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  • ट्रैफिक जाम ने ली एक महिला की जान, 3 घंटे तक फंसी रही एम्बुलेंस

    ट्रैफिक जाम ने ली एक महिला की जान, 3 घंटे तक फंसी रही एम्बुलेंस

    महाराष्ट्र में स्वास्थ्य सेवाओं की कमी और ट्रैफिक जाम की समस्या से जूझ रहें लोगों दर्द आखिरकार एक महिला को अपनी जान गवां कर प्रकाश में लाना पड़ा है। जबकि लगातार हो रही जनता की मांगों पर सरकार को ध्यान देने की जरुरत है। Traffic jam took the life of a woman, ambulance was stuck for 3 hours

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई:
    पालघर से मुंबई के बीच एक महिला की मौत ने पूरे ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम और यहां की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खोलकर रख दी है। एक साधारण सी दुर्घटना और अस्पताल तक पहुचने में 49 वर्षीय छाया पुरव की मौत हो गई। कारण 3 घंटो तक एम्बुलेंस ट्रैफिक मे फंसा रहा और अस्पताल तक पहुंच ही नही पाया कि छाया ने दम तोड़ दिया। पति लगातार एम्बुलेंस में बैठे बैठे डॉक्टरों के संपर्क में था। पर ट्रैफिक मे फंसे होने की वजह से बेबस और लाचार अपनी पत्नी को निहारता और दिलासा देता रहा और छाया ने दम तोड़ दिया। Traffic jam took the life of a woman, ambulance was stuck for 3 hours

    पेड़ की टहनी गिरने से हुआ हादसा

    31 जुलाई को पालघर के अपने घर के पास खड़ी छाया पूरव के सिर पर अचानक एक भारी पेड़ की टहनी गिर गई। इस हादसे में उनके सिर, कंधे और रीढ़ की हड्डी पर गंभीर चोटें आई। स्थानीय लोगों ने तुरंत उन्हें नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने बताया कि इतनी गंभीर चोटों के लिए यहां जरूरी सेवाएं नही है, पूरे पालघर जिले में इस तरह के अपघात पर इलाज हो पाना मुश्किल है। मजबूरी में पीड़ित के परिजनों को उन्हें मुंबई के हिंदुजा अस्पताल रेफर करना पड़ा। Traffic jam took the life of a woman, ambulance was stuck for 3 hours

    हाईवे पर हुआ मौत से जंग

    2 अगस्त की दोपहर करीब 3 बजे छाया पूरव को एम्बुलेंस के जरिए मुंबई के लिए रवाना किया गया। सामान्य परिस्थितियों में पालघर से मुंबई 100 किलोमीटर का सफर लगभग 2 घंटे में तय हो सकता था। लेकिन जैसे ही NH-48 Mumbai-Ahmedabad Highway पर एम्बुलेंस पहुंची, वहां लंबा और भारी ट्रैफिक जाम लगा हुआ था, गाड़ियां रेंग-रेंगकर चल रही थीं। एम्बुलेंस के ड्राइवर ने कई बार हॉर्न और सायरन बजाकर रास्ता बनाने की कोशिश की, लेकिन जाम इतना था कि गाड़ियां किनारे नहीं हो पा रहीं थी। मरीज की हालत धीरे-धीरे बिगड़ती जा रही थी, लेकिन जाम के आगे सब बेबस थे। Traffic jam took the life of a woman, ambulance was stuck for 3 hours

    3 घंटो तक जाम में फंसे रहे

    शाम 6 बजे तक एम्बुलेंस सिर्फ 70 किलोमीटर का ही सफर तय कर पाई। यानी तीन घंटे बाद भी मरीज मुंबई के अस्पताल से काफी दूर थी। इस बीच छाया पूरव की हालत गंभीर होती चली गई। उनके पति, जो एम्बुलेंस में साथ थे, डॉक्टरों से लगातार फोन पर बात कर रहे थे, लेकिन स्थिति बिगड़ने के कारण उन्हें मीरा रोड के ऑर्बिट अस्पताल में भर्ती करने का फैसला किया गया। Traffic jam took the life of a woman, ambulance was stuck for 3 hours

    मिरारोड पहुंचाने से पहले हो गई मौत

    हिंदुजा अस्पताल से सिर्फ 30 किलोमीटर पहले ऑर्बिट अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें तुरंत जांचा, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनकी मौत ने परिवार को गहरा सदमा दे दिया और यह सवाल छोड़ दिया कि अगर ट्रैफिक जाम न होता या पालघर में बेहतर आपातकालीन स्वास्थ्य देखभाल सुविधाएं होतीं, तो शायद उनकी जान बच सकती थी। Traffic jam took the life of a woman, ambulance was stuck for 3 hours

    महाराष्ट्र में ट्रैफिक और स्वास्थ्य समस्याओं पर सवाल

    यह घटना कई गंभीर सवाल खड़ा कर गई – क्यों पालघर जैसे बड़े जिले में ट्रॉमा सेंटर की सुविधा नहीं है? क्यों हाईवे पर आपातकालीन वाहन के लिए अलग ग्रीन कॉरिडोर नहीं बनाया जाता? क्यों हमारी यातायात प्रबंधन प्रणाली इतनी कमजोर है कि जान बचाने वाली गाड़ियां भी जाम में फंस जाती हैं? आपातकालीन चिकित्सा सहायता में समय की कीमत जिंदगी से ज्यादा कुछ नहीं हो सकती। यह घटना सरकार और प्रशासन के लिए चेतावनी है कि तुरंत ट्रैफिक और हेल्थकेयर व्यवस्था में सुधार की जरूरत है। Traffic jam took the life of a woman, ambulance was stuck for 3 hours

    सिस्टम में बदलाव की जरूरत

    विशेषज्ञों का मानना है कि राजमार्ग आपातकालीन प्रबंधन को अपग्रेड करना, एम्बुलेंस ट्रैकिंग सिस्टम लागू करना और जन जागृती बढ़ाना बेहद जरूरी है। लोगों को भी यह समझना होगा कि जब एम्बुलेंस की सायरन सुनाई दे, तो तुरंत रास्ता दे देना चाहिए। यह सिर्फ कानून कायदा ही नहीं, बल्कि इंसानियत का कानून भी है। Traffic jam took the life of a woman, ambulance was stuck for 3 hours

  • Mumbai: बिना उद्घाटन के खुल गया विक्रोली फ्लाईओवर ब्रिज, यात्रियों को होगी समय की बचत

    Mumbai: बिना उद्घाटन के खुल गया विक्रोली फ्लाईओवर ब्रिज, यात्रियों को होगी समय की बचत

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने कहा, कि चल रहे मानसून को ध्यान में रखते हुए फ्लाईओवर ब्रिज को शाम 4 बजे से बिना किसी औपचारिक उद्घाटन के चालू कर दिया गया है। लोगों को इससे मदद मिलेगी और यहां होने वाली ट्रैफिक की समस्या भी खत्म। Mumbai: Vikhroli flyover bridge opened without inauguration, passengers will save time

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    नवनिर्मित विक्रोली फ्लाईओवर की तस्वीर

    मुंबई: विक्रोली ईस्ट और वेस्ट को जोड़ने वाले नवनिर्मित रोड फ्लाई ओवरब्रिज (ROB) को शनिवार दोपहर बिना किसी औपचारिक उद्घाटन या समारोह के यात्रियों के लिए खोल दिया गया है। बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने एक बयान में इसकी जानकारी देते हुए कहा, कि चल रहे मानसून को ध्यान में रखते हुए और यात्रियों को होने वाली असुविधा को रोकने के लिए फ्लाईओवर ब्रिज को शाम 4 बजे चालू कर दिया गया है। Mumbai: Vikhroli flyover bridge opened without inauguration, passengers will save time

    मुख्यमंत्री का था आदेश

    बीएमसी बयान के मुताबिक, “फ्लाईओवर का काम 31 मई की निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा हो गया था। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने निर्देश दिया था कि पुल को किसी औपचारिक उद्घाटन की प्रतीक्षा किए बिना खोल दिया जाए।” इसके साथ ही शुक्रवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पुल को यात्रियों के लिए खोलने की घोषणा की थी। फडणवीस ने सोशल मीडिया पर पुल के ढांचे का एक वीडियो साझा करते हुए लिखा था, कि मानसून के दौरान यात्रियों को इस क्षेत्र में ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ता है, और इसलिए, सरकार ने आदेश दिया है कि आधिकारिक समारोह की प्रतीक्षा किए बिना फ्लाईओवर को जनता के लिए खोल दिया जाए। Mumbai: Vikhroli flyover bridge opened without inauguration, passengers will save time

    कहां पर बना विक्रोली फ्लाईओवर ब्रिज

    यह फ्लाईओवर विक्रोली स्टेशन के पश्चिमी किनारे पर स्थित लाल बहादुर शास्त्री (LBS) रोड को पटरियों के पूर्वी किनारे पर स्थित ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे से जोड़कर बढ़ते उपनगर में एक महत्वपूर्ण सड़क संपर्क प्रदान करता है। इस पुल के शुरू होने से विक्रोली और आसपास के इलाकों में यातायात का दबाव कम होगा और लोगों को सफर में करीब 30 मिनट तक का समय बचेगा। खासकर दफ्तर आने-जाने वाले यात्रियों को इसका सीधा फायदा मिलेगा। अब तक विक्रोली में रेलवे रूट के आसपास लगने वाले जाम के कारण लोगों को काफी परेशानी होती थी। लेकिन इस फ्लाईओवर ब्रिज के शुरू होते ही न केवल ट्रैफिक की समस्या खत्म होगी, बल्कि एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और अन्य आपातकालीन सेवाओं को भी जल्दी पहुंचने में मदद मिलेगी। Mumbai: Vikhroli flyover bridge opened without inauguration, passengers will save time

    ब्रिज की खासियत

    खबर के मुताबिक, बीएमसी ने कहा कि फ्लाईओवर 12 मीटर चौड़ा और 615 मीटर लंबा है। परियोजना को तीन चरणों में पूरा किया गया, जिसमें स्पैन के 18 गर्डरों को रखा गया है। कुल 19 खंभे लगाए गए हैं, जिनमें से 12 पूर्वी तरफ और सात पश्चिमी तरफ स्थित हैं। Mumbai: Vikhroli flyover bridge opened without inauguration, passengers will save time

    मुख्यमंत्री का प्रयास

    मुख्यमंत्री फडणवीस ने शुक्रवार को कहा, कि “मैंने 2018 में मुख्यमंत्री रहते हुए इस काम का आदेश दिया था। इस पर 104.77 करोड़ रुपये खर्च हुए। आगामी बारिश के मद्देनजर मुंबईकरों को किसी भी असुविधा से बचाने के लिए, हमने बृहन्मुंबई महानगर पालिका आयुक्त और पुलिस को शनिवार, 14 जून, 2025 से इस पुल को यातायात के लिए खोलने का निर्देश दिया है।” Mumbai: Vikhroli flyover bridge opened without inauguration, passengers will save time