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  • बकरा ईद पर बकरे की कुर्बानी देने की प्रथा पर शक्ति प्रयोग क्यों?

    बकरा ईद पर बकरे की कुर्बानी देने की प्रथा पर शक्ति प्रयोग क्यों?

    • मंदिरों में बलि देने की परंपरा को बंद कर उदाहरण प्रस्तुत करे सरकार
    • सुप्रीम कोर्ट के आदेश स्वीकार कर मुसलमानों ने नजीर पेश की
    • भारतीय संविधान कानून और न्यायालय में विश्वास रखते हैं भारत के मुसलमान

    डिजिटल डेस्क
    हिंदू हिंदुत्व के ठेकेदार बनने वाले आरएसएस के उपांग बीजेपी, विश्वहिंदू परिषद, बजरंग दल जैसे संगठन भारत के मुसलमानों द्वारा बकरा ईद पर बकरे की कुर्बानी देने की प्रथा बंद करने के लिए शक्ति प्रयोग करने से भी पीछे नहीं हट रहे। उन्हें सबसे पहले हिंदुओं के जिन मंदिरों में जानवरों की बलि देकर उस मांस को प्रसाद के रूप में बांटा जाता है। उन मंदिरों में बलि देने की परंपरा को बंद कर उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए। पहले सत्तर प्रतिशत हिंदुओं के मांस खाने पर प्रतिबंध लगाना चाहिए। फिर मुसलमानों के बकरा बलि को कानून बनाकर रोका जा सकता है। निश्चित ही भारत के मुसलमान इसे स्वीकार करेंगे क्योंकि देश में समानता का व्यवहार माना जाएगा। बाबरी राम जन्मभूमि मामले में सुप्रीमकोर्ट के आदेश को स्वीकार कर मुसलमानों ने नजीर पेश की थी।
    अर्थ है
    भारत के मुसलमान भारतीय संविधान कानून और न्यायालय में विश्वास रखते हैं। अगर संसद ऐसा कानून बनाती है जिसमें किसी भी पशु की बलि यानी हत्या अपराध होगा जिसपर कानूनी अपराध मानकर कोर्ट दंडित करेगी तो निश्चित ही भारत के मुसलमान इससे सहमत होंगे। जहां तक देशप्रेम और देशभक्ति का सवाल है। उसमें भी मुसलमानों ने एकता का प्रदर्शन, पाकिस्तान के विरोध में पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाकर पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए भारतीय सेना और सरकार के साथ खड़े रहे हैं। यहां तक कि मुस्लिम महिला द्वारा ही भारतीय सेना ने सिंदूर ऑपरेशन का नायक बनाया था। प्रेस कांफ्रेंस में भी मुस्लिम और दलित चेहरा सामने लाकर बता दिया था कि भारतीय सेना जाति मजहब को नहीं मानती।वह भारत की रक्षा के लिए अपनी शहादत देती है।
    सेना ने प्रतीकात्मक रूप से संदेश दिया था कि मुसलमानों और दलितों पर अन्याय अत्याचार बंद कर देना होगा। भारत के जिन ग्रुपों को पहलगाम और ऑपरेशन सिंदूर का सच बताने विदेश भेजा गया था उसमें मुस्लिम चेहरा इस्लामिक राष्ट्रों में जबरदस्त संदेश देकर बता दिया कि पाकिस्तान बार बार अपने आतंकी भेजकर भारत में निर्दोष लोगों की हत्या करवाता है। जिससे साफ है कि देश का मुसलमान देश की हिफाजत के लिए पाकिस्तान हो या कोई अन्य राष्ट्र भारत का मुसलमान बलिदान देने को तैयार है। एकजुटता दिखने में मुसलमान पीछे नहीं हटे।
    पहले हिंदूधर्म और अब सनातनधर्म के ठेकेदारों को मालूम होना चाहिए कि सनातन धर्म में किसी भी जीव की हत्या का निषेध करता है।सत्य, प्रेम न्याय और पुण्य को धर्म जानना मानना ही सनातन धर्मी का संकेत है।
    गौ को माता मानने वाले क्यों नहीं उन चार हिंदू जिनके भारत में बड़े बड़े कत्लखाने हैं। जहां लाखों गाएं रोज काटकर उनका मांस विदेश भेजने वाले देशों में दूसरे नंबर पर लाकर खड़ा कर दिया है। जिनसे हिंदुत्व और हिंदू की ठेकेदार बीजेपी सरकार चंदा लेने में संकोच नहीं करती, उन कारखानों को बंद कराने क्यों नहीं जाते? इसलिए कि मोदी सरकार उनके साथ खड़ी है।
    योगीजी क्यों नहीं उन कत्ल खानों में गौ का कटना बंद करा देते? हिम्मत नहीं पड़ती गौ भक्ति की आड में जो बजरंगदल खुद गौ काटकर पूजा स्थल में फेकने पर पकड़े जा चुके हैं। जो गौ मांस होने का शक केवल गरीब मुसलमानों पर कहर बनकर टूट पड़ते और उनकी हत्या का अपराध करने में नहीं झिझकते भला वे कैसे हिंदू और सनातनी होते हैं।
    सनातन धर्म तो समानता और न्याय का धर्म है फिर मॉब लांचिंग क्यों करते हैं? हत्या करना अपराध तो है ही पाप भी है। क्या उन्हें पाप करते शर्म आती है कभी? फिर किस मुंह से वे हिंदू और सनातनी कहते हैं। कभी खुद के हृदय में झांककर तो देखें। अगर उनकी आत्मा मरी नहीं होगी तो जवाब भीतर से ही मिल जायेगा।
    छत्रपति शिवाजी महाराज के सेनापति मुसलमान, नौ सेना प्रमुख मुसलमान थे।महाराणा प्रताप के सेनापति मुसलमान थे।उन्होंने अपनी जान पर खेलकर महाराणा प्रताप के प्राण बचाए थे, जबकि मुगल सम्राट अकबर के सेनापति जयपुर के राजा मानसिंह ने हल्दीघाटी युद्ध में महाराणा प्रताप की हत्या करने की कोशिश की थी। जयपुर के ही जयसिंह ने औरंगज़ेब की गुलामी की थी और उसका सेनापति बनकर शिवाजी के ऊपर हमला किया और उन्हें बंदी बनाकर उनसे तीस किले मुगलों को सौंपने का समझौता करने को बाध्य किया। आगरा दरबार में लेजाकर शिवाजी की बेइज्जती कराई। मानसिंह और जयसिंह जैसे हिंदू और हिंदुत्व के शत्रुओं के परिजनों को सम्मान देने वाले कैसे किसी को गद्दार होने का सार्टिफिकेट दे सकते हैं?
    क्या जिन नेताओं की बहन बेटियों को मुगलों से शादी कराई गई और बाद में नेताओं ने अपनी बेटियां भतीजियां मुसलमानों से ब्याह दी वे किस मुंह से हिन्दू और सनातन शब्द बोलते हैं? जो लोग हत्या को अपराध और पाप मानते हैं खुद महात्मा गांधी के हत्यारे नाथु राम गोडसे को पूजते हैं। भारत बंटवारे के झूठे आरोप में महात्मा गांधी की हत्या करने वाला क्यों नहीं मोहम्मद अली जिन्ना जिसने अंग्रेजों से मिलकर देश को बांटा उसकी हत्या करने की मर्दानगी दिखाई?
    सच तो यह है कि जर्मन तानाशाह हिटलर के नाज़ीवाद और इटली के तानाशाह मुसोलिनी के फासीवाद को अपना आदर्श मानने वालों से शांति की उम्मीद कैसे रखी जा सकती है। वे भला सनातनधर्म की सहिष्णुता का पालन कैसे कर सकते हैं? सनातनधर्म में नफरत के लिए कोई भी स्थान नहीं है फिर हिंदू मुस्लिम करके वोट की राजनीति करने वालों से प्रेम की उम्मीद कैसे की जा सकती है?

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  • बकरी ईद के पहले बीजेपी नेता किरीट सोमैय्या का बड़ा बयान, बोले “नहीं कटने दूंगा बकरे”

    बकरी ईद के पहले बीजेपी नेता किरीट सोमैय्या का बड़ा बयान, बोले “नहीं कटने दूंगा बकरे”

    Mumbai News: बीजेपी नेता किरीट सोमैय्या ने आरोप लगाते हुए कहा कि एनसीपी शरद पवार, कांग्रेस और उद्धव ठाकरे की वोट जिहाद की सेना ऐसे लोगों को प्रोत्साहित करती है। इस बार मैं खुद ग्राउंड पर हूँ। नहीं काटने दूंगा बकरा .. BJP leader Kirit Somaiya made a big statement before Bakri Eid, said “I will not let goats be slaughtered”

    मुंबई: बकरी ईद के मद्देनजर बीजेपी नेता और पूर्व सांसद किरीट सोमैय्या रहिवासी चालों और इमारतों का दौरा कर रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता रविवार 25 मई को घाटकोपर स्थित मैत्री को-ऑपरेटिव सोसायटी और दामोदर पार्क का दौरा किया। इसी परिसर में बकरा ईद को लेकर पहले भी दो गुटों के बीच विवाद देखने को मिला था। अब एक बार फिर कुछ रहिवासियों का विरोध देखने को मिल रहा है। BJP leader Kirit Somaiya made a big statement before Bakri Eid, said “I will not let goats be slaughtered”

    बकरा नहीं काटने दूंगा ..

    बीजेपी नेता किरीट सोमैय्या ने आरोप लगाते हुए कहा, कि “एनसीपी शरद पवार, कांग्रेस और उद्धव ठाकरे की वोट जिहाद की सेना ऐसे लोगों को प्रोत्साहित करती है। यह सब वोट जिहाद के लिए हो रहा है। अगली बार अगर कोई दहशत फैलाने के लिए ऐसा कोई काम करेगा, यानी बकरा काटेगा तो हम ऐसा नहीं होने देंगे।” BJP leader Kirit Somaiya made a big statement before Bakri Eid, said “I will not let goats be slaughtered”

    किरीट सोमैया हुए हमलावर

    उन्होंने आगे कहा, कि “पिछली बार महानगरपालिका अधिकारियों और माफिया ने पुलिस को धमकी देकर घाटकोपर में बकरा काटा था। इस बार मैं खुद ग्राउंड पर हूं। एनसीपी शरद पवार, उद्धव की सेना या राहुल गांधी की कांग्रेस का यहां पर टारगेट ही है वोट जिहाद करने का।” उन्होंने कहा, “पहलगाम हमले के बाद हमने जो जवाब दिया, वैसा ही अमेरिका में भी वोट जिहाद किया गया। भगवान उन्हें सद्‌बुद्धि दे।” BJP leader Kirit Somaiya made a big statement before Bakri Eid, said “I will not let goats be slaughtered”

    हिजरी कैलेंडर का आखिरी महीना

    ईद उल-अजहा मुस्लिम समुदाय के लोगों के लिए अहम हिस्सा है। इस पर आम बोलचाल की भाषा में बकरा ईद भी कहा जाता है। इस्लामिक कैलेंडर के मुताबिक बकरी ईद का त्योहार जुल हिज्जा (Dhul Hijjah) महीने की दसवीं तारीख को मनाया जाता है, जोकि हिजरी कैलेंडर का 12वां या आखिरी महीना होता है। BJP leader Kirit Somaiya made a big statement before Bakri Eid, said “I will not let goats be slaughtered”

    कब है बकरी ईद ?

    इस साल बकरी ईद का त्योहार 6 या 7 जून को मनाने की संभावना है। इस त्योहार को लेकर तारीख की आधिकारिक घोषणा चांद नजर आने के बाद ही की जाएगी। बकरी ईद का अर्थ सिर्फ जानवरों की कुर्बानी मात्र से नहीं है, बल्कि इसका धार्मिक अर्थ बहुत ही गहरा है। यह पर्व अल्लाह के प्रति समर्पण, त्याग और दान से जुड़ा हुआ है। इसकी मान्यता है कि बकरा ईद पर कुर्बानी के हिस्से को तीन भागों में तकसिम किया जाया है। पहला गरीब और जरूरतमंदों को, दूसरा हिस्सा मित्रों और रिश्तेदारों के लिए और तीसरी हिस्सा अपने घर-परिवार के लिए रखा जाता है। साथ ही ईद की नमाज़ से पहले जकत, फितरे का पैसा निकाला जाता है। जो ज़रूरतमंदों को देकर उनकी मदद की जाती है। BJP leader Kirit Somaiya made a big statement before Bakri Eid, said “I will not let goats be slaughtered”