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  • शिवधाम संकुल में नागरिक समस्याओं का दौरा, MLA सुनील प्रभु ने दिए निर्देश

    शिवधाम संकुल में नागरिक समस्याओं का दौरा, MLA सुनील प्रभु ने दिए निर्देश

    मालाड पूर्व — शिवधाम संकुल में सड़क, स्ट्रीट लाइट, सीर्वेज लाइन और भटकते कुत्तों जैसी नागरिक समस्याओं को लेकर MLA सुनील प्रभु ने स्थल निरीक्षण किया। मरम्मत और सुधार कार्यों के लिए नगरपालिका अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए।

    मुंबई: मालाड (पूर्व) के प्रभाग क्रमांक 44 स्थित शिवधाम संकुल में नागरिकों की बढ़ती समस्याओं को लेकर स्थानीय विधायक सुनील प्रभु ने मंगलवार दोपहर मौके का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मलनिस्सारण लाइन, सड़कों के कंक्रीटीकरण, स्ट्रीट लाइट, भटकते कुत्तों और फायर ब्रिगेड के पीछे बने कबूतरखाने सहित कई मुद्दों पर नागरिकों से चर्चा की और तुरंत समाधान के निर्देश दिए।

    🔹 सड़क और सीवरेज की खराब स्थिति पर MLA का फोकस

    निरीक्षण के दौरान यह सामने आया कि शिवधाम संकुल के कई अंदरूनी रास्ते टूटे हुए हैं और बरसात के बाद से स्थिति और बिगड़ गई है।
    सीवरेज लाइन की सफाई और मरम्मत पर भी नागरिकों ने शिकायत की।

    👉 इस पर MLA सुनील प्रभु ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि

    • सड़क का कंक्रीटीकरण जल्द पूरा करें
    • सीवरेज लाइन की तुरंत सफाई और मरम्मत शुरू करें
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    🔹 स्ट्रीट लाइट बंद — दो बड़े हॉलोजन लगाने का आदेश

    स्ट्रीट लाइट बंद होने से रात में अंधेरा और सुरक्षा संबंधी समस्याएं बनी रहती हैं।
    जब तक सड़क का काम पूरा नहीं होता तब तक MLA ने निर्देश दिया कि
    ✔ दो बड़े हॉलोजन लाइट तुरंत लगाई जाएं।

    🔹 बैरिकेड्स हटाने के निर्देश — नागरिकों को आराम

    ओबेरॉय मॉल के सामने लगे बैरिकेड्स के कारण लोगों को जान जोखिम में डालकर सड़क पार करनी पड़ रही थी।
    नागरिकों ने यह मुद्दा उठाया तो MLA ने संबंधित अधिकारियों को आज के आज बैरिकेड्स हटाने का आदेश दिया।

    🔹 म्हाडा पार्क की बदहाल स्थिति पर चर्चा

    संकुल में म्हाडा के अंतर्गत बने उद्यान की देखभाल न होने पर नागरिकों ने नाराज़गी जताई।
    सुनील प्रभु ने आश्वासन दिया कि
    👉 म्हाडा प्रशासन से बात कर उद्यान का नवीनीकरण जल्द करवाया जाएगा।

    🔹 निरीक्षण के दौरान मौजूद रहे

    इस निरीक्षण के दौरान शिवसेना के कई स्थानीय पदाधिकारी और संकुल की विभिन्न हाउसिंग सोसायटियों के प्रतिनिधि मौजूद थे —
    शाखा प्रमुख सुभाष धनुका, उपशाखाप्रमुख शैलेश जाधव, अशोक दैने, युवासेना उपशाखाधिकारी आर्यन जाधव, मंगेश चव्हाण, शिवधाम सेवा मंडल के अध्यक्ष रविंद बोभाटे, सचिव जितेंद्र पराडकर ऐसे ही विभिन्न गृहनिर्माण सोसायटी के पदाधिकारी संतोष नाझरे, रामचंद्र म्हापणकर, अरुण वाघ, कुंदन गोस्वामी, सुरेश गोसवी, अनंत ठाकरे, सुनील मोरे, प्रथमेश वेंगुर्लेकर समेत बड़ी संख्या में नागरिक भी शामिल थे।


    FAQ — शिवधाम संकुल नागरिक समस्या दौरे पर

    प्रश्नउत्तर
    दौरा किसने किया?स्थानीय MLA सुनील प्रभु ने।
    मुख्य समस्याएं क्या थीं?टूटी सड़कें, बंद स्ट्रीट लाइट, सीवेज लाइन, भटके कुत्ते, बैरिकेड्स और पार्क की स्थिति।
    क्या अधिकारियों को निर्देश दिए गए?हां, तुरंत मरम्मत और कार्रवाई शुरू करने को कहा गया।
    बैरिकेड हटाने की मांग पर क्या आदेश दिया गया?आज ही हटाने और नागरिकों को सुरक्षित रास्ता उपलब्ध कराने के निर्देश।
    म्हाडा पार्क को लेकर क्या निर्णय लिया गया?नवीनीकरण के लिए म्हाडा के साथ फॉलो-अप करने का आश्वासन।
  • जोगेश्वरी की 14 मंजिला इमारत में आग, बड़ा हादसा टला — कोई हताहत नहीं

    जोगेश्वरी की 14 मंजिला इमारत में आग, बड़ा हादसा टला — कोई हताहत नहीं

    मुंबई के जोगेश्वरी इलाके में स्थित 14 मंजिला कमर्शियल बिल्डिंग ‘JNS बिज़नेस सेंटर’ में गुरुवार सुबह आग लग गई। दमकल विभाग की तत्परता से आग पर काबू पा लिया गया। किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

    मुंबई: जोगेश्वरी (पश्चिम) में गुरुवार सुबह एक 14 मंजिला कमर्शियल बिल्डिंग में अचानक आग लग गई। आग की लपटें 9वें से 12वें माले तक फैल गईं। मौके पर फायर ब्रिगेड की 20 से ज्यादा गाड़ियां पहुंचीं और कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया गया।
    सौभाग्य से इस हादसे में किसी के घायल होने की जानकारी नहीं है।

    🏢 JNS बिज़नेस सेंटर में लगी आग

    यह घटना जोगेश्वरी पश्चिम के एस.वी. रोड, बेहरामपाड़ा स्थित JNS बिज़नेस सेंटर की है, जो गांधी स्कूल के पास स्थित है।
    मुंबई फायर ब्रिगेड (MFB) के अनुसार आग की सूचना सुबह 10:51 बजे मिली थी।
    लपटें बिल्डिंग के 9वें से 12वें माले तक पहुंच चुकी थीं और कांच की दीवारों से आग साफ़ दिखाई दे रही थी।

    🚨 फायर ब्रिगेड ने बढ़ाया अलर्ट लेवल

    दमकल विभाग ने तुरंत एक्शन लेते हुए 10:46 बजे लेवल-1 अलर्ट से शुरू किया और कुछ ही मिनटों में इसे लेवल-3 तक बढ़ा दिया।
    मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) के नेतृत्व में कई फायर स्टेशन अधिकारी, डिप्टी सीएफओ, असिस्टेंट डीएफओ और दर्जनों दमकलकर्मी राहत और बचाव कार्य में जुटे रहे।

    घटना स्थल पर पहुंचे फायर इंजन, टैंकर, क्विक रेस्क्यू व्हीकल, जेट टेंडर, एरियल हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म और 108 एम्बुलेंस सेवाएं तैनात की गईं।
    सभी फायर कर्मियों ने ब्रिदिंग अपरेटस (BA सेट) के साथ अंदर फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।

    🧯 कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू

    कई घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद आग पर काबू पा लिया गया।
    फायर डिपार्टमेंट के अनुसार किसी के घायल या झुलसने की जानकारी नहीं मिली है।
    हालांकि, इमारत के ऊपरी हिस्से में कई दफ्तरों को नुकसान पहुंचा है।
    आग लगने के कारणों की जांच बीएमसी और फायर ब्रिगेड की टीम कर रही है।

    🔥 मालाड और बोरिवली में भी लगी आग

    बुधवार सुबह मालाड पश्चिम के लिंक रोड स्थित ‘भूमि क्लासिक’ नामक सात मंजिला रिहायशी इमारत में भी आग लगी थी।
    यह घटना सुबह 5:06 बजे हुई, जिसमें छठे और सातवें माले के फ्लैट्स जलकर खाक हो गए।
    इस हादसे में 24 वर्षीय निवासी शुभम अघोटारिया और एक दमकलकर्मी को मामूली चोटें आईं।
    दोनों को अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।

    उसी दिन बोरिवली (गोराई इलाके) में भी दोपहर को आग लगने की घटना सामने आई, लेकिन इस हादसे में कोई घायल नहीं हुआ।

    🧩 शहर में बढ़ती आग की घटनाएं

    पिछले कुछ महीनों में मुंबई में इमारतों में आग लगने की घटनाएं बढ़ी हैं।
    विशेषज्ञों का कहना है कि पुराने वायरिंग सिस्टम, एयर कंडीशन यूनिट्स में शॉर्ट सर्किट और फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी इसका मुख्य कारण है।
    बीएमसी ने अब सभी कमर्शियल बिल्डिंग्स में फायर ऑडिट कराने का आदेश दिया है।

    🧱 नागरिकों से अपील

    फायर ब्रिगेड ने अपील की है कि सभी बिल्डिंग्स में नियमित रूप से फायर सिस्टम की जांच की जाए और आपात स्थिति में सही एग्जिट रूट्स की जानकारी सभी को होनी चाहिए।


    FAQ सेक्शन

    Q1. जोगेश्वरी की इमारत में कब और कहां आग लगी?
    👉 गुरुवार सुबह 10:51 बजे जोगेश्वरी पश्चिम के JNS बिज़नेस सेंटर में आग लगी।
    Q2. क्या इस हादसे में कोई घायल हुआ है?
    👉 नहीं, किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
    Q3. फायर ब्रिगेड ने कितनी देर में आग पर काबू पाया?
    👉 कई घंटों की मेहनत के बाद दमकलकर्मियों ने आग पर नियंत्रण पा लिया।
    Q4. क्या अन्य जगहों पर भी आग लगी थी?
    👉 हां, मालाड पश्चिम और बोरिवली के गोराई इलाके में भी बुधवार को आग लगी थी।
    Q5. आग लगने का कारण क्या बताया जा रहा है?
    👉 प्रारंभिक अनुमान के अनुसार शॉर्ट सर्किट की आशंका है, जांच जारी है।

  • गोरेगांव के पी-साउथ विभाग में जनता दरबार: मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने 150 शिकायतें मौके पर सुलझाईं, बड़ी संख्या में नागरिकों ने लिया हिस्सा

    गोरेगांव के पी-साउथ विभाग में जनता दरबार: मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने 150 शिकायतें मौके पर सुलझाईं, बड़ी संख्या में नागरिकों ने लिया हिस्सा

    मुंबई के गोरेगांव स्थित मनपा पी-दक्षिण विभाग में आयोजित जनता दरबार में उपनगर के सह-पालकमंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने करीब 400 शिकायतों में से 150 का समाधान मौके पर किया। कार्यक्रम में स्थानीय भाजपा पदाधिकारी और बीएमसी अधिकारी भी मौजूद रहे।

    मुंबई: गोरेगांव मनपा पी-दक्षिण विभाग में बुधवार को आयोजित जनता दरबार में नागरिकों की बड़ी भीड़ उमड़ी। लोग अपनी समस्याओं और शिकायतों के निवारण के लिए सुबह से ही विभाग कार्यालय पहुंचे। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता उपनगर के सह-पालकमंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने की।

    नागरिकों ने पानी की समस्या, सड़क मरम्मत, नाले की सफाई, स्ट्रीट लाइट और बीएमसी संबंधित कई मुद्दे रखे, जिन पर अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई का भरोसा दिया।

    Janta-Darbar-in-P-South-ward-of-Goregaon-Minister-Mangal-Prabhat-Lodha-resolved-150-complaints-on-the-spot

    🧾 400 में से 150 शिकायतों का निपटारा मौके पर

    कार्यक्रम के दौरान कुल 400 से अधिक शिकायतें सामने आईं। इनमें से करीब 300 शिकायतों पर चर्चा हुई और 150 शिकायतों का निवारण मौके पर ही कर दिया गया।
    मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने नागरिकों से कहा कि “आपके हर मुद्दे का समाधान प्रशासन की जिम्मेदारी है। जनता दरबार का उद्देश्य ही यही है कि लोग बिना किसी दिक्कत के सीधे अपनी बात रख सकें।”

    👥 कार्यक्रम में मौजूद रहे जनप्रतिनिधि और अधिकारी

    जनता दरबार में कई प्रमुख नेता और अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें विधायक विद्या ठाकुर, भाजपा उत्तर-पश्चिम जिलाध्यक्ष ज्ञानमूर्ति शर्मा, मुंबई भाजपा उपाध्यक्ष अभिजीत राणे, बीएमसी उपायुक्त सौ. भाग्यश्री कापसे, सहायक आयुक्त श्री अजय पाटने, पूर्व नगरसेवक हर्ष पटेल, दीपक ठाकुर, प्रीति सातम, संदीप पटेल और श्रीकला पिल्लै शामिल थे।

    इन सभी ने नागरिकों की समस्याएं सुनीं और संबंधित विभागों को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए।

    🏗️ जनता दरबार से नागरिकों को मिली राहत

    जनता दरबार के जरिए नागरिकों को अपनी समस्याओं का समाधान पाने का सीधा मंच मिला।
    स्थानीय निवासियों ने कहा कि ऐसे आयोजनों से प्रशासनिक प्रक्रिया तेज होती है और छोटे-छोटे मुद्दे भी बिना चक्कर लगाए हल हो जाते हैं।

    ❓FAQ सेक्शन

    Q1. जनता दरबार कहां आयोजित किया गया था?
    👉 गोरेगांव स्थित मनपा पी-दक्षिण विभाग कार्यालय में।

    Q2. कार्यक्रम में किसने अध्यक्षता की?
    👉 उपनगर के सह-पालकमंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने।

    Q3. कितनी शिकायतें प्राप्त हुईं और कितनी सुलझाई गईं?
    👉 कुल 400 शिकायतें आईं, जिनमें से 150 का निवारण मौके पर हुआ।

    Q4. कार्यक्रम में कौन-कौन मौजूद थे?
    👉 विधायक विद्या ठाकुर, अभिजीत राणे, ज्ञानमूर्ति शर्मा, सौ. भाग्यश्री कापसे और कई स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

    Q5. नागरिकों की मुख्य समस्याएं क्या थीं?
    👉 पानी की कमी, सड़क मरम्मत, नाले की सफाई और स्ट्रीट लाइट की दिक्कतें प्रमुख थीं।

  • BMC घोटाला: साउथ मुंबई में ₹103 करोड़ के ब्यूटीफिकेशन और स्लम प्रोजेक्ट्स पर धांधली, जांच शुरू

    BMC घोटाला: साउथ मुंबई में ₹103 करोड़ के ब्यूटीफिकेशन और स्लम प्रोजेक्ट्स पर धांधली, जांच शुरू

    मुंबई के साउथ मुंबई (SoBo) में BMC के A-वार्ड के ब्यूटीफिकेशन और स्लम प्रोजेक्ट्स में ₹103 करोड़ की अनियमितताएं सामने आईं। BMC विजिलेंस विभाग ने जांच शुरू की है।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के विजिलेंस डिपार्टमेंट ने A-वार्ड के अधिकारियों को आड़े हाथ लिया है।
    आरोप है कि 2023 से 2025 के बीच हुए ब्यूटीफिकेशन और स्लम इम्प्रूवमेंट प्रोजेक्ट्स में ₹103 करोड़ का गड़बड़झाला हुआ है।

    A-वार्ड में कोलाबा, कफ परेड, मरीन ड्राइव, पी’डीमेलो रोड और बैलार्ड एस्टेट जैसे मुंबई के पॉश इलाके आते हैं।

    RTI एक्टिविस्ट की शिकायत पर कार्रवाई

    इस जांच की नींव RTI एक्टिविस्ट संतोष दौंडकर की शिकायत से रखी गई।

    • विजिलेंस डिपार्टमेंट ने पहले 14 अगस्त को नोटिस जारी कर डॉक्यूमेंट्स मांगे थे।
    • उसके बाद 22 सितंबर को साइट इंस्पेक्शन के दौरान कई गड़बड़ियां पकड़ी गईं।
    • कई फाइलें गायब मिलीं, कुछ वर्क ऑर्डर्स फर्जी लगे और कई प्रोजेक्ट अधूरे मिले।

    इंस्पेक्शन में सामने आई गड़बड़ियां

    विजिलेंस इंस्पेक्शन में कई चौकाने वाले मामले सामने आए:

    • कोलाबा में फर्जी रिपेयर ऑर्डर
    • बधवार पार्क का अधूरा ब्यूटीफिकेशन
    • शिवाजी मेमोरियल प्रोजेक्ट का अधूरा काम

    इन गड़बड़ियों की वजह से BMC को ₹76,594 की बचत और ₹45,000 की पेनल्टी का मामला दर्ज करना पड़ा।

    इसके अलावा, 29 कामों की ऑडिट में और अनियमितताएं मिलीं जिनसे ₹28.32 लाख रिकवरी और ₹12.72 लाख की पेनल्टी लगाई गई।

    डॉक्यूमेंट्स जमा करने पर विवाद

    विजिलेंस विभाग ने कहा था कि A-वार्ड ने 1 सितंबर 2025 को वादा किया था कि गणेश विसर्जन के बाद डॉक्यूमेंट्स दिए जाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
    हालांकि, जेयदीप मोरे (Acting Assistant Commissioner) का कहना है कि उन्होंने 29 सितंबर को ही सारे डॉक्यूमेंट्स सबमिट कर दिए हैं।

    अब आगे क्या?

    विजिलेंस डिपार्टमेंट अब इन डॉक्यूमेंट्स की समीक्षा करेगा।
    अगर गड़बड़ियों के सबूत पक्के मिले तो बड़े स्तर पर कार्रवाई हो सकती है। यह मामला BMC के कामकाज पर पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल खड़ा करता है।


    FAQ Section

    Q1. BMC के किस वार्ड में घोटाला सामने आया है?
    Ans: साउथ मुंबई के A-वार्ड में, जिसमें कोलाबा, कफ परेड, मरीन ड्राइव जैसे इलाके आते हैं।

    Q2. यह जांच किसकी शिकायत पर शुरू हुई?
    Ans: RTI एक्टिविस्ट संतोष दौंडकर की शिकायत के बाद जांच शुरू हुई।

    Q3. कुल कितनी रकम पर अनियमितता का आरोप है?
    Ans: लगभग ₹103 करोड़ के प्रोजेक्ट्स में गड़बड़ी सामने आई है।

    Q4. विजिलेंस जांच में क्या-क्या गड़बड़ियां मिलीं?
    Ans: फर्जी रिपेयर ऑर्डर्स, अधूरे प्रोजेक्ट्स, गुम फाइलें और संदिग्ध वर्क ऑर्डर्स।

    Q5. आगे की कार्रवाई क्या होगी?
    Ans: विजिलेंस विभाग डॉक्यूमेंट्स की जांच के बाद तय करेगा कि किन अफसरों पर सख्त कदम उठाने हैं।

  • कांदिवली (पूर्व) में अवैध फेरीवालों से हलकान जनता – आखिर कब होगी कार्रवाई?

    कांदिवली (पूर्व) में अवैध फेरीवालों से हलकान जनता – आखिर कब होगी कार्रवाई?

    मुंबई कांदिवली (पूर्व) ठाकुर विलेज इलाके में अवैध फेरीवालों और ऑटो रिक्शा स्टैंड के कारण ट्रैफिक जाम और गंदगी से लोग परेशान। डेंगू-मलेरिया का खतरा बढ़ा, नागरिकों ने शिकायतें दर्ज कराई लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई जैसे महानगर में हर दिन लाखों लोग सफर करते हैं। लेकिन यहां की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक है सड़क पर कब्जा जमाए हुए अवैध फेरीवाले और ट्रैफिक जाम। कांदिवली (पूर्व) का ठाकुर विलेज और समता नगर इलाका भी इन समस्याओं से बुरी तरह जूझ रहा है।

    यहां अप्पर आयुक्त कार्यालय से लेकर ठाकुर कॉलेज के सामने तक की सड़क पर पचासों फेरीवाले रोजाना अवैध दुकानें लगाते हैं। सड़कें पूरी तरह कब्जाई जाती हैं, जिससे स्थानीय लोग और राहगीर परेशान हैं।

    गंदगी और बीमारी का खतरा

    फेरीवालों के कारण इलाके में गंदगी इतनी बढ़ गई है कि डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
    लोगों का कहना है कि सड़क किनारे सब्ज़ियां, फल और खाने-पीने का सामान गंदगी के बीच बेचा जाता है। इससे न सिर्फ संक्रमण फैलने का खतरा है बल्कि बच्चों और बुज़ुर्गों की सेहत भी दांव पर लग रही है।

    एक स्थानीय निवासी ने बताया:
    “हर तरफ कचरा और बदबू फैली रहती है। बारिश में तो हालत और खराब हो जाती है। चारों तरफ पानी भरने के बाद मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है। अगर अभी कार्रवाई नहीं हुई तो इलाके में डेंगू और मलेरिया के केस तेजी से बढ़ेंगे।”

    ऑटो रिक्शा स्टैंड से यातायात ठप

    फेरीवालों के साथ-साथ यहां ऑटो रिक्शा वालों ने भी अपने-अपने अनधिकृत स्टैंड बना लिए हैं।

    • सड़क के दोनों ओर ऑटो खड़े रहते हैं।
    • इससे यातायात बाधित होता है और कभी-कभी तो रास्ता पूरी तरह जाम हो जाता है।
    • लोगों को ऑफिस, स्कूल और अस्पताल पहुंचने में दिक्कत आती है।

    एक कॉलेज स्टूडेंट ने शिकायत करते हुए कहा:
    “सुबह-शाम ट्रैफिक इतना बढ़ जाता है कि कॉलेज पहुंचने में आधा घंटा ज्यादा लग जाता है। पुलिस और बीएमसी को रोजाना यह जाम दिखता है, लेकिन फिर भी कोई कदम नहीं उठाया जाता।”

    Kandivali-East-residents-are-worried-about-illegal-hawkers-when-will-action-be-taken-bmc-news

    शिकायतें हुईं लेकिन कार्रवाई नहीं

    स्थानीय नागरिकों ने इस समस्या को लेकर कई बार शिकायतें दर्ज कराई हैं।

    • सहायक आयुक्त, आर/दक्षिण वार्ड
    • डीएमसी संजय कुर्हाडे
    • सहायक आयुक्त मनीष सालवे

    को लिखित में शिकायत दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

    लोगों का आरोप है कि अधिकारी सिर्फ शिकायतें सुनते हैं, लेकिन कार्रवाई करने में बिल्कुल भी रुचि नहीं दिखाते।

    नागरिकों का आक्रोश – जिम्मेदार कौन?

    इलाके के लोगों का कहना है कि

    • जब तक अवैध फेरीवालों और ऑटो वालों पर कड़ी कार्रवाई नहीं होगी, तब तक समस्या बनी रहेगी।
    • बीएमसी और पुलिस दोनों की जिम्मेदारी है कि वे मिलकर इलाके को फेरीवालों और जाम से मुक्त कराएं।
    • लेकिन अधिकारियों का रवैया देखकर लगता है कि उन्हें जनता की परेशानी से कोई मतलब नहीं है।

    एक बुज़ुर्ग महिला ने कहा:
    “हमारे घर के सामने रोजाना फेरीवाले दुकान लगाते हैं। गली में चलना भी मुश्किल हो गया है। कई बार शिकायत की लेकिन कोई सुनवाई नहीं। आखिर हमें ही क्यों भुगतना पड़ रहा है?”

    खतरनाक हालात – कभी भी हो सकता है हादसा

    स्थानीय लोग डर के साए में जी रहे हैं।

    • जाम की वजह से एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसी इमरजेंसी गाड़ियां भी फंस जाती हैं।
    • कहीं भी अनचाही दुर्घटना हो सकती है।
    • भीड़ और अव्यवस्था से महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर भी खतरा बढ़ गया है।

    वरिष्ठ निरीक्षक की जिम्मेदारी

    अब लोगों की नज़रें अतिक्रमण एवं निर्मूलन विभाग के वरिष्ठ निरीक्षक नंदकुमार आवारे पर टिकी हैं।
    लोग उम्मीद कर रहे हैं कि वे जल्द से जल्द कार्रवाई करेंगे और इलाके को अवैध फेरीवालों और ऑटो वालों से मुक्त कराएंगे।

    मुंबई के अन्य इलाकों की कहानी भी ऐसी ही

    गौर करने वाली बात यह है कि सिर्फ कांदिवली ही नहीं, बल्कि मुंबई के कई हिस्सों – दहिसर, बोरीवली, मलाड और अंधेरी – में भी यही समस्या देखी जाती है।
    जहां-जहां लोकल ट्रेन स्टेशन और कॉलेज हैं, वहां अवैध फेरीवालों का कब्जा आम बात है।

    इससे साफ है कि यह समस्या सिर्फ एक इलाके की नहीं, बल्कि पूरे मुंबई शहर की है।

    लोगों की मांग – कड़ी कार्रवाई हो

    स्थानीय नागरिकों की मांग है कि:

    1. अवैध फेरीवालों के खिलाफ तुरंत निर्मूलन अभियान चलाया जाए।
    2. ऑटो रिक्शा वालों को सिर्फ निर्धारित स्टैंड पर खड़ा करने का आदेश दिया जाए।
    3. गंदगी साफ करने के लिए बीएमसी की सफाई टीम को रोजाना तैनात किया जाए।
    4. इलाके में पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए ताकि दोबारा अवैध कब्जा न हो।

    कांदिवली (पूर्व) का यह मुद्दा आज की मुंबई की असलियत बयान करता है।

    • अवैध फेरीवाले और ऑटो वाले
    • प्रशासन की लापरवाही
    • और आम जनता की परेशानी

    यह सिर्फ एक लोकल समस्या नहीं है, बल्कि एक ऐसा सवाल है जो हर मुंबईकर के दिल में है – “जनता की शिकायतें कब सुनी जाएंगी और कार्रवाई आखिर कब होगी?”