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  • Mumbai Court का बड़ा फैसला: मां की हत्या में बेटे को Life Imprisonment

    Mumbai Court का बड़ा फैसला: मां की हत्या में बेटे को Life Imprisonment

    Mumbai Session Court ने Dahisar में मां की हत्या के मामले में आरोपी बेटे को IPC Section 302 के तहत उम्रकैद की सजा सुनाई। Court ने Circumstantial Evidence के आधार पर दोषी ठहराया, Police Confession को सबूत नहीं माना।

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई शहर से एक सनसनीखेज Crime News सामने आई है। मुंबई की सेशन कोर्ट ने अपनी मां की हत्या करने वाले बेटे को Life Imprisonment की सजा सुनाई है। कोर्ट ने साफ कहा कि Circumstantial Evidence के आधार पर यह साबित होता है कि आरोपी ही हत्या के लिए जिम्मेदार है।

    🏛️ Court का फैसला: “Homicidal Death हुई, आरोपी जिम्मेदार”

    Additional Sessions Judge M Mohiuddin ने 24 फरवरी के अपने Judgment में कहा कि मृतका ललिता शेनॉय की मौत आरोपी की कस्टडी में हुई और यह Homicidal Death है।

    कोर्ट के मुताबिक:

    • घटना के समय घर में सिर्फ आरोपी मौजूद था
    • Crime Scene से Blood-Stained Items बरामद हुए
    • आरोपी यह नहीं बता सका कि मां को चोटें कैसे आईं

    जज ने कहा कि आरोपी द्वारा दिया गया स्पष्टीकरण झूठा प्रतीत होता है, जो उसके खिलाफ मजबूत परिस्थिति जन्य साक्ष्य (Circumstantial Evidence) है।

    📍 Dahisar की Chawl में रहता था आरोपी

    यह मामला मुंबई के Dahisar इलाके का है। आरोपी अपनी मां के साथ एक Chawl में रहता था।

    कोर्ट रिकॉर्ड के अनुसार:

    • घटना के समय घर में कोई अन्य परिवार सदस्य मौजूद नहीं था
    • पड़ोसियों ने बताया कि मां-बेटे के बीच कभी-कभी झगड़ा होता था

    📞 सुबह पुलिस को दी थी “Unknown Person” वाली जानकारी

    हत्या की रात के बाद अगली सुबह आरोपी ने पुलिस को फोन कर बताया कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसकी मां की हत्या कर दी है।

    जब पुलिस मौके पर पहुंची तो मां अपने कमरे में मृत पाई गई। कमरे से कई खून से सने सामान बरामद हुए, जिनमें शामिल थे:

    • Paper Cutter
    • खून से सने कपड़े
    • Pillow Cover

    🧾 कथित कबूलनामा, लेकिन Court ने नहीं माना

    कोर्ट ने नोट किया कि आरोपी ने पुलिस के सामने कथित रूप से कबूल किया था कि:

    • उसने मां को 30 Sleeping Tablets दीं
    • तकिए से मुंह दबाया
    • Paper Cutter से गला काटा

    उसने कहा कि झगड़े के बाद उसने “हमेशा के लिए बहस खत्म करने” के लिए यह कदम उठाया।

    लेकिन Indian Evidence Act की Section 25 और Bhartiya Nagrik Suraksha Sanhita की Section 23 के तहत पुलिस के सामने दिया गया Confession अदालत में मान्य नहीं होता।

    इसलिए कोर्ट ने आरोपी के बयान पर भरोसा नहीं किया और फैसला Circumstantial Evidence के आधार पर सुनाया।

    🔬 Forensic Report और Medical Evidence

    जांच के दौरान पुलिस ने कमरे से कई सामान जब्त किए:

    • Paper Cutter
    • Blood-Stained Clothes
    • Pillow
    • Mattress का टुकड़ा

    Forensic Tests में कुछ सामान पर Human Blood की पुष्टि हुई। Medical Examination में पाया गया कि मौत गर्दन पर गहरे कट (Deep Incised Neck Injuries) के कारण हुई।

    हालांकि Paper Cutter पर आरोपी के Fingerprints नहीं मिले, लेकिन कोर्ट ने कहा कि घटना के समय घर में और कोई नहीं था।

    ❗ आरोपी का “Unnatural Conduct” भी बना सबूत

    कोर्ट ने आरोपी के व्यवहार पर भी सवाल उठाए।

    जज ने कहा:

    • अगर कोई अज्ञात व्यक्ति हत्या करता, तो आरोपी शोर मचाता
    • पड़ोसियों को बुलाता
    • मां को अस्पताल ले जाने की कोशिश करता

    लेकिन उसने ऐसा कुछ नहीं किया और सुबह तक चुप रहा। कोर्ट ने इसे “Unnatural Conduct” मानते हुए आरोपी के खिलाफ मजबूत परिस्थिति माना।

    ⚖️ सजा और जुर्माना

    कोर्ट ने आरोपी को Indian Penal Code की Section 302 के तहत Murder का दोषी ठहराया।

    सजा:

    • Life Imprisonment
    • ₹5,000 Fine
    • Fine नहीं भरने पर 3 महीने की अतिरिक्त सजा

    कोर्ट ने यह भी कहा कि आरोपी 29 नवंबर 2018 से न्यायिक हिरासत में है और Code of Criminal Procedure की Section 428 के तहत जेल में बिताया गया समय सजा में Adjust किया जाएगा।

    👩‍⚖️ कौन थे वकील?

    • आरोपी की ओर से Advocate Shashikant Damodarlal Chandak (Legal Aid) और Kanchan Chandak पेश हुए।
    • राज्य की ओर से Additional Public Prosecutor PS Rathod ने पैरवी की।

    ❓ FAQ Section

    1. आरोपी को किस धारा में सजा मिली?

    IPC Section 302 (Murder) के तहत उम्रकैद की सजा सुनाई गई।

    2. क्या आरोपी का Confession कोर्ट में माना गया?

    नहीं, Indian Evidence Act और BNSS Act के तहत पुलिस के सामने दिया गया Confession मान्य नहीं होता।

    3. सजा क्या है?

    Life Imprisonment और ₹5,000 जुर्माना।

    4. घटना कब की है?

    आरोपी को 29 नवंबर 2018 को गिरफ्तार किया गया था और तभी से वह न्यायिक हिरासत में है।

  • Borivali Reservoir Repair: Dahisar–Borivali Water Supply पर बड़ा अपडेट

    Borivali Reservoir Repair: Dahisar–Borivali Water Supply पर बड़ा अपडेट

    Mumbai में Dahisar और Borivali को पानी सप्लाई करने वाला Borivali Hill Reservoir 30 साल पुराना हो चुका है। BMC ने Structural Audit के बाद 37 करोड़ रुपये की लागत से तुरंत Repair Work शुरू करने का फैसला लिया है।

    मुंबई: Dahisar और Borivali इलाके में रहने वाले लाखों लोगों के लिए बड़ी खबर है। Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) ने साफ किया है कि Borivali Tekdi पर बना पुराना जलाशय अब जर्जर हालत में हो चुका है और उसमें से Water Leakage हो रहा है। यही वजह है कि अब नगर निगम ने Immediate Structural Repair Work शुरू करने का फैसला लिया है।

    🏗️ 30 साल पुराने Reservoir का Structural Audit

    BMC के मुताबिक, मध्य क्षेत्र में स्थित Borivali Hill Reservoir No. 2 और No. 3 से Borivali और Dahisar के कई इलाकों में Drinking Water Supply की जाती है।

    • Reservoir No. 2 का निर्माण वर्ष 1992 में हुआ था।
      👉 Storage Capacity: 36.2 Million Litres
    • Reservoir No. 3 का निर्माण वर्ष 1996 में हुआ था।
      👉 Storage Capacity: 36.4 Million Litres

    दोनों Reservoir अब 30 साल से ज्यादा पुराने हो चुके हैं। इसी वजह से BMC के Technical Advisors ने इनका Structural Audit किया।

    📉 Water Leakage और Low Pressure Supply की बड़ी वजह

    Structural Audit रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि दोनों जलाशयों को Immediate Comprehensive Structural Repair की जरूरत है।

    अधिकारियों के अनुसार:

    • Reservoir से Water Seepage हो रहा है
    • Expected Level तक Water Storage Capacity नहीं बढ़ाई जा सकती
    • Dahisar और Borivali में Low Water Pressure की समस्या सामने आ रही है

    इसी वजह से इन दोनों Reservoir की मरम्मत को अनिवार्य माना गया है।

    🔧 कैसे होगा Repair Work?

    Repair Work के दौरान ये बड़े काम किए जाएंगे:

    • Reservoir की छत पर लगी Waterproofing Layer हटाई जाएगी
    • Cement Concrete Structure को Iron Rods (Reinforcement) तक खोला जाएगा
    • जंग लगी लोहे की छड़ों की सफाई और Anti-Rust Treatment
    • आवश्यक जगहों पर Valve Installation
    • Structural Strengthening Measures

    इस पूरे Project पर लगभग ₹37 करोड़ रुपये की लागत आएगी।

    🏢 किस कंपनी को मिला ठेका?

    Reservoir Repair Project के लिए API Civilcon Private Limited को चुना गया है।

    BMC Water Engineering Department के अधिकारियों के अनुसार, यह काम प्राथमिकता पर शुरू किया जाएगा ताकि Dahisar–Borivali Water Supply System को स्थिर और सुरक्षित बनाया जा सके।


    ❓ FAQ Section

    1. Borivali Reservoir कितने साल पुराना है?

    Reservoir No. 2 (1992) और Reservoir No. 3 (1996) में बने थे, यानी 30 साल से ज्यादा पुराने हैं।

    2. Water Supply में दिक्कत क्यों आ रही थी?

    Water Leakage और कम Storage Capacity की वजह से Low Pressure Supply हो रही थी।

    3. Repair Work पर कितनी लागत आएगी?

    करीब 37 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

    4. किस कंपनी को ठेका मिला है?

    API Civilcon Private Limited को Repair Contract दिया गया है।

  • शुक्ला कंपाउंड विवाद: MLA सुनील प्रभु ने मुख्यमंत्री से मांगा हस्तक्षेप, 1962 की डेट ऑफ लाइन बदलने की मांग तेज

    शुक्ला कंपाउंड विवाद: MLA सुनील प्रभु ने मुख्यमंत्री से मांगा हस्तक्षेप, 1962 की डेट ऑफ लाइन बदलने की मांग तेज

    मुंबई के दहिसर पूर्व स्थित शुक्ला कंपाउंड में 400 परिवारों का भविष्य अधर में लटका है। विकासक द्वारा 1962 से पहले के दस्तावेज़ मांगने पर दिंडोशी के MLA सुनील प्रभु ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर इस नियम में बदलाव की मांग की है। मामला अब शीतकालीन अधिवेशन में उठेगा।

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई: दहिसर पूर्व के रावलपाड़ा स्थित शुक्ला कंपाउंड में रहने वाले करीब 400 परिवारों का भविष्य संकट में पड़ गया है, क्योंकि प्रोजेक्ट डेवलपर ने इन सभी परिवारों से घर पुनर्विकास पात्रता के लिए 1962 से पहले के दस्तावेज़ देने की शर्त रखी है।

    इन दस्तावेज़ों को उपलब्ध न करा पाने के कारण सैकड़ों परिवार बेघर होने की चिंता में हैं। अब यह मामला राजनीतिक रूप से बड़ा रूप ले चुका है।

    🏘 45 साल से रहने वाले परिवारों पर बेघर होने का खतरा

    शुक्ला कंपाउंड में रहने वाले अधिकतर परिवार पिछले चार से पांच दशकों से इस इलाके में रह रहे हैं। कई परिवार छोटे उद्योग और मजदूरी कर अपनी रोज़ी-रोटी चलाते हैं।

    इन निवासियों का कहना है कि उन्होंने बिजली बिल, राशन कार्ड, आधार कार्ड, पानी के बिल सहित कई सरकारी दस्तावेज़ जमा किए हैं, लेकिन डेवलपर केवल 1962 के पहले की ओनरशिप प्रूफ स्वीकार कर रहा है — जो लगभग असंभव है।

    🏗 डेवलपर पर स्वार्थी प्रोजेक्ट प्लानिंग का आरोप

    मौजूदा ज़मीन का असली मालिक गोविंद पाटिल ने यह प्लॉट साल 1920 में इकबाल मिर्ची से जुड़े नामों और शेलाजी इंफ्रास्ट्रक्चर के अशोक जैन को बेचा था।

    अब विकासक अशोक जैन इस जमीन पर हाई-राइज़ हाउसिंग प्रोजेक्ट बनाने की तैयारी कर रहे हैं।

    रहवासियों का आरोप है कि—

    “डेवलपर खुद का फायदा ज्यादा देख रहा है और पुराना डेट ऑफ लाइन दिखाकर लोगों को बाहर करने की कोशिश कर रहा है।”

    🧾 MLA सुनील प्रभु पैरवी में, मुख्यमंत्री को पत्र

    दिंडोशी विधानसभा के शिवसेना नेता एवं MLA सुनील प्रभु ने इस मामले में दखल देते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखा है।

    प्रभु ने पत्र में लिखा कि—

    “मुंबई और महाराष्ट्र में किसी भी हाउसिंग स्कीम में पात्रता के लिए अधिकतर जगह 2012 से पहले का डॉक्यूमेंट पर्याप्त माना जाता है। ऐसे में शुक्ला कंपाउंड में 1962 की शर्त अन्यायपूर्ण है और इसे बदला जाना चाहिए।”

    उन्होंने यह भी ऐलान किया कि वे इस मुद्दे को आगामी नागपुर में होने वाले शीतकालीन विधान सभा अधिवेशन में ‘ध्यान आकर्षण’ के रूप में उठाएँगे।

    🔍 इस बदलाव से अन्य प्रोजेक्ट भी होंगे प्रभावित

    यदि सरकार दस्तावेज़ की पात्रता 1962 से बदलकर 2012 या वर्तमान नियम के अनुसार करती है, तो उसका सीधा लाभ—

    ✔ मुंबई
    ✔ ठाणे
    ✔ पालघर
    ✔ नवी मुंबई

    में हो रहे हज़ारों पुनर्विकास प्रोजेक्ट्स को मिल सकता है।


    FAQ सेक्शन:

    प्रश्नउत्तर
    क्या नियम अभी बदले गए हैं?नहीं, नियम बदलने की मांग की गई है और मामला विधानसभा में उठेगा।
    क्या सभी रहवासियों को घर मिलेगा?फिलहाल स्थिति अनिश्चित है। नियम बदलने पर ही रास्ता स्पष्ट होगा।
    क्या यह मामला कानूनी रूप से कोर्ट में जा सकता है?हाँ, यदि समाधान न मिला तो रहवासी कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं।
  • मुंबई के वेस्टर्न उपनगरों में अब लगेंगे वॉटर मीटर, BMC करेगी सप्लाई मॉनिटरिंग शुरू

    मुंबई के वेस्टर्न उपनगरों में अब लगेंगे वॉटर मीटर, BMC करेगी सप्लाई मॉनिटरिंग शुरू

    मुंबई के गोरेगांव से दहिसर तक अब बीएमसी लगाएगी वॉटर मीटर। पानी की सप्लाई में दबाव की कमी और लीकेज की पहचान होगी आसान। पश्चिमी उपनगरों में पानी की कमी पर अब सख्ती से नज़र रखी जाएगी।

    मुंबई: शहर में पानी की सप्लाई से जुड़ी समस्याओं को हल करने के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) अब एक नई पहल शुरू करने जा रही है।
    गोरेगांव से लेकर दहिसर तक के वेस्टर्न उपनगरों (Western Suburbs) में अब वॉटर मीटर (Water Meter) लगाए जाएंगे, जिससे न सिर्फ पानी का दबाव (Water Pressure) मॉनिटर किया जा सकेगा, बल्कि लीकेज और कंटैमिनेशन जैसी दिक्कतों का तुरंत पता चल सकेगा।

    बीएमसी का मानना है कि इन वॉटर मीटरों से न्यायसंगत जल वितरण (Equitable Water Distribution) सुनिश्चित किया जा सकेगा और लंबे समय से परेशान इलाकों में राहत मिलेगी।

    🚰 गोरेगांव से दहिसर तक वॉटर मीटर लगाने की योजना

    बीएमसी अधिकारियों के मुताबिक, पहले चरण में गोरेगांव, कांदिवली, बोरीवली, दहिसर और मलाड (Marve क्षेत्र सहित) जैसे इलाकों में वॉटर मीटर लगाए जाएंगे।
    इन इलाकों में पिछले चार महीनों से लगातार कम दबाव की पानी की सप्लाई (Low Water Pressure) की शिकायतें मिल रही हैं।

    हालांकि मुंबई के सात झीलों में पर्याप्त पानी का भंडार मौजूद है, लेकिन पश्चिमी उपनगरों में पाइपलाइन दबाव और लीकेज की समस्या की वजह से कई सोसायटियों को अब भी कम सप्लाई मिल रही है।

    📉 कम दबाव की समस्या बनी बड़ी चुनौती

    केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने हाल ही में उत्तर मुंबई के पानी संकट की समीक्षा बैठक की थी।
    उन्होंने बताया कि दहिसर, मागाठाणे और कांदिवली जैसे इलाकों में पानी का दबाव 40-45 लेवल तक ही रह जाता है, जबकि आदर्श स्तर 60-65 होना चाहिए।

    गोयल ने बीएमसी को सुझाव दिया कि ऐसे इलाकों में जोनल प्रेशर मीटर (Zonal Pressure Meter) लगाकर सप्लाई को ट्रैक किया जाए ताकि तुरंत सुधार किया जा सके।

    🧾 प्रदूषित पानी और पाइपलाइन लीकेज पर सख्त निगरानी

    बैठक में मंत्री ने कहा कि सबसे पहले प्रदूषित पानी और पाइपलाइन लीकेज जैसी शिकायतों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
    उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रभावित इलाकों का डिजिटल मैप तैयार किया जाए और सुधारात्मक कदम तुरंत उठाए जाएं।

    हालांकि कुल सप्लाई बढ़ाने में समय लगेगा, लेकिन यह मॉनिटरिंग सिस्टम तत्काल राहत देने में मदद करेगा।

    🗣️ स्थानीय नेताओं की मांग – ‘बराबर पानी सप्लाई हो’

    बोरीवली के विधायक संजय उपाध्याय ने कहा,

    “शहर के दक्षिण हिस्से से बड़ी आबादी उपनगरों में शिफ्ट हो चुकी है, लेकिन पानी का वितरण उसी पुराने पैटर्न पर है। पश्चिमी उपनगरों को अब भी कम सप्लाई दी जा रही है, जो अनुचित है।”

    स्थानीय नेताओं ने मांग की है कि बीएमसी सप्लाई की रफ्तार बढ़ाए और वॉटर मीटर के जरिए पारदर्शी सिस्टम लाए।

    🏙️ बीएमसी की उम्मीद – अगले साल तक बड़ा बदलाव

    बीएमसी इंजीनियरिंग विभाग का कहना है कि अगले छह से आठ महीनों में यह वॉटर मीटरिंग प्रोजेक्ट पूरा कार्यान्वित (Implemented) हो जाएगा।
    इसके बाद हर ज़ोन में डिजिटल डेटा के ज़रिए पानी की खपत, दबाव और लीकेज की जानकारी रियल टाइम में मिल सकेगी।


    FAQ सेक्शन

    Q1. बीएमसी कहां-कहां वॉटर मीटर लगाएगी?
    👉 पहले चरण में गोरेगांव से दहिसर तक के वेस्टर्न उपनगरों में।
    Q2. इस योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
    👉 पानी का दबाव मॉनिटर करना, लीकेज पकड़ना और न्यायसंगत सप्लाई सुनिश्चित करना।
    Q3. कौन-कौन से इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित हैं?
    👉 मागाठाणे, दहिसर, कांदिवली (वेस्ट) और मलाड (वेस्ट) के मार्वे क्षेत्र।
    Q4. क्या केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने इस पर कोई कदम उठाया है?
    👉 हां, उन्होंने बीएमसी को मीटर लगाने और पाइपलाइन लीकेज पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
    Q5. यह प्रोजेक्ट कब तक पूरा होगा?
    👉 बीएमसी का लक्ष्य है कि अगले 6–8 महीनों में इसे पूरी तरह लागू किया जाए।

  • Mumbai: नाबालिग बेटी से यौन शोषण के आरोप में गिरफ्तार पिता बरी — गवाही और सबूतों में मेल नहीं

    Mumbai: नाबालिग बेटी से यौन शोषण के आरोप में गिरफ्तार पिता बरी — गवाही और सबूतों में मेल नहीं

    मुंबई की पॉक्सो कोर्ट ने 35 वर्षीय व्यक्ति को नाबालिग बेटी से यौन शोषण के आरोप से बरी किया। अदालत ने कहा कि न तो पीड़िता और न ही उसकी मां ने कोई पुख्ता बयान दिया, जबकि मेडिकल रिपोर्ट में भी शोषण के निशान नहीं मिले।

    मुंबई: एक स्पेशल POCSO कोर्ट ने 35 वर्षीय पिता को नाबालिग बेटी के यौन शोषण के आरोप से बरी कर दिया, जिसे 2022 में गिरफ्तार किया गया था।
    अदालत ने साफ कहा कि गवाही और सबूतों में कोई मेल नहीं मिला, इसलिए आरोपी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता।

    🔹 क्या था मामला

    मामला कांदिवली पुलिस स्टेशन का है, जहाँ पीड़िता ने अपने पिता के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।
    शिकायत में कहा गया था कि लड़की की मां घरों में नौकरानी का काम करती है, जबकि पिता शराब के नशे में घर आते हैं।
    घटना के समय पीड़िता छठी कक्षा में पढ़ती थी

    लड़की का आरोप था कि गणपति उत्सव से कुछ दिन पहले, पिता शराब पीकर घर आए, दरवाज़ा बंद कर दिया और उसे कपड़े उतारने को कहा।
    वहां उन्होंने कथित तौर पर यौन शोषण किया और धमकी दी कि अगर किसी को बताया तो जान से मार देंगे।
    उसने आगे कहा कि कुछ दिन बाद फिर उसने साथ सोने के लिए कहा और जब मां ने उसकी रोने की आवाज सुनी, तो मामला खुला।
    इसके बाद मां-बेटी ने जाकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

    🔹 अदालत में पलटी गवाही

    मामला जब अदालत पहुंचा, तो पीड़िता ने अपने बयान में कहानी बदल दी
    उसने कहा कि पिता ने सिर्फ मोबाइल चलाने और पढ़ाई न करने पर उसे और भाइयों को पीटा था
    यौन शोषण की कोई बात उसने अपने बयान में नहीं कही।
    यहां तक कि उसकी मां ने भी कहा कि पति ने कोई गलत काम नहीं किया

    🔹 डिफेंस की दलील और कोर्ट का निर्णय

    बचाव पक्ष की ओर से एडवोकेट सुवर्णा अवध वास्ट और राहुल डिंगणकर ने दलील दी कि
    पीड़िता और मां दोनों के बयानों में कोई पुख्तापन नहीं है और
    मेडिकल रिपोर्ट में भी किसी प्रकार की चोट या शोषण के निशान नहीं मिले

    कोर्ट ने माना कि कोई भी सबूत या गवाही आरोपों की पुष्टि नहीं करती
    इसलिए आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया

    🔹 अदालत का अवलोकन

    न्यायाधीश ने कहा —

    “मां और बेटी दोनों ने बयान में शोषण का जिक्र नहीं किया।
    मेडिकल रिपोर्ट में भी किसी प्रकार की अंदरूनी या बाहरी चोट नहीं पाई गई।
    ऐसे में अदालत आरोपी को दोषी नहीं ठहरा सकती।”

    ⚖️ POCSO कोर्ट का रुख साफ: सबूत के बिना सज़ा नहीं

    पॉक्सो (POCSO) अधिनियम के तहत नाबालिगों से जुड़ी यौन उत्पीड़न की शिकायतों पर
    तेज़ कार्रवाई और सख्त सज़ा का प्रावधान है।
    लेकिन अदालतों का यह भी मानना है कि
    यदि गवाहों और मेडिकल साक्ष्य में मेल नहीं बैठता,
    तो किसी व्यक्ति को दोषी नहीं ठहराया जा सकता।

    🟨 मुख्य बिंदु एक नजर में

    • आरोपी पिता की उम्र: 35 वर्ष
    • मामला दर्ज: कांदिवली पुलिस स्टेशन, 2022
    • कोर्ट: स्पेशल POCSO कोर्ट, मुंबई
    • नतीजा: गवाही और सबूतों में विरोधाभास के कारण बरी
    • मेडिकल रिपोर्ट: किसी भी प्रकार की चोट नहीं पाई गई

    FAQ सेक्शन

    Q1. आरोपी को किस मामले में गिरफ्तार किया गया था?
    → अपनी नाबालिग बेटी से यौन शोषण के आरोप में।
    Q2. कोर्ट ने उसे क्यों बरी किया?
    → क्योंकि पीड़िता और उसकी मां के बयान आरोपों से मेल नहीं खाते थे और कोई मेडिकल सबूत नहीं मिला।
    Q3. मामला किस पुलिस स्टेशन में दर्ज था?
    → कांदिवली पुलिस स्टेशन, मुंबई।
    Q4. पॉक्सो कानून क्या है?
    → यह कानून नाबालिगों के साथ यौन अपराधों पर कड़ी सज़ा और सुरक्षा सुनिश्चित करता है।

  • मुंबई रोड रेज: एसयूवी से भिड़ंत के बाद कार ड्राइवर चढ़ा बोनट पर, दहिसर चेक नाका हाईवे पर हंगामा; वीडियो वायरल

    मुंबई रोड रेज: एसयूवी से भिड़ंत के बाद कार ड्राइवर चढ़ा बोनट पर, दहिसर चेक नाका हाईवे पर हंगामा; वीडियो वायरल

    मुंबई के वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर दहिसर चेक नाका के पास रोड रेज का बड़ा मामला। कार और एसयूवी की टक्कर के बाद कार ड्राइवर चढ़ा बोनट पर, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल। पुलिस जांच में जुटी।

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में रोड रेज का खतरनाक मामला सामने आया है। दहिसर चेक नाका के पास वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे (Western Express Highway) पर एक एसयूवी और कार की टक्कर के बाद सड़क पर जबरदस्त हंगामा हुआ। इतना ही नहीं, गुस्से में आकर कार ड्राइवर सीधे एसयूवी के बोनट पर चढ़ गया और वहां बैठकर वीडियो बनाना शुरू कर दिया। इस पूरे वाकये का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।

    कार और एसयूवी की भिड़ंत से शुरू हुआ विवाद

    पुलिस के मुताबिक यह घटना शुक्रवार सुबह की है। एक टोयोटा फॉर्च्यूनर (MH 12 NL 2511) और एक कार की हल्की भिड़ंत हुई। टक्कर के बाद दोनों गाड़ियों के ड्राइवरों में बहस शुरू हो गई, लेकिन मामला यहीं नहीं रुका। गुस्से में कार ड्राइवर फॉर्च्यूनर के बोनट पर चढ़ गया और वहां बैठकर मोबाइल से वीडियो बनाने लगा।

    ट्रैफिक जाम और लोगों की भीड़

    घटना व्यस्त समय में हुई, जिस वजह से वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर ट्रैफिक की रफ्तार धीमी पड़ गई। राहगीर और अन्य ड्राइवर इस नजारे को देखकर हैरान रह गए। सोशल मीडिया पर शेयर हो रहे वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि फॉर्च्यूनर धीरे-धीरे चल रही है और बोनट पर बैठा शख्स मोबाइल से लगातार रिकॉर्डिंग कर रहा है।

    वायरल वीडियो ने उठाए सवाल

    वीडियो में दूसरे वाहन चालक की आवाज सुनाई देती है जो कहता है, “गाड़ी साइड में लगाओ।” इस घटना ने मुंबईकरों के बीच रोड रेज और लोगों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    दोनों ड्राइवर पहुंचे थाने

    हंगामे के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। दोनों ड्राइवर दहिसर पुलिस स्टेशन पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने वायरल वीडियो जब्त कर लिया है और घटना की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने कहा कि जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    रोड रेज क्यों बन रहा खतरा?

    मुंबई जैसे महानगरों में ट्रैफिक और गाड़ियों की भीड़ के चलते अक्सर झगड़े की घटनाएं देखने को मिल रही हैं। कई बार यह झगड़े हादसों और हिंसा का रूप ले लेते हैं। पुलिस लगातार लोगों से अपील करती रही है कि धैर्य रखें और गुस्से में आकर सड़क पर हंगामा न करें।


    ❓ FAQ

    Q1. घटना कहां हुई?
    👉 दहिसर चेक नाका, वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे, मुंबई।

    Q2. वीडियो में क्या दिख रहा है?
    👉 एक कार ड्राइवर फॉर्च्यूनर एसयूवी के बोनट पर बैठा वीडियो बना रहा है जबकि गाड़ी धीरे-धीरे चल रही है।

    Q3. पुलिस ने क्या कदम उठाया है?
    👉 पुलिस ने वायरल वीडियो जब्त कर लिया है और दोनों ड्राइवरों की शिकायत दर्ज कर जांच शुरू की है।

    Q4. रोड रेज के मामले क्यों बढ़ रहे हैं?
    👉 ट्रैफिक जाम, धैर्य की कमी और गुस्से में लिया गया गलत कदम, रोड रेज को बढ़ावा दे रहे हैं।

  • मुंबई के दहिसर में मिलावटखोरी के खिलाफ फूड एंड ड्रग्स की कार्रवाई

    मुंबई के दहिसर में मिलावटखोरी के खिलाफ फूड एंड ड्रग्स की कार्रवाई

    मुंबई क्राईम ब्रांच युनिट 12 की टीम ने दहिसर पूर्व इलाके में फूड एंड ड्रग्स ऑफिसर की मदद से छापामारी कर 39,917 रुपये के माल जब्त किया है। गिरफ्तार 38 वर्षीय आरोपी अमूल, गोकुल और नंदिनी दूध में मिलावटखोरी कर बिक्री कर रहा था। Food and Drugs action against adulteration in Dahisar, Mumbai

    मुंबई: दहिसर (पूर्व), रूम नं. 07, मनुभाई चाळ, एस.पी.रोड, घरटनपाडा, नितीन इंडस्ट्रीज के कमरे में तडके सुबह के लगभग 5 बजे जब मुंबई क्राईम ब्रांच युनिट 12 की टीम ने छापेमारी की तो वहां 38 वर्षीय सैदुल नरसिम्हा कावेरी नामक व्यक्ति अमूल, गोकुल और नंदिनी ब्रांड के दूध के पैकेट में अस्वच्छ पानी मिला कर पैकिंग करता हुआ पकड़ा गया। इसकी गुप्त सूचना पहले से मिली थी इसलिए पुलिस ने मुंबई शहर की अन्न सुरक्षा अधिकारी श्रीमती अर्चना रामभाऊ वानरे को भी साथ ले गई थी। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह दहिसर पश्चिम के आईसी कॉलोनी झोपडपट्टी इलाके और चाय की टपरी चलाने वालों को यह मिलावटी दूध का पैकेट वितरित करता था। Food and Drugs action against adulteration in Dahisar, Mumbai

    दूध में मिलावटखोरी

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    दूध हमारे जीवन का इतना महत्वपूर्ण आहार है। जिसे हमारे शारिरीक पोषक तत्व के लिए इस्तेमाल करते है। खासकर हम अपने बच्चों को एक भरोसे के आधार पर कंपनी के ब्रांड को देखते हुए खरीद कर पिला देते हैं। ऐसे में मिलावट खोरी के कारण बच्चों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कितना महंगा पड़ सकता है। इस बारे में सोचना भी कोई नही चाहेगा। लेकिन कुछ लोग मुनाफे के चक्कर में मिलावटी दूध बेचकर हमारे स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। ऐसे ही एक सूचना पर मुंबई क्राईम ब्रांच युनिट 12 की टीम ने सतर्कता दिखाई और सीधे फूड एंड ड्रग्स ऑफिसर को साथ लेकर छापामारी कर दी। Food and Drugs action against adulteration in Dahisar, Mumbai

    पुलिस ने क्या कहा?

    दहिसर (पूर्व) क्राईम ब्रांच युनिट 12 के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सचिन गवस ने बताया कि युनिट की महिला पुलिस हवलदार पडवळ को इसकी गुप्त सूचना मिली थी। उन्होंने बताया, कि हमने अन्न व औषध प्रशासन से संपर्क किया और मुंबई शहर अन्न सुरक्षा अधिकारी के साथ सहायक पुलिस निरीक्षक रासकर, पुलिस हवलदार बिचकर, गोमे, गोरूले, महिला पुलिस हवलदार पडवळ, पुलिस सिपाही के साथ एक टीम बनाकर घटना स्थल पर छापामारी की जहां से आरोपी को रंगे हाथ पकड़ा गया। घटना स्थल से (1) अमुल, गोकुळ व नंदिनी नामांकीत कंपनी के 29,917/- रू किमत के कुल 488 लिटर दुध, (2) अमुल ताजा, अमुल गोल्ड व अमुल बफेलो के 1350 बनावट खाली प्लास्टिक की थैलियां (3) दूध में मिलावटखोरी के लिए आवश्यक साधन सामुग्री (4) मोबाईल फोन तकरिबन 10,000/- रू कुल मिलाकर लगभग 39,917/- रुपये का माल जब्त किया गया। Food and Drugs action against adulteration in Dahisar, Mumbai

    पहले भी यही करता था और हुआ था गिरफ्तार

    पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ दहिसर पुलिस थाने में पहले से इसी तरह का अपराध दर्ज है। दहिसर पुलिस ठाणे गुरक्र. 175/2021 भारतीय दंड संहिता की धारा  272, 482, 486, 420, 468, 34 एवं अन्न सुरक्षा व मानदे अधिनियम 2006 व नियमन 2011 की धारा 26, 27, 31 में भी इसी तरह के अपराध में इसकी गिरफ्तारी हुई थी। पुलिस ने बताया कि फिलहाल वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में आरोपी को दहिसर पुलिस थाने के हवाले कर भारतीय न्याय संहिता की धारा 274, 345(3), 347(1), 318(4), 336(3), 3(5) के साथ-साथ  26, 27, 31, शिक्षा कलम 59 व 63 अन्न सुरक्षा व मानदे कायदा 2006 नियम व नियमन 2011 के तहत गिरफ्तार किया गया है। मामले की और अधिक तहकीकात दहिसर पुलिस कर रही है। Food and Drugs action against adulteration in Dahisar, Mumbai

  • मुंबई के दहिसर में दही हांड़ी अभ्यास के दौरान छठी मंजिल से गिरकर 11 साल के बच्चे की मौत

    मुंबई के दहिसर में दही हांड़ी अभ्यास के दौरान छठी मंजिल से गिरकर 11 साल के बच्चे की मौत

    दहिसर के केतकिपाडा में एक 11 साल के बच्चे की मौत हो गई है। दहीकला महोत्सव की तैयारी कर रही गोविदा पथक के 6ठी मंजिल से गिरकर बच्चे की मौत हुई है। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया। शाजिस का भी है अंदेशा .. 11-year-old boy dies after falling from 6th floor during Dahi Handi practice in Mumbai’s Dahisar

    मुंबई: पश्चिम उपनगर के दहिसर इलाके में दही हांडी अभ्यास के दौरान छठी मंजिल से गिरकर एक 11 साल के बालगोपाल की मौत हो गई है। यह घटना रविवार रात दहिसर पूर्व के केतकिडपाड़ा इलाके में हुई। मृतक बालगोविंद की पहचान महेश रमेश जाधव के रूप में हुई है, जिसकी उम्र 11 वर्ष बताई जा रही ह। मिली जानकारी के मुताबिक मृतक बालगोविंद नवतरुण गोविंदा पथक दल का सदस्य बताया जा रहा है। 11-year-old boy dies after falling from 6th floor during Dahi Handi practice in Mumbai’s Dahisar

    छठी मंजिल से गिरकर हुई मौत

    चूँकि दही हांडी महोत्सव के कुछ ही दिन बचे है, महेश अपनी टोली के साथ अभ्यास कर रहा था। रात करीब 10:45 बजे, जब वह छठी मंजिल पर चढ़ा, तो अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे जमीन पर गिर पड़ा। उसे गंभीर रूप से घायल अवस्था में अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 11-year-old boy dies after falling from 6th floor during Dahi Handi practice in Mumbai’s Dahisar

    लापरवाही का मामला दर्ज

    घटना के बाद, पुलिस ने शुरुआत में आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज किया था। हालाँकि, महेश की माँ की शिकायत के बाद, नवतरुण मित्र मंडल गोविंदा पथक के अध्यक्ष बालू सुरनार के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज किया गया है। शिकायत के मुताबिक अध्यक्ष की लापरवाही ने बच्चे की जान ले ली। पुलिस ने मौत का कारण बनने और निरोधक आदेश का उल्लंघन करने का मामला दर्ज किया गया। 11-year-old boy dies after falling from 6th floor during Dahi Handi practice in Mumbai’s Dahisar

    पुलिस ने क्या बताया ?

    पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, 11 वर्षीया मृतक महेश दहिसर पूर्व के धरखड़ी इलाके में रहता था। उसकी माँ गृहिणी का काम करती है, जबकि उसके पिता मज़दूरी करते हैं। उसके तीन छोटे भाई-बहन हैं। पुलिस फिलहाल इस बात की जाँच कर रही है कि यह एक दुर्घटना थी या कोई साज़िश। 11-year-old boy dies after falling from 6th floor during Dahi Handi practice in Mumbai’s Dahisar

    सुरक्षा नियमों की अनदेखी

    बॉम्बे उच्च न्यायालय ने निर्देश दिया है कि छोटे बच्चों को ऊपरी मंज़िल पर चढ़ने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए और दही हांडी खेलते समय हेलमेट, सुरक्षा बेल्ट और कुशन जैसे उपकरणों का उपयोग करना अनिवार्य है। हालाँकि, कई टीमें इन नियमों का पालन नहीं कर रही हैं। शहर में सैकड़ों गोविंदा पथक इस साल 16 अगस्त को होने वाले दही हांडी उत्सव की तैयारी कर रहे हैं। जब की इस घटना की खबर से सारा माहौल दुखी हो गया है। 11-year-old boy dies after falling from 6th floor during Dahi Handi practice in Mumbai’s Dahisar

  • Mumbai: अंधेरी पुलिस के हत्थे चढ़ा बदमाश, जो राह चलती बुजुर्ग महिलाओं को करता था टार्गेट

    Mumbai: अंधेरी पुलिस के हत्थे चढ़ा बदमाश, जो राह चलती बुजुर्ग महिलाओं को करता था टार्गेट

    अंधेरी पुलिस ने एक ऐसे 50 वर्षीय बदमाश को गिरफ्तार किया है जो राह चलती बुजुर्ग महिलाओं को टार्गेट कर उनके कीमती गहने उड़ा कर रफूचक्कर हो जाया करता था। पश्चिम बंगाल भागते हुए पुलिस ने इगतपुरी से किया गिरफ्तार। कुल 42 घटनाओं का आरोपी हुआ गिरफ्तार .. Mumbai: Andheri police caught a rogue who used to target elderly women walking on the road.

    मुंबई: राह चलती बुजुर्ग महिलाओं को अपने बातों में फंसा कर उनके कीमती गहने उड़ा ले जाने वाले 50 वर्षीय मनव्वर उर्फ अब्दुल हमीद शेख को आखिरकार अंधेरी पुलिस ने इगतपुरी रेलवे स्टेशन पर नाशिक पुलिस की मदद से गिरफ्तार कर लिया है। जैसे ही आरोपी को पता चला कि पुलिस उसे ढूंढ रही है वह पश्चिम बंगाल के लिए फरार हो चुका था। खास बात यह रही कि आरोपी अपने पास कोई मोबाइल फोन भी इस्तेमाल नही करता। लेकिन मुंबई पुलिस की तकनीकी टीम एक बार फिर अनसुलझे केस को सुलझाने में कामयाब हो गई।

    कैसे बनता था शिकार ?

    अंधेरी पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक उमेश मचिंदर ने बताया, कि आए दिन राह चलते बुजुर्गों को टार्गेट करते हुए, उन्हें बातों में उलझा कर उनके किमती सामानों को लेकर फरार होने की कई शिकायतें मिल रही थी। आखरी घटना 15 जुलाई 2025 की है। बुजुर्ग महिला की शिकायत के मुताबिक लगभग 11:50 को वह अंधेरी पूर्व के तेली गली क्रॉस रोड़ पर पैदल चल रही थी, कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसे बातों में फंसाकर उसके 28 ग्राम वजनी सोने की चैन उसके गले से निकलवा लिया और जांच का बहाना बनाते हुए उसे बातों में उलझा कर वहां से फरार हो गया। पुलिस जब घटना स्थल पर पहुंची और सीसीटीवी फुटेज चेक किया तो वह व्यक्ति बरसात की छतरी लिए हुए था। जिसके कारण उसका चेहरा नजर नही आ रहा था।

    कैसे हुई आरोपी की पहचान ?

    क्राईम डिटेक्शन के जांच अधिकारी पुलिस उपनिरीक्षक किशोर परकाळे ने बताया, कि छतरी के पीछे आरोपी वहां से खिसकने में कामयाब हो गया। लेकिन अगले 5 दिनों तक हमारी टीम आरोपी की शिनाख्त करते हुए बहोत सारे सीसीटीवी कैमरों की जांच की, तो पता चला कि आरोपी पुराना शातिर है। जिसके खिलाफ पहले से लगभग 40 मामले दर्ज हैं। कोर्ट से गैर जमानती वारंट भी जारी किया जा चुका है। जब उसके पते पर गए तो पता चला कि वह एक जगह नही कुर्ला पूर्व के कुरेशी नगर के सोनाजी चाल, नेहरू नगर के साहेबा बिल्डिंग और संगम सोसायटी इन तीनों कुर्ला पूर्व के इलाके में रहता है लेकिन जब पुलिस इसकी तलाश कर रही थी तो उसे भनक लग गई और वो फरार हो गया।

    आरोपी के खिलाफ पहले से 36 मामले दर्ज

    क्राईम डिटेक्शन के पुलिस निरीक्षक विनोद पाटील ने बताया, कि आरोपी के खिलाफ पहले से बोरीवली, घाटकोपर, दिंडोशी, जोगेश्वरी, गांवदेवी, बांद्रा, मालाड़, समता नगर, मुंबई सेंट्रल, पंतनगर, भोइवाडा, सांताक्रूज़, दहिसर, नया नगर, ख़ार, नागपाडा और अंधेरी इलाके के पुलिस स्टेशनों और रेलवे पुलिस थानों मे 36 मामले दर्ज हैं। जिसमें मुंबई सेन्ट्रल और बांद्रा कोर्ट से कई मामलों मे गिरफ्तारी के वारंट जारी हो चुके हैं। ऐसे में इसका पता लगाना बहुत जरूरी हो गया था। पुलिस की टीम लगातार मुखबिरों और सीसीटीवी कैमरों की पड़ताल कर रही थी। हमें पता चला कि आरोपी पश्चिम बंगाल के लिए ट्रेन पकड़ चुका है। जिसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी सूचना दी गई और उनकी निगरानी मे नाशिक पुलिस से मदद ली गई।

    नासिका पुलिस ने ट्रेन का पता लगाकर इगतपुरी से आरोपी को हिरासत में लिया और फिर अंधेरी पुलिस को सौंप दिया गया। अंधेरी पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक ने बताया कि चोरी के जेवरात हस्तगत कर लिए गए हैं और उसके साथ ही कुल 6 अपराध का खुलासा हुआ है। जो अंधेरी, वाकोला, सायन, बोरीवली पूर्व के कस्तूरबा पुलिस स्टेशन, वसई रेलवे स्टेशन और दादर रेलवे स्टेशन पर इसने घटना को अंजाम देकर फरार हो गया था। Mumbai: Andheri police caught a rogue who used to target elderly women walking on the road.

  • कचरे में मिला पिस्तौल, बच्चे ने खिलौना समझकर गोली चला दी..

    कचरे में मिला पिस्तौल, बच्चे ने खिलौना समझकर गोली चला दी..

    मुंबई के दहिसर इलाके में एक पिस्तौल मिलने से सनसनी फैल गई है। एक छोटे से बच्चे को कचरे के ढेर में पिस्तौल मिला उसने खिलौना समझ कर गोली चला दी। पुलिस हैरान मामले की कर रही है जांच.. A pistol was found in the garbage, the child fired it thinking it was a toy.

    मुंबई: दहिसर पूर्व के घाटनपाड़ा में एक कचरे के ढेर में पिस्तौल मिलने से पुरे दहिसर इलाके में सनसनी फैल गई है। सिर्फ पिस्तौल ही नही 4 राउंड जिंदा कारतूस भी बरामद हुआ है। एक बच्चे ने जब देखा तो उसे लगा खिलौना होगा उसने उठाकर फायरिंग कर दी। धमाके की आवाज से आस-पास के लोग देखकर भौचक्के रह गए। पहले तो दहशत के मारे लोग तीतर-बितर हो गये। जब बच्चा घबराहट के मारे पिस्तौल फेंक कर भागा तो किसी ने पुलिस को इसकी सूचना दे दी। A pistol was found in the garbage, the child fired it thinking it was a toy.

    पुलिस ने क्या कहा?

    दहिसर पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अशोक होनमाने ने बताया, कि घटना शुक्रवार शाम लगभग 5 बजे की है। दहिसर पुलिस स्टेशन बीट क्रमांक 02 के पुलिस कांस्टेबल कदम को सूचना मिली कि साईकृपा चाल के पूर्वी मैदान के पास, घाटनपाड़ा क्रमांक 02, दहिसर (पूर्व) में कचरे में “एक पिस्तौल और 04 राउंड कारतूस” बरामद हुआ हैं। A pistol was found in the garbage, the child fired it thinking it was a toy.

    खिलौना समझकर कर दिया फायरिंग

    पुलिस जब मौके पर पहुंची और छानबीन की तो पता चला, कि इलाके में रहने वाला एक 12 वर्षीय लड़का वहीं कचरे के आस-पास खेल रहा था, तभी उसने इसे देखा और खिलौना समझ कर गलती से एक राउंड फायर कर दिया। पुलिस ने बताया कि इस घटना में कोई घायल या नुकसान नहीं हुआ है। A pistol was found in the garbage, the child fired it thinking it was a toy.

    सीसीटीवी की पडताल

    वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक ने बताया, कि इस संबंध में पंचनामा कर पिस्तौल व कारतूस को कब्जे में ले लिया गया है और अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। आस-पास के इलाकों से सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाला जा रहा है। पुलिस ने यह भी जताया कि आम लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता करने की जरूरत नही है। मुंबई पुलिस आरोपी की तलाश में जांच टीमों को सतर्क कर दिया है। आशा जताया गया है कि जल्द ही आरोपी पुलिस की गिरफ्त मे होगा। A pistol was found in the garbage, the child fired it thinking it was a toy.