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  • Mumbai: BMC के सरकारी कर्मचारियों को मिली चेतावनी

    Mumbai: BMC के सरकारी कर्मचारियों को मिली चेतावनी

    सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों की आमदनी तो बढ़ा दी गई। लेकिन अब भी ये लोग गरीबी रेखा का हवाला देकर लाभ कमा रहे हैं। इसके खिलाफ सख्त होते हुए बीएमसी ने एक सर्कुलर जारी कर दिया है। Mumbai: BMC government employees received warning

    मुबई: बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने अपने स्थायी कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए एक कड़ा निर्देश जारी किया है। इसके तहत, जिन भी कर्मचारियों या अधिकारियों के पास केसरी राशन कार्ड हैं, उन्हें अब उसे बदलकर सफेद राशन कार्ड बनवाना होगा। ऐसा नही करने पर उन अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई के भी निर्देश दिए हैं। Mumbai: BMC government employees received warning

    क्यों की जा रही है सख्ती?

    बीएमसी प्रशासन द्वारा जारी सर्कुलर में स्पष्ट किया गया है कि कर्मचारियों को अपने पास मौजूद राशन कार्ड के रंग की जानकारी अपने विभाग प्रमुख के पास जमा करनी होगी। यह निर्देश इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि केसरी राशन कार्ड आर्थिक रूप से कमजोर (EOW) तबके के परिवारों को जारी किया जाता है। इस कार्ड पर लाभार्थियों को गेहं, चावल, चीनी जैसे आवश्यक खाद्यान्न रियायती दरों पर मिलते हैं। इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना और आयुष्मान भारत योजना का लाभ भी इन्हीं कार्ड धारकों को मिलता है। गौरतलब हैं कि पीले कार्ड गरीब परिवारों के लिए होते हैं, जबकि सफेद कार्ड उच्च आय वर्ग के लिए जारी किए जाते हैं। Mumbai: BMC government employees received warning

    सर्कुलर मे क्या कहा?

    सर्कुलर के अनुसार, राष्ट्रय खाद्य सूरक्षा अधिनियम, 2013 के तहत सरकार केवल उन्हीं लोगों को खाद्यान्न उपलब्ध कराती है। जिनकी वार्षिक आय 59.000 रुपये या उससे कम है। महाराष्टू राज्य में सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद, बीएमसी के ग्रुप ‘सी’ और ग्रूप ‘डी’ श्रेणी के कर्मचारियों का न्यूनतम मासिक वेतन क्रमशः 18.000 रुपये और 15.000 रुपये है। इस आय-सीमा को देखते हुए, बीएमसी के ये कर्मचारी केसरी राशन कार्ड के लाभ के पात्र नहीं हैं। Mumbai: BMC government employees received warning

    म्यूनिसिपल मजदूर यूनियन के संयुक्त सचिव प्रदीप नारकर ने बीएमसी द्वारा सर्कुलर जारी होने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि सर्कुलर में साफ लिखा है कि यदि कोई कर्मचारी या अधिकारी केसरी राशन कार्ड नही बदलवाता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। नारकर ने यह भी कहा कि सभी कर्मचारी इस सर्कुलर का पालना करंगे। Mumbai: BMC government employees received warning

  • बकरा ईद पर बकरे की कुर्बानी देने की प्रथा पर शक्ति प्रयोग क्यों?

    बकरा ईद पर बकरे की कुर्बानी देने की प्रथा पर शक्ति प्रयोग क्यों?

    • मंदिरों में बलि देने की परंपरा को बंद कर उदाहरण प्रस्तुत करे सरकार
    • सुप्रीम कोर्ट के आदेश स्वीकार कर मुसलमानों ने नजीर पेश की
    • भारतीय संविधान कानून और न्यायालय में विश्वास रखते हैं भारत के मुसलमान

    डिजिटल डेस्क
    हिंदू हिंदुत्व के ठेकेदार बनने वाले आरएसएस के उपांग बीजेपी, विश्वहिंदू परिषद, बजरंग दल जैसे संगठन भारत के मुसलमानों द्वारा बकरा ईद पर बकरे की कुर्बानी देने की प्रथा बंद करने के लिए शक्ति प्रयोग करने से भी पीछे नहीं हट रहे। उन्हें सबसे पहले हिंदुओं के जिन मंदिरों में जानवरों की बलि देकर उस मांस को प्रसाद के रूप में बांटा जाता है। उन मंदिरों में बलि देने की परंपरा को बंद कर उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए। पहले सत्तर प्रतिशत हिंदुओं के मांस खाने पर प्रतिबंध लगाना चाहिए। फिर मुसलमानों के बकरा बलि को कानून बनाकर रोका जा सकता है। निश्चित ही भारत के मुसलमान इसे स्वीकार करेंगे क्योंकि देश में समानता का व्यवहार माना जाएगा। बाबरी राम जन्मभूमि मामले में सुप्रीमकोर्ट के आदेश को स्वीकार कर मुसलमानों ने नजीर पेश की थी।
    अर्थ है
    भारत के मुसलमान भारतीय संविधान कानून और न्यायालय में विश्वास रखते हैं। अगर संसद ऐसा कानून बनाती है जिसमें किसी भी पशु की बलि यानी हत्या अपराध होगा जिसपर कानूनी अपराध मानकर कोर्ट दंडित करेगी तो निश्चित ही भारत के मुसलमान इससे सहमत होंगे। जहां तक देशप्रेम और देशभक्ति का सवाल है। उसमें भी मुसलमानों ने एकता का प्रदर्शन, पाकिस्तान के विरोध में पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाकर पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए भारतीय सेना और सरकार के साथ खड़े रहे हैं। यहां तक कि मुस्लिम महिला द्वारा ही भारतीय सेना ने सिंदूर ऑपरेशन का नायक बनाया था। प्रेस कांफ्रेंस में भी मुस्लिम और दलित चेहरा सामने लाकर बता दिया था कि भारतीय सेना जाति मजहब को नहीं मानती।वह भारत की रक्षा के लिए अपनी शहादत देती है।
    सेना ने प्रतीकात्मक रूप से संदेश दिया था कि मुसलमानों और दलितों पर अन्याय अत्याचार बंद कर देना होगा। भारत के जिन ग्रुपों को पहलगाम और ऑपरेशन सिंदूर का सच बताने विदेश भेजा गया था उसमें मुस्लिम चेहरा इस्लामिक राष्ट्रों में जबरदस्त संदेश देकर बता दिया कि पाकिस्तान बार बार अपने आतंकी भेजकर भारत में निर्दोष लोगों की हत्या करवाता है। जिससे साफ है कि देश का मुसलमान देश की हिफाजत के लिए पाकिस्तान हो या कोई अन्य राष्ट्र भारत का मुसलमान बलिदान देने को तैयार है। एकजुटता दिखने में मुसलमान पीछे नहीं हटे।
    पहले हिंदूधर्म और अब सनातनधर्म के ठेकेदारों को मालूम होना चाहिए कि सनातन धर्म में किसी भी जीव की हत्या का निषेध करता है।सत्य, प्रेम न्याय और पुण्य को धर्म जानना मानना ही सनातन धर्मी का संकेत है।
    गौ को माता मानने वाले क्यों नहीं उन चार हिंदू जिनके भारत में बड़े बड़े कत्लखाने हैं। जहां लाखों गाएं रोज काटकर उनका मांस विदेश भेजने वाले देशों में दूसरे नंबर पर लाकर खड़ा कर दिया है। जिनसे हिंदुत्व और हिंदू की ठेकेदार बीजेपी सरकार चंदा लेने में संकोच नहीं करती, उन कारखानों को बंद कराने क्यों नहीं जाते? इसलिए कि मोदी सरकार उनके साथ खड़ी है।
    योगीजी क्यों नहीं उन कत्ल खानों में गौ का कटना बंद करा देते? हिम्मत नहीं पड़ती गौ भक्ति की आड में जो बजरंगदल खुद गौ काटकर पूजा स्थल में फेकने पर पकड़े जा चुके हैं। जो गौ मांस होने का शक केवल गरीब मुसलमानों पर कहर बनकर टूट पड़ते और उनकी हत्या का अपराध करने में नहीं झिझकते भला वे कैसे हिंदू और सनातनी होते हैं।
    सनातन धर्म तो समानता और न्याय का धर्म है फिर मॉब लांचिंग क्यों करते हैं? हत्या करना अपराध तो है ही पाप भी है। क्या उन्हें पाप करते शर्म आती है कभी? फिर किस मुंह से वे हिंदू और सनातनी कहते हैं। कभी खुद के हृदय में झांककर तो देखें। अगर उनकी आत्मा मरी नहीं होगी तो जवाब भीतर से ही मिल जायेगा।
    छत्रपति शिवाजी महाराज के सेनापति मुसलमान, नौ सेना प्रमुख मुसलमान थे।महाराणा प्रताप के सेनापति मुसलमान थे।उन्होंने अपनी जान पर खेलकर महाराणा प्रताप के प्राण बचाए थे, जबकि मुगल सम्राट अकबर के सेनापति जयपुर के राजा मानसिंह ने हल्दीघाटी युद्ध में महाराणा प्रताप की हत्या करने की कोशिश की थी। जयपुर के ही जयसिंह ने औरंगज़ेब की गुलामी की थी और उसका सेनापति बनकर शिवाजी के ऊपर हमला किया और उन्हें बंदी बनाकर उनसे तीस किले मुगलों को सौंपने का समझौता करने को बाध्य किया। आगरा दरबार में लेजाकर शिवाजी की बेइज्जती कराई। मानसिंह और जयसिंह जैसे हिंदू और हिंदुत्व के शत्रुओं के परिजनों को सम्मान देने वाले कैसे किसी को गद्दार होने का सार्टिफिकेट दे सकते हैं?
    क्या जिन नेताओं की बहन बेटियों को मुगलों से शादी कराई गई और बाद में नेताओं ने अपनी बेटियां भतीजियां मुसलमानों से ब्याह दी वे किस मुंह से हिन्दू और सनातन शब्द बोलते हैं? जो लोग हत्या को अपराध और पाप मानते हैं खुद महात्मा गांधी के हत्यारे नाथु राम गोडसे को पूजते हैं। भारत बंटवारे के झूठे आरोप में महात्मा गांधी की हत्या करने वाला क्यों नहीं मोहम्मद अली जिन्ना जिसने अंग्रेजों से मिलकर देश को बांटा उसकी हत्या करने की मर्दानगी दिखाई?
    सच तो यह है कि जर्मन तानाशाह हिटलर के नाज़ीवाद और इटली के तानाशाह मुसोलिनी के फासीवाद को अपना आदर्श मानने वालों से शांति की उम्मीद कैसे रखी जा सकती है। वे भला सनातनधर्म की सहिष्णुता का पालन कैसे कर सकते हैं? सनातनधर्म में नफरत के लिए कोई भी स्थान नहीं है फिर हिंदू मुस्लिम करके वोट की राजनीति करने वालों से प्रेम की उम्मीद कैसे की जा सकती है?

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  • खुफिया रिपोर्ट मिलने के बाद भी पहलगाम में हमला कैसे हो गया? प्रधानमंत्री ने रद्द किया था अपना कश्मीर दौरा

    खुफिया रिपोर्ट मिलने के बाद भी पहलगाम में हमला कैसे हो गया? प्रधानमंत्री ने रद्द किया था अपना कश्मीर दौरा

    पहलगाम आतंकी हमले को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री की खुफिया एजेंसियों को जानकारी थी तो हमले से पहले सुरक्षा व्यवस्था क्यों नही की गई? (How did the attack happen in Pahalgam despite receiving intelligence reports? The Prime Minister had cancelled his Kashmir visit)

    नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मंगलवार को दावा किया कि गत 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले से तीन दिन पहले खुफिया रिपोर्ट के आधार पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपना जम्मू-कश्मीर दौरा रद्द कर दिया था। उन्होंने झारखंड की राजधानी रांची में  कांग्रेस की ‘संविधान बचाओ रैली’ को संबोधित करते हुए यह सवाल भी किया, कि इसी खुफिया रिपोर्ट के आधार पर लोगों की सुरक्षा क्यों नहीं की गई? (How did the attack happen in Pahalgam despite receiving intelligence reports? The Prime Minister had cancelled his Kashmir visit)

    कांग्रेस देगा सरकार का साथ

    उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने पहलगाम आतंकी हमले को लेकर खुफिया विफलता की बात स्वीकार की है और ऐसे में उसे 26 लोगों की मौत की जिम्मेदारी भी लेनी चाहिए। खड़गे ने इस बात को दोहराया कि पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ उठाए गए हर कदम का कांग्रेस समर्थन करेगा इसके साथ ही सरकार के साथ खड़ा भी होगा। (How did the attack happen in Pahalgam despite receiving intelligence reports? The Prime Minister had cancelled his Kashmir visit)

    पहलगाम में आतंकी हमला

    बीते 22 अप्रैल को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादियों ने लगभग 26 लोगों की निर्मम हत्या कर दी गई। इनमें ज्यादातर लोग पर्यटक थे। भारत ने इस भयावह घटना के लिए पाकिस्तान से जु़डे आतंकवादी समूहों को जिम्मेदार बताया है। खड़गे ने पहलगाम आतंकी हमले का उल्लेख करते हुए कहा, “22 अप्रैल को देश में एक बहुत बड़ा आतंकी हमला हुआ, जिसमें 26 बेगुनाह लोग मारे गए। सरकार ने यह माना कि ये खुपफिया विफलता है और इसे सुधारने की जरूरत है। उन्होंने सवाल किया, “जब आपको यह (खुफिया विफलता) मालूम है तो पहले ही अच्छी व्यवस्था क्यों नहीं की गई?” (How did the attack happen in Pahalgam despite receiving intelligence reports? The Prime Minister had cancelled his Kashmir visit)

    प्रधानमंत्री कश्मीर क्यों नही गए ?

    खड़गे ने इस बात पर जोर दिया, कि “जब आप चूक को मान रहे हैं तो इतने लोगों की मौत की जिम्मेदारी भी आपको लेनी चाहिए।” उनका कहना था, “पाकिस्तान की आतंकी गतिविधियों के खिलाफ लड़ने के लिए सरकार जो भी कदम उठाएगी, हम उसका पूरा समर्थन करेंगे।” उन्होंने दावा किया, कि “मुझे यह भी सूचना मिली है, अखबारों में भी आया है कि हमले के तीन दिन पहले वहां से खुफिया रिपोर्ट मोदी जी को भेजी गई थी। इसी कारण मोदी जी ने कश्मीर जाने का कार्यक्रम रद्ध किया था।” (How did the attack happen in Pahalgam despite receiving intelligence reports? The Prime Minister had cancelled his Kashmir visit)

    सुरक्षा पर सवाल

    कांग्रेस अध्यक्ष ने सवाल किया, कि जब खुफिया तंत्र के लोगों का कहना था कि प्रधानमंत्री का जाना मुनासिब नहीं है तो यही बात अपनी खुफिया एजैंसियों के लोगों को, सुरक्षा के लोगों को, पुलिस और वहां की सीमा सुरक्षा बल को क्यों नहीं बताई गई और लोगों की सुरक्षा क्यों नहीं की गई? (How did the attack happen in Pahalgam despite receiving intelligence reports? The Prime Minister had cancelled his Kashmir visit)

    प्रधानमंत्री का कश्मीर दौरा

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जम्मू-कश्मीर यात्रा 19 अप्रैल को निर्धारित थी, लेकिन प्रतिकूल मौसम पूर्वानुमान के कारण स्थगित कर दी गई थी। प्रधानमंत्री को दुनिया के सबसे ऊंचे चिनाब रेलवे पुल का उद्घाटन करना था और कटरा से श्रीनगर के लिए वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखानी थी। (How did the attack happen in Pahalgam despite receiving intelligence reports? The Prime Minister had cancelled his Kashmir visit)

    गद्दार ने दागी गोली

    खड़गे ने कहा, “देश सबसे बड़ा है। इसके बाद ही पार्टी, धर्म और जाति आती है। हमने देश के लिए अपनी जान दी है। इंदिरा गांधी जी (पूर्व प्रधानमंत्री) और राजीव गांधी जी (पूर्व प्रधानमंत्री) ने देश को एक रखने के लिए बलिदान दिया है। महात्मा गांधी जी ने तो देश को आजादी दिलाई, लेकिन एक गद्दार ने उनके सीने में गोलियां दाग दी।” (How did the attack happen in Pahalgam despite receiving intelligence reports? The Prime Minister had cancelled his Kashmir visit)

    झारखंड वासियों का धन्यवाद

    कांग्रेस अध्यक्ष ने रैली में इस बात का उल्लेख भी किया कि वह पिछले वर्ष झारखंड में ‘इंडिया’ गठबंधन की सरकार बनने के बाद पहली बार रांची पहुंचे हैं। उन्होंने कहा, “मैं सभी झारखंडवासियों का तहेदिल से शुक्रिया अदा करता हूं। हम सबने आपकी वजह से बहुमत हासिल किया है और आज झारखंड में एक मजबूत सरकार चल रही है। हम सभी जनता से किए वादे निभा रहे हैं। हमारी सरकार के मंत्री, विधायक सभी मिलकर जनता के लिए अच्छे से काम कर रहे हैं। इसके लिए मैं सब को धन्यवाद देता हूं।” (How did the attack happen in Pahalgam despite receiving intelligence reports? The Prime Minister had cancelled his Kashmir visit)

    सरकारी नौकरी

    झारखंड राज्य में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुम) के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार सत्ता चला रही है। जिसमें कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) भी शामिल हैं। खड़गे ने दावा किया कि सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के कर्मचारियों को महीनों तनख्वाह नहीं मिलती है और प्रधानमंत्री मोदी का कहना है कि सभी बहुत सुखी हैं। उन्होंने आरोप लगाया, “नरेन्द्र मोदी की नीति है- पीएसयू बंद करो और दलितों, आदिवासियों और पिछड़ों की नौकरी छीन लो। उनके अनुसार, सरकारी नौकरियों में 30 लाख पद खाली हैं, लेकिन वे भरे नहीं जा रहे। (How did the attack happen in Pahalgam despite receiving intelligence reports? The Prime Minister had cancelled his Kashmir visit)

    भारत के स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका

    कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, “नरेन्द्र मोदी कहते हैं कि देश आर्थिक रूप से मजबूत हो रहा है, लेकिन सच्चाई ये है, कि देश के गरीबों को कुछ नहीं मिल रहा। सिर्फ पेपर में आंकड़े दिखाने से बात नहीं बनेगी, आपको लोगों के लिए काम करना होगा।” खड़गे ने केंद्र पर कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के दुरुपयोग का आरोप लगाया और कहा कि यह सब उस ‘नेशनल हेराल्ड‘ अखबार को कायम रखने के लिए किया गया, जिसने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। (How did the attack happen in Pahalgam despite receiving intelligence reports? The Prime Minister had cancelled his Kashmir visit)

    डराने के लिए ईडी का उपयोग

    उन्होंने कहा, “जनसंघ, आरएसएस के किसी नेता को नहीं, बल्कि जवाहरलाल नेहरू समेत कई कांग्रेस नेताओं को जेल में डाला गया था।अब ये लोग हमें देशभक्ति का पाठ पढ़ा रहे हैं।” खड़गे ने आरोप लगाया कि ईडी जैसी एजेंसियों का विपक्षी नेताओं को डराने के लिए दुरुपयोग किया गया, लेकिन ऐसे लगभग 200 मामलों में केवल दो व्यक्तियों को ही सजा हो सकी। (How did the attack happen in Pahalgam despite receiving intelligence reports? The Prime Minister had cancelled his Kashmir visit)

    भाजपा का पलटवार

    कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने दावा किया कि झारखंड के एक आदिवासी मुख्यमंत्री (हेमंत सौरेन) को गिरफ्तार कराने में प्रधानमंत्री मोदी की भूमिका थी। भाजपा ने खरगे पर पलटवार करते हुए कहा कि पहलगाम आतंकी हमले को लेकर खरगे द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की आलोचना किए जाने का उद्देश्य “सुरक्षाबलों का मनोबल कम करना” है। झारखंड प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि खरगे की टिप्पणी ऐसे महत्वपूर्ण समय पर
    आई है जब “आतंकवाद और पाकिस्तान के खिलाफ लड़ाई निर्णायिक मोड़ पर है।” (How did the attack happen in Pahalgam despite receiving intelligence reports? The Prime Minister had cancelled his Kashmir visit)

  • अब मुम्बई में सफर करना होगा आसान, लोकल ट्रेन, बस, मेट्रो ट्रेन के साथ मोनो रेल पर चलेगा एक ही स्मार्ट कार्ड

    अब मुम्बई में सफर करना होगा आसान, लोकल ट्रेन, बस, मेट्रो ट्रेन के साथ मोनो रेल पर चलेगा एक ही स्मार्ट कार्ड

    मुम्बई में यात्रियों के लिए जल्द ही एक ऐसा स्मार्ट कार्ड लॉन्च होने जा रहा है, जिसके इस्तेमाल से शहर में किसी भी परिवहन सेवा का लाभ उठाया जा सकता है। राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने केंद्रीय रेलमंत्री अश्विणी वैष्णव के साथ मिलकर इसकी घोषणा की। (Now travelling in Mumbai will be easy, same smart card will be used on local train, bus, metro train and mono rail)

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुम्बई-
    देश की आर्थिक राजधानी एवं मायानगरी कही जाने वाली बम्बई वासियों के लिए राहत की खबर है। अब बम्बई में सफर करने के लिए सरकार एक ऐसा डिजिटल स्मार्ट कार्ड लॉन्च करने जा रही है, जिसका इस्तेमाल, कोई भी यात्री अपने सफर के लिए मुंबई की लोकल ट्रेन, मुम्बई मेट्रो, बीइएसटी (BEST) बस और मोनो रेल के लिए कर सकता है। राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विणी वैष्णव के साथ मिलकर मुंबई-1 डिजिटल स्मार्ट कार्ड को जल्द ही लॉन्च करने की घोषणा की। (Now travelling in Mumbai will be easy, same smart card will be used on local train, bus, metro train and mono rail)

    क्या थीं मुसीबतें ?

    बम्बई में सफर के लिए मेट्रो का स्मार्ट कार्ड, ट्रेन का रेलवे पास या बस के लिए अलग पास लेकर चलने की जरूरत यात्रियों को नहीं होगी। किसी भी पास या स्मार्ट कार्ड के खो जाने का डर नहीं भी नही सताएगा। और तो और किसी कारणवश एक कार्ड भी छूट गया तो फिर टिकट की लंबी लाइन में अतिरिक्त रुपए खर्च करने की चिंता भी अब मुंबई के यात्रियों को नहीं होगी। इस नए स्मार्ट कार्ड के लॉन्च होने से लोगों के समय में भी बचत होगी। (Now travelling in Mumbai will be easy, same smart card will be used on local train, bus, metro train and mono rail)

    कार्ड की डिजाइनिंग

    खबरों के मुताबिक, मुम्बई में सार्वजनिक परिवहन के लिए एक ही स्मार्ट कार्ड ‘मुंबई 1’ को जल्द लॉन्च किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया, कि इस कार्ड का इस्तेमाल करते हुए, मुंबईकर मेट्रो, लोकल ट्रेन, मोनो रेल से लेकर बीइएसटी (BEST) बसों तक का सफर कर सकेंगे। बताया जाता है कि इस कार्ड की डिजाइनिंग का काम अभी चल रहा है। (Now travelling in Mumbai will be easy, same smart card will be used on local train, bus, metro train and mono rail)

    कौन कर सकेंगे इसका इस्तेमाल?

    इस कार्ड के लॉन्च होने से मुंबईकरों को अलग-अलग सवारियों के लिए टिकट खरीदने की झंझट से छुटकारा मिलेगा। एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि जो लोग सार्वजनिक परिवहन संसाधनों का इस्तेमाल करते हैं, खास उनके लिए मुंबई-1 स्मार्ट कार्ड को लॉन्च किया जाने वाला है। साथ ही मुंबई के बाहर से आने वाले लोग भी इसका इस्तेमाल कर सकेंगे। (Now travelling in Mumbai will be easy, same smart card will be used on local train, bus, metro train and mono rail)

    सुविधाजनक होगा सफर

    इस कार्ड के लॉन्च होने से लोगों का समय तो बचेगा ही, यात्रा करना भी पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा आसान हो जाएगा। इसके साथ ही बम्बई घूमने के लिए आने वाले लोगों को भी सुविधा मिल सकेगी। मुख्यमंत्री ने कहा, कि आने वाले दिनों में महाराष्ट्र और मुम्बई के निवासियों के लिए यहां का सफर काफी सुविधाजनक होने वाला है। (Now travelling in Mumbai will be easy, same smart card will be used on local train, bus, metro train and mono rail)

    कब मिलेगा स्मार्ट कार्ड

    बताया जाता है, कि इस डिजिटल स्मार्ट कार्ड की डिजाइनिंग का काम अभी चल रहा है, जिसे पूरा होने में लगभग 1 महीने का समय लग सकता है। इसकी डिजाइनिंग का काम पूरा होते ही इसे आम जनता के इस्तेमाल के लिए लॉन्च करने की प्रक्रिया को शुरू कर दिया जाएगा। (Now travelling in Mumbai will be easy, same smart card will be used on local train, bus, metro train and mono rail)

  • शिवशाही बस में एक लड़की के साथ बलात्कार, विपक्ष ने साधा सरकार पर निशाना

    शिवशाही बस में एक लड़की के साथ बलात्कार, विपक्ष ने साधा सरकार पर निशाना

    महाराष्ट्र के पुणे शहर में राज्य परिवहन की एक खड़ी हुई बस में एक व्यक्ति ने 26 वर्षीय लड़की से कथित तौर पर बलात्कार कर दिया है। इस घटना के बाद से विपक्ष सरकार की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर दिया है। (Rape of a girl in Shivshahi bus, opposition targeted the government)

    महाराष्ट्र: पुणे शहर में राज्य परिवहन की एक खड़ी हुई बस में एक व्यक्ति ने 26 वर्षीय लड़की से कथित तौर पर बलात्कार किया है। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी और बताया कि आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड पहले से मौजूद है। मंगलवार की सुबह हुई इस घटना पर विपक्षी दलों के नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने पुणे क्षेत्र में बढ़ते अपराध से निपटने में विफल रहने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के गृह विभाग को दोषी ठहराया है। घटना स्थल यानी बस के अंदर से शाराब की बोतल, साड़ियां और चादर के साथ कंडोम के पैकेट बरामद हुए है। अनुमान लगाया जा रहा है कि या एक नही कई बलात्कार हो चुके हैं। (Rape of a girl in Shivshahi bus, opposition targeted the government)

    स्वरगेट पुलिस थाने के एक अधिकारी ने बताया कि संदिग्ध 36 वर्षीय दत्तात्रेय रामदास गाडे के खिलाफ चोरी और चेन स्नेचिंग के पहले से मामले दर्ज हैं। आपको बता दें कि स्वरगेट महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (MSRTC) के सबसे बड़े बस जंक्शनों में से एक है। यहां चार एसी बस भंगार के रूप में खड़ी है। जबकि 20 सुरक्षाकर्मियों के होते हुए यहां बलात्कार की घटनाएं हो रही है। (Rape of a girl in Shivshahi bus, opposition targeted the government)

    सरकारी बस में लड़की से दुष्कर्म

    पीड़ित लड़की के अनुसार, मंगलवार सुबह करीब पौने छह बजे वह सतारा जिले के फलटण के लिए एक स्टैंड पर बस का इंतजार कर रही थी। तभी एक व्यक्ति उसके पास आया और उससे बातचीत करते हुए उसे ‘दीदी’ कहकर बुलाया। पीड़ित के अनुसार आरोपी ने उससे कहा कि सतारा के लिए बस दूसरे स्टैंड पर आ गई है। (Rape of a girl in Shivshahi bus, opposition targeted the government)

    शिवशाही बस में बलात्कार

    आरोप है कि इसके बाद वह उसे स्टेशन परिसर में ही खड़ी एक खाली ‘शिवशाही’ एसी बस में ले गया और बस के अंदर की लाइटें चालू न होने के कारण वह पहले तो बस में चढ़ने से हिचकिचाई, लेकिन व्यक्ति ने उसे आश्वस्त किया कि यह सही बस है। पीड़ित के अनुसार आरोपी ने उससे कहा कि वह बस में चढ़ने के बाद टॉर्च जलाकर देख सकती है, इसके बाद वह उसके पीछे अंदर बस में चड़ गया और फिर दुष्कर्म करके भाग गया। (Rape of a girl in Shivshahi bus, opposition targeted the government)

    सीसीटीवी फुटेज से खुला राज

    अधिकारी ने कहा कि पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज से आरोपी की पहचान हुई और उसे पकड़ने के लिए कई टीम बनाई गई हैं। पुलिस उपायुक्त स्मार्तना पाटिल ने बाद में पत्रकारों को बताया कि सीसीटीवी फुटेज में महिला उस आरोपी के साथ बस की ओर जाती हुई दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि घटना के समय बस अड्डा परिसर में कई लोग और कई बसें थीं। (Rape of a girl in Shivshahi bus, opposition targeted the government)

    Pune rape case
    बलात्कार के मिले सबूत

    डीसीपी ने कहा कि महिला ने घटना के तुरंत बाद पुलिस से संपर्क नहीं किया, बल्कि फलटन जाने वाली बस में सवार हो गई और यात्रा के दौरान अपने दोस्त को फोन पर घटना के बारे में बताया। पाटिल ने कहा कि अपने दोस्त की सलाह पर वह पुलिस थाने जाकर शिकायत दर्ज कराई। अधिकारी ने कहा कि महिला की हालत स्थिर है और उसने पुलिस को स्पष्ट बयान दे दिया है। (Rape of a girl in Shivshahi bus, opposition targeted the government)

    खोजी कुत्तों की टीम का इस्तेमाल

    डीसीपी ने कहा, कि भारतीय न्याय संहिता के तहत बलात्कार का मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा, पुणे जिले के शिकारपुर और शिरुर पुलिस थानों में आरोपी दत्तात्रेय रामदास गाडे के खिलाफ पहले भी मामले दर्ज किए गए हैं। उन्होंने बताया कि उसे पकड़ने के लिए पुलिस ने आठ टीम बनाई हैं। अधिकारी ने बताया कि खोजी कुत्तों की टीम का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। (Rape of a girl in Shivshahi bus, opposition targeted the government)

    सरकार पर लगा आरोप

    राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी शरद पवार गुट की नेता और बारामती की सांसद सुप्रिया सुले ने इस घटना को लेकर महाराष्ट्र की भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पास में ही पुलिस चौकी है और इलाके में नियमित गश्त होती है। फिर भी असमाजिक तत्वों को कानून का खौफ नही है। सुले ने पत्रकारों से कहा, “गृह विभाग पुणे में अपराध रोकने में विफल रहा है। इस मामले की सुनवाई फास्ट-ट्रैक अदालत में होनी चाहिए और आरोपियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।” (Rape of a girl in Shivshahi bus, opposition targeted the government)

    बुनियादी मुद्दों को नजरअंदाज

    कांग्रेस की महाराष्ट्र अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने दावा किया कि राज्य में बलात्कार की घटनाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि MSRTC बसें महाराष्ट्र की जीवन रेखा हैं और अब MSRTC बस के अंदर बलात्कार की घटना हुई है। उन्होंने कहा, “जब दिल्ली में निर्भया सामूहिक बलात्कार की घटना हुई थी, तो लोगों ने सरकार बदल डाली थी। आप भाजपा सरकार महिलाओं के लिए लाडकी बहिन योजना (वित्तीय सहायता प्रदान करना) को बढ़ावा देते हैं, लेकिन लोगों के बुनियादी मुद्दों को नजरअंदाज किया जाता है।” (Rape of a girl in Shivshahi bus, opposition targeted the government)

  • मुंबई हुआ टोल-फ्री, अब नहीं देना होगा टोल टैक्स।

    मुंबई हुआ टोल-फ्री, अब नहीं देना होगा टोल टैक्स।

    महाराष्ट्र की सरकार ने टोल टैक्स पर बड़ा फैसला करते हुए हल्के वाहनों पर से टैक्स की वसूली को हटा दिया गया है। अब मंगलवार से नहीं लगेगा टोल टैक्स। (Mumbai becomes toll-free for light vehicles, now toll tax will not have to be paid)

    नितिन तोरस्कर (मंत्रालय प्रतिनिधि)
    मुंबई-
    महाराष्ट्र सरकार ने 15 अक्टूबर से मुंबई के पांचों प्रवेश प्वाइंटों पर लगने वाले टोल टैक्स को खत्म करने का ऐलान कर दिया है। इस फैसले पर विपक्षी दलों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अध्यक्षता में प्रदेश मंत्रिमंडल ने यह फैसला लेते हुए इसे दूरगामी प्रभाव वाला निर्णय बताया। इस फैसले के बाद हल्के वाहनों को मुंबई के मुख्य मार्गों यानी दहिसर, मुलुंड, ठाणे, ऐरोली और वाशी टोल प्लाजा पर टोल का भुगतान नही करना पडेगा। हालांकि, इस फैसले के बाद भी भारी मोटर वाहनों पर टोल की वसूली पहले की तरह ही जारी रहेगी। इन वाहनों में बड़े टैम्पो, बसें, आवश्यक वस्तुएं ले जाने वाले मालवाहक ट्रक और अन्य बड़े वाहन शामिल हैं।

    राजनीति से प्रेरित

    महाराष्ट्र सरकार के इस कदम का आम लोगों ने स्वागत किया है। इसके साथ ही महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के नेताओं ने भी इस फैसले का स्वागत किया। साथ ही कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) प्रवक्ता क्लाइड क्रैस्टो, शिवसेना (UBT) प्रवक्ता किशोर तिवारी, सामाजिक कार्यकर्ता प्रफुल शारदा और अन्य ने इसे चुनाव में लाभ उठाने के लिए राजनीति से प्रेरित बताया है।

    टोल टेक्स के मुद्दे पर आंदोलन

    मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे ने प्रसन्नता ज़ाहिर करते हुए अपने पार्टी कार्यकर्ताओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि हमारे कार्यकर्ताओं ने टोल टेक्स के मुद्दे पर कई आंदोलन किए। जिनमें से कुछ हिंसक भी थे। जिसका नतीजा आज जाकर सामने आया है। मनसे कार्यकर्ता टोल से वसूले गए धन में पारदर्शिता की मांग कर रहे थे। मनसे के लोग यह जानना चाहते थे कि एकत्र किया गया पैसा वास्तव में कहां जा रहा है।

    इस मामले में राज ठाकरे ने कहा, “हमने मांग की है कि सभी सड़कें टोल-मुक्त होनी चाहिए। टोल प्लाजा पर तोड़फोड़ करने के लिए हमारी आलोचना की गई। लेकिन, सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए कठोर कदम उठाना जरूरी था। कम से कम अब मुंबईकरों को टोल चुकाने से मुक्ति मिलेगी और हमें खुशी है कि हमारा आंदोलन सफल रहा।”