Tag: BMC चुनाव 2025

  • BMC चुनाव 2025: आयुक्त गगराणी ने लोअर परळ और कांदिवली में प्रशिक्षण केंद्रों का लिया जायज़ा

    BMC चुनाव 2025: आयुक्त गगराणी ने लोअर परळ और कांदिवली में प्रशिक्षण केंद्रों का लिया जायज़ा

    BMC चुनाव 2025-26 की तैयारियों के तहत महानगरपालिका आयुक्त व जिला चुनाव अधिकारी भूषण गगराणी ने लोअर परळ और कांदिवली के चुनाव प्रशिक्षण केंद्रों का निरीक्षण किया। ईवीएम, मॉक पोल और मतदान प्रक्रिया की समीक्षा की गई।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव 2025-26 को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क मोड में है। मतदान से पहले चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी और सुचारू बनाने के लिए महानगरपालिका आयुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री. भूषण गगराणी ने 30 दिसंबर 2025 को लोअर परळ और कांदिवली स्थित चुनाव प्रशिक्षण केंद्रों का दौरा किया। उन्होंने प्रशिक्षण सत्रों में शामिल होकर ईवीएम संचालन, मॉक पोल और मतदान के दिन अपनाई जाने वाली प्रक्रियाओं की बारीकी से समीक्षा की।

    BMC-Elections-2025-Commissioner-Gagrani-inspects-training-centres-in-Lower-Parel-and-Kandivali-news

    15 जनवरी को मतदान, तैयारियों में तेजी

    बीएमसी की सार्वत्रिक चुनाव प्रक्रिया के तहत गुरुवार, 15 जनवरी 2026 को मतदान होना है। इसी को ध्यान में रखते हुए मतदान केंद्राध्यक्षों और मतदान अधिकारियों के प्रशिक्षण का पहला चरण शुरू कर दिया गया है।
    इस प्रशिक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मतदान प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और बिना किसी तकनीकी या प्रशासनिक चूक के पूरी हो।

    मुंबई BMC के 7 प्रमुख केंद्रों पर चल रहा प्रशिक्षण

    BMC-Elections-2025-Commissioner-Gagrani-inspects-training-centres-in-Lower-Parel-and-Kandivali-news-1

    महानगरपालिका क्षेत्र में परिमंडलवार कुल 7 प्रमुख स्थानों पर प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए हैं, जिनमें शामिल हैं—

    • अण्णाभाऊ साठे सभागृह, भायखला
    • न. म. जोशी मार्ग महानगरपालिका स्कूल, लोअर परळ
    • लोकमान्य टिळक महानगरपालिका अस्पताल सभागृह, शीव पूर्व
    • बालगंधर्व सभागृह, बांद्रा पश्चिम
    • मास्टर दीनानाथ मंगेशकर नाट्यगृह, विले पार्ले
    • महाकवि कालिदास नाट्यगृह, मुलुंड पश्चिम
    • प्रबोधनकार केशव सीताराम ठाकरे नाट्यगृह, कांदिवली पश्चिम

    लोअर परळ और कांदिवली केंद्रों की विशेष समीक्षा

    आयुक्त भूषण गगराणी ने विशेष रूप से—

    • लोअर परळ के न. म. जोशी मार्ग महानगरपालिका स्कूल
    • कांदिवली पश्चिम स्थित प्रबोधनकार ठाकरे नाट्यगृह

    में चल रहे प्रशिक्षण सत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रशिक्षण में मौजूद अधिकारियों से सीधा संवाद किया और पूरी प्रक्रिया का विस्तार से फीडबैक लिया।

    ईवीएम, मॉक पोल और मतदान प्रक्रिया पर फोकस

    निरीक्षण के दौरान आयुक्त गगराणी ने—

    • इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM)
    • बैलेट यूनिट (BU) और कंट्रोल यूनिट (CU) की कनेक्टिविटी
    • मॉक पोल की नियमबद्ध प्रक्रिया
    • मतदान के दिन अपनाए जाने वाले सुरक्षा व प्रशासनिक नियम

    से जुड़ी जानकारी विस्तार से ली। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    चुनाव अधिकारियों की मौजूदगी

    इस मौके पर चुनाव विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे, जिनमें—

    • विशेष कार्य अधिकारी (चुनाव) विजय बालमवार
    • उप आयुक्त (परिमंडल 7) संजय कु-हाडे
    • उप आयुक्त (परिमंडल 2) प्रशांत सपकाळे
    • सहायक आयुक्त (जी दक्षिण) स्वप्नजा क्षीरसागर
    • सहायक आयुक्त (आर मध्य) प्रफुल तांबे

    शामिल रहे।

    क्यों अहम है यह प्रशिक्षण?

    बीएमसी चुनाव देश के सबसे बड़े और सबसे महंगे नगर निगम चुनावों में गिने जाते हैं।
    करीब 50 हजार से ज्यादा अधिकारी और कर्मचारी इस पूरी प्रक्रिया में शामिल होते हैं। ऐसे में प्रशिक्षण के जरिए यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि—

    • मतदान बिना विवाद के हो
    • तकनीकी गड़बड़ी से बचा जाए
    • मतदाताओं का भरोसा बना रहे

    FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. बीएमसी चुनाव 2025 का मतदान कब होगा?
    👉 15 जनवरी 2026 को मतदान होगा।

    Q2. प्रशिक्षण किन अधिकारियों के लिए है?
    👉 मतदान केंद्राध्यक्ष, मतदान अधिकारी और चुनाव ड्यूटी में तैनात कर्मचारी।

    Q3. ईवीएम से जुड़ा प्रशिक्षण क्यों जरूरी है?
    👉 ताकि मॉक पोल, मतदान और सीलिंग की प्रक्रिया बिना गलती के पूरी हो सके।

    Q4. कितने केंद्रों पर प्रशिक्षण चल रहा है?
    👉 मुंबई में कुल 7 अलग-अलग केंद्रों पर।

  • BMC चुनाव 2025: टिकट बंटवारे में परिवारवाद हावी, पुराने कार्यकर्ता फिर पीछे

    BMC चुनाव 2025: टिकट बंटवारे में परिवारवाद हावी, पुराने कार्यकर्ता फिर पीछे

    BMC चुनाव 2025-26 के नामांकन में बीजेपी, शिवसेना, कांग्रेस और अजित पवार गुट की एनसीपी में परिवारवाद हावी नजर आ रहा है। नेताओं के बेटे-बेटी, पत्नी और रिश्तेदारों को टिकट, पुराने कार्यकर्ताओं में नाराजगी।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव 2025-26 के लिए नामांकन की आखाे-सीमा खत्म होने से ठीक पहले राजनीतिक दलों ने अपने उम्मीदवारों की सूचियां जारी करना शुरू कर दिया है। लेकिन इस बार टिकट वितरण में एक बार फिर परिवारवाद छाया हुआ है। बीजेपी, शिवसेना (UBT), कांग्रेस और अजित पवार गुट की एनसीपी ने सांसदों, विधायकों और पूर्व नगरसेवकों के बेटे-बेटी, पत्नी, भाई-बहन और रिश्तेदारों को मैदान में उतार दिया है, जिससे जमीनी कार्यकर्ताओं में नाराजगी साफ दिखाई दे रही है।

    नामांकन में ‘परिवार पहले’ की राजनीति

    बीएमसी के 227 वार्डों के लिए जैसे-जैसे नाम सामने आ रहे हैं, वैसे-वैसे यह साफ होता जा रहा है कि इस चुनाव में भी राजनीतिक विरासत को प्राथमिकता दी गई है।
    कई ऐसे नेता हैं जिन्होंने सालों तक पार्टी के लिए काम किया, लेकिन टिकट ऐन मौके पर नेताओं के परिजनों को दे दिया गया।

    BMC-Elections-2025-Nepotism-dominates-ticket-distribution-old-party-workers-take-a-back-seat-aslam-shaikh

    बीजेपी की सूची में रिश्तेदारों की भरमार

    बीजेपी ने भी इस बार कई चर्चित नामों को दोहराया है—

    • आकाश पुरोहित, पूर्व विधायक राज पुरोहित के बेटे
    • नील सोमैया, पूर्व सांसद किरीट सोमैया के बेटे
    • संगीता शर्मा, पूर्व नगरसेवक द्यानमूर्ति शर्मा की पत्नी
    • मकरंद नरवेकर, विधानसभा अध्यक्ष राहुल नरवेकर के भाई (वार्ड 226, कोलाबा)
    • हर्षिता नरवेकर, राहुल नरवेकर की बहन (वार्ड 227)

    दिलचस्प बात यह है कि बीजेपी सांसद धनंजय महाडिक ने हाल ही में बयान दिया था कि पार्टी सांसदों और विधायकों के बच्चों या जीवनसाथियों को टिकट नहीं देगी, लेकिन ज़मीनी हकीकत इससे उलट नजर आ रही है।

    शिवसेना (UBT) में भी परिवारवाद जारी

    उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) भी इस ट्रेंड से अछूती नहीं रही—

    • अंकित प्रभु, विधायक सुनील प्रभु के बेटे (गोरेगांव, वार्ड 54)
    • सुप्रदा फातरपेकर, पूर्व विधायक प्रकाश फातरपेकर की बेटी (चेंबूर, वार्ड 150)
    • सोनम जमसुतकर, विधायक मनोज जमसुतकर की पत्नी (वार्ड 210)
    • विठ्ठल लोकरें और उनकी पत्नी सुनंदा लोकरें (मानखुर्द-शिवाजीनगर)
    • जिशान मुल्तानी, पूर्व नगरसेवक चेंजेज मुल्तानी के बेटे
    • सबा हारून खान, विधायक हारून खान की बेटी
    BMC-Elections-2025-Nepotism-dominates-ticket-distribution-old-party-workers-take-a-back-seat-news

    अजित पवार गुट की NCP और कांग्रेस भी पीछे नहीं

    • एनसीपी (अजित पवार गुट) ने विधायक नवाब मलिक के परिवार से उनके भाई कैप्टन मलिक, बहन डॉ. सईदा खान और बुशरा परवीन मलिक को टिकट दिया है।
    • कांग्रेस ने मालाड पश्चिम के वार्ड 34 से विधायक असलम शेख के बेटे हैदर अली शेख को मैदान में उतारा है।

    BMC चुनावी टिकट न मिलने से पार्टी छोड़ने की होड़

    टिकट बंटवारे से नाराज कई पुराने नगरसेवक अब पार्टी बदलने लगे हैं—

    • एमएनएस नेता स्नेहल जाधव ने दादर से टिकट न मिलने पर इस्तीफा दे दिया, उनके शिंदे गुट में जाने की चर्चा है।
    • शरद पवार गुट की मुंबई अध्यक्ष राखी जाधव बीजेपी में शामिल हो चुकी हैं और घाटकोपर से टिकट मिलने की संभावना है।

    बीजेपी-शिवसेना (शिंदे गुट) का सीट शेयरिंग फॉर्मूला

    बीजेपी और शिंदे गुट की शिवसेना इस बार साथ मिलकर बीएमसी चुनाव लड़ेंगी—

    • बीजेपी: लगभग 128 सीटें
    • शिवसेना (शिंदे): लगभग 79 सीटें
    • बाकी सीटों पर स्थानीय समीकरणों के आधार पर फैसला होगा

    हालांकि दोनों दल अपनी-अपनी सूची अलग-अलग जारी कर सकते हैं।

    ये पूर्व नगरसेवक भी मैदान में

    • किशोरी पेडणेकर, पूर्व मेयर (शिवसेना UBT) – वार्ड 199
    • तेजस्वी गोसालकर, अब बीजेपी से – वार्ड 2 (दहिसर)
    • विनोद मिश्रा, पूर्व बीजेपी नगरसेवक – मालाड
    • रवि राजा, पूर्व कांग्रेस नेता, अब बीजेपी से – वार्ड 185

    बीएमसी चुनाव में परिवारवाद क्यों बना मुद्दा?

    मुंबई जैसे महानगर में बीएमसी सिर्फ नगर निगम नहीं, बल्कि देश की सबसे अमीर नगरपालिका है। ऐसे में टिकट वितरण में पारदर्शिता और जमीनी कार्यकर्ताओं को मौका देना हमेशा चर्चा का विषय रहा है। इस बार भी वही सवाल उठ रहा है—क्या जनता नाम देखकर वोट देगी या काम देखकर?


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. बीएमसी चुनाव 2025 में परिवारवाद क्यों चर्चा में है?
    क्योंकि लगभग सभी प्रमुख दलों ने नेताओं के रिश्तेदारों को टिकट दिया है।

    Q2. सबसे ज्यादा परिवारवाद किस पार्टी में दिखा?
    बीजेपी, शिवसेना (UBT), एनसीपी (अजित पवार) और कांग्रेस—चारों में यह ट्रेंड देखने को मिला।

    Q3. टिकट न मिलने से किसे नुकसान हो सकता है?
    पुराने जमीनी कार्यकर्ताओं को, जो अब पार्टी छोड़ने या बगावत की राह पर हैं।

    Q4. क्या इससे चुनावी नतीजों पर असर पड़ेगा?
    संभावना है, क्योंकि मुंबई के कई इलाकों में स्थानीय मुद्दे और उम्मीदवार की पकड़ अहम होती है।

  • BMC चुनाव से पहले कांग्रेस-VBA का बड़ा दांव, सीट शेयरिंग फाइनल

    BMC चुनाव से पहले कांग्रेस-VBA का बड़ा दांव, सीट शेयरिंग फाइनल

    मुंबई BMC चुनाव से पहले कांग्रेस और वंचित बहुजन आघाड़ी (VBA) के बीच गठबंधन फाइनल। 227 वार्डों में सीट शेयरिंग, MVA की अंदरूनी राजनीति, MNS फैक्टर और महायुति की चुनौती—पूरी डिटेल मुंबई की आम बोलचाल की हिंदी में।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस और प्रकाश आंबेडकर की वंचित बहुजन आघाड़ी (VBA) ने आख़िरकार गठबंधन का ऐलान कर दिया है। लंबे समय से चल रही बातचीत के बाद दोनों दलों ने सीट शेयरिंग का फ़ॉर्मूला तय किया, जिसके तहत कांग्रेस 165 और VBA 62 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। 15 जनवरी को वोटिंग और 16 जनवरी को नतीजे आएंगे। यह गठबंधन कांग्रेस और VBA—दोनों के लिए मुंबई में सियासी वजूद बचाने और मज़बूत करने की एक अहम कोशिश माना जा रहा है।

    BMC चुनाव से पहले आख़िरी वक़्त का गठबंधन

    मुंबई की राजनीति में ऐन चुनाव से पहले गठबंधन होना कोई नई बात नहीं है, लेकिन इस बार कांग्रेस-VBA की जुगलबंदी इसलिए अहम है क्योंकि दोनों ही दल दबाव में दिख रहे थे। कांग्रेस को मुंबई में लगातार कमजोर होती पकड़ की चिंता है, वहीं VBA अब तक महानगर में बड़ा राजनीतिक स्पेस नहीं बना पाई है।
    ऐसे में यह गठबंधन दोनों के लिए “करो या मरो” जैसी स्थिति लेकर आया है।

    सीट शेयरिंग का गणित क्या कहता है?

    BMC की कुल 227 सीटों में से:

    • कांग्रेस: 165 सीटें
    • VBA: 62 सीटें

    VBA के लिए यह सीटें सिर्फ संख्या नहीं हैं, बल्कि मुंबई जैसे बड़े शहर में अपनी पहचान बनाने का मौका भी हैं। दूसरी तरफ़ कांग्रेस ने ज़्यादा सीटें लेकर यह साफ़ कर दिया है कि वह अभी भी खुद को इस गठबंधन की बड़ी ताक़त मानती है।

    MVA के अंदर बढ़ी खींचतान

    कांग्रेस पहले से ही महा विकास आघाड़ी (MVA) का हिस्सा है, जिसमें:

    • शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट)
    • शरद पवार की NCP

    लेकिन मामला तब उलझ गया जब शिवसेना-UBT ने राज ठाकरे की MNS के साथ हाथ मिला लिया। कांग्रेस ने इस पर खुलकर आपत्ति जताई और कहा कि MNS के साथ जाना पार्टी की विचारधारा के खिलाफ़ है।
    इसी तनाव के बीच कांग्रेस का VBA से हाथ मिलाना यह दिखाता है कि मुंबई में पार्टी अब “सैद्धांतिक बहस” से ज़्यादा “चुनावी मजबूरी” पर चल रही है।

    वोट बैंक की राजनीति और असली मक़सद

    कांग्रेस-VBA गठबंधन का सीधा फोकस है:

    • दलित वोट
    • OBC वोट
    • अल्पसंख्यक वोट

    ये वो वर्ग हैं, जिन्हें अलग-अलग लड़कर दोनों पार्टियां पूरी तरह साध नहीं पा रही थीं। साथ आकर उम्मीद है कि वोटों का बंटवारा रुके और मुकाबले में मज़बूती आए।

    महायुति की मज़बूती बनी सबसे बड़ी चुनौती

    मुंबई के बाहर, ग्रामीण महाराष्ट्र में महायुति (BJP + शिंदे शिवसेना + अजित पवार NCP) ने हाल ही में जबरदस्त प्रदर्शन किया है:

    • BJP: 117 नगराध्यक्ष
    • शिंदे गुट: 53
    • अजित पवार गुट: 37
    • कांग्रेस: सिर्फ़ 28

    ये आंकड़े कांग्रेस के लिए खतरे की घंटी हैं। अगर मुंबई जैसे किले में भी पार्टी कमजोर पड़ी, तो आगे की राजनीति और मुश्किल हो सकती है।

    एशिया की सबसे अमीर नगरपालिका की जंग

    BMC सिर्फ़ एक चुनाव नहीं है। यह:

    • बजट
    • कॉन्ट्रैक्ट
    • शहरी विकास
    • राजनीतिक कंट्रोल

    सबका केंद्र है। इसी वजह से हर पार्टी यहां पूरी ताक़त झोंक रही है। कांग्रेस-VBA का गठबंधन इसी लड़ाई में खुद को ज़िंदा रखने की कोशिश है।

    15 जनवरी की वोटिंग, 16 को फैसला

    अब सबकी नज़रें:

    • 15 जनवरी: मतदान
    • 16 जनवरी: नतीजे

    इन 24 घंटों में तय होगा कि यह गठबंधन भविष्य की राजनीति का मॉडल बनेगा या फिर सिर्फ़ एक चुनावी प्रयोग बनकर रह जाएगा।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. कांग्रेस-VBA गठबंधन क्यों हुआ?
    मुंबई में कमजोर होती पकड़ और वोटों के बंटवारे को रोकने के लिए दोनों दल साथ आए हैं।

    Q2. सीट शेयरिंग का फ़ॉर्मूला क्या है?
    कांग्रेस 165 और VBA 62 सीटों पर चुनाव लड़ेगी।

    Q3. क्या यह गठबंधन MVA को प्रभावित करेगा?
    हां, खासकर MNS के साथ शिवसेना-UBT की नज़दीकी को लेकर कांग्रेस में नाराज़गी है।

    Q4. मतदान और नतीजे कब हैं?
    15 जनवरी को वोटिंग और 16 जनवरी को नतीजे आएंगे।

  • मुंबई BMC चुनाव तैयारी तेज, अधिकारियों को समन्वय के साथ काम करने के निर्देश

    मुंबई BMC चुनाव तैयारी तेज, अधिकारियों को समन्वय के साथ काम करने के निर्देश

    BMC चुनाव 2025 की तैयारियों में तेजी। अतिरिक्त आयुक्त डॉ. अश्विनी जोशी ने अधिकारियों को समन्वय के साथ काम करने और शिकायतों की现场 जांच के निर्देश दिए।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव 2025 की तैयारियों को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह एक्टिव हो चुका है। सोमवार को हुई समीक्षा बैठक में अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (शहर) डॉ. अश्विनी जोशी ने सभी संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे आपस में लगातार संवाद रखें और चुनाव प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही ना हो।

    बैठक के दौरान उन्होंने सभी अधिकारियों से कहा कि मतदाता सूची से संबंधित आपत्तियों और सुझावों की जांच (Field Verification) करके ही निर्णय लिया जाए ताकि चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी, सटीक और सुनियोजित रहे।

    📍 प्रारंभिक मतदाता सूची पर हो रही कार्रवाई

    बैठक में BMC के सह आयुक्त, उपायुक्त, सहायक आयुक्त, उपचुनाव अधिकारी और प्रशासनिक विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
    इस दौरान चुनाव संबंधी प्रगति, मतदाता सूची अपडेट और दर्ज शिकायतों की स्थिति की समीक्षा की गई।

    डॉ. जोशी ने कहा:

    “यह चुनाव करीब आठ साल बाद हो रहा है, इसलिए हर चरण बेहद गंभीरता और नियमों के तहत पूरा होना चाहिए।”

    ⚠️ फील्ड विजिट बिना नहीं हटेगा नाम

    चुनाव विभाग को नागरिकों से मृत मतदाताओं के नाम हटाने की मांग और गलत पते पर दर्ज मतदाताओं को लेकर कई शिकायतें मिल रही हैं।

    इस पर निर्देश दिया गया कि:

    • मृत मतदाताओं के नाम हटाने से पहले मृत्यु प्रमाणपत्र और BMC रिकॉर्ड से मिलान किया जाए।
    • पता गलत या विवादित होने पर सर्वे के बाद ही सुधार किया जाए।

    🗳️ मतदान केंद्र सूची 12 दिसंबर तक अनिवार्य

    डॉ. जोशी ने अधिकारियों से कहा कि:

    • 12 दिसंबर 2025 तक सभी मतदान केंद्रों की अंतिम सूची चुनाव शाखा में जमा होनी चाहिए।
    • जहां पुरानी इमारतें गिर चुकी हैं, वहां वैकल्पिक मतदान केंद्र तुरंत प्रस्तावित किए जाएं।
    • हाउसिंग सोसायटियों में बनाए गए मतदान केंद्रों के लिए No Objection Certificate (NOC) अनिवार्य होगा।

    ⚖️ गैर-सहयोग करने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई

    उन्होंने चेतावनी दी कि:

    “जो कर्मचारी चुनावी कार्य में सहयोग नहीं करेंगे या कार्य से बचने की कोशिश करेंगे, उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा।”


    ❓ FAQ Section

    प्रश्नउत्तर
    BMC चुनाव कब होने वाले हैं?आधिकारिक तारीख अभी तय नहीं है, लेकिन तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं।
    मतदाता सूची में बदलाव कैसे किया जाएगा?现场 सत्यापन और दस्तावेज़ों के आधार पर संशोधन किए जाएंगे।
    पुरानी इमारत गिर चुकी होने पर मतदान केंद्र कहाँ होगा?उसके स्थान पर वैकल्पिक मतदान केंद्र तय किए जाएंगे।
    कर्मचारी चयन से इनकार कर सकते हैं?नहीं, ऐसा करने वालों को नोटिस भेजा जाएगा।