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  • गोरेगांव कॉलेज में हिजाब विवाद, 3 छात्रों पर FIR दर्ज, कॉलेज बोला — हिजाब पर कोई पाबंदी नहीं

    गोरेगांव कॉलेज में हिजाब विवाद, 3 छात्रों पर FIR दर्ज, कॉलेज बोला — हिजाब पर कोई पाबंदी नहीं

    मुंबई के गोरेगांव स्थित विवेक कॉलेज में कथित हिजाब प्रतिबंध को लेकर छात्रों और AIMIM कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन। कॉलेज प्रशासन ने जारी किया लिखित स्पष्टीकरण—”हिजाब पर कोई पाबंदी नहीं”। पुलिस ने बिना अनुमति प्रदर्शन करने पर तीन छात्रों पर FIR दर्ज की।

    मुंबई: गोरेगांव वेस्ट स्थित विवेक विद्याालय एंड जूनियर कॉलेज में हिजाब को लेकर विवाद ने गुरुवार को तूल पकड़ लिया। कुछ छात्राओं और AIMIM मुंबई यूनिट के सदस्यों ने कॉलेज प्रशासन पर हिजाब पहनने पर रोक लगाने का आरोप लगाते हुए कॉलेज के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। मामला बढ़ने पर पुलिस ने तीन छात्रों के खिलाफ बिना अनुमति प्रदर्शन और सरकारी आदेश का उल्लंघन करने के आरोप में FIR दर्ज की। वहीं कॉलेज प्रबंधन ने लिखित बयान जारी कर स्पष्ट किया कि हिजाब पहनने पर कोई रोक नहीं है और पूरा मामला “गलतफहमी” के कारण हुआ।

    🎓 कैसे शुरू हुआ विवाद?

    सूत्रों के मुताबिक, कुछ छात्राओं ने AIMIM से शिकायत की कि कॉलेज में उन्हें कक्षा में प्रवेश करने से पहले हिजाब उतारने के लिए कहा गया। छात्राओं ने इसे धार्मिक आस्था का उल्लंघन बताते हुए आपत्ति जताई।

    इसके बाद AIMIM मुंबई अध्यक्ष फ़ारूक मक़बूल शबदी छात्रों के साथ कॉलेज आए और उन्होंने कॉलेज गेट पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही मामला सुर्खियों में आ गया।

    🏫 कॉलेज प्रबंधन का स्पष्टीकरण

    विवाद बढ़ता देख कॉलेज की प्रिंसिपल शीजा मेनन ने लिखित बयान जारी करते हुए कहा:

    “हमारे संस्थान में छात्राओं के हिजाब पहनने पर कोई प्रतिबंध नहीं है। ऐसा कोई आदेश कॉलेज की तरफ से जारी नहीं किया गया है। शायद कुछ गलतफहमी के कारण यह विवाद खड़ा हुआ, जिसकी आवश्यकता नहीं थी।”

    कॉलेज प्रशासन ने यह भी कहा कि वे विविध समुदायों का सम्मान करते हैं और संस्थान में सभी छात्रों के लिए समान और सुरक्षित माहौल बनाए रखना उनका उद्देश्य है।

    👮 पुलिस की कार्रवाई

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    गोरेगांव पुलिस स्टेशन ने बताया कि प्रदर्शन बिना अनुमति के किया गया था, इसलिए तीन छात्रों के खिलाफ BNSS की धारा 35(3) के तहत FIR दर्ज की गई। हालांकि किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया।

    बाद में पुलिस स्टेशन में बैठक हुई, जिसमें:

    • प्रबंधन का लिखित स्पष्टीकरण पढ़ा गया
    • AIMIM प्रतिनिधियों और छात्राओं को जानकारी दी गई
    • सभी पक्ष सहमत हुए कि मामला समझौते के साथ शांतिपूर्वक समाप्त किया जाए

    पुलिस के अनुसार, क्षेत्र में कोई तनाव या सांप्रदायिक असहमति नहीं है

    🧾 राजनीतिक प्रतिक्रिया

    विवाद की जानकारी मिलते ही पूर्व बीजेपी पार्षद ज्ञानमूर्ति शर्मा अपने कार्यकर्ताओं के साथ पुलिस स्टेशन पहुंचे। पुलिस ने उन्हें स्थिति समझाई, जिसके बाद वे वापस लौट गए।

    📍 सोशल मीडिया में बहस

    यह मामला सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में रहा। कुछ उपयोगकर्ताओं ने इसे “धार्मिक आज़ादी का मामला” बताया, जबकि कुछ ने छात्रों द्वारा बिना परमिशन प्रदर्शन करने पर सवाल उठाए।

    जमीनी हकीकत

    जबकि प्रदर्शन से पहले जिसमें बुर्का पहनकर कॉलेज पहुंची छात्राओं को गेट पर रोका जाता हुआ वीडियो सामने आया। वीडियो में छात्राओं और कॉलेज प्रशासन के बीच बहस होती भी दिखाई दी। कुछ छात्राओं का दावा है कि जब उन्होंने इस नियम पर सवाल उठाया, तो कॉलेज प्रबंधन ने कहा कि अगर नियम पसंद नहीं है, तो प्रवेश रद्द करा दें।

    1 दिसंबर को एआईएमआईएम की एडवोकेट जाहानारा शेख के साथ कई छात्राएं गोरगांव वेस्ट के टीन डोंगरी स्थित गोरेगांव पुलिस स्टेशन पहुंचीं और शिकायत दर्ज करवाई। इसके बाद कॉलेज की प्रिंसिपल को बातचीत के लिए थाने बुलाया गया।

    एडवोकेट जाहानारा शेख के मुताबिक, “हमने नियम वापस लेने की मांग रखी है, लेकिन प्रिंसिपल ने कहा कि वह प्रबंधन से बात करने के बाद ही फैसला लेंगी।” इसके बाद कॉलेज प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नही किया गया। उसके बाद ही छात्रों ने कॉलेज के बाहर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया।


    FAQs

    Q1: विवाद किस कॉलेज में हुआ?
    ➡ गोरेगांव वेस्ट स्थित विवेक कॉलेज में।

    Q2: FIR क्यों दर्ज की गई?
    ➡ बिना अनुमति प्रदर्शन करने और सरकारी आदेश की अवहेलना के आरोप में।

    Q3: क्या कॉलेज ने हिजाब पर प्रतिबंध लगाया था?
    ➡ कॉलेज ने लिखित में स्पष्ट किया—हिजाब पर कोई प्रतिबंध नहीं।

    Q4: क्या किसी को गिरफ्तार किया गया है?
    ➡ नहीं, सिर्फ नोटिस देकर मामला शांतिपूर्वक सुलझाया गया।

    Q5: प्रदर्शन कौन आयोजित कर रहा था?
    ➡ AIMIM कार्यकर्ताओं और कुछ छात्राओं ने भाग लिया।

  • कर्नाटक के बाद मुंबई के कॉलेज में हिजाब को लेकर बवाल, छात्राओं ने कॉलेज के बाहर किया विरोध प्रदर्शन

    कर्नाटक के बाद मुंबई के कॉलेज में हिजाब को लेकर बवाल, छात्राओं ने कॉलेज के बाहर किया विरोध प्रदर्शन

    कॉलेज प्रशासन का कहना है कि 1 मई को पैरेंट्स मीटिंग में नए यूनिफॉर्म पॉलिसी के बारे में सभी को बताया गया था। नई पॉलिसी के तहत छात्राएं न तो दुपट्टा रख सकती हैं और ना ही बुर्का या हिजाब पहन सकती हैं। (Mumbai Hijab Row)

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    कर्नाटक के बाद एक बार फिर देश में हिजाब बनाम भगवा को लेकर बवाल शुरू हो गया है। ताजा मामला मुंबई के चेंबूर इलाके के एक कॉलेज का है, जहां हिजाब को लेकर बवाल हो रहा है। बुर्का या हिजाब पहनी हुई छात्राओं को कॉलेज में घुसने की इजाजत नहीं दी जा रही है। इसमें कॉलेज प्रशासन साफ कह चुका है, कि स्कूल में सख्ती से ड्रेस कोर्ड लागू किया गया है और सभी छात्रों को इसका पालन करना होगा। हालांकि कुछ छात्राओं को कॉलेज के बाहर प्रदर्शन करते हुए देखा गया। (Mumbai Hijab Row)

    Mumbai Hijab Row..

    मामला मुंबई के चेंबूर इलाके का जहां, डीके मराठा कॉलेज में कुछ छात्र बुर्का पहनकर कॉलेज पहुंचीं थी, जहां सुरक्षा गार्ड ने उन्हें कॉलेज के अंदर दाखिल नहीं होने दिया। गार्ड का कहना है कि स्कूल में पहले ही यूनिफॉर्म पॉलिसी लागू कर दी गई है और इसके बारे में जानकारी भी सभी छात्रों को दे दी गई थी। स्कूल में बुर्का पहनने और सिर ढकने पर पाबंदी है। हालांकि जब छात्राओं को स्कूल में एंट्री नहीं मिली तो छात्राओं ने हंगामा कर दिया। पुलिस ने मामले को संभालते हुए स्कूल प्रशासन और छात्राओं के बीच बातचीत कराई। जिसके बाद मामला शांत कराया गया। (Mumbai Hijab Row)

    https://indian-fasttrack.com/2023/08/02/municipal-corporations-p-north-ward-involved-in-illegal-construction
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    प्रदर्शन के द्वारा छात्राओं की तस्वीर

    ड्रेस कोर्ड हो गया लागू..

    कॉलेज प्रशासन का कहना है कि 1 मई को पैरेंट्स और टीचर की मीटिंग बुलाई गई थी। मीटिंग में नए यूनिफॉर्म पॉलिसी के बारे में सभी को बताया गया था। नई पॉलिसी के तहत छात्राएं न तो दुपट्टा रख सकती हैं और ना ही बुर्के का इस्तेमाल कर सकती हैं। स्कूल प्रशासन का ये भी कहना है कि भले ही छात्राएं घर से बुर्का या हिजाब पहनकर आ सकती है लेकिन स्कूल कैंपस में आकर बदल सकती हैं। हालांकि छात्राएं इस बात को मानने के लिए तैयार नहीं थी। (Mumbai Hijab Row)

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