Tag: Indian politics

  • प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे को शरद पवार ने एनसीपी से निकाला, मुंबई अध्यक्ष भी नियुक्त

    प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे को शरद पवार ने एनसीपी से निकाला, मुंबई अध्यक्ष भी नियुक्त

    राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में भारी फेरबदल। शरद पवार ने प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे को पार्टी की सदस्यता से मुक्त किया। अजित पवार ने उप मुख्यमंत्री पद के लिए शपथ ग्रहण की।

    नितिन तोरस्कर (मंत्रालय प्रतिनिधि)
    मुंबई
    – राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल के साथ ही सुनिल तटकरे को भी शरद पवार ने एनसीपी (NCP) से निकाल दिया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद पवार ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल का नाम एनसीपी के सदस्यों के रजिस्टर से हटाने का आदेश दिया। इसके साथ ही अजित पवार की बगावत के बाद जयंत पाटिल ने नए मुंबई अध्यक्ष की नियुक्ति की है।

    राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी,
    एनसीपी नेता शरद पवार और भाजपा के देवेंद्र फडणवीस की फाइल तस्वीर

    राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में भारी फेरबदल..

    जयंत पाटिल ने राखी जाधव को मुंबई अध्यक्ष बनाया है। इससे पहले नवाब मलिक मुंबई के शहर अध्यक्ष थे और उनके बाद दो कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किए गए थे। नरेंद्र राणे जो मुंबई के कार्यकारी अध्यक्ष थे, वह अजित पवार के साथ चले गए हैं। अब राखी जाधव को मुंबई की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

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    वहीं, अजित पवार गुट की तरफ से सुनील तटकरे को राष्टवादी कांग्रेस पार्टी का महाराष्ट्र अध्यक्ष बनाने की घोषणा की गई है। जबकि अजित पवार गुट ने कहा, जयंत पाटिल को राष्टवादी कांग्रेस पार्टी के महाराष्ट्र अध्यक्ष पद से निकाला जा रहा है। NCP नेता प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि सुनील तटकरे को पार्टी में संगठनात्मक बदलाव करने का अधिकार होगा।

    गौरतलब है, कि एनसीपी नेता अजित पवार ने बगावत करते हुए भाजपा के साथ गठबंधन कर एकनाथ शिंदे की सरकार में उपमुख्यमंत्री पद का शपथ ग्रहण कर लिया है। उनके साथ ही बागी और 8 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली है। दावा किया जा रहा है कि अजित पवार के साथ 35 से 40 विधायक है। जबकि महाराष्ट्र में एनसीपी विधायकों की संख्या 53 है।

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  • हिंदू क्यों नहीं अपनी लड़कियां सम्हाल कर रखते?

    हिंदू क्यों नहीं अपनी लड़कियां सम्हाल कर रखते?

    • बीजेपी आरएसएस और शंकराचार्य..
    • हिंदू लड़कियां ही क्यों लव जिहाद की शिकार होती है?
    • हिंदू समाज में भेदभाव और तिरस्कार ही धर्म बदलने को प्रेरित करता है।
    • आरएसएस, विहिप, बजरंग दल और बीजेपी गोवंश के नाम पर मुस्लिमों को मारते हैं।
    • गोहत्या कर मांस विदेश भेजने वाले चार बड़े बूचड़खाने हिंदुओं के क्यों?
    • बीजेपी के साथ वही संत है जो जानते ही नहीं कि सनातन धर्म क्या है?
    • अपराधियों को बचने के लिए दो ही रास्ते एक राजनीति दुसरा धर्म का चोला।

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    बीजेपी दो मुहीं नहीं तीन-तीन मुहिं चाल चलती है। एक तरफ बीजेपी के तमाम बड़े नेता अपनी बेटियों को मुस्लिम से व्याहते हैं। तो दूसरी तरफ गौवंश को लेकर मुस्लिमों की हत्या भी करते हैं। लव जिहाद की बात कर प्रताड़ित करते हैं। जहां तक लव जिहाद का मामला है इसमें हिंदू लड़की की रजामंदी रहती है। जब गोमांस खाने,शमजहब बदलने की बात होती है। तो तब हिंदू लड़कियों का इश्क और मोहब्बत फना हो जाता है।

    संभव है कुछ हिंदू लड़कियां अपहृत कर चंगुल में फंसाई जाती हैं। लेकिन उसमें भी कहीं न कहीं इशारेबाजी होती ही है। क्यों नहीं हिंदू अपनी लड़कियां सम्हाल कर रखते? क्यों हिंदू लड़कियां ही लव जिहाद की शिकार होती हैं? तड़क-भड़क पसंद करने वाली लड़कियां चंगुल में आसानी से फंसती हैं। इसका अर्थ है, कि हिंदू अपनी लड़कियों की परवरिश और संस्कार उपयुक्त तरीके से नहीं देते। दोषी हिंदू ही हैं।

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    बीजेपी, आरएसएस, शंकराचार्य,
    शंकराचार्य महाराज की फाइल तस्वीर

    यक्षप्रश्न है, कि केवल हिंदू पुरुष ही सहपरिवार धर्म बदलते हैं। कोई मुस्लिम या ईसाई नहीं। खासकर दलित अधिकतर धर्म बदलते देखे जाते हैं। ईसाई का एजेंट गैदरिंग करता है जिसमें ओबीसी और एस सी की महिलाएं अधिकतर जाती और ज्ञान लेती हैं। फिर ईसाई बन जाती हैं। धन का लोभ खुली जिंदगी छुआछूत का अभाव। जातियों का बंधन नहीं। हिंदू समाज में भेदभाव और तिरस्कार ही धर्म बदलने को प्रेरित करता है।

    गोहत्या कर मांस विदेश भेजने वाले चार बड़े बूचड़खाने हिंदुओं के क्यों?

    एक तरफ आर एस एस, विहिप, बजरंग दल और बीजेपी गोवंश के नाम पर मुस्लिमो को मारते हैं। तो दूसरी तरफ कथित रूप से हिन्दुत्व की राजनीति करने वाली सरकार गोमांश निर्यात में विश्व का प्रथम राष्ट्र बनाने के लिए करोड़ों रुपए सब्सिडी देती है। देश की सबसे बड़ी गोहत्या कर मांस विदेश भेजने वाली चार बड़े बूचड़खाने हिंदुओं के क्यों हैं? बीजेपी की सरकार हिंदुत्व का नाम केवल हिंदुओं को मूर्ख बनाकर वोट लेने और सत्ता में आने पर मनमानी करती है।

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    बीजेपी आरएसएस और शंकराचार्य..

    शंकराचार्य अविमुक्तेश्वर नंद ने बीजेपी और आर एस एस की कलई खोल कर रख दिया है। जिन हिंदू साधु संतों को बीजेपी अपने खेमे में लाकर चुनाव में पोलराइजेशन करना चाहती है। उनमें किसी का भी कद शंकराचार्य के पैरों से अधिक नहीं है। शंकराचार्य परिपाटी ढाई हजार साल पूर्व आदि शंकर ने चलाई थी। बीजेपी के साथ वही संत हैं, जो जानते ही नहीं, कि सनातनधर्म क्या है। ऐसे लोगों का बैकग्राउंड तलाशा जाए तो अधिकांश क्रिमिनल्स होंगे। अपराधियों के बचने के लिए दो ही रास्ते हैं एक राजनीति दूसरा धर्म का चोला गेरुआ ओढ़ लो। यदि ये सच्चे संत होते तो महिला पहलवानों के यौन शोषण करने के आरोपी बृजभूषण का साथ क्यों देते? मैत्री समान विचारधारा वालों में ही होती है।

  • अमित मालवीय के खिलाफ एफआईआर दर्ज होगा मुकदमा!

    अमित मालवीय के खिलाफ एफआईआर दर्ज होगा मुकदमा!

    भाजपा के आईटी सेल मुखिया अमित मालवीय के खिलाफ जहर बोने के आरोप लगाकर कर्नाटक में एफआईआर दर्ज हो गई है। फेक खबरें फैलाना ही बीजेपी आईटी सेल का काम- कांग्रेस

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    बीजेपी की एक झूठ फैलाने वाली फैक्ट्री है जिसे बीजेपी आईटी सेल कहा जाता है।इसका काम है विपक्षी नेताओं के प्रति नफरत फैलाकर समाज में गलत संदेश देकर सांप्रदायिक माहौल बिगड़ना। यह दो तरह से काम करती है। पीएम मोदी की छवि निर्माण और विपक्षी नेताओं विशेषकर कांग्रेस के राहुल गांधी को टारगेट कर बदनाम करना।

    राहुल गांधी ने महत्त्वपूर्ण मुद्दों पर हमेशा छोटी छोटी बातें बोलने वाले मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं। बढ़ती मंहगाई पर चुप्पी क्यों? रुपया गिरते जाने पर चुप्पी क्यों? बेरोजगारी पर चुप्पी क्यों? चीन पर चुप्पी क्यों? आदि-आदि।
    राहुल गांधी के एक वीडियो को बीजेपी आईटी सेल के मुखिया अमित मालवीय ने पहले सोशल मीडिया पर शेयर किया। फिर बीजेपी अध्यक्ष जे पी नड्डा और दूसरे ने शेयर किया। जिसमे सामाजिक सदभाव बिगाड़ने, समाज में जहर घोलने का काम किया। आईटी सेल को झूठ की फैक्ट्री नहीं कहें तो और क्या कहेंगे।फेक खबरें फैलाना ही बीजेपी आईटी सेल का काम है। यही हिंदू मुस्लिम, मंदिर मस्जिद और पाकिस्तान की रट लगाता रहता है। जो भारतीय कानून के अंतर्गत अपराध की श्रेणी में आता है।

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    अमित मालवीय,
    भाजपा आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय की फाइल तस्वीर

    याद होगा राहुल गांधी ने नीरव मोदी, ललित मोदी और नरेंद्र मोदी के नाम लेते हुए पूछा था, कि “सबके सरनेम मोदी ही क्यों?” राहुल का यह राजनीतिक भाषण था। जैसे नेहरू परिवार को भ्रष्ट परिवार खुद मोदी ने कहा था। बार-बार नेहरू और गांधी परिवार के खिलाफ खुद पीएम जहर घोलते रहते हैं। कांग्रेस मुक्त भारत का नारा खुद मोदी ने दिया था। लेकिन कांग्रेस और नेहरू, गांधी परिवार ने कभी तवज्जो नहीं दी।

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    अमित मालवीय के खिलाफ एफआईआर दर्ज..

    भारतीय जनता पार्टी के आईटी सेल मुखिया अमित मालवीय के खिलाफ कांग्रेसी अध्यक्ष खड़गे के पुत्र और मंत्री ने जहर बोने के आरोप लगाकर कर्नाटक में एफआईआर दर्ज कराई है। मंत्री के अनुसार वे एफआईआर के बाद कोर्ट जाएंगे। सजा भी दिलाएंगे। मामला कर्नाटक में है। वहां कांग्रेस की सरकार है। जैसे बीजेपी नेता ने राहुल गांधी के खिलाफ सूरत में एफआईआर दायर किया गया था।
    अब आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय के विरुद्ध कर्नाटक में एफआईआर दर्ज करते हुए कोर्ट में घसीटने का निर्णय लिया गया हैं।

  • भाजपा मंत्री, बीजेपी सचिव के घर की आगजनी, बीजेपी के वादे से मुकरने का नतीजा

    भाजपा मंत्री, बीजेपी सचिव के घर की आगजनी, बीजेपी के वादे से मुकरने का नतीजा

    • मणिपुर घटना में अमित शाह लाचार।
    • दरअसल झूठ की भी अपनी हद होती है।
    • पीएम की छवि विदेशों में भी धूमिल।
    • मैती समुदाय को आरक्षण देना गुजरात लॉबी का वादा।
    • मैती समुदाय आक्रामक भूमिका में..
    • कुकी, नगा और आदिवासी उतर गए तो स्थिति होगी अत्यंत भयंकर।
    • गुजरात लॉबी की तानाशाही के भय से बीजेपी के सांसद, मंत्री चुप।
    • आरएसएस के सामने अब नही तो कभी नहीं की विकट स्थिति।

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    मणिपुर की हिंसा केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के हाथ पांव फूला देने के लिए काफी है। पीएम नरेंद्र मोदी मणिपुर जलता छोड़ विदेश चले गए। जो उन्हें देश की नहीं अपनी छवि बनाने की चिंता है। लेकिन छवि बनाते-बनाते कब मटिया मेट हो गई पता नहीं चला। दरअसल झूठ की भी हद होती है। महिला पहलवान अब उनकी और देश की बेटियां नहीं रही। वे अपने बाहुबली आरोपी सांसद को बचाने में लगे रहे इसी बीच विदेशों में भी उनकी छवि धूमिल हो गई।

    ये राहुल गांधी हैं कि अमेरिका में जाकर मोदी की यात्रा के पहले सारा गुड गोबर कर दिए। बीजेपी की ऐसी तैसी कर दी। दूसरी तरफ गुजरात लॉबी द्वारा महिला पहलवानों की उपेक्षा से आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी और माफियाओं बलात्कारियों को मटियामेट करने का एलान करने वाले यूपी से सीएम योगी आदित्यनाथ की पेशानी पर बल पड़ गए हैं। उन्हे लगता है गुजरात लॉबी बीजेपी का सत्यानाश कर देगी।

    बाहुबली को पीएम, गृहमंत्री द्वारा दिल्ली पुलिस द्वारा नाबालिग पहलवान के यौनशोषण मामले में क्लीन चिट देकर पॉक्सो कानून से हटाने का असर देश की आधी आबादी यानी महिलाओं पर पड़ेगा। यदि उन्होंने बीजेपी को वोट नहीं दिया तो बीजेपी को खत्म होने से कोई रोक नहीं पाएगा।

    https://indian-fasttrack.com/2023/06/17/ministers-house-burnt-pm-went-abroad
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    मणिपुर, अमित शाह,
    मणिपुर आगजनी की तस्वीर

    गुजरात लॉबी का वादा..

    मणिपुर हिंसा बीजेपी की ही बोई गई है। मैती समुदाय को आरक्षण देने का वादा गुजरात लॉबी का था। तो मणिपुर हिंसा आगजनी का श्रेय भी इन्ही के माथे जाएगा। गृहमंत्री अमित शाह मणिपुर दौरा कर चुके हैं। लेकिन हासिल कुछ नहीं हुआ। बीजेपी मंत्री एवं बीजेपी सचिव के घर की आगजनी बीजेपी के वादे से मुकरने का नतीजा है। आरक्षण का पेच कुछ इस तरह फंस गया है, कि अमित शाह के सम्मुख एक तरफ कुआं तो दूसरी तरफ खाई की स्थिति उत्पन्न हो चुकी है। अगर बीजेपी मैती समुदाय को आरक्षण देती है तो यह कुकी, नगा और अन्य आदिवासियों के लिए निर्धारित कोटे में से दिया जाएगा जिसे ये अपने हक पर डाका डालना समझेंगे।

    मणिपुर घटना में अमित शाह लाचार।

    अभी तो मैती समुदाय आक्रामक भूमिका में है। कल कुकी नगा और आदिवासी उतर गए तो स्थिति अत्यंत भयंकर होगी। गृहयुद्ध भीषण रूप से फैलेगा। अमित शाह को शायद इसी बात की चिंता हो। उनकी समझ में नहीं आ रहा, कि करें तो क्या करें? मणिपुर हिंसा की आग में जल रहा है। जिसमे खुद अब बीजेपी के घर भी जद में आ गए हैं। अमित शाह के बूते का नहीं रहा मणिपुर। पीएम तो विदेश यात्रा के द्वारा अपनी नष्ट हो चुकी छवि को सुधारने में लगे हैं।

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    आरएसएस के सामने अब नही तो कभी नहीं की विकट स्थिति।

    आश्चर्य नहीं होगा कि आज गुजरात लॉबी की तानाशाही के भय से बीजेपी के जो सांसद, मंत्री चुप हैं। मूक दर्शक बने हुए हैं कल सारे के सारे गुजरात लॉबी के विरुद्ध उठ खड़े हों। आसार तो यही नजर आते है, कि बीजेपी आत्मघात के रास्ते पर बहुत आगे निकल गई है जहां से लौटना असंभव है। आरएसएस के सामने अब नहीं तो कभी नहीं की विकट स्थिति आ खड़ी हुई है। देखना मजेदार होगा कि क्या आरएसएस गुजरात लॉबी को बीजेपी से अलग-थलग करेगी या बीजेपी को नष्ट होने देती है।