Tag: महाविकास अघाडी गठबंधन

  • BMC चुनाव में बीजेपी के लिए रास्ता साफ करेगी RSS, पार्टी की बैठकें हुई शुरू

    BMC चुनाव में बीजेपी के लिए रास्ता साफ करेगी RSS, पार्टी की बैठकें हुई शुरू

    महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव की तरह अब राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (RSS) एक बार फिर नगरपालिका एवं पंचायत चुनाव में भाजपा को जीताने के लिए बड़ी भूमिका निभाने वाली है। इसको लेकर भाजपा ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी है। (RSS will pave the way for BJP in BMC elections, party meetings started)

    न्यूज़ डेस्क
    मुंबई-
    महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बड़ी जीत हासिल की जिसकी किसी को भी उम्मीद नहीं थी। बीजेपी की इस बड़ी जीत में जमीनी स्तर पर काम करने वाली आरएसएस का सबसे बड़ा हाथ माना जा रहा है। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद अब आरएसएस फिर एक बार राज्य में नगरपालिका और पंचायत चुनाव के लिए अपनी कमर कस रही है। (RSS will pave the way for BJP in BMC elections, party meetings started)

    आरएसएस कर रही है चुनाव की तैयारी

    राज्य में विधानसभा चुनाव की तरह अब आरएसएस स्थानीय नगरपालिका और पंचायत चुनाव में भी बीजेपी को जीताने के लिए बड़ी भूमिका निभाने को तैयार हो रही है। क्योंकि स्थानीय निकाय चुनाव को लेकर भाजपा के साथ ही आरएसएस की बैठकों का दौर भी शुरू हो गया है। (RSS will pave the way for BJP in BMC elections, party meetings started)

    कहा जा रहा है कि भाजपा में अकेले नगरपालिका और पंचायत चुनाव जीतने के लिए पूरी क्षमता है। हालांकि, भाजपा ने विधानसभा का चुनाव महायुति गठबंधन में एकनाथ शिंदे की शिवसेना के साथ मिलकर जीता है और दूसरी तरफ महाविकास अघाड़ी गठबंधन भी चुनाव की बड़ी तैयारी कर रहा है। (RSS will pave the way for BJP in BMC elections, party meetings started)

    शिवसेना का रहा है हमेशा से कब्जा

    महाराष्ट्र की सबसे बड़ी राजनैतिक पार्टी शिवसेना का नगरपालिका और बाकी महाविकास अघाड़ी गठबंधन में शामिल दलों का पंचायती चुनाव हमेशा से कब्जा रहा है। लेकिन शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में विभाजन के बाद इसके आकड़े बदलने की पूरी संभावना है। हालांकि, महाविकास अघाड़ी में शामिल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) शरद पवार गुट, शिवसेना (UBT) उद्धव ठाकरे गुट और कांग्रेस पार्टी तीनों ही अकेले चुनाव लड़ना चाहती है। इसको लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं से चर्चा हो रही है। (RSS will pave the way for BJP in BMC elections, party meetings started)

    आपको बता दें कि बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) पर पिछले 25 सालों से अविभाजित शिवसेना का कब्जा रहा है। शिवसेना के विभाजन के बाद अब पहली बार मनपा के चुनाव होने जा रहे है। इसलिए देखना दिलचस्प होगा कि किसका पलड़ा भारी होता है और किसकी नैय्या डूबती है। क्योंकि अब तक पार्टी इसलिए जीत पा रही थी क्योंकि वह विभाजित नहीं थी लेकिन अब विभाजन के बाद जनता के भी वोट बटने की ज्यादा उम्मीदें है। (RSS will pave the way for BJP in BMC elections, party meetings started)

    भाजपा की चुनावी तैयारी

    खबर के मुताबिक भारतीय जनता पार्टी ने आरएसएस के नेतृत्व में अपने फ्रंट संगठनों के बीच समन्वय स्थापित करना शुरू कर दिया है। हाल ही में मुंबई से सटे भयंदर में एक बैठक भी आयोजित की थी जिसकी अध्यक्षता खुद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने की थी।
    बीजेपी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया कि भयंदर की बैठक से यह खबर आ रही है कि विधानसभा चुनाव में इसलिए बड़ी सफलता मिली, क्योंकि बीजेपी और आरएसएस साथ थी। पार्टी को आरएसएस के फ्रंट संगठनों की जरूरत है जिसका जमीनी स्तर पर बड़ा नेटवर्क है। (RSS will pave the way for BJP in BMC elections, party meetings started)

  • महाविकास अघाडी का हुआ विधानसभा में शपथग्रहण

    महाविकास अघाडी का हुआ विधानसभा में शपथग्रहण

    महाराष्ट्र विधानसभा में महाविकास अघाडी गठबंधन के विधायकों ने शपथग्रहण किया, जिसके दौरान शिंदे ने तीखी टिप्पणी करते हुए सवाल किया कि क्या ईवीएम घोटाला खत्म हो गया है। (Mahavikas Aghadi took oath in the assembly)

    नितिन तोरस्कर (मंत्रालय प्रतिनिधि)
    मुंबई– महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद प्रकाश में आये नतीजों ने महाविकास अघाडी गठबंधन में हलचल मचा दिया है। इसको लेकर गठबंधन के नेताओं ने ईवीएम मशीन में भाजपा द्वारा हेरफेरी किये जाने का आरोप लगा रहे हैं। जबकि इसी मुद्दे को लेकर कल शनिवार विधानसभा सत्र के पहले दिन एमवीए विधायकों ने शपथ लेने से इनकार कर दिया।लेकिन आज रविवार को उन्होंने शपथ ले ली। (Mahavikas Aghadi took oath in the assembly)

    विधानसभा में महाविकास अघाडी गठबंधन के विधायकों द्वारा शपथग्रहण के मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान में राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने तंज कसा। कहा, कि “क्या आज ईवीएम घोटाला खत्म हो गया है?” उन्होंने यह भी कहा, कि “जब विपक्ष को जीत मिलती है, तब ईवीएम सही होती है। जब हार गये, तो दोष दिया जा रहे है। क्या? वायनाड से प्रियंका गांधी को जीत मिली और झारखंड में इंडिया गठबंधन जीता तब ईवीएम सही था।” (Mahavikas Aghadi took oath in the assembly)

    जीत गए तो ईवीएम अच्छी होती है..

    उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने लोकसभा चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा, “हमारी महायुति को सिर्फ 17 सीटें मिली थीं तब ईवीएम खराब नहीं था।” वही विपक्ष को एकनाथ शिंदे ने सवाल करते हुए पूछा, “हमारी हार पर क्या उस वक्त हमने ईवीएम को दोष दिया था?” वहीं सलाह देते हुए उन्होंने कहा, कि “विपक्ष को महाराष्ट्र की जनता का जनादेश स्वीकार करना चाहिए। महायुति सरकार ने 2.5 साल में बहुत काम किया है। बहुत सारी योजनाएं लागू की है। जिसका नतीजा हमारी जीत के रूप में सामने आया है। (Mahavikas Aghadi took oath in the assembly)

    झारखंड और केरल में कैसे जीत गए?

    देश में बाकी चुनावी नतीजों पर प्रकाश डालते हुए एकनाथ शिंदे ने कहा, कि “हाल ही में झारखंड में और केरल के वायनाड में चुनाव हुए। जहां भी इनकी जीत हुई हैं, ईवीएम अच्छी होती है। तो फिर महाराष्ट्र के नतीजों पर इन्हें आपत्ति क्यों है?” उन्होंने लोकसभा चुनावी नतीजों पर कहा, कि “महायुति गठबंधन को 43.55 प्रतिशत वोट मिले और महाविकास अघाड़ी गठबंधन को 43.71 प्रतिशत वोट मिले। बस कुछ अंकों का अंतर रहा, लेकिन हमें 17 सीट और उन्हें 31 सीटें मिलीं। तब उन्होंने ईवीएम घोटाले का मुद्दा नहीं उठाया?” बता दें कि कल शनिवार को महाराष्ट्र विधानसभा सत्र के दौरान काफी हंगामा रहा, महाविकास अघाडी गठबंधन के विधायकों ने ईवीएम घोटाले का हवाला देते हुए शपथग्रहण करने से इनकार कर दिया, लेकिन आज रविवार को उन्होंने शपथ ले ली। (Mahavikas Aghadi took oath in the assembly)

  • बाबरी मस्जिद मामले से हताश सपा ने तोड़ा गठबंधन

    बाबरी मस्जिद मामले से हताश सपा ने तोड़ा गठबंधन

    महाराष्ट्र में उद्धव गुट के नेता द्वारा बाबरी मस्जिद ध्वस्त को लेकर बधाई वाले पोस्ट को देखने के बाद समाजवादी पार्टी के नेता अबु हाशिम आज़मी ने महाविकास अघाडी गठबंधन से अलग होने का ऐलान कर दिया है। (Frustrated with Babri Masjid issue, SP breaks alliance)

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    जिनके विचारधारा ही अलग हो वह गठबंधन में कैसे रह सकते हैं। ऐसा कहते हुए शनिवार को समाजवादी पार्टी के महाराष्ट्र प्रदेश प्रमुख अबू हाशिम आजमी ने महाविकास अघाडी (MVA) गठबंधन से अलग होने का ऐलान कर दिया है। बाबरी मस्जिद ध्वस्त मामले में शिवसेना (UBT) द्वारा एक समाचार पत्र में दिए विवादास्पद विज्ञापन से मामला तूल पकड़ लिया है। विज्ञापन में बाबरी मस्जिद को ध्वस्त करने पर बधाई दी गई थी। (Frustrated with Babri Masjid issue, SP breaks alliance)

    क्या है बाबरी मस्जिद ध्वस्त का मामला?

    बाबरी मस्जिद का मामला देश भर के मुसलमानों के लिए आस्था का प्रतीक रहा, जिसे ध्वस्त किए जाने के विवाद मे शिवसेना बाळासाहेब ठाकरे के कार्यकर्ताओं द्वारा खुद की भूमिका अहम बताते रहे और हिंदुत्व की राजनीतिक फायदा उठाते रहे। लेकिन समय के गुजरते ही फिर से अपने गमों को भुला कर देश भर के लोग एक हो गए। इसी कड़ी में भाजपा सरकार को मात देने के लिए विभिन्न विचारधाराओं के राजनैतिक पार्टि भी एक हो गई। लेकिन फिर एक बार बाबरी मस्जिद ध्वस्त मामले को लेकर शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के कार्यकर्ताओं द्वारा बधाई का विज्ञापन पूराने जख्मों को फिर से ताजा कर दिया। इसी बात से नाराज होकर सपा ने विपक्षी गठबंधन एमवीए (MVA) से अलग होने का ऐलान कर दिया है। (Frustrated with Babri Masjid issue, SP breaks alliance)

    बता दें कि महाविकास अघाडी गठबंधन में शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के साथ कांग्रेस, शरद पवार गुट की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, समाजवादी पार्टी और आम आदमी पार्टी के साथ अन्य छोटे दल भी शामिल हैं। खास कर यह सभी दल महाराष्ट्र में भाजपा सरकार को मात देने के लिए बनाया गया था। लेकिन बाबरी मस्जिद ध्वस्त को लेकर विवादास्पद विज्ञापन पार्टी के विचारधारा को स्पष्ट करती हैं। यहां के विभिन्न विचारधाराओं के राजनैतिक गठजोड़ को बिगड सकता है। फिलहाल समाजवादी पार्टी के नेता अबु हाशिम आज़म ने गठबंधन से अलग होने का ऐलान कर दिया है। बाकी दलों की प्रतिक्रिया सामने आ सकती है। (Frustrated with Babri Masjid issue, SP breaks alliance)

    गठबंधन से अलग होने का ऐलान करते हुए अबू हाशिम आज़म ने कहा, कि शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे के करीबी सहयोगी द्वारा बाबरी मस्जिद के विध्वंस और एक समाचार पत्र में छपे विज्ञापन पर अपनी ओर से बधाई दिया है। जो उनकी पार्टी को मंजूर नहीं है। उनका कहना है कि जब विचार ही अलग है तो काहे का गठबंधन। हम ऐसे लोगों के साथ गठबंधन में नहीं रह सकते हैं। हमारी विचारधारा बिल्कुल अलग है इसलिए सपा विपक्षी गठबंधन एमवीए (MVA) से खुद को अलग करने का ऐलान करती है।

    बाबरी मस्जिद विध्वंस की बरसी

    दूसरी ओर बाबरी विध्वंंस की बरसी पर यूपी में हाई अलर्ट रहा। संभल में भी पुलिस प्रशासन द्वारा सतर्कता बढ़ा दी गई थी, साथ ही अयोध्या में भी भारी पुलिस बल लगाया गया था। जो हर वक्त सतर्क और चौकन्ने रहे। हालांकि कहीं से भी कोई अप्रिय समाचार नहीं आई। सुरक्षा को लेकर स्थिति बेहतर नजर आई। सभी अमन और चैन से अपने रोजमर्रा के कामों में लगे रहे। लेकिन महाराष्ट्र में इस संबंध में दिए गए विज्ञापन और बधाई संबंधी बयान को लेकर सपा ने नाराज होकर विपक्षी गठबंधन एमवीए (MVA) से अपना नाता तोड़ दिया। महाराष्ट्र में सपा के दो विधायक हैं, जो अभी तक एमवीए का हिस्सा बने हुए थे। (Frustrated with Babri Masjid issue, SP breaks alliance)