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  • HIV पॉज़िटिव होने पर नहीं की सर्जरी: मुंबई के शताब्दी अस्पताल पर भेदभाव का आरोप

    HIV पॉज़िटिव होने पर नहीं की सर्जरी: मुंबई के शताब्दी अस्पताल पर भेदभाव का आरोप

    मुंबई के कांदिवली स्थित BMC के शताब्दी अस्पताल में HIV पॉज़िटिव मरीज को अपेंडिक्स की सर्जरी से मना कर दिया गया। मरीज को दो बार रेफर किया गया और बाद में नायर अस्पताल में इलाज शुरू हुआ। जानिए क्या कहती है सरकार और कानून।

    मुंबई: कांदिवली के शताब्दी अस्पताल में HIV पॉज़िटिव मरीज को सर्जरी से इनकार किए जाने का मामला सामने आया है।
    37 वर्षीय यह व्यक्ति, जो मलवणी इलाके का रहने वाला है, गंभीर पेट दर्द और अपेंडिक्स की शिकायत के चलते 31 अक्टूबर को अस्पताल में भर्ती हुआ था।
    अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में 7.5 mm का अपेंडिक्स और किडनी स्टोन की पुष्टि हुई थी। डॉक्टरों ने शुरू में आपातकालीन अपेंडिक्स सर्जरी की तैयारी की, लेकिन HIV रिपोर्ट आने के बाद सर्जरी रोक दी गई।

    मरीज को उसी दिन डिस्चार्ज कर कुपर अस्पताल रेफर कर दिया गया — और रेफरल नोट में यह स्पष्ट लिखा गया कि वजह मरीज का HIV पॉज़िटिव होना है।

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    🔹 एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल तक — मरीज का दर्द बढ़ा

    कुपर अस्पताल के सर्जरी विभाग ने रेफरल पर सवाल उठाए और मरीज को वापस लौटा दिया।
    इसके बाद शताब्दी अस्पताल ने फिर से मरीज को नायर अस्पताल रेफर किया, जहाँ अब उसका इलाज चल रहा है।

    सूत्रों के अनुसार, यह मामला केवल जूनियर डॉक्टरों की गलती नहीं थी — क्योंकि मरीज को भर्ती करने और डिस्चार्ज करने दोनों में सीनियर डॉक्टरों की जानकारी शामिल थी।
    वर्तमान में मरीज नायर अस्पताल में ब्लड क्लॉट की समस्या से जूझ रहा है।

    🔹 अस्पताल की सफाई में फंसी जान? शताब्दी अस्पताल ने दी सफाई

    शताब्दी अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. अजय गुप्ता ने भेदभाव के आरोपों से इनकार किया।
    उन्होंने बताया कि मरीज शुक्रवार को आया था, जबकि शनिवार को ऑपरेशन थिएटर (OT) की मासिक डीप क्लीनिंग निर्धारित थी।

    उनके अनुसार,

    “शनिवार को वार्ड के मरीजों की सर्जरी तय थी। HIV पॉज़िटिव मरीज की सर्जरी करने के बाद OT की पूरी स्टरलाइज़ेशन प्रक्रिया करनी होती है, जिससे बाकी 5 सर्जरी रद्द करनी पड़तीं। इसलिए हमने मरीज को नायर अस्पताल भेजा।”

    हालाँकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि HIV पॉज़िटिव मरीज को इलाज से इनकार करना कानूनन अपराध है, और अस्पताल को यूनिवर्सल प्रिकॉशन के तहत इलाज करना चाहिए था।

    🔹 कानून क्या कहता है — HIV Act, 2017

    HIV और AIDS (Prevention and Control) Act, 2017 के तहत किसी भी व्यक्ति को उसकी HIV स्थिति के कारण इलाज से वंचित करना गैरकानूनी है।
    यह कानून मरीज की गोपनीयता की रक्षा करता है और

    • स्वास्थ्य सेवा,
    • रोजगार,
    • शिक्षा,
    • और आवास में किसी भी प्रकार के भेदभाव पर रोक लगाता है।

    सभी अस्पतालों को ‘यूनिवर्सल प्रिकॉशन’ (universal precautions) का पालन करना अनिवार्य है, ताकि HIV-संक्रमित मरीजों को भी सामान्य मरीजों की तरह ही इलाज मिल सके।

    🔹 प्रशासनिक और नैतिक सवाल

    इस पूरे प्रकरण ने BMC के अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

    • क्या OT क्लीनिंग का बहाना वास्तव में देरी का कारण था या भेदभाव का मामला?
    • क्या BMC के अस्पताल HIV-पॉज़िटिव मरीजों के इलाज के लिए पर्याप्त रूप से प्रशिक्षित हैं?
    • और क्या ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी?

    स्वास्थ्य अधिकार कार्यकर्ताओं ने राज्य स्वास्थ्य विभाग से मामले की जांच की मांग की है।


    🔹 FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

    Q1. क्या अस्पताल HIV मरीज का इलाज मना कर सकता है?
    नहीं, HIV और AIDS (Prevention and Control) Act, 2017 के तहत इलाज से इनकार करना अवैध है।
    Q2. मरीज की हालत अभी कैसी है?
    वह फिलहाल नायर अस्पताल में भर्ती है और ब्लड क्लॉट की समस्या से जूझ रहा है।
    Q3. क्या शताब्दी अस्पताल ने भेदभाव स्वीकार किया?
    अस्पताल प्रशासन ने इनकार किया, उन्होंने कहा कि OT की डीप क्लीनिंग के कारण सर्जरी संभव नहीं थी।
    Q4. क्या सरकार इस मामले की जांच करेगी?
    संभावना है कि BMC और राज्य स्वास्थ्य विभाग से जांच की मांग की जाएगी, क्योंकि यह कानून का उल्लंघन है।
    Q5. क्या HIV मरीजों को विशेष सुरक्षा दी जाती है?
    हाँ, कानून के तहत मरीज की पहचान गोपनीय रखनी होती है, और सभी डॉक्टरों को यूनिवर्सल सुरक्षा मानकों का पालन करना होता है।

  • Mumbai: दही हांडी उत्सव के दौरान एक की मौत 30 घायल, 15 अस्पताल में भर्ती

    Mumbai: दही हांडी उत्सव के दौरान एक की मौत 30 घायल, 15 अस्पताल में भर्ती

    मुंबई शहर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर दही हांडी उत्सव के दौरान कई जगहों पर गोविदा पथक हादसों के शिकार हो गए हैं। इनमें से एक की मौत और 30 घायलों की जानकारी मिल रही है। Mumbai: One dead, 30 injured, 15 hospitalised during Dahi Handi festival

    मुंबई: शनिवार 16 अगस्त, कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर मुंबई में एक की मौत 30 घायल और 15 गोविदा का अस्पताल में इलाज चल रहा है। मिली जानकारी के मुताबिक, मानखुर्द में दही हांडी बांधते समय एक 32 वर्षीय व्यक्ति की गिरकर मौत हो गई है। शहर के अलग-अलग हिस्सों में दही हंडी फोड़ने के चक्कर में 30 गोविंदा घायल हो गए, जिनमें से से 15 लोगों को अस्पताल भर्ती कराया गया है। Mumbai: One dead, 30 injured, 15 hospitalised during Dahi Handi festival

    Mumbai बीएमसी के अधिकारियों क्या कहा?

    मुंबई के उपनगर मानखुर्द में शनिवार दोपहर एक 32 वर्षीय ‘गोविंदा’ की दही हांडी बांधते समय गिरने से मौत हो गई। जबकि शहर के अलग-अलग हिस्सों में मानव पिरामिड बनाते समय 30 अन्य गोविंदा घायल हो गए। बृहन्मुंबई महानगर पालिका के अधिकारियों ने कृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर इसकी जानकारी दी। Mumbai: One dead, 30 injured, 15 hospitalised during Dahi Handi festival

    पहली मंजिल से गिर कर मौत

    मानखुर्द के महाराष्ट्र नगर मे मृत व्यक्ति की पहचान जगमोहन शिवकिरण चौधरी के रूप में हुई है। बीएमसी के एक अधिकारी ने बताया कि जगमोहन अपने घर की पहली मंजिल की खिड़की की ग्रिल से एक रस्सी पर दही हांडी यानी दही से भरी हुई मिट्टी की मटकी बांध रहा था। इसी दौरान वह अचानक नीचे गिर पड़ा। चौधरी को तुरंत नगरपालिका द्वारा संचालित शताब्दी गोवंडी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। Mumbai: One dead, 30 injured, 15 hospitalised during Dahi Handi festival

    कहां-कहां हुई घटना?

    मुंबई, ठाणे और आस-पास के इलाकों में भारी बारिश के बीच मनाए गए इस वर्ष के दही हांडी उत्सव में 30 गोविंदा घायल हुए हैं। इनमें से 15 को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि बाकी घायलों का इलाज कर छुट्टी दे दी गई। अधिकारियों के अनुसार, इन 30 घायलों में 18 दक्षिण मुंबई से हैं, जबकि 6-6 लोग शहर के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों से हैं। Mumbai: One dead, 30 injured, 15 hospitalised during Dahi Handi festival

    आस्था और भक्ति भाव

    दही हांडी का त्योहार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर पूरे महाराष्ट्र में मनाया जाता है। इसमें ‘गोविंदाओं’ की टीमें इंसानी पिरामिड बनाकर मटकी तक पहुंचने और उसे फोड़ने की कोशिश करते हैं। इसी दौरान कई हादसे होते रहते हैं लेकिन आस्था और भक्ति भाव में गोविंदा पथक इस प्रथा को बड़े हर्षोउल्लास के साथ मनाते आ रहे हैं। Mumbai: One dead, 30 injured, 15 hospitalised during Dahi Handi festival

  • सरकारी अस्पताल के सफाई कर्मचारियों को नहीं मिला 2 महिने का पगार, बोनस से भी किया वंचित

    सरकारी अस्पताल के सफाई कर्मचारियों को नहीं मिला 2 महिने का पगार, बोनस से भी किया वंचित

    मुंबई के सरकारी अस्पताल में भ्रष्टाचार का मामला प्रकाश मे आ रहा है। यहां कांदीवली के शताब्दी अस्पताल में काम करने वाले सफाई कर्मचारी पिछले 2 महिनों के पगार को लेकर अनशन पर बैठ गए हैं। बताया की सालाना बोनस भत्ते से वंचित रखा गया है। (Cleaning staff of government hospital did not get 2 months salary, deprived of bonus also)

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    कांदीवली पश्चिम के सरकारी अस्पताल में पिछले 4 दिनों से साफ सफाई का काम करने वाले सफाई कर्मचारियों को पिछले 2 महिनों से पगार ही नहीं मिली है। साथ ही पिछले 2 सालों से बोनस भत्ता के नाम पर गुमराह किया जा रहा है। इसको लेकर सफाई कर्मचारियों के आंदोलन को राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का साथ मिलने के बाद आश्वासन दिया गया है। (Cleaning staff of government hospital did not get 2 months salary, deprived of bonus also)

    कौन है ठेकेदार?

    बता दें, कि “कल्पतरु हॉस्पिलिटी” नामक कंपनी शताब्दी अस्पताल में ठेका चला रहा है। इसी के अधीन सफाई कर्मचारी सरकारी अस्पताल में काम कर रहे हैं। लेकिन कर्मचारियों को ना तो पीएफ सुविधा दिया जा रहा है और ना ही सरकारी नियमानुसार वेतन ही दिया जा रहा है। यहां तक की साप्ताहिक अवकाश का पैसा भी काट लिया जाता है। पिछले 2 सालों से मिलने वाले सालाना बोनस फंड से इन्हें वंचित रखा गया है।  इस तरह के मनमानी कारोबार के खिलाफ सफाई कर्मचारियों ने अनशन पर बैठने का फैसला लिया। (Cleaning staff of government hospital did not get 2 months salary, deprived of bonus also)

    मुलभुत सुविधाओं से वंचित

    इसी कड़ी में कर्मचारियों ने ठेकेदार के मनमानी कारोबार के खिलाफ महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मदद की गुहार लगाई। बता दें कि बृहन्मुंबई महानगर पालिका द्वारा संचालित शताब्दी अस्पताल में पिछले 12 सालों से सफाई कामगार ठेका पद्धति पर काम कर रहे हैं। जबकि यहां कितने ही ठेका कंपनी बदल चुके है। लेकिन इन कर्मचारियों की समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है।  (Cleaning staff of government hospital did not get 2 months salary, deprived of bonus also)

    शिवसेना शिंदे गुट ने किया मुलाकात

    Cleaning staff of government hospital did not get 2 months salary, deprived of bonus also
    सफाई कर्मचारियों के साथ शिवसेना शिंदे गुट के पदाधिकारियों की तस्वीर

    इसकी शिकायत को लेकर शिवसेना व्यापारी सेना सचिव तथा गृहसंकुल सह समन्वयक संदीप शिंदे साहब और शिवसेना पदाधिकारी एंटोनी डिसूजा, गणेश टोने, महेंद्र शेंडगे, गणेश माने, राजू सिंह, अमित भारखड़ा सफाई कर्मचारियों से मुलाकात की और इनकी मांगों को लेकर ठेकेदार के मैनेजर आतिश जाधव से मिले और उनसे सवाल पूछा गया तो ठेकेदार की ओर से कर्मचारियों के पगार के पैसों के साथ बोनस फंड जल्द ही देने का कहा है। इसके अलावा ठेका कंपनी ने जल्द ही सफाई कर्मचारियों की बाकी समस्याओं का निपटारा करने का आश्वासन दिया है। (Cleaning staff of government hospital did not get 2 months salary, deprived of bonus also)

  • Mumbai: सरकारी अस्पताल में सफाई कर्मचारी ने की ECG, अस्पताल को मिला लिगल नोटिस

    Mumbai: सरकारी अस्पताल में सफाई कर्मचारी ने की ECG, अस्पताल को मिला लिगल नोटिस

    मुंबई के एक सरकारी अस्पताल में सफाई कर्मचारी द्वारा इकोकार्डियोग्राम (ECG) किए जाने के सनसनीखेज खुलासा हुआ है। पता चला है कि सफाई कर्मचारी ने 29 दिसंबर को एक मरीज पर ईसीजी किया था। इसी सिलसिले में अस्पताल को लिगल नोटिस दिया गया है। (Mumbai Sanitation worker did ECG in government hospital, hospital got legal notice)

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    सरकारी अस्पताल में गड़बड़ी और लापरवाही की खबर तो हमेशा आती रहती है। लेकिन एक सफाई कर्मचारी डाक्टर बनकर मरीजों का इलाज करने का सनसनीखेज मामला पहली बार सामने आया है। मुंबई के गोवंडी स्थित शताब्दी अस्पताल को एक कानूनी नोटिस मिला है। जिसमें अस्पताल के एक सफाई कर्मचारी ने कथित तौर पर इकोकार्डियोग्राम (ईसीजी) किया है। पता चला है कि सफाई कर्मचारी ने 29 दिसंबर को एक मरीज पर ईसीजी किया था। (Mumbai Sanitation worker did ECG in government hospital, hospital got legal notice)

    कैसे मिली जानकारी?

    इस घटना की जानकारी तब प्रकाश में आई जब शहर के वकील आबिद अब्बास सैय्यद ने मुख्यमंत्री और सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग सहित विभिन्न राज्य अधिकारियों को कानूनी नोटिस भेजा। खबर के मुताबिक, एडवोकेट सैय्यद ने इस घटना को मेडिकल प्रोटोकॉल और मरीज सुरक्षा का घोर उल्लंघन बताया है। हालांकि अस्पताल ने इस घटना से इनकार नहीं किया, लेकिन उन्होंने कर्मचारी की हरकत का बचाव करते हुए कहा, कि सफाई कर्मचारी “प्रक्रिया करने के लिए पर्याप्त शिक्षित और योग्य था।” (Mumbai Sanitation worker did ECG in government hospital, hospital got legal notice)

    बताया गलतफहमी

    अस्पताल प्रशासन के एक सदस्य ने कहा, “ईसीजी मशीनें सिर्फ़ एक बटन दबाने से काम करती हैं। कर्मचारियों ने सिर्फ़ ईसीजी किया था और उचित प्रक्रियाओं का पालन करते हुए पेशेवर डॉक्टरों ने रिपोर्ट ली थी।” पहले इसी सदस्य ने इस घटना को “गलतफ़हमी” भी बताया। अस्पताल ने आगे कहा कि मरीज़ नियमित जांच के लिए अस्पताल आया था और उसकी हालत गंभीर नहीं थी। हालांकि, अपने नोटिस में अधिवक्ता सैय्यद ने कहा कि इस घटना ने अस्पताल द्वारा प्रदान की जाने वाली स्वास्थ्य सेवा की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने मरीज़ों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अस्पताल प्रशासन की ज़िम्मेदारी पर भी सवाल उठाया है। (Mumbai Sanitation worker did ECG in government hospital, hospital got legal notice)

    स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में तत्काल सुधार

    एड्वोकेट सैय्यद ने अधिकारियों से घटना की जांच करने का आग्रह किया है और मरीजों को गुणवत्तापूर्ण देखभाल प्रदान करने के लिए स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में तत्काल सुधार की मांग की है। सैय्यद ने अपने नोटिस में कहा, “मरीजों को उम्मीद है कि उन्हें योग्य स्वास्थ्य सेवा पेशेवर डॉक्टरों द्वारा इलाज किया जाएगा। लेकिन इस तरह की घटनाएं लापरवाही की चिंताजनक प्रवृत्ति को उजागर करती हैं।” (Mumbai Sanitation worker did ECG in government hospital, hospital got legal notice)

    नोटिस में यह भी दावा किया गया है कि खबरों से पता चला है कि शताब्दी अस्पताल और अन्य सरकारी सुविधाओं के कुछ डॉक्टर निजी क्लीनिक चला रहे हैं, जो उन नियमों का उल्लंघन है, जो उन्हें निजी प्रैक्टिस करने से रोकते हैं। (Mumbai Sanitation worker did ECG in government hospital, hospital got legal notice)