Tag: government employee

  • तहसीलदार को गाने का शौक महंगा पड़ गया, सरकार ने कर दिया निलंबित

    तहसीलदार को गाने का शौक महंगा पड़ गया, सरकार ने कर दिया निलंबित

    तहसीलदार प्रशांत थोरात का सरकारी कार्यालय में अपनी पदनिर्देशित कुर्सी पर बैठकर बॉलीवुड हिंदी फिल्म का गाना गाते हुए वीडियो वायरल होते ही उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया गया है। Tehsildar’s hobby of singing proved costly, Government suspended him

    डिजिटल डेस्क
    महाराष्ट्र/नांदेड़:
    लातूर जिले के रेनापुर तहसीलदार कार्यालय से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां तहसीलदार प्रशांत थोरात को सरकारी कार्यालय में गाना गाने की वजह से निलंबित कर दिया गया है। जबकि उनके तबादले की जानकारी मिलते ही नांदेड़ जिले के उमरी तहसील कार्यालय में विदाई समारोह का कार्यक्रम रखा गया था। Tehsildar’s hobby of singing proved costly, Government suspended him

    क्या है माजरा?

    उमरी तहसील कार्यालय में कार्यक्रम के दौरान उन्होंने अपनी ख़ुशी जाहिर करने के चक्कर में बॉलीवुड हिंदी फिल्म का वो पुराना वाला गाना “तेरे जैसा यार कहां? कहां ऐसा याराना, याद करेगी दुनिया, तेरा मेरा अफसाना।” गाना गाने लगे मौके पर सभी सहपाठी तालियां बजा कर तहसीलदार का जोश बढ़ा रहे थे। उनका गाना गाते हुए वीडियो वायरल होते ही कलेक्टर की जांच कमेटी ने सरकार को रिपोर्ट पेश की और तुरंत बाद निलंबन का फरमान जारी हो गया। Tehsildar’s hobby of singing proved costly, Government suspended him

    तबादले की खुशी में हो गए निलंबित

    रेनापुर के तहसीलदार प्रशांत थोरात, जो अपनी विदाई के दौरान एक सरकारी कार्यालय में अपने पदनिर्देशित कुर्सी पर बैठकर गाना गा रहे थे। वह नांदेड़ जिले के उमरी तहसील कार्यालय में कार्यरत थे। 8 अगस्त को उनका तबादला लातूर जिले के रेनापुर में हो गया था। इसी उपलक्ष्य में 8 अगस्त को उमरी तहसील कार्यालय में उनका विदाई समारोह आयोजित किया गया था। कार्यक्रम के दौरान, उन्होंने अपने ही कार्यालय में कुर्सी पर बैठकर गाना गाया। उन्होंने इसका वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। बाद में वह वायरल हो गया। Tehsildar’s hobby of singing proved costly, Government suspended him

    सरकार का एक्शन

    सरकारी विभाग को सूचना मिलते ही नांदेड़ के जिलाधिकारी को उनके कृत्य की जांच के लिए आदेश दिए गए। नांदेड़ के जिलाधिकारी ने रिपोर्ट दी कि प्रशांत थोरात के कृत्य से सरकार की छवि धूमिल हुई है और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए। इसके आधार पर, संभागीय आयुक्त ने रेनापुर के तहसीलदार प्रशांत थोरात को निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया। Tehsildar’s hobby of singing proved costly, Government suspended him

    पहले भी प्रकाशित हो चुके हैं ऐसे मामले

    ये पहली बार नहीं है कि जब किसी सरकारी अधिकारी के ऊपर अनुशासन को भंग करने की वजह से कार्रवाई की गई है। पहले भी देशभर में इस तरह के मामले सामने आ चुके हैं। पुलिसकर्मियों के रील बनाते हुए कई वीडियो सामने आ चुके हैं, जिसके बाद उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई हुई थी। लेकिन पता नहीं क्यों सरकारी पद पर बैठे अधिकारियों को ये बात समझ नहीं आती कि सरकारी पद की एक मर्यादा होती है और उसे भंग करने पर जनता का उन पर से विश्वास कम होता है। फिलहाल लोगों का कहना है कि इस तरह अनुशासन तोड़ने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी ही चाहिए। Tehsildar’s hobby of singing proved costly, Government suspended him

  • Maharashtra: सरकारी कर्मचारियों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर लगी सख्ती

    Maharashtra: सरकारी कर्मचारियों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर लगी सख्ती

    महाराष्ट्र की सरकार ने सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल को लेकर सख्त कानून पास कर दिया है। इसके तहत नियम का पालन नही किए जाने पर महाराष्ट्र सिविल सेवा (अनुशासन और अपील) नियमों के तहत कार्रवाई के आदेश दिए हैं। Maharashtra: Strictness imposed on the use of social media for government employees

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई:
    देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली महायुति सरकार ने महाराष्ट्र के सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल को लेकर सख्त नियम तय किए हैं। सरकार ने साफ चेतावनी दी है कि इन नियमों का उल्लंघन करने वालों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। Maharashtra: Strictness imposed on the use of social media for government employees

    सोशल मीडिया पोस्ट पर लगी रोक

    महाराष्ट्र की महायुति सरकार में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ एकनाथ शिंदे की शिवसेना और अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) शामिल हैं। सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के जानकारी दायक सोशल मीडिया पोस्ट कभी कभार लोगों में भ्रम या गलत संदेश भी फैला सकता है। इसकी जिम्मेदारी को लेकर सरकार अब सख्त हो गई है। हालांकि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल पर रोक नही लगाया गया है। सिर्फ पोस्ट करते समय ध्यान देने के लिए कहा गया है।

    क्या करें क्या ना करें ?

    सामान्य प्रशासन विभाग ने सोमवार को एक सरकारी आदेश जारी कर यह नियम सार्वजनिक रुप से प्रसारित कर दिया है। इसमें बताया गया है कि सरकारी अधिकारी और कर्मचारी सोशल मीडिया पर क्या पोस्ट कर सकते हैं? और क्या नहीं? आदेश में यह भी कहा गया है कि जो भी इन नियमों का उल्लंघन करेगा, उस पर महाराष्ट्र सिविल सेवा (अनुशासन और अपील) नियम, 1979 के तहत कार्रवाई की जाएगी।

    सोशल मीडिया से होगी समस्या

    आदेश में जानकारी देते हुए, कहा गया है, कि “सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के आसान उपयोग से पलक झपकते ही दुनिया के किसी भी कोने में जानकारी पहुंचाई जा सकती है। इसकी अदभुत क्षमता और एक क्लिक में कई लोगों तक बात पहुंचा देने की सुविधा के साथ कुछ खतरे भी सामने आए हैं—जैसे गोपनीय जानकारी का लीक होना, झूठी या भ्रामक जानकारी फैलना और इसके साथ ही बड़ी दिक्कत वाली बात यह है कि एक बार पोस्ट की गई जानकारी को हटाने के लिए कई नियमों का पालन करना पडता है इसकी सीमाएं तय की गई है। सरकारी विभाग के लिए दिक्कत हो सकती है।”

    आदेश में आगे कहा गया, कि “यह भी देखा गया है कि सोशल मीडिया का इस्तेमाल सरकार की नीतियों, राजनीतिक घटनाओं या कुछ व्यक्तियों की आलोचना के लिए किया जा रहा है, जो सिविल सेवा नियमों का उल्लंघन है।” Maharashtra: Strictness imposed on the use of social media for government employees

    नए नियमों की जानकारी

    सरकार द्वारा जारी नियमों के अनुसार, अधिकारियों और कर्मचारियों से कहा गया है कि वे राज्य सरकार या देश से जुड़ी किसी भी नीति की आलोचना करने से बचें और सोशल मीडिया का उपयोग “सावधानी और जिम्मेदारी” के साथ करें। उन्हें कोई आपत्तिजनक या मानहानि करने वाली सामग्री पोस्ट नहीं करने को कहा गया है।

    खुद का प्रचार

    नियमों में यह भी कहा गया है कि अधिकारी यह ज़रूर बता सकते हैं, कि किसी योजना या प्रोजेक्ट की सफलता के लिए उन्होंने या उनके विभाग ने क्या प्रयास किए हैं, लेकिन इस दौरान उन्हें यह ध्यान रखना होगा कि वे खुद का प्रचार न करें। सरकार की किसी योजना या प्रोजेक्ट से जुड़ी पहले से स्वीकृत जानकारी केवल वही व्यक्ति साझा कर सकता है जिसे इसके लिए अधिकृत किया गया है। इसका मकसद आम जनता की भागीदारी को बढ़ाना है।

    सरकारी महकमों का इस्तेमाल

    नियमों में यह भी कहा गया है कि अधिकारी और कर्मचारी अपने निजी और आधिकारिक इस्तेमाल के लिए अलग-अलग सोशल मीडिया अकाउंट बना सकते हैं। इसके अलावा, जब किसी अधिकारी का ट्रांसफर हो जाए, तो उन्हें अपने आधिकारिक अकाउंट को तुरंत संबंधित विभाग के प्रभारी को सौंप देना होगा। नियमों में यह भी स्पष्ट किया गया है, कि अधिकारी और कर्मचारी अपने व्यक्तिगत सोशल मीडिया अकाउंट पर अपनी आधिकारिक पदनाम, सरकारी प्रतीक (लोगो), यूनिफॉर्म, सरकारी गाड़ी या निवास जैसी संपत्तियों से जुड़ी फोटो, वीडियो या रील न डालें।

    अधिकारियों और कर्मचारियों को विभागीय समन्वय के लिए व्हाट्सऐप और टेलीग्राम जैसे सोशल मैसेजिंग ऐप्स के इस्तेमाल की अनुमति होगी, लेकिन उन्हें बिना अनुमति के कोई भी गोपनीय दस्तावेज़, चाहे वह पूरा हो या आंशिक, अपलोड, फॉरवर्ड या साझा करने से बचने की सलाह दी गई है। सरकार ने यह भी सख्त निर्देश दिए हैं कि जिन ऐप्स या प्लेटफॉर्म्स को सरकार ने बैन किया है, उनका उपयोग बिल्कुल न किया जाए।

    यह आदेश सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों पर लागू होगा — चाहे वे स्थायी हों, अनुबंध पर हों या सरकार के बाहर से नियुक्त किए गए हों। यह नियम उन सभी कर्मचारियों पर भी लागू होंगे जो सरकारी कंपनियों, उपक्रमों, अतिथि सेवाओं या स्थानीय निकायों में काम कर रहे हैं। Maharashtra: Strictness imposed on the use of social media for government employees

  • Mumbai: BMC के सरकारी कर्मचारियों को मिली चेतावनी

    Mumbai: BMC के सरकारी कर्मचारियों को मिली चेतावनी

    सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों की आमदनी तो बढ़ा दी गई। लेकिन अब भी ये लोग गरीबी रेखा का हवाला देकर लाभ कमा रहे हैं। इसके खिलाफ सख्त होते हुए बीएमसी ने एक सर्कुलर जारी कर दिया है। Mumbai: BMC government employees received warning

    मुबई: बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने अपने स्थायी कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए एक कड़ा निर्देश जारी किया है। इसके तहत, जिन भी कर्मचारियों या अधिकारियों के पास केसरी राशन कार्ड हैं, उन्हें अब उसे बदलकर सफेद राशन कार्ड बनवाना होगा। ऐसा नही करने पर उन अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई के भी निर्देश दिए हैं। Mumbai: BMC government employees received warning

    क्यों की जा रही है सख्ती?

    बीएमसी प्रशासन द्वारा जारी सर्कुलर में स्पष्ट किया गया है कि कर्मचारियों को अपने पास मौजूद राशन कार्ड के रंग की जानकारी अपने विभाग प्रमुख के पास जमा करनी होगी। यह निर्देश इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि केसरी राशन कार्ड आर्थिक रूप से कमजोर (EOW) तबके के परिवारों को जारी किया जाता है। इस कार्ड पर लाभार्थियों को गेहं, चावल, चीनी जैसे आवश्यक खाद्यान्न रियायती दरों पर मिलते हैं। इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना और आयुष्मान भारत योजना का लाभ भी इन्हीं कार्ड धारकों को मिलता है। गौरतलब हैं कि पीले कार्ड गरीब परिवारों के लिए होते हैं, जबकि सफेद कार्ड उच्च आय वर्ग के लिए जारी किए जाते हैं। Mumbai: BMC government employees received warning

    सर्कुलर मे क्या कहा?

    सर्कुलर के अनुसार, राष्ट्रय खाद्य सूरक्षा अधिनियम, 2013 के तहत सरकार केवल उन्हीं लोगों को खाद्यान्न उपलब्ध कराती है। जिनकी वार्षिक आय 59.000 रुपये या उससे कम है। महाराष्टू राज्य में सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद, बीएमसी के ग्रुप ‘सी’ और ग्रूप ‘डी’ श्रेणी के कर्मचारियों का न्यूनतम मासिक वेतन क्रमशः 18.000 रुपये और 15.000 रुपये है। इस आय-सीमा को देखते हुए, बीएमसी के ये कर्मचारी केसरी राशन कार्ड के लाभ के पात्र नहीं हैं। Mumbai: BMC government employees received warning

    म्यूनिसिपल मजदूर यूनियन के संयुक्त सचिव प्रदीप नारकर ने बीएमसी द्वारा सर्कुलर जारी होने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि सर्कुलर में साफ लिखा है कि यदि कोई कर्मचारी या अधिकारी केसरी राशन कार्ड नही बदलवाता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। नारकर ने यह भी कहा कि सभी कर्मचारी इस सर्कुलर का पालना करंगे। Mumbai: BMC government employees received warning

  • सरकारी कर्मचारी ने लगाया सरकार को 21 करोड़ का चुना, खरीदी BMW, गर्लफ्रेंड को गिफ्ट किया बंगला

    सरकारी कर्मचारी ने लगाया सरकार को 21 करोड़ का चुना, खरीदी BMW, गर्लफ्रेंड को गिफ्ट किया बंगला

    महाराष्ट्र के एक सरकारी कर्मचारी ने सरकार को 21 करोड़ रूपये से अधिक का चूना लगा दिया है। ये नंदीग्राम के सरकारी विभाग मे कॉन्ट्रैक्ट बेसस पर तैनात कर्मचारी था, जिसकी सैलेरी महज 13 हजार रुपये थी। (Maharashtra government employee defrauded the government of Rs 21 crore, bought BMW, gifted bungalow to girlfriend)

    विशेष संवाददाता
    मुंबई-
    महाराष्ट्र से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक सरकारी संविदा कर्मचारी ने सरकार को 21 करोड़ रुपये से अधिक का चूना लगाया है। उसने अन्य परिचितों के साथ मिलकर धोखाधड़ी को अंजाम दिया। रिपोर्ट में कहा गया है कि दोनों आरोपियों ने इंटरनेट बैंकिंग के जरिए छत्रपति संभाजीनगर के विभागीय खेल परिसर प्रशासन से यह रकम ठगी है। (Maharashtra government employee defrauded the government of Rs 21 crore, bought BMW, gifted bungalow to girlfriend)

    कैसे हुआ खुलासा?

    यह घटना तब सामने आई जब आरोपी के सहकर्मी उसकी आलीशान जीवनशैली देखकर हैरान रह गए, जबकि कॉन्ट्रैक्ट बेसस पर काम करने वाले सरकारी कर्मचारी हर्ष कुमार अनिल क्षीरसागर की सैलरी सिर्फ 13,000 रुपये थी। इसमें लग्जरी कार की सवारी, अपनी गर्लफ्रेंड को 4BHK फ्लैट गिफ्ट करना और हीरे जड़े चश्मे बनवाना शामिल था। (Maharashtra government employee defrauded the government of Rs 21 crore, bought BMW, gifted bungalow to girlfriend)

    खबर के मुताबिक, आरोपी की पहचान हर्ष कुमार क्षीरसागर के रूप में हुई है, जिसने कथित तौर पर अन्य परिचितों के साथ मिलकर सरकार को 21 करोड़ 59 लाख और 38 लाख रुपए का चूना लगाया जबकि उसकी सैलरी 13,000 रुपये थी। (Maharashtra government employee defrauded the government of Rs 21 crore, bought BMW, gifted bungalow to girlfriend)

    इस रकम को चुराने के बाद, उनमें से एक ने अपनी गर्लफ्रेंड के लिए एक BMW कार, एक BMW बाइक और एयरपोर्ट के सामने एक अपार्टमेंट में 4BHK फ्लैट खरीदा और बाकी बचे हुए पैसों से आरोपी हीरा से जड़े हुए चश्मा बनवाने के लिए पहुँचा था। (Maharashtra government employee defrauded the government of Rs 21 crore, bought BMW, gifted bungalow to girlfriend)

    मामले की जांच में पता चला कि इस योजना में शामिल एक अन्य महिला संविदाकर्मी के पति ने 35 लाख रुपये की एसयूवी खरीदी थी। प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि मुख्य आरोपी हर्ष एसयूवी लेकर फरार हो गया। (Maharashtra government employee defrauded the government of Rs 21 crore, bought BMW, gifted bungalow to girlfriend)

    कैसे हुआ घोटाला?

    हर्ष ने स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के नाम पर खोले गए खाते का दुरुपयोग किया। उसने फर्जी दस्तावेज तैयार किए और बैंक को धोखा देकर इंटरनेट बैंकिंग सक्रिय करवाई। इसके बाद, उसने अपने व्यक्तिगत खातों में पैसे ट्रांसफर किए। यह घोटाला जुलाई 2024 से दिसंबर 2024 के बीच हुआ और इसकी जानकारी तब मिली जब विभागीय अधिकारियों ने लेनदेन में अनियमितताओं को देखा। (Maharashtra government employee defrauded the government of Rs 21 crore, bought BMW, gifted bungalow to girlfriend)

    नकली दस्तावेजों का इस्तेमाल ..

    जाँच में पता चला कि आरोपितों ने खेल परिसर के लिए सरकार से मिलने वाली धनराशि को जमा करने के लिए खेल परिसर के नाम से इंडियन बैंक में खाता खोला था। इस खाते में सिर्फ डिप्टी स्पोर्ट्स डायरेक्टर द्वारा चेक पर साइन होने के बाद ही लेनदेन किया जा सकता है, लेकिन आरोपित हर्ष कुमार क्षीरसागर, ने फर्जी दस्तावेज तैयार करके बैंक को दिए और इंटरनेट बैंकिंग के लिए अपना नंबर एक्टिव करने के बाद रकम को अपने खाते में ट्रांसफर कर लिया। इसमें आरोपी हर्ष कुमार अनिल क्षीरसागर ने अन्य दो संविदा कर्मचारियों यशोदा शेट्टी और उनके पति बीके जीवन के साथ मिलकर बैंक को पैसे मुहैया कराने के लिए कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार किए। (Maharashtra government employee defrauded the government of Rs 21 crore, bought BMW, gifted bungalow to girlfriend)

    धोखाधड़ी का ये मामला 6 महीने बाद जाकर खुला। हाल में इस मामले की शिकायत नंदीग्राम कॉलोनी के खेल अधिकारी तेजस दीपक कुलकर्णी द्वारा दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने जाँच शुरू की और हर्ष सहित अन्य आरोपितों को गिरफ्तार करने के लिए अपने एक्शन लेने शुरू कर दिए। बताया जा रहा है कि इस मामले में एक आरोपी अभी भी फरार है। पुलिस ने अभी तक किसी भी तरह की प्रतिक्रिया नही दी है। (Maharashtra government employee defrauded the government of Rs 21 crore, bought BMW, gifted bungalow to girlfriend)