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  • 🚨 Mumbai Hospital Horror: चूहों ने काटे मरीज, मुआवजा तक नहीं दिया! RTI में खुला BMC का बड़ा सच

    🚨 Mumbai Hospital Horror: चूहों ने काटे मरीज, मुआवजा तक नहीं दिया! RTI में खुला BMC का बड़ा सच

    Mumbai Shatabdi Hospital Rat Bite Case: RTI खुलासे में सामने आया कि BMC ने चूहों के काटने के मामलों में SHRC के आदेश के बावजूद पीड़ितों को मुआवजा नहीं दिया। एक मरीज की मौत भी हुई थी।

    मुंबई: Mumbai Hospital Negligence का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां RTI Reveals BMC Failure के तहत खुलासा हुआ है कि कांदिवली स्थित शताब्दी अस्पताल में चूहों के काटने के शिकार मरीजों को आज तक मुआवजा नहीं मिला। यह मामला एक बार फिर public hospital hygiene Mumbai और प्रशासनिक जवाबदेही पर बड़े सवाल खड़े करता है।

    🧾 क्या हुआ? (What Happened in Shatabdi Hospital Case)

    RTI के जरिए सामने आया है कि 2017 में हुए चूहों के काटने के मामलों में BMC ने अब तक पीड़ितों को ₹2-2 लाख का मुआवजा नहीं दिया है।

    यह मुआवजा Maharashtra State Human Rights Commission (MSHRC) ने अप्रैल 2018 में देने का आदेश दिया था।

    तीन मरीजों को इलाज के दौरान चूहों ने काटा था, जिनमें से एक की बाद में मौत भी हो गई थी। बावजूद इसके, आज तक मुआवजे का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला।

    📍 कहाँ हुआ? (Location of Incident)

    यह पूरा मामला मुंबई के कांदिवली स्थित:

    • 📌 Babasaheb Ambedkar Municipal General Hospital (शताब्दी अस्पताल)

    यह अस्पताल BMC द्वारा संचालित है और यहां हर दिन सैकड़ों मरीज इलाज के लिए आते हैं।

    😡 लोगों पर असर (Public Outrage & Impact)

    इन घटनाओं ने उस समय पूरे मुंबई में भारी आक्रोश पैदा कर दिया था।

    • 3 अक्टूबर 2017 को बोरीवली की प्रमिला नेरुलकर, जो स्ट्रोक से उबर रही थीं, उनके आंख पर चूहे ने काट लिया
    • कुछ दिनों बाद शांताबेन जाधव को पैर में चूहे ने काटा

    स्थिति इतनी गंभीर हो गई थी कि एक स्थानीय नगरसेवक ने BMC की मीटिंग में जिंदा चूहा पकड़कर विरोध प्रदर्शन किया था।

    यह घटनाएं सरकारी अस्पतालों की साफ-सफाई और सुरक्षा पर बड़ा सवाल बन गईं।

    ⚖️ सरकारी अपडेट (Human Rights Commission Order)

    MSHRC ने मामले का स्वतः संज्ञान (suo motu) लिया और 27 अप्रैल 2018 को आदेश जारी किया।

    आदेश में कहा गया:

    • हर पीड़ित को ₹2 लाख मुआवजा दिया जाए
    • अगर भुगतान नहीं हुआ तो 12.5% वार्षिक ब्याज लगेगा

    इसके अलावा, आयोग ने BMC की “shocking response” पर कड़ी आलोचना भी की थी।

    👉 अधिक जानकारी के लिए:

    🧾 अलग मामला: Postmortem Room Horror (2024 Case)

    जनवरी 2024 में एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया:

    एक व्यक्ति के शव को पोस्टमॉर्टम रूम में रखा गया था, जहां चूहों ने उसके चेहरे को बुरी तरह नुकसान पहुंचाया

    इस मामले में भी SHRC ने:

    • परिवार को ₹5 लाख मुआवजा देने का आदेश दिया
    • 6 हफ्तों में भुगतान नहीं करने पर 8% ब्याज लगाने की चेतावनी दी

    📊 RTI खुलासा (RTI Reveals Truth)

    RTI के जवाब में यह साफ हुआ कि:
    👉 किसी भी मामले में मुआवजा भुगतान का कोई रिकॉर्ड मौजूद नहीं है

    इससे यह साफ हो गया कि आदेश के बावजूद BMC ने अब तक कार्रवाई नहीं की।

    📞 अधिकारियों की प्रतिक्रिया (No Response from Officials)

    इस मामले में जब डिप्टी म्युनिसिपल कमिश्नर (हेल्थ) शरद उघड़े से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो:

    • कॉल का कोई जवाब नहीं मिला
    • मैसेज का भी कोई रिस्पॉन्स नहीं आया

    🔎 आगे क्या होगा? (What Happens Next)

    अब इस RTI खुलासे के बाद:

    • मामला फिर से चर्चा में आ सकता है
    • पीड़ित परिवार कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं
    • BMC पर कानूनी और राजनीतिक दबाव बढ़ सकता है

    साथ ही, अस्पतालों में infection control & hygiene audit Mumbai की मांग तेज हो सकती है।


    ❓ FAQ (Frequently Asked Questions)

    Q1. यह मामला कब का है?
    👉 2017 के चूहा काटने के केस

    Q2. कितने मरीज प्रभावित हुए थे?
    👉 3 मरीज, जिनमें 1 की मौत हुई

    Q3. मुआवजा कितना तय हुआ था?
    👉 ₹2 लाख प्रति पीड़ित

    Q4. क्या मुआवजा दिया गया?
    👉 RTI के अनुसार, नहीं

    Q5. 2024 केस में क्या हुआ?
    👉 पोस्टमॉर्टम रूम में शव को चूहों ने नुकसान पहुंचाया, ₹5 लाख मुआवजा आदेश


    🧾 Conclusion

    मुंबई जैसे बड़े शहर में इस तरह की घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं।

    BMC negligence Mumbai का यह मामला दिखाता है कि सिर्फ आदेश देना काफी नहीं है, बल्कि उन्हें लागू करना भी जरूरी है।

    अगर समय रहते सिस्टम में सुधार नहीं हुआ, तो मरीजों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा बना रहेगा।

  • Eggs फ्रीज करवाने के बाद चर्चा में आई करिश्मा मेहता, क्या है इसकी प्रक्रिया

    Eggs फ्रीज करवाने के बाद चर्चा में आई करिश्मा मेहता, क्या है इसकी प्रक्रिया

    ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे” की सीईओ करिश्मा मेहता ने अपने Eggs फ्रीज करवा लिया है। करिश्मा मेहता ने बताया कि वह कुछ समय से इस पर विचार कर रही थीं। आइए जानते है क्या है Eggs फ्रीज करवाने की प्रक्रिया और इससे किस तरह का लाभ होता है। (Karishma Mehta Humans of Bombay came into limelight after getting eggs frozen, what is its process)

    न्यूज़ डेस्क
    मुंबई- 
    ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे” की 32 वर्षीय संस्थापक करिश्मा मेहता अचानक सुर्खियों में आ गई हैं। दरअसल उन्होंने इस साल जनवरी महीने में अपने अंडाणु (Eggs) फ्रीज करवाने का फैसला किया और इस बात की जानकारी खुद सोशल मीडिया पर शेयर कर दी। इसके बाद लोग उनसे जुड़ी जानकारी को गूगल पर सर्च कर रहे हैं। 1992 में जन्मी करिश्मा ने 2014 में ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे की स्थापना की। (Karishma Mehta Humans of Bombay came into limelight after getting eggs frozen, what is its process)

    बता दें कि अपने करियर को प्राथमिकता देने वाली महिलाओं में एग (Eggs) फ्रीजिंग का क्रेज बढ़ने लगा है। कई बॉलीवुड सेलिब्रिटीज भविष्य में मां बनने की चाह में अपने एग फ्रीज करा चुकी हैं। (Karishma Mehta Humans of Bombay came into limelight after getting eggs frozen, what is its process)

    सोशल मीडिया पोस्ट पर करिश्मा ने बताया कि इस बारे में वो काफी समय से सोच रही थीं और आखिरकार उन्होंने यह कर लिया। उन्होंने लिखा, “मैं इसे कुछ समय से करना चाहती थी और अंततः इस महीने की शुरुआत में मैंने अपने अंडाणु फ्रीज करवा लिए।” (Karishma Mehta Humans of Bombay came into limelight after getting eggs frozen, what is its process)

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    उन्होंने अपनी पोस्ट में आगे लिखा, “जनवरी में मैंने अपने अंडाणु फ्रीज करवा लिए और यह मेरे लिए एक खास उपलब्धि है।” पोस्ट के साथ उन्होंने तस्वीर भी शेयर की है। अपने पोस्ट में, मेहता ने अपने निजी और प्रोफेशनल जीवन की कुछ महत्वपूर्ण झलकियां शेयर की। उन्होंने अभिनेता अभय देओल के साथ अपनी पहली विज्ञापन शूट की एक तस्वीर भी साझा की। (Karishma Mehta Humans of Bombay came into limelight after getting eggs frozen, what is its process)

    कौन हैं करिश्मा मेहता?

    करिश्मा मेहता एक भारतीय लेखिका, व्यवसायी और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर हैं। करिश्मा मेहता ह्यूमन ऑफ बॉम्बे की सीईओ हैं। “Human of Bombay” सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सबसे पॉपुलर पेजों में से एक है, जो आम लोगों की कहानियों को साझा करता है और उनके संघर्ष, सफलता और जीवन के अनसुने पहलुओं को प्रकाशित करता है। (Karishma Mehta Humans of Bombay came into limelight after getting eggs frozen, what is its process)

    21 साल की उम्र में किया था शुरुआत।

    करिश्मा मेहता ने 2014 में ह्यूमन ऑफ बॉम्बे की शुरुआत की थी। करिश्मा उस वक्त सिर्फ 21 साल की थी। उन्होंने अपने पेज के जरिए मुंबई और मुंबईकरों की जिंदगी से जुड़ी कहानियों को लिखना शुरू किया। करिश्मा ने बॉम्बे स्कॉटिश स्कूल से पढ़ाई की, बाद में बेंगलुरू के बोर्डिंग स्कूल में पढ़ाई की। आगे की पढ़ाई के लिए वो ब्रिटेन चली गईं, जहां से उन्होंने इकोनॉमिक्स और बिजनेस की डिग्री ली। (Karishma Mehta Humans of Bombay came into limelight after getting eggs frozen, what is its process)

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का लिया इंटरव्यू

    लेकिन करिश्मा पहली बार चर्चा में तब आई जब उन्होंने साल 2019 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का इंटरव्यू लिया। इसके बाद वो सोशल मीडिया पर काफी पॉपुलर हो गईं। पीएम मोदी के इंटरव्यू ने उनके करियर को एक नई दिशा दे दी। इस महीने के शुरू में करिश्मा मेहता ने एक और बड़ा कदम उठाया जब उन्होंने अपने लक्जरी लेदर सामानों से खुद को अलग करने का ऐलान किया। शाकाहारी होने के नाते, उन्होंने फैशन में क्रूएल्टी-फ्री रुख अपनाने के अपने फैसले के बारे में सोशल मीडिया पर समझाया। (Karishma Mehta Humans of Bombay came into limelight after getting eggs frozen, what is its process)

    क्या है एग फ्रीजिंग ?

    UCLA (यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, लॉस एंजिल्स) हेल्थ के अनुसार, एग फ्रीजिंग, जिसे ओसाइट क्रायोप्रिजर्वेशन (Oocyte cryopreservation) के नाम से भी जाना जाता है। यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें एक महिला के अंडों को निकाला जाता है, जमाया जाता है और भविष्य में उपयोग के लिए फ्रीज कर दिया जाता है। इस विधि का उपयोग अक्सर उन महिलाओं के लिए प्रजनन क्षमता को बनाए रखने के लिए किया जाता है जो व्यक्तिगत या चिकित्सा कारणों से बच्चे पैदा करने में देरी करना चाहती हैं। (Karishma Mehta Humans of Bombay came into limelight after getting eggs frozen, what is its process)

    फ्रीजिंग से पहले क्या किया जाता है?

    एग फ्रीजिंग में ब्लड टेस्ट और अल्ट्रासाउंड के बाद एक महिला के अंडाणु की मात्रा की जांच की जाती है। फिर, अंडाशय को अंडे का उत्पादन करने के लिए उत्तेजित करने के लिए हार्मोनल दवाओं का उपयोग किया जाता है। फिर परिपक्व अंडों को एक सरल प्रक्रिया के माध्यम से एकत्र कर लिया जाता है और विट्रिफिकेशन नामक तकनीक का उपयोग करके इसे जल्दी से जमाया जाता है। इससे अंडों को भविष्य में उपयोग के लिए रखा जा सकता है। (Karishma Mehta Humans of Bombay came into limelight after getting eggs frozen, what is its process)

    1968 में हुआ था पहले बच्चे का जन्म

    फ्रीज हुए अंडे से पहले बच्चे का सफलतापूर्वक जन्म 1986 में हुआ था। इस प्रक्रिया में हल की हुई प्रगति से अंडाणु के जीवित रहने और जीवित बच्चों के जन्म की सफलता दर में काफी सुधार हुआ है।
    अगर आप भी अपने एग्स फ्रीज कराने की सोच रहे हैं, तो यह इतना आसान नहीं है। इसके लिए अपनी बॉडी को पहले से प्रिपेयर करना बहुत जरूरी है। तो आइए जानते हैं एग फ्रीजिंग से पहले शरीर को किस तरह से तैयार करना पड़ता है और यह क्यों जरूरी है? (Karishma Mehta Humans of Bombay came into limelight after getting eggs frozen, what is its process)

    एग फ्रीजिंग करने से पहले शारिरीक तैयारी

    एग फ्रीजिंग एक कठिन फैसला है। ज्‍यादातर मामलों में महिलाओं को इस संबंध में लोगों की बातें भी सुननी पड़ती है। जिससे तनाव बढ़ता है और प्रजनन क्षमता प्रभावित होती है। इसलिए सबसे पहले स्‍ट्रेस मैनेजमेंट टिप्‍स अपनाकर खुद को मानसिक रूप से तैयार करना पडता है। अंडे की गुणवत्ता बढ़ाने और स्‍वास्‍थ्‍य को ठीक रखने के लिए फर्टिलिटी डाइट लेना जरूरी है। बता दें कि, फर्टिलिटी फ्रेंडली डाइट में एंटीऑक्‍सीडेंट, हेल्‍दी फैट और जरूरी पोषक तत्‍व होते हैं। इस डाइट को फॉलो करने से प्रजनन क्षमता में सुधार हो सकता है। (Karishma Mehta Humans of Bombay came into limelight after getting eggs frozen, what is its process)

    एक्सपर्ट की राय

    एक्सपर्ट मानते हैं कि एग फ्रीजिंग से पहले महिलाओं को अपने रूटीन में फर्टिलिटी सप्लीमेंट भी शामिल करनी चाहिए। सप्‍लीमेंट भी ऐसे होने चाहिए जिनमें इनोसिटोल और जरूरी विटामिन व मिनरल शामिल हों। एक्‍सरसाइज स्‍वास्‍थ्‍य के लिए फायदेमंद होती है, लेकिन एग फ्रीजिंग प्रोसेस के दौरान अपने वर्कआउट में बदलाव करना जरूरी है। दरअसल, हार्मोन स्टीमुलेशन के दौरान ओवरी का आकार इंजेक्शन के 10 दिन बाद बढ़ जाता है, जिससे ओवेरियन टॉर्जन की समस्‍या हो सकती है। इस रिस्‍क को कम करने के लिए इंटेंस एक्‍सरसाइज से बचने की सलाह दी जाती है। महिलाओं की रिप्रोडक्टिव हेल्‍थ के लिए विटामिन “डी” बहुत जरूरी है। यह न केवल अंडे की गुणवत्ता में सुधार करता है, बल्कि इससे बेहतर फर्टिलिटी रिजल्‍ट्स मिलते हैं। (Karishma Mehta Humans of Bombay came into limelight after getting eggs frozen, what is its process)

    एग फ्रीजिंग के बारे किसे विचार करना चाहिए?

    • एग फ्रीजिंग उन महिलाओं के लिए एक विकल्प हो सकता है जो प्रजनन संबंधी जोखिमों का सामना कर रही हैं।
    • वैसी महिलाएं जो कैंसर के उपचार के तहत कीमोथेरेपी या पेल्विक रेडिएशन का सामना कर रही है।
    • ऐसी सर्जिकल प्रक्रियाए जो अंडाशय को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
    • आनुवंशिक स्थितियां या समय से पहले पीरियड आने का पारिवारिक इतिहास।
    • बच्चे पैदा करने में देरी करने के सामाजिक या व्यक्तिगत कारण।
    • अंडाणु को कई सालों तक फ्रीज करके रखे जा सकते हैं।
  • BMC: मुंबई की सरकारी अस्पतालों में अब नहीं मिलेगी दवाई

    BMC: मुंबई की सरकारी अस्पतालों में अब नहीं मिलेगी दवाई

    बम्बई के सरकारी अस्पतालों में दवाओं को लेकर संकट गहरा रहा है। 120 करोड़ रूपये का बकाया नही मिलने के कारण दवाई आपूर्ति करने वाले कंपनियों ने सप्लाई पर रोक लगाने का ऐलान कर दिया है। (BMC News Medicines will no longer be available in government hospitals of Mumbai)

    न्यूज़ डेस्क
    मुंबई-
    बम्बई शहर और आस-पास के गरीब तबके के लोगों की स्वास्थ्य समस्याओं पर इलाज के लिए एक मात्र सरकारी अस्पताल इन दिनों दवाई संकट से जूझ रहा है। जबकि यहां बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) द्वारा संचालित अस्पतालों की दवाइयां हमेशा से ही लोगों के इलाज में सटीक साबित हुई। प्राइवेट अस्पतालों के मुकाबले सरकारी अस्पताल के एक ही डोज से मरीज ठिक हो जाया करता है। लेकिन इन सरकारी अस्पतालों में दवाइयां उपलब्ध नही होने के कारण शहर भर के लोगों पर स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा मंडराने लगा है। (BMC News Medicines will no longer be available in government hospitals of Mumbai)

    क्या है पूरा मामला?

    मुंबई के बीएमसी द्वारा संचालित अस्पतालों को दवा आपूर्ति करने वाली कंपनियों ने 120 करोड़ रुपये के बकाया नही मिलने के कारण डिलीवरी को निलंबित (Suspended) करने की धमकी दी है। यह कृष्णा डायग्नोस्टिक्स द्वारा आपली चिकित्सा योजना के तहत अपनी पैथोलॉजी सेवाओं को बंद करने के कुछ समय बाद हुआ है, जिसमें बकाया भुगतान नही किए जाने का का हवाला दिया गया था। (BMC News Medicines will no longer be available in government hospitals of Mumbai)

    सोमवार से नही होगी दवाई की सप्लाई

    बीएमसी अस्पतालों में दवाई सप्लाई करने वाली 150 से अधिक कंपनियों का प्रतिनिधित्व करने वाली ऑल फूड एंड ड्रग्स लाइसेंस होल्डर फाउंडेशन (AFDLH Fondation) ने सोमवार 13 जनवरी यानी कल से दवाइयों की सप्लाई रोकने की घोषणा की है। कहा, कि यदि उनके चार महीने से लंबित 120 करोड़ रूपये का भुगतान नहीं किया जाता है। तो कोई भी कंपनी सरकारी अस्पतालों में दवाइयों की सप्लाई नही करेगा। इस निर्णय के कारण बम्बई के सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं को बुरी तरह से बाधित कर सकता है। इसमें बम्बई ही नही बम्बई और आस-पास को लोग भी स्वास्थ्य समस्याओं का इलाज करवा रहे हैं। (BMC News Medicines will no longer be available in government hospitals of Mumbai)

    AFDLH Fondation के अध्यक्ष अभय पांडे ने आपूर्तिकर्ताओं के सामने मौजूद गंभीर वित्तीय स्थिति पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “हमारे सदस्य वित्तीय बर्बादी के कगार पर हैं।” पश्चिमी उपनगरों के एक विक्रेता ने स्थिति पर निराशा व्यक्त करते हुए कहा, “भुगतान में देरी असहनीय हो गई है। बीएमसी अस्पतालों को आपूर्ति करना एक निरंतर संघर्ष बन गया है, बार-बार याद दिलाने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है।” (BMC News Medicines will no longer be available in government hospitals of Mumbai)

    BMC ने क्या कहा?

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका के आयुक्त भूषण गगरानी को लिखे एक औपचारिक पत्र में संस्था ने वित्तीय तनाव की रूपरेखा प्रस्तुत की। पत्र में कहा गया है, कि “बकाया राशि के कारण हमारे सदस्य भारी दबाव में हैं। बार-बार संपर्क करने के बावजूद कोई समाधान नहीं हुआ है। भुगतान पूरा होने तक आपूर्ति स्थगित करने के अलावा हमारे पास कोई विकल्प नहीं है।” इस बीच, बीएमसी के स्वास्थ्य विभाग के उपायुक्त संजय कुर्हाड़े ने आश्वासन दिया, कि “इस मुद्दे को सुलझाने और संकट को हल करने के लिए प्रयास जारी हैं।” (BMC News Medicines will no longer be available in government hospitals of Mumbai)

  • महाराष्ट्र में तेजी बढ़ रहा है ‘टकला वायरस’, खुजली के 2-3 दिनों झड़ जाते हैं बाल

    महाराष्ट्र में तेजी बढ़ रहा है ‘टकला वायरस’, खुजली के 2-3 दिनों झड़ जाते हैं बाल

    न्यूज़ डेस्क
    मुंबई-
    पूरी दुनिया से लेकर हमारे भारत देश में भी चीन से पनपे एचएमपी वायरस (HMP Virus) का खौफ जारी है। इस बीच महाराष्ट्र में एक अजीबोगरीब बीमारी तेजी से पैर पसार रही है। इस बीमारी में लोगों के कुछ ही दिनों में बाल झड़ जा रहे हैं। इसकी वजह से लोगों में खौफ का माहौल उत्पन्न हो रहा है। ‘Takla virus’ is increasing rapidly in Maharashtra, hair falls in 2-3 days of itching

    राज्य के बुलढाणा जिले में यहां के लोग एक गंभीर रोग से जूझ रहे हैं। दरअसल, यहां पर एक के बाद एक लोगों के बाल अचानक से झड़ते जा रहे हैं। जिले में हो रही बाल झड़ने की इस अजीब घटना से लोगो में खौफ पैदा हो गया है। इस दुर्लभ बीमारी की चपटे में पुरुष, महिलांए और बच्चे भी आ रहे हैं। इसमें सर से कुछ ही दिनों के अंदर बाल झड़ रहे हैं और गंजेपन का शिकार हो रहे हैं। ‘Takla virus’ is increasing rapidly in Maharashtra, hair falls in 2-3 days of itching

    अब तक, बुलढाणा जिले के गांवों में फैली इस बीमारी की गिरफ्त में लगभग 30 से 40 लोग आ चुके हैं। उनका कहना है कि उनके सिर से बाल कुछ ही दिनों के अंदर झड़ रहे हैं। जिले में बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य अधिकारी जांच में जुट गए हैं। ‘Takla virus’ is increasing rapidly in Maharashtra, hair falls in 2-3 days of itching

    गंजेपन का शिकार

    हालांकि, इनमें भी कई मामले ऐसे हैं जहां पर लोग पूरी तरह गंजे हो रहे हैं। इस दुर्लभ बीमारी के कारण लोग काफी हैरत में पड़ गए हैं। बुलढाणा में लोगों को समझ नहीं आ रहा है कि इस रोग के फैलने के पीछे क्या रहस्य हो सकता है। इस अजीबोगरीब घटना के सामने आने के बाद यहां के लोग काफी डरे हुए हैं। ‘Takla virus’ is increasing rapidly in Maharashtra, hair falls in 2-3 days of itching

    जिले में बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ विभाग के अधिकारी बोंडगांव, कालवाड़ और हिंगना गांवों में पहुंच गए हैं। यहां पर उन्होंने बीमारी का कारण जानने के मरीजों की जांच शुरू कर दी है। इस दौरान एक बीमार महिला ने बताया कि बीते रविवार से उसके बाल झड़ रहे हैं। उन्होंने अपने बालों को एक छोटे से बैग में एकत्रित करके रखा और उसे स्वास्थ्य अधिकारी को दिखाया। ‘Takla virus’ is increasing rapidly in Maharashtra, hair falls in 2-3 days of itching

    फैल रही बीमारी

    इसके अलावा एक युवक ने बताया कि बीते 10 दिनों से उसके बाल तेजी से झड़ने लगे हैं। उन्होंने बताया कि उनके चेहरे की दाढ़ी भी झड़ रहे हैं। इस बीमारी के बाद कई लोगों ने अपने सिर मुंडवा दिया है। स्वास्थय अधिकारियों की टीम में शामिल एक स्किनकेयर एक्सपर्ट ने बताया कि जिले के तीनों गांवों से जमा किए गए पानी के सैंपल को टेस्टिंग के लिए भेजा गया है। ‘Takla virus’ is increasing rapidly in Maharashtra, hair falls in 2-3 days of itching

    इस बारे में जिला स्वास्थ्य अधिकारी अमोल गीते ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि जिले में बढ़ रहे मामलों के बाद हमने गांव में एक स्किन एक्सपर्ट और एक महामारी विशेषज्ञ को भेजा। इसके बाद पता चला कि 99 फीसदी मामलों में मरीजों को सिर की त्वचा में फंगल संक्रमण पाया गया है। इस वजह से लोगों के सर से बाल झड़ रहे हैं। ‘Takla virus’ is increasing rapidly in Maharashtra, hair falls in 2-3 days of itching

    पानी की होगी जांच

    स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि हम पानी की भी जांच करेंगे। हो सकता है कहीं उसमें भारी धातुएं तो नहीं हैं? क्योंकि वे फंगल संक्रमण को बढ़ावा देती हैं। हम 2 से 4 मरीजों की त्वचा के नमूने लेंगे और उन्हें माइक्रोस्कोपी के लिए अकोला मेडिकल कॉलेज भेजेंगे। गीते ने कहा कि पानी के नमूनों की जांच और बायोप्सी की रिपोर्ट दो-तीन दिनों में आ जाएगी। बाल झड़ने के कारणों के बारे में अभी कुछ भी ठोस नहीं कहा जा सकता ‘Takla virus’ is increasing rapidly in Maharashtra, hair falls in 2-3 days of itching