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  • अवैध निर्माण पर ईडी का शिकंजा, पूर्व आयुक्त समेत नगरसेवक और बिल्डर गिरफ्तार

    अवैध निर्माण पर ईडी का शिकंजा, पूर्व आयुक्त समेत नगरसेवक और बिल्डर गिरफ्तार

    वसई-विरार शहर महानगर पालिका के पूर्व आयुक्त एवं महाराष्ट्र के शिक्षा मंत्री दादा भुसे के रिश्तेदार आईएएस अनिल कुमार पवार के साथ कई बड़े लोगों को ईडी ने गैरकानूनी काला धन को लेकर धन शोधन (Money Laundering) के मामले में गिरफ्तार किया है। ED tightens its grip on illegal construction, corporator and builder arrested including former commissioner

    डिजिटल डेस्क
    महाराष्ट्र/ पालघर:
    महाराष्ट्र के पालघर जिले में वसई-विरार महानगर पालिका (VVMC) अंतर्गत एक बड़े घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। इसमें प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पूर्व आयुक्त आईएएस अनिल पवार, बहुजन विकास आघाडी के पूर्व नगरसेवक एवं बिल्डर सीताराम गुप्ता के साथ बिल्डर अरुण गुप्ता और निलंबित उप नगर नियोजन अधिकारी वाईएस रेड्डी को गिरफ्तार किया है। ED tightens its grip on illegal construction, corporator and builder arrested including former commissioner

    क्या है मामला?

    जांच में सामने आया कि कुछ बिल्डरों ने मुंबई के बाहरी इलाके में स्थित ट्विन सिटी वसई-विरार में 41 अवैध इमारतों का निर्माण किया गया था। इन अवैध इमारतों में भोली भाली जनता और निवेशकों को फ्लैट बेच दिए गए थे। बाद में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ये सभी अवैध इमारतों को प्रशासन ने तोड़कर ध्वस्त कर दिया। फलस्वरूप सभी खरीददार बेघर हो गए। महाराष्ट्र के शिक्षा मंत्री दादा भुसे के रिश्तेदार आईएएस अनिल कुमार पवार ने हाल ही में एकनाथ शिंदे की सरकार में वसई-विरार महानगर पालिका के कमिश्नर के रुप में पदभार संभाला था। ED tightens its grip on illegal construction, corporator and builder arrested including former commissioner

    ईडी ने क्या कहा?

    ईडी अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, बुधवार 13 अगस्त को सभी आरोपियों को एक साथ हिरासत में लेकर गुरुवार को मुंबई की विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किया गया, जहां सभी आरोपियों से पूछताछ और जांच पड़ताल के लिए रिमांड की मांग की गई और कोर्ट ने 20 अगस्त तक की कस्टडी सुनाई है। ED tightens its grip on illegal construction, corporator and builder arrested including former commissioner

    शिक्षा मंत्री दादा भुसे के रिश्तेदार

    प्राप्त जानकारी के मुताबिक, एकनाथ शिंदे के मुख्यमंत्री रहते महाराष्ट्र के शिक्षा मंत्री दादा भुसे के रिश्तेदार आईएएस अनिल कुमार पवार को ठाणे का अपर जिला कलेक्टर और वसई-विरार महानगर पालिका का आयुक्त नियुक्त किया गया था। वसई-विरार में अनधिकृत निर्माण घोटाला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नाराजगी जताई और उन्हें पद से हटा दिया। ED tightens its grip on illegal construction, corporator and builder arrested including former commissioner

    16 ठिकानों पर ईडी की छापेमारी

    पिछले महीने महाराष्ट्र के वसई-विरार शहर में ईडी ने इसी कथित अवैध निर्माण सिंडिकेट के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 16 अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी। यह छापेमारी वसई-विरार महानगरपालिका के नगर रचना विभाग के उपसंचालक वाईएस रेड्डी से जुड़े मामले में आर्किटेक्ट, इंजीनियर और एजेंटों के ठिकानों पर की गई थी। ED tightens its grip on illegal construction, corporator and builder arrested including former commissioner

    60 एकड़ सरकारी जमीन पर कब्जा

    ईडी को इस गोरखधंधे से जुड़े वित्तीय लेन-देन, कैश रुपये और संपत्ति की जानकारी मिली है। जांच एजेंसी को शक है कि यह सिंडिकेट करीब 60 एकड़ सरकारी जमीन पर 41 अवैध रिहायशी और व्यावसायिक इमारतों के निर्माण में शामिल है। बताया जा रहा है कि ये निर्माण फर्जी दस्तावेज और भ्रष्टाचार के दम पर किए गए थे। अवैध निर्माण के लिए जरूरी फाइलों को मंजूरी दिलाने के बदले भारी भरकम रिश्वत दी गई थी। यह लेन-देन आर्किटेक्ट्स और एजेंटों के माध्यम से किया गया था। ED tightens its grip on illegal construction, corporator and builder arrested including former commissioner

  • मुख्यमंत्री ने SRA परियोजना के लिए मोबाइल एप लॉन्च किया।

    मुख्यमंत्री ने SRA परियोजना के लिए मोबाइल एप लॉन्च किया।

    महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई झोपड़पट्टी पुनर्वसन प्राधिकरण के लिए गुरुवार को “SRA Brihanmumbai” मोबाइल ऐप्लिकेशन को लॉन्च किया। इसके तहत नागरिकों को बिल्डर, आर्किटेक्ट और परियोजनों से प्रभावित व्यक्तियों को योजना की जानकारी मिल सकेगी। Chief Minister launched mobile app for SRA project

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    Mumbai SRA News:
    गुरुवार को राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य अतिथिगृह “सह्याद्री” में झोपड़पट्टी पुनर्वसन प्राधिकरण (SRA) की समीक्षा बैठक ली। इस दौरान मुख्यमंत्री ने मुंबई झोपड़पट्टी पुनर्वसन प्राधिकरण (SRA) के लिए “SRA Brihanmumbai” नामक मोबाइल ऐप्लिकेशन लॉच किया। इस ऐप से नागरिकों को बिल्डरों को, आर्किटेक्ट वर्ग को और परियोजनाओं से प्रभावित व्यक्तियों को योजना की जानकारी मिल सकेगी। मुख्यमंत्री ने एसआरए के अधिकारियों को वेबसाइट पर नागरिकों के लिए आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। आप इस ऐप्लिकेशन को यहां से भी डायरेक्ट Download कर सकते हैं। Chief Minister launched mobile app for SRA project

    पहाडों पर बने झोपडों का पुनर्वसन

    इसी बैठक के दौरान मुंबई समेत राज्य के दूसरे शहरों में पहाड़ों पर बनी झोपड़पट्टियों के पुनर्वसन के लिए भी स्वतंत्र नीति बनाने को लेकर राज्य के मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पात्र झोपड़ा धारकों को उनके मौजूदा निवास के पास ही पुनर्वसन किया जाना चाहिए। बैठक में उपमुख्यमंत्री तथा गृहनिर्माण मंत्री एकनाथ शिंदे, प्रदेश गृहनिर्माण राज्यमंत्री पंकज भोयर, राज्य की मुख्य सचिव सुजाता सौनिक, गृहनिर्माण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव असीम गुप्ता, झोपड़पट्टी पुनर्वसन प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी महेंद्र कल्याणकर आदि उपस्थित थे। Chief Minister launched mobile app for SRA project

    एसआरए खरीदेगी जमीन

    बैठक में एसआरए की इमारतों के लिए जमीन खरीदने का फैसला लिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुंबई समेत बड़े शहरों में पहाड़ों पर काफी झोपड़े बने हुए हैं। ऐसी झोपड़पट्टियां बारिश के दिनों में भूस्खलन और पत्थर गिरने से धोकादायक हो जाते हैं। इसलिए पहाड़ों पर बनी झोपड़पट्टियों के पुनर्वसन के लिए अलग से नीति बनाएं और जरूरत पड़ने पर जमीन भी खरीदें। Chief Minister launched mobile app for SRA project

    दिसंबर तक पूरा होगा बायोमेट्रिक सर्वेक्षण

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि बायोमेट्रिक पद्धति पर आधारित घर-घर सर्वेक्षण का काम दिसंबर तक पूरा हो जाना चाहिए। झोपड़पट्टी के जो घर बंद हैं, ऐसे घरों का रिकॉर्ड तैयार किए जाने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि मुंबई महानगर पालिका के सेवानिवृत्त अधिकारियों का सेल तैयार करें। इसके माध्यम से समूह विकास (क्लस्टर) योजना को गति मिल सकेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि घाटकोपर के रमाबाई आंबेडकर नगर झोपड़पट्टी पुनर्वसन के काम को गति से पूरा किया जाना अतिआवश्यक है। उन्होंने आदेश देते हुए यह भी कहा, कि “समुद्र के पास की जगह का पुनर्वसन के लिए उपयोग करें।” Chief Minister launched mobile app for SRA project

    पुणे के नागरिकों को पुनर्वसन का आदेश

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि पुणे शहर के परियोजना से प्रभावित नागरिकों को स्थायी रूप से पुनर्वसन करें। उन्हें किराया अथवा अन्य विकल्प खोजकर घर देने की व्यवस्था करें। उन्होंने कहा कि पुणे शहर के नदी किनारे बसे झोपड़ा धारकों को बाढ़ का सामना करना पड़ता है। ऐसे झोपड़ों का गृहनिर्माण विभाग की योजना के जरिए पुनर्वसन करें। Chief Minister launched mobile app for SRA project

  • Mumbai: पुनर्विकास बना आम आदमी की मुसीबत, किराए ने तोड़ा रिकॉर्ड

    Mumbai: पुनर्विकास बना आम आदमी की मुसीबत, किराए ने तोड़ा रिकॉर्ड

    देश की आर्थिक राजधानी मुम्बई में लगातार पुनर्विकास परियोजनाओं के चलते यहां किराए के पैसों में दोगुना इजाफा हो गया है। लेकिन बिल्डरों को मिली मनमानी छूट से आम आदमी की कमरतोड़ नुकसान हो रहा है। सरकार को इसपर विचार करने की जरूरत है। (Redevelopment has become a problem in Mumbai for the common man, rent has broken records)

    मुम्बई: देश की आर्थिक राजधानी मुम्बई (Bombay is the financial capital of the country) में चल रहे घरों के पुनर्विकास कार्यों ने एक नई मुसीबत खड़ी कर दी है। शहर के कई हिस्सों में मकानों के किराए में बेतहाशा वृद्धि देखी जा रही है। बांद्रा, खार, चेंबूर, कांदीवली, बोरिवली और मालाड़ जैसे इलाकों में किराए 50 से 65 प्रतिशत तक बढ़ चुके हैं, जिससे आम लोगों के लिए घर का किराया भरना बेहद मुश्किल हो गया है। साथ ही झोपड़पट्टी पुनर्वसन प्रकल्पों में बिल्डरों की मनमानी लोगों के लिए मुसीबत बनी हुई है। (Redevelopment has become a problem in Mumbai for the common man, rent has broken records)

    बिना योजना के पुनर्विकास से बढ़ी परेशानी

    मुम्बई में हजारों पुरानी इमारतों को तोड़कर नई इमारतों का निर्माण किया जा रहा है, लेकिन इनमें रहने वाले किरायेदारों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है। डेवलपर्स द्वारा अस्थायी आवास के लिए जो किराया दिया जाता है, वह बाजार दर से काफी कम होता है। ऐसे में लोग मजबूरी में महंगे और छोटे घरों में रहने को विवश हो रहे हैं। ऐसे ही झोपड़पट्टी पुनर्वसन प्राधिकरण (Slum Rehabilitation Authority) के तहत बन रहे परियोजनाओं में भी झोपड़ा धारकों को दिया जाने वाला वैकल्पिक किराए का पैसा बाजार मूल्यांकन के मुकाबले काफी कम होता है। (Redevelopment has become a problem in Mumbai for the common man, rent has broken records)

    प्रशासन की चुप्पी पर उठ रहे सवाल

    विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार की ढीली नीतियों और पुनर्विकास में बिल्डरों को दी गई खुली छूट ने इस समस्या को और भी गंभीर बना दिया है। कोविड़ महामारी के बाद से घरों की मांग में तेजी आई है, और अब पुनर्विकास की वजह से किराए के मकानों की संख्या घट रही है, जिससे किराए और भी बढ़ रहे हैं। (Redevelopment has become a problem in Mumbai for the common man, rent has broken records)

    बिल्डरों को फायदा, जनता परेशान

    बांद्रा, खार और सांताक्रुज़ जैसे इलाकों में स्टूडियो अपार्टमेंट का किराया 25,000 रुपये से बढ़कर 50,000 रुपये तक पहुंच गया है, जबकि 1 बेडरूम हॉल किचिन के लिए 75,000 रुपये तक देने पड़ रहे हैं। प्रॉपर्टी बाजार में रेंटल यील्ड दोगुनी हो चुकी है, जिसका सीधा लाभ बिल्डर्स और मकान मालिकों को मिल रहा है। (Redevelopment has become a problem in Mumbai for the common man, rent has broken records)

    क्या आम आदमी के लिए बचेगा कोई विकल्प?

    अगर यही हालात जारी रहा, तो आने वाले वर्षों में मुम्बई में मध्यम वर्ग के लिए किफायती घर पाना नामुमकिन हो जाएगा। सरकार को चाहिए कि वह पुनर्विकास के लिए ठोस नीति बनाए और किराएदारों की सुरक्षा सुनिश्चित करे, वरना यह संकट और भी गहराता जाएगा। (Redevelopment has become a problem in Mumbai for the common man, rent has broken records)