मुंबई BMC में 212 में से 163 कार्यकारी अभियंता पद रिक्त, उपमहापौर संजय शंकर घाड़ी ने आयुक्त को लिखा पत्र। वरिष्ठ वकीलों की नियुक्ति और पदोन्नति प्रक्रिया तेज करने की मांग।
मुंबई: बृहनमुंबई महानगरपालिका (BMC) में इंजीनियरों और कानूनी विशेषज्ञों के खाली पदों को लेकर अब प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। नवनिर्वाचित उप महापौर संजय शंकर घाड़ी ने पदभार संभालते ही मनपा आयुक्त को पत्र लिखकर लंबित नियुक्तियों को तुरंत पूरा करने की मांग की है। उनका कहना है कि इंजीनियरिंग और विधि विभाग में भारी रिक्तियों की वजह से विकास कार्य और प्रशासनिक फैसले प्रभावित हो रहे हैं।
212 में से 163 पद खाली, 77% रिक्तियां
उपमहापौर घाड़ी ने अपने पत्र में साफ कहा है कि कार्यकारी अभियंता (सिविल) कैडर में कुल 212 पदों में से 163 पद खाली पड़े हैं। यानी लगभग 77% पद रिक्त हैं। यह स्थिति सितंबर 2021 से पदोन्नति प्रक्रिया लंबित रहने के कारण बनी हुई है।
मुंबई जैसे महानगर में इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट, रोड डेवलपमेंट, ड्रेनेज सिस्टम, ब्रिज निर्माण और पब्लिक वर्क्स जैसे अहम काम कार्यकारी अभियंताओं के जिम्मे होते हैं। ऐसे में इतनी बड़ी संख्या में पद खाली रहना सीधे तौर पर विकास कार्यों की रफ्तार पर असर डाल रहा है।
उप मुख्य अभियंता तक 87% पद रहेंगे खाली
पत्र में यह भी बताया गया है कि कार्यकारी अभियंता से उप मुख्य अभियंता तक के 21 पदों का प्रस्ताव अभी अनुमोदन प्रक्रिया में है। यदि समय पर कार्रवाई नहीं हुई तो 87% तक पद खाली रह सकते हैं।
अनुभवी इंजीनियरों की सेवानिवृत्ति ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। पिछले एक वर्ष में 14 वरिष्ठ इंजीनियर रिटायर हो चुके हैं और अगले 6 महीनों में 7-8 और सेवानिवृत्त होने वाले हैं। इससे विभागीय कामकाज और प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग पर बड़ा असर पड़ सकता है।
कानूनी मामलों में देरी बनी बड़ी वजह
उपमहापौर ने यह भी माना है कि विधि विभाग और नगर अभियंता कार्यालय की ओर से अदालती मामलों की निगरानी में ढिलाई के कारण पदोन्नति प्रक्रिया में देरी हुई है।
उन्होंने सुझाव दिया है कि वरिष्ठ अधिवक्ता मिलिंद साठे या अधिवक्ता रवि कदम जैसे अनुभवी कानूनी विशेषज्ञों को सलाहकार के रूप में नियुक्त किया जाए, ताकि कोर्ट में मनपा का पक्ष मजबूती से रखा जा सके और पदोन्नति प्रक्रिया में अड़चनें दूर हों।
तत्काल बैठक और एक्शन प्लान की मांग
इस मुद्दे की गंभीरता को देखते हुए उपमहापौर ने संबंधित विभागों की तत्काल बैठक बुलाने और एक ठोस कार्य योजना बनाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते नियुक्तियां नहीं की गईं तो मुंबई की चल रही और प्रस्तावित विकास योजनाओं में बड़ी बाधा आ सकती है।
उन्होंने भरोसा जताया है कि मनपा आयुक्त महानगर के हित में व्यक्तिगत हस्तक्षेप कर जल्द निर्णय लेंगे, जिससे योग्य अधिकारियों को उनका अधिकार मिल सके और नागरिक सुविधाएं प्रभावित न हों।
FAQ Section
Q1. BMC में कितने कार्यकारी अभियंता पद खाली हैं?
कुल 212 पदों में से 163 पद खाली हैं, यानी लगभग 77% रिक्तियां हैं।
Q2. पदोन्नति प्रक्रिया कब से लंबित है?
सितंबर 2021 से पदोन्नति प्रक्रिया प्रलंबित है।
Q3. उपमहापौर ने क्या मांग की है?
उन्होंने तत्काल नियुक्तियां पूरी करने, वरिष्ठ कानूनी विशेषज्ञ नियुक्त करने और विभागीय बैठक बुलाने की मांग की है।
Q4. इससे मुंबई पर क्या असर पड़ेगा?
यदि रिक्तियां नहीं भरी गईं तो इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट, रोड वर्क और अन्य विकास योजनाओं पर असर पड़ सकता है।

