Tag: मुंबई न्यूज़

  • Malad में फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, विदेशियों को बैन दवाइयां बेचने वाले 5 गिरफ्तार

    Malad में फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, विदेशियों को बैन दवाइयां बेचने वाले 5 गिरफ्तार

    मुंबई के मालाड स्थित चिनचोली बंदर में चल रहे एक फर्जी कॉल सेंटर पर पुलिस ने छापा मारकर पाँच लोगों को गिरफ्तार किया। आरोपी विदेशों में बैन दवाओं की सप्लाई का झांसा देकर भारी रकम वसूल रहे थे। पुलिस ने IT Act, BNS और टेलीग्राफ एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज किया है।

    मुंबई: मालाड इलाके में बांगुर नगर पुलिस ने एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश करते हुए पाँच लोगों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी एक अवैध कॉल सेंटर चलाकर अमेरिका सहित कई देशों के ग्राहकों को बैन दवाइयां भेजने का दावा करते थे और उनसे भारी रकम वसूलते थे। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ IT Act और नई दंड संहिता (BNS) की कई धाराओं में केस दर्ज किया है।

    Malad में चल रहा था अवैध कॉल सेंटर, विदेशी ग्राहकों को बनाया जा रहा था निशाना

    मुंबई के चिंचोली बंदर, मालाड स्थित एक ऑफिस में यह फर्जी कॉल सेंटर ऑपरेट किया जा रहा था। गिरफ्तार आरोपी खुद को विदेशी ऑनलाइन फार्मेसी कंपनियों का प्रतिनिधि बताकर विदेशी ग्राहकों से संपर्क करते थे।

    वे ग्राहक को कहते थे कि उनके लिए ऐसी दवाइयां उपलब्ध हैं जो आमतौर पर बैन हैं या ऑनलाइन बेचना गैरकानूनी है। इसी बहाने उनसे डॉलर में भुगतान भी ले लिया जाता था।

    गिरफ्तार आरोपियों की पहचान

    पुलिस के अनुसार पकड़े गए पाँच आरोपी—

    • अयूब शेख (30)
    • फैजान भलीम (27)
    • फारुख शेख (29)
    • मोइन अहमद शेख (32)
    • ज़ीशान नासिर अंसारी (22)

    ये सभी मिलकर लंबे समय से ये फर्जीवाड़ा चला रहे थे।
    ये सभी मिलकर अमेरिका सहित कई देशों के लोगों को फंसाकर लाखों की ठगी कर रहे थे।

    कैसे करते थे ठगी? पुलिस ने खोला पूरा खेल

    • संदिग्ध वेबसाइट या डेटा के जरिए विदेशी ग्राहकों तक पहुँच बनाना
    • खुद को इंटरनेशनल ऑनलाइन फार्मेसी का अधिकारी बताना
    • मेडिकल कंसल्टेशन का झांसा देना
    • “बैन मेडिसिन उपलब्ध” कहकर ऑनलाइन पेमेंट वसूलना
    • पैसे लेने के बाद उत्पाद न भेजना

    यह पूरा नेटवर्क फार्मा से जुड़े अवैध कारोबार + साइबर फ्रॉड का कॉम्बिनेशन था।

    कौन-कौन सी धाराओं में केस दर्ज?

    बांगुर नगर पुलिस ने मामला दर्ज किया है—

    • BNS की धाराएँ 318(4), 319(2), 3(5)
    • IT Act 2000 की धाराएँ 66(A), 66(D), 75
    • Indian Telegraph Act की धारा 20

    पाँचों आरोपियों को 15 दिसंबर तक पुलिस कस्टडी में भेजा गया है।

    मालाड और मुंबई में बढ़ते साइबर फ्रॉड को लेकर पुलिस अलर्ट

    इस तरह के कॉल सेंटर लगातार मुंबई के कई इलाकों में पकड़े जा रहे हैं। विदेशी ग्राहकों को निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि—

    • वे दवाओं की कीमत ज़्यादा चुकाते हैं
    • वे शिकायत भारत में दर्ज नहीं करा पाते
    • वेरिफिकेशन की प्रक्रिया मुश्किल होती है

    पुलिस अब इस रैकेट से जुड़े और लोगों की तलाश कर रही है।


    FAQ सेक्शन

    1. क्या गिरफ्तार कॉल सेंटर वास्तव में दवाइयां सप्लाई करता था?

    नहीं, आरोपी सिर्फ भुगतान लेते थे और बाद में उत्पाद नहीं भेजते थे। यह पूरा रैकेट फर्जीवाड़ा था।

    2. क्या ग्राहकों को किसी तरह की मेडिकल प्रिस्क्रिप्शन की सुविधा दी जाती थी?

    वे खुद को इंटरनेशनल फार्मेसी बताकर नकली कंसल्टेशन की बात करते थे, जो पूरी तरह अवैध था।

    3. क्या इस रैकेट में और लोग शामिल हो सकते हैं?

    पुलिस के अनुसार यह एक बड़ा नेटवर्क हो सकता है, जिसकी जाँच जारी है।

    4. क्या विदेशी ग्राहक भारत में केस दर्ज कर सकते हैं?

    तकनीकी रूप से हाँ, लेकिन शिकायत प्रक्रिया जटिल होने के कारण अक्सर ठगी की रिपोर्ट नहीं होती।

  • मालवनी का कुख्यात ज़ाकिर डॉट कॉम गिरफ्तार, महिला से दुष्कर्म और धमकी का आरोप

    मालवनी का कुख्यात ज़ाकिर डॉट कॉम गिरफ्तार, महिला से दुष्कर्म और धमकी का आरोप

    मालाड के मालवनी इलाके में हफ्ता वसूली और प्रॉपर्टी कब्जे के मामलों में फरार कुख्यात आरोपी ज़ाकिर डॉट कॉम को पुलिस ने देर रात गिरफ्तार किया। महिला ने दुष्कर्म और ब्लैकमेल का आरोप लगाया।

    मुंबई: मालाड पश्चिम के मालवनी इलाके में लंबे समय से फरार चल रहा और कई गंभीर अपराधों में शामिल कुख्यात आरोपी ज़ाकिर हुसैन सैय्यद उर्फ ज़ाकिर डॉट कॉम आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया। आरोपी पर दुष्कर्म, ब्लैकमेल, हफ्ता वसूली, जबरन वसूली, किडनैपिंग और प्रॉपर्टी कब्जा जैसे कई संगीन आरोप दर्ज हैं।

    पुलिस ने शनिवार देर रात गुप्त सूचना के आधार पर दबिश देकर उसे उसके ही ठिकाने से गिरफ्तार किया। कोर्ट में पेशी के बाद आरोपी को 10 दिसंबर तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है।

    🔶 पीड़िता ने बताई दर्दनाक कहानी

    पीड़ित महिला, जिसकी उम्र लगभग 35 वर्ष है, आरोपी के गैरकानूनी कारोबार चलने वाले ऑफिस में सफाई का काम करती थी। महिला ने बताया कि उसे एक कानूनी मामले में मदद की जरूरत थी, और आरोपी ने खुद को पुलिस सिस्टम से जुड़ा दिखाकर भरोसा दिलाया।

    धीरे-धीरे आरोपी ने महिला के विश्वास का फायदा उठाया और करीबियां बनाईं। आर्थिक तंगी को देखकर आरोपी ने घर में राशन भी भरवाया। लेकिन उसी भरोसे का गलत इस्तेमाल करते हुए उसने ऑफिस में महिला के साथ बलात्कार किया।

    पीड़िता ने यह भी बताया कि आरोपी ने उसका अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया और लगातार दुराचार करता रहा।

    🔶 2022 से चल रहा था मामला — 2025 में गिरफ्तार

    घटना साल 2022 की है लेकिन महिला ने डर और धमकियों की वजह से शिकायत दर्ज नहीं करवाई थी। जैसे-जैसे आरोपी के खिलाफ 2025 की शुरुआत से ही एक के बाद एक नए केस दर्ज होते गए, महिला ने हिम्मत जुटाई और शिकायत दर्ज करवाई।

    आरोपी लगातार पुलिस को चकमा देकर फरार था। यहां तक कि अदालत में अग्रिम जमानत की याचिका भी खारिज हो चुकी थी।

    🔶 पुलिस की गुप्त कार्रवाई

    सूत्रों के अनुसार, जैसे ही पुलिस को पता चला कि आरोपी मालवनी स्थित घर में छिपा है, टीम ने बिना समय गंवाए शनिवार रात रेड मारी और उसे गिरफ्तार कर लिया।

    इस कार्रवाई में मालवनी पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक शैलेंद्र नागरकर और क्राइम डिटेक्शन के पीआई जीवन भातकुले की अहम भूमिका रही।


    FAQ सेक्शन


    Q1: ज़ाकिर डॉट कॉम कौन है?
    ज़ाकिर हुसैन सैय्यद उर्फ ज़ाकिर डॉट कॉम मालवनी का कुख्यात अपराधी है, जिसके खिलाफ हफ्ता वसूली, किडनैपिंग, अवैध कब्जा और दुष्कर्म जैसे कई मामले दर्ज हैं।


    Q2: उसकी गिरफ्तारी कैसे हुई?
    पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि ज़ाकिर अपने ही घर में छिपा है। रात में दबिश देकर उसे गिरफ्तार किया गया।


    Q3: पीड़ित महिला कौन है?
    35 वर्षीय महिला आरोपी के ऑफिस में सफाई का काम करती थी और उसी दौरान आरोपी ने उसका शोषण किया।


    Q4: आरोपी अभी कहाँ है?
    उसे कोर्ट में पेशी के बाद 10 दिसंबर तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है।

  • बोरीवली में 9 साल की बच्ची के साथ शर्मनाक, रिटायर्ड पुलिस अधिकारी गिरफ्तार

    बोरीवली में 9 साल की बच्ची के साथ शर्मनाक, रिटायर्ड पुलिस अधिकारी गिरफ्तार

    मुंबई के बोरीवली में 68 वर्षीय रिटायर्ड पुलिस अधिकारी को 9 साल की बच्ची से छेड़छाड़ के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। घटना सोसायटी की लिफ्ट में हुई। पुलिस ने POCSO एक्ट और अपराध से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

    मुंबई: शहर में बच्चों के साथ यौन अपराधों (Sexual Offence) के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ताज़ा घटना बोरीवली-पूर्व के कस्तूरबा मार्ग इलाके से सामने आई है, जहाँ एक 68 वर्षीय सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी को अपनी ही सोसायटी में रहने वाली 9 साल की बच्ची से छेड़छाड़ और गलत तरीके से छूने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। इस घटना ने न सिर्फ इलाके को हिलाकर रख दिया, बल्कि पुलिस विभाग की छवि पर भी सवाल खड़ा कर दिया है।

    📍 घटना कैसे हुई?

    घटना रविवार शाम करीब 6:50 से 7:30 बजे के बीच की बताई जा रही है। पीड़ित बच्ची लिफ्ट में जा रही थी, तभी आरोपी भी उसी लिफ्ट में चढ़ गया। आरोप है कि उसने बच्ची के साथ अनुचित स्पर्श, छेड़खानी और किस करने की कोशिश की।

    डरी हुई बच्ची ने उस समय विरोध नहीं किया, लेकिन घर पहुंचने पर उसने अपनी मां को पूरी बात बता दी।

    📁 FIR और जांच

    परिजनों ने तुरंत कस्तूरबा मार्ग पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने सोसायटी की लिफ्ट और सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में आरोपी की हरकत साफ दिखाई देने पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की।

    आरोपी के खिलाफ मामला POCSO (Protection of Children from Sexual Offences Act) और अपराध के संबंधित धाराओं के तहत दर्ज किया गया है। आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उसे पुलिस रिमांड में भेज दिया गया है।

    📌 स्थानीयों में नाराज़गी

    घटना के बाद सोसायटी और आसपास के लोगों में भारी गुस्सा और आक्रोश है। लोगों का कहना है कि ऐसे अपराधियों को कड़ी से कड़ी सज़ा मिलनी चाहिए, खासकर तब जब आरोपी खुद कभी कानून की रक्षा करने वाले विभाग का हिस्सा रहा हो।


    ❓ FAQ सेक्शन

    प्रश्नउत्तर
    आरोपी कौन है?आरोपी 68 वर्षीय रिटायर्ड पुलिस अधिकारी है।
    घटना कहां हुई?बोरीवली-पूर्व के कस्तूरबा मार्ग स्थित एक हाउसिंग सोसायटी में।
    क्या मामला दर्ज हो चुका है?हाँ, पुलिस ने POCSO एक्ट और IPC के तहत केस दर्ज किया है।
    क्या आरोपी गिरफ्तार है?हाँ, आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट से पुलिस रिमांड मिल चुका है।
  • शुक्ला कंपाउंड विवाद: MLA सुनील प्रभु ने मुख्यमंत्री से मांगा हस्तक्षेप, 1962 की डेट ऑफ लाइन बदलने की मांग तेज

    शुक्ला कंपाउंड विवाद: MLA सुनील प्रभु ने मुख्यमंत्री से मांगा हस्तक्षेप, 1962 की डेट ऑफ लाइन बदलने की मांग तेज

    मुंबई के दहिसर पूर्व स्थित शुक्ला कंपाउंड में 400 परिवारों का भविष्य अधर में लटका है। विकासक द्वारा 1962 से पहले के दस्तावेज़ मांगने पर दिंडोशी के MLA सुनील प्रभु ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर इस नियम में बदलाव की मांग की है। मामला अब शीतकालीन अधिवेशन में उठेगा।

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई: दहिसर पूर्व के रावलपाड़ा स्थित शुक्ला कंपाउंड में रहने वाले करीब 400 परिवारों का भविष्य संकट में पड़ गया है, क्योंकि प्रोजेक्ट डेवलपर ने इन सभी परिवारों से घर पुनर्विकास पात्रता के लिए 1962 से पहले के दस्तावेज़ देने की शर्त रखी है।

    इन दस्तावेज़ों को उपलब्ध न करा पाने के कारण सैकड़ों परिवार बेघर होने की चिंता में हैं। अब यह मामला राजनीतिक रूप से बड़ा रूप ले चुका है।

    🏘 45 साल से रहने वाले परिवारों पर बेघर होने का खतरा

    शुक्ला कंपाउंड में रहने वाले अधिकतर परिवार पिछले चार से पांच दशकों से इस इलाके में रह रहे हैं। कई परिवार छोटे उद्योग और मजदूरी कर अपनी रोज़ी-रोटी चलाते हैं।

    इन निवासियों का कहना है कि उन्होंने बिजली बिल, राशन कार्ड, आधार कार्ड, पानी के बिल सहित कई सरकारी दस्तावेज़ जमा किए हैं, लेकिन डेवलपर केवल 1962 के पहले की ओनरशिप प्रूफ स्वीकार कर रहा है — जो लगभग असंभव है।

    🏗 डेवलपर पर स्वार्थी प्रोजेक्ट प्लानिंग का आरोप

    मौजूदा ज़मीन का असली मालिक गोविंद पाटिल ने यह प्लॉट साल 1920 में इकबाल मिर्ची से जुड़े नामों और शेलाजी इंफ्रास्ट्रक्चर के अशोक जैन को बेचा था।

    अब विकासक अशोक जैन इस जमीन पर हाई-राइज़ हाउसिंग प्रोजेक्ट बनाने की तैयारी कर रहे हैं।

    रहवासियों का आरोप है कि—

    “डेवलपर खुद का फायदा ज्यादा देख रहा है और पुराना डेट ऑफ लाइन दिखाकर लोगों को बाहर करने की कोशिश कर रहा है।”

    🧾 MLA सुनील प्रभु पैरवी में, मुख्यमंत्री को पत्र

    दिंडोशी विधानसभा के शिवसेना नेता एवं MLA सुनील प्रभु ने इस मामले में दखल देते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखा है।

    प्रभु ने पत्र में लिखा कि—

    “मुंबई और महाराष्ट्र में किसी भी हाउसिंग स्कीम में पात्रता के लिए अधिकतर जगह 2012 से पहले का डॉक्यूमेंट पर्याप्त माना जाता है। ऐसे में शुक्ला कंपाउंड में 1962 की शर्त अन्यायपूर्ण है और इसे बदला जाना चाहिए।”

    उन्होंने यह भी ऐलान किया कि वे इस मुद्दे को आगामी नागपुर में होने वाले शीतकालीन विधान सभा अधिवेशन में ‘ध्यान आकर्षण’ के रूप में उठाएँगे।

    🔍 इस बदलाव से अन्य प्रोजेक्ट भी होंगे प्रभावित

    यदि सरकार दस्तावेज़ की पात्रता 1962 से बदलकर 2012 या वर्तमान नियम के अनुसार करती है, तो उसका सीधा लाभ—

    ✔ मुंबई
    ✔ ठाणे
    ✔ पालघर
    ✔ नवी मुंबई

    में हो रहे हज़ारों पुनर्विकास प्रोजेक्ट्स को मिल सकता है।


    FAQ सेक्शन:

    प्रश्नउत्तर
    क्या नियम अभी बदले गए हैं?नहीं, नियम बदलने की मांग की गई है और मामला विधानसभा में उठेगा।
    क्या सभी रहवासियों को घर मिलेगा?फिलहाल स्थिति अनिश्चित है। नियम बदलने पर ही रास्ता स्पष्ट होगा।
    क्या यह मामला कानूनी रूप से कोर्ट में जा सकता है?हाँ, यदि समाधान न मिला तो रहवासी कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं।
  • नकली RTO ऐप के नाम पर 65 वर्षीय मालाड निवासी से ₹7.6 लाख की ठगी

    नकली RTO ऐप के नाम पर 65 वर्षीय मालाड निवासी से ₹7.6 लाख की ठगी

    मुंबई के मालाड में 65 वर्षीय रिटायर्ड व्यक्ति को फर्जी RTO चालान ऐप के जरिए निशाना बनाया गया। ऐप डाउनलोड करवाकर स्कैमर ने मोबाइल फोन का कंट्रोल हासिल किया और खाते से ₹7.60 लाख उड़ा लिए। केस साइबर क्राइम और IT एक्ट के तहत दर्ज।

    मुंबई: मालाड इलाके में एक 65 वर्षीय रिटायर्ड नागरिक कमलेश चौक्षी को ऑनलाइन चालान और RTO वेरिफिकेशन के नाम पर साइबर ठगों ने बड़ा झांसा दिया। फेक ऐप इंस्टॉल करवाकर स्कैमर्स ने पीड़ित के मोबाइल की पूरी एक्सेस ले ली और बैंक अकाउंट से धीरे-धीरे ₹7.6 लाख उड़ा लिए। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

    🔍 घटना कैसे हुई — पूरी कहानी

    ➡ फर्जी ऐप डाउनलोड करवाकर जाल बिछाया

    सूत्रों के मुताबिक, पीड़ित ने हाल ही में सेकेंड-हैंड कार खरीदी थी।
    कार बेचने वाले व्यक्ति ने उनसे कहा कि RTO का ₹2,000 चालान बाकी है, जिसे उन्हें मोबाइल ऐप के जरिए भरना होगा।

    कमलेश ने बताए अनुसार ऐप डाउनलोड किया और ₹2,000 जमा कर दिए।

    🟢 अगले ही दिन — पूरा पैसा वापस आ गया, ताकि पीड़ित का भरोसा जीत सकें।
    पुलिस का मानना है कि यह साइबर ठगों की सोची-समझी तकनीक थी।

    ➡ मोबाइल कंट्रोल में लेने के बाद फ्रॉड शुरू

    26 नवंबर को पीड़ित के फोन पर अचानक HDFC बैंक की लगातार तीन ट्रांजेक्शन अलर्ट आए:

    लेनदेन प्रकारराशि
    NEFT ट्रांसफर₹4.90 लाख
    मोबाइल बैंकिंग₹1 लाख
    मोबाइल बैंकिंग₹1.70 लाख

    पीड़ित ने जब अलर्ट देखा, तब तक उनका मोबाइल स्क्रीन अनजाने में खुद चल रहा था — यानी हैकर फोन रिमोट कंट्रोल से ऑपरेट कर रहा था।

    ➡ परिवार ने उठाया कदम, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी

    पीड़ित ने तत्काल अपने बेटे को सूचना दी।
    बेटा दौड़कर बैंक पहुंचा और अकाउंट को फ्रीज कराया — लेकिन तब तक पूरी रकम खाते से निकल चुकी थी।

    👮‍♂️ पुलिस कार्रवाई

    मालाड पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। FIR में धोखाधड़ी की धारा और IT एक्ट शामिल किए गए हैं।

    जांच में पाया गया कि ‘RTO Challan Payment’ नाम का ऐप फेक था, और इसी के जरिए फोन हैक किया गया।

    🧠 साइबर विशेषज्ञों की सलाह

    ✔ RTO, बैंक या सरकारी ऐप हमेशा सरकारी वेबसाइट और Play Store Verified Source से डाउनलोड करें।
    ✔ किसी लिंक पर क्लिक करने से पहले उसका डोमेन जांचें।
    ✔ फोन स्क्रीन शेयरिंग ऐप इंस्टॉल न करें।


    🔎 FAQ — आम सवाल और जवाब

    1️⃣ सवाल: क्या यह ऐप असली RTO से जुड़ा था?
    👉 नहीं, पुलिस जांच में यह नकली और फ्रॉड एप्लिकेशन पाया गया।

    2️⃣ सवाल: क्या पैसे वापस मिल सकते हैं?
    👉 साइबर पुलिस पैसे ट्रेस कर रही है, पर वापसी की गारंटी नहीं होती — लेकिन तुरंत रिपोर्ट से संभावना बढ़ जाती है।

    3️⃣ सवाल: ऐसे मामले की शिकायत कहाँ करें?
    👉 1930 हेल्पलाइन नंबर या साइबर क्राइम पोर्टल cybercrime.gov.in पर शिकायत करें।

  • भायखला चिड़ियाघर में ‘शक्ति’ बाघ की मौत, निमोनिया बना वजह

    भायखला चिड़ियाघर में ‘शक्ति’ बाघ की मौत, निमोनिया बना वजह

    मुंबई के भायखला स्थित वीरमाता जिजाबाई भोसले चिड़ियाघर में ‘शक्ति’ नाम के रॉयल बंगाल टाइगर की मौत हो गई। चिड़ियाघर प्रशासन ने बताया कि मौत का कारण निमोनिया से हुई सांस की तकलीफ थी, हड्डी फंसने की खबर गलत है।

    मुंबई: भायखला स्थित वीरमाता जिजाबाई भोसले बोटेनिकल गार्डन एंड ज़ू में रहने वाले ‘शक्ति’ नाम के रॉयल बंगाल टाइगर की 17 नवंबर 2025 को मौत हो गई। शुरुआती रिपोर्ट में यह दावा किया जा रहा था कि बाघ (टाइगर) की मौत गले में हड्डी फंसने से हुई, लेकिन चिड़ियाघर प्रशासन ने इस खबर को पूरी तरह गलत बताया है।

    अधिकारियों के मुताबिक, शक्ति की मौत निमोनिया की वजह से हुई सांस की समस्या (Respiratory Failure) के कारण हुई।

    🔹 ‘शक्ति’ की आखिरी स्थिति: डॉक्टर्स ने क्या बताया?

    प्रशासन ने बताया कि:

    • 15 नवंबर को शक्ति ने खाना नहीं खाया था।
    • उसके बाद उसे डॉक्टर्स की निगरानी में रखा गया।
    • 16 नवंबर को उसने थोड़ी मात्रा में चिकन और पानी लिया, लेकिन इसके तुरंत बाद उसे उलटी जैसा एहसास (Retching) हुआ।
    • 17 नवंबर को हेल्थ चेकअप के दौरान उसे अचानक दौरे (Convulsions) पड़े और दोपहर 12:15 बजे उसकी मौत हो गई।

    ज़ू अधिकारियों का कहना है कि शक्ति पहले पूरी तरह स्वस्थ था और उसे पहले कभी कोई बड़ा हेल्थ इश्यू नहीं था।

    🔹 पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में क्या मिला?

    मुंबई वेटरिनरी कॉलेज की टीम ने उसी दिन पोस्टमॉर्टम किया। शुरुआती रिपोर्ट में यह साफ हो गया कि शक्ति की मौत:

    👉 Payogranulomatous Pneumonia Resulting in Respiratory Failure
    (यानी गंभीर निमोनिया जिसके कारण सांस की नली बंद हो गई)

    पोस्टमॉर्टम की विस्तृत रिपोर्ट अभी बाकी है।

    🔹 अब चिड़ियाघर में कितने बाघ बचे?

    शक्ति और करिश्मा (मादा बाघ) की जोड़ी फरवरी 2020 में संभाजीनगर ज़ू से मुंबई लाई गई थी।

    शक्ति की मौत के बाद अब चिड़ियाघर में दो बाघ प्रदर्शन के लिए उपलब्ध हैं:

    🐅 जय (3 साल)
    🐅 करिश्मा (11.5 साल)

    🔹 गलत खबरों पर ज़ू प्रशासन का बयान

    कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि शक्ति की मौत गले में हड्डी फंसने से हुई, लेकिन विभाग ने इसे पूरी तरह गलत बताया और कहा:

    “बिना जानकारी लिए गलत खबर पब्लिश की गई।”


    ❓ FAQ सेक्शन:

    Q1. क्या शक्ति की मौत हड्डी फंसने के कारण हुई थी?

    नहीं। प्रशासन ने साफ किया है कि ऐसी खबरें गलत हैं। मौत न्यूमोनिया की वजह से हुई।


    Q2. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में क्या सामने आया है?

    पहली रिपोर्ट में बताया गया है कि शक्ति की मौत Respiratory Failure due to Pneumonia से हुई।


    Q3. क्या अभी भी चिड़ियाघर में वाघ हैं?

    हाँ, अभी दो वाघ — जय और करिश्मा — प्रदर्शनी के लिए मौजूद हैं।


    Q4. क्या मामले की रिपोर्ट किसी बड़े प्राधिकरण को भेजी गई?

    हाँ, रिपोर्ट Central Zoo Authority और Maharashtra Zoo Authority को भेज दी गई है।

  • BMC की अफोर्डेबल हाउसिंग लॉटरी को ठंडी प्रतिक्रिया, सिर्फ 855 ने किया डिपॉज़िट पेमेंट

    BMC की अफोर्डेबल हाउसिंग लॉटरी को ठंडी प्रतिक्रिया, सिर्फ 855 ने किया डिपॉज़िट पेमेंट

    मुंबई में BMC की अफोर्डेबल हाउसिंग लॉटरी को उम्मीद के मुताबिक रिस्पॉन्स नहीं मिला। 23,704 लोगों ने रजिस्ट्रेशन किया, लेकिन सिर्फ 855 ने ही डिपॉज़िट जमा किया। जानिए क्यों नहीं बिक रहे 55 लाख से 1 करोड़ तक के ये फ्लैट्स।

    मुंबई: बॉम्बे म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (BMC) की अफोर्डेबल हाउसिंग लॉटरी 2024 को इस बार कमजोर रिस्पॉन्स मिला है। कुल 23,704 नागरिकों ने रजिस्ट्रेशन किया, लेकिन सिर्फ 855 लोगों ने ही ₹11,000 का डिपॉज़िट पेमेंट किया है। जबकि आवेदन की अंतिम तारीख में अब केवल चार दिन बाकी हैं।
    यह फ्लैट्स डेवलपमेंट कंट्रोल एंड प्रमोशन रेगुलेशन (DCPR), 2034 के तहत विकसित किए गए हैं। कुल 426 फ्लैट्स में से 381 EWS (Economically Weaker Section) और 45 LIG (Low Income Group) के लिए रखे गए हैं।

    🏠 महंगे दामों से खरीदार पीछे हटे

    BMC ने 16 अक्टूबर को इन 426 फ्लैट्स की बिक्री की घोषणा की थी, जिनकी कीमतें ₹55 लाख से ₹1.07 करोड़ के बीच रखी गई हैं।
    इन फ्लैट्स से BMC को करीब ₹308 करोड़ की आमदनी की उम्मीद थी, लेकिन उच्च दामों के कारण खरीदारों की रुचि कम देखी जा रही है।
    BMC के मुताबिक, कीमतें स्थानीय रेडी रेकनर रेट से लगभग 10% ज़्यादा हैं, जो मिडल क्लास और लो-इनकम परिवारों के लिए भारी पड़ रही हैं।

    स्थान:
    इन फ्लैट्स के लोकेशन में मरोल (अंधेरी), मजास गांव (जोगेश्वरी ईस्ट), गोरेगांव वेस्ट, कांदिवली वेस्ट, भांडुप वेस्ट, भायखला, दहिसर और कांजुरमार्ग शामिल हैं।

    📉 BMC कर सकती है फ्लैट के रेट्स में कमी

    एक वरिष्ठ BMC अधिकारी के अनुसार —

    “अगर खरीदार नहीं मिलते हैं, तो हम कीमतों में कमी पर विचार कर सकते हैं। लेकिन उससे पहले हम मार्केट की स्थिति और अन्य सरकारी हाउसिंग इन्वेंटरी का रिव्यू करेंगे।”

    यह फ्लैट्स DCPR 2034 की रेग्युलेशन 15 और 33(20)(b) के तहत डेवेलपर्स से लिए गए हैं, जिसमें उन्हें 4000 वर्ग मीटर से बड़े प्लॉट पर बने प्रोजेक्ट का कुछ हिस्सा अफोर्डेबल हाउसिंग के लिए देना होता है।

    पहले ऐसे फ्लैट्स MHADA लॉटरी के जरिए अलॉट किए जाते थे, लेकिन इस बार BMC ने खुद यह प्रक्रिया संभाली है।

    🗓️ ऑनलाइन आवेदन और लॉटरी का शेड्यूल

    • अंतिम तारीख: 14 नवंबर 2025 (रात 11:59 बजे तक)
    • योग्य आवेदकों की सूची: 18 नवंबर (शाम 5 बजे)
    • लॉटरी ड्रॉ: 20 नवंबर (शाम 5 बजे)
    • सफल आवेदकों की घोषणा: 21 नवंबर (शाम 5 बजे)
    • आधिकारिक वेबसाइट: https://housing.mcgm.gov.in

    📊 BMC आवेदन डेटा (16 अक्टूबर – 10 नवंबर तक)

    विवरणसंख्या
    कुल रजिस्टर्ड आवेदक23,704
    रजिस्ट्रेशन फीस (₹1,180) भरने वाले1,644
    डिपॉज़िट (₹11,000) जमा करने वाले855

    🧩 क्यों नहीं मिल रही है जनता की रुचि?

    • फ्लैट्स की कीमतें आमदनी के मुकाबले ज्यादा
    • 269 से 489 वर्गफुट के छोटे आकार
    • EMI और ब्याज दरों में बढ़ोतरी
    • निजी बिल्डर्स के सस्ते ऑफर्स से मुकाबला
    • जगहों की सीमित कनेक्टिविटी

    🏡 EWS और LIG के लिए उम्मीदें अभी बाकी

    हालांकि शुरुआत धीमी रही है, लेकिन BMC को उम्मीद है कि जैसे-जैसे अंतिम तिथि करीब आएगी, आवेदकों की संख्या बढ़ेगी।
    इसके अलावा, अगर कीमतों में कमी की घोषणा होती है, तो यह मिडल क्लास खरीदारों के लिए बड़ा मौका बन सकता है।


    FAQ सेक्शन

    Q1. BMC की अफोर्डेबल हाउसिंग लॉटरी क्या है?
    यह एक सरकारी योजना है जिसमें मुंबई के अलग-अलग इलाकों में बने सस्ते घरों को लॉटरी सिस्टम के जरिए पात्र नागरिकों को आवंटित किया जाता है।
    Q2. आवेदन की आखिरी तारीख क्या है?
    14 नवंबर 2025 रात 11:59 बजे तक ऑनलाइन आवेदन और डिपॉज़िट किया जा सकता है।
    Q3. किन इलाकों में फ्लैट्स उपलब्ध हैं?
    मरोल, जोगेश्वरी, गोरेगांव, कांदिवली, भांडुप, बायकुला, दहिसर और कांजुरमार्ग में।
    Q4. फ्लैट्स की कीमतें कितनी हैं?
    ₹55 लाख से ₹1.07 करोड़ के बीच, क्षेत्र और साइज के अनुसार।
    Q5. क्या BMC दरें घटा सकती है?
    हां, BMC ने संकेत दिए हैं कि अगर खरीदार नहीं मिलते हैं तो दरों में कमी पर विचार किया जाएगा।

  • मुंबई के वेस्टर्न उपनगरों में अब लगेंगे वॉटर मीटर, BMC करेगी सप्लाई मॉनिटरिंग शुरू

    मुंबई के वेस्टर्न उपनगरों में अब लगेंगे वॉटर मीटर, BMC करेगी सप्लाई मॉनिटरिंग शुरू

    मुंबई के गोरेगांव से दहिसर तक अब बीएमसी लगाएगी वॉटर मीटर। पानी की सप्लाई में दबाव की कमी और लीकेज की पहचान होगी आसान। पश्चिमी उपनगरों में पानी की कमी पर अब सख्ती से नज़र रखी जाएगी।

    मुंबई: शहर में पानी की सप्लाई से जुड़ी समस्याओं को हल करने के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) अब एक नई पहल शुरू करने जा रही है।
    गोरेगांव से लेकर दहिसर तक के वेस्टर्न उपनगरों (Western Suburbs) में अब वॉटर मीटर (Water Meter) लगाए जाएंगे, जिससे न सिर्फ पानी का दबाव (Water Pressure) मॉनिटर किया जा सकेगा, बल्कि लीकेज और कंटैमिनेशन जैसी दिक्कतों का तुरंत पता चल सकेगा।

    बीएमसी का मानना है कि इन वॉटर मीटरों से न्यायसंगत जल वितरण (Equitable Water Distribution) सुनिश्चित किया जा सकेगा और लंबे समय से परेशान इलाकों में राहत मिलेगी।

    🚰 गोरेगांव से दहिसर तक वॉटर मीटर लगाने की योजना

    बीएमसी अधिकारियों के मुताबिक, पहले चरण में गोरेगांव, कांदिवली, बोरीवली, दहिसर और मलाड (Marve क्षेत्र सहित) जैसे इलाकों में वॉटर मीटर लगाए जाएंगे।
    इन इलाकों में पिछले चार महीनों से लगातार कम दबाव की पानी की सप्लाई (Low Water Pressure) की शिकायतें मिल रही हैं।

    हालांकि मुंबई के सात झीलों में पर्याप्त पानी का भंडार मौजूद है, लेकिन पश्चिमी उपनगरों में पाइपलाइन दबाव और लीकेज की समस्या की वजह से कई सोसायटियों को अब भी कम सप्लाई मिल रही है।

    📉 कम दबाव की समस्या बनी बड़ी चुनौती

    केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने हाल ही में उत्तर मुंबई के पानी संकट की समीक्षा बैठक की थी।
    उन्होंने बताया कि दहिसर, मागाठाणे और कांदिवली जैसे इलाकों में पानी का दबाव 40-45 लेवल तक ही रह जाता है, जबकि आदर्श स्तर 60-65 होना चाहिए।

    गोयल ने बीएमसी को सुझाव दिया कि ऐसे इलाकों में जोनल प्रेशर मीटर (Zonal Pressure Meter) लगाकर सप्लाई को ट्रैक किया जाए ताकि तुरंत सुधार किया जा सके।

    🧾 प्रदूषित पानी और पाइपलाइन लीकेज पर सख्त निगरानी

    बैठक में मंत्री ने कहा कि सबसे पहले प्रदूषित पानी और पाइपलाइन लीकेज जैसी शिकायतों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
    उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रभावित इलाकों का डिजिटल मैप तैयार किया जाए और सुधारात्मक कदम तुरंत उठाए जाएं।

    हालांकि कुल सप्लाई बढ़ाने में समय लगेगा, लेकिन यह मॉनिटरिंग सिस्टम तत्काल राहत देने में मदद करेगा।

    🗣️ स्थानीय नेताओं की मांग – ‘बराबर पानी सप्लाई हो’

    बोरीवली के विधायक संजय उपाध्याय ने कहा,

    “शहर के दक्षिण हिस्से से बड़ी आबादी उपनगरों में शिफ्ट हो चुकी है, लेकिन पानी का वितरण उसी पुराने पैटर्न पर है। पश्चिमी उपनगरों को अब भी कम सप्लाई दी जा रही है, जो अनुचित है।”

    स्थानीय नेताओं ने मांग की है कि बीएमसी सप्लाई की रफ्तार बढ़ाए और वॉटर मीटर के जरिए पारदर्शी सिस्टम लाए।

    🏙️ बीएमसी की उम्मीद – अगले साल तक बड़ा बदलाव

    बीएमसी इंजीनियरिंग विभाग का कहना है कि अगले छह से आठ महीनों में यह वॉटर मीटरिंग प्रोजेक्ट पूरा कार्यान्वित (Implemented) हो जाएगा।
    इसके बाद हर ज़ोन में डिजिटल डेटा के ज़रिए पानी की खपत, दबाव और लीकेज की जानकारी रियल टाइम में मिल सकेगी।


    FAQ सेक्शन

    Q1. बीएमसी कहां-कहां वॉटर मीटर लगाएगी?
    👉 पहले चरण में गोरेगांव से दहिसर तक के वेस्टर्न उपनगरों में।
    Q2. इस योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
    👉 पानी का दबाव मॉनिटर करना, लीकेज पकड़ना और न्यायसंगत सप्लाई सुनिश्चित करना।
    Q3. कौन-कौन से इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित हैं?
    👉 मागाठाणे, दहिसर, कांदिवली (वेस्ट) और मलाड (वेस्ट) के मार्वे क्षेत्र।
    Q4. क्या केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने इस पर कोई कदम उठाया है?
    👉 हां, उन्होंने बीएमसी को मीटर लगाने और पाइपलाइन लीकेज पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
    Q5. यह प्रोजेक्ट कब तक पूरा होगा?
    👉 बीएमसी का लक्ष्य है कि अगले 6–8 महीनों में इसे पूरी तरह लागू किया जाए।

  • Mumbai: नाबालिग बेटी से यौन शोषण के आरोप में गिरफ्तार पिता बरी — गवाही और सबूतों में मेल नहीं

    Mumbai: नाबालिग बेटी से यौन शोषण के आरोप में गिरफ्तार पिता बरी — गवाही और सबूतों में मेल नहीं

    मुंबई की पॉक्सो कोर्ट ने 35 वर्षीय व्यक्ति को नाबालिग बेटी से यौन शोषण के आरोप से बरी किया। अदालत ने कहा कि न तो पीड़िता और न ही उसकी मां ने कोई पुख्ता बयान दिया, जबकि मेडिकल रिपोर्ट में भी शोषण के निशान नहीं मिले।

    मुंबई: एक स्पेशल POCSO कोर्ट ने 35 वर्षीय पिता को नाबालिग बेटी के यौन शोषण के आरोप से बरी कर दिया, जिसे 2022 में गिरफ्तार किया गया था।
    अदालत ने साफ कहा कि गवाही और सबूतों में कोई मेल नहीं मिला, इसलिए आरोपी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता।

    🔹 क्या था मामला

    मामला कांदिवली पुलिस स्टेशन का है, जहाँ पीड़िता ने अपने पिता के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।
    शिकायत में कहा गया था कि लड़की की मां घरों में नौकरानी का काम करती है, जबकि पिता शराब के नशे में घर आते हैं।
    घटना के समय पीड़िता छठी कक्षा में पढ़ती थी

    लड़की का आरोप था कि गणपति उत्सव से कुछ दिन पहले, पिता शराब पीकर घर आए, दरवाज़ा बंद कर दिया और उसे कपड़े उतारने को कहा।
    वहां उन्होंने कथित तौर पर यौन शोषण किया और धमकी दी कि अगर किसी को बताया तो जान से मार देंगे।
    उसने आगे कहा कि कुछ दिन बाद फिर उसने साथ सोने के लिए कहा और जब मां ने उसकी रोने की आवाज सुनी, तो मामला खुला।
    इसके बाद मां-बेटी ने जाकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

    🔹 अदालत में पलटी गवाही

    मामला जब अदालत पहुंचा, तो पीड़िता ने अपने बयान में कहानी बदल दी
    उसने कहा कि पिता ने सिर्फ मोबाइल चलाने और पढ़ाई न करने पर उसे और भाइयों को पीटा था
    यौन शोषण की कोई बात उसने अपने बयान में नहीं कही।
    यहां तक कि उसकी मां ने भी कहा कि पति ने कोई गलत काम नहीं किया

    🔹 डिफेंस की दलील और कोर्ट का निर्णय

    बचाव पक्ष की ओर से एडवोकेट सुवर्णा अवध वास्ट और राहुल डिंगणकर ने दलील दी कि
    पीड़िता और मां दोनों के बयानों में कोई पुख्तापन नहीं है और
    मेडिकल रिपोर्ट में भी किसी प्रकार की चोट या शोषण के निशान नहीं मिले

    कोर्ट ने माना कि कोई भी सबूत या गवाही आरोपों की पुष्टि नहीं करती
    इसलिए आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया

    🔹 अदालत का अवलोकन

    न्यायाधीश ने कहा —

    “मां और बेटी दोनों ने बयान में शोषण का जिक्र नहीं किया।
    मेडिकल रिपोर्ट में भी किसी प्रकार की अंदरूनी या बाहरी चोट नहीं पाई गई।
    ऐसे में अदालत आरोपी को दोषी नहीं ठहरा सकती।”

    ⚖️ POCSO कोर्ट का रुख साफ: सबूत के बिना सज़ा नहीं

    पॉक्सो (POCSO) अधिनियम के तहत नाबालिगों से जुड़ी यौन उत्पीड़न की शिकायतों पर
    तेज़ कार्रवाई और सख्त सज़ा का प्रावधान है।
    लेकिन अदालतों का यह भी मानना है कि
    यदि गवाहों और मेडिकल साक्ष्य में मेल नहीं बैठता,
    तो किसी व्यक्ति को दोषी नहीं ठहराया जा सकता।

    🟨 मुख्य बिंदु एक नजर में

    • आरोपी पिता की उम्र: 35 वर्ष
    • मामला दर्ज: कांदिवली पुलिस स्टेशन, 2022
    • कोर्ट: स्पेशल POCSO कोर्ट, मुंबई
    • नतीजा: गवाही और सबूतों में विरोधाभास के कारण बरी
    • मेडिकल रिपोर्ट: किसी भी प्रकार की चोट नहीं पाई गई

    FAQ सेक्शन

    Q1. आरोपी को किस मामले में गिरफ्तार किया गया था?
    → अपनी नाबालिग बेटी से यौन शोषण के आरोप में।
    Q2. कोर्ट ने उसे क्यों बरी किया?
    → क्योंकि पीड़िता और उसकी मां के बयान आरोपों से मेल नहीं खाते थे और कोई मेडिकल सबूत नहीं मिला।
    Q3. मामला किस पुलिस स्टेशन में दर्ज था?
    → कांदिवली पुलिस स्टेशन, मुंबई।
    Q4. पॉक्सो कानून क्या है?
    → यह कानून नाबालिगों के साथ यौन अपराधों पर कड़ी सज़ा और सुरक्षा सुनिश्चित करता है।

  • मुंबई में खाने के झगड़े ने ली जान: दोस्तों ने टैक्सी ड्राइवर की कर दी हत्या

    मुंबई में खाने के झगड़े ने ली जान: दोस्तों ने टैक्सी ड्राइवर की कर दी हत्या

    मुंबई के साकीनाका इलाके में खाने को लेकर झगड़े में एक टैक्सी ड्राइवर की उसके ही चार दोस्तों ने पीट-पीटकर हत्या कर दी। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया, जबकि तीन अब भी फरार हैं।

    मुंबई: अंधेरी पूर्व के साकीनाका में मंगलवार की सुबह एक दिल दहला देने वाली वारदात हुई। खाना लाने के मामूली विवाद में चार रूममेट्स ने अपने ही दोस्त और टैक्सी ड्राइवर जावेद अहमद खान (42) की पीट-पीटकर हत्या कर दी। पुलिस ने एक आरोपी शहबाज खान (27) को मौके से गिरफ्तार कर लिया है, जबकि तीन आरोपी फरार हैं। सभी आरोपी और मृतक उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के रहने वाले बताए गए हैं।

    🍽️ खाने के झगड़े से शुरू हुआ विवाद, मौत पर खत्म

    साकीनाका के जरिमरी इलाके में पांच टैक्सी ड्राइवर एक साथ किराए के कमरे में रहते थे। सोमवार रात सभी देर से घर लौटे। हर दिन जो पहले घर आता, वही होटल से खाना लेकर आता था।
    पुलिस के मुताबिक, पिछले तीन दिन से जावेद ही खाना ला रहा था, लेकिन उस रात उसने मना कर दिया। उसने कहा — “मैं तुम्हारा नौकर नहीं हूं कि रोज खाना लाऊं, अब बारी तुम्हारी है।”
    इस बात पर दोस्तों में बहस शुरू हुई, जो मारपीट में बदल गई।

    🪵 लकड़ी के डंडे और लात-घूंसों से किया हमला

    गुस्से में आए शहबाज और उसके तीन दोस्तों ने पास में रखे लकड़ी के डंडे से जावेद के सिर पर वार किया, फिर लात-घूंसों से उसकी पिटाई कर दी।
    घायल जावेद बेहोश होकर गिर पड़ा और उसके सिर से खून बहने लगा। शोर सुनकर पड़ोसी पहुंचे और उसे अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

    👮‍♂️ एक गिरफ्तार, तीन की तलाश जारी

    साकीनाका पुलिस ने आरोपी शहबाज खान को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया, जबकि बाकी तीन आरोपी फरार हैं।
    डीसीपी दत्ता नलावड़े के अनुसार, चार टीमें फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हैं और रेलवे स्टेशन समेत सभी संभावित ठिकानों पर नजर रखी जा रही है।
    तकनीकी सहायता लेकर पुलिस आरोपियों का लोकेशन ट्रैक कर रही है।

    ⚖️ पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई

    साकीनाका पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सुनील यादव ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि सभी आरोपी और मृतक 8 साल से मुंबई में एक साथ टैक्सी चला रहे थे
    यह वारदात शहर में प्रवासी मजदूरों के बीच बढ़ते तनाव और मानसिक दबाव का एक और उदाहरण है।


    FAQ सेक्शन:

    Q1: यह वारदात कहाँ हुई?
    👉 मुंबई के साकीनाका इलाके के जरिमरी क्षेत्र में, जहां पांच टैक्सी ड्राइवर एक साथ किराए पर रहते थे।
    Q2: हत्या का कारण क्या था?
    👉 आरोपी और मृतक के बीच होटल से खाना लाने को लेकर झगड़ा हुआ था।
    Q3: कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया है?
    👉 एक आरोपी शहबाज खान को पुलिस ने गिरफ्तार किया है, जबकि तीन अन्य फरार हैं।
    Q4: पुलिस ने कौन-कौन सी धाराएँ लगाई हैं?
    👉 हत्या के तहत मामला दर्ज किया गया है।
    Q5: सभी आरोपी कहाँ के रहने वाले हैं?
    👉 सभी आरोपी और मृतक उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के रहने वाले हैं।