मुंबई के Malad में हाउसिंग सोसायटी के बेसमेंट में SUV ने 4 साल के बच्चे को कुचला। आरोपी ने कार पार्क की और बिना अस्पताल ले जाए चला गया। पुलिस ने पहले लापरवाही का केस दर्ज किया, बाद में BNS की सख्त धाराएं लगाकर दोबारा गिरफ्तार किया।
मुंबई: Malad East में नीलयोग विराट हाउसिंग सोसायटी के बेसमेंट में 7 फरवरी को तेज रफ्तार SUV ने 4 साल के मासूम लक्ष सिंह को कुचल दिया। आरोपी व्यवसायी रमेश जतारा (45) ने बच्चे को टक्कर मारने के बाद कार पार्क की और बिना अस्पताल ले जाए वहां से चला गया। घायल बच्चे को परिजन अस्पताल ले गए, लेकिन उसकी मौत हो गई। पहले पुलिस ने लापरवाही का केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया, जिसे छुट्टी अदालत से जमानत मिल गई थी। बाद में परिवार की शिकायत पर पुलिस ने BNS के तहत गैर इरादतन हत्या की गंभीर धाराएं जोड़कर आरोपी को दोबारा गिरफ्तार किया।
📍 Malad East की सोसायटी में दर्दनाक हादसा
यह हादसा मालाड ईस्ट, वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे के पास स्थित नीलयोग विराट हाईराइज सोसायटी के बी-2 लेवल बेसमेंट में हुआ। बताया जा रहा है कि यहां दो सिक्योरिटी गार्ड तैनात थे और सोसायटी के बच्चे अक्सर बेसमेंट में खेलते थे।
7 फरवरी की शाम करीब 4:30 बजे लक्ष अपने दोस्तों के साथ खेल रहा था, तभी एक SUV तेज रफ्तार से नीचे उतरी और बच्चे को टक्कर मारते हुए घसीटती चली गई।
🚗 आरोपी ने कार पार्क की और चला गया
ड्यूटी पर मौजूद सिक्योरिटी गार्ड सुनील जायसवाल (38) ने बताया कि टक्कर के बाद बच्चे की चीख सुनाई दी। जब वह मौके पर पहुंचे तो देखा कि SUV ने बच्चे को टक्कर मारकर आगे बढ़ा दिया था।
गार्ड के मुताबिक,
“ड्राइवर ने पहले कार पार्क की और फिर हमें कहा कि बच्चे के घरवालों को बुलाकर उसे घर छोड़ दो। इसके बाद वह वहां से चला गया।”
यह लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना रवैया अब पूरे मुंबई में गुस्से का कारण बना हुआ है।
🏥 अस्पताल पहुंचने से पहले ही बिगड़ी हालत
गार्ड बच्चे के घर का पता नहीं जानते थे। कुछ देर बाद बच्चे का चचेरा भाई उसे ढूंढते हुए बेसमेंट में पहुंचा और घायल हालत में पाया। परिवार तुरंत उसे पास के प्राइवेट अस्पताल लेकर गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है, जिससे मौत की सटीक वजह सामने आएगी।
👨👩👦 20 साल बाद घर में आई थी खुशियां
लक्ष सिंह अपने माता-पिता की इकलौती संतान था। पिता जयप्रकाश सिंह होलसेल किराना व्यापारी हैं। परिवार के मुताबिक, शादी के करीब 20 साल बाद उनके घर में बच्चे का जन्म हुआ था।
पिता ने रोते हुए कहा:
“अगर आरोपी मेरे बेटे को तुरंत अस्पताल ले जाता तो शायद वह बच सकता था।”
⚖️ पहले जमानत, फिर दोबारा गिरफ्तारी
दिंडोशी पुलिस ने पहले आरोपी पर लापरवाही से मौत (Negligence) का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया था। छुट्टी अदालत ने अगले ही दिन जमानत दे दी।
हालांकि, बाद में परिवार के रिश्तेदार ने बयान दिया कि आरोपी को पहले भी सोसायटी में तेज गाड़ी चलाने को लेकर चेतावनी दी गई थी।
इसके बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत गैर इरादतन हत्या (Culpable Homicide Not Amounting to Murder) की गंभीर धाराएं जोड़ दीं और आरोपी को ठाणे जेल से दोबारा गिरफ्तार किया।
🔎 सोसायटी में पहले भी मिल चुकी थी चेतावनी
परिवार का दावा है कि आरोपी रमेश जतारा पहले भी सोसायटी परिसर में तेज गाड़ी चलाता था और उसे कई बार चेतावनी दी गई थी। बावजूद इसके उसने अपनी आदत नहीं सुधारी।
अब यह मामला Mumbai Road Safety, Society Basement Accident, Rash Driving Case in Mumbai जैसे कीवर्ड्स के साथ सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा है।
📌 परिवार की मांग: सख्त से सख्त सजा
लक्ष की मां ने कहा:
“वो हमारी आंखों का तारा था। इतनी छोटी उम्र में हमसे छीन लिया गया।”
परिवार ने आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है। रविवार को अंतिम संस्कार के बाद परिजन पुलिस स्टेशन के बाहर न्याय की मांग को लेकर जुटे।
❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. मालाड ईस्ट हादसा कब हुआ?
यह घटना 7 फरवरी की शाम करीब 4:30 बजे हुई।
Q2. आरोपी कौन है?
आरोपी का नाम रमेश जतारा (45) है, जो एक व्यवसायी बताया गया है।
Q3. पुलिस ने कौन सी धाराएं लगाई हैं?
पहले लापरवाही की धारा लगाई गई थी, बाद में BNS के तहत गैर इरादतन हत्या की धारा जोड़ी गई।
Q4. बच्चा कहां खेल रहा था?
बच्चा सोसायटी के बी-2 लेवल बेसमेंट में दोस्तों के साथ खेल रहा था।
Q5. क्या आरोपी को जमानत मिल गई थी?
हाँ, पहले जमानत मिली थी, लेकिन बाद में गंभीर धाराएं जोड़ने के बाद दोबारा गिरफ्तार किया गया।

