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  • बारामती विमान हादसे के बाद महाराष्ट्र में तीन दिन का अवकाश, मुंबई हुई सूनसान

    बारामती विमान हादसे के बाद महाराष्ट्र में तीन दिन का अवकाश, मुंबई हुई सूनसान

    28 जनवरी 2026 को बारामती में हुए भीषण विमान हादसे के बाद महाराष्ट्र सरकार ने 29 से 31 जनवरी तक तीन दिनों का सरकारी अवकाश घोषित किया। अवकाश का असर मुंबई में साफ नजर आ रहा है, जहां सड़कें खाली और रोजमर्रा का कारोबार ठप पड़ा है।

    मुंबई: बुधवार 28 जनवरी 2026 को महाराष्ट्र के बारामती में हुए दर्दनाक विमान हादसे के बाद पूरे राज्य में शोक का माहौल है। इस हादसे में राज्य के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और प्लेन में सवार 5 लोगों की मौत बाद राज्य सरकार ने गुरुवार 29 जनवरी से शनिवार 31 जनवरी तक तीन दिनों का सरकारी अवकाश घोषित कर दिया है। रविवार पहले से ही सरकारी छुट्टी का दिन है, ऐसे में सरकारी दफ्तरों में काम करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को लगातार चार दिनों की छुट्टी मिल गई है। इस अवकाश का सबसे ज्यादा असर मुंबई शहर में देखने को मिल रहा है, जहां आम दिनों में हमेशा चहल-पहल से भरी रहने वाली सड़कें आज सूनसान नजर आ रही हैं।

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    कैसे हुआ बारामती विमान हादसा?

    28 जनवरी की सुबह बारामती के पास एक निजी विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसा इतना भीषण था कि विमान में सवार राज्य के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के साथ सभी 5 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। आग लगने के कारण विमान पूरी तरह जलकर खाक हो गया। जिसके बाद पूरे महाराष्ट्र में शोक की लहर दौड़ गई।

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    हादसे की खबर मिलते ही प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंच गईं। पूरे इलाके को सील कर दिया गया और राहत व बचाव कार्य शुरू किया गया।

    शोक में डूबी महाराष्ट्र सरकार, तीन दिन का अवकाश घोषित

    इस दुखद घटना के बाद राज्य सरकार ने संवेदनशीलता दिखाते हुए तीन दिनों का सरकारी अवकाश घोषित किया। सरकार का कहना है कि यह अवकाश शोक प्रकट करने और दुर्घटना में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि देने के उद्देश्य से रखा गया है।

    सरकारी आदेश के अनुसार—

    • सभी सरकारी कार्यालय बंद रहेंगे
    • सरकारी स्कूल और कॉलेजों में छुट्टी रहेगी
    • गैर-जरूरी सरकारी कामकाज स्थगित रहेगा

    हालांकि आवश्यक सेवाएं जैसे अस्पताल, पुलिस, फायर ब्रिगेड और आपातकालीन सेवाएं सामान्य रूप से चालू रहेंगी।

    मुंबई में दिखा अवकाश का सीधा असर

    मुंबई, जिसे कभी न सोने वाला शहर कहा जाता है, इन दिनों बिल्कुल बदला-बदला नजर आ रहा है।
    जहां आम दिनों में लोकल ट्रेन, बस स्टैंड और सड़कें लोगों से भरी रहती हैं, वहीं अब—

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    • प्रमुख सड़कें खाली दिख रही हैं
    • सरकारी इलाकों में सन्नाटा पसरा है
    • ट्रैफिक जाम न के बराबर है
    • दफ्तरों के बाहर ताले लटके हैं

    ऐसा नज़ारा आमतौर पर गर्मियों की छुट्टियों या लंबे त्योहारों में ही देखने को मिलता है।

    रोजमर्रा का कारोबार ठप

    अवकाश का असर सिर्फ सरकारी दफ्तरों तक सीमित नहीं रहा।
    मुंबई में रोजमर्रा के कारोबार पर भी इसका साफ असर पड़ा है—

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    • छोटे दुकानदारों की बिक्री घटी
    • बाजारों में ग्राहक कम
    • ऑटो-टैक्सी चालकों को सवारी नहीं
    • कई निजी दफ्तरों में भी छुट्टी जैसा माहौल

    कई व्यापारी संगठनों का कहना है कि लगातार चार दिन की सुस्ती से आर्थिक गतिविधियों पर असर पड़ा है।

    सरकारी कर्मचारियों के लिए गांव और सैर-सपाटे का मौका

    सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए यह अवकाश किसी राहत से कम नहीं है।
    कई कर्मचारियों ने—

    • अपने गांव जाने की योजना बनाई
    • परिवार के साथ समय बिताने का फैसला किया
    • कुछ लोग सैर-सपाटे के लिए बाहर निकल गए

    रेलवे स्टेशन और बस टर्मिनलों पर शहर से बाहर जाने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ी हुई नजर आई, हालांकि मुंबई के अंदरूनी इलाकों में सन्नाटा पसरा रहा।

    शोक और सन्नाटे का मिला-जुला माहौल

    जहां एक तरफ लोगों को छुट्टी का मौका मिला, वहीं दूसरी ओर पूरे राज्य में शोक का माहौल भी बना हुआ है।
    सरकारी इमारतों पर झंडे आधे झुके हुए नजर आए और कई जगहों पर श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित की गईं।

    राज्य सरकार ने हादसे में मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए सहायता और सहयोग का भरोसा भी दिलाया है।

    बारामती विमान हादसा महाराष्ट्र के लिए एक गहरा सदमा साबित हुआ। सरकार द्वारा घोषित अवकाश ने जहां शोक व्यक्त करने का अवसर दिया, वहीं मुंबई जैसे महानगर की रफ्तार भी कुछ दिनों के लिए थम गई। सूनसान सड़कें, बंद दफ्तर और ठप कारोबार इस बात की गवाही दे रहे हैं कि यह हादसा राज्य के जनजीवन पर कितना गहरा असर डाल गया है।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. कितने दिनों का सरकारी अवकाश घोषित किया गया है?
    तीन दिन का अवकाश (29 से 31 जनवरी), रविवार पहले से छुट्टी है।

    Q2. क्या सभी सरकारी दफ्तर बंद रहेंगे?
    हां, गैर-जरूरी सरकारी दफ्तर बंद रहेंगे, जरूरी सेवाएं चालू रहेंगी।

    Q3. मुंबई में सबसे ज्यादा असर किस पर पड़ा?
    ट्रैफिक, बाजार और रोजमर्रा के कारोबार पर।

    Q4. यह लेख किस आधार पर लिखा गया है?
    यह लेख एक काल्पनिक/फिक्शनल समाचार परिदृश्य पर आधारित है।

  • पुणे में झमाझम बारिश से हाईवे जाम, मुंबई में भी बादल छाए – 29 अक्टूबर तक बारिश के आसार

    पुणे में झमाझम बारिश से हाईवे जाम, मुंबई में भी बादल छाए – 29 अक्टूबर तक बारिश के आसार

    पुणे और मुंबई में रविवार को हुई भारी बारिश ने ट्रैफिक और जनजीवन को प्रभावित किया। मुंबई-बेंगलुरु हाईवे पर जाम लगा तो किसानों की फसलें भी बर्बाद हुईं। IMD ने 29 अक्टूबर तक हल्की बारिश की चेतावनी जारी की है।

    मुंबई: रविवार को पुणे और उसके आसपास के इलाकों में अचानक हुई भारी बारिश से शहर में ट्रैफिक जाम, फसल नुकसान और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। मुंबई में भी बादल छाए रहे और कुछ इलाकों में हल्की बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बन रहे कम दबाव के क्षेत्र से महाराष्ट्र में 29 अक्टूबर तक बारिश बनी रह सकती है।

    पुणे में अनियोजित भारी बारिश, किसानों की फसलें बर्बाद

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    पुणे ट्रैफिक जाम की तस्वीर

    रविवार दोपहर से पुणे शहर और आसपास के इलाके जैसे सिंहगड, पानशेत, भोर और मुळशी में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हुई। यह बारिश पूरे दिन रुक-रुक कर चलती रही, जिससे सड़कों पर पानी भर गया और ट्रैफिक ठप हो गया।
    कई जगहों पर धान (paddy crops) और अन्य फसलों को बड़ा नुकसान हुआ। किसानों का कहना है कि सालभर की मेहनत कुछ ही घंटों की बारिश में बर्बाद हो गई।

    लॉन्ग-टेल कीवर्ड्स:

    • “पुणे में अनियोजित बारिश से फसल नुकसान”
    • “मुंबई-बेंगलुरु हाईवे पर ट्रैफिक जाम अपडेट”
    • “पुणे में बारिश कब तक होगी IMD अलर्ट”

    🚗 मुंबई-बेंगलुरु हाईवे पर लंबा जाम

    दिवाली की छुट्टियों के बाद रविवार को मुंबई और पुणे लौटने वालों की भीड़ हाईवे पर बढ़ गई। भारी बारिश ने यातायात को और बिगाड़ दिया।
    मुंबई-बेंगलुरु एक्सप्रेसवे पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया। ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, बारिश के दौरान वाहन धीरे चलने से स्थिति और खराब हुई।

    🌦️ मुंबई में बादल छाए, कुछ इलाकों में बूंदाबांदी

    मुंबई शहर में रविवार को आसमान दिनभर बादलों से ढका रहा। ठाणे, दहिसर, अंधेरी और घाटकोपर जैसे इलाकों में हल्की बारिश की बूंदाबांदी दर्ज की गई।
    IMD (India Meteorological Department) के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में बन रहे Low Pressure Area के कारण महाराष्ट्र के कई हिस्सों में 29 अक्टूबर तक हल्की बारिश जारी रह सकती है।

    🌪️ IMD का अनुमान: 27 अक्टूबर तक ‘मोंथा’ साइक्लोन बन सकता है

    मौसम विभाग ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में तेजी से विकसित हो रहा कम दबाव का क्षेत्र Cyclonic Storm ‘Montha’ का रूप ले सकता है।
    इससे दक्षिण भारत और महाराष्ट्र के मौसम पर अप्रत्यक्ष असर पड़ सकता है।
    पुणे में दिन के तापमान में बढ़ोतरी और रात में ठंडक बनी हुई है, जिससे नमी और बिजली-गरज के साथ हल्की बारिश की संभावना बढ़ जाती है।

    🧑‍🌾 किसानों के लिए चिंता का विषय

    पुणे जिले के ग्रामीण इलाकों में अचानक हुई बारिश ने खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचाया।
    स्थानीय प्रशासन ने किसानों से कहा है कि वे फसल नुकसान का सर्वे करवाएं और मुआवजे के लिए कृषि विभाग में आवेदन करें।

    ⚠️ लोगों के लिए जरूरी सलाह

    • बारिश में ड्राइव करते समय गति नियंत्रित रखें।
    • हाईवे पर निकलने से पहले ट्रैफिक अपडेट चेक करें।
    • बिजली-गरज के समय खुले इलाकों में न जाएं।
    • खेतों में पानी निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करें।

    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

    Q1: पुणे में बारिश कब तक चलेगी?
    ➡️ मौसम विभाग के अनुसार, पुणे और आसपास के इलाकों में 29 अक्टूबर तक हल्की बारिश जारी रह सकती है।

    Q2: क्या मुंबई में भी भारी बारिश होगी?
    ➡️ मुंबई में फिलहाल सिर्फ हल्की बारिश और बादल छाए रहने के आसार हैं।

    Q3: किसानों को क्या करना चाहिए?
    ➡️ फसल नुकसान का तुरंत सर्वे करवाएं और कृषि विभाग से मुआवजे के लिए संपर्क करें।

    Q4: साइक्लोन ‘मोंथा’ का असर महाराष्ट्र पर होगा क्या?
    ➡️ सीधा असर नहीं, लेकिन अप्रत्यक्ष रूप से हल्की बारिश और नमी में बढ़ोतरी हो सकती है।

  • अब सिर्फ 6 घंटे में मुंबई से गोवा! सफर बनेगा स्मूद और टूरिज्म को मिलेगा बूस्ट

    अब सिर्फ 6 घंटे में मुंबई से गोवा! सफर बनेगा स्मूद और टूरिज्म को मिलेगा बूस्ट

    मुंबई से गोवा का सफर अब सिर्फ 6 घंटे में! मार्च 2026 तक पूरा होने जा रहा मुंबई–गोवा हाईवे देगा तेज़, स्मूद और सुरक्षित यात्रा का अनुभव। कोकण के बीचों, फोर्ट्स और पर्यटन को मिलेगा नया जीवन।

    मुंबई: लंबे इंतज़ार के बाद आखिरकार मुंबई–गोवा हाईवे (NH 66) अपने आखिरी चरण में पहुँच गया है। 466 किलोमीटर लंबे इस हाइवे का काम अब तेज़ी से चल रहा है और मार्च 2026 तक इसके पूरी तरह खुलने की उम्मीद है।
    अब तक जहाँ मुंबई से गोवा पहुँचने में 12–13 घंटे लगते थे, वहीं नया चार लेन वाला एक्सप्रेसवे इस सफर को आधा कर देगा — यानी अब सिर्फ 6 घंटे में आप मुंबई से गोवा पहुँच जाएंगे।

    🏗️ हाईवे का पूरा रूट और तकनीकी बदलाव

    यह हाइवे पनवेल से लेकर सिंधुदुर्ग तक फैला हुआ है और रायगढ़, रत्नागिरी जैसे जिलों से होकर गुजरता है। इसे कोकण एक्सप्रेसवे (Konkan Expressway) के नाम से भी जाना जाएगा।
    इस सड़क पर सैटेलाइट ट्रैकिंग और ANPR (Automatic Number Plate Recognition) आधारित स्मार्ट टोल सिस्टम लगाया जा रहा है। इसका फायदा ये होगा कि टोल बूथ पर गाड़ी रोकनी नहीं पड़ेगी — कैमरे नंबर प्लेट से ऑटोमैटिक पैसे काट लेंगे। इससे समय, ईंधन और जाम – तीनों से राहत मिलेगी।

    ⏳ देरी के कारण और अब तक की प्रगति

    इस प्रोजेक्ट को पहले दिसंबर 2023 में पूरा होना था, लेकिन भूमि अधिग्रहण और पर्यावरणीय मंज़ूरी के कारण देरी हुई। खासकर पनवेल से इंदापुर के बीच का हिस्सा सबसे मुश्किल था।
    अब ये सारे अड़चनें दूर कर ली गई हैं। कर्नाला सेंचुरी के इकोसिस्टम की रक्षा के लिए वहाँ फ्लाईओवर का प्लान भी रद्द कर दिया गया है।

    PWD (लोकनिर्माण विभाग) के मुताबिक, पूरे हाइवे के 10 पैकेजों में काम लगभग अंतिम चरण में है —

    • सिंधुदुर्ग: पैकेज P-9 और P-10 – 99% पूरा
    • रत्नागिरी: P-4 (92%) और P-8 (98%)
    • रायगढ़: P-2 (93%) और P-3 (82%)
      बाकी सेक्शन भी नए कॉन्ट्रैक्टर के ज़रिए तेजी से पूरे हो रहे हैं।

    🌴 पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा नया जीवन

    इस एक्सप्रेसवे के खुलने से कोकण बेल्ट का टूरिज्म और बिज़नेस दोनों को नई उड़ान मिलेगी।
    गोवा और महाराष्ट्र के बीच का ये रास्ता अब सिर्फ एक सफर नहीं रहेगा, बल्कि एक सीनिक राइड होगी — बीचों, झरनों और किलों के नज़ारों के बीच से गुजरने वाली रोमांचक यात्रा।
    स्थानीय होटल, होमस्टे, ट्रांसपोर्ट और छोटे व्यापारों को भी बड़ा आर्थिक फायदा होगा।

    ⚙️ कनेक्टिविटी से उद्योगों को नई रफ्तार

    लॉजिस्टिक सेक्टर और औद्योगिक कंपनियों को भी बड़ा लाभ मिलेगा। अब माल ढुलाई में समय और लागत दोनों घटेंगे।
    यह सड़क मुंबई की वित्तीय राजधानी को कोकण और दक्षिण भारत से जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग बनेगी।


    ❓ FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. मुंबई–गोवा हाईवे कब तक पूरी तरह खुल जाएगा?
    👉 पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट के मुताबिक, यह हाईवे मार्च 2026 तक पूरी तरह चालू हो जाएगा।

    Q2. कुल लंबाई कितनी है?
    👉 हाईवे की कुल लंबाई 466 किलोमीटर है, जो पनवेल से सिंधुदुर्ग तक फैला है।

    Q3. क्या यह टोल रोड होगा?
    👉 हाँ, लेकिन इसमें स्मार्ट टोल सिस्टम (ANPR Technology) रहेगा, जिससे गाड़ियों को रुकना नहीं पड़ेगा।

    Q4. किसे सबसे ज़्यादा फायदा मिलेगा?
    👉 पर्यटकों, ट्रक ड्राइवरों, स्थानीय व्यापारियों और होटल कारोबारियों को इस हाइवे से सीधा फायदा मिलेगा।

    Q5. इस हाईवे को और क्या नाम दिया गया है?
    👉 इसे कोकण एक्सप्रेसवे (Konkan Expressway) के नाम से भी जाना जाएगा।

  • 🩺 महाराष्ट्र में 1.8 लाख डॉक्टरों की चेतावनी: एलोपैथी में होम्योपैथिक डॉक्टरों की एंट्री से मचा बवाल

    🩺 महाराष्ट्र में 1.8 लाख डॉक्टरों की चेतावनी: एलोपैथी में होम्योपैथिक डॉक्टरों की एंट्री से मचा बवाल

    IMA महाराष्ट्र ने 18 सितंबर को 24 घंटे की हड़ताल का ऐलान किया है। होम्योपैथिक डॉक्टरों को एलोपैथिक दवाएं लिखने की इजाज़त देने के सरकार के फैसले पर एलोपैथिक डॉक्टर भड़क उठे हैं। पढ़िए पूरी रिपोर्ट।

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई समेत पूरे महाराष्ट्र में मेडिकल सेक्टर में बवाल मचा हुआ है। IMA (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) से जुड़े लगभग 1.8 लाख एलोपैथिक डॉक्टरों ने 18 सितंबर को 24 घंटे की हड़ताल करने का ऐलान किया है। वजह? सरकार का वो फैसला जिससे होम्योपैथिक डॉक्टरों को एलोपैथी की प्रैक्टिस की इजाज़त दी जा रही है।

    📚 क्या है CCMP कोर्स और इसका मतलब?

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    प्रदर्शन की तस्वीर

    राज्य सरकार ने महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल (MMC) को निर्देश दिया है कि वो उन होम्योपैथिक डॉक्टरों का रजिस्ट्रेशन शुरू करे जिन्होंने CCMP यानी Certificate Course in Modern Pharmacology को पूरा किया है। ये एक 1 साल का कोर्स है, जिसके बाद होम्योपैथिक डॉक्टर कुछ चुने हुए केसों में एलोपैथिक दवाएं लिख सकेंगे।

    😠 एलोपैथिक डॉक्टर क्यों हैं नाराज़?

    IMA महाराष्ट्र के अध्यक्ष डॉ. संतोष कदम के मुताबिक, ये फैसला न सिर्फ मेडिकल फील्ड की क्वालिटी को गिराएगा बल्कि मरीजों की सेहत के साथ भी खिलवाड़ है। उनका कहना है कि “हमने सीएम से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा है और मांग की है कि सरकार 5 सितंबर को जारी GR (Government Resolution) को तुरंत वापस ले।”

    🏥 कौन-कौन हड़ताल में शामिल होगा?

    • सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों के डॉक्टर
    • मेडिकल कॉलेजों के छात्र
    • BMC और राज्य सरकार से जुड़े डॉक्टर संगठन जैसे MARDA, BMC MARDA
    • Federation of All India Medical Association (FAIMA)

    हालांकि, इमरजेंसी सेवाएं चालू रहेंगी, ताकि मरीजों को ज़रूरी इलाज मिलता रहे।

    ⚠️ आगे क्या होगा? देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी

    FAIMA के अध्यक्ष डॉ. अक्षय डोंगरदिवे ने साफ किया है कि अगर सरकार ने अपना फैसला वापस नहीं लिया, तो देशभर में आंदोलन शुरू होगा। “हम जनता को इसके जोखिम समझाएंगे और ज़रूरत पड़ी तो सड़कों पर भी उतरेंगे।”

  • दादर में मीनाताई ठाकरे की मूर्ति पर रेड पेंट फेंका गया – राज ठाकरे ने मुंबई पुलिस को 24 घंटे में आरोपी पकड़ने का निर्देश

    दादर में मीनाताई ठाकरे की मूर्ति पर रेड पेंट फेंका गया – राज ठाकरे ने मुंबई पुलिस को 24 घंटे में आरोपी पकड़ने का निर्देश

    मुंबई के दादर स्थित शिवाजी पार्क में मीनाताई ठाकरे की मूर्ति पर रेड पेंट फेंका गया। राज ठाकरे ने मौके पर पहुंचकर पुलिस को निर्देश दिया कि 24 घंटे में आरोपी को ट्रेस किया जाए। CCTV फुटेज की जांच शुरू।

    मुंबई: दादर इलाके में स्थित शिवाजी पार्क के पास लगी मीनाताई ठाकरे की मूर्ति पर बुधवार सुबह किसी अज्ञात शख्स ने रेड पेंट फेंक दिया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और राजनीतिक माहौल भी गर्मा गया।

    राज ठाकरे का सख्त रुख – “24 घंटे में चाहिए आरोपी”

    महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे दोपहर को खुद शिवाजी पार्क पहुंचे और घटना स्थल का मुआयना किया। उन्होंने मौके पर मौजूद मुंबई पुलिस अधिकारियों को साफ कहा,
    “हर एक CCTV चेक करो और 24 घंटे के अंदर आरोपी को पकड़ो।”

    राज ठाकरे के साथ पार्टी कार्यकर्ता भी मौजूद थे और उन्होंने साफ कर दिया कि ये हरकत बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    शिवसेना (UBT) भी हुई एक्टिव, मूर्ति की साफ-सफाई कर पहनाया माला

    घटना की खबर मिलते ही शिवसेना (UBT) के कार्यकर्ता भी तुरंत वहां पहुंचे। उन्होंने मूर्ति को साफ किया और नई माला पहनाई। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भी शाम को स्थल पर जाकर अपनी प्रतिक्रिया दी।

    शिवाजी पार्क का महत्व – सिर्फ एक पार्क नहीं, राजनीति का केंद्र

    शिवाजी पार्क सिर्फ एक सार्वजनिक स्थान नहीं है, बल्कि ये महाराष्ट्र की राजनीति का अहम केंद्र रहा है। यहीं पर बाला साहेब ठाकरे की याद में मेमोरियल भी है और मीनाताई ठाकरे की मूर्ति भी उसी क्षेत्र में है। मूर्ति पर हुए इस हमले को राजनीतिक और भावनात्मक रूप से गंभीर माना जा रहा है।

    पुलिस ने दर्ज किया केस, CCTV फुटेज खंगालने का काम शुरू

    शिवाजी पार्क पुलिस स्टेशन में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ IPC की धारा 298 के तहत केस दर्ज किया गया है, जो धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने या धार्मिक स्थान को अपवित्र करने से जुड़ी है। पुलिस अब आसपास के सभी CCTV कैमरों की फुटेज चेक कर रही है ताकि आरोपी तक पहुंचा जा सके।

    लोगों में गुस्सा, बोले – वहां तो हमेशा गार्ड होता है!

    स्थानीय लोगों ने बताया कि पार्क में हमेशा एक सिक्योरिटी गार्ड तैनात रहता है, फिर भी ये हरकत हो जाना हैरान करने वाली बात है। सभी ने इस घटना की निंदा करते हुए प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

  • गड़चिरोली में नक्सली गिरफ्तार, तडगांव जंगल में तोड़फोड़ की साजिश नाकाम

    गड़चिरोली में नक्सली गिरफ्तार, तडगांव जंगल में तोड़फोड़ की साजिश नाकाम

    गड़चिरोली पुलिस ने भामरागढ़ इलाके से एक खूंखार नक्सली को गिरफ्तार किया। आरोपी शंकर भीमा महाका 2022 में सड़क निर्माण के 19 वाहन जलाने की वारदात में शामिल था और तडगांव जंगल में तोड़फोड़ की साजिश रच रहा था।

    डिजिटल डेस्क
    गड़चिरोली: महाराष्ट्र पुलिस ने नक्सल प्रभावित भामरागढ़ उपविभाग के तिराकामेटा गांव के जंगल इलाके से एक खूंखार माओवादी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान शंकर भीमा महाका (32 वर्ष) के रूप में हुई है, जो गड़चिरोली जिले के परायणार गांव का रहने वाला बताया जा रहा है।

    पुलिस के मुताबिक, यह माओवादी भामरागढ़ दलम से जुड़ा हुआ है और इलाके में तोड़फोड़ की साजिश रच रहा था।

    2022 की बड़ी वारदात से जुड़ा आरोपी

    शंकर भीमा महाका कोई साधारण नक्सली नहीं है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, वह 21 जनवरी 2022 की उस बड़ी घटना में शामिल था जिसमें नक्सलियों ने सड़क निर्माण के लिए काम कर रहे 19 वाहनों को आग के हवाले कर दिया था। यह हमला गड़चिरोली में नक्सलियों की ताकत और उनके आतंकी इरादों को साफ दिखाता था।

    इस घटना के बाद से ही पुलिस उसकी तलाश में थी। अब उसकी गिरफ्तारी को गड़चिरोली पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है।

    पुलिस ने कैसे पकड़ा?

    शनिवार को पुलिस की एक टीम ने तडगांव जंगल के इलाके में पेट्रोलिंग शुरू की थी। इसी दौरान उन्हें एक संदिग्ध व्यक्ति जंगल में घूमता नजर आया।

    • पुलिस ने उसे रोककर पूछताछ की।
    • पहचान करने पर पता चला कि यह शख्स शंकर भीमा महाका है।
    • पुलिस को शक है कि वह इलाके की टोह ले रहा था और आगे किसी बड़े हमले या तोड़फोड़ की तैयारी कर रहा था।

    नक्सलियों की “तोड़फोड़ की रणनीति”

    गड़चिरोली और आसपास के इलाके लंबे समय से नक्सली गतिविधियों से प्रभावित रहे हैं। नक्सली अक्सर सड़क निर्माण, पुल निर्माण, और सरकारी विकास प्रोजेक्ट्स को निशाना बनाते हैं ताकि स्थानीय लोगों तक सुविधाएं न पहुंच सकें।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शंकर महाका जैसे नक्सली इलाके में सर्वे और रेकी (reconnaissance) करते हैं और फिर अपनी टीम को बुलाकर हमला कराते हैं।

    नक्सलियों का नेटवर्क और दबाव

    गड़चिरोली के भामरागढ़, एटापल्ली और कोरची इलाकों में नक्सलियों का मजबूत नेटवर्क बताया जाता है।

    • स्थानीय युवाओं को डर और लालच देकर नक्सली अपने संगठन में शामिल करते हैं।
    • विकास कार्यों का विरोध करके वे सरकार और जनता के बीच दूरी पैदा करते हैं।
    • आदिवासी इलाकों में वे अपने प्रभाव को बचाए रखने के लिए हिंसा और डर का सहारा लेते हैं।

    शंकर महाका जैसे नक्सली इस नेटवर्क का अहम हिस्सा होते हैं।

    https://indian-fasttrack.com/2023/08/18/uddhav-thackeray-dont-insist-on-ticket-but-be-prepared-uddhav-thackeray-told-the-plan-to-shiv-sainiks-in-matoshree

    पुलिस-नक्सली संघर्ष का इतिहास

    गड़चिरोली पुलिस और नक्सलियों के बीच पिछले कुछ सालों में कई मुठभेड़ें हुई हैं। पुलिस ने लगातार ऑपरेशन प्रहार जैसे अभियान चलाकर नक्सलियों पर दबाव बनाया है।

    • कई टॉप नक्सली कमांडर मुठभेड़ों में मारे गए।
    • कई बार नक्सली संगठन को भारी नुकसान भी हुआ।
    • लेकिन जंगल और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों का फायदा उठाकर नक्सली आज भी सक्रिय रहते हैं।

    शंकर महाका की गिरफ्तारी क्यों अहम है?

    इस गिरफ्तारी के कई मायने हैं:

    1. 2022 की वारदात का आरोपी पुलिस के हाथ लगा।
    2. उसकी गिरफ्तारी से नक्सलियों की कई साजिशें सामने आ सकती हैं।
    3. पुलिस को अब उसके नेटवर्क और संपर्कों के बारे में भी अहम सुराग मिल सकते हैं।
    4. इलाके में विकास कार्यों की सुरक्षा को लेकर राहत मिलेगी।
    https://indian-fasttrack.com/2023/03/14/funds-going-to-40-mlas-of-eknath-shinde-bjp-mlas-unhappy

    गड़चिरोली में नक्सलवाद का इतिहास

    गड़चिरोली महाराष्ट्र का सबसे नक्सल प्रभावित जिला माना जाता है। यहां का जंगल इलाका, पहाड़ी और दुर्गम भूगोल नक्सलियों को छिपने और ऑपरेशन चलाने के लिए मदद करता है।

    • 1980 के दशक में आंध्र प्रदेश और छत्तीसगढ़ से नक्सलियों ने गड़चिरोली में कदम रखा।
    • धीरे-धीरे उन्होंने आदिवासी इलाकों में अपनी पकड़ मजबूत कर ली।
    • शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी का फायदा उठाकर नक्सली खुद को “गरीबों और आदिवासियों के मसीहा” के तौर पर पेश करते हैं।
    • लेकिन समय के साथ यह साफ हो गया कि नक्सली सिर्फ हिंसा, खून-खराबा और विकास विरोध की राजनीति करते हैं।

    गड़चिरोली पुलिस बनाम नक्सली संघर्ष की टाइमलाइन

    • 2009: गड़चिरोली में नक्सलियों ने पुलिस की बस पर हमला किया, जिसमें 17 जवान शहीद हुए।
    • 2013: एटापल्ली इलाके में नक्सलियों ने कांग्रेस नेताओं के काफिले पर हमला किया, कई बड़े नेता मारे गए।
    • 2018: पुलिस ने एटापल्ली और भामरागढ़ में बड़ी मुठभेड़ों में दर्जनों नक्सलियों को मार गिराया।
    • 2022: शंकर महाका जैसे नक्सलियों ने सड़क निर्माण रोकने के लिए 19 गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया।
    • 2023-24: ऑपरेशन प्रहार के तहत पुलिस ने कई नक्सली कैडर को खत्म किया और दर्जनों को गिरफ्तार किया।

    गड़चिरोली की मौजूदा स्थिति

    आज भी गड़चिरोली, खासकर भामरागढ़, एटापल्ली, कोरची और धानोरा इलाकों में नक्सलियों का दबदबा है।

    • यहां नक्सली ठेकेदारों, पंचायत प्रतिनिधियों और आम लोगों पर दबाव डालते हैं।
    • कई बार वे स्कूल जलाते हैं, सड़कें और पुल तोड़ते हैं ताकि सरकारी योजनाएं न पहुंच सकें।
    • लेकिन पुलिस और सरकार लगातार विकास और सुरक्षा दोनों मोर्चों पर काम कर रही है।

    जनता की बदलती सोच

    जहां पहले लोग नक्सलियों से डरकर चुप रहते थे, वहीं अब धीरे-धीरे लोग पुलिस पर भरोसा करने लगे हैं।

    • शिक्षा और सड़क की पहुंच बढ़ने से लोग समझने लगे हैं कि नक्सली सिर्फ विकास के दुश्मन हैं।
    • अब कई आदिवासी परिवार अपने बच्चों को पढ़ाई के लिए शहर भेज रहे हैं।
    • पुलिस भी “जनसंवाद अभियान” चलाकर लोगों का विश्वास जीतने की कोशिश कर रही है।

    इलाके के लोगों की प्रतिक्रिया

    गांव के लोगों ने पुलिस की इस कार्रवाई का स्वागत किया है। उनका कहना है कि जब तक नक्सली इलाके में रहेंगे, विकास रुकता रहेगा और लोग डर में जीते रहेंगे।

    पुलिस का कहना है कि शंकर महाका की गिरफ्तारी से इलाके के लोगों का भरोसा बढ़ेगा और वे धीरे-धीरे नक्सलियों के खिलाफ खड़े होंगे।

    आगे क्या होगा?

    गिरफ्तार नक्सली से पुलिस गहन पूछताछ कर रही है। संभावना है कि वह कई और नक्सलियों के नाम और उनके ठिकानों की जानकारी दे सकता है।

    इस जानकारी के आधार पर पुलिस आने वाले दिनों में और ऑपरेशन्स चलाएगी और नक्सली नेटवर्क को तोड़ने की कोशिश करेगी।

  • पालघर में पुलिस ने डकैती की साजिश नाकाम की, 11 आरोपी हथियारों के साथ गिरफ्तार

    पालघर में पुलिस ने डकैती की साजिश नाकाम की, 11 आरोपी हथियारों के साथ गिरफ्तार

    पालघर पुलिस ने वसई के राम रहीम नगर में होने वाली डकैती की साजिश नाकाम कर दी। 11 आरोपी हथियारों के साथ पकड़े गए, जिनमें कई पर हत्या और लूट के गंभीर मामले दर्ज हैं।

    पालघर: महाराष्ट्र के पालघर जिले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक डकैती की साजिश नाकाम कर दी। जानकारी के मुताबिक, करीब 10 बदमाश वसई के राम रहीम नगर (एवरशाइन सिटी) में एक बंगले को निशाना बनाने की तैयारी कर रहे थे।

    पुलिस ने समय रहते छापा मारकर 11 आरोपियों को हथियारों समेत गिरफ्तार कर लिया।

    👮‍♂️ अपराधियों का लंबा रिकॉर्ड

    पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार, पकड़े गए कई आरोपी हत्याकांड, हत्या की कोशिश, लूट, डकैती और नशे से जुड़े मामलों में पहले से वांछित हैं। ये मामले मुंबई, ठाणे और पालघर जिलों में दर्ज हैं।

    पुलिस ने आरोपियों से जब्त किया:

    • एक देसी रिवॉल्वर
    • 4 जिंदा कारतूस
    • चॉपर
    • चाकू, कैंची और हथौड़ा
    • मिर्च पाउडर

    🚓 पुलिस का जाल और गिरफ्तारी

    यह कार्रवाई क्राइम ब्रांच सेल-2, वसई और वालिव, माणिकपुर और अचोले पुलिस की टीम ने मिलकर की। पुलिस ने सूचना के आधार पर फैब्रिकेशन शॉप के पास ट्रैप बिछाया और सभी आरोपियों को दबोच लिया।

    🏧 लातूर में एटीएम गैंग पकड़ा गया

    इसी दौरान लातूर जिले में पुलिस ने एटीएम लूट करने वाले इंटरस्टेट गैंग के 4 सदस्यों को गिरफ्तार किया।

    • आरोपियों ने उदगीर इलाके में गैस कटर से एटीएम तोड़कर कैश चुराया था।
    • पुलिस ने गैस कटर, ऑक्सीजन सिलेंडर, नकली नंबर प्लेट, एक लाख रुपये नकद और हथियार जब्त किए।

    गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजस्थान, हरियाणा और भोपाल के रहने वाले अपराधियों के रूप में हुई है। पुलिस को शक है कि यह गैंग कई राज्यों में वारदात कर चुका है।

    🔫 मुंबई में हफ्ता वसूली का आरोपी पकड़ा गया

    मुंबई के बांद्रा इलाके में पुलिस ने 25 वर्षीय हिस्ट्रीशीटर को रिवॉल्वर और दो जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी पर पहले भी कई मामले दर्ज हैं।

    लगातार हो रही पुलिस कार्रवाई से साफ है कि महाराष्ट्र पुलिस अपराधियों को किसी भी कीमत पर ढील देने के मूड में नहीं है। पालघर, लातूर और मुंबई में हुई गिरफ्तारियां पुलिस की तत्परता को दिखाती हैं।

  • होली के दौरान मस्जिद के गेट को तोड़ने की कोशिश, पुलिस ने किया मामला दर्ज

    होली के दौरान मस्जिद के गेट को तोड़ने की कोशिश, पुलिस ने किया मामला दर्ज

    रत्नागिरी के राजापुर में वार्षिक शिमगा जुलूस के दौरान एक मस्जिद के दरवाजे को तोड़ने की कोशिश की गई। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही पुलिस ने मोर्चा संभाला.. (Attempt to break the gate of mosque during Holi, police registered a case)

    महाराष्ट्र: रत्नागिरी के राजापुर में माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई। शरारती लोगों ने मस्जिद का दरवाजा तोड़ने की कोशिश की। वहीं इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ लोग मस्जिद के गेट को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने नारेबाजी और अवैध रूप से भीड़ लगाने वाले लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। (Attempt to break the gate of mosque during Holi, police registered a case)

    तनाव निर्माण करने की कोशिश

    रत्नागिरी जिले के राजापुर गांव के कोकण क्षेत्र में होने वाले वार्षिक शिमगा जुलूस के दौरान कुछ शरारती लोगों ने तनाव निर्माण करने की कोशिश की। आप को बता दें कि यहां हर साल जुलूस राजापुर गांव से शुरू हो कर धोपेश्वर मंदिर तक जाता है। जुलूस करीब दो किलोमीटर की दूरी तय करता है। वहीं जुलूस के दौरान लकड़ी का लंबा तना लेकर चलने की प्रथा है। इसी लकड़ी के तने से मस्जिद के दरवाजा को तोड़ने की कोशिश की गई। (Attempt to break the gate of mosque during Holi, police registered a case)

    क्यों तोड़ना चाह रहे थे मस्जिद का दरवाजा?

    जानकारी के मुताबिक, जुलूस जवाहर चौक के पास स्थित मस्जिद के सामने से होकर गुजरता है। इसी दौरान कुछ लोगों ने लकड़ी के लंबे तने को मस्जिद के दरवाजे में लगाकर धकेलने की कोशिश कर रहे थे, शायद उनकी मंशा मस्जिद का दरवाजा तोड़ने की थी। ऐसा कहा जाता है कि लकड़ी का ये तना हर साल जुलूस के दौरान मस्जिद की सीढ़ियों पर रखा जाता है, लेकिन इस बार इससे मस्जिद के दरवाजे को तोड़ने की कोशिश की गई। वहीं इस दौरान लोगों ने नारेबाजी भी की। जिससे तनाव कि स्थित बन गई। पुलिस ने लोगों को समझाकर स्थिति तो नियंत्रण मे किया। (Attempt to break the gate of mosque during Holi, police registered a case)

  • Maharashtra: चंद्रपुर में रेत लदे ट्रक और ट्रैक्टर सहित 74 लाख रुपए का माल जब्त

    Maharashtra: चंद्रपुर में रेत लदे ट्रक और ट्रैक्टर सहित 74 लाख रुपए का माल जब्त

    महाराष्ट्र के चंद्रपुर में एसपी के आदेश पर रेत तस्करों के खिलाफ छेड़ी मुहिम। 5 ट्रक और ट्रैक्टर सहित पुलिस ने किया 74 लाख रुपये का माल जब्त। जुगार और गांजे के खिलाफ धरपकड़ .. (Maharashtra Goods worth Rs 74 lakh including sand laden truck and tractor seized in Chandrapur)

    Maharashtra News: महाराष्ट्र के चंद्रपुर में जिला पुलिस अधीक्षक के आदेश से विभिन्न पुलिस स्टेशन के प्रभारी और स्थानीय अपराध शाखा की टीमों ने रेत तस्करों के खिलाफ कार्रवाई मुहिम चलाकर सप्ताह भर में रेत लदे वाहनों के साथ 74 लाख 4 हजार रुपए का माल जब्त किया हैं। (Maharashtra Goods worth Rs 74 lakh including sand laden truck and tractor seized in Chandrapur)

    जानकारी के मुताबिक राजुरा पुलिस थाना क्षेत्र में रेत तस्करी करने वाले 5 ट्रैक्टर और रेत समेत कुल 37 लाख 19 हजार रुपए का माल और भद्रावती पुलिस थाना अंतर्गत 1 ट्रैक्टर रेत समेत कुल 6.60 लाख रुपये का माल और विरुर पुलिस थाना अंतर्गग एक ट्रक और चोरी की रेत ऐसे 22.20 लाख रुपए का माल, पडोली पुलिस थाना अंतर्गत एक ट्रैक्टर चोरी की रेत ऐसे कुल 8 लाख 5 हजार रुपए का माल ऐसे कुल 8 वाहन और अवैध रेत समेत 74 लाख 4 हजार रुपए का माल जब्त किया है। (Maharashtra Goods worth Rs 74 lakh including sand laden truck and tractor seized in Chandrapur)

    इस मामले में पकड़े गए 11 चालक-मालिकों के खिलाफ संबंधित पुलिस स्टेशनों में गौण खनिज अधिनियम और महाराष्ट्र राजस्व अधिनियम के तहत अपराध दर्ज कर आगे की छानबीन जारी है। (Maharashtra Goods worth Rs 74 lakh including sand laden truck and tractor seized in Chandrapur)

    जुआ और गांजा बिक्री के खिलाफ धरपकड़

    जिले में सट्टा पट्टी के माध्यम से जुआ खेलने और गांजे की बिक्री जैसे अवैध धंधों के खिलाफ स्थानीय अपराध शाखा की टीम ने जगह-जगह छापामारी करते हुए लगभग 31 हजार रुपए का माल जब्त किया है। स्थानीय अपराध शाखा की टीम ने सप्ताहभर में यह कार्रवाई की है। इसके अंतर्गत चिमूर पुलिस थाना अंतर्गत 2, मूल में 2, माजरी, चंद्रपुर शहर और दुर्गापुर अंतर्गत एक-एक आरोपी और कोरपना अंतर्गत शंकरपट में झंडा मुंडी से जुआ चला रहे एक आरोपी और रामनगर के अंतर्गत जुआ खेलने वाले 5 ऐसे कुल 15 आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। उक्त सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित पुलिस स्टेशनों में महाराष्ट्र जुआ अधिनियम अंतर्गत अपराध दर्ज किया गया है। (Maharashtra Goods worth Rs 74 lakh including sand laden truck and tractor seized in Chandrapur)

    इसी प्रकार रामनगर, सावली, वरोरा, बल्लारपुर, भद्रावती और चंद्रपुर शहर अंतर्गत गांजा पीने वाले 12 आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस कानून के तहत अपराध दर्ज किया गया हैं। पुलिस ने जिले के नागरिकों से अपील की है, कि कही भी अवैध जुआ, नशीले पदार्थो की बिक्री या उपयोग करने वालों की सूचना देने के लिए 112 क्रमांक पर संपर्क कर सकते है। सूचना देने वालों के नाम गुप्त रखे जाते हैं। (Maharashtra Goods worth Rs 74 lakh including sand laden truck and tractor seized in Chandrapur)

  • Maharashtra: उद्धव ठाकरे के खिलाफ एकनाथ शिंदे का ‘ऑपरेशन टाइगर’, दिल्ली में हो गया खेला?

    Maharashtra: उद्धव ठाकरे के खिलाफ एकनाथ शिंदे का ‘ऑपरेशन टाइगर’, दिल्ली में हो गया खेला?

    Maharashtra Politics: उद्धव ठाकरे की शिवसेना को एकनाथ शिंदे तोड़ने की कोशिश में हैं। उद्धव गुट के सांसदों को शिंदे गुट में शामिल करने की योजना है ‘ऑपरेशन टाइगर’।4 ठाकरे सांसद शिंदे के संपर्क में? (Maharashtra Eknath Shinde’s ‘Operation Tiger’ against Uddhav Thackeray, played in Delhi)

    Maharashtra Politics:  उद्धव ठाकरे की मुसीबत अभी खत्म नहीं हुई है. ‘ऑपरेशन टाइगर’ वाला खतरा टला नहीं है। एकना शिंदे उद्धव ठाकरे की सेना का शिकार करने में लगे हुए हैं। पहले विधानसभा चुनाव में उद्धव ठाकरे की शिवसेना को झटका लगा। अब एकनाथ शिंदे और भाजपा मिलकर उद्धव ठाकरे को तगड़ा झटका देने की कोशिशों में जुटे हैं। नीतीश कुमार और चंद्रबाबू नायडू के समर्थन पर टिकी केंद्र की मोदी सरकार को मजबूती देने के लिए अब उद्धव की शिवसेना को तोड़ने की प्लानिंग चल रही है। (Maharashtra Eknath Shinde’s ‘Operation Tiger’ against Uddhav Thackeray, played in Delhi)

    बीते दिनों खबर आई कि उद्धव ठाकरे ने ऑपरेशन टाइगर को फेल कर दिया। मगर ताज़ा अपडेट है कि उद्धव के सामने खतरा पूरी तरह अभी टला नहीं है। शिवसेना ठाकरे गुट के सांसदों को लेकर एक बड़ी अपडेट सामने आई है। दिल्ली के राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि ऑपरेशन टाइगर को गति एकनाथ शिंदे समूह दे रहा है। चर्चा है कि उद्धव ठाकरे गुट के चार सांसद उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के संपर्क में हैं। (Maharashtra Eknath Shinde’s ‘Operation Tiger’ against Uddhav Thackeray, played in Delhi)

    क्या है ऑपरेशन टाइगर?

    दरअसल, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे उद्धव ठाकरे की शिवसेना को तोड़ने में पूरी तरह से जुट चुके हैं। उन्होंने उद्धव ठाकरे गुट के सांसदों को अपने पाले में लाने के लिए ‘ऑपरेशन टाइगर’ शुरू किया है। ऑपरेशन टाइगर के अनुसार, उद्धव गुट के नेताओं को शिंदे गुट में शामिल कराने की कोशिश हो रही है। उद्धव ठाकरे के पास अभी 9 सांसद हैं। उनमें 6 से 7 सांसदों को तोड़कर शिंदे गुट में मिलाने की कवायद चल रही है। इसकी हलचल मुंबई से लेकर दिल्ली तक देखने को मिल रही है। (Maharashtra Eknath Shinde’s ‘Operation Tiger’ against Uddhav Thackeray, played in Delhi)

    ठाकरे के सांसद शिंदे गुट के करीब?

    आप को बता दें, कि संसदीय बजट सत्र इस समय दिल्ली में चल रहा है। सांसद संजय दीना पाटिल ने सांसद और शिंदे गुट के नेता डॉ. श्रीकांत शिंदे के घर आयोजित लंच में शामिल हुए। श्रीकांत शिंदे के घर लंच में शिंदे गुट के सांसद श्रीरंग अप्पा बारणे और संजय दीना पाटिल भी पहुंचे। इस लंच के बाद से ही सियासी गलियारों में हलचल मच गई है। दिल्ली की हलचल से महाराष्ट्र की सियासत में खलबली मच गई है। इस वजह से अब उद्धव की शिवसेना के कान खड़े हो गए हैं। चर्चा है कि क्या शिंदे वाली शिवसेना ने ‘ऑपरेशन टाइगर’ वाला दांव चल दिया? (Maharashtra Eknath Shinde’s ‘Operation Tiger’ against Uddhav Thackeray, played in Delhi)

    दिल्ली में क्या हुआ?

    एकनाथ शिंदे के बेटे श्रीकांत शिंदे के घर उद्धव सेना के सांसद संजय दीना पाटिल की मौजूदगी से राजनीतिक हलकों में चर्चा छिड़ गई है। दूसरी ओर श्रीरंग बारणे ने इस पर स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने कहा कि “संजय दीना पाटिल मुझे कार से श्रीकांत शिंदे के घर छोड़ने आए थे। फिर उनकी मुलाकात श्रीकांत शिंदे से हुई।” श्रीरंग अप्पा बारणे ने स्पष्ट किया कि यह कोई योजनाबद्ध बैठक नहीं थी। इस बीच संजय दीना पाटिल दिल्ली में विपक्षी सांसदों के शक्ति प्रदर्शन में नहीं पहुंचे थे। वह उसी दिन संजय राउत के साथ थे। (Maharashtra Eknath Shinde’s ‘Operation Tiger’ against Uddhav Thackeray, played in Delhi)

    दिल्ली में और एक मुलाकात

    दूसरी ओर, केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव के घर पर आयोजित डिनर में उद्धव ठाकरे के सांसदों की मौजूदगी से चर्चाएं तेज हो गईं। बुधवार रात शिंदे गुट के सांसद और केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव के घर पर सभी सांसदों के लिए डिनर का आयोजन किया गया था। शिवसेना ठाकरे गुट के तीन सांसद संजय जाधव, नागेश पाटिल अष्टीकर और भाऊसाहेब वाघचौरे इस डिनर में शामिल हुए। इसके बाद से ही चर्चा है कि क्या ऑपरेशन टाइगर ने रफ्तार पकड़ ली, और ये भी कहा जा रहा है कि “क्या ठाकरे के चार सांसद शिंदे वाली शिवसेना के संपर्क में हैं?” (Maharashtra Eknath Shinde’s ‘Operation Tiger’ against Uddhav Thackeray, played in Delhi)