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  • Mumbai Slum Free Mission: अब Satellite से रुकेगी नई झोपड़ियां, Shinde सरकार का बड़ा प्लान

    Mumbai Slum Free Mission: अब Satellite से रुकेगी नई झोपड़ियां, Shinde सरकार का बड़ा प्लान

    Mumbai Slum Redevelopment को तेज करने के लिए Eknath Shinde सरकार ने ‘Netram Technology’ लॉन्च किया। Satellite और GIS से अब नई झोपड़ियों पर लगेगी रोक, जानिए पूरी योजना।

    मुंबई: शहर को झोपड़पट्टी मुक्त बनाने के लिए Eknath Shinde ने बड़ा ऐलान किया है। ‘हिंदूहृदयसम्राट बाळासाहेब ठाकरे नागरी लोककल्याण अभियान’ के तहत अब Slum Redevelopment को तेज किया जाएगा और साथ ही नई झोपड़ियों को बनने से रोकने के लिए हाईटेक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाएगा। इस फैसले से मुंबई में लाखों लोगों को पक्का घर मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।

    🚀 क्या है Slum Free Mumbai Mission?

    इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है:

    • मुंबई को Slum Free City बनाना
    • पुराने झोपड़पट्टियों का तेजी से पुनर्विकास (Redevelopment)
    • लोगों को सुरक्षित और बेहतर घर उपलब्ध कराना

    सरकार का कहना है कि इससे शहर की इंफ्रास्ट्रक्चर और लाइफस्टाइल दोनों बेहतर होंगे।

    🛰️ Netram Technology से रुकेगी नई झोपड़ियां

    इस योजना का सबसे खास हिस्सा है “Netram Technology”

    • Satellite Images का इस्तेमाल होगा
    • GIS Mapping के जरिए जमीन की निगरानी होगी
    • Digital Tracking System से हर बदलाव पर नजर रखी जाएगी

    इस टेक्नोलॉजी से नई झोपड़ियों के निर्माण को तुरंत पकड़कर कार्रवाई की जाएगी।

    📡 BISAG-N Portal से मिलेगी सटीक जानकारी

    सरकार ने BISAG-N के वेब पोर्टल का इस्तेमाल करने का फैसला किया है।

    • यह पोर्टल Satellite Data के जरिए झोपड़पट्टियों की जानकारी देगा
    • संबंधित विभागों को तुरंत अलर्ट भेजा जाएगा
    • Illegal Construction पर जल्दी कार्रवाई हो सकेगी

    🏢 Slum Cluster Redevelopment Scheme क्या है?

    Slum Rehabilitation Authority (SRA) के तहत Slum Cluster Redevelopment Scheme लागू होगी

    • 50 एकड़ से ज्यादा जमीन वाले प्रोजेक्ट शामिल होंगे
    • 51% से ज्यादा स्लम एरिया होना जरूरी
    • सरकारी, प्राइवेट और सेमी-गवर्नमेंट जमीन शामिल होगी

    इससे बड़े पैमाने पर झोपड़पट्टियों का विकास किया जाएगा।

    🧾 Biometric Survey और MoU Process

    इस योजना में:

    • झोपड़पट्टी का Biometric Survey होगा
    • जमीन की सही माप (Measurement) की जाएगी
    • Brihanmumbai Municipal Corporation, Mumbai Metropolitan Region Development Authority और म्हाडा के साथ MoU साइन किया जाएगा

    🏠 अब मिलेगा बड़ा घर – 300 Sq Ft Flats

    सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए कहा:

    • पहले 180, 225, 269 sq ft के घर मिलते थे
    • अब सभी को 300 sq ft Flats दिए जाएंगे

    इससे झोपड़पट्टी में रहने वालों को बेहतर और बड़ा घर मिलेगा।

    🚫 हर 4 महीने में Satellite Surveillance

    नई झोपड़ियों को रोकने के लिए:

    • हर 4 महीने में Satellite Images ली जाएंगी
    • साल में 3 बार डेटा एनालिसिस होगा
    • नई झोपड़ी दिखते ही तुरंत कार्रवाई होगी

    सभी विभागों को अपनी जमीन पर नजर रखने और Illegal Slums हटाने के आदेश दिए गए हैं।

    💰 Maintenance Charges में बड़ा बदलाव

    अब Slum Redevelopment Projects में ऊंची इमारतें बनेंगी, इसलिए Maintenance Charges भी बढ़ाए जाएंगे:

    • 70 मीटर तक: ₹1 लाख
    • 70–120 मीटर: ₹2 लाख
    • 120 मीटर से ज्यादा: ₹3 लाख

    इस बदलाव के लिए Development Control Rules 2034 में संशोधन किया जा रहा है।

    🔗 Related Government / Official Website Links:


    FAQ Section

    Q1. Netram Technology क्या है?
    👉 यह Satellite और GIS आधारित सिस्टम है, जिससे नई झोपड़ियों पर नजर रखी जाएगी।

    Q2. Slum Redevelopment में क्या नया है?
    👉 अब 300 sq ft के बड़े फ्लैट दिए जाएंगे।

    Q3. कौन-कौन से एरिया इस योजना में आएंगे?
    👉 50 एकड़ से ज्यादा और 51% स्लम एरिया वाले क्लस्टर।

    Q4. Maintenance Charges कितना होगा?
    👉 ₹1 लाख से ₹3 लाख तक, बिल्डिंग की ऊंचाई के अनुसार।

    Q5. कितनी बार निगरानी होगी?
    👉 हर 4 महीने में Satellite Monitoring की जाएगी।

  • Shiv Sena की चौंकाने वाली चाल: Jyoti Waghmare को Rajya Sabha Ticket

    Shiv Sena की चौंकाने वाली चाल: Jyoti Waghmare को Rajya Sabha Ticket

    Eknath Shinde की Shiv Sena ने Rajya Sabha Election के लिए प्रवक्ता Jyoti Waghmare को नामित किया। Anandarao Adsul, Gajanan Kirtikar, Rahul Shewale जैसे दिग्गजों को पीछे छोड़ते हुए आखिरी दिन हुआ बड़ा ऐलान।

    मुंबई: महाराष्ट्र की सियासत में आज बड़ा Political Twist देखने को मिला। Eknath Shinde के नेतृत्व वाली Shiv Sena ने राज्यसभा चुनाव के लिए पार्टी की मुख्य प्रवक्ता डॉ. ज्योति वाघमारे को उम्मीदवार घोषित कर दिया है।

    नामांकन दाखिल करने के आखिरी दिन यह फैसला सामने आया, जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है।

    🎯 दिग्गजों को पीछे छोड़ Jyoti Waghmare को मौका

    राज्यसभा की रेस में पार्टी के कई बड़े नाम चर्चा में थे, जिनमें शामिल थे:

    • Anandarao Adsul
    • Gajanan Kirtikar
    • Rahul Shewale
    • Shaina NC

    लेकिन Shiv Sena ने चौंकाते हुए comparatively नई और आक्रामक प्रवक्ता ज्योति वाघमारे पर भरोसा जताया।

    इसे शिंदे गुट की Strategic Political Move माना जा रहा है।

    👩‍🎓 Jyoti Waghmare कौन हैं?

    डॉ. ज्योति वाघमारे ने सोलापुर के सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में एक विद्वान और जुझारू नेता के रूप में अपनी पहचान बनाई है।

    वह शिवसेना की मुख्य प्रवक्ता के तौर पर महाराष्ट्र के कोने-कोने में पार्टी का पक्ष मजबूती से रखती रही हैं।

    🎓 Academic Background: PhD और Five Languages

    ज्योति वाघमारे की शैक्षणिक यात्रा भी काफी दमदार रही है।

    • 10वीं में 84% अंक
    • 12वीं में पुणे डिवीजन के पिछड़े वर्ग के छात्रों में प्रथम स्थान
    • English Literature में PhD
    • महिलाओं के मुद्दों पर रिसर्च के लिए State-Level Award

    वह मराठी, हिंदी, अंग्रेजी, तेलुगु और कन्नड़ — कुल पांच भाषाओं में धाराप्रवाह बोलती हैं।

    उनकी Academic Excellence और Ground-Level Politics का कॉम्बिनेशन उन्हें अलग पहचान देता है।

    🎤 Lecturer से Political Spokesperson तक का सफर

    ज्योति वाघमारे को 10 साल से अधिक का Lecturer Experience है।

    उन्होंने अपने करियर की शुरुआत इन आंदोलनों से की:

    • Human Rights Campaign
    • Vidrohi Cultural Movement
    • Ambedkarite Movement

    वह कुछ समय तक News Anchor भी रहीं।

    उन्होंने महाराष्ट्र, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में जाकर B. R. Ambedkar, Shivaji Maharaj और Basavanna के विचारों पर व्याख्यान दिए।

    👨‍👧 पिता से मिली Social Activism की विरासत

    ज्योति वाघमारे के पिता नागनाथ वाघमारे दलित पैंथर आंदोलन के सक्रिय कार्यकर्ता रहे हैं।

    परिवार चलाने के लिए उन्होंने होटल में वेटर और निर्माण मजदूर के रूप में भी काम किया।

    उनके सामाजिक योगदान को देखते हुए सोलापुर की जनता ने उन्हें पार्षद चुना था।

    ज्योति वाघमारे ने अपने पिता की Social Justice Legacy को आगे बढ़ाया और आज राज्यसभा तक का सफर तय किया।

    🔎 Political Impact: क्या है Shinde Sena की Strategy?

    Political Analysts का मानना है कि यह फैसला Shiv Sena (Shinde Faction) की Image Building Strategy का हिस्सा है —

    • Educated Woman Face
    • Strong Spokesperson
    • OBC/Dalit Outreach
    • Youth Appeal

    राज्यसभा में उन्हें भेजकर पार्टी एक नया Social Representation Message देना चाहती है।


    ❓ FAQ Section

    1. Jyoti Waghmare को किस पार्टी ने टिकट दिया?

    Eknath Shinde के नेतृत्व वाली Shiv Sena ने।

    2. नामांकन कब हुआ?

    राज्यसभा चुनाव के नामांकन के अंतिम दिन उनके नाम की पुष्टि की गई।

    3. उनका शैक्षणिक बैकग्राउंड क्या है?

    वह English Literature में PhD हैं और पांच भाषाओं में धाराप्रवाह बोलती हैं।

    4. किन दिग्गज नेताओं को पीछे छोड़कर टिकट मिला?

    Anandarao Adsul, Gajanan Kirtikar, Rahul Shewale और Shaina NC जैसे नेताओं के नाम चर्चा में थे।

  • मुंबई को मिलेगी ‘पगड़ी सिस्टम’ से आज़ादी? राज्य सरकार ने बनाया नया रेग्युलेटरी फ्रेमवर्क

    मुंबई को मिलेगी ‘पगड़ी सिस्टम’ से आज़ादी? राज्य सरकार ने बनाया नया रेग्युलेटरी फ्रेमवर्क

    महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई को पुराने ‘पगड़ी सिस्टम’ से मुक्त करने के लिए नया रेग्युलेटरी फ्रेमवर्क बनाने का बड़ा फैसला किया। इससे 19,000 से ज्यादा पुरानी इमारतों के पुनर्विकास का रास्ता साफ होगा।

    मुंबई: महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई को दशकों पुराने ‘पगड़ी सिस्टम’ से बाहर निकालने की बड़ी पहल की है। डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने विधानसभा में घोषणा की कि शहर के पुराने पगड़ी मॉडल पर चलने वाले मकानों के लिए एक अलग रेग्युलेटरी फ्रेमवर्क तैयार किया जाएगा, जिससे किरायेदारों और मकान मालिकों — दोनों के हक सुरक्षित रहेंगे और 19,000 से ज्यादा जर्जर इमारतों का पुनर्विकास तेज होगा। यह निर्णय मुंबई की रियल एस्टेट मार्केट को मजबूत करने और सालों से लंबित हजारों विवादों को खत्म करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

    क्या है पगड़ी सिस्टम और क्यों जरूरी पड़ा बदलाव?

    मुंबई में दशकों से चल रहा पगड़ी सिस्टम एक ऐसा मॉडल है जिसमें किरायेदार मकान में रहने के लिए एकमुश्त रकम देकर आंशिक मालिकाना हक जैसा अधिकार पा लेता है।

    • किराया बेहद कम
    • सबलेट करने की अनुमति
    • मकान मालिक को वास्तविक मूल्य का लाभ नहीं

    इस सिस्टम के कारण मकान मालिकों और किरायेदारों के बीच अक्सर विवाद खड़े होते रहे हैं। कई केस तो दशकों से अदालत में लंबित हैं।

    मुंबई में 19,000 से ज्यादा इमारतें पगड़ी सिस्टम में

    डिप्टी सीएम शिंदे ने बताया कि मुंबई में करीब 19,000 पुरानी, प्री-1960 सीज्ड इमारतें पगड़ी सिस्टम पर चल रही हैं।
    इनमें से—

    • कई इमारतें पहले ही जर्जर हो चुकी हैं
    • कुछ ढह चुकी हैं
    • और 13,000 से ज्यादा अभी भी पुनर्विकास का इंतज़ार कर रही हैं

    यह सारी इमारतें महाराष्ट्र रेंट कंट्रोल एक्ट के दायरे में आती हैं, जिससे किरायेदार सुरक्षित रहते हैं, लेकिन मकान मालिक अपने अधिकारों की उचित भरपाई न मिलने की शिकायत करते हैं।

    Deputy chief minister eknath shinde

    क्यों आया रेग्युलेटरी फ्रेमवर्क का विचार?

    शिंदे ने विधानसभा में बताया—

    • 28,000 से ज्यादा किरायेदार–मकान मालिक विवाद अदालतों में अटके हैं
    • पुराने कानून जमीन पर असरदार साबित नहीं हो रहे
    • पुनर्विकास बाधित होने से इमारतें खतरे में हैं

    सरकार अब हाईकोर्ट की मंजूरी से फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाएगी, ताकि सभी मामले तीन साल के भीतर निपट जाएं।

    कमजोर वर्ग के लिए मुफ्त पुनर्निर्माण की सुविधा

    FSI (Floor Space Index) बढ़ाना काफी नहीं है—यह बात भी शिंदे ने साफ कही।
    EWS और LIG वर्ग के पगड़ी धारकों के लिए—

    • मुफ्त पुनर्निर्माण
    • टेनेंट हिस्से के बराबर FSI
    • लैंड ओनर को मूल FSI
    • इंसेंटिव FSI

    अगर जमीन की ऊंचाई सीमा या अन्य रुकावटों के कारण FSI का पूरा उपयोग नहीं हो पाया, तो बचा हुआ FSI TDR (Transfer of Development Rights) के रूप में दिया जाएगा।

    पुरानी इमारतों के लिए खुला रास्ता

    सरकार का कहना है कि यह नया फ्रेमवर्क—

    • जर्जर इमारतों के गिरने के खतरे को रोकेगा
    • जीवन और संपत्ति दोनों की सुरक्षा करेगा
    • लंबे समय से अटकी पुनर्विकास परियोजनाओं में नई जान डालेगा

    साथ ही मौजूदा पुनर्विकास विकल्प 33(7) और 33(9) भी उपलब्ध रहेंगे।

    मकान मालिक और किरायेदार—दोनों के लिए फायदे

    सरकार के अनुसार—

    • किरायेदारों का पुनर्विकास और घर की सुरक्षा
    • मकान मालिकों को उचित हिस्सा और कानूनी राहत
    • लंबे विवादों का निपटारा
    • शहर में रियल एस्टेट मार्केट को बल

    यह सिस्टम दोनों पक्षों के लिए न्यायसंगत समाधान प्रदान करेगा।


    FAQ सेक्शन

    1. पगड़ी सिस्टम क्या होता है?

    एक पुराना किरायेदारी मॉडल जिसमें किरायेदार एकमुश्त रकम देकर कम किराए पर आंशिक मालिकाना अधिकार जैसा लाभ पाता है।

    2. मुंबई में कितनी पगड़ी इमारतें हैं?

    करीब 19,000 से ज्यादा इमारतें पगड़ी सिस्टम में आती हैं।

    3. नया फ्रेमवर्क कब लागू होगा?

    सरकार ने प्रक्रिया शुरू कर दी है, विस्तृत नियम जल्द सामने आएंगे।

    4. क्या किरायेदारों के अधिकार सुरक्षित रहेंगे?

    हाँ, सरकार ने साफ कहा है कि किरायेदार और मकान मालिक दोनों के हित सुरक्षित रखे जाएंगे।

    5. क्या सभी केस जल्द निपटेंगे?

    फास्ट-ट्रैक कोर्ट के जरिए सभी 28,000 केस अगले तीन साल में निपटाने की योजना है।

  • अवैध निर्माण पर ईडी का शिकंजा, पूर्व आयुक्त समेत नगरसेवक और बिल्डर गिरफ्तार

    अवैध निर्माण पर ईडी का शिकंजा, पूर्व आयुक्त समेत नगरसेवक और बिल्डर गिरफ्तार

    वसई-विरार शहर महानगर पालिका के पूर्व आयुक्त एवं महाराष्ट्र के शिक्षा मंत्री दादा भुसे के रिश्तेदार आईएएस अनिल कुमार पवार के साथ कई बड़े लोगों को ईडी ने गैरकानूनी काला धन को लेकर धन शोधन (Money Laundering) के मामले में गिरफ्तार किया है। ED tightens its grip on illegal construction, corporator and builder arrested including former commissioner

    डिजिटल डेस्क
    महाराष्ट्र/ पालघर:
    महाराष्ट्र के पालघर जिले में वसई-विरार महानगर पालिका (VVMC) अंतर्गत एक बड़े घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। इसमें प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पूर्व आयुक्त आईएएस अनिल पवार, बहुजन विकास आघाडी के पूर्व नगरसेवक एवं बिल्डर सीताराम गुप्ता के साथ बिल्डर अरुण गुप्ता और निलंबित उप नगर नियोजन अधिकारी वाईएस रेड्डी को गिरफ्तार किया है। ED tightens its grip on illegal construction, corporator and builder arrested including former commissioner

    क्या है मामला?

    जांच में सामने आया कि कुछ बिल्डरों ने मुंबई के बाहरी इलाके में स्थित ट्विन सिटी वसई-विरार में 41 अवैध इमारतों का निर्माण किया गया था। इन अवैध इमारतों में भोली भाली जनता और निवेशकों को फ्लैट बेच दिए गए थे। बाद में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ये सभी अवैध इमारतों को प्रशासन ने तोड़कर ध्वस्त कर दिया। फलस्वरूप सभी खरीददार बेघर हो गए। महाराष्ट्र के शिक्षा मंत्री दादा भुसे के रिश्तेदार आईएएस अनिल कुमार पवार ने हाल ही में एकनाथ शिंदे की सरकार में वसई-विरार महानगर पालिका के कमिश्नर के रुप में पदभार संभाला था। ED tightens its grip on illegal construction, corporator and builder arrested including former commissioner

    ईडी ने क्या कहा?

    ईडी अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, बुधवार 13 अगस्त को सभी आरोपियों को एक साथ हिरासत में लेकर गुरुवार को मुंबई की विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किया गया, जहां सभी आरोपियों से पूछताछ और जांच पड़ताल के लिए रिमांड की मांग की गई और कोर्ट ने 20 अगस्त तक की कस्टडी सुनाई है। ED tightens its grip on illegal construction, corporator and builder arrested including former commissioner

    शिक्षा मंत्री दादा भुसे के रिश्तेदार

    प्राप्त जानकारी के मुताबिक, एकनाथ शिंदे के मुख्यमंत्री रहते महाराष्ट्र के शिक्षा मंत्री दादा भुसे के रिश्तेदार आईएएस अनिल कुमार पवार को ठाणे का अपर जिला कलेक्टर और वसई-विरार महानगर पालिका का आयुक्त नियुक्त किया गया था। वसई-विरार में अनधिकृत निर्माण घोटाला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नाराजगी जताई और उन्हें पद से हटा दिया। ED tightens its grip on illegal construction, corporator and builder arrested including former commissioner

    16 ठिकानों पर ईडी की छापेमारी

    पिछले महीने महाराष्ट्र के वसई-विरार शहर में ईडी ने इसी कथित अवैध निर्माण सिंडिकेट के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 16 अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी। यह छापेमारी वसई-विरार महानगरपालिका के नगर रचना विभाग के उपसंचालक वाईएस रेड्डी से जुड़े मामले में आर्किटेक्ट, इंजीनियर और एजेंटों के ठिकानों पर की गई थी। ED tightens its grip on illegal construction, corporator and builder arrested including former commissioner

    60 एकड़ सरकारी जमीन पर कब्जा

    ईडी को इस गोरखधंधे से जुड़े वित्तीय लेन-देन, कैश रुपये और संपत्ति की जानकारी मिली है। जांच एजेंसी को शक है कि यह सिंडिकेट करीब 60 एकड़ सरकारी जमीन पर 41 अवैध रिहायशी और व्यावसायिक इमारतों के निर्माण में शामिल है। बताया जा रहा है कि ये निर्माण फर्जी दस्तावेज और भ्रष्टाचार के दम पर किए गए थे। अवैध निर्माण के लिए जरूरी फाइलों को मंजूरी दिलाने के बदले भारी भरकम रिश्वत दी गई थी। यह लेन-देन आर्किटेक्ट्स और एजेंटों के माध्यम से किया गया था। ED tightens its grip on illegal construction, corporator and builder arrested including former commissioner

  • सार्वजनिक शौचालय पर परिवार का कब्जा: प्रशासन भी बना ख़ामोश

    सार्वजनिक शौचालय पर परिवार का कब्जा: प्रशासन भी बना ख़ामोश

    हिंदी फिल्मों के सुपरस्टार सलमान खान ने 2017 में जिस सार्वजनिक शौचालय का उद्घाटन किया था उसे एक परिवार ने कब्जा कर लिया है। घटना मुंबई के गोरेगांव (पूर्व) आरे मिल्क कॉलोनी की है। Family takes over public toilet: Administration also remains silent

    मुंबई: गोरेगांव (पूर्व) के आरे मिल्क कॉलोनी के यूनिट क्रमांक 30 का सार्वजनिक शौचालय कब्जा हो चुका है। साल 2017 में बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान ने यहां दो सार्वजानिक शौचालयों का उद्घाटन किया था। जिसमें से एक जो फिल्म सिटी के पिछले गेट के पास यूनिट क्रमांक 30 में स्थित है उसकी हालत खस्ता हो गई है। इस सार्वजनिक शौचालय के एक हिस्से पर एक परिवार ने अतिक्रमण कर लिया है, जिसका दावा है कि उसे शौचालय की देखभाल के लिए नियुक्त किया गया था। Family takes over public toilet: Administration also remains silent

    जमीनी हकीकत

    जब पत्रकार ने घटनास्थल का दौरा किया, तो ललिता राणे नामक एक महिला यहां कपड़े धोती हुई दिखाई दीं, जबकि उनकी एक और रिश्तेदार जानकी नामक वृद्ध महिला शौचालय के महिला खंड में सो रही थीं, जिसे रहने के लिए जगह और सामान रखने के लिए स्टोरेज रुम में बदल दिया गया है। Family takes over public toilet: Administration also remains silent

    कब्ज़ेदारों ने क्या कहा?

    ललिता ने पत्रकार से बात करते हुए बताया, कि “मेरा जन्म यहीं आरे मिल्क कॉलोनी में हुआ है, और मेरी सास, कमलदेवी राणे, जो पहले शौचालय का रखरखाव संभालती थीं, वह भी इसी इलाके में जन्मी और पली-बढ़ी थीं। दो साल पहले उनका निधन हो गया। बीएमसी ने सालों पहले इस शौचालय का निर्माण कराया था, उसे तोड़ दिया और फिर से बनवाया। सलमान खान भी उद्घाटन समारोह में शामिल हुए थे। अब सालों से बीएमसी ने इसका रखरखाव नहीं किया है। इसलिए इसकी हालत खस्ता हो गई है। Family takes over public toilet: Administration also remains silent

    रखरखाव की समस्या

    उसने ये भी कहा, कि इसमें पानी का कनेक्शन नहीं है और इसे चालू रखने के लिए कोई धनराशि भी नहीं दी गई है। इस इलाके में अक्सर नशेड़ी देखे जाते हैं, जो हमारी जान के लिए खतरा बने रहते हैं। हमने पास में ही एक छोटा सा कुआँ खोदा है, जिसका इस्तेमाल हम नहाने और बर्तन धोने के लिए करते हैं। अगर बीएमसी पानी और रखरखाव के लिए धनराशि उपलब्ध करा दे, तो यह शौचालय फिर से लोगों की सेवा के लिए चालू किया जा सकता है।”

    टूट गये हैं सभी दरवाजे

    उनकी मौसी ने आगे कहा, “हम शौचालय के इस हिस्से का इस्तेमाल सोने और सामान रखने के लिए करते हैं। यहाँ बिजली या पानी का कनेक्शन नहीं है। महिलाओं का सेक्शन असुरक्षित है – सभी दरवाजे टूटे हुए हैं, इसलिए हमें इसे हमेशा के लिए बंद करना पड़ा। हम बीएमसी और सलमान खान से अनुरोध करते हैं कि वे इस मामले को देखें और हमारी मदद करें।” Family takes over public toilet: Administration also remains silent

    मिडिया लेंस

    शौचालय ब्लॉक का वह हिस्सा, जिस पर अतिक्रमण नहीं हुआ था, बेहद खराब हालत में था, जहाँ बुनियादी स्वच्छता, पानी की आपूर्ति और यहाँ तक कि दरवाज़े भी नहीं थे। परिसर में गुटखे के पैकेट, शराब की बोतलें और सिगरेट के टुकड़ों से भरा पड़ा था। इसके अलावा, उद्घाटन और उसमें शामिल लोगों का विवरण देने वाली स्मारक टाइल भी गायब था। Family takes over public toilet: Administration also remains silent

    प्रशासन से मरम्मत की मांग

    आरे मिल्क कॉलोनी के शिवसेना (यूबीटी) शाखा प्रमुख संदीप गढ़वे ने कहा, “सलमान खान ने छह रूमों वाले दो सार्वजनिक शौचालयों का उद्घाटन किया था – एक मद्रासपाड़ा में और दूसरा यूनिट 30 में। दुर्भाग्य से, अधिकारियों की उपेक्षा के कारण यूनिट 30 की हालत बेहद खराब हो गई है। एक तरफ एक परिवार ने अतिक्रमण कर उसे घर बना लिया है। पानी, दरवाज़ों और रखरखाव की कमी के कारण दूसरा आधा हिस्सा अनुपयोगी है, जिससे लोगों को खुले में शौच करने के लिए मजबूर होना पड़ता है। आरे के सीईओ और बीएमसी को तत्काल इस शौचालय की मरम्मत करानी चाहिए।”

    रहिवासियों ने क्या कहा ?

    एक निवासी ने कहा, “रात में, फिल्म सिटी गेट के पास के इलाके में नशेड़ी और असामाजिक तत्व अक्सर आते हैं। कोई भी वहाँ जाना नहीं चाहता। एक परिवार ने शौचालय के एक हिस्से पर कब्ज़ा कर लिया है। लेकिन बीएमसी, आरे के सीईओ और पुलिस इसपर किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं करती।” Family takes over public toilet: Administration also remains silent

    एक स्थानीय निवासी विनोद एकनाथ कांबले ने कहा, “शौचालय की सुविधा न होने के कारण हमें सड़क पर या जंगल में पेशाब करने को मजबूर होना पड़ता है। नशेड़ी रात में घूमते रहते हैं। यह हमारे परिवारों के लिए जोखिम भरा है, लेकिन हमारे पास कोई विकल्प नहीं है। हम लाचार हैं और अपने घरों से दूर स्थित शौचालयों का उपयोग करने को मजबूर हैं।”

    बीएमसी अधिकारी ने क्या कहा?

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) उपआयुक्त किरण दिघावकर ने कहा, “आरे मिल्क कॉलोनी और संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान के पर्यावरण-संवेदनशील क्षेत्र (ESZ) के अंतर्गत आते हैं और इसका प्रशासन आरे के सीईओ द्वारा किया जाता है। मरम्मत या रखरखाव के लिए, सीईओ कार्यालय और ईएसजेड निगरानी समिति से अनुमति लेना आवश्यक होता है। 2017 में जब हमने सार्वजनिक उपयोग के लिए शौचालय ब्लॉक का विकास किया था, तब हमने आरे मिल्क कॉलोनी के सीईओ से अनुमति ली थी। सीईओ की स्वीकृति मिलने के बाद हम सार्वजनिक शौचालय की मरम्मत और रखरखाव कर पाएंगे।”

    शौचालय के बाहर ट्यूबवेल की व्यवस्था

    इस बीच, आई लव मुंबई फाउंडेशन के अध्यक्ष एवं शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) के सदस्य राहुल कनाल ने कहा, “हमें उम्मीद है कि अधिकारी इस मुद्दे पर ध्यान देंगे और जल्द से जल्द इसका समाधान करेंगे। आरे सीईओ कार्यालय और वन विभाग से अनुमति संबंधी समस्याओं के कारण, बीएमसी पानी का कनेक्शन नहीं दे पा रही है। इस पर हमने सार्वजनिक शौचालय के बाहर एक ट्यूबवेल की व्यवस्था की थी।” Family takes over public toilet: Administration also remains silent

  • Maharashtra: सरकारी कर्मचारियों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर लगी सख्ती

    Maharashtra: सरकारी कर्मचारियों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर लगी सख्ती

    महाराष्ट्र की सरकार ने सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल को लेकर सख्त कानून पास कर दिया है। इसके तहत नियम का पालन नही किए जाने पर महाराष्ट्र सिविल सेवा (अनुशासन और अपील) नियमों के तहत कार्रवाई के आदेश दिए हैं। Maharashtra: Strictness imposed on the use of social media for government employees

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई:
    देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली महायुति सरकार ने महाराष्ट्र के सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल को लेकर सख्त नियम तय किए हैं। सरकार ने साफ चेतावनी दी है कि इन नियमों का उल्लंघन करने वालों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। Maharashtra: Strictness imposed on the use of social media for government employees

    सोशल मीडिया पोस्ट पर लगी रोक

    महाराष्ट्र की महायुति सरकार में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ एकनाथ शिंदे की शिवसेना और अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) शामिल हैं। सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के जानकारी दायक सोशल मीडिया पोस्ट कभी कभार लोगों में भ्रम या गलत संदेश भी फैला सकता है। इसकी जिम्मेदारी को लेकर सरकार अब सख्त हो गई है। हालांकि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल पर रोक नही लगाया गया है। सिर्फ पोस्ट करते समय ध्यान देने के लिए कहा गया है।

    क्या करें क्या ना करें ?

    सामान्य प्रशासन विभाग ने सोमवार को एक सरकारी आदेश जारी कर यह नियम सार्वजनिक रुप से प्रसारित कर दिया है। इसमें बताया गया है कि सरकारी अधिकारी और कर्मचारी सोशल मीडिया पर क्या पोस्ट कर सकते हैं? और क्या नहीं? आदेश में यह भी कहा गया है कि जो भी इन नियमों का उल्लंघन करेगा, उस पर महाराष्ट्र सिविल सेवा (अनुशासन और अपील) नियम, 1979 के तहत कार्रवाई की जाएगी।

    सोशल मीडिया से होगी समस्या

    आदेश में जानकारी देते हुए, कहा गया है, कि “सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के आसान उपयोग से पलक झपकते ही दुनिया के किसी भी कोने में जानकारी पहुंचाई जा सकती है। इसकी अदभुत क्षमता और एक क्लिक में कई लोगों तक बात पहुंचा देने की सुविधा के साथ कुछ खतरे भी सामने आए हैं—जैसे गोपनीय जानकारी का लीक होना, झूठी या भ्रामक जानकारी फैलना और इसके साथ ही बड़ी दिक्कत वाली बात यह है कि एक बार पोस्ट की गई जानकारी को हटाने के लिए कई नियमों का पालन करना पडता है इसकी सीमाएं तय की गई है। सरकारी विभाग के लिए दिक्कत हो सकती है।”

    आदेश में आगे कहा गया, कि “यह भी देखा गया है कि सोशल मीडिया का इस्तेमाल सरकार की नीतियों, राजनीतिक घटनाओं या कुछ व्यक्तियों की आलोचना के लिए किया जा रहा है, जो सिविल सेवा नियमों का उल्लंघन है।” Maharashtra: Strictness imposed on the use of social media for government employees

    नए नियमों की जानकारी

    सरकार द्वारा जारी नियमों के अनुसार, अधिकारियों और कर्मचारियों से कहा गया है कि वे राज्य सरकार या देश से जुड़ी किसी भी नीति की आलोचना करने से बचें और सोशल मीडिया का उपयोग “सावधानी और जिम्मेदारी” के साथ करें। उन्हें कोई आपत्तिजनक या मानहानि करने वाली सामग्री पोस्ट नहीं करने को कहा गया है।

    खुद का प्रचार

    नियमों में यह भी कहा गया है कि अधिकारी यह ज़रूर बता सकते हैं, कि किसी योजना या प्रोजेक्ट की सफलता के लिए उन्होंने या उनके विभाग ने क्या प्रयास किए हैं, लेकिन इस दौरान उन्हें यह ध्यान रखना होगा कि वे खुद का प्रचार न करें। सरकार की किसी योजना या प्रोजेक्ट से जुड़ी पहले से स्वीकृत जानकारी केवल वही व्यक्ति साझा कर सकता है जिसे इसके लिए अधिकृत किया गया है। इसका मकसद आम जनता की भागीदारी को बढ़ाना है।

    सरकारी महकमों का इस्तेमाल

    नियमों में यह भी कहा गया है कि अधिकारी और कर्मचारी अपने निजी और आधिकारिक इस्तेमाल के लिए अलग-अलग सोशल मीडिया अकाउंट बना सकते हैं। इसके अलावा, जब किसी अधिकारी का ट्रांसफर हो जाए, तो उन्हें अपने आधिकारिक अकाउंट को तुरंत संबंधित विभाग के प्रभारी को सौंप देना होगा। नियमों में यह भी स्पष्ट किया गया है, कि अधिकारी और कर्मचारी अपने व्यक्तिगत सोशल मीडिया अकाउंट पर अपनी आधिकारिक पदनाम, सरकारी प्रतीक (लोगो), यूनिफॉर्म, सरकारी गाड़ी या निवास जैसी संपत्तियों से जुड़ी फोटो, वीडियो या रील न डालें।

    अधिकारियों और कर्मचारियों को विभागीय समन्वय के लिए व्हाट्सऐप और टेलीग्राम जैसे सोशल मैसेजिंग ऐप्स के इस्तेमाल की अनुमति होगी, लेकिन उन्हें बिना अनुमति के कोई भी गोपनीय दस्तावेज़, चाहे वह पूरा हो या आंशिक, अपलोड, फॉरवर्ड या साझा करने से बचने की सलाह दी गई है। सरकार ने यह भी सख्त निर्देश दिए हैं कि जिन ऐप्स या प्लेटफॉर्म्स को सरकार ने बैन किया है, उनका उपयोग बिल्कुल न किया जाए।

    यह आदेश सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों पर लागू होगा — चाहे वे स्थायी हों, अनुबंध पर हों या सरकार के बाहर से नियुक्त किए गए हों। यह नियम उन सभी कर्मचारियों पर भी लागू होंगे जो सरकारी कंपनियों, उपक्रमों, अतिथि सेवाओं या स्थानीय निकायों में काम कर रहे हैं। Maharashtra: Strictness imposed on the use of social media for government employees

  • शिवसेना के डॉ. अभिषेक वर्मा ने योग दिवस पर लोगों से की अपील

    शिवसेना के डॉ. अभिषेक वर्मा ने योग दिवस पर लोगों से की अपील

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    शिवसेना शिंदे गुट के राष्ट्रीय समन्वयक डॉ. अभिषेक वर्मा ने योग दिवस पर योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया और लोगों से इसे अपने जीवन में उतारने की अपील की। Shiv Sena’s Dr. Abhishek Verma appealed to the people on Yoga Day

    डिजिटल डेस्क
    नई दिल्ली:
    21 जून 2025 अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) के राष्ट्रीय समन्वयक एवं चुनाव प्रभारी डॉ. अभिषेक वर्मा के तत्वावधान में नई दिल्ली स्थित उनके निजी आवास पर भव्य योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन में 110 से अधिक प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिनमें योग साधक, सामाजिक कार्यकर्ता एवं विशिष्ट अतिथि भी शामिल थे। Shiv Sena’s Dr. Abhishek Verma appealed to the people on Yoga Day

    योग का महत्व

    डॉ. वर्मा, श्रीमती अंका वर्मा, राजकुमारी निकोल वर्मा एवं युवराज आदितेश्वर वर्मा सहित वर्मा परिवार के सभी सदस्यों ने पारंपरिक सनातनी विधि से योग, प्राणायाम एवं ध्यान का अभ्यास किया। प्रतिष्ठित योगाचार्यों ने उपस्थितजनों को शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए योग की महत्ता बताई। Shiv Sena’s Dr. Abhishek Verma appealed to the people on Yoga Day

    योग की आवश्यकता

    अपने संबोधन में डॉ. अभिषेक वर्मा ने कहा, “योग भारत की सनातन परंपरा की वैज्ञानिक देन है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने विश्व पटल पर स्थापित किया है। शिवसेना (NDA) के लोकप्रिय नेता एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में पार्टी योग को जन-जन तक पहुँचाने और इसे जनआंदोलन बनाने का कार्य कर रही है।” उन्होंने देशवासियों से आह्वान किया कि “योग केवल एक दिन की क्रिया नहीं, बल्कि इसे जीवनशैली का हिस्सा बनाना आज के युग की आवश्यकता है।” Shiv Sena’s Dr. Abhishek Verma appealed to the people on Yoga Day

    इसे भी पढ़े:- योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने की विधि नहीं, हमारी सनातन संस्कृति का मूल भी है- अभिषेक वर्मा

    श्रीमती अंका वर्मा ने कहा, “योग ने मुझे मातृत्व, व्यवसाय और अध्यात्म में संतुलन बनाना सिखाया—यह मेरे जीवन का आंतरिक मार्गदर्शक बन गया है।”

    राजकुमारी निकोल वर्मा ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, “तेज़ और तनावपूर्ण जीवन में योग मुझे मानसिक शांति और स्थिरता देता है—यह मेरा आत्मबल है।”

    कार्यक्रम का समापन वैदिक मंत्रोच्चार, प्रसाद वितरण और योग को जीवन में अपनाने की प्रतिज्ञा के साथ हुआ। यह आयोजन राष्ट्रभक्ति, आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक जागरूकता का अद्भुत संगम साबित हुआ। Shiv Sena’s Dr. Abhishek Verma appealed to the people on Yoga Day

  • मुख्यमंत्री ने SRA परियोजना के लिए मोबाइल एप लॉन्च किया।

    मुख्यमंत्री ने SRA परियोजना के लिए मोबाइल एप लॉन्च किया।

    महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई झोपड़पट्टी पुनर्वसन प्राधिकरण के लिए गुरुवार को “SRA Brihanmumbai” मोबाइल ऐप्लिकेशन को लॉन्च किया। इसके तहत नागरिकों को बिल्डर, आर्किटेक्ट और परियोजनों से प्रभावित व्यक्तियों को योजना की जानकारी मिल सकेगी। Chief Minister launched mobile app for SRA project

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    Mumbai SRA News:
    गुरुवार को राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य अतिथिगृह “सह्याद्री” में झोपड़पट्टी पुनर्वसन प्राधिकरण (SRA) की समीक्षा बैठक ली। इस दौरान मुख्यमंत्री ने मुंबई झोपड़पट्टी पुनर्वसन प्राधिकरण (SRA) के लिए “SRA Brihanmumbai” नामक मोबाइल ऐप्लिकेशन लॉच किया। इस ऐप से नागरिकों को बिल्डरों को, आर्किटेक्ट वर्ग को और परियोजनाओं से प्रभावित व्यक्तियों को योजना की जानकारी मिल सकेगी। मुख्यमंत्री ने एसआरए के अधिकारियों को वेबसाइट पर नागरिकों के लिए आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। आप इस ऐप्लिकेशन को यहां से भी डायरेक्ट Download कर सकते हैं। Chief Minister launched mobile app for SRA project

    पहाडों पर बने झोपडों का पुनर्वसन

    इसी बैठक के दौरान मुंबई समेत राज्य के दूसरे शहरों में पहाड़ों पर बनी झोपड़पट्टियों के पुनर्वसन के लिए भी स्वतंत्र नीति बनाने को लेकर राज्य के मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पात्र झोपड़ा धारकों को उनके मौजूदा निवास के पास ही पुनर्वसन किया जाना चाहिए। बैठक में उपमुख्यमंत्री तथा गृहनिर्माण मंत्री एकनाथ शिंदे, प्रदेश गृहनिर्माण राज्यमंत्री पंकज भोयर, राज्य की मुख्य सचिव सुजाता सौनिक, गृहनिर्माण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव असीम गुप्ता, झोपड़पट्टी पुनर्वसन प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी महेंद्र कल्याणकर आदि उपस्थित थे। Chief Minister launched mobile app for SRA project

    एसआरए खरीदेगी जमीन

    बैठक में एसआरए की इमारतों के लिए जमीन खरीदने का फैसला लिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुंबई समेत बड़े शहरों में पहाड़ों पर काफी झोपड़े बने हुए हैं। ऐसी झोपड़पट्टियां बारिश के दिनों में भूस्खलन और पत्थर गिरने से धोकादायक हो जाते हैं। इसलिए पहाड़ों पर बनी झोपड़पट्टियों के पुनर्वसन के लिए अलग से नीति बनाएं और जरूरत पड़ने पर जमीन भी खरीदें। Chief Minister launched mobile app for SRA project

    दिसंबर तक पूरा होगा बायोमेट्रिक सर्वेक्षण

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि बायोमेट्रिक पद्धति पर आधारित घर-घर सर्वेक्षण का काम दिसंबर तक पूरा हो जाना चाहिए। झोपड़पट्टी के जो घर बंद हैं, ऐसे घरों का रिकॉर्ड तैयार किए जाने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि मुंबई महानगर पालिका के सेवानिवृत्त अधिकारियों का सेल तैयार करें। इसके माध्यम से समूह विकास (क्लस्टर) योजना को गति मिल सकेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि घाटकोपर के रमाबाई आंबेडकर नगर झोपड़पट्टी पुनर्वसन के काम को गति से पूरा किया जाना अतिआवश्यक है। उन्होंने आदेश देते हुए यह भी कहा, कि “समुद्र के पास की जगह का पुनर्वसन के लिए उपयोग करें।” Chief Minister launched mobile app for SRA project

    पुणे के नागरिकों को पुनर्वसन का आदेश

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि पुणे शहर के परियोजना से प्रभावित नागरिकों को स्थायी रूप से पुनर्वसन करें। उन्हें किराया अथवा अन्य विकल्प खोजकर घर देने की व्यवस्था करें। उन्होंने कहा कि पुणे शहर के नदी किनारे बसे झोपड़ा धारकों को बाढ़ का सामना करना पड़ता है। ऐसे झोपड़ों का गृहनिर्माण विभाग की योजना के जरिए पुनर्वसन करें। Chief Minister launched mobile app for SRA project

  • ‘अखंड शिवसेना’: बालासाहेब के करीबी सहयोगी ने उद्धव, राज, एकनाथ से हाथ मिलाने और गठबंधन बनाने का आग्रह किया।

    ‘अखंड शिवसेना’: बालासाहेब के करीबी सहयोगी ने उद्धव, राज, एकनाथ से हाथ मिलाने और गठबंधन बनाने का आग्रह किया।

    महाराष्ट्र की राजनीति में क्या बड़ा बदलाव होने जा रहा है? ऐसी राजनैतिक गलियारों में गरमागरम खुसफुसाहट होने लगी है। हालही में पुरानी शिवसेना को अखंड शिवसेना के निर्माण के लिए सभी प्रमुख नेताओं को हाथ मिलाने का आग्रह पूर्व गृहमंत्री और बालासाहेब ठाकरे के खासमखास नेता ने पेशकश की है। ‘Akhand Shiv Sena’: Balasaheb’s close aide urges Uddhav, Raj, Eknath to join hands and form alliance.

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई: महाराष्ट्र की सबसे बड़ी राजनैतिक दल शिवसेना को एकबार फिर समेटते हुए अखंड शिवसेना बनाने की खुसफुसाहट राजनैतिक हलचल बना हुआ है। यहां राज्य के पूर्व गृहमंत्री जिन्होंने उद्धव बालासाहेब ठाकरे, एकनाथ शिंदे और राज ठाकरे को एक होकर हाथ मिलाने और गठबंधन करने का आग्रह किया है। यह वही नेता हैं, जो कभी स्वर्गीय बालासाहेब ठाकरे के खासमखास हुआ करते थे। इन्होंने शिवसेना के एक प्रमुख मोर्चे की स्थापना की जो आज भी राज्य के भुमिपुत्रों के लिए काम करता है।

    क्या है उनकी पहचान?

    यह वही नेता हैं जो स्वर्गीय बालासाहेब से प्रेरित होकर वे शिवसेना में शामिल हुए थे। बाद में स्थानीय लोकाधिकार समिति की स्थापना की, जो शिवसेना का एक मोर्चा है जो भूमिपुत्रों के लिए काम करता है। राज्य के मराठी माणूस का इस समिति को इतना प्रतिसाद मिला कि देखते ही देखते लाखों की संख्या में इससे लोग जुड़ने लगे। इसी स्थानीय लोकाधिकार के कारण मराठी माणूस को बँक मे नौकरी मिलना आसान हो गया। इसी समिति के माध्यम से शिवसेना को बढावा मिला और अच्छे कार्यकर्ता भी प्राप्त हुए, इनमे अरविंद सावंत और भाई पोतनीड जैसे कई नेता उभरकर सामने आये।

    अखंड शिवसेना का निर्माण

    इसी कारण स्वर्गीय बालासाहेब ठाकरे ने 1996-97 में पहली बार युती की सरकार बनाई और उन्हें गृहराज्यमंत्री के पद से नवाजा। आज उन्होंने एकबार फिर पुरानी शिवसेना के दिग्गज नेताओं को साथ लाने और हाथ मिलाकर ‘अखंड शिवसेना’ के निर्माण के लिए तीनों नेताओं को गठबंधन में आने का आग्रह किया है।

    चुनाव की तैयारी

    राज्य में नगर निगम चुनाव होने जा रहे हैं। राज्य में सत्ता पक्ष भाजपा के साथ एकनाथ शिंदे की शिवसेना गठबंधन में होने के बावजूद कहीं साथ तो कहीं अलग होकर चुनाव लड़ने की अटकलें लग रहे हैं। वहीं बृहन्मुंबई महानगर पालिका की सत्ता पर हमेशा से काबिज़ रहनेवाली उद्धव की शिवसेना गुटबाजी के कारण कमजोर दिखाई पड़ने लगी है। राज ठाकरे भी कभी शिवसेना का बड़ा चेहरा हुआ करते थे। लेकिन पारिवारिक विवाद के चलते उन्होंने ‘महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना‘ का निर्माण किया और शिवसेना के कई दिग्गज नेताओं को अपने ले गये। बाद में उन्होंने एक मजबूत नेतृत्व कायम किया। लेकिन समय के चलते आज महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना भी कमजोर साबित हो रही है। ऐसे में स्वर्गीय बालासाहेब ठाकरे के करीबी नेता का इन तीनों दिग्गज नेताओं को गठबंधन के लिए एकत्रित करना, ‘अखंड शिवसेना’ के उदय की संभावना प्रबल कर रहा है ऐसा राजनैतिक विशेषज्ञों द्वारा विश्वास जताया जा रहा है।

  • BMC चुनाव से पहले शिवसेना ने BJP को शर्तों में उलझाया

    BMC चुनाव से पहले शिवसेना ने BJP को शर्तों में उलझाया

    BMC चुनाव से पहले शिवसेना और बीजेपी में गठबंधन को लेकर नई खींचतान शुरू हो गई है। शिवसेना मुंबई में बीजेपी को समर्थन देने के लिए तैयार है, लेकिन बदले में ठाणे और कल्याण-डोंबिवली में भी बीजेपी का समर्थन चाहती है। Before BMC elections, Shiv Sena entangled BJP in conditions

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई:
    आगामी कुछ ही दिनों में चुनाव आयोग महाराष्ट्र में पार्षदों के चुनाव की अधिसूचना जारी करने वाला है। 6 मई को सुप्रीम कोर्ट ने चार सप्ताह के भीतर चुनाव की तारीख जारी करने के आदेश दिए थे। चुनाव की तैयारियों के बीच महायुति गठबंधन में तोलमोल शुरू हो गए हैं। शिंदे की शिवसेना ने चुनाव से पहले बीजेपी के सामने अपनी शर्तों को रख दिया है। शिवसेना का कहना है कि अगर बीजेपी बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) चुनाव में गठबंधन चाहती है, तो उसे ठाणे और कल्याण-डोंबिवली (KDMC) में भी ऐसा ही करना होगा। शिवसेना, भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर दबाव बनाने के लिए उद्धव ठाकरे गुट के पार्षदों को शामिल करा रही है, ताकि गठबंधन नहीं होने की स्थिति में उन्हें चुनाव में उतारा जा सके। Before BMC elections, Shiv Sena entangled BJP in conditions

    शिवसेना की शर्त क्या है?

    महाराष्ट्र निकाय चुनाव में गठबंधन को लेकर सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि बीजेपी पूरे प्रदेश में गठबंधन नहीं करेगी। इसके जवाब में शिवसेना ने भी अपनी चाल चल दी है और बीएमसी चुनाव के साथ अन्य नगर निगमों के चुनाव में भी गठबंधन का दबाव बना दिया है। शिवसेना के नेताओं ने कहा, कि बीजेपी मुंबई में गठबंधन करना चाहती है तो उसे ठाणे और कल्याण-डोंबिवली में भी शिवसेना का साथ देना होगा। अगर ऐसा हुआ तो बीजेपी बीएमसी की सत्ता में आ सकती है और शिवसेना ठाणे और कल्याण-डोंबिवली में अपना दबदबा बनाए रख सकती है। Before BMC elections, Shiv Sena entangled BJP in conditions

    भाजपा को मुंबई में होगा नुकसान

    शिवसेना नेता ने कहा कि अगर बीजेपी अकेले बीएमसी चुनाव में उतरेगी तो उसे नुकसान होना तय है। मुंबई में बीजेपी उद्धव ठाकरे की सेना यूबीटी के खिलाफ चुनाव लड़ेगी मगर उसे एकनाथ शिंदे की शिवसेना और मनसे के साथ भी दो-दो हाथ करना पड़ेगा। ऐसे में वोट बंट सकते हैं और बीजेपी को बीएमसी की सत्ता हासिल नही हो सकेगी। ऐसे में उसे शिवसेना का समर्थन लेना होगा। शिवसेना नेता ने साफ किया कि बीजेपी मुंबई में दबदबा बनाना चाहती है। वहीं, शिवसेना (शिंदे गुट) ठाणे और कल्याण-डोंबिवली में मजबूत होना चाहती है। इन इलाकों में हमारी पार्टी वहां मजबूत है और हम चाहते हैं कि यह ऐसा ही बना रहे। Before BMC elections, Shiv Sena entangled BJP in conditions

    उद्धव गुट के 45 पार्षद शिंदे गुट में शामिल

    जब एकनाथ शिंदे ने शिवसेना से अलग होकर अपनी पार्टी बनाई, तो मुंबई के ज्यादा पार्षद उनके साथ नहीं गए। अब बृहन्मुंबई महानगर पालिका का कार्यकाल खत्म हो गया है। एकनाथ शिंदे ने उद्धव गुट के लगभग 45 पार्षदों को अपनी तरफ कर लिया है। शिवसेना की इस रणनीति से बीजेपी पर दबाव बढ़ रहा है। शिंदे बीजेपी को यह जताना चाहते हैं कि अगर वह ठाणे और कल्याण-डोंबिवली में गठबंधन नहीं करती है, तो शिवसेना पुराने पार्षदों को बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) चुनाव में उतार सकती है। इस वजह से बीजेपी को नुकसान हो सकता है। Before BMC elections, Shiv Sena entangled BJP in conditions