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  • Malvani Banner Controversy: ‘I Love Muhammad’ होर्डिंग्स हटाने पर नाराज़गी, लोग बोले – “सिर्फ हमें ही क्यों टारगेट किया जा रहा है?”

    Malvani Banner Controversy: ‘I Love Muhammad’ होर्डिंग्स हटाने पर नाराज़गी, लोग बोले – “सिर्फ हमें ही क्यों टारगेट किया जा रहा है?”

    मुंबई के मालाड वेस्ट स्थित मालवणी इलाके में पुलिस ने ‘I Love Muhammad’ बैनर हटाए, जिससे मुस्लिम समुदाय में नाराज़गी फैल गई। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि दिवाली-नवरात्रि और राजनीतिक बैनरों पर कार्रवाई नहीं होती, लेकिन मुस्लिमों को निशाना बनाया जाता है।

    मुंबई: मालाड वेस्ट, मालवणी इलाके में रविवार को पुलिस ने ‘I Love Muhammad’ लिखे बैनर और होर्डिंग्स हटवा दिए। यह कार्रवाई शहीद अब्दुल हमीद रोड और आसपास के इलाकों में की गई। पुलिस ने स्थानीय युवाओं को चेतावनी दी कि अगर बिना परमिशन फिर से बैनर लगाए गए तो उन पर कानूनी कार्रवाई होगी।

    मुस्लिम समुदाय ने लगाया भेदभाव का आरोप

    बैनर हटाने के बाद इलाके में नाराज़गी देखने को मिली। स्थानीय युवाओं का कहना है कि दिवाली और नवरात्रि जैसे हिंदू त्योहारों के बैनर और राजनीतिक पोस्टर बिना किसी परमिशन के हर जगह लगाए जाते हैं, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं होती।

    👉 एक स्थानीय युवक आदिल शेख ने कहा:
    “क्या कानून सिर्फ मुस्लिमों के लिए है? अगर हमारे बैनर हटाए गए हैं तो फिर राजनीतिक और त्योहारों के होर्डिंग्स भी हटाओ। नियम सबके लिए बराबर क्यों नहीं?”

    पुलिस और बीएमसी का क्या कहना है?

    मालवणी पुलिस स्टेशन के सीनियर इंस्पेक्टर शैलेन्द्र नागरकर ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा:
    “‘I Love Muhammad’ वाले कई बैनर बिना परमिशन लगाए गए थे, इसलिए हटाए गए।”

    नियमों के मुताबिक:

    • बैनर लगाने के लिए BMC से परमिशन जरूरी है।
    • धार्मिक या संवेदनशील विषय होने पर पुलिस क्लीयरेंस भी जरूरी है।
    • ट्रैफिक सिग्नल के पास लगे बैनरों के लिए RTO की अनुमति चाहिए।

    युवाओं का दावा – हमने परमिशन मांगी थी

    स्थानीय युवाओं का कहना है कि उन्होंने पहले ही BMC को परमिशन के लिए आवेदन दिया था और वह कॉपी पुलिस को भी दिखाई थी।

    👉 सलमान खान, जो इस मुहिम से जुड़े थे, ने कहा:
    “हमने नियम के हिसाब से बीएमसी को अर्जी दी थी। फिर भी पुलिस ने हमें धमकाया। क्या पैगंबर मोहम्मद से मोहब्बत जताना गुनाह है?”

    “समान कानून, समान कार्रवाई चाहिए”

    कुछ निवासियों ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि पुलिस ने बैनर हटाए और युवाओं को चेतावनी दी। हालांकि, निजी प्लॉट में लगे कुछ होर्डिंग्स को स्थानीय लोगों के विरोध की वजह से नहीं हटाया गया।

    फिरोज शेख ने कहा:
    “दिवाली और नवरात्रि पर कोई बैनर नहीं छूता, लेकिन मुस्लिमों के बैनर तुरंत हटा दिए जाते हैं। ये भेदभाव है।”

    फरीद खान ने कहा:
    “हम किसी त्योहार या राजनीतिक पोस्टर के खिलाफ नहीं हैं। लेकिन ट्रीटमेंट सबके लिए बराबर होना चाहिए।”

    पुलिस का जवाब टालमटोल

    जब पुलिस अधिकारियों से पूछा गया कि क्या वे त्योहार और राजनीतिक बैनरों की भी परमिशन जांचते हैं, तो उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। इससे स्थानीय लोगों की शंकाएं और गहरी हो गईं।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. मालवणी में पुलिस ने कौन से बैनर हटाए?
    👉 ‘I Love Muhammad’ लिखे बैनर हटाए गए।

    Q2. पुलिस ने बैनर क्यों हटाए?
    👉 क्योंकि बीएमसी और पुलिस की परमिशन नहीं ली गई थी।

    Q3. क्या बीएमसी से परमिशन जरूरी है?
    👉 हां, किसी भी सार्वजनिक बैनर के लिए बीएमसी और संवेदनशील विषयों पर पुलिस की अनुमति जरूरी है।

    Q4. स्थानीय लोगों ने क्या आरोप लगाया?
    👉 उन्होंने कहा कि त्योहार और राजनीतिक बैनर बिना परमिशन लगे रहते हैं, लेकिन मुस्लिमों के बैनरों पर ही कार्रवाई होती है।

    Q5. पुलिस ने राजनीतिक और त्योहारों के बैनरों पर क्या कहा?
    👉 इस सवाल पर पुलिस ने कोई जवाब नहीं दिया।