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  • महायुति सरकार न केवल भ्रष्ट, बल्कि उसमें शामिल लोग अपराधी हैं- पटोले

    महायुति सरकार न केवल भ्रष्ट, बल्कि उसमें शामिल लोग अपराधी हैं- पटोले

    महायुति सरकार न केवल भ्रष्ट, बल्कि उसमें शामिल लोग अपराधी हैं। ऐसा कहते हुए नाना पटोले ने राज्य की सरकार गठबंधन पर आरोप लगाया। साथ ही संजय राउत के आरोपों के बीच चुनाव में धांधली को लेकर एमवीए नेता ने कोर्ट का रुख अपनाया। (Mahayuti government is not only corrupt, but the people involved in it are criminals-Nana Patole)

    मुंबई– कांग्रेस की महाराष्ट्र प्रदेश प्रमुख नाना पटोले ने मंगलवार को राज्य में देवेंद्र फडणवीस की सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि यह महायुति सरकार न केवल भ्रष्ट है बल्कि इसमें शामिल लोग अपराधी हैं। (Mahayuti government is not only corrupt, but the people involved in it are criminals-Nana Patole)

    पटोले ने यह भी जानना चाहा कि खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री धनंजय मुंडे के खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक मंत्री ने उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि उनको लेकर उठे विवाद ने सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन के अंदरूनी कलह को सामने ला दिया है। (Mahayuti government is not only corrupt, but the people involved in it are criminals-Nana Patole)

    मुख्यमंत्री पर उठे सवाल

    पटोले ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार न केवल भ्रष्ट है, बल्कि जो लोग इसमें शामिल हैं, वे सभी अपराधी हैं। सिर्फ़ मंत्री ही नहीं, बल्कि पूरा प्रशासन भ्रष्ट है। धनंजय मुंडे के खिलाफ आरोप गंभीर हैं, लेकिन इन आरोपों के पीछे भाजपा ही है। भाजपा के एक विधायक मुंडे के भ्रष्टाचार को खुलेआम उजागर कर रहे हैं, फिर भी मुख्यमंत्री ने कोई कार्रवाई नहीं की है।’’ (Mahayuti government is not only corrupt, but the people involved in it are criminals-Nana Patole)

    उन्होंने कहा, ‘‘क्या यह भाजपा, अजित पवार की अगुवाई वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) और एकनाथ शिंदे की शिवसेना के बीच की अंदरूनी लड़ाई का नतीजा है? कांग्रेस को उनके अंदरूनी झगड़ों में कोई दिलचस्पी नहीं है।’’ (Mahayuti government is not only corrupt, but the people involved in it are criminals-Nana Patole)

    कार्यकर्ता अंजलि दमानिया ने मंगलवार को आरोप लगाया कि महाराष्ट्र की पिछली महायुति सरकार में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता धनंजय मुंडे के मंत्री रहते कृषि विभाग में 88 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ था। (Mahayuti government is not only corrupt, but the people involved in it are criminals-Nana Patole)

    मुंडे पहले से ही बीड जिले में सरपंच संतोष देशमुख की हत्या से संबंधित जबरन वसूली के मामले में अपने सहयोगी वाल्मिक कराड की गिरफ्तारी को लेकर आलोचनाओं का सामना कर रहे हैं। (Mahayuti government is not only corrupt, but the people involved in it are criminals-Nana Patole)

    पटोले ने कहा कि असली मुद्दे लोगों के सामने हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को उनका बकाया नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि सोयाबीन, चावल और प्याज के किसान संकट का सामना कर रहे हैं। (Mahayuti government is not only corrupt, but the people involved in it are criminals-Nana Patole)

    उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘बांग्लादेशी महिलाओं को सरकार से लाड़की बहिन योजना का पैसा मिल रहा है, जबकि महाराष्ट्र के नागरिक परेशान हैं। राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति ध्वस्त हो गई है, कल ही शिरडी में दो हत्याएं हुईं। महिलाएं असुरक्षित हैं।’’ (Mahayuti government is not only corrupt, but the people involved in it are criminals-Nana Patole)

    फर्जी मुठभेड़

    उन्होंने कहा कि परभणी में पुलिस ने युवा आंबेडकरवादी कार्यकर्ता सोमनाथ सूर्यवंशी को कथित तौर पर मार डाला। उन्होंने आरोप लगाया कि बदलापुर स्कूल यौन उत्पीड़न मामले का आरोपी अक्षय शिंदे फर्जी मुठभेड़ में मारा गया। (Mahayuti government is not only corrupt, but the people involved in it are criminals-Nana Patole)

    मुख्यमंत्री का अंधविश्वास

    उन्होंने कहा, ‘‘यह सरकार गंभीर मुद्दों को छिपा रही है, लेकिन विपक्ष चुप नहीं रहेगा। सरकार को इन सवालों का जवाब देना चाहिए।’’
    इससे पहले दिन में शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने दावा किया कि देवेंद्र फडणवीस अंधविश्वास के कारण दक्षिण मुंबई स्थित महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास ‘वर्षा’ में रहने नहीं गए हैं। राउत ने कहा था कि अफवाह यह है कि एकनाथ शिंदे की कामाख्या मंदिर यात्रा के दौरान गुवाहाटी में कथित तौर पर बलि दिये गए भैंसों के सींग को ‘वर्षा’ के परिसर में गाड़ा गया था, ताकि मुख्यमंत्री का पद शिंदे के अलावा किसी और के पास न रहे। (Mahayuti government is not only corrupt, but the people involved in it are criminals-Nana Patole)

    मुख्यमंत्री आवास में रहने से इनकार

    राउत के आरोप पर एक सवाल का जवाब देते हुए पटोले ने कहा, ‘‘जब से मोदी सरकार सत्ता में आई है, देश में काला जादू और अंधविश्वास फैल गया है। क्या महाराष्ट्र में भी ऐसा ही हो रहा है? क्या वे अपना राजनीतिक भविष्य सुनिश्चित करने के लिए अनुष्ठान कर रहे हैं? क्या इसीलिए देवेंद्र फडणवीस ‘वर्षा’ में रहने से इनकार कर रहे हैं?’’ (Mahayuti government is not only corrupt, but the people involved in it are criminals-Nana Patole)

    उन्होंने कहा कि राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख ने अंधविश्वास रोधी कानून बनाया, फिर भी ऐसी प्रथाएं हो रही हैं। उन्होंने कहा कि यह शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि यह बेहद चिंताजनक है कि छत्रपति शिवाजी महाराज, शाहू महाराज, ज्योतिबा फुले और डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की भूमि महाराष्ट्र में ऐसी घटनाएं हो रही हैं। (Mahayuti government is not only corrupt, but the people involved in it are criminals-Nana Patole)

    चुनाव में धांधली का आरोप

    वंचित बहुजन आघाडी (VBA) के प्रमुख प्रकाश आंबेडकर द्वारा हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों के परिणामों की विश्वसनीयता पर चिंता व्यक्त करने पर पटोले ने कहा कि कांग्रेस और महा विकास आघाडी (MVA) ने इसी तरह के मुद्दे उठाए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हमने पहले ही निर्वाचन आयोग से शिकायत की है, जिसने खुद लोकतंत्र का अपमान किया है। प्रकाश आंबेडकर ने अदालत का रुख किया है, वहीं राहुल गांधी ने भी कल संसद में इस मुद्दे को उठाया। अब जब मामला अदालत में है, तो हमें उम्मीद है कि न्याय मिलेगा।’’ (Mahayuti government is not only corrupt, but the people involved in it are criminals-Nana Patole)

  • BMC चुनाव में बीजेपी के लिए रास्ता साफ करेगी RSS, पार्टी की बैठकें हुई शुरू

    BMC चुनाव में बीजेपी के लिए रास्ता साफ करेगी RSS, पार्टी की बैठकें हुई शुरू

    महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव की तरह अब राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (RSS) एक बार फिर नगरपालिका एवं पंचायत चुनाव में भाजपा को जीताने के लिए बड़ी भूमिका निभाने वाली है। इसको लेकर भाजपा ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी है। (RSS will pave the way for BJP in BMC elections, party meetings started)

    न्यूज़ डेस्क
    मुंबई-
    महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बड़ी जीत हासिल की जिसकी किसी को भी उम्मीद नहीं थी। बीजेपी की इस बड़ी जीत में जमीनी स्तर पर काम करने वाली आरएसएस का सबसे बड़ा हाथ माना जा रहा है। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद अब आरएसएस फिर एक बार राज्य में नगरपालिका और पंचायत चुनाव के लिए अपनी कमर कस रही है। (RSS will pave the way for BJP in BMC elections, party meetings started)

    आरएसएस कर रही है चुनाव की तैयारी

    राज्य में विधानसभा चुनाव की तरह अब आरएसएस स्थानीय नगरपालिका और पंचायत चुनाव में भी बीजेपी को जीताने के लिए बड़ी भूमिका निभाने को तैयार हो रही है। क्योंकि स्थानीय निकाय चुनाव को लेकर भाजपा के साथ ही आरएसएस की बैठकों का दौर भी शुरू हो गया है। (RSS will pave the way for BJP in BMC elections, party meetings started)

    कहा जा रहा है कि भाजपा में अकेले नगरपालिका और पंचायत चुनाव जीतने के लिए पूरी क्षमता है। हालांकि, भाजपा ने विधानसभा का चुनाव महायुति गठबंधन में एकनाथ शिंदे की शिवसेना के साथ मिलकर जीता है और दूसरी तरफ महाविकास अघाड़ी गठबंधन भी चुनाव की बड़ी तैयारी कर रहा है। (RSS will pave the way for BJP in BMC elections, party meetings started)

    शिवसेना का रहा है हमेशा से कब्जा

    महाराष्ट्र की सबसे बड़ी राजनैतिक पार्टी शिवसेना का नगरपालिका और बाकी महाविकास अघाड़ी गठबंधन में शामिल दलों का पंचायती चुनाव हमेशा से कब्जा रहा है। लेकिन शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में विभाजन के बाद इसके आकड़े बदलने की पूरी संभावना है। हालांकि, महाविकास अघाड़ी में शामिल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) शरद पवार गुट, शिवसेना (UBT) उद्धव ठाकरे गुट और कांग्रेस पार्टी तीनों ही अकेले चुनाव लड़ना चाहती है। इसको लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं से चर्चा हो रही है। (RSS will pave the way for BJP in BMC elections, party meetings started)

    आपको बता दें कि बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) पर पिछले 25 सालों से अविभाजित शिवसेना का कब्जा रहा है। शिवसेना के विभाजन के बाद अब पहली बार मनपा के चुनाव होने जा रहे है। इसलिए देखना दिलचस्प होगा कि किसका पलड़ा भारी होता है और किसकी नैय्या डूबती है। क्योंकि अब तक पार्टी इसलिए जीत पा रही थी क्योंकि वह विभाजित नहीं थी लेकिन अब विभाजन के बाद जनता के भी वोट बटने की ज्यादा उम्मीदें है। (RSS will pave the way for BJP in BMC elections, party meetings started)

    भाजपा की चुनावी तैयारी

    खबर के मुताबिक भारतीय जनता पार्टी ने आरएसएस के नेतृत्व में अपने फ्रंट संगठनों के बीच समन्वय स्थापित करना शुरू कर दिया है। हाल ही में मुंबई से सटे भयंदर में एक बैठक भी आयोजित की थी जिसकी अध्यक्षता खुद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने की थी।
    बीजेपी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया कि भयंदर की बैठक से यह खबर आ रही है कि विधानसभा चुनाव में इसलिए बड़ी सफलता मिली, क्योंकि बीजेपी और आरएसएस साथ थी। पार्टी को आरएसएस के फ्रंट संगठनों की जरूरत है जिसका जमीनी स्तर पर बड़ा नेटवर्क है। (RSS will pave the way for BJP in BMC elections, party meetings started)

  • इलेक्शन कमीशन की हो गई कमाई, महाराष्ट्र में छाप डाले नोट

    इलेक्शन कमीशन की हो गई कमाई, महाराष्ट्र में छाप डाले नोट

    Maharashtra Election: चुनाव कराने से इलेक्शन कमीशन भी पैसा कमा लेते हैं। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद यह साफ हो गया। महाराष्ट्र में इस बार 4 हजार से ज्यादा उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे। जिनमें से 3500 से भी ज्यादा उम्मीदवारों की बहुत बुरी तरह हार हुई है और इसका सीधा फायदा आयोग को हुआ…

    नितिन तोरस्कर (मंत्रालय प्रतिनिधि)
    मुम्बई-
    महाराष्ट्र चुनाव के नतीजे सभी के सामने है। महाराष्ट्र में अब मुख्यमंत्री कौन होगा? इसको लेकर भी बैठकों का दौर शुरू हो गया है। महाराष्ट्र में अगला सीएम देवेंद्र फणडवीस होंगे या फिर से एक बार दोबारा एकनाथ शिंदे शपथ लेंगे ? ये आज शाम तक साफ हो जाने वाला है। लेकिन महाराष्ट्र में इस बार चुनाव लड़ने वाले 4,136 उम्मीदवारों में से 3,515 यानी 85 प्रतिशत उम्मीदवारों की जमानत राशि जब्त हो गई है। क्योंकि वह चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित न्यूनतम वोट अपने लिए हासिल करने में असफल रहे हैं। कुल मिलाकर चुनाव आयोग को जब्त जमानत राशि से 3.5 करोड़ रूपए की कमाई हो गई है, जो पिछले 10 सालों में सबसे ज्यादा है।

    2014 के चुनाव की बात करें तो 4, 119 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा और 3, 422 यानी 83.1 प्रतिशत उम्मीदवारों की जमानत राशि जब्त हो गई थी। जो 3.4 करोड़ रुपए थी‌। 2019 में 3, 237 उम्मीदवारों में से 80.5 प्रतिशत उम्मीदवारों ने अपनी जमानत राशि खोई थी, जिसके कारण आयोग को 2.6 करोड़ रुपए की कमाई हुई थी। जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के तहत यदि कोई उम्मीदवार अपने निर्वाचन क्षेत्र में डाले गए कुल वैध मतों का कम से कम छठा हिस्सा प्राप्त करने में विफल रहता है, तो उसकी जमानत राशि जब्त कर ली जाती है। प्रत्येक विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार को 10,000 रुपए की जमानत राशि जमा करनी होती है। जबकि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवारों को ₹5,000 रुपए जमा करने होते हैं।

    महाराष्ट्र में किसको हुआ सबसे ज्यादा नुकसान?

    दो प्रमुख गठबंधनों में से, महाविकास अघाड़ी (MVA) को सबसे बड़ा नुकसान हुआ है। जिसमें 22 सीटों पर जमानत राशि जब्त हो गई। कांग्रेस ने 9 सीटों पर जमानत राशि खो दी है। शिवसेना (UBT) ने 8 सीटों पर और एनसीपी शरद पवार गुट के 3 सीटों पर जमानत राशि को दी। किसान और मजदूर पार्टी, जो MVA का हिस्सा है उस की 2 सीटों पर जमानत राशि जप्त ‌हो गई।

    कहां हुआ सबसे ज्यादा फायदा

    महाराष्ट्र में चुनाव आयोग को सबसे ज्यादा फायदा कहां हुआ है यह भी आपको हम बता देना चाहते हैं। जमानत जप्त के मामले में नासिक जिले के बड़े खिलाड़ियों के बीच सबसे अधिक पैसों का फायदा हुआ है। यहां शिवसेना (UBT) की 2 सीटों पर, कांग्रेस की 3 सीटों पर और एनसीपी शरद पवार गुट की 1 सीट पर जमानत राशि जब्त हुई है। छोटे दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों के मामले में मुंबई उपनगर में 261 और पुणे में 260 उम्मीदवारों की जमानत राशि जब्त की गई है।

    भाजपा उम्मीदवारों की जमानत का क्या रहा?

    महाराष्ट्र में किसी भी भाजपा उम्मीदवार की जमानत राशि जब्त नहीं हुई है। हालांकि, महायोधी के घटक दल एकनाथ शिंदे की शिवसेना के एक उम्मीदवार ने विदर्भ के दर्यापुर (अमरावती जिला) में अपनी जमानत राशि खो दी है और अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी ने महाराष्ट्र में 5 सीटों पर जमानत राशि खो दी। उसी जिले के मोर्शी निर्वाचन क्षेत्र में एक अनोखी स्थिति देखी गई, जहां एनसीपी के दोनों गुटों ने अपनी जमानत राशि खो दी है। कड़े मुकाबले में, भाजपा के उमेश यावलकर ने 99,683 वोट हासिल किए, जबकि एनसीपी के देवेंद्र भुयार और एनसीपी शरद पवार गुट के गिरीश कराले क्रमशः सिर्फ 34,695 और 31,843 वोट ही हासिल कर सके, जो अनिवार्य सीमा से कम था।

    राज ठाकरे के सभी उम्मीदवार हुए फैल

    अन्य छोटे दलों के भी कई उम्मीदवारों की जमानत राशि जब्त हुई। जिनमें VBA, BSP और MNS ने राज्यभर में लगभग सभी सीटों पर जमानत राशि खो दी है। एक अपवाद था कि MNS के अमित ठाकरे, जिन्होंने महिम निर्वाचन क्षेत्र में हारने के बावजूद न्यूनतम सीमा को पार कर लिया था। नागपुर दक्षिण पश्चिम में देवेंद्र फडणवीस के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले निर्दलीय उम्मीदवार सचिन वाघाडे, जिन्होंने अपनी जमानत राशि खो दी पर उन्होंने कहा कि चुनाव लड़ना हमारा संवैधानिक अधिकार है और हम इसमें भाग लेते हैं, क्योंकि हम अभी भी लोकतंत्र और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में विश्वास करते हैं। जबकि मैं चुनाव आयोग की निष्पक्षता सुनिश्चित करने और फर्जी उम्मीदवारों को रोकने की आवश्यकता को समझता हूं। लेकिन मेरा मानना है कि पूरी जमानत जब्त करने के बजाय, 25% राशि को बरकरार रखा जाना चाहिए।

  • प्रचार से पहले भाजपा ने काटा 5 विधायकों का पत्ता

    प्रचार से पहले भाजपा ने काटा 5 विधायकों का पत्ता

    मुंबई के मौजूदा विधायकों की जगह भाजपा नए चेहरों को मौका देने जा रही है। चर्चा यह भी है कि इसमें भाजपा विधायक सुनील राणे के साथ राम कदम का भी नाम शामिल है। (BJP cuts of 5 MLAs before election campaign in Maharashtra)

    नितिन तोरस्कर (मंत्रालय प्रतिनिधि)
    मुंबई
    – महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद सभी पार्टियां चुनावी तैयारियों में जुट गई है। सीट बंटवारे को लेकर महायुति और महाविकास अघाड़ी में मित्र पक्ष के बीच जबरदस्त रस्साकस्सी चल रही है। महायुति में सीटों के बंटवारे को लेकर अभी भी गठबंधन में दरार बनी हुई है। ऐसे में कुछ विधायकों का मुंबई से टिकट कटने की जानकारियां प्राप्त हो रही है। सूत्रों के अनुसार इन 5 विधायकों की जगह नए चेहरों को मौका दिए जाने की पार्टी के भीतर चर्चाएं आम हो रही है। (BJP cuts of 5 MLAs before election campaign in Maharashtra)

    विधायकों का एड्रेस हुआ हैक ..

    महागठबंधन के नेताओं के बीच सीट बंटवारे को लेकर दिल्ली में बैठक हुई। इसके बाद अगला फॉर्मूला मुंबई में होने जा रहा है। वहीं, कुछ विधायकों का एड्रेस भी हैक होने की खबर है। मुंबई में 5 विधायकों का पत्ता कटेगा ऐसी जानकारियां सामने आ रही है। इसके साथ ही मौजूदा विधायकों की जगह नए चेहरों को मौका दिया जाने वाला है। (BJP cuts of 5 MLAs before election campaign in Maharashtra)

    किसका पत्ता हुआ साफ ?

    चर्चा है कि इसमें भाजपा विधायक राम कदम का भी नाम है। पराग शाह की जगह प्रकाश मेहता का नाम सामने आया है। भारती लवकर की जगह संजय पांडे, तामीर सेलवन की जगह राजश्री शिरवाडकर और सुनील राणे की जगह गोपाल शेट्टी के नाम पर चर्चा हो रही है। हालांकि,अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हुई है। मुंबई में जगह सीटों के आवंटन पर अभी भी चर्चा चल रही है। (BJP cuts of 5 MLAs before election campaign in Maharashtra)

    किसको मिलेंगे कितने सीट ?

    मुंबई की 36 सीटों में सबसे ज्यादा सीटें भाजपा को मिलने वाली है और उसके बाद शिंदे गुट के शिवसेना को। अजित पवार के एनसीपी को तीन सीटें दी जाएंगी। सूत्रों ने जानकारी दी है कि भाजपा को 18 सीटें, शिवसेना को 15 सीटें और एनसीपी को 3 सीटें मिलेंगी। इसमें एनसीपी के हिस्से की अणुशक्ति नगर, बांद्रा पूर्व, शिवाजी नगर-मानखुर्द सीटें शामिल हैं। (BJP cuts of 5 MLAs before election campaign in Maharashtra)

    महाराष्ट्र में सीटों का बंटवारा ..

    इस बीच यह भी खबर है, कि आज रात मुंबई में फिर से महागठबंधन की बैठक होगी। अभी भी महाराष्ट्र में 40 से 50 सीटों का अंतर बताया जा रहा है। अजित पवार की एनसीपी राज्य में 55 से 60 सीटें चाहती है। बताया गया है कि शिंदे की पार्टी 75 से 80 सीटें चाहती है, जबकि भाजपा 150 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। (BJP cuts of 5 MLAs before election campaign in Maharashtra)

  • Maharashtra Election : महायुती में महासंग्राम? गरमाया वोट जिहाद

    Maharashtra Election : महायुती में महासंग्राम? गरमाया वोट जिहाद

    Maharashtra Election : महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव से पहले ही सियासी पारा गरमाया गया है। एक ओर जहां सीट शेयरिंग को लेकर सत्ता पक्ष की महायुती के दोनों खेमों में बातचीत चल रही है। वहीं अब वोट जिहाद वाले देवेंद्र फडणवीस के बयान के मद्देनजर महायुती में खटपट की आहट सुनाई दे रही है। (Maharashtra Election: Great battle in Mahayuti? heated vote jihad)

    नितिन तोरस्कर (मंत्रालय प्रतिनिधि)
    मुंबई-
    महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। साल के आखिर में होने वाले चुनाव से पहले ही सत्ता पक्ष की महायुती सरकार में खटपट की आहट सुनाई दे रही है। वोट जिहाद के बयान पर महायुती में आपसी मतभेद की लकीरें खिंचती दिख रही हैं। देवेंद्र फडणवीस के वोट जिहाद वाले बयान से सियासी पारा ऐसा चढ़ा कि विरोधी तो हमला कर ही रहे हैं। अब अपने भी पवार बंधू तेवर दिखा रहे हैं। महायुती में जहां भाजपा वोट जिहाद की बात कर रही है, वहीं अजित पवार वाली राष्ट्रपति कांग्रेस पार्टी (NCP) मुस्लिमों को टिकट देने की बात कह रही है। इसे लेकर अब महायुती पर विरोधी भी हमलावर हो रहे हैं। महायुति में भाजपा, एकनाथ शिंदे वाली शिवसेना और अजित पवार वाली एनसीपी शामिल है।

    वोट जिहाद का बवाल…

    महाराष्ट्र में वोट जिहाद का विवाद कहां से उत्पन्न हुआ? वोट जिहाद वाले बयान से ही महायुती में विवाद की खबरों को बल मिल रहा है। भाजपा नेता और राज्य के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणसीव ने लोकसभा चुनाव में खराब प्रदर्शन के लिए वोट जिहाद को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा, ‘महाराष्ट्र की 48 लोकसभा सीटों में से 14 सीटों पर ‘वोट जिहाद’ देखा गया।’ कोल्हापुर में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए देवेंद्र फडणवीस ने दावा किया कि एक विशेष समुदाय के लोगों ने हिंदुत्व उम्मीदवारों को हराने के लिए सामूहिक रूप से मतदान किया। 14 निर्वाचन क्षेत्रों में वोट जिहाद का पैटर्न देखा गया। हालांकि, उन्होंने किसी शख्स या समुदाय का नाम नहीं लिया। लेकिन इस बयान के बाद से महाराष्ट्र के राजनीतिक गरमा गई है।

    अजित पवार की राजनीति

    देवेंद्र फडणवीस के इसी बयान पर महाराष्ट्र की सियासत में बवाल मचा है। वोट जिहाद वाले बयान के बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) ने एक ऐसा ऐलान किया, जिसके बाद से महायुती में खटपट की खबरों को बल मिल रहा है। बीजेपी के नेता देवेंद्र फडणवीस के वोट जिहाद वाले बयान के बाद उनकी सहयोगी पार्टी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के नेता अजीत पवार ने कहा कि उनकी पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव में अपने खाते की सीटों में से 10 प्रतिशत सीटें मुस्लिम उम्मीदवारों को देगी। अजित पवार ने कहा, कि ‘हमें नया समाज बनाना है। आने वाले विधानसभा में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की तरफ से माइनॉरिटी को 10 फीसदी सीट देंगे।’ ऐसा उन्होंने ऐलान किया।

    विपक्ष को मिला मौका

    देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार के बयान को अब मतभेद के रूप में देखा जा रहा है। विपक्षी पार्टियों ने इसे सियासी कैच के तौर पर लपक लिया है और अब महायुति में महासंग्राम का दावा कर रहे हैं। उद्धव गुट के शिवसेना नेता आनंद दुबे ने कहा, कि ‘इस समय महयुती में नूरा कुश्ती चल रही है। देवेंद्र फडणवीस जैसे बड़े नेता बोलते हैं कि वोट जिहाद हुआ है। मुसलमानों पर टिप्पणी करते हैं। वहीं दूसरी तरफ उनके साथी अजीत पवार बोलते हैं कि वो चुनाव में मुस्लिमों को 10 प्रतिशत टिकट देंगे। ये लोग देश की जनता को गुमराह कर रहे हैं। लोगों को बाट रहे हैं। इनको पता चल गया है कि इनकी सरकार जा रही है। इसलिए यह सब बयानबाजी हो रही है। यह सब प्लानिंग कर रहे हैं। लेकिन विधान सभा चुनाव में इनकी प्लानिंग कुछ काम नहीं आने वाली है।

    गुजरातियों का वोट जिहाद ..

    उद्धव ठाकरे गुट शिवसेना के नेता संजय राउत ने भी देवेंद्र फडणवीस के बयान को लेकर हमला बोला है। उन्होंने पूछा है, कि ‘क्या होता है वोट जिहाद? हिंदू, मुस्लिम, जैन, पारसी सभी इस देश के नागरिक हैं। अगर आपको वोट करता है तो चलता है। अगर वो जिहाद है तो आप लोग मुस्लिम महिलाओं के लिए तीन तलाक कानून क्यों लाए? आपको और बाकी समाज के लोग वोट देते हैं, तो उन्हें क्या कहेंगे, महाराष्ट्र में गुजरात के लोग बीजेपी को वोट देते हैं तो क्या उसे गुजरातियों का वोट जिहाद कहेंगे? भाजपा के लोग इस देश को फिर एक बार तोड़ना चाहते है, लेकिन ये गांधी का देश है।’

  • महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव : मुंबई का हो गया बंटवारा, देखें किसे मिली कितनी सीट?

    महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव : मुंबई का हो गया बंटवारा, देखें किसे मिली कितनी सीट?

    • महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024
    • मुंबई में 22 सीटों पर ठाकरे गुट का दावा
    • स्वराज्य और प्रहार पार्टी का गठबंधन
    • लोकसभा चुनाव में ‘400 पार’ का नारा बेअसर
    • Bjp के बिना कोई सरकार नहीं बना पाएगा
    • 400 पार का नारा हुआ बेअसर
    • विधानसभा चुनाव में किसे मिली कौनसी सीट ?
    • महायुति में सीटों को लेकर टकराव

    इस्माईल शेख
    मुंबई
    – राज्य मे लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद सभी राजनैतिक दलों ने अपने अपने स्तर पर एक समीकरण तैयार कर विधानसभा चुनाव 2024 की तैयारी करना शुरू कर दी है। पिछली बार चुनाव की तैयारी में कम समय मिलने से हुए नुकसान को देखते हुए, इस बार सभी दल जल्द ही अपने उम्मीदवारों की घोषणा करने की तैयारी कर रहे हैं। इस बार Bjp 100 सीटों से चुनाव लड़ने का फैसला किया है, तो वहीं महाविकास अघाडी में शिवसेना ठाकरे गुट मुंबई की 36 सीटों में से 22 सीटों पर दावा किया है।

    आगामी विधानसभा चुनाव में मुंबई की 36 सीटों में से 22 सीटों पर शिवसेना ठाकरे समूह ने दावा किया है। एनसीपी शरद पवार गुट को मुंबई में ज्यादा सीटों की उम्मीद नहीं है। उन्होंने मुंबई में पांच से छह सीटों पर जोर दिया है। आगामी विधानसभा चुनाव के लिए सीटों के बंटवारे को लेकर मुंबई में महाविकास अघाड़ी की कई बार बैठक हो चुकी है। इसमें आगामी विधानसभा के लिए सीटों के आवंटन की रणनीति पर चर्चा की गई। मुंबई की विवादित सीटों का फैसला दिल्ली में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुलझाने वाले हैं।

    महाविकास अघाड़ी के घटक दलों में से मुंबई में शिवसेना ठाकरे गुट के बाद कांग्रेस सबसे मजबूत माना जा रहा है। कांग्रेस और ठाकरे समूह ने एक साथ कुछ निर्वाचन क्षेत्रों पर दावा किया है। राज्य में कांग्रेस नेता इस बात पर सहमत हैं कि विधानसभा चुनाव में विवादित सीटों पर वरिष्ठ नेता निर्णय लेंगे तो यह स्वीकार्य होगा। एनसीपी पवार गुट मुंबई की घाटकोपर ईस्ट, कुर्ला, वर्सोवा, जोगेश्वरी, दहिसर, अणुशक्ति नगर, मालबार हिल कुल सात सीटों पर चुनाव लड़ने को तैयार है। हालांकि, शरद पवार गुट को पांच सीटों से ही संतोष करना पड़ेगा। एक जानकारी के मुताबिक इस बार सीटों का आवंटन जल्दी किया जाने वाला है, ताकि उम्मीदवारों को प्रचार के लिए उचित समय मिल सके।

    स्वराज्य और प्रहार पार्टी का गठबंधन

    महाराष्ट्र में महा-विकास अघाडी और एनडीए समीकरण को खराब करने के लिए संभाजी राजे और बच्चू कडू साथ मिलकर चुनाव लड़ने का फैसला किया है। महाराष्ट्र में इस वक्त महाविकास अघाड़ी (MVA) और महायुति (NDA) गठबंधन आमने-सामने है। एमवीए में उद्धव ठाकरे की पार्टी शिवसेना (UBT), शरद पवार की एनसीपी, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी एकसाथ है। वहीं महायुति में अजित पवार की एनसीपी, एकनाथ शिंदे की शिवसेना और भाजपा (Bjp) शामिल है। महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव से पहले एक और गठबंधन बनने जा रहा है। इसके लिए स्वराज्य पार्टी प्रमुख छत्रपति संभाजी राजे और प्रहार पार्टी प्रमुख विधायक बच्चू कडू और विभिन्न दलों के प्रमुख पदाधिकारी आगामी विधानसभा चुनाव के लिए राज्य में नए गठबंधन के गठन को लेकर बैठक कर रहे हैं। बच्चू कडू पहले महायुति के साथ थे लेकिन लोकसभा चुनाव में अमरावती सीट पर हुए मन-मुटाव के बाद पीछे हो गए। स्वराज्य पार्टी के संभाजी राजे मराठा आरक्षण के मुद्दे को लेकर किसी गठबंधन में नहीं गए। Swarajya Party and Prahar Party Alliance

    Bjp के बिना कोई सरकार नहीं बना पाएगा

    लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजे भाजपा के लिए संतोष जनक नहीं रहे। पार्टी को महाराष्ट्र में महज 9 सीटें मिलीं। हार से आहत होकर, अपने अनुमान से कम मिली सीटों को देखते हुए भाजपा ने महाराष्ट्र में आगामी विधानसभा चुनावों के लिए अपनी उम्मीदें कम कर दिया हैं और राज्य में 100 सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है। 288 विधानसभा क्षेत्र वाले महाराष्ट्र में पार्टी के पास वर्तमान में 106 विधानसभा सीटें हैं और उसे अपने सहयोगियों शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) की मदद से आधे का आंकड़ा पार करने और 145 तक पहुंचने की उम्मीद है। पिछले हफ्ते कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “महायुति के सत्ता में लौटने के बारे में कोई अस्पष्टता नहीं होनी चाहिए लेकिन इसे बरकरार रखने के लिए हमें 100 सीटें सुनिश्चित करनी होंगी। अगर हम 100 का आंकड़ा पार कर गए तो Bjp के बिना कोई सरकार नहीं बना पाएगा।”

    400 पार का नारा हुआ बेअसर

    महाराष्ट्र के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी का ‘400 पार’ का नारा बेअसर रहा है। जबकि राज्य में Bjp को 48 लोकसभा सीटों में से 45 से अधिक सीटें जीतने की उम्मीद थी लेकिन इसका उलटा असर हुआ। Bjp के एक पदाधिकारी ने कहा, “उच्च-स्तरीय अभियानों और अनुमानों पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय हमने राज्य भर में व्यक्ति-से-व्यक्ति संपर्क के आजमाए हुए फॉर्मूले की ओर रुख किया है। हमने महसूस किया कि लोकसभा में विफलता ज़मीनी स्तर पर लोगों के साथ अलगाव के कारण हुआ था।”

    विधानसभा चुनाव में किसे मिली कौनसी सीट ?

    पिछले कुछ दिनों में महाविकास आघाडी के तीनों दल मुंबई की सीटों के बंटवारे पर कई बार चर्चा कर चुके हैं। हालांकि पहली बैठक में सीटों के बंटवारे को लेकर कोई सहमति नहीं बनी थी, लेकिन बाद में 16 सीटों पर सहमति बन गई। कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने बताया, कि जिन सीटों पर जिन दलों का कब्जा है, ज्यादातर सीटें मूल पार्टी को मिले, इसको लेकर बैठक में सभी दलों के नेताओं ने सहमति जताई है। इसके अनुसार मालाड, मुंबा देवी, धारावी, बांद्रा पूर्व और चांदिवली की सीटें कांग्रेस को मिल सकती हैं। हालांकि चांदिवली की सीट से शिवसेना (अविभाजित) ने चुनाव जीता था लेकिन उद्धव गुट यह सीट कांग्रेस को छोड़ने को तैयार है। जबकि दिंडोशी, वर्ली, जोगेश्वरी पूर्व, मागाठाणे, शिवडी, माहिम, भांडुप पश्चिम और अँधेरी पूर्व की सीटें शिवसेना (उद्धव) के खाते में जा सकती है। शरद गुट ने अणुशक्तिनगर की सीट दावा ठोका है। जबकि मानखुर्द शिवाजीनगर की सीट समाजवादी पार्टी को छोड़ी जाएगी। शिवसेना (उद्धव) सांसद एवं प्रवक्ता संजय राऊत कई बार कह चुके हैं कि मुंबई शिवसेना का गढ़ रहा है। इसलिए वह ज्यादा से ज्यादा सीटों पर मुंबई में चुनाव लड़ेंगे। हालांकि अभी भी एक दर्जन से ज्यादा सीटों पर तीनों दलों में टकराव देखने को मिल रहा है।

    महायुति में सीटों को लेकर टकराव ..

    महायुति में भी मुंबई की सीटों को लेकर घमासान मचा हुआ है। महायुति के तीनों दलों के प्रमुख नेता मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार कई बार सीट बंटवारे को लेकर चर्चा कर चुके हैं लेकिन अभी तक कोई सहमति नहीं बन सकी है। राकांपा (अजित) के एक नेता ने कहा कि हमने भाजपा से मुंबई में 7 सीटों पर चुनाव लड़ने की मांग की है। शुरुआती चर्चा में जिन 7 सीटों पर अजित गुट ने दावा किया है, इसमें अणुशक्तिनगर और बांद्रा पूर्व की सीट शामिल है। अणुशक्तिनगर से नवाब मलिक मौजूदा विधायक हैं, जबकि बांद्रा पूर्व से कांग्रेस के जीशान सिद्दीकी हैं, जिनका आगामी विधानसभा चुनाव अजित पवार की पार्टी से लड़ना तय माना जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि भाजपा ने अजित गुट का मुंबई में कम जनाधार होने के चलते उन्हें सिर्फ दो सीट का ऑफर दिया है। जबकि भाजपा मुंबई में 26 से 28 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है।

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