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  • Mumbai Crime: ‘Paper to Currency Conversion’ स्कैम में UP के 2 आरोपी गिरफ्तार, Goregaon के बिजनेसमैन से 7 लाख की ठगी

    Mumbai Crime: ‘Paper to Currency Conversion’ स्कैम में UP के 2 आरोपी गिरफ्तार, Goregaon के बिजनेसमैन से 7 लाख की ठगी

    Mumbai Crime News: Bangur Nagar Police ने UP से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिन्होंने Goregaon West के एक businessman को “paper to currency conversion” स्कैम दिखाकर ₹7 लाख की ठगी की. Police ने Gazipur से पकड़ा, कोर्ट ने 14 मार्च तक पुलिस कस्टडी में भेजा.

    मुंबई: देश में ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां Goregaon West के एक 34 साल के businessman को “paper to currency conversion” स्कैम दिखाकर ₹7 लाख की ठगी कर ली गई। इस मामले में Bangur Nagar Police ने Uttar Pradesh से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी साधारण कागज को केमिकल और पाउडर से नोट में बदलने का झांसा देकर लोगों को ठगते थे।

    Vasai में दिखाई गई फर्जी डेमो से हुआ भरोसा

    पुलिस के अनुसार, यह मामला दिसंबर 2025 में शुरू हुआ था। उस समय आरोपी Vasai में शिकायतकर्ता से मिले थे और fake identities का इस्तेमाल कर रहे थे।

    उन्होंने बिजनेसमैन को एक डेमो दिखाया, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर ₹500 के नोट को “केमिकल और पाउडर” की मदद से दो नोटों में बदलने का दावा किया

    डेमो के बाद आरोपी ने उन्हीं नोटों से बाजार में खरीदारी भी की। जब नोट असली निकले तो बिजनेसमैन को लगा कि यह सचमुच कोई खास तकनीक है, जिससे उनका भरोसा पूरी तरह बन गया।

    Goregaon घर पर आकर किया 7 लाख का खेल

    पुलिस के मुताबिक 12 फरवरी 2026 को दोनों आरोपी Goregaon West स्थित शिकायतकर्ता के घर पहुंचे

    उन्होंने कहा कि वे ₹7 लाख की रकम को दोगुना करके ₹14 लाख बना सकते हैं। इसके लिए उन्होंने साधारण कागज के बंडलों पर कुछ केमिकल और पाउडर लगाया और उन्हें ब्राउन पेपर में पैक कर दिया

    आरोपियों ने दो पैकेट शिकायतकर्ता को सौंप दिए और ₹7 लाख लेकर मौके से फरार हो गए

    पैकेट खोलते ही सामने आया बड़ा फ्रॉड

    कुछ समय बाद जब बिजनेसमैन ने पैकेट खोले तो उसमें सिर्फ साधारण कागज के बंडल थे। तब उन्हें समझ आया कि उनके साथ “currency doubling scam” हो चुका है।

    इसके बाद उन्होंने तुरंत Bangur Nagar Police Station में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू की।

    UP और Bihar कनेक्शन से हुआ खुलासा

    जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि एक आरोपी Prakash Kumar Gupta (25) है, जो Buxar, Bihar का रहने वाला है और मजदूरी करता था।

    दूसरा आरोपी Rajsingh Prasad (47) है, जो Uttar Pradesh का रहने वाला है और बेरोजगार बताया गया है।

    पुलिस को जानकारी मिली कि दोनों आरोपी Gazipur (UP) में छिपे हुए हैं।

    Gazipur से गिरफ्तार, Mumbai लाकर कोर्ट में पेश

    Bangur Nagar Police ने UP Police की मदद से Gazipur में छापा मारकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

    इसके बाद उन्हें Mumbai लाया गया और स्थानीय अदालत में पेश किया गया।

    कोर्ट ने दोनों आरोपियों को 14 मार्च तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि इस तरह की ठगी में और लोग शामिल तो नहीं हैं और क्या आरोपियों ने पहले भी किसी को इसी तरीके से ठगा है।


    FAQ (Frequently Asked Questions)

    Q1. “Paper to Currency Conversion” स्कैम क्या होता है?
    यह एक फ्रॉड तकनीक है जिसमें ठग केमिकल या पाउडर का इस्तेमाल कर कागज को नोट में बदलने का झांसा देते हैं और लोगों से पैसे ऐंठ लेते हैं।

    Q2. इस केस में कितने पैसे की ठगी हुई?
    Goregaon के businessman से ₹7 लाख की ठगी की गई।

    Q3. आरोपियों को कहां से गिरफ्तार किया गया?
    पुलिस ने उन्हें Gazipur, Uttar Pradesh से गिरफ्तार किया।

    Q4. केस की जांच कौन कर रहा है?
    इस मामले की जांच Bangur Nagar Police, Mumbai कर रही है।

    Q5. आरोपियों को कब तक पुलिस कस्टडी में रखा गया है?
    स्थानीय कोर्ट ने उन्हें 14 मार्च तक पुलिस कस्टडी में भेजा है।

  • दहिसर का रिटायर्ड पुलिस अधिकारी पासपोर्ट फर्जीवाड़े में गिरफ्तार

    दहिसर का रिटायर्ड पुलिस अधिकारी पासपोर्ट फर्जीवाड़े में गिरफ्तार

    मुंबई के दहिसर पुलिस स्टेशन में दर्ज पासपोर्ट फर्जीवाड़े के मामले में एक रिटायर्ड पुलिस अधिकारी को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि उन्होंने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट की मंजूरी दी।

    मुंबई: दहिसर पुलिस ने एक रिटायर्ड पुलिस अधिकारी संजय जगताप को पासपोर्ट से जुड़ी धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार किया है। दहिसर पुलिस स्टेशन में दर्ज मामले मे गिरफ्तार आरोपी पर यह आरोप है कि उन्होंने एक व्यक्ति से पासपोर्ट प्रक्रिया में मदद का झांसा देकर धोखाधड़ी की।

    शिकायत के अनुसार, आरोपी ने बिना उचित दस्तावेजों की जांच किए पासपोर्ट आवेदन को स्वीकृत कर दिया। बाद में जब जांच हुई तो जमा किए गए दस्तावेज फर्जी पाए गए, जिसके बाद पीड़ित ने पुलिस से शिकायत दर्ज कराई।

    📜 एफआईआर में गंभीर धाराएं

    जांच के बाद 26 मार्च 2025 को आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।
    यह मामला भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी), 465, 467, 468, 471, 120(B) के तहत दर्ज हुआ है।
    इसके अलावा, पासपोर्ट अधिनियम, 1967 की धारा 12 भी इसमें जोड़ी गई है।

    👮‍♂️ रिटायर्ड पुलिसकर्मी का नाम आया सामने

    जांच के दौरान यह सामने आया कि आरोपी हेड कॉन्स्टेबल संजय जगताप थे, जो उस समय दहिसर पुलिस स्टेशन में तैनात थे।
    बाद में उनकी मालाड पुलिस स्टेशन में बदली हो गई।
    महत्वपूर्ण बात यह है कि जगताप 31 अक्टूबर 2025 को सेवानिवृत्त हुए, और सेवानिवृत्ति के कुछ ही दिनों बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

    ⚖️ जमानत याचिका खारिज, पुलिस हिरासत में भेजा गया

    आरोपी ने गिरफ्तारी से पहले हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) के लिए आवेदन दिया था, लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया।
    इसके बाद 4 नवंबर 2025 को पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया और अदालत में पेश किया।
    कोर्ट ने आरोपी को पुलिस हिरासत में भेज दिया है।

    📍 पुलिस कर रही है आगे की जांच

    मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) और पासपोर्ट प्राधिकरण मिलकर यह जांच कर रहे हैं कि क्या इस घोटाले में अन्य लोग भी शामिल हैं।
    साथ ही, पासपोर्ट जारी करने में इस्तेमाल किए गए फर्जी दस्तावेजों की तकनीकी जांच भी की जा रही है।


    FAQ सेक्शन

    Q1. यह मामला कब दर्ज किया गया था?
    👉 यह मामला 26 मार्च 2025 को दहिसर पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया।
    Q2. आरोपी कौन है?
    👉 सेवानिवृत्त पुलिस हेड कॉन्स्टेबल संजय जगताप, जो पहले दहिसर थाने में तैनात थे।
    Q3. किस आधार पर गिरफ्तारी हुई?
    👉 आरोपी ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट आवेदन मंजूर किया था।
    Q4. कोर्ट ने क्या आदेश दिया?
    👉 कोर्ट ने आरोपी को 6 नवंबर तक पुलिस हिरासत में भेजा है।
    Q5. क्या आरोपी को जमानत मिली?
    👉 नहीं, उनकी अग्रिम जमानत याचिका हाई कोर्ट ने खारिज कर दी थी।

  • 500 रुपए में शारीरिक संबंध का लालच, लेकिन खो दिए 35 हजार! मुंबई में युवक के साथ ठगी की बड़ी वारदात

    500 रुपए में शारीरिक संबंध का लालच, लेकिन खो दिए 35 हजार! मुंबई में युवक के साथ ठगी की बड़ी वारदात

    मुंबई के गिरगांव इलाके में सेक्स के नाम पर युवक से 35,000 रुपये की ठगी। महिला के जाल में फंसकर होटल के कमरे में पहुंचा युवक, वहां धमकाकर लूट लिए पैसे। पुलिस ने तीन महिलाओं को किया गिरफ्तार।

    मुंबई: आजकल धोखाधड़ी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। कभी ऑनलाइन फ्रॉड, तो कभी निवेश और नौकरी का झांसा देकर लोगों से लाखों रुपये लूटे जा रहे हैं। इस बार मामला शारीरिक संबंध का लालच देकर ठगी करने का है। गिरगांव इलाके में एक युवक से 500 रुपये में सेक्स का सौदा करने का लालच देकर 35,000 रुपये ठग लिए गए।

    गिरगांव में युवक को फंसाकर की गई ठगी

    पीड़ित युवक सीएसएमटी स्टेशन पर था, तभी एक अनजान महिला ने उससे बातचीत शुरू की और 500 रुपये में शारीरिक संबंध का सौदा तय कर दिया। इसके बाद युवक को टैक्सी से गिरगांव के पाथे बापूराव मार्ग पर भारत भवन होटल के पास एक इमारत में ले जाया गया।

    कमरे में घुसते ही बना लिया बंधक

    जैसे ही युवक कमरे में पहुंचा, वहां तीन और महिलाएं आ गईं। चारों ने मिलकर युवक को धमकाया और बदनाम करने की धमकी दी। डर के मारे युवक ने चुपचाप अपने मोबाइल से 22,000 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए, साथ ही 13,000 रुपये नकद भी छीन लिए गए।

    पुलिस की त्वरित कार्रवाई

    घटना के बाद युवक ने हिम्मत दिखाते हुए वी.पी. रोड पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने तीन महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों के नाम –

    • मजीदा नूर सरदार गाजी
    • रूपा विश्वनाथ दास
    • नसिम्मा ज़मान शेख

    इन तीनों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें दो दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है। चौथी आरोपी की तलाश अभी जारी है।

    सिर्फ सेक्स ही नहीं, निवेश के नाम पर भी ठगी

    इसी बीच पिंपरी-चिंचवड़ से भी एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां शेयर बाजार में ज्यादा मुनाफे का लालच देकर एक व्यक्ति से 63.93 लाख रुपये की ठगी की गई। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है –

    • प्रथमेश शिवाजी भुसे (23, पुणे)
    • सचिन राधाकिसन मोरे (34, दिघी निवासी)

    जांच में सामने आया कि उनके खातों से 1.15 करोड़ रुपये का लेन-देन हुआ है और अलग-अलग राज्यों से 10 शिकायतें दर्ज की गई हैं।

    धोखाधड़ी से बचने के लिए सावधानी जरूरी

    मुंबई और महाराष्ट्र में बढ़ते इन मामलों से साफ है कि लोग जल्दी पैसे और शारीरिक लालच में फंसकर ठगी का शिकार बन रहे हैं। पुलिस लगातार अपील कर रही है कि अनजान लोगों पर भरोसा न करें और किसी भी संदिग्ध ऑफर की तुरंत जानकारी पुलिस को दें।


    ❓ FAQ

    Q1. मुंबई में युवक से कितने रुपये की ठगी हुई?
    👉 कुल 35,000 रुपये – 22,000 रुपये ऑनलाइन और 13,000 रुपये नकद।

    Q2. पुलिस ने कितने आरोपियों को पकड़ा है?
    👉 तीन महिलाएं गिरफ्तार हुई हैं, जबकि चौथी की तलाश जारी है।

    Q3. क्या शेयर बाजार के नाम पर भी ठगी हुई है?
    👉 हां, पिंपरी-चिंचवड़ में 63.93 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है।

    Q4. ऐसे मामलों से बचने के लिए क्या करें?
    👉 अनजान लोगों पर भरोसा न करें, लालच में न पड़ें और संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत पुलिस को सूचना दें।

  • मुंबई में फर्जी पुलिस बनकर लोगों से ठगी करने वाले दो शातिर गिरफ्तार | नकली पुलिस आईडी और सोने की चेन बरामद

    मुंबई में फर्जी पुलिस बनकर लोगों से ठगी करने वाले दो शातिर गिरफ्तार | नकली पुलिस आईडी और सोने की चेन बरामद

    मुंबई पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो पुलिस बनकर लोगों से पैसे और गहने ठगते थे। आरोपियों के पास से नकली दिल्ली पुलिस का आईडी कार्ड और 2 लाख की सोने की चेन बरामद हुई। जानें पूरी डिटेल।

    मुंबई: कांदीवली पश्चिम के चारकोप इलाके में पुलिस ने ऐसे दो लोगों को पकड़ा है, जो खुद को पुलिसवाला बताकर लोगों से पैसे और गहने ऐंठते थे। दोनों आरोपियों की पहचान जाहिद जावेद अली जाफरी (42) और काबुल नौशाद अली (58) के तौर पर हुई है।

    पुलिस का जाल और गिरफ्तारी

    चारकोप पुलिस स्टेशन को खबर मिली थी कि इलाके में दो लोग पुलिस की वर्दी और नकली आईडी दिखाकर लोगों को बेवकूफ बना रहे हैं। इस सूचना पर पुलिस ने जाल बिछाया और दोनों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।

    पकड़े गए आरोपियों के पास से पुलिस ने नकली दिल्ली पुलिस का आईडी कार्ड और करीब ₹2 लाख की सोने की चेन बरामद की है।

    कैसे करते थे ठगी?

    पुलिस जांच में सामने आया कि ये आरोपी पहले खुद को पुलिस बताते और लोगों को डराते थे। फिर झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर उनसे पैसे और गहने वसूलते थे।

    मुंबई और गुजरात में भी सक्रिय

    पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि उन्होंने मुंबई के कई इलाकों जैसे महिम, दादर, दहिसर, धारावी, सांताक्रुज़, अंधेरी, विले पार्ले, गोरेगांव और नेहरू नगर में इस तरह की ठगी की है। यही नहीं, वे गुजरात के सूरत और बर्दोली में भी सक्रिय थे।

    पहले से दर्ज हैं 25 मामले

    पुलिस के मुताबिक, इन दोनों आरोपियों पर पहले से ही 25 ठगी और चोरी के केस दर्ज हैं। ये एक संगठित गैंग का हिस्सा हैं, जो महाराष्ट्र और गुजरात में इसी तरह की वारदातों को अंजाम देता था।

    पुलिस की अपील

    मुंबई पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति के झांसे में न आएं और अगर कोई पुलिस बनकर पैसे मांगता है तो तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराएं।

  • बांद्रा टर्मिनस पर नकली पुलिसकर्मी ने व्यापारी से 10.30 लाख लूटे

    बांद्रा टर्मिनस पर नकली पुलिसकर्मी ने व्यापारी से 10.30 लाख लूटे

    मुंबई के बांद्रा टर्मिनस पर नकली पुलिसकर्मी बनकर दो युवकों ने व्यापारी से ₹10.30 लाख ठग लिए। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। Fake policeman robs businessman of Rs 10.30 lakh at Bandra Terminus

    मुंबई: बांद्रा टर्मिनस रेलवे स्टेशन पर सोमवार को एक चौंकाने वाली घटना सामने आई। मलाड निवासी व्यापारी विकास गुप्ता को दो व्यक्तियों ने नकली रेलवे पुलिसकर्मी बनकर ₹10.30 लाख से ठग लिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों की पहचान नीलेश कालसुलकर (45) और प्रवीण शुक्ला (32) के रूप में की है और उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। Fake policeman robs businessman of Rs 10.30 lakh at Bandra Terminus

    व्यापारी के साथ धोखाधड़ी कैसे हुई?

    विकास गुप्ता, जो कपड़ों का व्यापारी है, सोमवार को गुजरात व्यापारिक यात्रा पर जा रहे थे। बांद्रा टर्मिनस पर ट्रेन का इंतजार करते समय दो व्यक्ति उनके पास आए और खुद को रेलवे पुलिसकर्मी बताया।

    • उन्होंने व्यापारी से गंतव्य पूछकर उसका बैग चेक करने की मांग की।
    • बैग में कैश देखकर उन्होंने गुप्ता से पैसों का सबूत मांगा।
    • गुप्ता तत्काल कोई दस्तावेज़ नहीं दिखा सके और घबरा गए।
    • इसी मौके का फायदा उठाकर दोनों नकली पुलिसकर्मियों ने ₹10.30 लाख जब्त कर लिए और चेतावनी दी कि अब यह पैसा वापस नहीं मिलेगा।

    घटना के तुरंत बाद गुप्ता को धोखाधड़ी का एहसास हुआ और उन्होंने बांद्रा रेलवे पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। Fake policeman robs businessman of Rs 10.30 lakh at Bandra Terminus

    पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी

    रेलवे पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
    एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया –
    “हमने आरोपियों को नकली पुलिसकर्मी बनकर धोखाधड़ी करने और ठगी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। इस अपराध में क्या असली रेलवे पुलिसकर्मी भी शामिल हैं, यह जांच के बाद स्पष्ट होगा।”

    CCTV फुटेज से नए राज़

    सूत्रों ने संकेत दिया है कि इस मामले में कुछ वरिष्ठ रेलवे पुलिस अधिकारियों की भी भूमिका हो सकती है।

    • बांद्रा टर्मिनस और खार रोड रेलवे स्टेशन की CCTV फुटेज में एक महिला पुलिसकर्मी और अन्य स्टाफ बैग लेकर जाते दिखे।
    • यह फुटेज अब जांच का हिस्सा बन गया है।
    • जांच टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं इस गैंग में अंदरूनी पुलिसकर्मी शामिल तो नहीं।

    यात्रियों के लिए चेतावनी

    पिछले कुछ दिनों में वसई और मुंबई सेंट्रल में भी ऐसे ही मामले सामने आए हैं, जहां यात्रियों से नकली पुलिसकर्मी बनकर ठगी की गई।
    रेलवे पुलिस ने यात्रियों को आगाह किया है कि

    • किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को पैसे या बैग न दिखाएं।
    • असली पुलिसकर्मी हमेशा अपनी आईडी कार्ड और यूनिफॉर्म में रहते हैं।
    • किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत रेलवे हेल्पलाइन या स्टेशन पुलिस को जानकारी दें।

    बढ़ता खतरा और जांच

    यह घटना रेलवे यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाती है।

    • नकली पुलिसकर्मी आसानी से यात्रियों को शिकार बना रहे हैं।
    • यात्रियों का भरोसा तोड़कर वे लाखों रुपये हड़प रहे हैं।
    • इस मामले में अब यह जांचना बाकी है कि क्या यह संगठित गिरोह है और क्या इसमें रेलवे पुलिस का कोई अंदरूनी हाथ है।

    बांद्रा टर्मिनस की यह घटना यात्रियों के लिए एक चेतावनी है कि यात्रा के दौरान सतर्क रहें और नकली पुलिसकर्मियों से सावधान रहें। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन जांच अभी जारी है। आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़े और राज़ खुल सकते हैं। Fake policeman robs businessman of Rs 10.30 lakh at Bandra Terminus

  • शिल्पा शेट्टी का बांद्रा रेस्टोरेंट बंद, 60 करोड़ का विवाद

    शिल्पा शेट्टी का बांद्रा रेस्टोरेंट बंद, 60 करोड़ का विवाद

    शिल्पा शेट्टी और राज कुंद्रा पर 60 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप। इस बीच बांद्रा का मशहूर रेस्टोरेंट बास्टियन बंद होने जा रहा है। Shilpa Shetty’s Bandra restaurant closed, dispute of Rs 60 crores

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई: बॉलीवुड एक्ट्रेस शिल्पा शेट्टी और उनके पति राज कुंद्रा इन दिनों 60 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में कानूनी विवादों का सामना कर रहे हैं। इसी बीच शिल्पा शेट्टी ने अपने सोशल मीडिया पर घोषणा की है कि उनका मशहूर बांद्रा स्थित रेस्टोरेंट बास्टियन (Bastian Bandra) अब बंद हो रहा है। Shilpa Shetty’s Bandra restaurant closed, dispute of Rs 60 crores

    बास्टियन बांद्रा का अंतिम दिन

    शिल्पा शेट्टी ने लिखा –
    “यह गुरुवार एक युग का अंत है, क्योंकि हम मुंबई के सबसे आइकॉनिक डेस्टिनेशन BASTIAN BANDRA को अलविदा कह रहे हैं। यह जगह हमें अनगिनत यादें और शहर की नाइटलाइफ का जादुई अनुभव दे गई।”

    Shilpa-Shetty-Bandra-restaurant-closed

    उन्होंने आगे कहा कि इस आखिरी शाम को खास बनाने के लिए एक स्पेशल इवेंट आयोजित किया जाएगा, जहां पुराने ग्राहकों के साथ इस सफर को याद किया जाएगा। Shilpa Shetty’s Bandra restaurant closed, dispute of Rs 60 crores

    बास्टियन का इतिहास

    • शिल्पा शेट्टी और रंजीत बिंद्रा ने मिलकर 2016 में इस रेस्टोरेंट की शुरुआत की थी।
    • 2023 में इसे रीलोकेट कर बांद्रा में फिर से खोला गया।
    • यहां के इंटरनेशनल फूड मेन्यू और आर्टिस्टिक डेकोर ने इसे मुंबई की नाइटलाइफ का पसंदीदा हॉटस्पॉट बना दिया।
    • कई बॉलीवुड सितारे और बिजनेस टायकून यहां पार्टी करते नज़र आते थे।

    60 करोड़ की धोखाधड़ी का केस

    शिल्पा और राज कुंद्रा पर आरोप है कि उन्होंने मुंबई के बिजनेसमैन दीपक कोठारी से 2015 से 2023 के बीच लगभग 60 करोड़ रुपये का निवेश लिया और उसका गलत इस्तेमाल किया। Shilpa Shetty’s Bandra restaurant closed, dispute of Rs 60 crores

    • यह पैसा उनकी कंपनी बेस्ट डील टीवी प्राइवेट लिमिटेड के जरिए बिजनेस ग्रोथ के लिए दिया गया था।
    • शिकायतकर्ता का आरोप है कि यह रकम बिजनेस में लगाने के बजाय पर्सनल खर्चों में इस्तेमाल हुई।
    • आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है।

    राज कुंद्रा और शिल्पा शेट्टी का बचाव

    दोनों की ओर से एडवोकेट प्रशांत पाटिल ने बयान जारी किया और कहा:
    “ये आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं। यह मामला सिविल नेचर का है और इस पर पहले ही NCLT मुंबई ने 4 अक्टूबर 2024 को फैसला सुना दिया था।” Shilpa Shetty’s Bandra restaurant closed, dispute of Rs 60 crores

    उन्होंने यह भी जोड़ा कि मीडिया में फैलाई जा रही खबरें तथ्यों से परे हैं और इस मामले में कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाएगा।

    बास्टियन की विरासत

    हालांकि बास्टियन बांद्रा अब बंद हो रहा है, लेकिन शिल्पा ने बताया कि इसका Arcane Affair Thursday Night Ritual आगे भी जारी रहेगा। अब यह Bastian At The Top नामक नए स्पेस में आयोजित होगा, जिससे बास्टियन की विरासत एक नए अध्याय में आगे बढ़ेगी। Shilpa Shetty’s Bandra restaurant closed, dispute of Rs 60 crores

    असर और चर्चा

    रेस्टोरेंट बंद होने की खबर के बाद सोशल मीडिया पर फैंस और ग्राहकों ने अपनी भावनाएं साझा कीं। कई लोगों ने लिखा कि मुंबई की नाइटलाइफ का एक बड़ा हिस्सा अब खत्म हो गया है। वहीं, धोखाधड़ी केस ने शिल्पा और राज की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। Shilpa Shetty’s Bandra restaurant closed, dispute of Rs 60 crores

    शिल्पा शेट्टी और राज कुंद्रा के लिए यह दौर काफी कठिन साबित हो रहा है। जहां एक ओर कानूनी केस उनकी प्रतिष्ठा पर असर डाल रहा है, वहीं दूसरी ओर उनका प्रिय रेस्टोरेंट बास्टियन भी बंद हो गया है। अब देखना होगा कि आने वाले समय में यह मामला किस दिशा में जाता है। Shilpa Shetty’s Bandra restaurant closed, dispute of Rs 60 crores

  • Mumbai मेडिकल कैंप घोटाला लाखों की ठगी

    Mumbai मेडिकल कैंप घोटाला लाखों की ठगी

    कोविड वैक्सीनेशन को लेकर मेडिकल कैंप घोटाले का अंबोली पुलिस ने खुलासा किया है। मुफ्त चिकित्सा के नाम पर 34.97 लाख रुपये की ठगी.. (Mumbai medical camp scam fraud worth lakhs)

    न्यूज़ डेस्क
    मुंबई- जोगेश्वरी पश्चिम के अंबोली पुलिस ने 52 वर्षीय डॉ. सुमन बंदोपाध्याय के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया है। आरोप है कि डॉ. सुमन बंदोपाध्याय ने अंधेरी निवासी डॉ. दीपक चतुर्वेदी से मुफ्त चिकित्सा शिविर लगाने के नाम पर 34.97 लाख रुपये ठग लिए हैं। बंदोपाध्याय ने साईं संस्थान शिर्डी और बाबा हॉस्पिटल ट्रस्ट का ट्रस्टी होने का झूठा दावा करते हुए डॉ. चतुर्वेदी को कोविड-19 के दौरान मुफ्त चिकित्सा शिविर लगाने के लिए राजी किया था। (Mumbai medical camp scam fraud worth lakhs)

    पुलिस ने क्या कहा?

    अंबोली पुलिस थाने के प्रभारी पुलिस निरीक्षक मुकुंद यादव ने जानकारी देते हुए बताया, कि अंधेरी में क्लिनिक चलाने वाले डॉ. चतुर्वेदी की पहली मुलाकात 2020 की शुरुआत में बंदोपाध्याय से हुई थी। जब वे एक मरीज के रूप में क्लिनिक आए थे। बंदोपाध्याय ने खुद को सांताक्रूज का बाल रोग विशेषज्ञ बताते हुए कहा कि जुहू में उनका क्लिनिक भी है। इसके बाद धीरे-धीरे चतुर्वेदी से दोस्ती हो गई। (Mumbai medical camp scam fraud worth lakhs)

    दान के नाम पर धोखाधड़ी

    महामारी के दौरान बंदोपाध्याय ने ट्रस्टी होने का दावा किया और मुफ्त चिकित्सा शिविरों के लिए दान मांगा, जो चतुर्वेदी ने दिया। उन्होंने 5 लाख रुपये दिए लेकिन कोई सबूत नहीं रखा। बाद में बंदोपाध्याय ने चतुर्वेदी से जनता और पुलिस अधिकारियों के लिए मुफ्त शिविर आयोजित करने का आग्रह किया। इस विश्वास के साथ कि उन्हें पैसे वापस मिल जाएँगे, चतुर्वेदी ने करीब 45 पुलिस स्टेशनों पर मेडिकल कैंप आयोजित किए, जिन पर 34.97 लाख रुपए खर्च हुए। जुहू पुलिस स्टेशन में रहते हुए एक वरिष्ठ अधिकारी ने उन्हें बंदोपाध्याय के खिलाफ पिछले धोखाधड़ी के मामलों के बारे में चेतावनी दी। इसके बाद मामला अजागर हुआ कि बंदोपाध्याय फर्जी जानकारी देकर धोखाधड़ी कर रहा है। फिलहाल अंबोली पुलिस मामले की तहकीकात कर रही है। (Mumbai medical camp scam fraud worth lakhs)

  • Mumbai Dating App: करोड़ों का फर्जीवाड़ा

    Mumbai Dating App: करोड़ों का फर्जीवाड़ा

    मुंबई में डेटिंग ऐप घोटाले के मास्टरमाइंड अंकुर मीना उर्फ “मीना डिफॉल्टर” ने बड़ा खुलासा किया है। मीना क्लबों के साथ मिलकर हर दिन लाखों रुपये का फर्जीवाड़ा करता था। (Mumbai Dating App Fraud worth crores)

    न्यूज़ डेस्क
    मुंबई-
    डेटिंग ऐप घोटाले के मुख्य आरोपी अंकुर मीना उर्फ “मीना डिफॉल्टर” ने पुलिस की पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। मालाड़ पश्चिम के बांगुर नगर पुलिस द्वारा गिरफ्तार मीना ने स्वीकार किया कि वह एक दिन में क्लबों के माध्यम से 20 लाख रुपये तक का कारोबार करता था। मीना बताया कि डेटिंग ऐप्स पर काम करने वाली लड़कियों को वह व्यक्तिगत रूप से प्रशिक्षण देता था। हर 10-15 दिनों में नए लड़कियों का एक समूह मुंबई लाया जाता था, जिनमें से कई लड़कियां इसके पहले दिल्ली और अन्य राज्यों में काम कर चुकी होती थीं। मीना इन लड़कियों को ग्राहकों से बातचीत करते हुए, उन्हें बड़े खर्च के लिए प्रेरित करने की कला सिखाता था। (Mumbai Dating App Fraud worth crores)

    टीम के सदस्यों ने की धोखाधड़ी

    गिरफ्तार आरोपी मीना के अनुसार, क्लब के मालिक धोखाधड़ी की गतिविधियों से पूरी तरह अवगत थे और मुनाफा बढ़ाने के उद्देश्य से डेटिंग एप घोटाले में शामिल रहते थे। उसने क्लब मालिकों के साथ बातचीत करते हुए, व्यावसायिक रणनीतियाँ तैयार की और इस घोटाले को अंजाम दिया। हर दिन का कामकाज उसकी टीम संभालती थी। हालाँकि, मीना ने दावा किया कि उसकी जानकारी के बिना, उसकी टीम के कुछ सदस्य लालच में आकर ग्राहकों से धोखाधड़ी करने लगे। उन्होंने ग्राहकों से अधिक कमीशन कमाने के लिए नकली बिल बनाए और क्लब मालिकों के साथ मिलकर ग्राहकों को ठगा। (Mumbai Dating App Fraud worth crores)

    मुंबई छोड़ने का निर्देश

    मीना ने कहा कि उसने अपनी टीम के सभी सदस्यों को समान रूप से पेमेंट किया जाता था। लेकिन कुछ लोगों ने क्लब मालिकों के साथ साजिश रचकर अपने निजी फायदे के लिए घोटाले को जारी रखा। पुलिस द्वारा रैकेट का भंडाफोड़ होने के बाद, मीना ने अपना ऑपरेशन बंद कर दिया और अपनी टीम के सदस्यों को मुंबई छोड़ने का निर्देश दिया। जबकि अधिकांश ने निर्देश का पालन किया। लेकिन कुछ सदस्य वहीं रहे और धोखाधड़ी जारी रखा। हाल ही में पुलिस ने इन सदस्यों में से छह को गिरफ्तार किया है। (Mumbai Dating App Fraud worth crores)

    गॉडफादर क्लब घोटाला

    मीना को 16 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में रखा गया, जिसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। जोगेश्वरी पश्चिम की अंबोली पुलिस ने गॉडफादर क्लब मामले में उनकी संलिप्तता के कारण उन्हें हिरासत में लिया है। उन्हें बांद्रा की एक अदालत में पेश किया गया जहां से तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। गॉडफादर क्लब मामले में अंबोली पुलिस पूछताछ कर रही है। (Mumbai Dating App Fraud worth crores)