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  • मंदिर जाने वाले बुजुर्गों को ठगने वाला सीरियल ठग को Andheri Police इगतपुरी स्टेशन से दबोचा

    मंदिर जाने वाले बुजुर्गों को ठगने वाला सीरियल ठग को Andheri Police इगतपुरी स्टेशन से दबोचा

    मंदिर जाने वाले वरिष्ठ नागरिकों को ठगने वाला शातिर ठग Andheri police के हत्थे चढ़ा, 40 से ज्यादा वारदातों का खुलासा, इगतपुरी स्टेशन से गिरफ्तारी।

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई शहर और आसपास ठाणे, नवी मुंबई, नासिक और इगतपुरी में मंदिर जाने वाले बुजुर्गों को निशाना बनाकर ठगी करने वाले एक शातिर सीरियल ठग को Andheri police ने गिरफ्तार किया है। आरोपी फर्जी नाम और धार्मिक बहाने का इस्तेमाल कर वरिष्ठ नागरिकों का भरोसा जीतता था और सोने के गहने लेकर फरार हो जाता था। पुलिस ने 50 वर्षीय आरोपी अनवर अब्दुल हमीद शेख को इगतपुरी रेलवे स्टेशन से दबोचा है, जो अब तक 40 से ज्यादा ठगी की वारदातों में शामिल पाया गया है।

    👤 कौन है गिरफ्तार आरोपी

    गिरफ्तार आरोपी की पहचान अनवर अब्दुल हमीद शेख (50) के रूप में हुई है। वह कुरला वेस्ट के कुरैशी नगर स्थित सोनाजी चाल का रहने वाला है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी खुद को अलग-अलग नामों से पहचान कराता था, जैसे — श्याम, राम, गणेश, महेश, रमेश और सुरेश, ताकि लोग उस पर शक न करें।

    🎯 बुजुर्ग मंदिर-भक्त बनते थे आसान शिकार

    पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी खासतौर पर ऐसे वरिष्ठ नागरिकों को टारगेट करता था जो रोज़ मंदिर जाते थे। वह उन्हें फॉलो करता, बातचीत शुरू करता और खुद को धार्मिक और भरोसेमंद दिखाता था। उसकी पूरी योजना बुजुर्गों की आस्था और सरलता का फायदा उठाने पर आधारित थी।

    🪔 ठगी का तरीका: दान और पूजा का झांसा

    पुलिस के अनुसार, आरोपी खुद को कटलरी का कारोबारी बताता और दावा करता कि अब उसका खुद का शोरूम है। इसके बाद वह पीड़ित को ₹5000 देते हुए कहता कि वह यह रकम भगवान को चढ़ाना चाहता है।
    फिर वह एक और चाल चलता — वह कहता कि पूजा के लिए उसके पास सोना नहीं है और पीड़ित से अपना सोना लाने को कहता।

    🧣 रुमाल में बदल देता था सोना और नकद

    आरोपी पीड़ित के सोने को नोटों के साथ एक रुमाल में लपेटता और कहता कि इसे सीधे मंदिर में ही खोलना चाहिए। लेकिन इसी दौरान वह बड़ी सफाई से सोने और पैसों को कागज़ से बदल देता और मौके से गायब हो जाता था। जब तक पीड़ित को ठगी का अहसास होता, तब तक आरोपी दूर निकल चुका होता था।

    📍 अंधेरी में सामने आई बड़ी वारदात

    15 जुलाई को अंधेरी में इसी तरह की एक ठगी सामने आई थी। एक बुजुर्ग मंदिर जा रहे थे, तभी आरोपी ने खुद को ‘राम’ बताकर उनसे दोस्ती की और वही कहानी दोहराई। इस बार आरोपी 28 ग्राम की सोने की चेन लेकर फरार हो गया।

    📹 CCTV से मिली अहम कड़ी

    घटना की जानकारी मिलते ही जांच अधिकारी PSI किशोर पारकले मौके पर पहुंचे और सीसीटीवी फुटेज खंगाले। हालांकि आरोपी का चेहरा साफ नहीं दिखा क्योंकि उसने छाता पकड़ रखा था, लेकिन पुलिस ने अन्य सुरागों के आधार पर जांच जारी रखी।

    🚉 इगतपुरी स्टेशन से हुई गिरफ्तारी

    अंधेरी डिविजन के सहायक पुलिस आयुक्त शशिकांत भोसले ने बताया कि आरोपी मुंबई से फरार हो गया था, लेकिन बार-बार लौट रहा था। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने उसे इगतपुरी रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया।

    📂 40 से ज्यादा मामलों में शामिल, पहले भी जा चुका है जेल

    पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी मुंबई और आसपास के इलाकों में 40 से ज्यादा ठगी के मामलों में शामिल रहा है। वह दिसंबर 2024 में इसी तरह के मामलों में जेल से रिहा हुआ था।
    उसके खिलाफ अंधेरी, वाकोला, सायन, कस्तूरबा मार्ग, वसई और दादर पुलिस स्टेशनों में मामले दर्ज हैं।

    🚨 पुलिस की अपील: सतर्क रहें बुजुर्ग

    पुलिस ने वरिष्ठ नागरिकों से अपील की है कि किसी अजनबी पर भरोसा न करें, खासकर अगर वह धार्मिक या दान-पुण्य का बहाना बनाए। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस को सूचना दें।


    FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. आरोपी को कहां से गिरफ्तार किया गया?
    ➡️ इगतपुरी रेलवे स्टेशन से।

    Q2. आरोपी किस तरह ठगी करता था?
    ➡️ दान-पूजा के बहाने सोना और नकद लेकर फरार हो जाता था।

    Q3. कितने मामलों में आरोपी शामिल है?
    ➡️ 40 से ज्यादा ठगी के मामलों में।

    Q4. आरोपी पहले भी जेल जा चुका है?
    ➡️ हां, दिसंबर 2024 में इसी तरह के अपराध में।

  • मालाड पुलिस की बड़ी कार्रवाई, गुजरात से 1.3 किलो सोना हड़पने वाला आरोपी गिरफ्तार

    मालाड पुलिस की बड़ी कार्रवाई, गुजरात से 1.3 किलो सोना हड़पने वाला आरोपी गिरफ्तार

    मालाड पुलिस ने 1.3 किलो सोने की धोखाधड़ी मामले में वांछित आरोपी दिनेश गोस्वामी को गुजरात के अहमदाबाद से गिरफ्तार किया। आरोपी की पत्नी अब भी फरार।

    मुंबई: मालाड पुलिस स्टेशन ने आपराधिक विश्वासघात और धोखाधड़ी के एक बड़े मामले में वॉन्टेड आरोपी को गुजरात से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने मुंबई के एक ज्वेलर से करीब 1.3 किलो सोना (कीमत लगभग ₹1.5 करोड़) हड़प लिया था। गिरफ्तार आरोपी की पहचान दिनेश डांगीरी गोस्वामी के रूप में हुई है, जिसे अहमदाबाद (गुजरात) से पकड़ा गया। कोर्ट ने उसे पुलिस हिरासत में भेज दिया है, जबकि उसकी पत्नी और सह-आरोपी अमिता दिनेश गोस्वामी अब भी फरार है।

    कैसे सामने आया मालाड का पूरा मामला?

    शिकायतकर्ता कुनाल शाह, कंदिवली में रहने वाले एक जाने-माने ज्वेलर हैं। वह पिछले 30 वर्षों से गोल्ड और डायमंड ज्वेलरी मैन्युफैक्चरिंग के कारोबार से जुड़े हुए हैं।
    उनकी कंपनी P.H. Ornament Private Limited, मालाड के मारवे रोड स्थित प्रेस्टिज इंडस्ट्रीज एस्टेट में स्थित है। इसके अलावा उन्होंने 2018 में Zara Design नाम से एक और फर्म भी शुरू की थी।

    भरोसे से शुरू हुआ कारोबार

    साल 2022 में ममता नरेंद्र गोस्वामी नाम की महिला कुनाल शाह की कंपनी में ज्वेलरी डिजाइनिंग सीखने आई थी। इसी दौरान कुनाल शाह की पहचान उसके पति नरेंद्र गोस्वामी से हुई, जिसने खुद को टाइटन कंपनी से जुड़ा बताया।
    नरेंद्र ने कुनाल शाह को Arya Jewels नाम की कंपनी से मिलवाया, जिसे दिनेश और अमिता गोस्वामी चलाते थे। दावा किया गया कि यह कंपनी बड़े-बड़े ब्रांड्स के लिए ज्वेलरी बनाती है।

    कई ऑर्डर समय पर पूरे, बढ़ा भरोसा

    जांच में सामने आया कि जुलाई 2022 से सितंबर 2024 के बीच दोनों कंपनियों के बीच कई छोटे-बड़े ऑर्डर हुए, जो समय पर पूरे किए गए। इससे दोनों पक्षों के बीच भरोसा मजबूत हो गया।

    1.3 किलो सोना लेकर आरोपी फरार

    इस भरोसे के चलते अक्टूबर-नवंबर 2025 के दौरान कुनाल शाह की कंपनी ने 1,338 ग्राम शुद्ध सोना, जिसकी कीमत करीब ₹1.5 करोड़ है, ज्वेलरी बनाने के लिए Arya Jewels को सौंपा।
    लेकिन तय समय पर न तो ज्वेलरी तैयार हुई और न ही कोई जवाब मिला। जब कुनाल शाह ने संपर्क किया तो दोनों आरोपियों के मोबाइल बंद मिले। ऑफिस पहुंचने पर पता चला कि कंपनी बंद कर दी गई है।

    शिकायत के बाद शुरू हुई तलाश

    इसके बाद कुनाल शाह ने मालाड पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। जांच के बाद पुलिस ने धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात का मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों की तलाश शुरू की।

    अहमदाबाद से आरोपी गिरफ्तार

    करीब डेढ़ महीने की जांच के बाद पुलिस को सूचना मिली कि दिनेश गोस्वामी अहमदाबाद में छिपा है।
    वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक दुश्यंत चव्हाण के नेतृत्व में पुलिस टीम ने अहमदाबाद जाकर दिनेश गोस्वामी को गिरफ्तार कर लिया।

    पूछताछ में कबूलनामा

    पुलिस पूछताछ में दिनेश गोस्वामी ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसने यह वारदात अपनी पत्नी अमिता गोस्वामी के साथ मिलकर की। उसे आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए मुंबई लाया गया है।

    पत्नी फरार, जल्द गिरफ्तारी संभव

    पुलिस ने बताया कि सह-आरोपी अमिता गोस्वामी को नोटिस भेजा गया है और जल्द ही उससे पूछताछ की जाएगी। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के बाद उसकी गिरफ्तारी भी संभव है


    FAQ | अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. आरोपी पर कितने सोने की धोखाधड़ी का आरोप है?
    👉 करीब 1,338 ग्राम सोना, जिसकी कीमत लगभग ₹1.5 करोड़ है।

    Q2. आरोपी को कहां से गिरफ्तार किया गया?
    👉 अहमदाबाद, गुजरात से।

    Q3. शिकायतकर्ता कौन है?
    👉 कंदिवली निवासी ज्वेलर कुनाल शाह।

    Q4. आरोपी की पत्नी का क्या स्टेटस है?
    👉 वह सह-आरोपी है और फिलहाल फरार है।

    Q5. किस पुलिस स्टेशन में केस दर्ज है?
    👉 मालाड पुलिस स्टेशन।

  • मुंबई में एग्जाम पेपर लीक, फर्जी पहचान पत्र देकर छात्र को परीक्षा में बैठाने का आरोप

    मुंबई में एग्जाम पेपर लीक, फर्जी पहचान पत्र देकर छात्र को परीक्षा में बैठाने का आरोप

    मुंबई के बोरीवली में एग्जाम पेपर लीक का मामला सामने आया है। एक ट्यूशन टीचर ने 14 साल के छात्र को फर्जी पहचान से गणित की परीक्षा में बैठाया। पुलिस ने FIR दर्ज की है।

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी में परीक्षा व्यवस्था की गंभीर चूक सामने आई है। बोरीवली की एक ट्यूशन टीचर पर आरोप है कि उसने 14 साल के छात्र को फर्जी पहचान के साथ परीक्षा में बैठाया और उससे गणित का प्रश्नपत्र लीक करवाया। मामला सामने आने के बाद बोरीवली पुलिस ने टीचर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    📚 किस परीक्षा में हुआ फर्जीवाड़ा?

    यह मामला एक प्रतिष्ठित मैथ्स फोरम द्वारा आयोजित की जाने वाली मैथ्स प्रॉफिशिएंसी एग्जाम से जुड़ा है।
    यह परीक्षा हर साल
    👉 कक्षा 5, 7 और 8 के छात्रों के लिए आयोजित की जाती है।

    परीक्षा के लिए:

    • ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन जरूरी होता है
    • फीस जमा करनी होती है
    • उम्मीदवार को हॉल टिकट दिया जाता है

    🏫 गोराई परीक्षा केंद्र पर कैसे खुला राज?

    रविवार को बोरीवली के गोराई स्थित परीक्षा केंद्र पर

    • दोपहर 12 से 2 बजे तक परीक्षा थी
    • चार कमरों में 139 छात्र परीक्षा दे रहे थे

    करीब 1:30 बजे एक कमरे के सुपरवाइजर को
    👉 एक छात्र की हरकतें संदिग्ध लगीं
    👉 वह बार-बार प्रश्नपत्र लेकर वॉशरूम जा रहा था

    तलाशी लेने पर:

    • छात्र के पास मोबाइल फोन मिला
    • मोबाइल में व्हाट्सएप ग्रुप पर दोपहर 12 बजे से प्रश्नपत्र भेजे जा रहे थे

    📱 “राखी बहन” को भेज रहा था पेपर!

    फोन चेक करने पर छात्र ने दावा किया कि
    👉 वह प्रश्नपत्र अपनी “राखी बहन” को भेज रहा है

    लेकिन जब उसकी जानकारी ली गई तो:

    • हॉल टिकट पर नाम फर्जी निकला
    • माता-पिता के फोन नंबर गलत थे
    • स्कूल का नाम भी झूठा बताया
    • जन्मतिथि बताने से इनकार कर दिया

    इसके बाद केंद्र के प्रिंसिपल छात्र को लेकर सीधे बोरीवली पुलिस स्टेशन पहुंचे।

    👩‍🏫 पुलिस स्टेशन पहुंची ‘मां’, निकली ट्यूशन टीचर

    पुलिस स्टेशन में एक महिला पहुंची और
    👉 खुद को छात्र की मां बताने लगी

    लेकिन जब पुलिस ने

    • आधार कार्ड या पहचान पत्र मांगा
      तो वह कोई दस्तावेज पेश नहीं कर सकी।

    जांच में खुलासा हुआ कि:

    • छात्र मालाड के एक स्कूल में कक्षा 9 में पढ़ता है
    • महिला उसकी ट्यूशन टीचर है
    • वह गणित और अंग्रेजी पढ़ाती थी

    🚔 टीचर ने रची पूरी साजिश

    पुलिस के मुताबिक:
    👉 ट्यूशन टीचर ने ही छात्र को
    👉 फर्जी पहचान से परीक्षा में बैठने को कहा
    👉 और प्रश्नपत्र बाहर भेजने की योजना बनाई

    चौंकाने वाली बात यह है कि
    ❗ छात्र के माता-पिता को इस पूरे मामले की कोई जानकारी नहीं थी

    ⚖️ पुलिस की कार्रवाई

    बोरीवली पुलिस ने

    • परीक्षा में धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े का मामला दर्ज किया है
    • मोबाइल फोन जब्त कर लिया गया है
    • व्हाट्सएप चैट और कॉल रिकॉर्ड की जांच जारी है

    पुलिस यह भी जांच कर रही है कि
    👉 क्या पहले भी इस तरह से परीक्षा में धांधली की गई है।

    ⚠️ शिक्षा व्यवस्था पर सवाल

    इस घटना ने

    • परीक्षा केंद्र की सुरक्षा
    • पहचान जांच की प्रक्रिया
      पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि
    👉 ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई
    👉 और तकनीकी निगरानी जरूरी है।


    ❓ FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. मामला कहां का है?
    👉 मुंबई के बोरीवली इलाके का।

    Q2. छात्र की उम्र कितनी है?
    👉 14 साल।

    Q3. किस परीक्षा का पेपर लीक हुआ?
    👉 मैथ्स प्रॉफिशिएंसी एग्जाम।

    Q4. आरोपी कौन है?
    👉 छात्र की ट्यूशन टीचर।