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  • Mumbai: दही हांडी उत्सव के दौरान एक की मौत 30 घायल, 15 अस्पताल में भर्ती

    Mumbai: दही हांडी उत्सव के दौरान एक की मौत 30 घायल, 15 अस्पताल में भर्ती

    मुंबई शहर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर दही हांडी उत्सव के दौरान कई जगहों पर गोविदा पथक हादसों के शिकार हो गए हैं। इनमें से एक की मौत और 30 घायलों की जानकारी मिल रही है। Mumbai: One dead, 30 injured, 15 hospitalised during Dahi Handi festival

    मुंबई: शनिवार 16 अगस्त, कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर मुंबई में एक की मौत 30 घायल और 15 गोविदा का अस्पताल में इलाज चल रहा है। मिली जानकारी के मुताबिक, मानखुर्द में दही हांडी बांधते समय एक 32 वर्षीय व्यक्ति की गिरकर मौत हो गई है। शहर के अलग-अलग हिस्सों में दही हंडी फोड़ने के चक्कर में 30 गोविंदा घायल हो गए, जिनमें से से 15 लोगों को अस्पताल भर्ती कराया गया है। Mumbai: One dead, 30 injured, 15 hospitalised during Dahi Handi festival

    Mumbai बीएमसी के अधिकारियों क्या कहा?

    मुंबई के उपनगर मानखुर्द में शनिवार दोपहर एक 32 वर्षीय ‘गोविंदा’ की दही हांडी बांधते समय गिरने से मौत हो गई। जबकि शहर के अलग-अलग हिस्सों में मानव पिरामिड बनाते समय 30 अन्य गोविंदा घायल हो गए। बृहन्मुंबई महानगर पालिका के अधिकारियों ने कृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर इसकी जानकारी दी। Mumbai: One dead, 30 injured, 15 hospitalised during Dahi Handi festival

    पहली मंजिल से गिर कर मौत

    मानखुर्द के महाराष्ट्र नगर मे मृत व्यक्ति की पहचान जगमोहन शिवकिरण चौधरी के रूप में हुई है। बीएमसी के एक अधिकारी ने बताया कि जगमोहन अपने घर की पहली मंजिल की खिड़की की ग्रिल से एक रस्सी पर दही हांडी यानी दही से भरी हुई मिट्टी की मटकी बांध रहा था। इसी दौरान वह अचानक नीचे गिर पड़ा। चौधरी को तुरंत नगरपालिका द्वारा संचालित शताब्दी गोवंडी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। Mumbai: One dead, 30 injured, 15 hospitalised during Dahi Handi festival

    कहां-कहां हुई घटना?

    मुंबई, ठाणे और आस-पास के इलाकों में भारी बारिश के बीच मनाए गए इस वर्ष के दही हांडी उत्सव में 30 गोविंदा घायल हुए हैं। इनमें से 15 को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि बाकी घायलों का इलाज कर छुट्टी दे दी गई। अधिकारियों के अनुसार, इन 30 घायलों में 18 दक्षिण मुंबई से हैं, जबकि 6-6 लोग शहर के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों से हैं। Mumbai: One dead, 30 injured, 15 hospitalised during Dahi Handi festival

    आस्था और भक्ति भाव

    दही हांडी का त्योहार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर पूरे महाराष्ट्र में मनाया जाता है। इसमें ‘गोविंदाओं’ की टीमें इंसानी पिरामिड बनाकर मटकी तक पहुंचने और उसे फोड़ने की कोशिश करते हैं। इसी दौरान कई हादसे होते रहते हैं लेकिन आस्था और भक्ति भाव में गोविंदा पथक इस प्रथा को बड़े हर्षोउल्लास के साथ मनाते आ रहे हैं। Mumbai: One dead, 30 injured, 15 hospitalised during Dahi Handi festival

  • Mumbai: BMC के सरकारी कर्मचारियों को मिली चेतावनी

    Mumbai: BMC के सरकारी कर्मचारियों को मिली चेतावनी

    सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों की आमदनी तो बढ़ा दी गई। लेकिन अब भी ये लोग गरीबी रेखा का हवाला देकर लाभ कमा रहे हैं। इसके खिलाफ सख्त होते हुए बीएमसी ने एक सर्कुलर जारी कर दिया है। Mumbai: BMC government employees received warning

    मुबई: बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने अपने स्थायी कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए एक कड़ा निर्देश जारी किया है। इसके तहत, जिन भी कर्मचारियों या अधिकारियों के पास केसरी राशन कार्ड हैं, उन्हें अब उसे बदलकर सफेद राशन कार्ड बनवाना होगा। ऐसा नही करने पर उन अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई के भी निर्देश दिए हैं। Mumbai: BMC government employees received warning

    क्यों की जा रही है सख्ती?

    बीएमसी प्रशासन द्वारा जारी सर्कुलर में स्पष्ट किया गया है कि कर्मचारियों को अपने पास मौजूद राशन कार्ड के रंग की जानकारी अपने विभाग प्रमुख के पास जमा करनी होगी। यह निर्देश इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि केसरी राशन कार्ड आर्थिक रूप से कमजोर (EOW) तबके के परिवारों को जारी किया जाता है। इस कार्ड पर लाभार्थियों को गेहं, चावल, चीनी जैसे आवश्यक खाद्यान्न रियायती दरों पर मिलते हैं। इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना और आयुष्मान भारत योजना का लाभ भी इन्हीं कार्ड धारकों को मिलता है। गौरतलब हैं कि पीले कार्ड गरीब परिवारों के लिए होते हैं, जबकि सफेद कार्ड उच्च आय वर्ग के लिए जारी किए जाते हैं। Mumbai: BMC government employees received warning

    सर्कुलर मे क्या कहा?

    सर्कुलर के अनुसार, राष्ट्रय खाद्य सूरक्षा अधिनियम, 2013 के तहत सरकार केवल उन्हीं लोगों को खाद्यान्न उपलब्ध कराती है। जिनकी वार्षिक आय 59.000 रुपये या उससे कम है। महाराष्टू राज्य में सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद, बीएमसी के ग्रुप ‘सी’ और ग्रूप ‘डी’ श्रेणी के कर्मचारियों का न्यूनतम मासिक वेतन क्रमशः 18.000 रुपये और 15.000 रुपये है। इस आय-सीमा को देखते हुए, बीएमसी के ये कर्मचारी केसरी राशन कार्ड के लाभ के पात्र नहीं हैं। Mumbai: BMC government employees received warning

    म्यूनिसिपल मजदूर यूनियन के संयुक्त सचिव प्रदीप नारकर ने बीएमसी द्वारा सर्कुलर जारी होने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि सर्कुलर में साफ लिखा है कि यदि कोई कर्मचारी या अधिकारी केसरी राशन कार्ड नही बदलवाता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। नारकर ने यह भी कहा कि सभी कर्मचारी इस सर्कुलर का पालना करंगे। Mumbai: BMC government employees received warning

  • बकरा ईद पर बकरे की कुर्बानी देने की प्रथा पर शक्ति प्रयोग क्यों?

    बकरा ईद पर बकरे की कुर्बानी देने की प्रथा पर शक्ति प्रयोग क्यों?

    • मंदिरों में बलि देने की परंपरा को बंद कर उदाहरण प्रस्तुत करे सरकार
    • सुप्रीम कोर्ट के आदेश स्वीकार कर मुसलमानों ने नजीर पेश की
    • भारतीय संविधान कानून और न्यायालय में विश्वास रखते हैं भारत के मुसलमान

    डिजिटल डेस्क
    हिंदू हिंदुत्व के ठेकेदार बनने वाले आरएसएस के उपांग बीजेपी, विश्वहिंदू परिषद, बजरंग दल जैसे संगठन भारत के मुसलमानों द्वारा बकरा ईद पर बकरे की कुर्बानी देने की प्रथा बंद करने के लिए शक्ति प्रयोग करने से भी पीछे नहीं हट रहे। उन्हें सबसे पहले हिंदुओं के जिन मंदिरों में जानवरों की बलि देकर उस मांस को प्रसाद के रूप में बांटा जाता है। उन मंदिरों में बलि देने की परंपरा को बंद कर उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए। पहले सत्तर प्रतिशत हिंदुओं के मांस खाने पर प्रतिबंध लगाना चाहिए। फिर मुसलमानों के बकरा बलि को कानून बनाकर रोका जा सकता है। निश्चित ही भारत के मुसलमान इसे स्वीकार करेंगे क्योंकि देश में समानता का व्यवहार माना जाएगा। बाबरी राम जन्मभूमि मामले में सुप्रीमकोर्ट के आदेश को स्वीकार कर मुसलमानों ने नजीर पेश की थी।
    अर्थ है
    भारत के मुसलमान भारतीय संविधान कानून और न्यायालय में विश्वास रखते हैं। अगर संसद ऐसा कानून बनाती है जिसमें किसी भी पशु की बलि यानी हत्या अपराध होगा जिसपर कानूनी अपराध मानकर कोर्ट दंडित करेगी तो निश्चित ही भारत के मुसलमान इससे सहमत होंगे। जहां तक देशप्रेम और देशभक्ति का सवाल है। उसमें भी मुसलमानों ने एकता का प्रदर्शन, पाकिस्तान के विरोध में पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाकर पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए भारतीय सेना और सरकार के साथ खड़े रहे हैं। यहां तक कि मुस्लिम महिला द्वारा ही भारतीय सेना ने सिंदूर ऑपरेशन का नायक बनाया था। प्रेस कांफ्रेंस में भी मुस्लिम और दलित चेहरा सामने लाकर बता दिया था कि भारतीय सेना जाति मजहब को नहीं मानती।वह भारत की रक्षा के लिए अपनी शहादत देती है।
    सेना ने प्रतीकात्मक रूप से संदेश दिया था कि मुसलमानों और दलितों पर अन्याय अत्याचार बंद कर देना होगा। भारत के जिन ग्रुपों को पहलगाम और ऑपरेशन सिंदूर का सच बताने विदेश भेजा गया था उसमें मुस्लिम चेहरा इस्लामिक राष्ट्रों में जबरदस्त संदेश देकर बता दिया कि पाकिस्तान बार बार अपने आतंकी भेजकर भारत में निर्दोष लोगों की हत्या करवाता है। जिससे साफ है कि देश का मुसलमान देश की हिफाजत के लिए पाकिस्तान हो या कोई अन्य राष्ट्र भारत का मुसलमान बलिदान देने को तैयार है। एकजुटता दिखने में मुसलमान पीछे नहीं हटे।
    पहले हिंदूधर्म और अब सनातनधर्म के ठेकेदारों को मालूम होना चाहिए कि सनातन धर्म में किसी भी जीव की हत्या का निषेध करता है।सत्य, प्रेम न्याय और पुण्य को धर्म जानना मानना ही सनातन धर्मी का संकेत है।
    गौ को माता मानने वाले क्यों नहीं उन चार हिंदू जिनके भारत में बड़े बड़े कत्लखाने हैं। जहां लाखों गाएं रोज काटकर उनका मांस विदेश भेजने वाले देशों में दूसरे नंबर पर लाकर खड़ा कर दिया है। जिनसे हिंदुत्व और हिंदू की ठेकेदार बीजेपी सरकार चंदा लेने में संकोच नहीं करती, उन कारखानों को बंद कराने क्यों नहीं जाते? इसलिए कि मोदी सरकार उनके साथ खड़ी है।
    योगीजी क्यों नहीं उन कत्ल खानों में गौ का कटना बंद करा देते? हिम्मत नहीं पड़ती गौ भक्ति की आड में जो बजरंगदल खुद गौ काटकर पूजा स्थल में फेकने पर पकड़े जा चुके हैं। जो गौ मांस होने का शक केवल गरीब मुसलमानों पर कहर बनकर टूट पड़ते और उनकी हत्या का अपराध करने में नहीं झिझकते भला वे कैसे हिंदू और सनातनी होते हैं।
    सनातन धर्म तो समानता और न्याय का धर्म है फिर मॉब लांचिंग क्यों करते हैं? हत्या करना अपराध तो है ही पाप भी है। क्या उन्हें पाप करते शर्म आती है कभी? फिर किस मुंह से वे हिंदू और सनातनी कहते हैं। कभी खुद के हृदय में झांककर तो देखें। अगर उनकी आत्मा मरी नहीं होगी तो जवाब भीतर से ही मिल जायेगा।
    छत्रपति शिवाजी महाराज के सेनापति मुसलमान, नौ सेना प्रमुख मुसलमान थे।महाराणा प्रताप के सेनापति मुसलमान थे।उन्होंने अपनी जान पर खेलकर महाराणा प्रताप के प्राण बचाए थे, जबकि मुगल सम्राट अकबर के सेनापति जयपुर के राजा मानसिंह ने हल्दीघाटी युद्ध में महाराणा प्रताप की हत्या करने की कोशिश की थी। जयपुर के ही जयसिंह ने औरंगज़ेब की गुलामी की थी और उसका सेनापति बनकर शिवाजी के ऊपर हमला किया और उन्हें बंदी बनाकर उनसे तीस किले मुगलों को सौंपने का समझौता करने को बाध्य किया। आगरा दरबार में लेजाकर शिवाजी की बेइज्जती कराई। मानसिंह और जयसिंह जैसे हिंदू और हिंदुत्व के शत्रुओं के परिजनों को सम्मान देने वाले कैसे किसी को गद्दार होने का सार्टिफिकेट दे सकते हैं?
    क्या जिन नेताओं की बहन बेटियों को मुगलों से शादी कराई गई और बाद में नेताओं ने अपनी बेटियां भतीजियां मुसलमानों से ब्याह दी वे किस मुंह से हिन्दू और सनातन शब्द बोलते हैं? जो लोग हत्या को अपराध और पाप मानते हैं खुद महात्मा गांधी के हत्यारे नाथु राम गोडसे को पूजते हैं। भारत बंटवारे के झूठे आरोप में महात्मा गांधी की हत्या करने वाला क्यों नहीं मोहम्मद अली जिन्ना जिसने अंग्रेजों से मिलकर देश को बांटा उसकी हत्या करने की मर्दानगी दिखाई?
    सच तो यह है कि जर्मन तानाशाह हिटलर के नाज़ीवाद और इटली के तानाशाह मुसोलिनी के फासीवाद को अपना आदर्श मानने वालों से शांति की उम्मीद कैसे रखी जा सकती है। वे भला सनातनधर्म की सहिष्णुता का पालन कैसे कर सकते हैं? सनातनधर्म में नफरत के लिए कोई भी स्थान नहीं है फिर हिंदू मुस्लिम करके वोट की राजनीति करने वालों से प्रेम की उम्मीद कैसे की जा सकती है?

    इसे भी पढ़े:- बकरी ईद के पहले बीजेपी नेता किरीट सोमैय्या का बड़ा बयान, बोले “नहीं कटने दूंगा बकरे”

  • Maharashtra: कल्याण में इमारत की स्लैब गिरने से छह लोगों की मौत

    Maharashtra: कल्याण में इमारत की स्लैब गिरने से छह लोगों की मौत

    महाराष्ट्र के कल्याण पूर्व स्थित मंगलराघो नगर में सप्तशृंगी नामक एक जर्जर इमारत का स्लैब गिरने से छह लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है। जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। Maharashtra: Six people died due to collapse of building slab in Kalyan

    ठाणे: कल्याण इलाके में मंगलवार दोपहर एक रिहायशी इमारत के भीतर एक मंजिल की छत गिरने से छह लोगों की मौत हो गई है। जिनमें एक बच्चा भी शामिल है, जबकि चार अन्य घायल हो गए हैं। कल्याण डोंबिवली महानगरपालिका (KDMC) के एक अधिकारी ने घटना की जानकारी दी। Maharashtra: Six people died due to collapse of building slab in Kalyan

    बचाव कार्य जारी …

    उन्होंने बताया, दमकल विभाग और आपदा प्रबंधक बल की टीमों द्वारा राहत और बचाव कार्य तेजी से चल रहा है। कल्याण तहसीलदार सचिन शेजाल ने बताया कि एक व्यक्ति अब भी मलबे के नीचे फंसा हो सकता है। अधिकारियों ने बताया कि यह हादसा दोपहर के समय कल्याण (पूर्व) के मंगलराघो नगर क्षेत्र स्थित सप्तश्रृंगी इमारत की दूसरी मंजिल की छत गिरने से हुआ है। Maharashtra: Six people died due to collapse of building slab in Kalyan

    इमारत में रिपेयरिंग का काम

    कल्याण के उपविभागीय अधिकारी (SDO) विश्वास दिगंबर गुजर ने बताया, कि “कल्याण स्थित श्री सप्तश्रृंगी इमारत की चौथी मंजिल पर फ्लोरिंग का काम चल रहा था। मरम्मत कार्य के दौरान चौथी मंजिल की स्लैब गिर गई, जिससे नीचे की सभी मंजिलों की स्लैब भी उसके साथ ढह गई।” Maharashtra: Six people died due to collapse of building slab in Kalyan

    11 में से 6 की मौत

    उन्होंने कहा, इस हादसे में 11 लोग मलबे में फंस गए थे। दमकल विभाग और अन्य टीमें मौके पर पहुंचीं और तुरंत बचाव कार्य शुरू कर दिया। अब तक 5 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है जबकि 6 लोगों की इस दुर्घटना में मौत हो गई है। उन्होंने यह भी बताया कि मलबा हटाने का काम जारी है। Maharashtra: Six people died due to collapse of building slab in Kalyan

    इमारत को किया जाएगा ध्वस्त

    एसडीओ गुजर ने और अधिक जानकारी देते हुए यह भी बताया कि इस इमारत में कुल 52 परिवार रहते थे। समय के साथ इसकी हालत काफी खराब हो चुकी है, इसलिए इस इमारत को जल्द ही ध्वस्त कर दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा, कि प्रभावित परिवारों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी। Maharashtra: Six people died due to collapse of building slab in Kalyan

  • खुफिया रिपोर्ट मिलने के बाद भी पहलगाम में हमला कैसे हो गया? प्रधानमंत्री ने रद्द किया था अपना कश्मीर दौरा

    खुफिया रिपोर्ट मिलने के बाद भी पहलगाम में हमला कैसे हो गया? प्रधानमंत्री ने रद्द किया था अपना कश्मीर दौरा

    पहलगाम आतंकी हमले को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री की खुफिया एजेंसियों को जानकारी थी तो हमले से पहले सुरक्षा व्यवस्था क्यों नही की गई? (How did the attack happen in Pahalgam despite receiving intelligence reports? The Prime Minister had cancelled his Kashmir visit)

    नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मंगलवार को दावा किया कि गत 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले से तीन दिन पहले खुफिया रिपोर्ट के आधार पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपना जम्मू-कश्मीर दौरा रद्द कर दिया था। उन्होंने झारखंड की राजधानी रांची में  कांग्रेस की ‘संविधान बचाओ रैली’ को संबोधित करते हुए यह सवाल भी किया, कि इसी खुफिया रिपोर्ट के आधार पर लोगों की सुरक्षा क्यों नहीं की गई? (How did the attack happen in Pahalgam despite receiving intelligence reports? The Prime Minister had cancelled his Kashmir visit)

    कांग्रेस देगा सरकार का साथ

    उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने पहलगाम आतंकी हमले को लेकर खुफिया विफलता की बात स्वीकार की है और ऐसे में उसे 26 लोगों की मौत की जिम्मेदारी भी लेनी चाहिए। खड़गे ने इस बात को दोहराया कि पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ उठाए गए हर कदम का कांग्रेस समर्थन करेगा इसके साथ ही सरकार के साथ खड़ा भी होगा। (How did the attack happen in Pahalgam despite receiving intelligence reports? The Prime Minister had cancelled his Kashmir visit)

    पहलगाम में आतंकी हमला

    बीते 22 अप्रैल को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादियों ने लगभग 26 लोगों की निर्मम हत्या कर दी गई। इनमें ज्यादातर लोग पर्यटक थे। भारत ने इस भयावह घटना के लिए पाकिस्तान से जु़डे आतंकवादी समूहों को जिम्मेदार बताया है। खड़गे ने पहलगाम आतंकी हमले का उल्लेख करते हुए कहा, “22 अप्रैल को देश में एक बहुत बड़ा आतंकी हमला हुआ, जिसमें 26 बेगुनाह लोग मारे गए। सरकार ने यह माना कि ये खुपफिया विफलता है और इसे सुधारने की जरूरत है। उन्होंने सवाल किया, “जब आपको यह (खुफिया विफलता) मालूम है तो पहले ही अच्छी व्यवस्था क्यों नहीं की गई?” (How did the attack happen in Pahalgam despite receiving intelligence reports? The Prime Minister had cancelled his Kashmir visit)

    प्रधानमंत्री कश्मीर क्यों नही गए ?

    खड़गे ने इस बात पर जोर दिया, कि “जब आप चूक को मान रहे हैं तो इतने लोगों की मौत की जिम्मेदारी भी आपको लेनी चाहिए।” उनका कहना था, “पाकिस्तान की आतंकी गतिविधियों के खिलाफ लड़ने के लिए सरकार जो भी कदम उठाएगी, हम उसका पूरा समर्थन करेंगे।” उन्होंने दावा किया, कि “मुझे यह भी सूचना मिली है, अखबारों में भी आया है कि हमले के तीन दिन पहले वहां से खुफिया रिपोर्ट मोदी जी को भेजी गई थी। इसी कारण मोदी जी ने कश्मीर जाने का कार्यक्रम रद्ध किया था।” (How did the attack happen in Pahalgam despite receiving intelligence reports? The Prime Minister had cancelled his Kashmir visit)

    सुरक्षा पर सवाल

    कांग्रेस अध्यक्ष ने सवाल किया, कि जब खुफिया तंत्र के लोगों का कहना था कि प्रधानमंत्री का जाना मुनासिब नहीं है तो यही बात अपनी खुफिया एजैंसियों के लोगों को, सुरक्षा के लोगों को, पुलिस और वहां की सीमा सुरक्षा बल को क्यों नहीं बताई गई और लोगों की सुरक्षा क्यों नहीं की गई? (How did the attack happen in Pahalgam despite receiving intelligence reports? The Prime Minister had cancelled his Kashmir visit)

    प्रधानमंत्री का कश्मीर दौरा

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जम्मू-कश्मीर यात्रा 19 अप्रैल को निर्धारित थी, लेकिन प्रतिकूल मौसम पूर्वानुमान के कारण स्थगित कर दी गई थी। प्रधानमंत्री को दुनिया के सबसे ऊंचे चिनाब रेलवे पुल का उद्घाटन करना था और कटरा से श्रीनगर के लिए वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखानी थी। (How did the attack happen in Pahalgam despite receiving intelligence reports? The Prime Minister had cancelled his Kashmir visit)

    गद्दार ने दागी गोली

    खड़गे ने कहा, “देश सबसे बड़ा है। इसके बाद ही पार्टी, धर्म और जाति आती है। हमने देश के लिए अपनी जान दी है। इंदिरा गांधी जी (पूर्व प्रधानमंत्री) और राजीव गांधी जी (पूर्व प्रधानमंत्री) ने देश को एक रखने के लिए बलिदान दिया है। महात्मा गांधी जी ने तो देश को आजादी दिलाई, लेकिन एक गद्दार ने उनके सीने में गोलियां दाग दी।” (How did the attack happen in Pahalgam despite receiving intelligence reports? The Prime Minister had cancelled his Kashmir visit)

    झारखंड वासियों का धन्यवाद

    कांग्रेस अध्यक्ष ने रैली में इस बात का उल्लेख भी किया कि वह पिछले वर्ष झारखंड में ‘इंडिया’ गठबंधन की सरकार बनने के बाद पहली बार रांची पहुंचे हैं। उन्होंने कहा, “मैं सभी झारखंडवासियों का तहेदिल से शुक्रिया अदा करता हूं। हम सबने आपकी वजह से बहुमत हासिल किया है और आज झारखंड में एक मजबूत सरकार चल रही है। हम सभी जनता से किए वादे निभा रहे हैं। हमारी सरकार के मंत्री, विधायक सभी मिलकर जनता के लिए अच्छे से काम कर रहे हैं। इसके लिए मैं सब को धन्यवाद देता हूं।” (How did the attack happen in Pahalgam despite receiving intelligence reports? The Prime Minister had cancelled his Kashmir visit)

    सरकारी नौकरी

    झारखंड राज्य में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुम) के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार सत्ता चला रही है। जिसमें कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) भी शामिल हैं। खड़गे ने दावा किया कि सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के कर्मचारियों को महीनों तनख्वाह नहीं मिलती है और प्रधानमंत्री मोदी का कहना है कि सभी बहुत सुखी हैं। उन्होंने आरोप लगाया, “नरेन्द्र मोदी की नीति है- पीएसयू बंद करो और दलितों, आदिवासियों और पिछड़ों की नौकरी छीन लो। उनके अनुसार, सरकारी नौकरियों में 30 लाख पद खाली हैं, लेकिन वे भरे नहीं जा रहे। (How did the attack happen in Pahalgam despite receiving intelligence reports? The Prime Minister had cancelled his Kashmir visit)

    भारत के स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका

    कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, “नरेन्द्र मोदी कहते हैं कि देश आर्थिक रूप से मजबूत हो रहा है, लेकिन सच्चाई ये है, कि देश के गरीबों को कुछ नहीं मिल रहा। सिर्फ पेपर में आंकड़े दिखाने से बात नहीं बनेगी, आपको लोगों के लिए काम करना होगा।” खड़गे ने केंद्र पर कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के दुरुपयोग का आरोप लगाया और कहा कि यह सब उस ‘नेशनल हेराल्ड‘ अखबार को कायम रखने के लिए किया गया, जिसने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। (How did the attack happen in Pahalgam despite receiving intelligence reports? The Prime Minister had cancelled his Kashmir visit)

    डराने के लिए ईडी का उपयोग

    उन्होंने कहा, “जनसंघ, आरएसएस के किसी नेता को नहीं, बल्कि जवाहरलाल नेहरू समेत कई कांग्रेस नेताओं को जेल में डाला गया था।अब ये लोग हमें देशभक्ति का पाठ पढ़ा रहे हैं।” खड़गे ने आरोप लगाया कि ईडी जैसी एजेंसियों का विपक्षी नेताओं को डराने के लिए दुरुपयोग किया गया, लेकिन ऐसे लगभग 200 मामलों में केवल दो व्यक्तियों को ही सजा हो सकी। (How did the attack happen in Pahalgam despite receiving intelligence reports? The Prime Minister had cancelled his Kashmir visit)

    भाजपा का पलटवार

    कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने दावा किया कि झारखंड के एक आदिवासी मुख्यमंत्री (हेमंत सौरेन) को गिरफ्तार कराने में प्रधानमंत्री मोदी की भूमिका थी। भाजपा ने खरगे पर पलटवार करते हुए कहा कि पहलगाम आतंकी हमले को लेकर खरगे द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की आलोचना किए जाने का उद्देश्य “सुरक्षाबलों का मनोबल कम करना” है। झारखंड प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि खरगे की टिप्पणी ऐसे महत्वपूर्ण समय पर
    आई है जब “आतंकवाद और पाकिस्तान के खिलाफ लड़ाई निर्णायिक मोड़ पर है।” (How did the attack happen in Pahalgam despite receiving intelligence reports? The Prime Minister had cancelled his Kashmir visit)

  • अब मुम्बई में सफर करना होगा आसान, लोकल ट्रेन, बस, मेट्रो ट्रेन के साथ मोनो रेल पर चलेगा एक ही स्मार्ट कार्ड

    अब मुम्बई में सफर करना होगा आसान, लोकल ट्रेन, बस, मेट्रो ट्रेन के साथ मोनो रेल पर चलेगा एक ही स्मार्ट कार्ड

    मुम्बई में यात्रियों के लिए जल्द ही एक ऐसा स्मार्ट कार्ड लॉन्च होने जा रहा है, जिसके इस्तेमाल से शहर में किसी भी परिवहन सेवा का लाभ उठाया जा सकता है। राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने केंद्रीय रेलमंत्री अश्विणी वैष्णव के साथ मिलकर इसकी घोषणा की। (Now travelling in Mumbai will be easy, same smart card will be used on local train, bus, metro train and mono rail)

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुम्बई-
    देश की आर्थिक राजधानी एवं मायानगरी कही जाने वाली बम्बई वासियों के लिए राहत की खबर है। अब बम्बई में सफर करने के लिए सरकार एक ऐसा डिजिटल स्मार्ट कार्ड लॉन्च करने जा रही है, जिसका इस्तेमाल, कोई भी यात्री अपने सफर के लिए मुंबई की लोकल ट्रेन, मुम्बई मेट्रो, बीइएसटी (BEST) बस और मोनो रेल के लिए कर सकता है। राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विणी वैष्णव के साथ मिलकर मुंबई-1 डिजिटल स्मार्ट कार्ड को जल्द ही लॉन्च करने की घोषणा की। (Now travelling in Mumbai will be easy, same smart card will be used on local train, bus, metro train and mono rail)

    क्या थीं मुसीबतें ?

    बम्बई में सफर के लिए मेट्रो का स्मार्ट कार्ड, ट्रेन का रेलवे पास या बस के लिए अलग पास लेकर चलने की जरूरत यात्रियों को नहीं होगी। किसी भी पास या स्मार्ट कार्ड के खो जाने का डर नहीं भी नही सताएगा। और तो और किसी कारणवश एक कार्ड भी छूट गया तो फिर टिकट की लंबी लाइन में अतिरिक्त रुपए खर्च करने की चिंता भी अब मुंबई के यात्रियों को नहीं होगी। इस नए स्मार्ट कार्ड के लॉन्च होने से लोगों के समय में भी बचत होगी। (Now travelling in Mumbai will be easy, same smart card will be used on local train, bus, metro train and mono rail)

    कार्ड की डिजाइनिंग

    खबरों के मुताबिक, मुम्बई में सार्वजनिक परिवहन के लिए एक ही स्मार्ट कार्ड ‘मुंबई 1’ को जल्द लॉन्च किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया, कि इस कार्ड का इस्तेमाल करते हुए, मुंबईकर मेट्रो, लोकल ट्रेन, मोनो रेल से लेकर बीइएसटी (BEST) बसों तक का सफर कर सकेंगे। बताया जाता है कि इस कार्ड की डिजाइनिंग का काम अभी चल रहा है। (Now travelling in Mumbai will be easy, same smart card will be used on local train, bus, metro train and mono rail)

    कौन कर सकेंगे इसका इस्तेमाल?

    इस कार्ड के लॉन्च होने से मुंबईकरों को अलग-अलग सवारियों के लिए टिकट खरीदने की झंझट से छुटकारा मिलेगा। एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि जो लोग सार्वजनिक परिवहन संसाधनों का इस्तेमाल करते हैं, खास उनके लिए मुंबई-1 स्मार्ट कार्ड को लॉन्च किया जाने वाला है। साथ ही मुंबई के बाहर से आने वाले लोग भी इसका इस्तेमाल कर सकेंगे। (Now travelling in Mumbai will be easy, same smart card will be used on local train, bus, metro train and mono rail)

    सुविधाजनक होगा सफर

    इस कार्ड के लॉन्च होने से लोगों का समय तो बचेगा ही, यात्रा करना भी पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा आसान हो जाएगा। इसके साथ ही बम्बई घूमने के लिए आने वाले लोगों को भी सुविधा मिल सकेगी। मुख्यमंत्री ने कहा, कि आने वाले दिनों में महाराष्ट्र और मुम्बई के निवासियों के लिए यहां का सफर काफी सुविधाजनक होने वाला है। (Now travelling in Mumbai will be easy, same smart card will be used on local train, bus, metro train and mono rail)

    कब मिलेगा स्मार्ट कार्ड

    बताया जाता है, कि इस डिजिटल स्मार्ट कार्ड की डिजाइनिंग का काम अभी चल रहा है, जिसे पूरा होने में लगभग 1 महीने का समय लग सकता है। इसकी डिजाइनिंग का काम पूरा होते ही इसे आम जनता के इस्तेमाल के लिए लॉन्च करने की प्रक्रिया को शुरू कर दिया जाएगा। (Now travelling in Mumbai will be easy, same smart card will be used on local train, bus, metro train and mono rail)

  • कैसे चलेगा मनपा का कार्य? BMC

    कैसे चलेगा मनपा का कार्य? BMC

    • Mumbai सहाय्यक आयुक्त की सीनियरिटी के आधार पर ही उपायुक्त बनाया जाता है।
    • अतिक्रमण निर्मूलन और चिकित्सा क्षेत्र में सहाय्यक आयुक्त के अभी भी छः पद रिक्त।
    • कार्यकारी अभियंताओं को सहाय्यक आयुक्त पद का प्रभार दिए जाने से हो रहा नुकसान।
    • सहाय्यक आयुक्तों के गलत चयन से मुंबईकरों की मुसीबतें बढ़ने लगी है।

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    बृहन्मुंबई महानगर पालिका में सहाय्यक आयुक्तों की नियुक्ति के मामले में घोर लापरवाही ही नहीं नियम विरुद्ध कार्य किया गया है। नियमावली के अनुसार सहाय्यक आयुक्त के खाली पदों पर नियुक्ति 50% लोकसेवा आयोग से चयनित अभ्यर्थियों का होता है। शेष 50% विभागीय सिनियारिटी से परीक्षा ली जाती है। प्रशिक्षण के लिए दूसरे पदों पर रखा जाता है। जिन्हें बाद में मनपा में सहाय्यक आयुक्त नियुक्त कर दिया जाता है। Mumbai BMC News

    बता दें कि मनपा में सहाय्यक आयुक्त के 33 पद में 17 पद रिक्त थे जिनमें विभाग द्वारा 11 कार्यकारी अभियंताओं को सहाय्यक आयुक्त का प्रभार दे दिया गया है। जो विभागीय कोटे से बहुत अधिक है। उनकी परीक्षा और ट्रेनिंग हुई अथवा नहीं कहा नहीं जा सकता। लेकिन इन 11 कार्यकारी अभियंताओं को सहाय्यक आयुक्त पद का प्रभार दिए जाने से जहां कार्यपद्धति से निर्णय लेने में अपरिपक्वता होगी। वहीं आयोग द्वारा चयनित किंतु बाद में नियुक्त सहाय्यक आयुक्त जूनियर हो जाएंगे क्योंकि सहाय्यक आयुक्त की सिनियारीटी के आधार पर ही उसे उपायुक्त बनाया जाता है। Mumbai BMC News

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    Mumbai, BMC, वसूली,
    प्रतिक्रियात्मक तस्वीर

    Mumbai BMC Commissioner..

    कार्यकारी अभियंताओं को नियम विरुद्ध 11 सहाय्यक आयुक्त पदों का प्रभार दिए जाने के बावजूद अतिक्रमण निर्मूलन और चिकित्सा क्षेत्र में अभी भी 6 पद सहाय्यक आयुक्त के खाली हैं। जिससे दोनो विभाग अपंग बना हुआ है। Mumbai BMC News

    आयोग द्वारा चयन किए गए कार्यकारी अभियंताओं को सहाय्यक आयुक्त का सीधे प्रभार दिए गए लोगों के कार्य और जिम्मेदारी में बहुत फर्क होता है। जो उनकी कार्यपद्धति से साफ साफ दिखने लगा है। क्योंकि यह तो कुछ वैसा ही हुआ है जैसे किसी कंपाउंडर को डॉक्टर का प्रभार दे दिया जाए और रोगियों की चिकित्सा करने पर हालात क्या होंगे? कुछ ऐसा ही मामला कार्यकारी अभियंताओं को सहाय्यक आयुक्त पद का प्रभार दिए जाने से हो रहा है। इससे नुकसान और परेशानियां मुंबईकरों की बढ़ने लगी है। क्या ये प्रभार अभी नहीं देकर आयोग से ग्यारह चयनित लोगों को सहाय्यक आयुक्त नियुक्त किए जाने के बाद ही कार्यकारी अभियंताओं को नियुक्त किया जाए। Mumbai

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