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  • Malad हनीट्रैप केस: नेता से 1.49 लाख की उगाही, पूरा गैंग गिरफ्तार

    Malad हनीट्रैप केस: नेता से 1.49 लाख की उगाही, पूरा गैंग गिरफ्तार

    Malad Honeytrap Case Mumbai: BMC चुनाव हार चुके नेता को फंसाकर 1.49 लाख की उगाही, पुलिस ने पूरे गैंग का किया पर्दाफाश। जानिए modus operandi, आरोपी और पुलिस जांच की पूरी कहानी।

    मुंबई: मालाड पश्चिम इलाके से एक चौंकाने वाला Honeytrap Extortion Case सामने आया है, जिसमें एक स्थानीय नेता को फंसाकर करीब ₹1.49 लाख की उगाही की गई। शुरुआत में एक महिला की गिरफ्तारी हुई थी, लेकिन अब पुलिस जांच में पूरा organized honeytrap gang बेनकाब हो चुका है। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उनके काम करने का तरीका भी सामने आया है।

    कैसे फंसा नेता हनीट्रैप के जाल में

    यह मामला एक ऐसे राजनीतिक कार्यकर्ता से जुड़ा है, जिसने BMC Election 2026 लड़ा था लेकिन हार गया। दिसंबर 2025 में उसकी मुलाकात एक 43 वर्षीय महिला से करवाई गई।

    धीरे-धीरे बातचीत बढ़ी, भरोसा बना और फिर मुलाकातें शुरू हुईं। महिला ने प्लान के तहत उसे होटल में मिलने के लिए तैयार किया, जहां दोनों के बीच कई बार निजी संबंध बने।

    छुपे कैमरे से रिकॉर्डिंग, फिर ब्लैकमेल शुरू

    पुलिस जांच में सामने आया कि महिला ने पहले से प्लानिंग के तहत इन मुलाकातों के दौरान intimate photos और videos secretly record किए।

    कुछ दिनों बाद उसने WhatsApp पर पीड़ित को उसकी आपत्तिजनक फोटो भेजी और धमकी दी—
    अगर पैसे नहीं दिए तो फोटो सोशल मीडिया और परिवार तक पहुंचा दिए जाएंगे।

    यहीं से शुरू हुआ blackmailing racket

    डर के चलते शुरू हुआ पैसों का खेल

    इज्जत जाने के डर से पीड़ित ने शुरुआत में ₹9,000 online transfer किए। इसके बाद लगातार अलग-अलग नंबरों से कॉल आने लगे।

    कॉल करने वाले खुद को

    • पत्रकार
    • सामाजिक कार्यकर्ता
    • पुलिस अधिकारी

    बताकर दबाव बनाते थे। हर बार एक ही धमकी—
    “पैसे दो, नहीं तो फोटो वायरल।”

    ‘सेटलमेंट’ का जाल और कैश वसूली

    कुछ समय बाद गैंग ने एक final settlement offer दिया—
    ₹1 लाख देकर मामला खत्म करने का झांसा।

    डर के चलते पीड़ित तैयार हो गया। गैंग ने एक दूसरी महिला को भेजा, जिसने ₹1 लाख cash collect किए।

    लेकिन इसके बाद भी ब्लैकमेलिंग बंद नहीं हुई।

    कुल उगाही और नई मांग

    जांच में सामने आया कि गैंग ने कुल ₹1,49,500 वसूले:

    • ₹1,00,000 (Cash)
    • ₹49,500 (Online Transfer)

    इसके बाद आरोपियों ने ₹3 लाख और मांग की। जब पीड़ित ने मना किया, तो धमकियां और बढ़ गईं।

    मानसिक तनाव के बाद पुलिस में शिकायत

    लगातार धमकियों और मानसिक दबाव के बाद पीड़ित ने 27 जनवरी 2026 को मालाड पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई।

    इसके बाद पुलिस ने extortion, cheating और IT Act के तहत केस दर्ज किया।

    पहली गिरफ्तारी से खुला पूरा राज

    सबसे पहले मुख्य महिला आरोपी को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने पूरे गैंग का खुलासा कर दिया।

    इसके आधार पर पुलिस ने एक-एक कर सभी आरोपियों को पकड़ लिया।

    गिरफ्तार आरोपियों की भूमिका

    इस गैंग में शामिल थे:

    • मुख्य महिला (43 वर्ष): टारगेट फंसाना और वीडियो बनाना
    • दूसरी महिला: कैश कलेक्शन
    • मास्टरमाइंड: प्लानिंग और धमकी कॉल
    • कॉलर गैंग (2–3 सदस्य): फर्जी पहचान से दबाव
    • टेक्निकल एक्सपर्ट: WhatsApp, fake numbers, digital payments संभालना

    (कुछ नाम पुलिस ने सुरक्षा कारणों से सार्वजनिक नहीं किए हैं)

    Modus Operandi: ऐसे चलता था पूरा रैकेट

    1. Target Selection – प्रतिष्ठित और डरने वाले लोग
    2. Contact Setup – महिला के जरिए दोस्ती
    3. Trap Creation – निजी मुलाकात और संबंध
    4. Recording – छुपे कैमरे से वीडियो
    5. Blackmailing – फोटो भेजकर धमकी
    6. Pressure Calls – fake journalist/police identity
    7. Money Collection – cash + online + settlement

    क्या और लोग भी बने शिकार?

    पुलिस अब जांच कर रही है कि यह गैंग और किन लोगों को निशाना बना चुका है।

    जब्त किए गए मोबाइल और डिजिटल डिवाइस से संकेत मिले हैं कि यह serial honeytrap racket हो सकता है।

    पुलिस का बयान

    सीनियर अधिकारियों के मुताबिक:

    • यह एक organized crime network है
    • सभी आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं
    • डिजिटल फॉरेंसिक जांच जारी है
    • और भी पीड़ित सामने आ सकते हैं

    कानूनी धाराएं और सजा

    आरोपियों पर लगे हैं:

    • Extortion
    • Criminal Intimidation
    • Cheating
    • IT Act

    दोष साबित होने पर कई साल की जेल हो सकती है।

    सुरक्षा के लिए एक्सपर्ट्स की सलाह

    • अनजान लोगों से ऑनलाइन/ऑफलाइन दूरी रखें
    • Private photos/videos शेयर न करें
    • Honeytrap या blackmail होने पर तुरंत पुलिस से संपर्क करें
    • Social media पर सावधानी रखें

    Related Links (Useful Resources)


    FAQ Section

    Q1. हनीट्रैप क्या होता है?

    हनीट्रैप एक ऐसा जाल होता है जिसमें किसी व्यक्ति को रिश्ते या आकर्षण के जरिए फंसाकर बाद में ब्लैकमेल किया जाता है।

    Q2. इस केस में कितनी उगाही हुई?

    कुल ₹1,49,500 की उगाही की गई।

    Q3. क्या सभी आरोपी गिरफ्तार हो गए हैं?

    हाँ, पुलिस ने पूरे गैंग को गिरफ्तार कर लिया है।

    Q4. पीड़ित ने कब शिकायत की?

    27 जनवरी 2026 को मालाड पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज की गई।

    Q5. अगर कोई ब्लैकमेल करे तो क्या करें?

    तुरंत पुलिस या cybercrime portal पर शिकायत करें।

  • Goregaon में पति की शर्मनाक हरकत, पत्नी की आपत्तिजनक फोटो वायरल भी की और दी धमकी

    Goregaon में पति की शर्मनाक हरकत, पत्नी की आपत्तिजनक फोटो वायरल भी की और दी धमकी

    Goregaon में पति ने पत्नी की objectionable photos सोशल मीडिया पर वायरल कीं। Dindoshi Police ने दर्ज किया केस, IT Act और BNS की धाराएं लगीं।

    मुंबई: गोरेगांव से एक चौंकाने वाला Cyber Crime Mumbai मामला सामने आया है, जहां एक पति ने अपनी ही पत्नी की objectionable photos viral कर दीं। महिला ने जब पति के extramarital affair के चलते तलाक की अर्जी दी, तो आरोपी ने बदला लेने के लिए यह कदम उठाया।

    📍 आरोपी कौन है

    पुलिस के मुताबिक आरोपी 35 वर्षीय व्यक्ति है, जो Indian Railways में Senior Section Engineer के पद पर कार्यरत है।
    यह दंपत्ति 25 नवंबर 2020 को शादी के बंधन में बंधे थे और गोरेगांव में साथ रह रहे थे।

    💔 विवाद की शुरुआत कैसे हुई

    शादी के कुछ महीनों बाद ही पति के affair को लेकर दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया।
    इसके चलते रिश्ते में तनाव बढ़ता गया।

    ⚠️ महिला को दी धमकी, परिवार से बदसलूकी

    23 अगस्त 2024 को जब महिला अपने राजस्थान स्थित मायके गई, तब आरोपी वहां पहुंचा।
    उसने

    • महिला के परिवार को गालियां दीं
    • आत्महत्या की धमकी दी
    • झूठे केस में फंसाने की धमकी दी

    इसके बाद महिला ने अलग रहने का फैसला लिया।

    ⚖️ तलाक की अर्जी के बाद बढ़ी हरकतें

    महिला ने जून 2025 में बांद्रा फैमिली कोर्ट में तलाक की अर्जी दाखिल की।
    इसके बाद आरोपी और ज्यादा आक्रामक हो गया।

    📱 Instagram अकाउंट हैक कर किया दुरुपयोग

    पुलिस के अनुसार, 15 जनवरी 2026 को आरोपी ने पत्नी का Instagram अकाउंट हैक कर लिया।
    उसका नाम बदलकर दोस्तों से बात की और महिला को बदनाम करने की कोशिश की।

    😡 “अगर मेरी नहीं तो किसी की नहीं”

    आरोपी ने कथित तौर पर सोशल मीडिया पर पत्नी की आपत्तिजनक फोटो और कंटेंट पोस्ट किया।
    साथ ही फोन पर धमकी दी:
    “If you are not mine, I won’t let you belong to anyone.”

    उसने महिला की हत्या की धमकी भी दी।

    📲 WhatsApp से भेजे अश्लील फोटो-वीडियो

    पुलिस के मुताबिक, 18 मार्च 2026 को आरोपी ने WhatsApp के “one-time view” feature का इस्तेमाल कर

    • पत्नी
    • उसके दोस्तों

    को निजी और आपत्तिजनक फोटो-वीडियो भेजे और बाद में डिलीट कर दिए।

    हालांकि, महिला ने दूसरे मोबाइल से इसका रिकॉर्ड बना लिया।

    🎤 गाली-गलौज और कैरेक्टर पर सवाल

    आरोपी ने महिला और उसके दोस्तों को abusive voice messages भेजे और उसके चरित्र पर सवाल उठाए।
    साथ ही Instagram पर कंटेंट वायरल कर उसे बदनाम करने की कोशिश की।

    🚓 पुलिस ने दर्ज किया केस

    महिला की शिकायत के आधार पर Dindoshi Police ने 21 मार्च 2026 को FIR दर्ज की।

    आरोपी पर

    • BNS की धारा 351(2), 352, 356
    • IT Act की धारा 66C, 66E, 67A

    लगाई गई हैं।

    📊 पूरा टाइमलाइन एक नजर में

    • 25 नवंबर 2020 – शादी
    • 23 अगस्त 2024 – महिला मायके गई
    • जून 2025 – तलाक की अर्जी
    • 15 जनवरी 2026 – Instagram अकाउंट हैक
    • 18 मार्च 2026 – WhatsApp पर फोटो भेजे
    • 21 मार्च 2026 – FIR दर्ज

    🔗 Related Links


    ❓ FAQ (Frequently Asked Questions)

    Q1. मामला क्या है?
    पति ने पत्नी की आपत्तिजनक फोटो सोशल मीडिया पर वायरल की और धमकी दी।

    Q2. पुलिस ने कौन सी धाराएं लगाई हैं?
    BNS और IT Act की कई धाराओं के तहत केस दर्ज हुआ है।

    Q3. Instagram अकाउंट कैसे इस्तेमाल हुआ?
    आरोपी ने अकाउंट हैक कर उसका दुरुपयोग किया।

    Q4. महिला ने क्या कदम उठाया?
    महिला ने तलाक की अर्जी दी और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

  • Malad Facebook Crime: Astrologer बनकर महिला से ₹33 लाख की ठगी, अश्लील वीडियो से ब्लैकमेल

    Malad Facebook Crime: Astrologer बनकर महिला से ₹33 लाख की ठगी, अश्लील वीडियो से ब्लैकमेल

    Mumbai के Malad-Mira Road Facebook Crime में आरोपी ने Astrologer बनकर महिला को फंसाया, Marve Beach पर जबरदस्ती और Video Blackmail से ₹33 लाख की उगाही। जानें पूरा मामला।

    मुंबई: Mumbai के Malad इलाके से एक बेहद चौंकाने वाला Facebook Crime सामने आया है, जिसमें आरोपी ने Social Media के जरिए महिला को फंसाकर Sexual Exploitation और Blackmailing के जरिए लाखों रुपये ठग लिए। Police ने मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

    🔴 क्या है पूरा मामला (Malad Facebook Racket)?

    Police के मुताबिक, आरोपी का नाम अमर महागावकर है, जो Mira Road का रहने वाला है।

    शुरुआत में यह जानकारी सामने आई थी कि आरोपी ने खुद को ज्योतिषी बताकर महिला को फंसाया, लेकिन बाद में पुलिस जांच में सामने आया कि मामला Social Media Friendship से शुरू हुआ था।

    📱 Facebook से शुरू हुई पहचान

    शिकायत के अनुसार:

    • Facebook पर फरवरी 2025 से अक्टूबर 2025 के बीच दोनों की पहचान हुई
    • महिला Borivali की रहने वाली है
    • धीरे-धीरे दोस्ती गहरी हुई और महिला आरोपी पर भरोसा करने लगी
    • इसी भरोसे के चलते वह मिलने के लिए तैयार हो गई

    🎥 Marve Beach पर बुलाकर किया Crime

    आरोपी ने महिला को Marve Beach पर मिलने के लिए बुलाया।

    • वहां से उसे एक होटल में ले जाया गया
    • महिला की मर्जी के बिना जबरदस्ती Physical Relation बनाए गए
    • इस दौरान आरोपी ने अश्लील वीडियो रिकॉर्ड कर लिया

    ⚠️ Video Blackmail और ₹33 लाख की उगाही

    इसके बाद आरोपी ने:

    • वीडियो Viral करने की धमकी दी
    • Suicide Threat देकर मानसिक दबाव बनाया
    • लगातार Blackmail कर करीब ₹33 लाख रुपये वसूले

    यह मामला Cyber Crime + Sexual Exploitation + Extortion का गंभीर उदाहरण बन गया है।

    🚓 Mumbai Police की कार्रवाई

    Mumbai Police ने:

    • पीड़िता की शिकायत के बाद जांच शुरू की
    • आरोपी को गिरफ्तार किया
    • उसके खिलाफ IT Act, Blackmailing और Rape जैसे गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया

    ⚠️ क्या सीख मिलती है इस केस से? (Cyber Safety Tips)

    इस मामले ने फिर साबित किया है कि:

    • Social Media पर Unknown People पर Blind Trust खतरनाक हो सकता है
    • “Astrology, Help, Money” जैसे बहानों से सावधान रहें
    • Private Photos/Videos कभी शेयर न करें
    • Blackmail होने पर तुरंत Police से संपर्क करें

    🧾 निष्कर्ष: Dangerous Trend of Online Crime

    यह घटना सिर्फ Fraud नहीं बल्कि:

    👉 Cyber Crime
    👉 Sexual Abuse
    👉 Mental Harassment

    का खतरनाक मिश्रण है।
    Mumbai में इस तरह के Online Scams तेजी से बढ़ रहे हैं, जिससे Citizens को Extra Alert रहने की जरूरत है।

    🔗 Government & Help Links


    FAQ Section

    Q1. आरोपी ने महिला को कैसे फंसाया?
    👉 Facebook पर दोस्ती करके भरोसा जीता।

    Q2. Crime कहां हुआ?
    👉 Marve Beach और एक होटल में।

    Q3. कितने पैसे की ठगी हुई?
    👉 करीब ₹33 लाख।

    Q4. पुलिस ने क्या Action लिया?
    👉 आरोपी गिरफ्तार, IT Act और अन्य धाराओं में केस दर्ज।

  • मुंबई ब्रेकिंग: कांदिवली पुलिस ने सेना के जवान को दिलाए 7.25 लाख रुपये, Online Investment Scam का बड़ा खुलासा

    मुंबई ब्रेकिंग: कांदिवली पुलिस ने सेना के जवान को दिलाए 7.25 लाख रुपये, Online Investment Scam का बड़ा खुलासा

    Mumbai Kandivali Cyber Cell ने Army soldier के साथ हुए ₹7.25 lakh online investment scam में पूरी रकम recover कर वापस दिलाई। जानिए कैसे हुई कार्रवाई, Cyber Crime Helpline 1930 की पूरी जानकारी।

    मुंबई: कांदिवली इलाके से एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है, जहां Cyber Crime के शिकार हुए भारतीय सेना के जवान को उनकी पूरी ठगी गई रकम वापस मिल गई है। Kandivali Police Cyber Cell ने तेजी से कार्रवाई करते हुए ₹7,25,000 की पूरी रकम recover कर पीड़ित के खाते में जमा कर दी।

    🪖 Army जवान से Online Investment के नाम पर ठगी

    कांदिवली पश्चिम, साईनगर निवासी श्री मनोज पाल, जो भारतीय सेना में कार्यरत हैं और वर्तमान में जम्मू-कश्मीर के उच्च क्षेत्र में देश की सेवा दे रहे हैं, अप्रैल 2025 में Online Investment Scam का शिकार हो गए थे।

    ठगों ने उन्हें “High Return Investment” का लालच देकर टप्पों में कुल ₹7,25,000 ऑनलाइन ट्रांसफर करवाए और बाद में संपर्क तोड़ दिया।

    📞 Cyber Helpline 1930 पर शिकायत, तुरंत हुई कार्रवाई

    घटना के बाद मनोज पाल ने तुरंत Cyber Crime Helpline 1930 पर शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत मिलते ही कांदिवली साइबर सेल हरकत में आई और मामले की जांच शुरू की गई।

    👉 आधिकारिक लिंक:

    🔍 Bank Accounts ट्रैक कर रकम को किया गया Hold

    कांदिवली साइबर सेल के सहायक पुलिस निरीक्षक दीपक कादबाने और उनकी टीम ने तुरंत जांच करते हुए उन सभी बैंक खातों का पता लगाया जहां ठगी की रकम ट्रांसफर की गई थी।

    👉 संबंधित बैंकों से संपर्क कर पूरी रकम को “Hold” कराया गया ताकि पैसे आगे ट्रांसफर न हो सकें।

    ⚖️ कोर्ट ऑर्डर के बाद पूरी रकम वापस

    इसके बाद बोरिवली के 17वें न्यायालय (प्रथम वर्ग न्यायाधीश) से आदेश प्राप्त कर पूरी ₹7,25,000 की रकम वापस मनोज पाल के बैंक खाते में जमा कर दी गई।

    यह कार्रवाई Cyber Crime मामलों में एक मिसाल मानी जा रही है।

    👮‍♂️ वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में बड़ी सफलता

    यह पूरी कार्रवाई वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में की गई:

    • पुलिस उपायुक्त (Zone 11) – श्री संदीप जाधव
    • सहायक पुलिस आयुक्त (मालवणी विभाग) – श्रीमती नीता पाडवी
    • वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक – करण सोनकवडे
    • पुलिस निरीक्षक (क्राइम) – शेखर शिंदे

    👉 टीम में शामिल अधिकारी:

    • API दीपक कादबाने
    • पुलिस हवलदार बाळकृष्ण खाडे
    • पुलिस कर्मचारी संकेत सावंत
    • महिला पुलिस कर्मचारी जयश्री तलवारे

    इन सभी ने मिलकर बेहद तेजी और सूझबूझ से काम करते हुए यह बड़ी सफलता हासिल की।

    🚨 Cyber Fraud से बचने के लिए जरूरी टिप्स

    • Unknown investment offers से दूर रहें
    • High return का लालच = Scam का संकेत
    • किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले जांच करें
    • तुरंत 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें

    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. Cyber Fraud होने पर क्या करें?
    👉 तुरंत 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत करें।

    Q2. क्या ठगी के पैसे वापस मिल सकते हैं?
    👉 हां, अगर समय रहते शिकायत की जाए तो बैंक ट्रांजैक्शन ट्रैक कर पैसे होल्ड किए जा सकते हैं।

    Q3. Investment Scam कैसे पहचानें?
    👉 High returns, unknown apps/websites, जल्दी पैसा कमाने का लालच – ये सभी Scam के संकेत हैं।

    Q4. Mumbai में Cyber Crime की शिकायत कहां करें?
    👉 मुंबई पुलिस की वेबसाइट या Cyber Cell में सीधे संपर्क करें।

  • Mumbai Cyber Cell ने 71 साल के बुजुर्ग के ₹2.5 लाख लौटाए, Fake RTO e-Challan से हुआ था Online Fraud

    Mumbai Cyber Cell ने 71 साल के बुजुर्ग के ₹2.5 लाख लौटाए, Fake RTO e-Challan से हुआ था Online Fraud

    Mumbai के Andheri West में 71 वर्षीय senior citizen से Fake RTO e-Challan WhatsApp link के जरिए ₹2.5 lakh की ठगी हुई। Oshiwara Police Cyber Cell ने 1930 helpline और HDFC Bank की मदद से पूरा पैसा recover कर लिया।

    मुंबई: Mumbai में एक बार फिर online fraud का मामला सामने आया, लेकिन इस बार राहत की खबर भी है। Andheri West के Lokhandwala इलाके में रहने वाले 71 वर्षीय Ashok Dingrani को Fake RTO e-Challan WhatsApp link के जरिए ₹2.5 lakh की चपत लग गई थी। लेकिन Oshiwara Police Station के Cyber Cell ने फुर्ती दिखाते हुए पूरा पैसा वापस दिला दिया।

    🛑 Fake RTO e-Challan से Senior Citizen बना शिकार

    पुलिस के मुताबिक, Ashok Dingrani को WhatsApp पर एक मैसेज मिला जिसमें लिखा था कि उनके वाहन पर ₹2,000 का traffic fine पेंडिंग है। मैसेज में एक लिंक दिया गया था, जो बिल्कुल असली RTO e-challan जैसा दिख रहा था।

    बुजुर्ग ने मैसेज को असली समझकर लिंक पर क्लिक किया और वहां अपनी गाड़ी की डिटेल्स के साथ HDFC Bank का credit card details भर दिया। कुछ ही देर में उनके मोबाइल पर मैसेज आया कि उनके कार्ड से ₹2.5 lakh डेबिट हो चुके हैं।

    🚨 तुरंत Police Station पहुंचे, दर्ज कराई शिकायत

    जैसे ही उन्हें एहसास हुआ कि वे cyber fraud का शिकार हो गए हैं, वे तुरंत Oshiwara Police Station पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई।

    Senior Police Inspector Sanjay Chavan के मार्गदर्शन में Cyber Team ने तुरंत कार्रवाई शुरू की।

    📞 1930 Helpline और National Cyber Crime Portal से मिली मदद

    पुलिस ने तुरंत National Cyber Crime Portal पर शिकायत दर्ज की और 1930 helpline पर अलर्ट जारी किया। बैंक से मिले transaction alert की जांच में पता चला कि रकम Croma को ट्रांसफर की गई थी।

    Cyber टीम ने तुरंत HDFC Bank के nodal officers से संपर्क किया और urgent email communication के जरिए transaction को hold करवाया। फुर्ती दिखाते हुए पूरा ₹2.5 lakh फ्रीज कर लिया गया और बाद में बुजुर्ग को refund कर दिया गया।

    ⚠️ Police Advisory: ऐसे Fake Links से रहें सावधान

    पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि WhatsApp या SMS पर आने वाले किसी भी Fake RTO e-Challan, traffic fine या government notice वाले लिंक पर क्लिक न करें।

    ✔️ केवल official government portal पर ही challan verify करें
    ✔️ कभी भी banking details या OTP शेयर न करें
    ✔️ Fraud होने पर तुरंत 1930 helpline पर कॉल करें


    ❓ FAQ Section

    Q1: Fake RTO e-Challan scam क्या है?
    यह एक online fraud है जिसमें WhatsApp या SMS के जरिए फर्जी challan लिंक भेजकर लोगों से banking details ली जाती है।

    Q2: अगर ऐसे scam का शिकार हो जाएं तो क्या करें?
    तुरंत 1930 helpline पर कॉल करें और National Cyber Crime Portal पर शिकायत दर्ज करें।

    Q3: क्या Mumbai Police पैसे वापस दिला सकती है?
    अगर तुरंत शिकायत की जाए और transaction freeze हो जाए तो recovery संभव है, जैसा इस केस में हुआ।

    Q4: Official RTO challan कैसे check करें?
    सिर्फ government के official website पर जाकर ही challan verify करें, किसी third-party link पर भरोसा न करें।

  • नकली ट्रेडिंग ऐप से 48.5 लाख की ठगी, मुंबई साइबर पुलिस ने तीन आरोपियों को पकड़ा

    नकली ट्रेडिंग ऐप से 48.5 लाख की ठगी, मुंबई साइबर पुलिस ने तीन आरोपियों को पकड़ा

    मुंबई के बोरीवली के व्यापारी से नकली ट्रेडिंग ऐप और WhatsApp ग्रुप के जरिए 48.5 लाख की साइबर ठगी। नॉर्थ साइबर पुलिस ने पुणे से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।

    मुंबई: साइबर पुलिस ने नकली शेयर मार्केट ट्रेडिंग ऐप स्कैम का बड़ा खुलासा करते हुए पुणे के तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने बोरीवली के एक बिजनेसमैन को WhatsApp स्टॉक टिप्स ग्रुप और नकली ट्रेडिंग ऐप के जरिए 48.50 लाख रुपये की ठगी का शिकार बनाया। पुलिस ने बैंक ट्रांजैक्शन, मोबाइल नंबर और डिजिटल सबूतों के आधार पर कार्रवाई की है। मामले की आगे जांच जारी है।

    📍 कैसे शुरू हुई ठगी की कहानी

    पीड़ित, 43 वर्षीय कारोबारी, बीकेसी के डायमंड मार्केट में एग्जीक्यूटिव ऑफिसर के तौर पर काम करता है।
    अक्टूबर 2025 में उसे एक अंजान महिला का कॉल आया, जिसने अपना नाम “रिया” बताया और खुद को SEBI से जुड़े ब्रोकर्स के साथ काम करने वाला बताया।

    इसके बाद पीड़ित को “Daily Recommendations 602” नाम के WhatsApp ग्रुप में जोड़ा गया, जहां रोज़

    • शेयर टिप्स
    • IPO अपडेट
    • QIB इन्वेस्टमेंट
    • मुनाफे के फर्जी स्क्रीनशॉट

    शेयर किए जाते थे।

    📲 VIP ग्रुप और फेक ट्रेडिंग ऐप का जाल

    विश्वास बढ़ाने के लिए पीड़ित को बिना अनुमति “VIP Study Group” में भी जोड़ दिया गया।
    यहां उसे एक लिंक भेजकर TMGPLUS नाम का ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड करवाया गया।

    यह ऐप दिखने में असली ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म जैसा था और उसमें

    • फर्जी मुनाफा
    • बढ़ती हुई रकम
      दिखाई जाती थी, जिससे पीड़ित और ज्यादा निवेश करने लगा।

    💰 48.50 लाख रुपये कैसे निकाले गए

    पुलिस के अनुसार,
    18 नवंबर से 12 दिसंबर 2025 के बीच पीड़ित ने

    • IMPS
    • NEFT
    • RTGS

    के जरिए 48.50 लाख रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर किए।

    शुरुआत में छोटी रकम निकालने दी गई, ताकि भरोसा बने।
    लेकिन जब बड़ी रकम निकालने की कोशिश की गई, तो अकाउंट ब्लॉक कर दिया गया।

    🧾 IPO अलॉटमेंट का बहाना

    जब पीड़ित ने अपनी रकम और मुनाफा निकालना चाहा, तो आरोपियों ने कहा कि

    • पैसा IPO अलॉटमेंट में फंसा है
    • रकम रिलीज करने के लिए 50 लाख रुपये और जमा करने होंगे

    इसके बाद पीड़ित को शक हुआ और उसने

    • साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत की
    • फिर पुलिस से संपर्क किया।

    👮‍♂️ मुंबई पुलिस की कार्रवाई कैसे हुई

    बैंक ट्रांजैक्शन, WhatsApp ग्रुप्स, मोबाइल नंबर और डिजिटल ट्रेल की तकनीकी जांच के बाद
    नॉर्थ साइबर पुलिस स्टेशन की टीम ने
    30 जनवरी 2026 को पुणे के अंबेगांव पुलिस स्टेशन की मदद से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।

    टीम का नेतृत्व

    • इंस्पेक्टर किरण आहेर
    • एपीआई सुदर्शन पाटिल

    ने किया।

    🧑‍⚖️ गिरफ्तार आरोपी कौन हैं

    पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों के नाम हैं:

    • अमर बापू शिंदे (31)
    • प्रशांत सुनील कडव (33)
    • प्रणिल संजय राठोड (25)

    तीनों पुणे के रहने वाले हैं और पढ़े-लिखे हैं।

    🔍 आरोपियों की भूमिका

    पुलिस जांच में सामने आया कि:

    • शिंदे ने अपने बैंक अकाउंट उपलब्ध कराए
    • कडव ने मिडलमैन बनकर दूसरे अकाउंट्स जुटाए
    • राठोड ने खातों से पैसा निकालकर मास्टरमाइंड तक पहुंचाया

    तीनों को हर ट्रांजैक्शन पर कमीशन मिलता था।

    🏦 33 लाख का अहम ट्रांजैक्शन ट्रेस

    पुलिस ने RBL बैंक के एक अकाउंट से जुड़े
    33 लाख रुपये के ट्रांजैक्शन को ट्रेस किया,
    जो Sunenergier Solutions Pvt Ltd, पुणे के नाम पर रजिस्टर्ड था।

    इससे तीनों की संलिप्तता पुख्ता हुई।

    ⚠️ पुलिस की जनता से अपील

    मुंबई साइबर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि:

    • अनजान WhatsApp स्टॉक टिप्स ग्रुप से दूर रहें
    • किसी भी ऐप को डाउनलोड करने से पहले उसकी जांच करें
    • बिना वेरिफिकेशन निवेश न करें

    ❓ FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. ठगी की रकम कितनी है?
    👉 48.50 लाख रुपये।

    Q2. ठगी कैसे की गई?
    👉 WhatsApp ग्रुप और फेक ट्रेडिंग ऐप के जरिए।

    Q3. आरोपी कहां के रहने वाले हैं?
    👉 पुणे के।

    Q4. शिकायत कहां दर्ज की गई थी?
    👉 साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 और नॉर्थ साइबर पुलिस स्टेशन।

    Q5. क्या जांच अभी जारी है?
    👉 हां, मास्टरमाइंड और बाकी आरोपियों की तलाश जारी है।

  • फर्जी ट्रैफिक चालान WhatsApp स्कैम: मालाड के कारोबारी से 21 लाख की ठगी

    फर्जी ट्रैफिक चालान WhatsApp स्कैम: मालाड के कारोबारी से 21 लाख की ठगी

    Mumbai Cyber Crime News: मालाड के एक कारोबारी से फर्जी RTO ई-चालान APK भेजकर 21 लाख रुपये की साइबर ठगी। नॉर्थ साइबर पुलिस ने सूरत के युवक को किया गिरफ्तार।

    मुंबई: साइबर ठगी का एक और गंभीर मामला सामने आया है, जहां मालाड के एक कारोबारी को WhatsApp पर भेजे गए फर्जी ट्रैफिक ई-चालान के जरिए 21 लाख रुपये से ज्यादा की चपत लगा दी गई। मुंबई नॉर्थ साइबर पुलिस ने इस मामले में सूरत के 25 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है, जो खुद को RTO बताकर लोगों को ठगने वाले साइबर गिरोह का अहम सदस्य बताया जा रहा है।

    WhatsApp पर आया फर्जी RTO चालान

    पुलिस के मुताबिक, 42 वर्षीय पीड़ित कारोबारी नवंबर महीने में गुजरात में एक पारिवारिक शादी में शामिल होने गया था। इसी दौरान उसके WhatsApp पर एक अनजान नंबर से “RTO Challan” नाम की फाइल आई। यह फाइल असल में एक APK (Android Package Kit) थी, जिसे खोलते ही मोबाइल फोन हैक हो गया।

    APK फाइल से मोबाइल और बैंक अकाउंट पर कब्जा

    जांच में सामने आया है कि जैसे ही कारोबारी ने फर्जी चालान फाइल डाउनलोड की, ठगों को उसके मोबाइल का पूरा एक्सेस मिल गया। इसके बाद आरोपियों ने उसके बैंक अकाउंट, UPI और अन्य डिजिटल पेमेंट ऐप्स से 21 लाख रुपये से ज्यादा की रकम अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर ली।

    सूरत का युवक गिरफ्तार, साइबर गिरोह से कनेक्शन

    मुंबई नॉर्थ साइबर पुलिस ने जांच के बाद हार्दिक अशोकभाई बोर्डा (25) को गिरफ्तार किया है, जो गुजरात के सूरत का रहने वाला है। पुलिस के अनुसार आरोपी बीकॉम का छात्र है और ऑनलाइन तौल मशीन (Weighing Machine) बेचने का कारोबार करता था।

    पुलिस का कहना है कि आरोपी एक संगठित साइबर फ्रॉड रैकेट का प्रमुख सदस्य था, जो खुद को RTO अधिकारी बताकर लोगों को निशाना बनाता था।

    RTO के नाम पर ठगी का नया तरीका

    पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी और उसका गिरोह लोगों को डराने के लिए ट्रैफिक चालान का सहारा लेता था।

    • WhatsApp पर APK फाइल भेजी जाती
    • फाइल खोलते ही मोबाइल हैक
    • बैंक और UPI से पैसे उड़ाए जाते

    इस तरीके से कई लोगों को निशाना बनाया गया है।

    जांच जारी, अन्य आरोपियों की तलाश

    पुलिस ने बताया कि आरोपी से पूछताछ जारी है और गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान की जा रही है। बैंक ट्रांजैक्शन, मोबाइल डेटा और डिजिटल सबूतों की गहन जांच की जा रही है।

    पुलिस की चेतावनी: ऐसे रहें सतर्क

    साइबर पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि—

    • अनजान नंबर से आई APK या लिंक न खोलें
    • RTO या सरकारी चालान केवल आधिकारिक वेबसाइट/ऐप पर ही चेक करें
    • किसी भी संदिग्ध मैसेज की तुरंत साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करें

    FAQ Section

    ❓ यह ठगी कैसे की गई?

    ➡️ WhatsApp पर फर्जी RTO चालान APK भेजकर मोबाइल हैक किया गया।

    ❓ कितनी रकम की ठगी हुई?

    ➡️ करीब 21 लाख रुपये

    ❓ आरोपी कौन है?

    ➡️ सूरत का 25 वर्षीय युवक, बीकॉम छात्र।

    ❓ क्या पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया है?

    ➡️ हां, मुंबई नॉर्थ साइबर पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया है।

  • महाभारत के युधिष्ठिर साइबर ठगी के शिकार, मुंबई पुलिस ने बचाए ₹98 हजार

    महाभारत के युधिष्ठिर साइबर ठगी के शिकार, मुंबई पुलिस ने बचाए ₹98 हजार

    महाभारत फेम अभिनेता गजेंद्र चौहान साइबर फ्रॉड का शिकार हुए। फेसबुक विज्ञापन के जरिए ₹98 हजार की ठगी हुई, लेकिन मुंबई पुलिस की तत्परता से पूरी रकम वापस मिली।

    मुंबई: टीवी धारावाहिक महाभारत में युधिष्ठिर का किरदार निभाकर घर-घर पहचान बनाने वाले अभिनेता गजेंद्र सिंह चौहान साइबर ठगी का शिकार हो गए। फेसबुक पर दिखे एक फर्जी विज्ञापन के झांसे में आकर उनके बैंक खाते से ₹98,000 कट गए। हालांकि, ओशिवारा पुलिस की साइबर सेल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पूरी रकम कुछ ही समय में अभिनेता के खाते में वापस करा दी।

    📍 कैसे हुआ साइबर फ्रॉड?

    69 वर्षीय गजेंद्र चौहान अंधेरी वेस्ट के लोखंडवाला-ओशिवारा इलाके में रहते हैं।
    10 दिसंबर को उन्होंने फेसबुक पर
    👉 डी-मार्ट के नाम से ड्राई फ्रूट्स पर भारी छूट का एक विज्ञापन देखा

    • लिंक पर क्लिक कर ऑर्डर किया
    • मोबाइल पर OTP आया
    • कुछ ही देर बाद मैसेज मिला कि
      👉 HDFC बैंक अकाउंट से ₹98,000 डेबिट हो गए

    तभी उन्हें समझ आया कि वे साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं।

    🚨 तुरंत की पुलिस से शिकायत

    धोखाधड़ी का एहसास होते ही
    👉 गजेंद्र चौहान ने 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज की
    👉 साथ ही ओशिवारा पुलिस से संपर्क किया

    पुलिस ने बिना देरी किए केस की जांच शुरू कर दी।

    👮‍♂️ मुंबई पुलिस की फुर्ती लाई रंग

    वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक संजय चव्हाण और पुलिस निरीक्षक आनंद पगारे के मार्गदर्शन में
    ओशिवारा पुलिस की साइबर टीम ने तेजी से कार्रवाई की।

    इस टीम में शामिल थे:

    • साइबर सब-इंस्पेक्टर शरद देवरे
    • एपीआई अशोक कोंडे
    • कॉन्स्टेबल विक्रम सरनोबत

    जांच में सामने आया कि
    👉 ठगी की रकम Razorpay के जरिए Croma से जुड़े एक अकाउंट में ट्रांसफर हुई थी।

    💰 ऐसे वापस मिले पूरे ₹98,000

    पुलिस ने तुरंत
    👉 HDFC बैंक
    👉 Razorpay
    👉 Croma

    के नोडल अधिकारियों से ई-मेल के जरिए संपर्क किया।
    समय रहते ट्रांजैक्शन होल्ड कराया गया और
    👉 पूरी रकम अभिनेता के अकाउंट में वापस ट्रांसफर कर दी गई।

    🙏 अभिनेता ने पुलिस को कहा धन्यवाद

    गजेंद्र चौहान ने
    👉 मुंबई पुलिस
    👉 ओशिवारा पुलिस की साइबर टीम

    की तारीफ करते हुए कहा कि
    “अगर समय पर कार्रवाई न होती तो पैसा वापस मिलना मुश्किल था।”

    🎭 गजेंद्र सिंह चौहान के बारे में

    • जन्म: 10 अक्टूबर 1956, दिल्ली
    • शिक्षा:
    • रामजस सीनियर सेकेंडरी स्कूल, दिल्ली
    • AIIMS से रेडियोग्राफी में डिप्लोमा
    • अभिनय प्रशिक्षण: रोशन तनेजा एक्टिंग स्कूल, मुंबई

    करियर:

    • टीवी डेब्यू: Paying Guest (1983)
    • चर्चित सीरियल: राजनी, एयर होस्टेस, अदालत
    • फिल्म डेब्यू: मैं चुप नहीं रहूंगी (1986)
    • सबसे बड़ी पहचान: बी.आर. चोपड़ा की महाभारत में युधिष्ठिर

    ⚠️ साइबर सेफ्टी पर पुलिस की सलाह

    • सोशल मीडिया विज्ञापनों पर आंख बंद कर भरोसा न करें
    • अनजान लिंक पर क्लिक न करें
    • OTP किसी से साझा न करें
    • ठगी होते ही 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत करें

    ❓ FAQ सेक्शन

    Q1. गजेंद्र चौहान के साथ कितनी रकम की ठगी हुई?
    👉 ₹98,000

    Q2. ठगी किस माध्यम से हुई?
    👉 फेसबुक पर फर्जी विज्ञापन के जरिए

    Q3. पैसा वापस कैसे मिला?
    👉 ओशिवारा पुलिस की साइबर सेल की त्वरित कार्रवाई से

    Q4. शिकायत कहां की गई थी?
    👉 1930 साइबर हेल्पलाइन और ओशिवारा पुलिस स्टेशन

  • Nude Video Blackmailing: मुंबई में चार उभरते अभिनेता गिरफ्तार

    Nude Video Blackmailing: मुंबई में चार उभरते अभिनेता गिरफ्तार

    मुंबई के मालाड में चार aspiring actors ने एक कारोबारी को उसका Nude Video वायरल करने की धमकी देकर 6 लाख रुपये ऐंठने की कोशिश की। पुलिस ने जाल बिछाकर सभी को गिरफ्तार किया।

    मुंबई: मायानगरी मुंबई शहर में ब्लैकमेलिंग का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां चार उभरते कलाकारों (aspiring actors) ने एक कारोबारी को उसके न्यूड वीडियो के जरिए ब्लैकमेल कर लाखों रुपये वसूलने की कोशिश की। पीड़ित की शिकायत पर मालाड पुलिस ने गोराई इलाके में जाल बिछाकर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब पूरे रैकेट की गहराई से जांच कर रही है।

    🚨 क्या है Nude Video का पूरा मामला?

    मालाड पुलिस के मुताबिक,

    • पीड़ित कारोबारी की उम्र 37 साल है
    • सोमवार को उसे अचानक उसके न्यूड वीडियो भेजे गए
    • साथ ही सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करने की धमकी दी गई

    आरोपियों ने पहले
    👉 9 लाख रुपये की मांग की
    बाद में रकम घटाकर
    👉 6 लाख रुपये कर दी

    घबराए कारोबारी ने पैसे देने के बजाय सीधे पुलिस से संपर्क किया।

    Malad-pilice-station-latest-news

    👥 कौन हैं गिरफ्तार आरोपी?

    पुलिस ने जिन चार लोगों को गिरफ्तार किया है, उनके नाम हैं:

    • अनमोल राज अरोड़ा
    • लकी संतोष वर्मा
    • हिमांशु योगेश कुमार
    • दीपाली विनोद सिंह

    पुलिस के अनुसार, ये सभी
    👉 फिल्म और टीवी इंडस्ट्री में काम पाने की कोशिश कर रहे aspiring actors हैं।

    🎥 कैसे रिकॉर्ड हुआ न्यूड वीडियो?

    जांच में सामने आया कि:

    • आरोपी अनमोल अरोड़ा पीड़ित का परिचित था
    • दोनों साथ में पार्टी किया करते थे
    • इसी दौरान अनमोल ने चुपचाप न्यूड वीडियो रिकॉर्ड कर लिया

    बाद में उसी वीडियो का इस्तेमाल कर
    👉 कारोबारी को ब्लैकमेल किया गया।

    🚔 पुलिस ने कैसे पकड़ा आरोपियों को?

    मालाड पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद
    👉 पीड़ित को निर्देश दिया कि वह आरोपियों को
    👉 गोराई इलाके में पैसे लेने के लिए बुलाए

    जैसे ही चारों आरोपी तय जगह पर पहुंचे,
    👉 पुलिस ने जाल बिछाकर सभी को मौके से गिरफ्तार कर लिया।

    ⚖️ किन धाराओं में केस दर्ज?

    पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ

    • भारतीय न्याय संहिता (BNS)
    • आईटी एक्ट (Information Technology Act)

    के तहत
    👉 ब्लैकमेलिंग
    👉 जबरन वसूली
    👉 साइबर अपराध
    जैसी गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है।

    🔍 आगे की जांच जारी

    पुलिस यह भी जांच कर रही है कि:

    • क्या आरोपियों ने पहले भी किसी और को ब्लैकमेल किया है?
    • वीडियो कहां-कहां शेयर किया गया?
    • क्या इसमें कोई और भी शामिल है?

    डिजिटल सबूतों और मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच की जा रही है।

    ⚠️ पुलिस की अपील

    पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि
    👉 निजी पलों के वीडियो/फोटो को लेकर सतर्क रहें
    👉 ब्लैकमेलिंग की स्थिति में डरें नहीं
    👉 तुरंत पुलिस से संपर्क करें


    ❓ FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. यह मामला कहां का है?
    👉 मुंबई के मालाड इलाके का।

    Q2. कितने लोग गिरफ्तार हुए हैं?
    👉 चार आरोपी।

    Q3. कितनी रकम की मांग की गई थी?
    👉 पहले 9 लाख, बाद में 6 लाख रुपये।

    Q4. आरोपी कौन हैं?
    👉 सभी उभरते अभिनेता (aspiring actors) हैं।