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  • मुम्बई एयरपोर्ट पर हसीना गिरफ्तार, पेट के अंदर से मिले कोकीन के 100 कैपसूल

    मुम्बई एयरपोर्ट पर हसीना गिरफ्तार, पेट के अंदर से मिले कोकीन के 100 कैपसूल

    Mumbai Airport: मुम्बई एयरपोर्ट पर DRI ने ब्राजील की महिला को 10.96 करोड़ रुपये की कोकीन के 100 कैप्सूल निगलने के आरोप में गिरफ्तार किया। भारत में ड्रग्स की तस्करी के लिए महिला ब्राजील के साओ पाउलो से आई थी। (Hasina arrested at Mumbai airport, 100 capsules of cocaine found inside her stomach)

    Mumbai Airport News: देश की आर्थिक राजधानी मुम्बई से एक ऐसी खबर सामने आ रही है जिसे पढ़कर आप दंग रह जाएंगे। दरअसल मुम्बई एयरपोर्ट देश के व्यस्त एयरपोर्ट में से एक है। जहां लाखों की संख्या में देश विदेश से लोग हर दिन आते-जाते रहते हैं। इसी भीड़ का एक खुबसूरत महिला फायदा उठाकर ड्रग्स की तस्करी करना चाहती थी। लेकिन पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर उसके पेट में छिपा लगभग 10.96 करोड़ रुपए के ड्रग्स बरामद कर लिया। (Hasina arrested at Mumbai airport, 100 capsules of cocaine found inside her stomach)

    राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने मुम्बई में ड्रग्स की तस्करी करने के आरोप में 10.96 करोड़ रुपये के कोकीन से भरा 100 कैप्सूल निगलने के मामले में ब्राजील की एक महिला को गिरफ्तार किया है। DRI ने यह जानकारी दी। अधिकारियों के मुताबिक, विदेशी महिला के खिलाफ खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई की गई। (Hasina arrested at Mumbai airport, 100 capsules of cocaine found inside her stomach)

    कैसे हुई गिरफ्तारी?

    अधिकारियों ने एयरपोर्ट पर महिला को संदेहास्पद पाया। जब महिला बार बार अपने पेट पर हाथ फिरा रही थी तो अधिकारियों ने पूछा, क्या कोई प्रोब्लम तो नही है? महिला हकलाहट में अलग-अलग जवाब दे रही थी। जबकि डीआरआइ अधिकारियों को इसकी खुफिया जानकारी पहले से मिल गई थी। उन्होंने तुरंत महिला को डॉक्टरों के हवाले किया। प्रारंभिक पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि महिला भारत में कोकीन तस्करी करने के लिए 100 कैप्सूल निगल ली थी। (Hasina arrested at Mumbai airport, 100 capsules of cocaine found inside her stomach)

    महिला को तुरंत एक सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां डॉक्टरों की टीम ने उसके पेट से 1,096 ग्राम कोकीन निकाला। ये कोकीन 100 कैप्सूल में भरी हुई थी। अधिकारियों के मुताबिक, कैप्सूल में 10.96 करोड़ रुपये मूल्य का कोकीन मिला, जो अवैध रूप से बाजार में बेचा जा सकता था। (Hasina arrested at Mumbai airport, 100 capsules of cocaine found inside her stomach)

    मौत का कारण

    अधिकारियों की मानें तो महिला को भारतीय कानून के तहत गिरफ्तार किया गया है। ड्रग्स के खिलाफ भारतीय अधिनियम (NDPS) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। इस गिरफ्तारी से यह स्पष्ट होता है कि तस्कर अपनी गतिविधियों को गुप्त रखने के लिए नए नए तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसमें जान का खतरा भी होता है। अगर सफर के दौरान समय ज्यादा हो गया तो इंसानी पेट की गर्मी कैप्सूल को पिघला सकती है और एक साथ इतनी ज्यादा मात्रा में ड्रग्स शरीर में फैलने से नशा बढ़कर उस व्यक्ति की मौत भी हो सकती है। इस तरह के ड्रग्स की तस्करी पुलिस और कस्टम अधिकारियों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। (Hasina arrested at Mumbai airport, 100 capsules of cocaine found inside her stomach)

  • मुम्बई का सायन ब्रिज 110 साल बाद गिरने के लिए है तैयार

    मुम्बई का सायन ब्रिज 110 साल बाद गिरने के लिए है तैयार

    मुम्बई के सायन रेलवे स्टेशन के नजदीक ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे और एलबीएस मार्ग को जोड़ने वाला लगभग 110 साल पुराना ब्रिज तुटने जा रहा है। बृहन्मुंबई महानगर पालिका इसकी जगह पुन:निर्माण के साथ पुल को चौडा भी करेगी। इस निर्माण कार्य मे होने वाली रोकावट को सुलझा लिया गया है। (Mumbai’s Sion Bridge is ready to collapse after 110 years)

    मुम्बई: सायन के एलबीएस मार्ग को ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे जोड़ने वाला ब्रिज काफ़ी पुराना हो गया है। रेलवे ट्रैक के उपर से गुजने वाले इस ब्रिज के गिरने से कभी भी दुर्घटना हो सकती है। इस कारण बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने इसके पुन:निर्माण का फैसला किया है। जबकि इस निर्माण कार्य मे एक सार्वजनिक शौचालय और कई पेड़ बांधा बन रही थी। हालांकि इन बाधाओं का निपटारा हो गया है। अब जल्द ही पुल को गिराने का काम शुरू हो जाएगा। (Mumbai’s Sion Bridge is ready to collapse after 110 years)

    मुम्बई के सायन ब्रिज को गिराने की प्रक्रिया अब तेज हो गई है, क्योंकि सार्वजनिक शौचालय, जो बाधा बना हुआ था, शुक्रवार को बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने इसे हटा दिया है। पुल के जमीनी स्लैब को हटाने का काम भी शुरू हो गया है, जिससे पुल को गिराने की प्रक्रिया में तेजी आ गई है। बाधा डालने वाले पेड़ों की छंटाई की अनुमति भी पहले से मिली हुई है। (Mumbai’s Sion Bridge is ready to collapse after 110 years)

    आप को बता दें कि अगस्त 2024 में सायन ब्रिज को बंद करने के छह महीने बाद, चार पेड़ और एक शौचालय का स्ट्रक्चर तोडफोड प्रक्रिया में बाधा बन रहे थे। सूत्रों ने बताया कि अतिक्रमणकारी शौचालय के ऊपर रहकर समस्या पैदा कर रहे थे, लेकिन अब सभी मुद्दों को सुलझा लिया गया है और शौचालय के स्ट्रक्चर से बिजली कनेक्शन को भी हटा कर शौचालय के स्ट्रक्चर को गिरा दिया गया है। (Mumbai’s Sion Bridge is ready to collapse after 110 years)

    50 करोड़ की लागत

    एक अधिकारी ने बताया, कि नीचे रेल यातायात को बाधित किए बिना स्ट्रक्चर को दो भागों में गिराया जा रहा है। ब्रिज को हटाने से पहले, रेलवे ट्रैक के दोनों ओर एक रिटेनिंग स्ट्रक्चर के साथ मजबूती से बैरिकेडिंग की जाएगी ताकि ट्रैक पर कोई उल्लंघन न हो। तोडफोड का काम पूरा होने के 30 महीने बाद नया पुल बनकर तैयार हो जाएगा। रि-डेवलपमेंट के साथ-साथ एप्रोच रोड की अनुमानित लागत लगभग 50 करोड़ रुपये है, जिसे बीएमसी और रेलवे के बीच साझा किया गया है। (Mumbai’s Sion Bridge is ready to collapse after 110 years)

    कितना पुराना है ये ब्रिज?

    110 साल पुराना यह पुल ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे को लाल बहादुर शास्त्री (LBS) रोड और धारावी रोड से जोड़ता है, जिसे कुछ साल पहले खतरनाक घोषित किया गया था। सायन रोड ब्रिज की आईआईटी ब्रिज ऑडिट रिपोर्ट में  2020 की शुरुआत में ही पुल की जर्जर स्थिति के बारे में चेतावनी दी थी, जिसमें कहा गया था, कि इसे चलती रेल लाइनों के ऊपर लटकाए रखना बेहद खतरनाक है क्योंकि इसकी आयु समाप्त हो चुकी है। (Mumbai’s Sion Bridge is ready to collapse after 110 years)

    अतिरिक्त रेलवे लाइन का निर्माण

    सेंट्रल रेलवे (CR) और बीएमसी संयुक्त रूप से पुल का पुन:र्निर्माण करेंगी और रेलवे क्षेत्र के नीचे कोई स्पैन नहीं होने से दो और रेल लाइनों के लिए जगह बनाई जाएगी, जो पांचवीं और छठी लाइनों का हिस्सा होने वाली है। रेलवे के हिस्से पर पुल की लंबाई 40 से बढ़ाकर 51 मीटर की जाएगी। इसके साथ ही नई रेलवे लाइन बिछाने के लिए कुछ महत्वपूर्ण बदलाव भी किये जा रहे हैं। (Mumbai’s Sion Bridge is ready to collapse after 110 years)

    बनेगा आइलैंड प्लेटफॉर्म

    नई लाइनें बिछाने के लिए, मौजूदा सायन रेलवे स्टेशन को नई रेल लाइनों और प्लेटफार्मों को मिलाने के लिए थोड़ा पश्चिम की ओर स्थानांतरित किया जा रहा है। एलबीएस रोड के ठीक बगल में एक नया रेल प्लेटफॉर्म बनाया जाएगा, जबकि मौजूदा प्लेटफॉर्म जिस पर पुरानी हेरिटेज झोपड़ी खड़ी है, उसे एक आइलैंड प्लेटफॉर्म में बदल दिया जाएगा, जिसके दोनों तरफ ट्रेनें चलेंगी। (Mumbai’s Sion Bridge is ready to collapse after 110 years)

    फुट ओवरब्रिज का होगा निर्माण

    सेंट्रल रेलवे (CR) के एक अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि अगले कुछ दिनों में बिजली के तारों को हटा दिया जाएगा और स्थानीय लोगों के लिए फुट ओवरब्रिज बनाने के लिए कुछ जमीन की आवश्यकता होगी। बीएमसी ने जमीन को पट्टे (किराए) पर दे दिया है और इस मुद्दे को सुलझाया जा रहा है। (Mumbai’s Sion Bridge is ready to collapse after 110 years)

  • मुम्बई यूनिवर्सिटी की गलती, लाखों छात्रों के लिए बनी मुसीबत

    मुम्बई यूनिवर्सिटी की गलती, लाखों छात्रों के लिए बनी मुसीबत

    Mumbai University Certificate Mistake : मुम्बई यूनिवर्सिटी ने इतनी बड़ी गलती कर दी है कि अब लाखों छात्रों के लिए मुसीबत खड़ी हो गई है। मुम्बई यूनिवर्सिटी ने 2023-24 बैच के ग्रेजुएशन सर्टिफिकेट पर अपने नाम की स्पेलिंग ही गलत छाप दी है। छात्रों को सही सर्टिफिकेट मिलने में देरी होगी। यूनिवर्सिटी अब इस गलती को सुधारने में लगी है। (Mumbai University’s mistake, creating trouble for lakhs of students)

    मुम्बई : अक्सर जरूरी दस्तावेजों पर नाम में गडबडी या स्पेलिंग मिस्टेक के कारण लोगों को कई मुसीबतों का सामना करना पड़ता है। उनमें ख़ासकर पढाई के सर्टिफिकेट में अगर मिस्टेक हो जाए तो लोग उसे जाली समझ लेते हैं। मुम्बई यूनिवर्सिटी ने भी कई बार ऐसी गलती की है। लेकिन इस बार तो यूनिवर्सिटी ने खुद अपने नाम की स्पेलिंग ही गलत छाप दी है। 2023-24 बैच के ग्रेजुएशन सर्टिफिकेट पर ‘University of Mumabai‘ लिखा हुआ है। इसमें “Mumbai” की जगह “Mumabai” लिखे होने से पूरा सर्टीफिकेट ही जाली नजर आ रहा है। ये सारे सर्टिफिकेट कई कॉलेजों को भेज दिए गए हैं। अब कई कॉलेज इन सर्टिफिकेटों को वापस कर रहे हैं। (Mumbai University’s mistake, creating trouble for lakhs of students)

    एक कॉलेज के प्रिंसिपल ने कहा, ‘अपने ही नाम की स्पेलिंग गलत करना मुम्बई युनिवर्सिटी के लिए शर्मनाक बात है।’ एक दूसरे प्रिंसिपल ने कहा, ‘ऊपर गलत नाम की वजह से लोगो को सर्टिफिकेट नकली लग रहे हैं। सोचिए, अगर छात्र नौकरी या आगे की पढ़ाई के लिए इन सर्टिफिकेट का इस्तेमाल करेंगे तो क्या होगा?’ (Mumbai University’s mistake, creating trouble for lakhs of students)

    सर्टिफिकेट की वापस से होगी मांग

    प्रिंसिपल ने आगे कहा, ‘नए सर्टिफिकेट छपवाने से छात्रों को उन्हें मिलने में देरी होगी। कई छात्रों को आगे की पढ़ाई या नौकरी मिल चुकी होगी, और शायद उन्होंने इस गलती पर ध्यान भी नहीं दिया होगा।’ प्रिंसिपल ने बताया कि अब सभी गलत सर्टिफिकेट उन बच्चों से वापस मंगवाने पड़ेंगे। (Mumbai University’s mistake, creating trouble for lakhs of students)

    हैदराबाद की कंपनी ने की गड़बड़ी

    मुम्बई विश्वविद्यालय ने सर्टिफिकेट छापने का काम हैदराबाद की एक कंपनी को दिया था। अब यूनिवर्सिटी इस गलती को सुधारने में लगी है। Mumbai University के प्रवक्ता ने बताया कि ‘छपाई की समस्या के कारण कुछ सर्टिफिकेट में गलतियां हो गई हैं।’ लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि कितने सर्टिफिकेट में गलती हुई है? प्रवक्ता ने कहा, ‘हम इसे सुधार रहे हैं। छात्रों को बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के नए सर्टिफिकेट मिलेंगे।’ उन्होंने यह भी बताया कि गलती का पता चलते ही यूनिवर्सिटी ने इसे सुधारना शुरू कर दिया है। सभी कॉलेजों को अभी तक सर्टिफिकेट नहीं भेजे गए हैं। बाकी कॉलेजों को सही सर्टिफिकेट भेजे जाएंगे। (Mumbai University’s mistake, creating trouble for lakhs of students)

    लापरवाही पर नाराज

    एक प्रिंसिपल ने बताया कि पिछले कुछ सालों में सर्टिफिकेट में गलतियां कम हुई हैं। क्योंकि मुम्बई युनिवर्सिटी छात्रों को अपनी जानकारी जांचने और उसमें सुधार करने का मौका देता है। यह सब छपाई से पहले होता है। इससे गलतियां कम हो जाती हैं। इस बार हुई गलती वाकई में बड़ी है और उम्मीद है कि भविष्य में ऐसी गलती दोबारा नहीं होगी। छात्रों के भविष्य से जुड़े इन दस्तावेजों को तैयार करने में पूरी सावधानी बरतनी चाहिए। यूनिवर्सिटी को अपनी प्रक्रियाओं की समीक्षा करनी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ऐसी लापरवाही दोबारा न हो। यह घटना छात्रों और उनके माता-पिता के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने उम्मीद जताते हुए कहा कि यूनिवर्सिटी जल्द से जल्द सही सर्टिफिकेट उपलब्ध करा देगी। (Mumbai University’s mistake, creating trouble for lakhs of students)

  • महालक्ष्मी से हाजी अली मिसिंग लिंक जल्द होगा पूरा

    महालक्ष्मी से हाजी अली मिसिंग लिंक जल्द होगा पूरा

    महालक्ष्मी और हाजी अली के बीच मिसिंग लिंक को लेकर बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने टेंडर जारी किया था जिसे 2026 में पूरे 5 साल होने पर 26 अक्टूबर तक प्रोजेक्ट पूरा करने का निर्देश जारी किया है। मुम्बई के सात रास्ते को जोड़ने वाली है ये सबसे बड़ी परियोजना .. (Mahalakshmi to Haji Ali missing link will be completed soon)

    मुम्बई: टेंडर जारी करने के पांच साल बाद बनकर तैयार होगा महालक्ष्मी और हाजी अली को जोड़ने वाला मिसिंग लिंक। बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने बुधवार को दक्षिण मुंबई के महालक्ष्मी और हाजी अली के बीच मिसिंग लिंक परियोजना को पूरा करने के लिए अक्टूबर 2026 तक की समय सीमा तय की। (Mahalakshmi to Haji Ali missing link will be completed soon)

    इस परियोजना में एक केबल-आधारित रोड ओवर ब्रिज (ROB) और एक फ्लाईओवर शामिल है जो इन दो बिंदुओं को शहर के सात रास्ता वाले सबसे व्यस्त ट्रैफिक जंक्शन के साथ जोड़ेगा। इन दोनों पुल के सेंटर में सात रास्ता जंक्शन होने से महालक्ष्मी और हाजी अली के बीच एक वी-आकार का रास्ता प्रदान करेंगा। (Mahalakshmi to Haji Ali missing link will be completed soon)

    बीएमसी के एक अधिकारी ने बताया कि “वर्तमान में, मौजूदा महालक्ष्मी पुल महालक्ष्मी से वर्ली हाजी अली तक पहुंचने का एकमात्र 100 साल पुराना लिंक है और वर्तमान यातायात भार के कारण पूरा मार्ग पूरे दिन भीड़भाड़ वाला रहता है। इसलिए, ये दो नए पुल न केवल महालक्ष्मी और हाजी अली के बीच लापता लिंक कनेक्शन को पूरा करेगा, बल्कि सात रास्ता के साथ डायरेक्ट कनेक्ट भी  करेंगा।” (Mahalakshmi to Haji Ali missing link will be completed soon)

    क्यों बनाया जा रहा है प्रोजेक्ट?

    दक्षिण मुंबई में यातायात की आवाजाही को आसान बनाने के लिए, बीएमसी ने 2019 में मौजूदा महालक्ष्मी पुल से लोड को कम करने और महालक्ष्मी ईस्ट की ओर सात रास्ता तक कनेक्टिविटी का विस्तार करने का प्रस्ताव रखा था, जिसमें हाजी अली और महालक्ष्मी के बीच गायब लिंक को भी पूरा करने का प्रस्ताव शामिल है। इसमें देखा गया कि मौजूदा महालक्ष्मी पुल को ठोस विकल्प के बिना नहीं गिराया जा सकता। इसलिए बीएमसी ने इन दो नए फ्लाईओवरों के निर्माण का प्रस्ताव रखा। इस परियोजना को स्थायी समिति द्वारा मंजूरी मिलने के बाद 2020 में टेंडर निकाला गया था। (Mahalakshmi to Haji Ali missing link will be completed soon)

    कैसी होगी योजना?

    केबल-रुका हुआ आरओबी ब्रिज महालक्ष्मी स्टेशन के पश्चिमी (West) हिस्से के पास केशव राव खद्ये मार्ग से निकलेगा और रेलवे ट्रैक के ऊपर से पूर्व (East) की ओर गुजरेगा और फ्लाईओवर सात रास्ता से जुड़ेगा। चार लाईन लंबाई वाला यह आरओबी 803 मीटर लंबा होगा, जिसकी चौड़ाई 23 मीटर होगी, जबकि जमीन से ऊंचाई 63 मीटर होगी। (Mahalakshmi to Haji Ali missing link will be completed soon)

    इस बीच, दूसरा फ्लाईओवर सात रास्ता से निकलेगा और रेलवे ट्रैक के ऊपर से गुजरेगा और पश्चिम की ओर बढ़ेगा, अंत में महालक्ष्मी रेस कोर्स से सटे हाजी अली के पास डॉ. ई मूसा रोड के पास जुड़ जाएगा। यह फ्लाईओवर 639 मीटर लंबा होगा और इसमें चार वाहन लेन होंगे। बृहन्मुंबई महानगर पालिका के अधिकारियों का कहना है कि पुल का संरेखण (Alignment) मौजूदा हरित क्षेत्र को न्यूनतम क्षति सुनिश्चित करने के लिए किया गया है। (Mahalakshmi to Haji Ali missing link will be completed soon)

    लगभग 500 करोड़ की लागत

    दोनों परियोजनाओं की कुल लागत 497 करोड़ रुपये आंकी गई है, जिसमें केबल स्टे ब्रिज की लागत 400 करोड़ रुपये है, जबकि दूसरे फ्लाईओवर की लागत 97 करोड़ रुपये है। अक्टूबर 2026 की समय सीमा तय होने पर बुधवार सुबह पुल विभाग के वरिष्ठ बीएमसी अधिकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने साइट का निरीक्षण किया। (Mahalakshmi to Haji Ali missing link will be completed soon)

    अतिरिक्त नगर आयुक्त (परियोजनाएं) अभिजीत बांगर ने कहा कि केबल स्टे ब्रिज की नींव को सहारा देने के लिए 78 मीटर लंबा स्तंभ बनाया जाएगा और इस स्तंभ का निर्माण अगले सात महीनों में पूरा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि अधिकारियों द्वारा पुल के मुख्य मार्ग के शुभारंभ और निर्माण का कार्य भी एक साथ किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि इन दोनों फ्लाईओवरों के निर्माण का मूल विचार विकास योजना (डीपी) 2034 मॉडल में रखा गया था। (Mahalakshmi to Haji Ali missing link will be completed soon)

  • शिवशाही बस में एक लड़की के साथ बलात्कार, विपक्ष ने साधा सरकार पर निशाना

    शिवशाही बस में एक लड़की के साथ बलात्कार, विपक्ष ने साधा सरकार पर निशाना

    महाराष्ट्र के पुणे शहर में राज्य परिवहन की एक खड़ी हुई बस में एक व्यक्ति ने 26 वर्षीय लड़की से कथित तौर पर बलात्कार कर दिया है। इस घटना के बाद से विपक्ष सरकार की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर दिया है। (Rape of a girl in Shivshahi bus, opposition targeted the government)

    महाराष्ट्र: पुणे शहर में राज्य परिवहन की एक खड़ी हुई बस में एक व्यक्ति ने 26 वर्षीय लड़की से कथित तौर पर बलात्कार किया है। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी और बताया कि आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड पहले से मौजूद है। मंगलवार की सुबह हुई इस घटना पर विपक्षी दलों के नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने पुणे क्षेत्र में बढ़ते अपराध से निपटने में विफल रहने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के गृह विभाग को दोषी ठहराया है। घटना स्थल यानी बस के अंदर से शाराब की बोतल, साड़ियां और चादर के साथ कंडोम के पैकेट बरामद हुए है। अनुमान लगाया जा रहा है कि या एक नही कई बलात्कार हो चुके हैं। (Rape of a girl in Shivshahi bus, opposition targeted the government)

    स्वरगेट पुलिस थाने के एक अधिकारी ने बताया कि संदिग्ध 36 वर्षीय दत्तात्रेय रामदास गाडे के खिलाफ चोरी और चेन स्नेचिंग के पहले से मामले दर्ज हैं। आपको बता दें कि स्वरगेट महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (MSRTC) के सबसे बड़े बस जंक्शनों में से एक है। यहां चार एसी बस भंगार के रूप में खड़ी है। जबकि 20 सुरक्षाकर्मियों के होते हुए यहां बलात्कार की घटनाएं हो रही है। (Rape of a girl in Shivshahi bus, opposition targeted the government)

    सरकारी बस में लड़की से दुष्कर्म

    पीड़ित लड़की के अनुसार, मंगलवार सुबह करीब पौने छह बजे वह सतारा जिले के फलटण के लिए एक स्टैंड पर बस का इंतजार कर रही थी। तभी एक व्यक्ति उसके पास आया और उससे बातचीत करते हुए उसे ‘दीदी’ कहकर बुलाया। पीड़ित के अनुसार आरोपी ने उससे कहा कि सतारा के लिए बस दूसरे स्टैंड पर आ गई है। (Rape of a girl in Shivshahi bus, opposition targeted the government)

    शिवशाही बस में बलात्कार

    आरोप है कि इसके बाद वह उसे स्टेशन परिसर में ही खड़ी एक खाली ‘शिवशाही’ एसी बस में ले गया और बस के अंदर की लाइटें चालू न होने के कारण वह पहले तो बस में चढ़ने से हिचकिचाई, लेकिन व्यक्ति ने उसे आश्वस्त किया कि यह सही बस है। पीड़ित के अनुसार आरोपी ने उससे कहा कि वह बस में चढ़ने के बाद टॉर्च जलाकर देख सकती है, इसके बाद वह उसके पीछे अंदर बस में चड़ गया और फिर दुष्कर्म करके भाग गया। (Rape of a girl in Shivshahi bus, opposition targeted the government)

    सीसीटीवी फुटेज से खुला राज

    अधिकारी ने कहा कि पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज से आरोपी की पहचान हुई और उसे पकड़ने के लिए कई टीम बनाई गई हैं। पुलिस उपायुक्त स्मार्तना पाटिल ने बाद में पत्रकारों को बताया कि सीसीटीवी फुटेज में महिला उस आरोपी के साथ बस की ओर जाती हुई दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि घटना के समय बस अड्डा परिसर में कई लोग और कई बसें थीं। (Rape of a girl in Shivshahi bus, opposition targeted the government)

    Pune rape case
    बलात्कार के मिले सबूत

    डीसीपी ने कहा कि महिला ने घटना के तुरंत बाद पुलिस से संपर्क नहीं किया, बल्कि फलटन जाने वाली बस में सवार हो गई और यात्रा के दौरान अपने दोस्त को फोन पर घटना के बारे में बताया। पाटिल ने कहा कि अपने दोस्त की सलाह पर वह पुलिस थाने जाकर शिकायत दर्ज कराई। अधिकारी ने कहा कि महिला की हालत स्थिर है और उसने पुलिस को स्पष्ट बयान दे दिया है। (Rape of a girl in Shivshahi bus, opposition targeted the government)

    खोजी कुत्तों की टीम का इस्तेमाल

    डीसीपी ने कहा, कि भारतीय न्याय संहिता के तहत बलात्कार का मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा, पुणे जिले के शिकारपुर और शिरुर पुलिस थानों में आरोपी दत्तात्रेय रामदास गाडे के खिलाफ पहले भी मामले दर्ज किए गए हैं। उन्होंने बताया कि उसे पकड़ने के लिए पुलिस ने आठ टीम बनाई हैं। अधिकारी ने बताया कि खोजी कुत्तों की टीम का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। (Rape of a girl in Shivshahi bus, opposition targeted the government)

    सरकार पर लगा आरोप

    राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी शरद पवार गुट की नेता और बारामती की सांसद सुप्रिया सुले ने इस घटना को लेकर महाराष्ट्र की भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पास में ही पुलिस चौकी है और इलाके में नियमित गश्त होती है। फिर भी असमाजिक तत्वों को कानून का खौफ नही है। सुले ने पत्रकारों से कहा, “गृह विभाग पुणे में अपराध रोकने में विफल रहा है। इस मामले की सुनवाई फास्ट-ट्रैक अदालत में होनी चाहिए और आरोपियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।” (Rape of a girl in Shivshahi bus, opposition targeted the government)

    बुनियादी मुद्दों को नजरअंदाज

    कांग्रेस की महाराष्ट्र अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने दावा किया कि राज्य में बलात्कार की घटनाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि MSRTC बसें महाराष्ट्र की जीवन रेखा हैं और अब MSRTC बस के अंदर बलात्कार की घटना हुई है। उन्होंने कहा, “जब दिल्ली में निर्भया सामूहिक बलात्कार की घटना हुई थी, तो लोगों ने सरकार बदल डाली थी। आप भाजपा सरकार महिलाओं के लिए लाडकी बहिन योजना (वित्तीय सहायता प्रदान करना) को बढ़ावा देते हैं, लेकिन लोगों के बुनियादी मुद्दों को नजरअंदाज किया जाता है।” (Rape of a girl in Shivshahi bus, opposition targeted the government)

  • Maharashtra Budget Session: क्या ठेकेदारों का बकाया बजट सत्र में गूंजेगा?

    Maharashtra Budget Session: क्या ठेकेदारों का बकाया बजट सत्र में गूंजेगा?

    महाराष्ट्र राज्य ठेकेदार संघ (MSCA) के अध्यक्ष मिलिंद भोसले ने दावा किया कि अकेले PWD के बकाया बिलों की राशि जुलाई 2024 से लगभग 46,000 करोड़ रुपये हो गई है। (Will contractors’ dues resonate in Maharashtra’s budget session)

    मुम्बई: महाराष्ट्र विधानमंडल के बजट सत्र के दौरान विपक्ष ठेकेदारों के मुद्दे को उठाने की जोर शोर से तैयारी कर रहा है। राज्य के ठेकेदार आरोप लगा रहे हैं कि उनका एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान नहीं किया जा रहा है। सबसे ज्यादा सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) का काम करने वाले ठेकेदार परेशान है। ठेकेदारों के भुगतान पर PWD ने जानकारी देते हुए कहा कि सड़क और इमारत उपक्षेत्र के लंबित भुगतानों को निपटाने के लिए साल 2024-25 में अब तक 15,091 करोड़ रुपये की निधि वितरित की जा चुकी है। विभाग ने फरवरी 2025 में कुल 683 करोड़ 72 लाख रुपये की निधि वितरित की। (Will contractors’ dues resonate in Maharashtra’s budget session)

    PWD ने क्या कहा?

    सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा लंबित भुगतानों की दी गई जानकारी में कहा, कि विभिन्न योजनाओं के लिए बजट में बकाया राशि वितरित करने का कार्य प्रगति पर है। ठेकेदारों के बकाया भुगतान के लिए ट्रेड रिसीवेबल्स डिस्काउंट सिस्टम (TReDS) प्रणाली का उपयोग करने का निर्णय लिया गया है। इस संबंध में वित्त विभाग को प्रस्ताव पेश किया गया और कार्यवाही प्रगति पर है। (Will contractors’ dues resonate in Maharashtra’s budget session)

    मंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक

    बता दें कि ठेकेदारों के बकाया भुगतान के निपटारे के लिए सार्वजनिक निर्माण मंत्री शिवेंद्र सिंह राजे भोसले की अध्यक्षता में हाल ही में एक बैठक आयोजित की गई थी। विभाग के अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुसार विभाग द्वारा कार्यवाही की जा रही है। (Will contractors’ dues resonate in Maharashtra’s budget session)

    64 करोड़ रुपये वितरित

    मंत्रालय और मंत्रियों के आवासों के रखरखाव का कार्य सुचारू रूप से चल रहा है और इसके लिए फरवरी माह में 64 करोड़ रुपये से अधिक की निधि वितरित की गई है। 18 करोड़ रुपये से अधिक की निधि वितरित करने की प्रक्रिया जारी है। बजट में अवितरित प्रावधान वितरित करने के बाद, लंबित भुगतानों के निपटारे के लिए वित्तीय वर्ष के बचे हुए समय में आवश्यक निधि उपलब्ध कराने के लिए सरकार के पास विभिन्न विकल्प खुले हैं और इसी के मुताबिक, कार्यवाही की जा रही है। (Will contractors’ dues resonate in Maharashtra’s budget session)

    प्रचार पर अतिरिक्त खर्च

    महाराष्ट्र राज्य ठेकेदार संघ (MSCA) के अध्यक्ष मिलिंद भोसले ने दावा किया कि अकेले PWD के बकाया बिलों की राशि जुलाई 2024 से लगभग 46,000 करोड़ रुपये है। बुनियादी ढांचे और विकास क्षेत्रों में लगभग 4 लाख ठेकेदार और 4 करोड़ कर्मचारी वित्तीय संकट का सामना कर रहे हैं। भोसले ने आरोप लगाया कि हमारी चिंताओं को दूर करने के बजाय, सरकार प्रचार के लिए मुफ्त चीजें बांटने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। (Will contractors’ dues resonate in Maharashtra’s budget session)

    किश्तों में होगा भुगतान

    मुंबई ठेकेदार संघ के कार्यकारी अध्यक्ष दादा इंगले का कहना है कि मुंबई सर्कल के तीन डिवीजनों में 600 करोड़ रुपये के बिलों का भुगतान नहीं किया गया है। विभिन्न विभागों के पास कुल 1,09,300 करोड़ रुपये के बिल लंबित हैं। इसमें लोक निर्माण विभाग (46,000 करोड़ रुपये), जल जीवन मिशन (18,000 करोड़ रुपये), ग्रामीण विकास (8,600 करोड़ रुपये), सिंचाई विभाग (19,700 करोड़ रुपये) और शहरी विकास को 17,000 करोड़ रुपये का भुगतान करना बाकी है। लोक निर्माण मंत्री शिवेंद्रराजे भोसले ने कहा कि वित्त विभाग लंबित बिलों को किस्तों में निपटाने पर काम कर रहा है। (Will contractors’ dues resonate in Maharashtra’s budget session)

  • ट्रक का टायर फटा और उड गए चलती रिक्शा के परखच्चे

    ट्रक का टायर फटा और उड गए चलती रिक्शा के परखच्चे

    नवी मुम्बई के वाशी मे एक चलते ट्रक का अचानक टायर फटने से एक ऑटोरिक्शा के परखच्चे उड गए। ऑटोरिक्शा का सिर्फ जाली बच गया। मौके पर हर कोई हैरान रह गया। (The tire of the truck burst and the wheels of the moving rickshaw flew away)

    नवी मुम्बई: आप ने सोशल मीडिया पर कई सड़क हादसों के वीडियो देखे होंगे। लेकिन वाशी सड़क हादसे की घटना से हर कोई हैरान है। आप ने देखा होगा हर बार सड़क हादस या तो ड्राइवर की गलती से या कुछ किसी और की गलती के कारण होता है। लेकिन सड़क पर अनजान हादसा लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। सोशल मीडिया पर नवी मुम्बई से वाशी का एक ऐसा ही वीडियो सामने आया है, जो लोगों के सोचने समझने से बाहर का विषय है। गाड़ी चलाते समय आपको कितना सतर्क रहना चाहिए, यह वीडियो इस बात का भी उदाहरण है। (The tire of the truck burst and the wheels of the moving rickshaw flew away)

    दरअसल, हम कितनी भी अच्छी गाड़ी चलाने की कोशिश करें, अगर हमारे सामने कोई गलत तरीके से गाड़ी चला रहा हो तो दुर्घटनाएं हो ही जाती हैं। ऐसे में सामने वाले की गलती की सजा दूसरों को भी भुगतनी पड़ती है। इसलिए सभी को ठीक से गाड़ी चलाने के लिए कहा जाता है। ऐसा ही एक भयानक हादसा नवी मुंबई के वाशी से सामने आया है। हादसे में अचानक चलते हुए ट्रक का टायर फट गया, जिसका वीडियो इस समय सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस हादसे के बाद आसपास की कारों की हालत देखकर आप भी चौंक जाएंगे। (The tire of the truck burst and the wheels of the moving rickshaw flew away)

    वीडियो में देखा गया, कि कुछ लोग तेज स्पीड से कार लेकर रास्ते से गुजर रहे हैं, आखिर में जो होता है यह देखकर किसी के भी होश उड़ जाऐंगे। हुआ यूं कि एक ट्रक का टायर फट गया, इस बार इतनी तेज़ी से कि उसके बगल वाले ऑटो रिक्शा के परखच्चे उड़ गए। यह रिक्शा पूरी तरह से उजड गया और केवल रिक्शे का जाल ही बचा रहा। (The tire of the truck burst and the wheels of the moving rickshaw flew away)

    टायर क्यों फट जाता है?

    हम सभी जानते हैं कि ट्रक का टायर कितना बड़ा होता है, अगर यह फट जाए तो आसपास की गाड़ियों पर बुरा असर होगा, इसलिए अनुरोध है कि बड़े भारी वाहनों से सुरक्षित दूरी बनाकर चलें। टायर फटने की संभावना काफी हद तक टायर की क्वालिटी, स्थिति, सड़क की स्थिति और सबसे महत्वपूर्ण गति पर निर्भर करती है। जब आप के गाड़ी की स्पीड लीमिट 120 से 130 किमी प्रति घंटे से अधिक होती है तो टायर का तापमान तेजी से बढ़ता है। इससे टायर के रबर पर असर पड़ता है और रबर कमजोर हो सकता है। (The tire of the truck burst and the wheels of the moving rickshaw flew away)

    इससे टायर फटने की संभावना बढ़ जाती है, अधिक हवा भरे दायरों में उच्च दबाव के कारण टायर की सतह पतली हो जाती है और उच्च गति के कारण टायर फट सकता है। यदि टायर पुराना या घिसा हुआ है, तो ऐसे पुराने और घिसे हुए टायरों में गति को संभालने की क्षमता बहुत कम होती है, इसलिए तेज गति से गाड़ी चलाने से टायर फट सकता है, वायरल वीडियो में भी ऐसी कारणों से सड़क हादसे की बात बताई जा रही है। लोगों से सड़क पर सतर्क रहने और सेफ ड्राइव की सलाह दी जाती है। (The tire of the truck burst and the wheels of the moving rickshaw flew away)

  • प्रयागराज के बाद महाराष्ट्र के नासिक में कुंभ मेले की तैयारी

    प्रयागराज के बाद महाराष्ट्र के नासिक में कुंभ मेले की तैयारी

    लोक निर्माण विभाग (PWD) की अतिरिक्त मुख्य सचिव मनीषा पाटनकर म्हैसकर ने नासिक का दौरा किया और स्थानीय अधिकारियों के साथ बैठक की। (After Prayagraj, preparations for Kumbh Mela in Nashik, Maharashtra)

    मुम्बई: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में महाकुंभ मेला 2025 समाप्त होने के साथ ही, महाराष्ट्र में कुंभ मेला 2027 की तैयारियों ने जोर पकड़ ली है, यहां मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देश पर आईएएस अधिकारियों ने भव्य आयोजन की व्यवस्थाओं का आकलन करने के लिए नासिक का दौरा करना शुरू कर दिया है। लोक निर्माण विभाग (PWD) की अतिरिक्त मुख्य सचिव मनीषा पाटनकर म्हैसकर ने नासिक का दौरा किया और स्थानीय अधिकारियों के साथ बैठक की। (After Prayagraj, preparations for Kumbh Mela in Nashik, Maharashtra)

    कैसा रहेगा प्रबंधन?

    स्थानीय पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के अनुसार, कुंभ मेले के समय निजी वाहनों को नासिक के बाहरी इलाके में कुछ किलोमीटर जैसे 7 से 12 किमी. पार्किंग स्थल की व्यवस्था के आधार पर रोक दिया जाएगा। वाहनों को मुख्य कुंभ स्थल से दूर रखा जाए। “धार्मिक स्थल और शहर की ओर जाने वाली सभी सड़कों पर पार्किंग स्थल बनाए जाएंगे। इन पार्किंग स्थलों से, तीर्थयात्रियों के परिवहन के लिए तैनात विशेष बसों का उपयोग करके कुंभ स्थल तक पहुँचाया जाएगा। एक अधिकारी ने कहा, “इसका उद्देश्य भीड़भाड़ को कम करना और भीड़ प्रबंधन में सुधार करना है।” (After Prayagraj, preparations for Kumbh Mela in Nashik, Maharashtra)

    हाल ही में उत्तर प्रदेश में हुए महाकुंभ मेले में ट्रैफिक जाम की खबरों के बाद यह दृष्टिकोण और योजना महत्वपूर्ण हो गई है, जहां तीर्थयात्री घंटों तक वाहनों में फंसे रहे और ट्रैफिक जाम की स्थिति लगभग 60 से 100 किलोमीटर तक फैल गया। 17 जनवरी को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नासिक कुंभ की तैयारियों की समीक्षा के लिए मंत्रालय में एक बैठक बुलाई। (After Prayagraj, preparations for Kumbh Mela in Nashik, Maharashtra)

    मुख्यमंत्री ने बताई अपनी योजना ..

    बैठक में मुख्यमंत्री ने सभी वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को नासिक को वैश्विक कुंभ के मौके पर आध्यात्मिक गंतव्य के रूप में स्थापित करने की अपनी योजना के बारे में स्पष्ट किया और प्रशासन से आग्रह किया कि वह नासिक कुंभ में आने वाले नागरिकों और पर्यटकों के आवास, आवागमन और सुरक्षा के मामले में तैयारियों को प्राथमिकता दे। आप को बता दें कि 2003 में नासिक कुंभ के मौके पर हुई भगदड़ के कारण 39 लोगों की जान चली गई थी। इस बार खास ध्यान रखने के लिए कहा गया है। (After Prayagraj, preparations for Kumbh Mela in Nashik, Maharashtra)

    धार्मिक स्थलों की यात्रा

    नासिक कुंभ मेला 2027 में लाखों तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के आने की उम्मीद है। हर 12 साल में होने वाला यह आयोजन आखिरी बार 2015 में हुआ था। नासिक के अलावा, प्रशासन को उम्मीद है कि कुंभ के लिए आने वाले कई पर्यटक सर्पशृंगी, शिरडी और शनि शिंगणापुर जैसे अन्य नजदीकी धार्मिक स्थलों की यात्रा करेंगे। मनीषा पाटनकर म्हैसकर के दौरे के समय पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने कुंभ के तीर्थयात्रियों द्वारा कुंभ के आसपास के धार्मिक स्थलों और कुछ मामलों में नासिक से परे शिरडी जैसे धार्मिक स्थलों की यात्रा करने की संभावना पर चर्चा की। (After Prayagraj, preparations for Kumbh Mela in Nashik, Maharashtra)

    सड़कों की होगी मरम्मत

    अधिकारी ने कहा, “ऐसे पर्यटकों के लिए यात्रा को सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए, पीडब्ल्यूडी और अन्य संबंधित सरकारी एजेंसियां नासिक और आस-पास के क्षेत्रों में अन्य धार्मिक स्थलों पर सड़क संपर्क और बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित करेंगे।” अधिकारी ने यह भी कहा कि प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि कुंभ स्थल तक पहुंचने वाली और नासिक को जोड़ने वाली सभी सड़कें (चाहे आंतरिक हों या बाहरी) उचित स्थिति में हों। अधिकारी ने कहा, “राज्य राजमार्ग से संबंधित मुद्दों को सुलझाया जाएगा और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरणों से संबंधित मुद्दों को विभाग और संबंधित अधिकारियों को बताया जाएगा।” (After Prayagraj, preparations for Kumbh Mela in Nashik, Maharashtra)

    इस बीच, मुख्यमंत्री कार्यालय के करीबी लोगों ने कहा कि फडणवीस जल्द ही यातायात प्रबंधन, नदी की सफाई, भीड़ प्रबंधन और सिंहस्थ कुंभ मेले में भाग लेने के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं के प्रावधान से संबंधित मुद्दों की समीक्षा के लिए कई दौर और बैठकें करेंगे। अधिकारी ने कहा, “जनवरी में अपनी बैठक के दौरान फडणवीस ने उल्लेख किया था कि अगली बैठक एक महीने के भीतर होगी। इस बैठक के दौरान, अधिकारियों से उनके इनपुट और योजनाएँ प्रस्तुत करने के लिए कहा जाएगा।” (After Prayagraj, preparations for Kumbh Mela in Nashik, Maharashtra)

    कुंभ मेले का महत्व

    26 फरवरी उत्तर प्रदेश के प्रयागराज महाकुंभ का समापन के बाद नासिक कुंभ मेले का महत्व भी आप को बताते चलें। नासिक शहर महाराष्ट्र के उत्तर-पश्चिमी भाग में मुंबई से 168 किलोमीटर उत्तर में स्थित है। गोदावरी नदी के तट पर बसा यह शहर पवित्र माना जाता है, खासकर भगवान राम के इस स्थान से जुड़े होने और यहाँ मौजूद त्र्यंबकेश्वर शिव मंदिर और कालाराम मंदिर सहित कई धार्मिक मंदिरों के कारण रामकुंड को एक दिव्य स्थान कहा जाता है। जहाँ भगवान राम स्नान करते थे और कुंभ मेले के दौरान इस तालाब में डुबकी लगाना शुभ माना जाता है। (After Prayagraj, preparations for Kumbh Mela in Nashik, Maharashtra)

  • लोन हुआ सस्ता, RBI के फैसले के बाद ब्याज दरों में कटौती

    लोन हुआ सस्ता, RBI के फैसले के बाद ब्याज दरों में कटौती

    ग्राहकों के लिए होम और कार लोन हुआ सस्ता। RBI के फैसले के बाद लोन के ब्याज दरों में कटौती की गई है। बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने होम और कार लोन पर प्रोसेसिंग फीस (Loan Processing Fees and Charges) भी हटा दी है। जिससे लोन लेना और भी सस्ता हो गया है। (Loan became cheaper, interest rates cut after RBI decision)

    नई दिल्ली: बैंक से लोन लेने वाले लोगों के लिए अच्छी खबर है। बैंक ऑफ महाराष्ट्र (Bank of Maharashtra) ने अपने होम लोन (Home Loan) और कार लोन (Car Loan) के साथ अन्य रिटेल लोन की ब्याज दरों में 0.25% (25 बेसिस प्वाइंट) की कटौती की है। इससे होम और कार लोन सस्ता हो गया है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा रेपो रेट में 0.25% कमी करने के बाद यह कटौती की गई है। (Loan became cheaper, interest rates cut after RBI decision)

    RBI के फैसले से मिली राहत ..

    भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 7 फरवरी को 5 साल बाद पहली बार रेपो रेट में 0.25% की कटौती की, जिसके बाद अब रेपो रेट 6.25% हो गया है। इसका सीधा फायदा बैंक के ग्राहकों को हो रहा है। (Loan became cheaper, interest rates cut after RBI decision)

    ब्याज दरों में बदलाव..

    होम लोन की नई ब्याज दर (Home Loan Interest Rate) 8.10% हो गई है, जो कि बैंकिंग सेक्टर में फिलहाल के लिए सबसे कम दरों में से एक माना जा रहा है। वहीं, कार लोन (Car Loan Interest Rate) अब 8.45% की दर पर मिलेगा। एजुकेशन लोन और अन्य लोन की ब्याज दरें भी 0.25% कम कर दी गई हैं। (Loan became cheaper, interest rates cut after RBI decision)

    प्रोसेसिंग फीस भी नही लगेगा ..

    बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने होम और कार लोन पर प्रोसेसिंग फीस (Loan Processing Fees and Charges) भी हटा दी है, जिससे लोन लेना और भी सस्ता हो गया है। अब ग्राहकों को लोन लेने में और आसानी होगी। बैंकिंग सेक्टर के विशेषज्ञों द्वारा अनुमान लगाया जा रहा है कि आने वाले समय में और भी बैंकों द्वारा लोन सस्ता किया जा सकता है। (Loan became cheaper, interest rates cut after RBI decision)

    कैसे करें लोन अप्लाई?

    अगर आप बैंक ऑफ महाराष्ट्र से होम या कार लोन लेना चाहते हैं, तो आप ऑनलाइन आवेदन कर सकते है। इसका ऑनलाइन प्रोसीजर निम्नलिखित हैं:-

    • बैंक की वेबसाइट [bankofmaharashtra.in] पर जाएं।
    • होम/कार लोन के सेक्शन में जाएं।
    • अपनी जानकारी भरें और डॉक्यूमेंट अपलोड करें।
    • बैंक आपके आवेदन की रिव्यू कर लोन अप्रूव करेगा।
  • पीएम आवास योजना के तहत 50 हजार रुपये अधिक देगी महाराष्ट्र सरकार

    पीएम आवास योजना के तहत 50 हजार रुपये अधिक देगी महाराष्ट्र सरकार

    महाराष्ट्र सरकार ने पीएम आवास योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में घर निर्माण के लिए मिलने वाली सहायता राशि में 50 हजार रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी देने का फैसला किया है। (Maharashtra government will give 50 thousand more rupees under PM Awas Yojana)

    मुम्बई: महाराष्ट्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में गृह निर्माण के लिए मिलने वाली सहायता राशि में बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। महाराष्ट्र के ग्रामीण विकास मंत्री जयकुमार गोरे से मिली जानकारी के मुताबिक, महाराष्ट्र सरकार पीएम आवास योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में घर के निर्माण के लिए 50 हजार रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी देगी। (Maharashtra government will give 50 thousand more rupees under PM Awas Yojana)

    योजना के तहत अतिरिक्त मिलने वाली कुल धनराशि हर अब हर घर पर 2.1 लाख रुपये हो जाएगी। ग्रामीण विकास मंत्री जयकुमार गोरे ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस फैसले को मंजूरी दे दी है। वहीं, 2025-26 के बजट में इस सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। (Maharashtra government will give 50 thousand more rupees under PM Awas Yojana)

    20 लाख घरों की मंजूरी

    मुम्बई के मंत्रालय में बोलते हुए ग्रामीण विकास मंत्री ने एक साल के अंदर 20 लाख आवासों को पूरा करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता पर जानकरी दी। मंत्री ने बताया कि 22 फरवरी को केंद्रीय मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में 10 लाख आवास इकाइयों के लिए पहली किस्त वितरित की गई है। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र को देश का सबसे बड़ा लक्ष्य 20 लाख घरों के निर्माण कार्य का मिला है। राज्य सरकार द्वारा निर्धारित 100 दिवसीय कार्यक्रम के पहले 45 दिनों में 100 प्रतिशत आवास आवेदनों को मंजूरी दे दी गई है। 10 लाख परिवारों को पहली किस्त वितरित भी कर दी गई है। उन्होंने कहा अगले 15 दिनों में सरकार बाकी बचे 10 लाख घरों के लिए धन वितरित करना शुरू कर देगी। (Maharashtra government will give 50 thousand more rupees under PM Awas Yojana)

    क्या है प्रधानमंत्री आवास योजना?

    प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAYE Project) का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों और कम आय वाले समूहों पर ध्यान केंद्रित करके शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में आवास की कमी को दूर करना है। यह कार्यक्रम मांग-आधारित आधार पर संचालित होता है, जिससे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पहचाने गए पात्र लाभार्थियों के आधार पर परियोजनाओं को मंजूरी देने की अनुमति मिलती है। (Maharashtra government will give 50 thousand more rupees under PM Awas Yojana)