Tag: Andheri Police

  • अंधेरी पुलिस की बड़ी कार्रवाई: मंदिर–मस्जिद में दान के बहाने ठगी करने वाला ईरानी आरोपी गिरफ्तार, 30 केस का खुलासा

    अंधेरी पुलिस की बड़ी कार्रवाई: मंदिर–मस्जिद में दान के बहाने ठगी करने वाला ईरानी आरोपी गिरफ्तार, 30 केस का खुलासा

    अंधेरी पुलिस ने मंदिर और मस्जिद में दान देने के बहाने सोने की चेन ठगने वाले ईरानी आरोपी वसीम अब्बास सिराज उर्फ वसीम इरानी को गिरफ्तार किया। 2017 से फरार चल रहे इस शातिर पर मुंबई और उपनगरों में 30 ठगी के मामले दर्ज। जानिए पूरा खुलासा।

    मुंबई: अंधेरी इलाके में मंदिर और मस्जिद में दान देने के नाम पर लोगों को झांसा देकर सोने की चेन ठगने वाले एक सराईत आरोपी को आखिरकार अंधेरी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह आरोपी साल 2017 से पुलिस की नजरों से बचता फिर रहा था। उसकी गिरफ्तारी के बाद मुंबई शहर और उपनगरों में दर्ज 30 ठगी के मामलों का खुलासा हुआ है।

    यह कार्रवाई अंधेरी पुलिस स्टेशन की क्राइम डिटेक्शन टीम ने तकनीकी जांच और गुप्त सूचना के आधार पर की।

    कैसे देता था वारदात को अंजाम?

    24 फरवरी 2026 को दर्ज शिकायत के मुताबिक, 8 फरवरी 2026 को दोपहर करीब 2:30 बजे एक अनजान व्यक्ति शिकायतकर्ता के पास आया। उसने कहा,
    “इधर किधर मस्जिद है क्या? मैंने नया सोने का दुकान शुरू किया है, मस्जिद में खैरात देना है।”

    उसने 500-500 रुपये की दो नोटें शिकायतकर्ता को दीं और गले की सोने की चेन उन नोटों में लपेटने को कहा। नोटों में चेन लपेटने के बहाने वह 71 तोला वजन की सोने की चेन लेकर फरार हो गया।

    इस मामले में अंधेरी पुलिस स्टेशन में गु.र.क्र. 68/26 धारा 318(4) बीएनएस के तहत केस दर्ज किया गया।

    तकनीकी जांच से आरोपी तक पहुंची पुलिस

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    मामले की गंभीरता को देखते हुए अंधेरी पुलिस की क्राइम ब्रांच टीम ने टेक्निकल सर्विलांस और फील्ड इनपुट के जरिए आरोपी का लोकेशन ट्रैक किया।

    आखिरकार उसे अडीवली, कल्याण पूर्व, ठाणे इलाके से शातिराना तरीके से गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने कई वारदात कबूल कीं।

    आरोपी की पहचान

    गिरफ्तार आरोपी का नाम:
    वसीम अब्बास सिराज उर्फ वसीम जाफरी उर्फ वसीम इरानी

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    पता:
    रूम नं. 103, ब्राइट बिल्डिंग, गणेश चौक के पास, अडीवली, कल्याण पूर्व, ठाणे
    मूल पता: इंदिरानगर, संतोषी माता मंदिर रोड, वाल्मिकि स्कूल के पास, अटाली, आंबिवली, कल्याण, ठाणे

    गिरफ्तारी दिनांक: 17 फरवरी 2026
    फिलहाल आरोपी न्यायालयीन हिरासत में है।

    2017 से दर्ज हैं कई गंभीर मामले

    आरोपी पर पहले से कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें चोरी और ठगी के केस शामिल हैं। उसके खिलाफ निम्न पुलिस थानों में केस दर्ज रहे हैं:

    • वाकोला पुलिस स्टेशन (मुंबई) – धारा 379, 34
    • मानगांव पुलिस स्टेशन (रायगढ़) – धारा 420
    • पोलादपुर पुलिस स्टेशन (रायगढ़) – धारा 420, 406, 34
    • कर्जत पुलिस स्टेशन
    • पहाड़ी शरीफ पुलिस स्टेशन (तेलंगाना)
    • शिवाजीनगर पुलिस स्टेशन (मुंबई)
    • टिलक नगर पुलिस स्टेशन (मुंबई)
    • भुसावल रेलवे पुलिस (जलगांव)
    • मुंब्रा पुलिस स्टेशन (ठाणे)
    • कासारवडवली पुलिस स्टेशन
    • महिधरपुरा पुलिस स्टेशन (सूरत)

    इन सभी मामलों में आरोपी पर चोरी (Theft), धोखाधड़ी (Cheating), आपराधिक विश्वासघात (Criminal Breach of Trust) जैसी धाराएं लगी थीं।

    मुंबई में 30 केस का खुलासा

    अंधेरी पुलिस की पूछताछ में मुंबई और उपनगरों के कुल 30 केस का खुलासा हुआ। इनमें प्रमुख रूप से निम्न पुलिस स्टेशन शामिल हैं:

    • अंधेरी पुलिस स्टेशन
    • ट्रॉम्बे पुलिस स्टेशन
    • एमआईडीसी पुलिस स्टेशन
    • विले पार्ले पुलिस स्टेशन
    • दहिसर पुलिस स्टेशन
    • जोगेश्वरी पुलिस स्टेशन
    • वर्सोवा पुलिस स्टेशन
    • दिंडोशी पुलिस स्टेशन
    • वनराई पुलिस स्टेशन
    • कुरार पुलिस स्टेशन
    • मेघवाड़ी पुलिस स्टेशन

    इन सभी जगहों पर मंदिर/मस्जिद में दान देने का बहाना बनाकर बुजुर्गों और महिलाओं को निशाना बनाया गया।

    पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका

    यह सफल कार्रवाई मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती के मार्गदर्शन में की गई।

    साथ ही पुलिस सह आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) सत्यनारायण, अपर पुलिस आयुक्त पश्चिम प्रादेशिक विभाग परमजीत सिंह दहिया, पुलिस उपायुक्त दत्ता नलावड़े (परिमंडल 10), सहायक पुलिस आयुक्त गजानन पवार (अंधेरी डिवीजन) के मार्गदर्शन में टीम ने काम किया।

    वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक उमेश मरचिडर और पुलिस निरीक्षक (गुन्हे) विनोद पाटिल की देखरेख में
    पुलिस उपनिरीक्षक किशोर परकाले, समाधान मुंगे, स. फौजदार पेडणेकर, कांबळे, पुजारी, घडवले, शिंदे, पाटील, म्हात्रे, गवली, लोंढे, राके, तिघोटे, घुले, नरबट, मोरे और तकनीकी सहायता में विशाल पिसाळ ने यह ऑपरेशन सफल बनाया।

    जनता के लिए जरूरी चेतावनी

    • अजनबी व्यक्ति अगर मंदिर/मस्जिद में दान या सोना दिखाकर बात करे तो सतर्क रहें
    • किसी भी हालत में अपनी चेन या गहने हाथ में न दें
    • तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन में सूचना दें
    • बुजुर्गों और महिलाओं को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए

    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. आरोपी कितने साल से फरार था?
    साल 2017 से आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर था।

    Q2. आरोपी किस तरह ठगी करता था?
    मंदिर/मस्जिद में दान देने के बहाने सोने की चेन नोटों में लपेटने को कहकर फरार हो जाता था।

    Q3. कितने केस का खुलासा हुआ?
    मुंबई शहर और उपनगरों में कुल 30 मामलों का खुलासा हुआ।

    Q4. आरोपी अभी कहां है?
    फिलहाल न्यायालयीन हिरासत में है।

  • मंदिर जाने वाले बुजुर्गों को ठगने वाला सीरियल ठग को Andheri Police इगतपुरी स्टेशन से दबोचा

    मंदिर जाने वाले बुजुर्गों को ठगने वाला सीरियल ठग को Andheri Police इगतपुरी स्टेशन से दबोचा

    मंदिर जाने वाले वरिष्ठ नागरिकों को ठगने वाला शातिर ठग Andheri police के हत्थे चढ़ा, 40 से ज्यादा वारदातों का खुलासा, इगतपुरी स्टेशन से गिरफ्तारी।

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई शहर और आसपास ठाणे, नवी मुंबई, नासिक और इगतपुरी में मंदिर जाने वाले बुजुर्गों को निशाना बनाकर ठगी करने वाले एक शातिर सीरियल ठग को Andheri police ने गिरफ्तार किया है। आरोपी फर्जी नाम और धार्मिक बहाने का इस्तेमाल कर वरिष्ठ नागरिकों का भरोसा जीतता था और सोने के गहने लेकर फरार हो जाता था। पुलिस ने 50 वर्षीय आरोपी अनवर अब्दुल हमीद शेख को इगतपुरी रेलवे स्टेशन से दबोचा है, जो अब तक 40 से ज्यादा ठगी की वारदातों में शामिल पाया गया है।

    👤 कौन है गिरफ्तार आरोपी

    गिरफ्तार आरोपी की पहचान अनवर अब्दुल हमीद शेख (50) के रूप में हुई है। वह कुरला वेस्ट के कुरैशी नगर स्थित सोनाजी चाल का रहने वाला है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी खुद को अलग-अलग नामों से पहचान कराता था, जैसे — श्याम, राम, गणेश, महेश, रमेश और सुरेश, ताकि लोग उस पर शक न करें।

    🎯 बुजुर्ग मंदिर-भक्त बनते थे आसान शिकार

    पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी खासतौर पर ऐसे वरिष्ठ नागरिकों को टारगेट करता था जो रोज़ मंदिर जाते थे। वह उन्हें फॉलो करता, बातचीत शुरू करता और खुद को धार्मिक और भरोसेमंद दिखाता था। उसकी पूरी योजना बुजुर्गों की आस्था और सरलता का फायदा उठाने पर आधारित थी।

    🪔 ठगी का तरीका: दान और पूजा का झांसा

    पुलिस के अनुसार, आरोपी खुद को कटलरी का कारोबारी बताता और दावा करता कि अब उसका खुद का शोरूम है। इसके बाद वह पीड़ित को ₹5000 देते हुए कहता कि वह यह रकम भगवान को चढ़ाना चाहता है।
    फिर वह एक और चाल चलता — वह कहता कि पूजा के लिए उसके पास सोना नहीं है और पीड़ित से अपना सोना लाने को कहता।

    🧣 रुमाल में बदल देता था सोना और नकद

    आरोपी पीड़ित के सोने को नोटों के साथ एक रुमाल में लपेटता और कहता कि इसे सीधे मंदिर में ही खोलना चाहिए। लेकिन इसी दौरान वह बड़ी सफाई से सोने और पैसों को कागज़ से बदल देता और मौके से गायब हो जाता था। जब तक पीड़ित को ठगी का अहसास होता, तब तक आरोपी दूर निकल चुका होता था।

    📍 अंधेरी में सामने आई बड़ी वारदात

    15 जुलाई को अंधेरी में इसी तरह की एक ठगी सामने आई थी। एक बुजुर्ग मंदिर जा रहे थे, तभी आरोपी ने खुद को ‘राम’ बताकर उनसे दोस्ती की और वही कहानी दोहराई। इस बार आरोपी 28 ग्राम की सोने की चेन लेकर फरार हो गया।

    📹 CCTV से मिली अहम कड़ी

    घटना की जानकारी मिलते ही जांच अधिकारी PSI किशोर पारकले मौके पर पहुंचे और सीसीटीवी फुटेज खंगाले। हालांकि आरोपी का चेहरा साफ नहीं दिखा क्योंकि उसने छाता पकड़ रखा था, लेकिन पुलिस ने अन्य सुरागों के आधार पर जांच जारी रखी।

    🚉 इगतपुरी स्टेशन से हुई गिरफ्तारी

    अंधेरी डिविजन के सहायक पुलिस आयुक्त शशिकांत भोसले ने बताया कि आरोपी मुंबई से फरार हो गया था, लेकिन बार-बार लौट रहा था। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने उसे इगतपुरी रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया।

    📂 40 से ज्यादा मामलों में शामिल, पहले भी जा चुका है जेल

    पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी मुंबई और आसपास के इलाकों में 40 से ज्यादा ठगी के मामलों में शामिल रहा है। वह दिसंबर 2024 में इसी तरह के मामलों में जेल से रिहा हुआ था।
    उसके खिलाफ अंधेरी, वाकोला, सायन, कस्तूरबा मार्ग, वसई और दादर पुलिस स्टेशनों में मामले दर्ज हैं।

    🚨 पुलिस की अपील: सतर्क रहें बुजुर्ग

    पुलिस ने वरिष्ठ नागरिकों से अपील की है कि किसी अजनबी पर भरोसा न करें, खासकर अगर वह धार्मिक या दान-पुण्य का बहाना बनाए। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस को सूचना दें।


    FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. आरोपी को कहां से गिरफ्तार किया गया?
    ➡️ इगतपुरी रेलवे स्टेशन से।

    Q2. आरोपी किस तरह ठगी करता था?
    ➡️ दान-पूजा के बहाने सोना और नकद लेकर फरार हो जाता था।

    Q3. कितने मामलों में आरोपी शामिल है?
    ➡️ 40 से ज्यादा ठगी के मामलों में।

    Q4. आरोपी पहले भी जेल जा चुका है?
    ➡️ हां, दिसंबर 2024 में इसी तरह के अपराध में।

  • अंधेरी पुलिस ने स्पोर्ट्स बाइक चोर गिरोह पकड़ा, 9 बाइक बरामद

    अंधेरी पुलिस ने स्पोर्ट्स बाइक चोर गिरोह पकड़ा, 9 बाइक बरामद

    मुंबई के अंधेरी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए स्पोर्ट्स बाइक चोरी करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने करीब 18 लाख रुपये की 9 चोरी की बाइक बरामद कर मुंबई, उपनगर और नवी मुंबई के 9 मामलों का खुलासा किया है।

    मुंबई: शहर में लगातार बढ़ रही दोपहिया वाहन चोरी की घटनाओं के बीच अंधेरी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। अंधेरी पुलिस स्टेशन की क्राइम डिटेक्शन टीम ने स्पोर्ट्स बाइक चोरी करने वाले तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर करीब 18 लाख रुपये की 9 महंगी बाइक बरामद की हैं। इस कार्रवाई से मुंबई शहर, मुंबई उपनगर और नवी मुंबई में दर्ज कुल 9 चोरी के मामलों का खुलासा हुआ है।

    कैसे सामने आया मामला

    पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता ने अंधेरी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि 13 जनवरी 2026 की रात 10 बजे से 14 जनवरी 2026 सुबह 9 बजे के बीच उनकी रॉयल एनफील्ड क्लासिक 350 (MH 02 CU 8883) बाइक चोरी हो गई।
    यह बाइक बीएमसी कार्यालय के पीछे, गुंदवली, अंधेरी पूर्व में पार्क की गई थी।
    शिकायत के आधार पर अंधेरी पुलिस स्टेशन में गु.र.क्र. 27/26 भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 303(2) के तहत मामला दर्ज किया गया।

    तकनीकी जांच और गुप्त जानकारी से मिली सफलता

    मामले की गंभीरता को देखते हुए अंधेरी पुलिस की गुन्हे प्रकटीकरण (क्राइम डिटेक्शन) टीम ने तकनीकी जांच शुरू की।
    सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और गुप्त मुखबिरों की मदद से पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी संघर्षनगर, साकीनाका इलाके के रहने वाले हैं और रात के समय घर नहीं आते थे।

    लगातार 2 से 3 रात तक जाल बिछाकर पुलिस ने तीनों आरोपियों को बड़ी ही चतुराई से हिरासत में लिया।

    पूछताछ में खुले 9 चोरी के मामले

    पुलिस हिरासत में गहन पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्पोर्ट्स बाइक चोरी की कई वारदातों को कबूल किया।
    उनकी निशानदेही पर पुलिस ने मुंबई शहर, मुंबई उपनगर और नवी मुंबई में दर्ज 9 अलग-अलग चोरी के मामलों से जुड़ी बाइक बरामद की।

    गिरफ्तार आरोपियों के नाम और पते

    1) ओमकार सुनील फासगे (22 वर्ष)
    पेशा: रिक्शा चालक
    निवासी: रूम नं. 506, एफ विंग, बिल्डिंग नं. 19, नवकांति सोसायटी, संघर्षनगर, चांदीवली फार्म रोड, साकीनाका, मुंबई – 72

    2) सागर राहुल गायकवाड (19 वर्ष)
    पेशा: बेरोजगार
    निवासी: महेंद्र कंपाउंड, हरि मस्जिद के पीछे, संघर्षनगर, चांदीवली, साकीनाका, मुंबई

    3) कार्तिक विष्णु म्हस्के (18 वर्ष)
    पेशा: छात्र
    निवासी: रूम नं. 305, डी विंग, बिल्डिंग नं. 25, संघर्षनगर, चांदीवली फार्म रोड, साकीनाका, मुंबई – 72

    बरामद की गई 9 स्पोर्ट्स बाइक (कुल कीमत लगभग ₹18 लाख)

    • रॉयल एनफील्ड क्लासिक 350 – अंधेरी (₹2 लाख)
    • रॉयल एनफील्ड क्लासिक 350 – विले पार्ले (₹2 लाख)
    • रॉयल एनफील्ड क्लासिक 350 – खारघर (₹2 लाख)
    • रॉयल एनफील्ड क्लासिक 350 – एंटॉप हिल (₹2 लाख)
    • पल्सर NS 400 – भांडुप (₹3.5 लाख)
    • यामाहा MT-15 – भांडुप (₹1.5 लाख)
    • केटीएम ड्यूक – काळाचौकी (₹2 लाख)
    • यामाहा MT-15 – घाटकोपर (₹1.5 लाख)
    • यामाहा RX 100 – परळ (₹1.5 लाख)

    अंधेरी पुलिस की सराहनीय कार्रवाई

    इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में किया गया।
    यह सफलता मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती, संयुक्त आयुक्त सत्यनारायण, अपर आयुक्त परमजीत सिंह दहिया, डीसीपी दत्ता नलावडे, एसीपी गजानन पवार के मार्गदर्शन में हासिल हुई।

    अंधेरी पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ निरीक्षक उमेश मचिंदर, क्राइम इंस्पेक्टर विनोद पाटील और उनकी टीम के अधिकारियों व कर्मचारियों ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1: अंधेरी पुलिस ने कितने आरोपियों को गिरफ्तार किया?
    👉 तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

    Q2: कुल कितनी बाइक बरामद हुई हैं?
    👉 कुल 9 स्पोर्ट्स बाइक।

    Q3: बरामद बाइकों की कीमत कितनी है?
    👉 करीब ₹18 लाख।

    Q4: ये चोरी की घटनाएं कहां-कहां हुई थीं?
    👉 मुंबई शहर, मुंबई उपनगर और नवी मुंबई।

    Q5: आरोपियों पर कौन-सी धाराएं लगी हैं?
    👉 भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 303(2) के तहत

  • Mumbai: वेज की जगह चिकन टाको दिया तो FIR दर्ज

    Mumbai: वेज की जगह चिकन टाको दिया तो FIR दर्ज

    मुंबई के अंधेरी में एक स्टूडेंट को पिज्जा आउटलेट ने वेज पनीर टाको की जगह चिकन परोस दिया। शिकायत के बाद पुलिस ने मैनेजर और स्टाफ पर FIR दर्ज कर दी है। Mumbai: FIR lodged for serving chicken taco instead of veg

    मुंबई: अंधेरी इलाके के एक पिज्जा आउटलेट पर बड़ा बवाल खड़ा हो गया है। एक 23 वर्षीय स्टूडेंट ने आरोप लगाया कि उसने वेज पनीर टाको ऑर्डर किया था लेकिन उसे डिलीवरी में चिकन टाको सर्व कर दिया गया। मामला इतना बढ़ा कि पुलिस तक पहुंच गया और अब आउटलेट मैनेजर और एक स्टाफ पर केस दर्ज किया गया है। Mumbai: FIR lodged for serving chicken taco instead of veg

    📌 कैसे शुरू हुआ मामला?

    जानकारी के मुताबिक, स्टूडेंट जो डेटा साइंस की पढ़ाई कर रहा है, 26 अगस्त की रात करीब 9 बजे उसने ऑनलाइन क्लासेस के दौरान घर पर पिज्जा आउटलेट से खाना मंगवाया। उसने वेज पनीर टाको और मैक्सिकन टाको ऑर्डर किया।

    जब ऑर्डर आया, उसने पहला बाइट लिया तो उसे स्वाद कुछ अजीब लगा। तुरंत जांच करने पर पता चला कि टाको में पनीर नहीं बल्कि चिकन था। चूंकि वह सख्त शाकाहारी है, यह गलती उसे बहुत अखर गई। Mumbai: FIR lodged for serving chicken taco instead of veg

    📞 मैनेजर से शिकायत और माफी

    स्टूडेंट ने तुरंत आउटलेट मैनेजर को फोन किया। मैनेजर ने इस गलती के लिए माफी मांगी और आश्वासन दिया कि ऐसा दोबारा नहीं होगा। लेकिन स्टूडेंट ने इसे सिर्फ “माफ़ी” तक सीमित नहीं रखा और कानून का सहारा लेने का फैसला किया।

    🚔 FIR दर्ज, पुलिस जांच में जुटी

    अगले दिन यानी 27 अगस्त को छात्र ने अंधेरी पुलिस स्टेशन जाकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मैनेजर और उस स्टाफ के खिलाफ FIR दर्ज की जिसने यह ऑर्डर तैयार किया था। Mumbai: FIR lodged for serving chicken taco instead of veg

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जा रहा है कि डिश बदलने की गलती लापरवाही थी या जानबूझकर किया गया। फिलहाल, मामला जांच के अधीन है। Mumbai: FIR lodged for serving chicken taco instead of veg

    🥗 शाकाहारी-नॉनवेज विवाद और संवेदनशीलता

    मुंबई जैसे महानगर में जहां वेज और नॉनवेज खाने वालों की बड़ी तादाद है, वहां इस तरह का मिक्सअप गंभीर विवाद खड़ा कर सकता है। कई लोग धार्मिक और व्यक्तिगत कारणों से नॉनवेज नहीं खाते। ऐसे में गलती से भी नॉनवेज परोसना एक बड़ी लापरवाही मानी जाती है। Mumbai: FIR lodged for serving chicken taco instead of veg

    ⚖️ सोशल मीडिया पर चर्चा

    यह मामला सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है। कुछ लोग स्टूडेंट के फैसले का समर्थन कर रहे हैं तो कुछ का कहना है कि यह आउटलेट की मानवीय गलती हो सकती है। लेकिन ज्यादातर यूज़र्स का कहना है कि फूड इंडस्ट्री में इतनी लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती। Mumbai: FIR lodged for serving chicken taco instead of veg

    विश्वासघात का मामला

    यह घटना सिर्फ एक स्टूडेंट और पिज्जा आउटलेट का मामला नहीं है, बल्कि यह पूरे फूड इंडस्ट्री के लिए चेतावनी है कि ग्राहक की डिमांड और उनकी डाइटरी प्राथमिकताओं का सम्मान करना बेहद ज़रूरी है। छोटी-सी गलती भी विश्वास तोड़ सकती है और कानूनी कार्रवाई तक ले जा सकती है। Mumbai: FIR lodged for serving chicken taco instead of veg