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  • भारतीय शेयर बाजार में गिरावट, US टैरिफ का असर

    भारतीय शेयर बाजार में गिरावट, US टैरिफ का असर

    भारतीय शेयर बाजार US के 50% टैरिफ के दबाव में लुढ़के। निफ्टी 24,500 पर, सेंसेक्स 80,080 पर बंद। IT, बैंकिंग और रियल्टी शेयर सबसे कमजोर। Indian stock market falls, impact of US tariff

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई:
    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए 50% टैरिफ का सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर देखा जा रहा है। गुरुवार को बाजार में जबरदस्त बिकवाली हुई। निफ्टी 50 211 अंक गिरकर 24,500.9 पर बंद हुआ, वहीं सेंसेक्स 706 अंक टूटकर 80,080.6 पर आ गया। Indian stock market falls, impact of US tariff

    यह लगातार दूसरा दिन रहा जब बाजार में भारी गिरावट आई। बीते चार सत्रों में से तीन दिन इंडेक्स गिरा है। केवल दो दिनों में निफ्टी 50 करीब 1.9% कमजोर हो चुका है। Indian stock market falls, impact of US tariff

    निफ्टी 50 में बेरिश सेंटीमेंट

    शेयर बाजार में ऑप्शंस एक्सपायरी के दिन निफ्टी 50 तीन महीने के निचले स्तर तक लुढ़क गया। बाजार बंद होने पर Stocktwits पर निवेशकों का सेंटीमेंट “बेयरिश” रहा, जबकि हफ्ते की शुरुआत में “बुलिश” था। Indian stock market falls, impact of US tariff

    सेक्टोरल इंडेक्स का हाल

    गुरुवार को सिर्फ कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडेक्स हरे निशान पर रहा, बाकी सभी सेक्टरल इंडेक्स लाल निशान पर बंद हुए।

    निफ्टी IT इंडेक्स 1.6% टूटा।
    रियल्टी इंडेक्स 1.5% गिरा।
    बैंकिंग इंडेक्स लगभग 1% फिसले।
    फार्मा इंडेक्स 0.83% कमजोर रहा।

    निफ्टी 50 के 50 में से 36 स्टॉक्स में गिरावट दर्ज की गई। श्रीराम फाइनेंस (-3.94%), HCL टेक्नोलॉजीज (-2.85%) और पावर ग्रिड (-2.04%) सबसे बड़े लूज़र्स रहे। Indian stock market falls, impact of US tariff

    इंटरग्लोब एविएशन में बड़ी गिरावट

    इंटरग्लोब एविएशन के शेयरों में 5.2% की गिरावट आई। रिपोर्ट्स के अनुसार राकेश गंगवाल के परिवार ने कंपनी में अपनी 3.1% हिस्सेदारी (₹7,027 करोड़) ब्लॉक डील्स के जरिए बेच दी। Indian stock market falls, impact of US tariff

    टेक्सटाइल सेक्टर को राहत

    भारत सरकार ने कॉटन इंपोर्ट ड्यूटी को 31 दिसंबर तक बढ़ा दिया है। इससे अमेरिकी टैरिफ की मार झेल रहे टेक्सटाइल और गारमेंट सेक्टर को राहत मिलेगी। Indian stock market falls, impact of US tariff

    हालांकि गुरुवार को टेक्सटाइल शेयरों का प्रदर्शन मिला-जुला रहा।

    गिरे: वेलस्पन लिविंग (-1.31%), रेमंड (-2.05%), किटेक्स गारमेंट्स (-4%)
    चढ़े: वर्धमान टेक्सटाइल्स (+11.5%), अरविंद (+0.37%), गोकलदास एक्सपोर्ट्स (+0.3%), नितिन स्पिनर्स (+1.65%)

    एनालिस्ट्स का नजरिया

    SEBI रजिस्टर्ड एनालिस्ट आशीष कयाल ने कहा कि निफ्टी 24,630 तक उछलने के बाद 24,550 के नीचे फिसला, जिससे शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स को “स्कैल्पिंग” का मौका मिला। Indian stock market falls, impact of US tariff

    https://stocktwits.com/kyalashish/message/626826309

    मार्केट एक्सपर्ट सुनील कोटक ने कहा कि निफ्टी अब “बेयरिश” ट्रेंड में आ चुका है, क्योंकि RSI 40 के नीचे टूट चुका है और विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी है।

    https://stocktwits.com/Technofunda24/message/626826694

    मुख्य सपोर्ट लेवल अब 24,200 है, जो अगले 6–7 सत्रों में टेस्ट हो सकता है।

    भारतीय निर्यातकों पर टैरिफ की चोट

    अमेरिका का यह 50% टैरिफ भारतीय निर्यातकों के लिए बड़ा झटका है। ऑटो पार्ट्स, टेक्सटाइल, ज्वेलरी और सीफूड सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। हालांकि फिलहाल इलेक्ट्रॉनिक्स और फार्मा सेक्टर पर बड़ा असर नहीं दिख रहा। Indian stock market falls, impact of US tariff

    https://stocktwits.com/PCRAnalyst/message/626824276

    विश्लेषक प्रदीप कारपेंटर का कहना है कि भारत को इस झटके से बचने के लिए नए बाजार तलाशने, फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स को तेज़ करने और छूट के लिए बातचीत करनी होगी। Indian stock market falls, impact of US tariff

  • अब EMI नहीं भरने पर बैंक या उसकी एजेंसी परेशान नहीं कर सकती, RBI की नई गाइडलाइन

    अब EMI नहीं भरने पर बैंक या उसकी एजेंसी परेशान नहीं कर सकती, RBI की नई गाइडलाइन

    RBI की नई गाइडलाइन में लोनधारकों को कई महत्वपूर्ण अधिकार दिया गया है। यदि कोई बैंक या रिकवरी एजेंट अनुचित व्यवहार करता है तो ग्राहक पुलिस में शिकायत कर सकता है और बैंक से पेनल्टी की मांग भी कर सकता है। ग्राहकों को मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना से बचाने के लिए RBI ने नई गाइडलाइन जारी किया है। Now the bank or its agency cannot harass you for not paying EMI, new RBI guideline

    डिजिटल डेस्क
    नई दिल्ली:
    वर्तमान के आर्थिक दौर में कई लोग अपने जरूरी खर्चों के लिए लोन लेते हैं। चाहे घर खरीदना हो या नया व्यवसाय शुरू करना हो, लोन हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन गया है। लेकिन कई बार नौकरी छूटना, व्यापार में घाटा या स्वास्थ्य समस्याओं के कारण लोन की ईएमआई भरना लोगों को मुश्किल हो जाता है। ऐसी स्थिति में लोग न केवल आर्थिक दबाव में आते हैं, बल्कि बैंकों और रिकवरी एजेंटों के दबाव से भी परेशान हो जाते हैं। Now the bank or its agency cannot harass you for not paying EMI, new RBI guideline

    इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने लोनधारकों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए नई गाइडलाइन्स जारी की हैं। इन नियमों का मकसद लोन न चुका पाने वाले लोगों को अनुचित परेशानियों से बचाना और वित्तीय संस्थानों को ग्राहकों के साथ उचित व्यवहार करने लिए सिखाना है। Now the bank or its agency cannot harass you for not paying EMI, new RBI guideline

    Reserve-Bank-of-India

    RBI की नई गाइडलाइन्स

    RBI के नए नियमों के तहत अब बैंक और रिकवरी एजेंट मनमाने तरीके से लोनधारकों को परेशान नहीं कर सकेंगे। पहले रिकवरी एजेंट कभी भी अनुचित समय पर फोन करते थे, धमकी देते थे या अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करते थे। अब ऐसी हरकतें पूरी तरह प्रतिबंधित हैं। RBI के नए नियम न केवल लोनधारकों की गरिमा की रक्षा करते हैं, बल्कि बैंकिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता भी बढ़ाते हैं। यह पहल बैंक और ग्राहक के बीच विश्वास बढ़ाने में मददगार साबित होगी। ऐसा माना जा रहा है। Now the bank or its agency cannot harass you for not paying EMI, new RBI guideline

    लोनधारकों का अधिकार

    RBI की नई गाइडलाइन्स लोनधारकों को कई महत्वपूर्ण अधिकार देती हैं। यदि कोई बैंक या रिकवरी एजेंट अनुचित व्यवहार करता है तो ग्राहक पुलिस में शिकायत कर सकता है और बैंक से पेनल्टी की मांग भी कर सकता है। यह नियम मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना से बचाने के लिए बनाए गए हैं। लोन प्रकृया से जूझ रहे लोगों को यह समझना जरूरी है कि वित्तीय मुश्किलें सामान्य हैं और वे सम्मान के साथ व्यवहार पाने के हकदार हैं। अगर कोई धमकी या अपमान करता है तो वे तुरंत कार्रवाई कर सकते हैं। Now the bank or its agency cannot harass you for not paying EMI, new RBI guideline

    कैसे कर सकते हैं शिकायत ?

    RBI की नई गाइडलाइन के मुताबिक, ग्राहक अपनी शिकायत बैंक की शिकायत निवारण सेल में या RBI के ग्राहक सेवा विभाग में दर्ज करा सकते हैं। गंभीर मामलों में पुलिस में भी FIR दर्ज कराई जा सकती है। शिकायत करते समय फोन कॉल रिकॉर्डिंग, मैसेज के स्क्रीनशॉट और गवाहों के बयान जैसे सबूत जुटाना जरूरी है। बैंक भी अपने रिकवरी एजेंटों के व्यवहार की जिम्मेदारी उठाने के लिए बाध्य है। Now the bank or its agency cannot harass you for not paying EMI, new RBI guideline

    रिकवरी एजेंटों के लिए नियम कानून

    RBI ने रिकवरी एजेंटों के लिए सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक कॉल या मिलने का समय तय किया है। इस समय के बाहर वसूली करना नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। रात में या छुट्टियों के दिन परेशान करना सख्त मना है। अगर कोई एजेंट इन नियमों का उल्लंघन करता है, तो तुरंत शिकायत करें। यह नियम ग्राहकों की निजता और पारिवारिक शांति की रक्षा करते हैं। Now the bank or its agency cannot harass you for not paying EMI, new RBI guideline

    बैंक की किश्त अगर बाउंस हो जाए तो क्या करें?

    जब कोई लोनधारक लगातार तीन EMI बाउंस करता है, तो बैंक पहला नोटिस भेजती है। इसके साथ ही अपनी स्थिति सुधारने के लिए 90 दिन का समय देती है। चौथी-पांचवी EMI न भरने पर बैंक दूसरा नोटिस भेजती है, जिसमें नीलामी की चेतावनी होती है। नए नियम के अनुसार इस दौरान भी बैंक या रिकवरी एजेंट अनुचित व्यवहार नहीं कर सकते। लोनधारक इस अवधि में बैंक से बात करके समाधान खोज सकते हैं। Now the bank or its agency cannot harass you for not paying EMI, new RBI guideline

    रिकवरी एजेंटों के की सीमाएं क्या है?

    RBI ने रिकवरी एजेंटों को साफ निर्देश दिए हैं कि वे धमकी, अपमानजनक भाषा या शारीरिक प्रताड़ना नहीं कर सकते। वे परिवारजनों या दोस्तों को परेशान नहीं कर सकते और जबरन घर में प्रवेश भी नहीं कर सकते। अगर कोई एजेंट नियम तोड़ता है तो उसकी रिपोर्ट तुरंत करें। बैंक को अपने एजेंटों के व्यवहार की जिम्मेदारी लेनी होती है और उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई करनी होती है। Now the bank or its agency cannot harass you for not paying EMI, new RBI guideline

    नीलामी प्रक्रिया पर कानूनी सुरक्षा

    जब लोनधारक पूरी तरह EMI नहीं चुका पाता तो बैंक कानूनी प्रक्रिया के तहत संपत्ति की नीलामी कर सकती है। यह प्रक्रिया न्यायालय के अधीन होती है और इसमें पारदर्शी होनी चाहिए। बैंक अपनी मर्जी से संपत्ति जब्त नहीं कर सकती। नीलामी से पहले लोनधारक के पास अपनी बात कहने और न्यायालय से सुरक्षा मांगने का अधिकार होता है। अगर नीलामी राशि लोन से अधिक होती है तो बची हुई राशि वापस की जाती है। Now the bank or its agency cannot harass you for not paying EMI, new RBI guideline

    निष्कर्ष

    RBI की नई गाइडलाइन्स लोनधारकों को कानूनी सुरक्षा और मानसिक शांति प्रदान करती हैं। ये नियम वित्तीय संस्थानों और ग्राहकों के बीच बेहतर तालमेल और पारदर्शिता लाने में मदद करेगी। इसलिए लोनधारकों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहना और जरूरत पड़ने पर सही कदम उठाना चाहिए।

    Disclaimer
    यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी वित्तीय या कानूनी निर्णय से पहले संबंधित विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें। RBI के नियम समय-समय पर बदल सकते हैं, इसलिए आधिकारिक स्रोतों से जानकारी लेते रहें।