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  • अवैध निर्माण पर ईडी का शिकंजा, पूर्व आयुक्त समेत नगरसेवक और बिल्डर गिरफ्तार

    अवैध निर्माण पर ईडी का शिकंजा, पूर्व आयुक्त समेत नगरसेवक और बिल्डर गिरफ्तार

    वसई-विरार शहर महानगर पालिका के पूर्व आयुक्त एवं महाराष्ट्र के शिक्षा मंत्री दादा भुसे के रिश्तेदार आईएएस अनिल कुमार पवार के साथ कई बड़े लोगों को ईडी ने गैरकानूनी काला धन को लेकर धन शोधन (Money Laundering) के मामले में गिरफ्तार किया है। ED tightens its grip on illegal construction, corporator and builder arrested including former commissioner

    डिजिटल डेस्क
    महाराष्ट्र/ पालघर:
    महाराष्ट्र के पालघर जिले में वसई-विरार महानगर पालिका (VVMC) अंतर्गत एक बड़े घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। इसमें प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पूर्व आयुक्त आईएएस अनिल पवार, बहुजन विकास आघाडी के पूर्व नगरसेवक एवं बिल्डर सीताराम गुप्ता के साथ बिल्डर अरुण गुप्ता और निलंबित उप नगर नियोजन अधिकारी वाईएस रेड्डी को गिरफ्तार किया है। ED tightens its grip on illegal construction, corporator and builder arrested including former commissioner

    क्या है मामला?

    जांच में सामने आया कि कुछ बिल्डरों ने मुंबई के बाहरी इलाके में स्थित ट्विन सिटी वसई-विरार में 41 अवैध इमारतों का निर्माण किया गया था। इन अवैध इमारतों में भोली भाली जनता और निवेशकों को फ्लैट बेच दिए गए थे। बाद में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ये सभी अवैध इमारतों को प्रशासन ने तोड़कर ध्वस्त कर दिया। फलस्वरूप सभी खरीददार बेघर हो गए। महाराष्ट्र के शिक्षा मंत्री दादा भुसे के रिश्तेदार आईएएस अनिल कुमार पवार ने हाल ही में एकनाथ शिंदे की सरकार में वसई-विरार महानगर पालिका के कमिश्नर के रुप में पदभार संभाला था। ED tightens its grip on illegal construction, corporator and builder arrested including former commissioner

    ईडी ने क्या कहा?

    ईडी अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, बुधवार 13 अगस्त को सभी आरोपियों को एक साथ हिरासत में लेकर गुरुवार को मुंबई की विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किया गया, जहां सभी आरोपियों से पूछताछ और जांच पड़ताल के लिए रिमांड की मांग की गई और कोर्ट ने 20 अगस्त तक की कस्टडी सुनाई है। ED tightens its grip on illegal construction, corporator and builder arrested including former commissioner

    शिक्षा मंत्री दादा भुसे के रिश्तेदार

    प्राप्त जानकारी के मुताबिक, एकनाथ शिंदे के मुख्यमंत्री रहते महाराष्ट्र के शिक्षा मंत्री दादा भुसे के रिश्तेदार आईएएस अनिल कुमार पवार को ठाणे का अपर जिला कलेक्टर और वसई-विरार महानगर पालिका का आयुक्त नियुक्त किया गया था। वसई-विरार में अनधिकृत निर्माण घोटाला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नाराजगी जताई और उन्हें पद से हटा दिया। ED tightens its grip on illegal construction, corporator and builder arrested including former commissioner

    16 ठिकानों पर ईडी की छापेमारी

    पिछले महीने महाराष्ट्र के वसई-विरार शहर में ईडी ने इसी कथित अवैध निर्माण सिंडिकेट के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 16 अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी। यह छापेमारी वसई-विरार महानगरपालिका के नगर रचना विभाग के उपसंचालक वाईएस रेड्डी से जुड़े मामले में आर्किटेक्ट, इंजीनियर और एजेंटों के ठिकानों पर की गई थी। ED tightens its grip on illegal construction, corporator and builder arrested including former commissioner

    60 एकड़ सरकारी जमीन पर कब्जा

    ईडी को इस गोरखधंधे से जुड़े वित्तीय लेन-देन, कैश रुपये और संपत्ति की जानकारी मिली है। जांच एजेंसी को शक है कि यह सिंडिकेट करीब 60 एकड़ सरकारी जमीन पर 41 अवैध रिहायशी और व्यावसायिक इमारतों के निर्माण में शामिल है। बताया जा रहा है कि ये निर्माण फर्जी दस्तावेज और भ्रष्टाचार के दम पर किए गए थे। अवैध निर्माण के लिए जरूरी फाइलों को मंजूरी दिलाने के बदले भारी भरकम रिश्वत दी गई थी। यह लेन-देन आर्किटेक्ट्स और एजेंटों के माध्यम से किया गया था। ED tightens its grip on illegal construction, corporator and builder arrested including former commissioner

  • Maharashtra: सरकारी कर्मचारियों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर लगी सख्ती

    Maharashtra: सरकारी कर्मचारियों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर लगी सख्ती

    महाराष्ट्र की सरकार ने सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल को लेकर सख्त कानून पास कर दिया है। इसके तहत नियम का पालन नही किए जाने पर महाराष्ट्र सिविल सेवा (अनुशासन और अपील) नियमों के तहत कार्रवाई के आदेश दिए हैं। Maharashtra: Strictness imposed on the use of social media for government employees

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई:
    देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली महायुति सरकार ने महाराष्ट्र के सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल को लेकर सख्त नियम तय किए हैं। सरकार ने साफ चेतावनी दी है कि इन नियमों का उल्लंघन करने वालों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। Maharashtra: Strictness imposed on the use of social media for government employees

    सोशल मीडिया पोस्ट पर लगी रोक

    महाराष्ट्र की महायुति सरकार में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ एकनाथ शिंदे की शिवसेना और अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) शामिल हैं। सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के जानकारी दायक सोशल मीडिया पोस्ट कभी कभार लोगों में भ्रम या गलत संदेश भी फैला सकता है। इसकी जिम्मेदारी को लेकर सरकार अब सख्त हो गई है। हालांकि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल पर रोक नही लगाया गया है। सिर्फ पोस्ट करते समय ध्यान देने के लिए कहा गया है।

    क्या करें क्या ना करें ?

    सामान्य प्रशासन विभाग ने सोमवार को एक सरकारी आदेश जारी कर यह नियम सार्वजनिक रुप से प्रसारित कर दिया है। इसमें बताया गया है कि सरकारी अधिकारी और कर्मचारी सोशल मीडिया पर क्या पोस्ट कर सकते हैं? और क्या नहीं? आदेश में यह भी कहा गया है कि जो भी इन नियमों का उल्लंघन करेगा, उस पर महाराष्ट्र सिविल सेवा (अनुशासन और अपील) नियम, 1979 के तहत कार्रवाई की जाएगी।

    सोशल मीडिया से होगी समस्या

    आदेश में जानकारी देते हुए, कहा गया है, कि “सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के आसान उपयोग से पलक झपकते ही दुनिया के किसी भी कोने में जानकारी पहुंचाई जा सकती है। इसकी अदभुत क्षमता और एक क्लिक में कई लोगों तक बात पहुंचा देने की सुविधा के साथ कुछ खतरे भी सामने आए हैं—जैसे गोपनीय जानकारी का लीक होना, झूठी या भ्रामक जानकारी फैलना और इसके साथ ही बड़ी दिक्कत वाली बात यह है कि एक बार पोस्ट की गई जानकारी को हटाने के लिए कई नियमों का पालन करना पडता है इसकी सीमाएं तय की गई है। सरकारी विभाग के लिए दिक्कत हो सकती है।”

    आदेश में आगे कहा गया, कि “यह भी देखा गया है कि सोशल मीडिया का इस्तेमाल सरकार की नीतियों, राजनीतिक घटनाओं या कुछ व्यक्तियों की आलोचना के लिए किया जा रहा है, जो सिविल सेवा नियमों का उल्लंघन है।” Maharashtra: Strictness imposed on the use of social media for government employees

    नए नियमों की जानकारी

    सरकार द्वारा जारी नियमों के अनुसार, अधिकारियों और कर्मचारियों से कहा गया है कि वे राज्य सरकार या देश से जुड़ी किसी भी नीति की आलोचना करने से बचें और सोशल मीडिया का उपयोग “सावधानी और जिम्मेदारी” के साथ करें। उन्हें कोई आपत्तिजनक या मानहानि करने वाली सामग्री पोस्ट नहीं करने को कहा गया है।

    खुद का प्रचार

    नियमों में यह भी कहा गया है कि अधिकारी यह ज़रूर बता सकते हैं, कि किसी योजना या प्रोजेक्ट की सफलता के लिए उन्होंने या उनके विभाग ने क्या प्रयास किए हैं, लेकिन इस दौरान उन्हें यह ध्यान रखना होगा कि वे खुद का प्रचार न करें। सरकार की किसी योजना या प्रोजेक्ट से जुड़ी पहले से स्वीकृत जानकारी केवल वही व्यक्ति साझा कर सकता है जिसे इसके लिए अधिकृत किया गया है। इसका मकसद आम जनता की भागीदारी को बढ़ाना है।

    सरकारी महकमों का इस्तेमाल

    नियमों में यह भी कहा गया है कि अधिकारी और कर्मचारी अपने निजी और आधिकारिक इस्तेमाल के लिए अलग-अलग सोशल मीडिया अकाउंट बना सकते हैं। इसके अलावा, जब किसी अधिकारी का ट्रांसफर हो जाए, तो उन्हें अपने आधिकारिक अकाउंट को तुरंत संबंधित विभाग के प्रभारी को सौंप देना होगा। नियमों में यह भी स्पष्ट किया गया है, कि अधिकारी और कर्मचारी अपने व्यक्तिगत सोशल मीडिया अकाउंट पर अपनी आधिकारिक पदनाम, सरकारी प्रतीक (लोगो), यूनिफॉर्म, सरकारी गाड़ी या निवास जैसी संपत्तियों से जुड़ी फोटो, वीडियो या रील न डालें।

    अधिकारियों और कर्मचारियों को विभागीय समन्वय के लिए व्हाट्सऐप और टेलीग्राम जैसे सोशल मैसेजिंग ऐप्स के इस्तेमाल की अनुमति होगी, लेकिन उन्हें बिना अनुमति के कोई भी गोपनीय दस्तावेज़, चाहे वह पूरा हो या आंशिक, अपलोड, फॉरवर्ड या साझा करने से बचने की सलाह दी गई है। सरकार ने यह भी सख्त निर्देश दिए हैं कि जिन ऐप्स या प्लेटफॉर्म्स को सरकार ने बैन किया है, उनका उपयोग बिल्कुल न किया जाए।

    यह आदेश सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों पर लागू होगा — चाहे वे स्थायी हों, अनुबंध पर हों या सरकार के बाहर से नियुक्त किए गए हों। यह नियम उन सभी कर्मचारियों पर भी लागू होंगे जो सरकारी कंपनियों, उपक्रमों, अतिथि सेवाओं या स्थानीय निकायों में काम कर रहे हैं। Maharashtra: Strictness imposed on the use of social media for government employees

  • Mumbai: बिना उद्घाटन के खुल गया विक्रोली फ्लाईओवर ब्रिज, यात्रियों को होगी समय की बचत

    Mumbai: बिना उद्घाटन के खुल गया विक्रोली फ्लाईओवर ब्रिज, यात्रियों को होगी समय की बचत

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने कहा, कि चल रहे मानसून को ध्यान में रखते हुए फ्लाईओवर ब्रिज को शाम 4 बजे से बिना किसी औपचारिक उद्घाटन के चालू कर दिया गया है। लोगों को इससे मदद मिलेगी और यहां होने वाली ट्रैफिक की समस्या भी खत्म। Mumbai: Vikhroli flyover bridge opened without inauguration, passengers will save time

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    नवनिर्मित विक्रोली फ्लाईओवर की तस्वीर

    मुंबई: विक्रोली ईस्ट और वेस्ट को जोड़ने वाले नवनिर्मित रोड फ्लाई ओवरब्रिज (ROB) को शनिवार दोपहर बिना किसी औपचारिक उद्घाटन या समारोह के यात्रियों के लिए खोल दिया गया है। बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने एक बयान में इसकी जानकारी देते हुए कहा, कि चल रहे मानसून को ध्यान में रखते हुए और यात्रियों को होने वाली असुविधा को रोकने के लिए फ्लाईओवर ब्रिज को शाम 4 बजे चालू कर दिया गया है। Mumbai: Vikhroli flyover bridge opened without inauguration, passengers will save time

    मुख्यमंत्री का था आदेश

    बीएमसी बयान के मुताबिक, “फ्लाईओवर का काम 31 मई की निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा हो गया था। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने निर्देश दिया था कि पुल को किसी औपचारिक उद्घाटन की प्रतीक्षा किए बिना खोल दिया जाए।” इसके साथ ही शुक्रवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पुल को यात्रियों के लिए खोलने की घोषणा की थी। फडणवीस ने सोशल मीडिया पर पुल के ढांचे का एक वीडियो साझा करते हुए लिखा था, कि मानसून के दौरान यात्रियों को इस क्षेत्र में ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ता है, और इसलिए, सरकार ने आदेश दिया है कि आधिकारिक समारोह की प्रतीक्षा किए बिना फ्लाईओवर को जनता के लिए खोल दिया जाए। Mumbai: Vikhroli flyover bridge opened without inauguration, passengers will save time

    कहां पर बना विक्रोली फ्लाईओवर ब्रिज

    यह फ्लाईओवर विक्रोली स्टेशन के पश्चिमी किनारे पर स्थित लाल बहादुर शास्त्री (LBS) रोड को पटरियों के पूर्वी किनारे पर स्थित ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे से जोड़कर बढ़ते उपनगर में एक महत्वपूर्ण सड़क संपर्क प्रदान करता है। इस पुल के शुरू होने से विक्रोली और आसपास के इलाकों में यातायात का दबाव कम होगा और लोगों को सफर में करीब 30 मिनट तक का समय बचेगा। खासकर दफ्तर आने-जाने वाले यात्रियों को इसका सीधा फायदा मिलेगा। अब तक विक्रोली में रेलवे रूट के आसपास लगने वाले जाम के कारण लोगों को काफी परेशानी होती थी। लेकिन इस फ्लाईओवर ब्रिज के शुरू होते ही न केवल ट्रैफिक की समस्या खत्म होगी, बल्कि एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और अन्य आपातकालीन सेवाओं को भी जल्दी पहुंचने में मदद मिलेगी। Mumbai: Vikhroli flyover bridge opened without inauguration, passengers will save time

    ब्रिज की खासियत

    खबर के मुताबिक, बीएमसी ने कहा कि फ्लाईओवर 12 मीटर चौड़ा और 615 मीटर लंबा है। परियोजना को तीन चरणों में पूरा किया गया, जिसमें स्पैन के 18 गर्डरों को रखा गया है। कुल 19 खंभे लगाए गए हैं, जिनमें से 12 पूर्वी तरफ और सात पश्चिमी तरफ स्थित हैं। Mumbai: Vikhroli flyover bridge opened without inauguration, passengers will save time

    मुख्यमंत्री का प्रयास

    मुख्यमंत्री फडणवीस ने शुक्रवार को कहा, कि “मैंने 2018 में मुख्यमंत्री रहते हुए इस काम का आदेश दिया था। इस पर 104.77 करोड़ रुपये खर्च हुए। आगामी बारिश के मद्देनजर मुंबईकरों को किसी भी असुविधा से बचाने के लिए, हमने बृहन्मुंबई महानगर पालिका आयुक्त और पुलिस को शनिवार, 14 जून, 2025 से इस पुल को यातायात के लिए खोलने का निर्देश दिया है।” Mumbai: Vikhroli flyover bridge opened without inauguration, passengers will save time

  • मुख्यमंत्री ने SRA परियोजना के लिए मोबाइल एप लॉन्च किया।

    मुख्यमंत्री ने SRA परियोजना के लिए मोबाइल एप लॉन्च किया।

    महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई झोपड़पट्टी पुनर्वसन प्राधिकरण के लिए गुरुवार को “SRA Brihanmumbai” मोबाइल ऐप्लिकेशन को लॉन्च किया। इसके तहत नागरिकों को बिल्डर, आर्किटेक्ट और परियोजनों से प्रभावित व्यक्तियों को योजना की जानकारी मिल सकेगी। Chief Minister launched mobile app for SRA project

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    Mumbai SRA News:
    गुरुवार को राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य अतिथिगृह “सह्याद्री” में झोपड़पट्टी पुनर्वसन प्राधिकरण (SRA) की समीक्षा बैठक ली। इस दौरान मुख्यमंत्री ने मुंबई झोपड़पट्टी पुनर्वसन प्राधिकरण (SRA) के लिए “SRA Brihanmumbai” नामक मोबाइल ऐप्लिकेशन लॉच किया। इस ऐप से नागरिकों को बिल्डरों को, आर्किटेक्ट वर्ग को और परियोजनाओं से प्रभावित व्यक्तियों को योजना की जानकारी मिल सकेगी। मुख्यमंत्री ने एसआरए के अधिकारियों को वेबसाइट पर नागरिकों के लिए आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। आप इस ऐप्लिकेशन को यहां से भी डायरेक्ट Download कर सकते हैं। Chief Minister launched mobile app for SRA project

    पहाडों पर बने झोपडों का पुनर्वसन

    इसी बैठक के दौरान मुंबई समेत राज्य के दूसरे शहरों में पहाड़ों पर बनी झोपड़पट्टियों के पुनर्वसन के लिए भी स्वतंत्र नीति बनाने को लेकर राज्य के मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पात्र झोपड़ा धारकों को उनके मौजूदा निवास के पास ही पुनर्वसन किया जाना चाहिए। बैठक में उपमुख्यमंत्री तथा गृहनिर्माण मंत्री एकनाथ शिंदे, प्रदेश गृहनिर्माण राज्यमंत्री पंकज भोयर, राज्य की मुख्य सचिव सुजाता सौनिक, गृहनिर्माण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव असीम गुप्ता, झोपड़पट्टी पुनर्वसन प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी महेंद्र कल्याणकर आदि उपस्थित थे। Chief Minister launched mobile app for SRA project

    एसआरए खरीदेगी जमीन

    बैठक में एसआरए की इमारतों के लिए जमीन खरीदने का फैसला लिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुंबई समेत बड़े शहरों में पहाड़ों पर काफी झोपड़े बने हुए हैं। ऐसी झोपड़पट्टियां बारिश के दिनों में भूस्खलन और पत्थर गिरने से धोकादायक हो जाते हैं। इसलिए पहाड़ों पर बनी झोपड़पट्टियों के पुनर्वसन के लिए अलग से नीति बनाएं और जरूरत पड़ने पर जमीन भी खरीदें। Chief Minister launched mobile app for SRA project

    दिसंबर तक पूरा होगा बायोमेट्रिक सर्वेक्षण

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि बायोमेट्रिक पद्धति पर आधारित घर-घर सर्वेक्षण का काम दिसंबर तक पूरा हो जाना चाहिए। झोपड़पट्टी के जो घर बंद हैं, ऐसे घरों का रिकॉर्ड तैयार किए जाने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि मुंबई महानगर पालिका के सेवानिवृत्त अधिकारियों का सेल तैयार करें। इसके माध्यम से समूह विकास (क्लस्टर) योजना को गति मिल सकेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि घाटकोपर के रमाबाई आंबेडकर नगर झोपड़पट्टी पुनर्वसन के काम को गति से पूरा किया जाना अतिआवश्यक है। उन्होंने आदेश देते हुए यह भी कहा, कि “समुद्र के पास की जगह का पुनर्वसन के लिए उपयोग करें।” Chief Minister launched mobile app for SRA project

    पुणे के नागरिकों को पुनर्वसन का आदेश

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि पुणे शहर के परियोजना से प्रभावित नागरिकों को स्थायी रूप से पुनर्वसन करें। उन्हें किराया अथवा अन्य विकल्प खोजकर घर देने की व्यवस्था करें। उन्होंने कहा कि पुणे शहर के नदी किनारे बसे झोपड़ा धारकों को बाढ़ का सामना करना पड़ता है। ऐसे झोपड़ों का गृहनिर्माण विभाग की योजना के जरिए पुनर्वसन करें। Chief Minister launched mobile app for SRA project

  • मध्यावधि चुनाव की ओर बढ़ रही सरकार

    मध्यावधि चुनाव की ओर बढ़ रही सरकार

    • नितीश कुमार के वोटरों में नाराजगी
    • नायडू के वोटर्स में ज्यादातर मुस्लिम समुदाय
    • दिसंबर में बिहार राज्य का विधानसभा चुनाव
    • राष्ट्रपति शासन की सिफारिश, मध्यावधि चुनाव के आसार प्रबल
    • वक्फ संशोधन कानून को प्रचारित कर हिंदू मतों को लुभाने की कोशिश

    मुंबई: अभी दो साल भी नहीं बैठे कि एन डी ए सरकार में बीजेपी को समर्थन देने वाली पार्टी जे डी यू के नेता सुशासन बाबू उर्फ पलटू के नाम से जाने जाने वाले नीतीश कुमार के वोटरों ने जबरदस्त नाराजगी जताकर नीतीश कुमार को केंद्र सरकार से समर्थन वापस लेने का दबाव बनाने लगे हैं। government moving towards mid term elections

    बीजेपी के समर्थन से बिखरने लगे लोग

    वैसे बीजेपी सरकार ने जे डी यू में से कुछ लोगों को केंद्र में मंत्री बनाकर तोड़ फोड़ पहले ही चालू कर दी थी। नीतीश पशोपेश में चाहे जितना भी रहें उनकी पार्टी का टूटना सुनिश्चित है। बचे हुए लोग पार्टी को कितने दिनों तक बचा पाएंगे कहना मुश्किल है। दूसरी तरफ आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री नायडू के वोटर्स जिनमें ज्यादातर मुस्लिम समुदाय से आते हैं बीजेपी को समर्थन देने से खासे नाराज बताए जा रहे हैं। government moving towards mid term elections

    वक्फ संशोधन कानून का असर

    केंद्र द्वारा नायडू के समर्थन से वक्फ कानून संशोधन ने आग में घी डालने का काम किया है। जहां नीतीश कुमार अपना अस्तित्व बचाने में लगे हैं वहीं नायडू भी काफी परेशान नजर आते हैं। दोनों के फॉलोवर और मतदाता नाराज़ चल रहे हैं। यह नाराजगी दोनों के अस्तित्व पर भारी पड़ने वाली है। government moving towards mid term elections

    इसे भी पढ़े:- एक्सप्रेस हाईवे सेक्स कांड वायरल वीडियो में कंट्रोल रूम के तीन कर्मचारी सस्पेंड

    विधानसभा चुनाव

    ऐसे में जबकि दिसंबर में बिहार राज्य में विधानसभा चुनाव होने वाले है उससे पहले ही नीतीश कुमार और नायडू को फिर से विचार करने की जरूरत महसूस होने लगी है। एक तरफ कुआं तो दूसरी ओर खाई नजर आने लगी है। नीतीश कुमार और नायडू के लिए अपनी अपनी पार्टी बचाने का अंतिम मौका है। अतः संभव है कि दोनों केंद्र सरकार से समर्थन वापस लेकर शहीद हो जाएं। government moving towards mid term elections

    राष्ट्रपति शासन की सिफारिश

    उसके पूर्व मानसून सेशन के बाद केंद्र की बीजेपी सरकार राष्ट्रपति को इस्तीफा देकर मध्यावधि चुनाव करने के लिए राष्ट्रपति शासन की सिफारिश कर दें। दोनों ही स्थितियों में मध्यावधि चुनाव के आसार प्रबल हैं। जिसमें बीजेपी वक्फ संशोधन कानून को प्रचारित कर हिन्दू मतों को लुभाने की कोशिश कर सकती है। अतः देश को जनता के द्वारा दिए गए अरबों टैक्स की बर्बादी देखने को मिल सकती है। government moving towards mid term elections

  • भारत के हमले के बाद पाकिस्तान में हुआ हलचल

    भारत के हमले के बाद पाकिस्तान में हुआ हलचल

    Pakistanis army viral image
    पाकिस्तानी सेना की वायरल तस्वीर

    पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय ने सेना को भारत के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए है। पाकिस्तान के पंजाब मे आपातकाल की घोषणा। समिति ने कहा, “आतंकी शिविरों की मौजूदगी के बहाने भारत ने अनुचित हमला करते हुए जानबूझकर नागरिक क्षेत्रों को निशाना बनाया।” (There was a stir in Pakistan after the Indian attack)

    नई दिल्ली: भारत ने मंगलवार की देर रात “ऑपरेशन सिंदूर” के तहत पाकिस्तानी कश्मीर के हिस्सों में 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया और वहां बमबारी करते हुए तबाही मचा दी। इसके बाद से पाकिस्तानी हुकुमत भारत को निशाना बनाने की तैयारी कर रहा है। खबर के मुताबिक हमले के बाद पाकिस्तान की ओर से कहा जा रहा है कि भारत के अनुचित हमलों ने जानबूझकर नागरिक क्षेत्रों को निशाना बनाया, जिसके परिणामस्वरूप निर्दोष नागरिकों की शहादत हुई और मस्जिदों सहित नागरिक बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है। (There was a stir in Pakistan after the Indian attack)

    भारत का ऑपरेशन सिंदूर

    जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की मौत के बाद भारत ने मंगलवार देर रात पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर पर जवाबी हमला कर दिया। भारत के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद पाकिस्तान में हलचल मच गई है। अब खबर है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय ने सेना को भारत के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक बयान में कहा, “भारत के हमलों के बाद पाकिस्तान के सशस्त्र बलों को उचित कार्रवाई करने के लिए अधिकृत किया गया है।” हालांकि, अभी इस बयान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। (There was a stir in Pakistan after the Indian attack)

    पाकिस्तान बोला- हमले का जवाब देने का अधिकार

    पाकिस्तानी सूचना मंत्रालय ने कहा, “इन अनुचित हमलों ने जानबूझकर नागरिक क्षेत्रों को निशाना बनाया, जिसके परिणामस्वरूप निर्दोष नागरिकों की शहादत हुई और मस्जिदों सहित नागरिक बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है। संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 के अनुरूप, पाकिस्तान को अपनी संप्रभुता के घोर उल्लंघन का बदला लेने के लिए चुने हुए समय, स्थान और तरीके से जवाब देने का अधिकार है। सशस्त्र बलों को इस संबंध में उचित कार्रवाई करने के लिए अधिकृत किया गया है।” (There was a stir in Pakistan after the Indian attack)

    पाकिस्तान के पंजाब में आपातकाल की घोषणा

    भारत की कार्रवाई के बाद पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में आपातकाल की घोषणा कर दी गई है। पाकिस्तानी पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज ने ये ऐलान किया है। इस दौरान शेक्षणिक संस्थान भी बंद रहेंगे। सरकारी बयान के अनुसार, पंजाब पुलिस सहित सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है और प्रशासनिक इकाइयों को सतर्क कर दिया गया है। सभी डॉक्टरों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं और उन्हें तुरंत ड्यूटी पर लौटने के आदेश जारी किए गए हैं। (There was a stir in Pakistan after the Indian attack)

    भारत ने भड़काई आग

    पाकिस्तान की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति ने कहा कि भारत ने ‘हमारे क्षेत्र में आग भड़का दी है।’ समिति ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भारत को बिना उकसावे के अवैध कार्यों की गंभीरता को पहचानने और अंतरराष्ट्रीय मानदंडों के उल्लंघन के लिए जवाबदेह ठहराने का आह्वान किया है। (There was a stir in Pakistan after the Indian attack)

    समिति ने कहा, “आतंकी शिविरों की मौजूदगी के बहाने से भारत के अनुचित हमलों ने जानबूझकर नागरिक क्षेत्रों को निशाना बनाया और एयरलाइनों के लिए गंभीर खतरा पैदा किया। इसके परिणामों की जिम्मेदारी भारत की होगी।” (There was a stir in Pakistan after the Indian attack)

    प्रधानमंत्री शरीफ ने बुलाई बैठक

    पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने स्थिति पर चर्चा के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक की है। इसमें कैबिनेट मंत्रियों सहित मुख्यमंत्रियों, सभी सेनाओं के प्रमुख और वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। करीब 2 घंटे चली इस बैठक के फैसलों के बारे में ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है। शरीफ ने मंत्रिमंडल की बैठक भी बुलाई है। इसके बाद वे संसद को संबोधित कर सकते हैं। (There was a stir in Pakistan after the Indian attack)