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  • BMC चुनाव से पहले भाजपा में तकरार? किरीट सोमैया ने मंत्री लोढा को लगाई फटकार

    BMC चुनाव से पहले भाजपा में तकरार? किरीट सोमैया ने मंत्री लोढा को लगाई फटकार

    मुंबई महापौर पद को लेकर भाजपा के भीतर मतभेद उभरते दिख रहे हैं। मंत्री मंगलप्रभात लोढा के “भाजपा का महापौर” बयान पर पूर्व सांसद किरीट सोमैया ने सख्त प्रतिक्रिया देते हुए कहा—“कसली कॉलर टाइट? भाजपा महापौर की रेस में नहीं है।”

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका चुनाव नज़दीक आते ही राजनीति गर्माती जा रही है। एक तरफ भाजपा नेता जहां BMC में सत्ता स्थापित करने की बात कर रहे हैं, वहीं भाजपा के भीतर ही इस मुद्दे पर मतभेद खुलकर सामने आते दिख रहे हैं। मंत्री मंगलप्रभात लोढा द्वारा “मुंबई में भाजपा का महापौर बनेगा” इस दावे के बाद पूर्व सांसद किरीट सोमैया ने उन्हें कड़े शब्दों में फटकार लगाई और कहा कि “भाजपा महापौर पद की लड़ाई नहीं लड़ रही है।” सोमैया ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भी इस बयान पर ध्यान देने की बात कही।

    मुंबई में महापौर पद पर सियासी बयानबाज़ी तेज़

    राज्य के 29 नगर निगम चुनावों की घोषणा से पहले ही मुंबई में राजनीतिक दलों ने तैयारी तेज कर दी है। महायुती के नेताओं का दावा है कि इस बार मुंबई में उनका महापौर बनेगा।
    वहीं शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) भी लगातार यह कहते हुए दिखाई दे रही है कि “मुंबई में फिर से शिवसेना का महापौर आएगा।”

    इसी माहौल में मंत्री मंगलप्रभात लोढा के बयान ने राजनीतिक हलचलों को और हवा दे दी।

    मंगलप्रभात लोढा का बयान: “भाजपा का महापौर बनेगा, कॉलर टाइट होगा!”

    एक सार्वजनिक कार्यक्रम में मंत्री लोढा ने कहा था—

    “मुंबई महानगरपालिका में जब भाजपा का महापौर चुना जाएगा, तब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस उसके शपथ ग्रहण समारोह में आएंगे, और उस वक्त आपकी और मेरी कॉलर टाइट होगी!”

    उन्होंने यह भी कहा कि महाराष्ट्र की राजनीति में कई दल फडणवीस के संकेतों पर चलते हैं।

    उनके इस बयान के बाद से राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है कि भाजपा अकेले महापौर पद का दावा कर रही है।

    सैय्या—”किस तरह का कॉलर टाइट? बीजेपी मेयर पद का चुनाव नहीं लड़ रही है!”

    मंगलप्रभात लोढा के बयान पर भाजपा के ही वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद किरीट सोमैया ने नाराज़गी जताई।
    मीडिया से बातचीत में सोमैया ने कहा—

    “भाजपा महापौर पद के लिए लड़ ही नहीं रही। जो नेता महापौर पद की बात कर रहे हैं, उन्हें मैंने भी बताया है और फडणवीस जी को भी कहा है कि उन्हें रोको। कैसा कॉलर टाइट? कैसा महापौर पद?”

    सोमैया ने स्पष्ट किया कि भाजपा का ध्यान महापालिका में “भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन” और विकास पर है, न कि महापौर की कुर्सी पर।

    महा विकास अघाड़ी और ठाकरे गुट पर भी हमला

    मीडिया से बातचीत के दौरान सोमैया ने शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) को भी आड़े हाथों लिया।
    उन्होंने कहा—

    • “कोविड के दौरान ठाकरे सेना कमाई कर रही थी।”
    • “खिचड़ी घोटाला, रेमडेसिविर घोटाला—ये सब मुंबई को लूटने की कहानी है।”
    • “हमारा लक्ष्य BMC को भ्रष्टाचार से मुक्त कराकर मुंबई का विकास करना है।”

    उनके अनुसार भाजपा—चाहे फडणवीस हों या मोदी—पिछले 25 वर्षों से “लूट” का आरोप झेल रही मुंबई को बदलने के लिए प्रतिबद्ध है।

    मुंबई में क्या भाजपा एकजुट नहीं? उठने लगे सवाल

    लोढा का “भाजपा का महापौर” वाला दावा और सोमैया की “भाजपा महापौर पद की लड़ाई नहीं लड़ रही” वाली प्रतिक्रिया—दोनों ने मिलकर एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है—

    क्या BMC चुनाव में भाजपा की रणनीति स्पष्ट नहीं है?

    या फिर पार्टी के भीतर इस मुद्दे पर सहमति नहीं बनी है?

    राजनीतिक जानकारों का मानना है कि BMC चुनाव 2025 महाराष्ट्र में सत्ता संतुलन तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
    इसलिए भाजपा चाहती है कि हर बयान बेहद सोच–समझकर दिया जाए।


    FAQ सेक्शन

    1. महापौर पद को लेकर भाजपा में विवाद क्यों दिख रहा है?

    मंत्री लोढा ने कहा कि “भाजपा का महापौर बनेगा”, जबकि सोमैया ने कहा कि भाजपा महापौर की रेस में नहीं है। इसी वजह से मतभेद की चर्चा शुरू हुई।

    2. भाजपा की आधिकारिक रणनीति क्या है?

    सोमैया के मुताबिक, भाजपा का मुख्य फोकस महापालिका को भ्रष्टाचार मुक्त बनाना और विकास तेज़ करना है।

    3. BMC चुनाव कब होने की उम्मीद है?

    राज्य चुनाव आयोग जल्द ही तारीखों की घोषणा कर सकता है। 29 नगर निगमों के चुनाव एक साथ होने की संभावना है।

    4. शिवसेना (उद्धव गुट) का दावा क्या है?

    ठाकरे गुट का दावा है कि वे फिर से मुंबई में महापौर बनाएंगे।

  • BMC Election 2025: महाराष्ट्र सरकार ने जारी किया नोटिफिकेशन, मुंबई को बांटा गया 227 चुनावी वार्डों में — जानिए पूरी डिटेल

    BMC Election 2025: महाराष्ट्र सरकार ने जारी किया नोटिफिकेशन, मुंबई को बांटा गया 227 चुनावी वार्डों में — जानिए पूरी डिटेल

    BMC Election 2025 की तैयारियां शुरू! महाराष्ट्र सरकार ने जारी की अधिसूचना, मुंबई को 227 वार्डों में बांटा गया। जानिए वार्ड सीमांकन, राजनीतिक हलचल और आगे की चुनावी रणनीति की पूरी जानकारी।

    मनपा प्रतिनिधि वी.बी. माणिक
    मुंबई: बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) चुनावों को लेकर अब शहर में हलचल तेज़ हो गई है। महाराष्ट्र सरकार ने सोमवार को एक आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी किया, जिसमें बताया गया है कि मुंबई को कुल 227 चुनावी वार्डों में बांटा गया है।
    यह अधिसूचना मुंबई नगर निगम अधिनियम, 1888 की धारा 5 और 19 के तहत जारी की गई है। इसके साथ ही राज्य चुनाव आयोग (SEC) की मंजूरी भी प्राप्त हो चुकी है।

    इस फैसले के बाद मुंबई की राजनीति में नई हलचल शुरू हो गई है। क्योंकि अब सभी राजनीतिक दल — शिवसेना, भाजपा, कांग्रेस, मनसे और अन्य — अपने-अपने उम्मीदवारों और चुनावी रणनीति पर मंथन शुरू कर चुके हैं।

    📜 वार्ड सीमांकन का अंतिम फैसला — मुंबई में कुल 227 वार्ड

    सरकार द्वारा जारी अधिसूचना में यह साफ कर दिया गया है कि मुंबई को 227 चुनावी वार्डों में विभाजित किया गया है।
    प्रत्येक वार्ड से एक पार्षद (Corporator) चुना जाएगा।

    इससे पहले, 22 अगस्त 2025 को मसौदा (Draft) वार्ड संरचना जारी की गई थी। तब नागरिकों, संगठनों और राजनीतिक पार्टियों से आपत्तियाँ और सुझाव मांगे गए थे।
    अब सरकार ने उन सभी आपत्तियों और सुझावों की समीक्षा कर अंतिम निर्णय लिया है।

    📍 हर वार्ड की सीमाएं और जनसंख्या का खुलासा

    नोटिफिकेशन में हर वार्ड की भौगोलिक सीमा और जनसंख्या का ज़िक्र विस्तार से किया गया है।
    इस डिटेल से यह पता चलता है कि किस वार्ड में कितने वोटर्स हैं, और किस इलाके में किस समुदाय की जनसंख्या ज़्यादा है।

    राजनीतिक दलों के लिए यह जानकारी बेहद अहम है, क्योंकि यही तय करेगी कि किस क्षेत्र में उनकी पकड़ मज़बूत है और कहां उन्हें ज़्यादा मेहनत करनी पड़ेगी।

    🗳️ राजनीतिक दलों में बढ़ी हलचल — चुनावी समीकरणों की गणित शुरू

    जैसे ही वार्ड सीमांकन का नोटिफिकेशन जारी हुआ, मुंबई की राजनीति में हलचल बढ़ गई।
    शिवसेना (UBT), शिवसेना (शिंदे गुट), भाजपा, कांग्रेस, एनसीपी (अजित पवार गुट और शरद पवार गुट) — सभी पार्टियों ने अपनी टीमों को एक्शन में लगा दिया है।

    पार्टी रणनीतिकार अब बैठकों में जुटे हैं —
    कहां नया उम्मीदवार उतारना है, कहां पुराने चेहरों पर भरोसा करना है, और किन वार्डों में सहयोगी दलों से तालमेल बैठाना है।

    बीएमसी मुंबई की सबसे अमीर नगर निकाय है और इस पर नियंत्रण हासिल करना राजनीतिक रूप से बेहद प्रतिष्ठा का विषय है।
    यही वजह है कि हर दल इस चुनाव को ‘प्रतिष्ठा की जंग’ मानकर चल रहा है।

    👥 स्थानीय प्रतिनिधित्व और लोगों की उम्मीदें

    वार्डों के तय होने के बाद अब नागरिकों में भी उम्मीदें बढ़ी हैं।
    हर वार्ड से एक पार्षद चुना जाएगा, जो वहां के लोगों की स्थानीय समस्याओं — पानी, सड़क, सफाई, ट्रैफिक और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर आवाज उठाएगा।

    लोकल नागरिक संगठनों का कहना है कि इस बार चुनाव में लोग सिर्फ पार्टी नहीं, बल्कि उम्मीदवार की लोकल कनेक्टिविटी और कामकाज देखकर वोट देंगे।
    क्योंकि पिछले कुछ सालों में बीएमसी प्रशासन पर जनता की नाराज़गी भी देखी गई है।

    🏗️ बीएमसी की ताकत और बजट का महत्व

    बृहन्मुंबई नगर निगम देश की सबसे अमीर म्युनिसिपल बॉडी है।
    इसका सालाना बजट 60,000 करोड़ रुपये से अधिक का होता है — जो कई छोटे राज्यों के बजट से भी बड़ा है।
    इस वजह से बीएमसी पर कब्जा राजनीतिक दलों के लिए बेहद अहम है।

    बीएमसी शहर की सड़कों, पानी की सप्लाई, अस्पतालों, स्कूलों और सीवेज सिस्टम का संचालन करती है।
    यही वजह है कि मुंबई का नागरिक चुनाव, असल में महाराष्ट्र की राजनीति का सेमीफाइनल माना जाता है।

    🔍 अधिसूचना जारी होने के बाद अगला कदम क्या?

    अब जबकि सीमांकन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, राज्य चुनाव आयोग (SEC) की ओर से चुनाव कार्यक्रम की घोषणा किसी भी समय की जा सकती है।
    संभावना जताई जा रही है कि नवंबर या दिसंबर 2025 में चुनाव कराए जा सकते हैं।

    राज्य सरकार और चुनाव आयोग अब वोटर लिस्ट अपडेट, पोलिंग बूथ फाइनलाइजेशन और चुनावी तैयारी पर काम शुरू करेंगे।

    ⚙️ मुंबई में राजनीतिक गणित — किसके लिए कितनी मुश्किल

    • शिवसेना (UBT) के लिए चुनौती यह है कि अब सीमांकन के बाद कई पुराने गढ़ टूटे हैं।
    • शिंदे गुट सरकार में होने का फायदा उठाने की कोशिश करेगा।
    • भाजपा का लक्ष्य है कि वो दक्षिण और पूर्व मुंबई में अपना जनाधार बढ़ाए।
    • कांग्रेस और एनसीपी पिछली बार से बेहतर प्रदर्शन के लिए रणनीति बना रही हैं।

    इस बार जातीय और स्थानीय समीकरण दोनों का अहम रोल रहेगा।
    कई वार्डों में नई सीमाएं बनने से पिछले चुनाव के परिणामों पर असर पड़ सकता है।

    🧭 नागरिकों की नज़र – अब किस मुद्दे पर वोट मिलेगा?

    बीएमसी चुनाव में इस बार लोगों की सबसे बड़ी चिंताएं होंगी —

    • खराब सड़के
    • बढ़ता ट्रैफिक
    • गंदगी और कचरा प्रबंधन
    • अस्पतालों की हालत
    • और बारिश के वक्त जलजमाव

    स्थानीय नागरिक अब चाहते हैं कि उनका पार्षद सिर्फ पार्टी नहीं बल्कि काम के आधार पर चुना जाए।

    📅 बीएमसी चुनाव 2025 की संभावित टाइमलाइन

    चरणसंभावित तारीख
    अधिसूचना जारी06 अक्टूबर 2025
    वोटर लिस्ट अपडेटअक्टूबर अंत
    चुनाव कार्यक्रम घोषणानवंबर 2025
    मतदानदिसंबर 2025 (संभावित)
    परिणामजनवरी 2026 (अनुमानित)

    🤔 FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    1️⃣ बीएमसी चुनाव 2025 के लिए मुंबई में कुल कितने वार्ड हैं?
    👉 कुल 227 चुनावी वार्ड बनाए गए हैं।

    2️⃣ वार्ड सीमांकन किस कानून के तहत हुआ?
    👉 यह प्रक्रिया मुंबई नगर निगम अधिनियम, 1888 की धारा 5 और 19 के तहत की गई है।

    3️⃣ क्या बीएमसी चुनाव की तारीख तय हो गई है?
    👉 अभी नहीं, लेकिन चुनाव आयोग नवंबर-दिसंबर 2025 में तारीख घोषित कर सकता है।

    4️⃣ प्रत्येक वार्ड से कितने पार्षद चुने जाएंगे?
    👉 हर वार्ड से एक पार्षद चुना जाएगा।

    5️⃣ बीएमसी चुनाव क्यों महत्वपूर्ण है?
    👉 क्योंकि बीएमसी देश की सबसे अमीर म्युनिसिपल बॉडी है और इसका बजट कई राज्यों से बड़ा है। यही वजह है कि इस पर राजनीतिक दलों की नजर रहती है।

  • Ladki Bahin Yojana अब 1500 से बढ़ाकर 2100 रूपये

    Ladki Bahin Yojana अब 1500 से बढ़ाकर 2100 रूपये

    Ladki Bahin Yojana: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव लाडकी बहिन योजना महायुति गठबंधन के लिए फायदेमंद साबित हुआ है। अब चुनावी घोषणा के मुताबिक इसकी रकम बढाई जाने वाली है। जाने महायुति के वरिष्ठ नेता ने क्या कहा? (Ladki Bahin Yojana: It is going to be increased from Rs 1500 to Rs 2100)

    नितिन तोरस्कर (मंत्रालय प्रतिनिधि)
    मुंबई-
    महाराष्ट्र में महायुति गठबंधन की जीत में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की लाडकी बहिन योजना बड़ा फैक्टर मानी जा रही है। अब इस योजना में विस्तार की तैयारी चल रही है। खबर है कि राज्य की नई सरकार नए साल से रकम बढ़ाने पर विचार कर रही है। हालांकि, इसे लेकर आधिकारिक तौर पर कोई जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने योजना के पैसों मे बढ़ोत्तरी के संकेत दिए है। (Ladki Bahin Yojana: It is going to be increased from Rs 1500 to Rs 2100)

    भाजपा की चुनावी घोषणा

    खबर के मुताबिक, मुनगंटीवार ने सोमवार को कहा कि 2025 दीपावली से लाडकी बहिन योजना की राशि 1500 से बढ़ाकर 2100 कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा के घोषणापत्र में राशि बढ़ाने की बात कही गई थी, जिसके चलते पार्टी पर जनता का भरोसा बनाए रखने के लिए राशि को बढ़ाया जाने वाला है। उन्होंने कहा कि अगर वादा पूरा नहीं किया, तो इससे पूरे देश में भाजपा की छवि खराब होगी। उन्होंने कहा कि वह इस संबंध में मुख्यमंत्री को पत्र भी लिखेंगे। (Ladki Bahin Yojana: It is going to be increased from Rs 1500 to Rs 2100)

    कब बढ़या जाएगा पैसा ?

    पूर्व मंत्री मुनगंटीवार ने कहा, हमें अपना वादा पूरा करना चाहिए। जबकि हमारी महायुति गठबंधन की सरकार हमारी बहनों को 2100 रुपये देने में सक्षम है। हम फैसला करेंगे कि इसे जनवरी, जुलाई या फिर अगले महीने से शुरू किया जाए। हमने जो लोगों से वादा किया है वो पूरा जरूर करेंगे। (Ladki Bahin Yojana: It is going to be increased from Rs 1500 to Rs 2100)

    पूर्व मंत्री मुनगंटीवार ने और अधिक जानकारी देते हुए कहा कि, हमने बीते साल भाई दूज पर योजना की शुरुआत की थी और हम अगले साल भाई दूज से राशि बढ़ा देंगे। उन्होंने जानकारी दी है कि मुख्यमंत्री की बहनों के खाते में पहले ही पांच किश्तें जमा हो चुकी हैं। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 20 नवंबर को हुआ था जिसके परिणाम तीन दिन बाद घोषित हुए थे, महायुति गठबंधन ने 288 विधानसभा सीट में से 230 सीट पर जीत दर्ज की है। भाजपा 132 सीट के साथ आगे रही, जबकि शिवसेना को 57 और राकांपा को 41 सीट मिली है। (Ladki Bahin Yojana: It is going to be increased from Rs 1500 to Rs 2100)

    कब तक सरकार का गठन संभव

    महाराष्ट्र में महायुति गठबंधन को मिली बड़ी जीत के बाद भी मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम फैसला नहीं हो सका है। खबरें हैं कि कल बुधवार को भाजपा के परय्वेक्षक विधायक दल के नेता का चुनाव करेंगे। इसके बाद 5 दिसंबर को शपथ ग्रहण समारोह हो सकता है। सीएम पद भाजपा के खाते में आने के आसार हैं। जबकि, डिप्टी सीएम शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी से बनाए जा सकते हैं। हालांकि खातों के बटवारे पर आपसी मतभेद को लेकर विचार विमर्श हो रहे हैं। (Ladki Bahin Yojana: It is going to be increased from Rs 1500 to Rs 2100)