण नगर
    • चारकोप
    • मढ़-मार्वे
    • मलाड वेस्ट

    👉 इन सभी इलाकों के ट्रैफिक को डायवर्ट करने के लिए नया वैकल्पिक मार्ग मिलेगा
    👉 जाम और ट्रैफिक दबाव में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद

    BMC के इतिहास में पहली बार ऐसा फैसला

    BMC के इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि:

    • किसी कंपनी ने मुआवजे का दावा किया
    • और उसी कंपनी को नए प्रोजेक्ट में शामिल कर मुआवजा बचाया गया

    👉 इसे प्रशासन का “Win-Win Strategy” भी कहा जा रहा है।

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    FAQ Section

    Q1. मलाड वेस्ट फ्लाईओवर कब तक बनेगा?
    👉 फिलहाल निर्माण की समयसीमा घोषित नहीं हुई है, लेकिन प्रोजेक्ट को फास्ट ट्रैक पर रखा गया है।

    Q2. L&T को काम क्यों नहीं मिला?
    👉 क्योंकि JKumar-RPS ने L&T के रेट पर काम करने और 350 करोड़ का मुआवजा छोड़ने की शर्त रखी।

    Q3. इस प्रोजेक्ट से सबसे ज्यादा फायदा किसे होगा?
    👉 मलाड, चारकोप, मालवानी और मार्वे रोड के रोजाना ट्रैफिक में बड़ी राहत मिलेगी।

    Q4. कुल प्रोजेक्ट लागत कितनी है?
    👉 कुल लागत टैक्स समेत लगभग 3456 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है।