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    Dharavi Redevelopment: मलाड में 118 एकड़ जमीन SRA को, 10 लाख लोगों के पुनर्वास की तैयारी

    धारावी रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट के तहत महाराष्ट्र सरकार ने मलाड-मालवणी के मुक्तेश्वर में 118 एकड़ जमीन SRA को सौंपी। 10 लाख लोगों के पुनर्वास, 1.5 लाख नए घर और अडानी ग्रुप की भूमिका पर पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

    मुंबई: शहर के सबसे बड़े और चर्चित धारावी रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। महाराष्ट्र सरकार ने मलाड-मालवणी के मुक्तेश्वर इलाके में स्थित 118 एकड़ जमीन का कब्जा आधिकारिक तौर पर Slum Rehabilitation Authority (SRA) को सौंप दिया है। यह जमीन खास तौर पर उन धारावी निवासियों के पुनर्वास के लिए इस्तेमाल की जाएगी, जो धारावी के भीतर “इन-सीटू” पुनर्वास के पात्र नहीं हैं।

    📍 मलाड की जमीन पर क्यों हुआ फैसला?

    सूत्रों के मुताबिक, मुक्तेश्वर (मलाड-मालवणी) में कुल 140 एकड़ जमीन चिन्हित की गई थी। इनमें से 118 एकड़ जमीन SRA को ट्रांसफर कर दी गई है, जबकि 22 एकड़ जमीन अब भी कानूनी विवाद में है।

    इस जमीन की कुल अनुमानित कीमत करीब ₹540 करोड़ बताई जा रही है। विकास अधिकार (Development Rights) के बदले प्रोजेक्ट की SPV ने ₹135 करोड़ प्रीमियम भी जमा कर दिया है।

    🏢 किसे मिलेगा यहां घर?

    सरकारी प्लान के मुताबिक:

    • जो लोग 1 जनवरी 2011 के बाद और 15 नवंबर 2022 से पहले धारावी में बसे हैं
    • जो ऊपरी मंजिलों पर रहते हैं और इन-सीटू रिहैब के पात्र नहीं हैं

    उन्हें मलाड साइट पर शिफ्ट किया जाएगा।

    महाराष्ट्र के स्लम रिहैबिलिटेशन एक्ट के अनुसार, हर पात्र निवासी को 350 वर्गफुट का घर मिलेगा, जो पहले के 300 वर्गफुट से बड़ा अपग्रेड है।

    🤝 अडानी ग्रुप की क्या भूमिका है?

    यह मेगा प्रोजेक्ट Adani Group की कंपनी Navbharat Mega Developers Pvt Ltd (NMDPL) द्वारा किया जा रहा है, जो महाराष्ट्र सरकार के साथ जॉइंट वेंचर है।

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    जमीन का मालिकाना हक SRA के पास रहेगा, लेकिन डेवलपमेंट राइट्स NMDPL के पास होंगे।

    जानकारी के मुताबिक, मलाड की जमीन के एक हिस्से पर ओपन मार्केट में बेचने के लिए सेल कंपोनेंट के फ्लैट भी बनाए जाएंगे।

    🌆 540 एकड़ जमीन और 1.5 लाख नए घर

    धारावी प्रोजेक्ट के तहत सरकार ने मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) में करीब 540 एकड़ जमीन चिन्हित की है। इसमें शामिल हैं:

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    • कुर्ला की जमीन
    • कांजूर, भांडुप और मुलुंड के सॉल्ट पैन
    • देवनार डंपिंग ग्राउंड के हिस्से

    अधिकारियों के अनुसार, करीब 1.25 से 1.5 लाख नए घर बनाए जाएंगे, जिससे लगभग 10 लाख लोगों का पुनर्वास होगा।

    ⏳ टाइमलाइन क्या है?

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    • NMDPL को रिहैब के घर बनाने के लिए 7 साल की डेडलाइन
    • पूरे धारावी रिडेवलपमेंट को पूरा करने के लिए 17 साल का मास्टर प्लान

    यह प्रोजेक्ट दुनिया का सबसे बड़ा अर्बन रीजुवेनेशन प्रोजेक्ट माना जा रहा है और इसे “मुंबई को स्लम-फ्री बनाने की दिशा में बड़ा कदम” कहा जा रहा है।


    ❓ FAQ Section

    Q1: मलाड की 118 एकड़ जमीन किसके लिए है?
    यह जमीन धारावी के उन निवासियों के पुनर्वास के लिए है जो इन-सीटू रिहैब के पात्र नहीं हैं।

    Q2: हर पात्र परिवार को कितना बड़ा घर मिलेगा?
    प्रत्येक पात्र निवासी को 350 वर्गफुट का फ्लैट मिलेगा।

    Q3: क्या इस जमीन पर कमर्शियल प्रोजेक्ट भी होगा?
    हां, एक हिस्सा सेल कंपोनेंट के तहत ओपन मार्केट के लिए इस्तेमाल होगा।

    Q4: प्रोजेक्ट कब तक पूरा होगा?
    रिहैब हाउसिंग 7 साल में और पूरा प्रोजेक्ट 17 साल में पूरा करने का लक्ष्य है।

  • मालवनी पर महायुति की नज़र, 641 एकड़ जमीन के पुनर्विकास पर सियासी घमासान

    मालवनी पर महायुति की नज़र, 641 एकड़ जमीन के पुनर्विकास पर सियासी घमासान

    धारावी की तर्ज पर मालवणी के 641 एकड़ इलाके के पुनर्विकास की तैयारी शुरू। क्लस्टर डेवलपमेंट मॉडल, सर्वे और विस्थापन को लेकर विपक्ष ने सरकार पर बिल्डरों को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया।

    महाराष्ट्र/नागपुर: धारावी पुनर्विकास योजना के बाद अब मुंबई के मालाड स्थित मालवनी इलाके के 641 एकड़ भूखंड पर महायुति सरकार की नजर टिक गई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस पूरे इलाके के क्लस्टर डेवलपमेंट मॉडल के तहत पुनर्विकास के लिए सर्वे और योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। सरकार इसे झोपड़पट्टी-मुक्त करने की पहल बता रही है, वहीं विपक्ष इसे बिल्डरों को फायदा पहुंचाने की साजिश करार दे रहा है।

    धारावी मॉडल पर मालवणी पुनर्विकास की तैयारी

    देश की सबसे बड़ी झोपड़पट्टी धारावी को अडानी ग्रुप को सौंपे जाने के बाद अब सरकार ने मालवनी क्षेत्र के पुनर्विकास की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। शनिवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई बैठक में 641 एकड़ क्षेत्र के सर्वेक्षण और क्लस्टर डेवलपमेंट प्लान तैयार करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि क्लस्टर मॉडल के जरिए पूरे मालवनी इलाके का कम समय में पुनर्विकास संभव है और इसे एक बड़े झोपड़पट्टी पुनर्विकास प्रोजेक्ट के रूप में तेजी से पूरा किया जाना चाहिए।

    641 एकड़ में फैला मालवनी, 14 हजार झोपड़ियां

    मालवनी इलाके का कुल क्षेत्रफल 641 एकड़ है, जिसमें

    • राज्य सरकार
    • म्हाडा
    • बृहन्मुंबई महानगरपालिका
    • निजी भूखंड

    शामिल हैं।
    इसमें से 565.98 एकड़ क्षेत्र में झोपड़पट्टियां हैं, जबकि 75.02 एकड़ खुली जमीन है। इस पूरे इलाके में करीब 14 हजार झोपड़ियां बसी हुई हैं। सरकार का दावा है कि पुनर्विकास के बाद यह इलाका पूरी तरह झोपड़पट्टी-मुक्त हो जाएगा।

    13 लाख लोगों के विस्थापन की आशंका

    विपक्ष का आरोप है कि इस योजना के नाम पर मालवनी में रहने वाले करीब 13 लाख लोगों को विस्थापित किया जाएगा। धारावी पुनर्विकास को लेकर पहले से चल रहे विवाद के बीच यह मुद्दा और भी संवेदनशील बन गया है।

    विपक्षी दलों का कहना है कि मुंबई में विकास के नाम पर लगातार बड़े भूखंड बिल्डरों की झोली में डाले जा रहे हैं, जबकि स्थानीय निवासियों के पुनर्वास और अधिकारों को लेकर स्पष्टता नहीं है।

    कौन करेगा सर्वे और रिपोर्ट?

    बैठक में तय किया गया कि

    • म्हाडा और
    • झोपड़पट्टी पुनर्वसन प्राधिकरण (SRA)

    अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में सर्वे करेंगे।
    सभी झोपड़पट्टियों का सर्वे पूरा होने के बाद संबंधित एजेंसियां संयुक्त रिपोर्ट तैयार करेंगी।
    जहां कानूनी अड़चनें होंगी, वहां अलग से कार्रवाई की जाएगी, और जहां विकास संभव होगा, उन इलाकों को प्राथमिकता दी जाएगी।

    बैठक में कौन-कौन रहा मौजूद

    इस अहम बैठक में

    • आवास राज्यमंत्री डॉ. पंकज भोयर
    • विधायक असलम शेख
    • अतिरिक्त मुख्य सचिव असीम कुमार गुप्ता
    • म्हाडा अधिकारी मिलिंद बोरीकर
    • SRA CEO डॉ. महेंद्र कल्याणकर

    मौजूद रहे।
    वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मुंबई मनपा आयुक्त भूषण गगरानी भी बैठक में शामिल हुए।

    दागी बिल्डर को ठेका मिलने की चर्चा

    सूत्रों के अनुसार, इस पुनर्विकास परियोजना को लेकर पहले ही एक दागी बिल्डर को ठेका दिए जाने की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। आरोप है कि यह वही बिल्डर है, जिसने चेंबूर के माहुल इलाके में प्रोजेक्ट-अफेक्टेड लोगों के लिए इमारतें बनाई थीं, जहां करीब 9 हजार करोड़ रुपये के घोटाले के आरोप लगे थे। बताया जाता है कि वह आपराधिक मामले में जेल भी जा चुका है।

    अब उसी बिल्डर को एक भाजपा नेता के माध्यम से मालवनी की बड़ी पुनर्विकास योजना में शामिल करने की कोशिश हो रही है।


    FAQ

    Q1. मालवणी पुनर्विकास योजना क्या है?
    मालवणी इलाके को क्लस्टर डेवलपमेंट मॉडल के तहत पुनर्विकसित करने की सरकारी योजना।

    Q2. कुल कितनी जमीन शामिल है?
    करीब 641 एकड़ भूमि।

    Q3. कितने लोग प्रभावित हो सकते हैं?
    करीब 13 लाख लोगों के विस्थापन की आशंका जताई जा रही है।

    Q4. विवाद क्यों हो रहा है?
    विपक्ष का आरोप है कि योजना का फायदा बिल्डरों को दिया जा रहा है।