Tag: Infrastructure Update

  • Mumbai: कोंकण वासियों के लिए नई सौगात, होली से पहले चलेगी Ro-Ro Ferry

    Mumbai: कोंकण वासियों के लिए नई सौगात, होली से पहले चलेगी Ro-Ro Ferry

    मुंबई से विजयदुर्ग तक Ro-Ro फेरी सेवा 1 मार्च से शुरू। M2M Princess जहाज से 7 घंटे में सफर, गाड़ियों के साथ यात्रा की सुविधा। होली और समर सीजन से पहले बड़ा फैसला।

    मुंबई: कोंकण जाने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। महाराष्ट्र पोर्ट्स विभाग ने 1 मार्च से मुंबई-विजयदुर्ग Ro-Ro (Roll-on/Roll-off) फेरी सेवा शुरू करने का ऐलान किया है। यह सेवा होली और समर वेकेशन सीजन से ठीक पहले शुरू की जा रही है, जबकि इसी समय हजारों लोग मुंबई से सिंधुदुर्ग और कोंकण के अपने गांवों की ओर रुख करते हैं।

    A-new-gift-for-Konkan-residents-Ro-Ro-Ferry-to-operate-before-Holi-news

    7 घंटे में पूरा होगा सफर, गाड़ियां भी साथ जाएंगी

    नई जल सेवा में हाई-स्पीड वेसल M2M Princess को तैनात किया जाएगा। यह जहाज दक्षिण एशिया की सबसे तेज़ पैसेंजर-कम-व्हीकल फेरी में से एक माना जाता है।

    यात्री अपनी दोपहिया और चारपहिया गाड़ियों के साथ मुंबई के भाऊचा धक्का (Ferry Wharf) से बोर्ड कर सकेंगे और सीधे विजयदुर्ग में उतर सकेंगे। सड़क मार्ग से जहां 10-12 घंटे लगते हैं, वहीं फेरी से यह सफर लगभग 7 घंटे में पूरा होगा।

    पहले सितंबर में होना था लॉन्च, क्यों टला था प्लान?

    V2_M2M Website Images

    इस सेवा की घोषणा पहले राज्य के पोर्ट्स मंत्री नितेश राणे ने गणेशोत्सव से पहले 1 सितंबर को लॉन्च करने की बात कही थी। लेकिन कम एडवांस बुकिंग और पब्लिक रिस्पॉन्स कमजोर रहने के कारण इसे टाल दिया गया था।

    अब विभाग ने ऑपरेशनल मॉडल में बदलाव कर सही टाइमिंग के साथ दोबारा शुरुआत करने का फैसला लिया है।

    16 दिन का पायलट प्रोजेक्ट, 8-8 ट्रिप

    मार्च में 16 दिन का पायलट रन रखा गया है, जिसमें मुंबई और विजयदुर्ग से 8-8 ट्रिप होंगी। अधिकारियों के मुताबिक 140 से ज्यादा रेगुलेटरी क्लियरेंस हासिल किए जा चुके हैं।

    मंजूरी मुंबई पोर्ट अथॉरिटी, महाराष्ट्र मेरीटाइम बोर्ड और शिपिंग से जुड़े केंद्रीय विभागों से ली गई है।

    क्या सरकार देगी Viability Gap Funding?

    पायलट फेज के दौरान ईंधन खर्च महाराष्ट्र मेरीटाइम बोर्ड उठाएगा। इसके बाद राइडरशिप, रेवेन्यू और ऑपरेशनल लागत का आकलन किया जाएगा।

    अगर जरूरत पड़ी तो राज्य सरकार से Viability Gap Funding (VGF) मांगी जाएगी, ताकि सेवा लंबे समय तक टिकाऊ बनी रहे।

    कोंकण के लिए नया ट्रैफिक-फ्री विकल्प

    मुंबई-गोवा हाईवे पर अक्सर जाम और लंबा सफर लोगों को परेशान करता है। ऐसे में यह Ro-Ro फेरी सेवा ट्रैफिक-फ्री, तेज और आरामदायक विकल्प मानी जा रही है।

    पोर्ट्स मंत्री नितेश राणे खुद उद्घाटन यात्रा में मुंबई से विजयदुर्ग तक मौजूद रहेंगे।


    FAQ Section

    Q1. मुंबई-विजयदुर्ग Ro-Ro फेरी कब शुरू होगी?

    यह सेवा 1 मार्च से शुरू होगी।

    Q2. सफर में कितना समय लगेगा?

    करीब 7 घंटे में मुंबई से विजयदुर्ग पहुंचा जा सकेगा।

    Q3. क्या गाड़ियां साथ ले जा सकते हैं?

    हां, दोपहिया और चारपहिया वाहन फेरी में ले जाए जा सकते हैं।

    Q4. पहले यह सेवा क्यों टली थी?

    कम एडवांस बुकिंग और कमजोर पब्लिक रिस्पॉन्स के कारण सितंबर में लॉन्च टाल दिया गया था।

  • Mogra Pumping Station Project अटका, VDLR से टकराव के बाद BMC नई जगह की तलाश में

    Mogra Pumping Station Project अटका, VDLR से टकराव के बाद BMC नई जगह की तलाश में

    मुंबई में Mogra Pumping Station प्रोजेक्ट Versova-Dahisar Link Road से टकराव के कारण रुका। BMC नई साइट फाइनल कर रही है, पर्यावरण मंजूरी में लगेंगे 7-8 महीने।

    मुंबई: मुंबई में बाढ़ नियंत्रण के लिए बेहद अहम माने जा रहे Mogra Pumping Station प्रोजेक्ट पर फिलहाल ब्रेक लग गया है। बृहनमुंबई महानगरपालिका (BMC) को इस प्रोजेक्ट की साइट बदलनी पड़ रही है, क्योंकि प्रस्तावित जमीन का हिस्सा Versova-Dahisar Link Road (VDLR) के एलाइनमेंट से टकरा गया है। अब नई जगह फाइनल की जा रही है और ताजा पर्यावरण मंजूरी की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

    Mogra-Pumping-Station-Project-stalled-BMC-looking-for-new-site-after-conflict-with-VDLR-news

    BRIMSTOWAD योजना के तहत था अहम प्रोजेक्ट

    Mogra और Mahul Pumping Station , जुलाई 2005 की भीषण बारिश के बाद बनाई गई BRIMSTOWAD (Brihanmumbai Stormwater Disposal System) योजना के तहत प्रस्तावित आठ पंपिंग स्टेशनों में शामिल हैं।

    Mogra Nullah पर बनने वाला यह स्टेशन वर्सोवा, अंधेरी और जोगेश्वरी जैसे इलाकों में हर साल होने वाले जलभराव को कम करने के लिए बेहद जरूरी माना जाता है।

    393 करोड़ मंजूर, फिर भी काम शुरू नहीं

    साल 2021 में इस प्रोजेक्ट के लिए 393 करोड़ रुपये मंजूर किए गए थे और 24 महीने की कॉन्ट्रैक्ट अवधि तय की गई थी, जिसमें मानसून भी शामिल था। लेकिन जमीन अधिग्रहण और कानूनी अड़चनों के कारण अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया।

    हाईकोर्ट केस और 33 करोड़ की जमा राशि

    जमीन अधिग्रहण के दौरान एक निजी मालिक ने मामला बॉम्बे हाई कोर्ट में चुनौती दी। दिसंबर 2024 में कोर्ट ने 33 करोड़ रुपये जमा करने की शर्त पर काम शुरू करने की अनुमति दी।

    BMC ने मार्च 2025 में राशि जमा कर प्रारंभिक काम शुरू किया, लेकिन बाद में पता चला कि साइट का हिस्सा VDLR (मुंबई कोस्टल रोड नॉर्थ फेज 2) से ओवरलैप हो रहा है।

    अब फिर से लेनी होगी पर्यावरण मंजूरी

    नई साइट तय होने के बाद BMC को Coastal Zone Management Authority के साथ राज्य और केंद्र सरकार से ताजा पर्यावरण मंजूरी लेनी होगी। अधिकारियों के मुताबिक, इस पूरी प्रक्रिया में 7 से 8 महीने का समय लग सकता है।

    पहले वाली साइट को पर्यावरण मंजूरी मिल चुकी थी, लेकिन लोकेशन बदलने के कारण प्रक्रिया दोबारा शुरू करनी होगी। इससे प्रोजेक्ट की टाइमलाइन और पीछे खिसक गई है।

    हाई टाइड के समय पंपिंग स्टेशन की अहम भूमिका

    मुंबई में हाई टाइड के दौरान फ्लडगेट बंद कर दिए जाते हैं, ताकि समुद्र का पानी शहर में न घुसे। ऐसे समय में पंपिंग स्टेशन नालों का पानी समुद्र में पंप करके शहर को डूबने से बचाते हैं।

    Bmc_stormwater_drainage
    प्रतिक्रियात्मक फ़ाइल तस्वीर

    अब तक इरला (जुहू), हाजी अली, क्लीवलैंड, लवग्रोव (वर्ली), रे रोड-ब्रिटानिया और गजधरबांध (खार दांडा) जैसे पंपिंग स्टेशन चालू हैं। Mogra स्टेशन शुरू होने से पश्चिमी उपनगरों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद थी।

    क्या फिर मानसून में डूबेगा वेस्टर्न सबर्ब?

    स्थानीय निवासियों का कहना है कि हर साल भारी बारिश में वर्सोवा, अंधेरी और जोगेश्वरी में पानी भर जाता है। अगर Mogra Pumping Station में और देरी हुई तो आने वाले मानसून में भी लोगों को जलभराव की समस्या झेलनी पड़ सकती है।


    FAQ Section

    Q1. Mogra Pumping Station क्यों रुका है?

    प्रस्तावित साइट Versova-Dahisar Link Road के एलाइनमेंट से टकरा गई है, इसलिए नई जगह तलाश की जा रही है।

    Q2. प्रोजेक्ट की लागत कितनी है?

    करीब 393 करोड़ रुपये मंजूर किए गए थे।

    Q3. पर्यावरण मंजूरी में कितना समय लगेगा?

    अधिकारियों के अनुसार 7 से 8 महीने का समय लग सकता है।

    Q4. यह प्रोजेक्ट किन इलाकों के लिए अहम है?

    वर्सोवा, अंधेरी और जोगेश्वरी जैसे पश्चिमी उपनगरों के लिए।

  • विरार स्टेशन बनेगा बोरीवली जैसा, इंटरकनेक्टेड प्लेटफॉर्म और एलिवेटेड लेन से बदलेगी तस्वीर

    विरार स्टेशन बनेगा बोरीवली जैसा, इंटरकनेक्टेड प्लेटफॉर्म और एलिवेटेड लेन से बदलेगी तस्वीर

    Virar Railway Station Redevelopment: विरार स्टेशन के प्लेटफॉर्म होंगे आपस में इंटरकनेक्टेड, एलिवेटेड डेक और रिक्शा लेन से कम होगी भीड़, जानिए MRVC के पूरे प्लान की डिटेल।

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई से सटे पालघर जिले के विरार रेलवे स्टेशन पर बढ़ती भीड़ को देखते हुए बड़ा बदलाव होने जा रहा है। मुंबई की वेस्टर्न रेलवे विकास कॉर्पोरेशन (MRVC) द्वारा MUTP-III के तहत स्टेशन का पुनर्विकास किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट में विरार स्टेशन को बोरीवली स्टेशन की तर्ज पर तैयार किया जाएगा, जहां सभी प्लेटफॉर्म आपस में इंटर-कनेक्टेड होंगे। इसके साथ ही ऊंचा डेक, नए प्लेटफॉर्म, एस्केलेटर-लिफ्ट और एलिवेटेड ऑटो लेन जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं, जिससे यात्रियों की आवाजाही आसान होगी और स्टेशन के बाहर लगने वाला जाम भी कम होगा।

    📈 विरार में बढ़ती आबादी और बढ़ता यात्री दबाव

    विरार में पिछले कुछ वर्षों में आबादी तेजी से बढ़ी है, जिसका सीधा असर रेलवे स्टेशन पर देखने को मिलता है। पीक आवर्स में स्टेशन पर यात्रियों का भारी जमावड़ा रहता है। सुबह-शाम प्लेटफॉर्म, एफओबी और स्टेशन के बाहर की सड़कों पर भीड़ संभालना मुश्किल हो जाता है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए विरार स्टेशन के रीडेवलपमेंट का काम शुरू किया गया है।

    🏗️ MRVC का बड़ा रीडेवलपमेंट प्लान

    मुंबई रेलवे विकास कॉर्पोरेशन (MRVC) द्वारा MUTP-III प्रोजेक्ट के तहत विरार स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। इस योजना में नए डेक, चौड़े प्लेटफॉर्म, एस्केलेटर, एलिवेटर और बेहतर स्टेशन एरिया डेवलपमेंट शामिल है। स्टेशन परिसर को दोबारा डिजाइन कर यात्रियों के लिए ज्यादा जगह बनाई जा रही है।

    🔁 बोरीवली की तरह इंटरकनेक्टेड होंगे प्लेटफॉर्म

    इस प्रोजेक्ट की सबसे खास बात यह है कि विरार स्टेशन को बोरीवली स्टेशन की तर्ज पर तैयार किया जा रहा है। यहां एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म तक पहुंचने के लिए यात्रियों को बाहर नहीं जाना पड़ेगा। सभी प्लेटफॉर्म इंटर-कनेक्टेड होंगे, जिससे ट्रेन बदलना और प्लेटफॉर्म शिफ्ट करना काफी आसान हो जाएगा। इसके साथ ही एक नया प्लेटफॉर्म भी बनाया जा रहा है।

    🚧 नए प्लेटफॉर्म और चौड़ीकरण का काम तेज

    पहले चरण का काम 2025 में शुरू हुआ था और अब इसमें तेजी आ गई है। फिलहाल प्लेटफॉर्म नंबर 3A को चौड़ा किया जा रहा है और विरार स्टेशन पर नया होम प्लेटफॉर्म 5A बनाया जा रहा है। इससे लोकल और एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन ज्यादा सुचारू होगा।

    🚆 दो बड़े रेलवे प्रोजेक्ट को मिलेगी रफ्तार

    विरार स्टेशन का रीडेवलपमेंट दो अहम रेलवे प्रोजेक्ट्स को भी गति देगा।

    • बोरीवली-विरार पांचवीं और छठी लाइन
    • विरार-दहानू रेलवे लाइन का चौपदीकरण

    इन प्रोजेक्ट्स से सबअर्बन और एक्सप्रेस ट्रेनों के लिए अलग-अलग डेडिकेटेड लाइन बनाना आसान होगा।

    📦 फ्रेट कॉरिडोर से कम होगा ट्रैक पर दबाव

    कुछ समय पहले नया डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर विरार पार करते हुए भिवंडी तक पहुंच गया है। अब मालगाड़ियां विरार स्टेशन को बायपास कर सकेंगी। इससे मौजूदा ट्रैक पर ट्रेनों का दबाव कम होगा और लोकल ट्रेनों की टाइमिंग बेहतर हो सकेगी।

    ⬆️ ऊंचा डेक बनेगा भीड़ कम करने का समाधान

    यात्रियों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए MRVC एक बड़ा ऊंचा डेक बना रही है।

    • डेक का साइज: 280 x 25 मीटर
    • यह प्लेटफॉर्म नंबर 2, 3, 4 और प्रस्तावित 5B को कवर करेगा
    • डेक तक पहुंचने के लिए 4 एस्केलेटर और 2 लिफ्ट होंगी

    इसके अलावा प्लेटफॉर्म 5, 6 और बुकिंग ऑफिस को जोड़ने वाला नया एफओबी भी इसी डेक से जुड़ेगा।

    🏢 डेक पर बुकिंग ऑफिस और ऑटो सुविधा

    इस ऊंचे डेक पर एक नया बुकिंग ऑफिस बनाया जाएगा। साथ ही वसई-विरार महानगरपालिका (VVMC) द्वारा प्रस्तावित S+3 बिल्डिंग भी यहीं बनेगी, जिससे यात्रियों को ऑटो-रिक्शा की सुविधा एक ही जगह मिल सके।

    🛺 एलिवेटेड होगा ऑटो-रिक्शा स्टैंड

    विरार स्टेशन के बाहर लगने वाले ट्रैफिक जाम को खत्म करने के लिए VVMC एक एलिवेटेड स्ट्रक्चर बनाएगी।
    इसमें एक लेन में ऑटो-रिक्शा और अन्य वाहन खड़े हो सकेंगे। इससे स्टेशन के बाहर होने वाली अव्यवस्था और जाम की समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी।


    FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. विरार स्टेशन का रीडेवलपमेंट कौन कर रहा है?
    ➡️ मुंबई रेलवे विकास कॉर्पोरेशन (MRVC)।

    Q2. विरार स्टेशन किस मॉडल पर तैयार होगा?
    ➡️ बोरीवली स्टेशन की तरह इंटर-कनेक्टेड प्लेटफॉर्म मॉडल पर।

    Q3. नया प्लेटफॉर्म कौन-सा बन रहा है?
    ➡️ नया होम प्लेटफॉर्म नंबर 5A।

    Q4. ऑटो-रिक्शा की समस्या कैसे हल होगी?
    ➡️ एलिवेटेड ऑटो लेन और स्टैंड बनाकर।