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    Mumbai: BMC ने बनाई एक्सप्रेस हाइवे सुधार नीति

    बीएमसी ने वेस्टर्न और ईस्टर्न एक्सप्रेस हाइवे के लिए नई नीति का ड्राफ्ट तैयार किया है। इसमें ट्रैफिक जाम, मीडियन मेंटेनेंस और विज्ञापन पर नियम शामिल हैं।

    मुंबई: शहर की जीवनरेखा मानी जाने वाली वेस्टर्न एक्सप्रेस हाइवे (WEH) और ईस्टर्न एक्सप्रेस हाइवे (EEH) को लेकर बीएमसी (BMC) ने नई नीति का ड्राफ्ट तैयार किया है। करीब 25 किलोमीटर लंबे इन दोनों हाइवे पर रोज़ाना लाखों गाड़ियां दौड़ती हैं। इस वजह से ट्रैफिक जाम, सर्विस रोड का कनेक्शन और मीडियन की देखरेख जैसी समस्याएं लगातार बढ़ती जा रही हैं।

    🚦 ट्रैफिक जाम से निपटना बड़ी चुनौती

    बीएमसी के ब्रिज विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक, हाइवे और सर्विस रोड के बीच सही कनेक्टिविटी नहीं है। इसे ठीक करने के लिए पहले एक्सेस कंट्रोल सिस्टम का सुझाव दिया गया था। अब नई नीति में इसे शामिल किया गया है।

    • भीड़भाड़ कम करने के लिए अहम जगहों पर अंडरपास (Underpass) बनाने की योजना है।
    • इन अंडरपास से हाइवे और आर्टेरियल रोड पर बिना रुकावट ट्रैफिक का बहाव होगा।
    • खासकर बॉटलनेक पॉइंट्स पर इसे लागू किया जाएगा।

    🌱 मीडियन पर पौधों की देखरेख में गड़बड़ी

    वर्तमान में हाइवे के मीडियन पर अलग-अलग एजेंसियां पौधों की देखरेख करती हैं। इससे कहीं नीम के पेड़ हैं, तो कहीं सजावटी पौधे। इस असमानता को खत्म करने के लिए नई नीति में एक एजेंसी को स्पष्ट जिम्मेदारी देने की तैयारी है।

    • उदाहरण के तौर पर, ईस्टर्न एक्सप्रेस हाइवे पर फिलहाल 4 एजेंसियां काम कर रही हैं।
    • बीएमसी चाहती है कि आगे एक ही एजेंसी इसकी जिम्मेदारी संभाले।

    🛠️ हाइवे और इंटरनल रोड में बड़ा फर्क

    बीएमसी अधिकारी ने कहा कि हाइवे पर ट्रेंचिंग और री-इंस्टेटमेंट का तरीका इंटरनल रोड से अलग होता है।

    • हाइवे पर गाड़ियां ज्यादा और भारी चलती हैं, इसलिए री-इंस्टेटमेंट चार्जेस भी अधिक होंगे।
    • नई नीति में इसे लेकर स्पष्ट नियम बनाए जाएंगे।

    📢 विज्ञापन और अधिकार क्षेत्र पर स्पष्टता

    फिलहाल हाइवे के अलग-अलग हिस्से एमएसआरडीसी (MSRDC) और एमएमआरडीए (MMRDA) जैसी एजेंसियों के अधीन आते हैं। इससे विज्ञापन के नियम और परमिशन में उलझन रहती है।

    नई नीति का मकसद है:

    • विज्ञापन के फॉर्मेट और परमिशन में समानता लाना।
    • अधिकार क्षेत्र को साफ करना ताकि विवाद न हो।

    ✅ नई नीति से मिलने वाले फायदे

    • ट्रैफिक मैनेजमेंट में सुधार
    • मीडियन की एक जैसी देखरेख
    • हाइवे पर विज्ञापन के नियमों में पारदर्शिता
    • लंबी अवधि के लिए सस्टेनेबल हाइवे गवर्नेंस