Tag: बीएमसी प्रोजेक्ट

  • गोरेगांव–मुलुंड कनेक्टवीटी रोड़ पर काम तेज, फिल्म सिटी में लॉन्चिंग शाफ्ट की खुदाई जोरों पर

    गोरेगांव–मुलुंड कनेक्टवीटी रोड़ पर काम तेज, फिल्म सिटी में लॉन्चिंग शाफ्ट की खुदाई जोरों पर

    मुंबई के बहुप्रतीक्षित गोरेगांव–मुलुंड कनेक्टवीटी रोड़ (GMLR) प्रोजेक्ट के तहत दादासाहेब फाळके चित्रनगरी परिसर में लॉन्चिंग शाफ्ट की खुदाई तेजी से जारी है। जून 2026 से टनल खोदने का काम शुरू होगा।

    मुंबई: शहर के पूर्व और पश्चिम उपनगरों को जोड़ने वाले गोरेगांव–मुलुंड कनेक्टवीटी रोड़ (GMLR) प्रोजेक्ट का काम रफ्तार पकड़ चुका है। गोरेगांव स्थित दादासाहेब फाळके चित्रनगरी (फिल्म सिटी) परिसर में 5.3 किलोमीटर लंबे जुड़वां टनल के लिए लॉन्चिंग शाफ्ट की खुदाई तेजी से चल रही है। 10 मार्च 2026 तक टनल बोरिंग मशीन (TBM) शाफ्ट में उतारने की प्रक्रिया शुरू होगी, जबकि जून 2026 से वास्तविक टनल खुदाई की योजना है।

    गोरेगांव के फिल्म सिटी परिसर में लॉन्चिंग शाफ्ट का काम तेज

    बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) द्वारा संचालित GMLR प्रोजेक्ट के तीसरे चरण (3B) के तहत गोरेगांव के दादासाहेब फाळके चित्रनगरी इलाके में लॉन्चिंग शाफ्ट का उत्खनन किया जा रहा है।
    यह शाफ्ट करीब 200 मीटर लंबा, 50 मीटर चौड़ा और 30 मीटर गहरा होगा। फिलहाल लगभग 23 मीटर गहराई तक खुदाई पूरी कर ली गई है। बाकी 7 मीटर खुदाई पूरी होते ही टनल बोरिंग मशीन को उतारने के लिए जरूरी क्रैडल (सांचा) तैयार किया जाएगा।

    दो अत्याधुनिक TBM से होगी टनल की खुदाई

    इस प्रोजेक्ट में भूमिगत जुड़वां टनल बनाने के लिए दो आधुनिक टनल बोरिंग मशीनों (TBM) का इस्तेमाल किया जाएगा।
    ▪ एक TBM के सभी हिस्से साइट पर पहुंच चुके हैं
    ▪ दूसरी TBM के बाकी हिस्से 22 जनवरी 2026 की रात तक साइट पर पहुंचने वाले हैं

    बीएमसी अधिकारियों के मुताबिक, 10 मार्च 2026 तक मशीनों को शाफ्ट में उतारने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

    रोजाना निकल रहा 1500 क्यूबिक मीटर मलबा

    खुदाई के दौरान रोजाना करीब 1400 से 1500 क्यूबिक मीटर मिट्टी और पत्थर बाहर निकाला जा रहा है।
    ▪ लगभग 120 ट्रकों से रोज मलबा हटाया जा रहा है
    ▪ दीवारों को सुरक्षित रखने के लिए रॉक एंकरिंग की गई है

    अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि तय समयसीमा में काम पूरा करने के लिए गति और बढ़ाई जाए।

    अभिजीत बांगर ने किया साइट का निरीक्षण

    अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (प्रोजेक्ट) अभिजीत बांगर ने 21 जनवरी 2026 को साइट का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया।
    उन्होंने साफ कहा कि:

    • काम की गुणवत्ता से कोई समझौता न हो
    • तय समयसीमा में प्रोजेक्ट पूरा किया जाए
    • सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन हो

    निरीक्षण के दौरान बीएमसी के वरिष्ठ इंजीनियर और सलाहकार भी मौजूद थे।

    जून 2026 से शुरू होगी असली टनल खुदाई

    अभिजीत बांगर के मुताबिक:

    • मार्च 2026 तक TBM शाफ्ट में उतारी जाएंगी
    • अगले 3 महीनों में मशीन और 3 गैंट्री जोड़ी जाएंगी
    • जून 2026 से टनल की वास्तविक खुदाई शुरू होगी

    यह तिहरी लेन वाली पेटी टनल इंजीनियरिंग के लिहाज से काफी चुनौतीपूर्ण मानी जा रही है।

    मुंबई की ट्रैफिक को मिलेगा बड़ा फायदा

    गोरेगांव–मुलुंड जोड़ मार्ग मुंबई के पूर्व और पश्चिम उपनगरों को सीधे जोड़ेगा।
    ▪ जोगेश्वरी–विक्रोली लिंक रोड (JVLR) की तुलना में
    करीब 8.8 किलोमीटर का सफर कम होगा
    ▪ समय, ईंधन और खर्च की बचत होगी
    ▪ ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी
    ▪ कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी

    यह प्रोजेक्ट खासकर उत्तर मुंबई की ट्रैफिक समस्या के लिए गेम चेंजर साबित माना जा रहा है।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. गोरेगांव–मुलुंड जोड़ मार्ग कब शुरू होगा?
    👉 जून 2026 से टनल खुदाई शुरू होने की योजना है।

    Q2. टनल की कुल लंबाई कितनी होगी?
    👉 जुड़वां टनल की लंबाई करीब 5.3 किलोमीटर होगी, पेटी टनल समेत कुल दूरी 6.62 किमी होगी।

    Q3. इस प्रोजेक्ट से आम लोगों को क्या फायदा होगा?
    👉 ट्रैफिक जाम कम होगा, यात्रा का समय घटेगा और ईंधन की बचत होगी।

  • Mumbai BMC: झोपड़पट्टी पुनर्विकास के लिए 26 प्रोजेक्ट्स पर फिर से मांगे प्रस्ताव

    Mumbai BMC: झोपड़पट्टी पुनर्विकास के लिए 26 प्रोजेक्ट्स पर फिर से मांगे प्रस्ताव

    बीएमसी ने मुंबई के एम/ईस्ट वार्ड में झोपड़पट्टी पुनर्विकास के लिए 26 प्रोजेक्ट्स पर दोबारा एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) जारी किया है। डेडलाइन 30 सितंबर तय।

    मुंबई: शहर के झोपड़पट्टियों में रहने वाले लोगों के लिए बड़ी खबर है। बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने एम/ईस्ट वार्ड (मानखुर्द, देवनार और गोवंडी) इलाके में 26 स्लम रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स के लिए फिर से एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) जारी किया है।

    mumbai-bmc-slum-redevelopment-projects-meast-ward-26-eoi-govandi

    🔹 पिछली बार क्यों अटका था मामला?

    बीएमसी ने 10 मई को पहली बार 64 नगर पालिका प्लॉट्स पर पुनर्विकास का प्रस्ताव मांगा था। लेकिन तकनीकी दिक्कतों के चलते 17 प्लॉट होल्ड पर रखे गए। बचे हुए 47 प्लॉट्स पर सिर्फ 29 प्रोजेक्ट्स को ही 100 ऑफर मिले।
    सबसे बड़ी समस्या ये रही कि 8 प्लॉट्स के लिए केवल 1-1 डेवलपर ने ही बोली लगाई थी।

    🔹 अब नया फोकस एम/ईस्ट वार्ड पर

    इस बार बीएमसी ने खास तौर पर मानखुर्द, देवनार और गोवंडी जैसे इलाकों पर फोकस किया है। ये इलाका कम आय वर्ग और भारी अतिक्रमण के लिए जाना जाता है।
    नई योजना के तहत करीब 8.37 लाख वर्गमीटर जमीन और लगभग 49,000 झोपड़ी संरचनाओं को रीडेवलपमेंट में शामिल किया जाएगा।

    🔹 डेडलाइन और प्रक्रिया

    • EOI डॉक्यूमेंट उपलब्ध होगा: 15 सितंबर से
    • अंतिम तारीख: 30 सितंबर
    • जिम्मेदारी ठेकेदारों की:
    • झोपड़ी सर्वे
    • प्लानिंग
    • परमिट्स
    • टेनेमेंट निर्माण
    • मेंटेनेंस

    सभी प्रोजेक्ट्स को DCPR-2034 की रेगुलेशन 33(10) के तहत लागू किया जाएगा।

    🔹 पश्चिमी उपनगर बनाम पूर्वी उपनगर

    पहले आए ऑफर्स ज्यादातर अंधेरी, बोरीवली और वर्ली जैसे पश्चिमी इलाकों के लिए थे। जबकि पूर्वी उपनगर जैसे मुलुंड और एम/ईस्ट वार्ड के लिए डेवलपर्स की दिलचस्पी बेहद कम रही। इसीलिए बीएमसी ने अब फिर से खास तौर पर इन इलाकों पर जोर दिया है।

  • कांदीवली और मालाड़ के 7 पुलों की हालत हुई खस्ता। बीएमसी करेगी पुन: निर्माण

    कांदीवली और मालाड़ के 7 पुलों की हालत हुई खस्ता। बीएमसी करेगी पुन: निर्माण

    मालाड़ और कांदीवली में जर्जर हो चुके 7 पुलों को बीएमसी तोड़ने जा रही है। यहां फिर से नए पुलों का निर्माण किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के लिए बीएमसी ने लगभग 33 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया है। जबकि प्रोजेक्ट लगभग दो वर्षों में पूरा किए जाने का अनुमान लगाया है। 7 bridges in Kandivali and Malad are in bad condition. BMC will rebuild them,

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने पश्चिमी उपनगर के कांदिवली और मालाड़ इलाके में सात जर्जर पुलों को गिराकर उनकी जगह पुन: र्निर्माण की योजना बनाई है, जिनमें तीन गाडिय़ों के लिए पुल और चार पैदल पुल शामिल हैं। इस प्रोजेक्ट पर लगभग 33 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान बीएमसी ने लगाई है और इसे अगले दो वर्षों में पूरा किया जाना है। 7 bridges in Kandivali and Malad are in bad condition. BMC will rebuild them,

    कहां-कहां का पुल तोड़ा जाएगा?

    बीएमसी अधिकारियों के अनुसार, सभी पुल कांदीवली के आर/दक्षिण वार्ड और मालाड़ पी/उत्तर वार्ड में स्थित हैं। जिसमें प्रोजेक्ट के लिए निर्धारित सात पुलों में से दो आरसीसी स्ट्रक्चर हैं, जिनमें मालाड़ पूर्व के अप्पा पाड़ा क्षेत्र के पास 21 मीटर लंबा वाहन पुल और साईनगर कांदिवली पूर्व के पास सुरभि कॉम्प्लेक्स पर एक और वाहन पुल शामिल है। पुनर्विकास के लिए प्रस्तावित पैदल पुलों में कांदिवली पूर्व में रामनगर चॉल के पास 30 मीटर लंबा पैदल पुल, नरवणे ट्रांजिट कैंप के पास पैदल पुल और गावदेवी रोड और हनुमान नगर के महालक्ष्मी डेयरी फार्म पर बने पैदल पुल शामिल हैं। 7 bridges in Kandivali and Malad are in bad condition. BMC will rebuild them,

    पुल स्ट्रक्चर की ऑडिट रिपोर्ट

    अधिकारियों ने बताया कि पुल वर्तमान में जीर्ण-शीर्ण अवस्था में हैं, कम से कम दो पैदल पुल पहले ही बंद कर दिए गए हैं, जबकि अन्य पुल आंशिक रूप से बंद हैं। यह प्रोजेक्ट सलाहकारों द्वारा प्रस्तुत स्ट्रक्चर ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर प्रस्तावित की गई है, जिन्हें पश्चिमी उपनगरों में पुलों का सर्वेक्षण करने के लिए बीएमसी के पुल विभाग द्वारा नियुक्त किया गया था।

    दो एजंसियों ने दिया रिपोर्ट

    अधिकारियों के अनुसार, विभाग ने एससीजी कंसल्टिंग सर्विसेज़ की सेवाएँ ली थीं, जिनके विश्लेषण में पाया गया कि पश्चिमी उपनगरों में सात पुलों को ध्वस्त करके उनका पुन: र्निर्माण करना आवश्यक है। इसके बाद, बीएमसी ने 2023 में पुलों के पुन: र्मूल्यांकन के लिए एक और एजेंसी, स्ट्रक्चरोनिक्स कंसल्टिंग इंजीनियर्स, को नियुक्त किया था।

    रोडमैप की तैयारी

    दोनों सलाहकारों द्वारा अंतिम रिपोर्ट देने के बाद, जिसमें यह निष्कर्ष निकाला गया कि सात पुलों को ध्वस्त करना आवश्यक होगा, बीएमसी ने एक तकनीकी सलाहकार – फेमस्ट्रक्ट कंसल्टिंग इंजीनियर्स – को एक रोडमैप तैयार करने के लिए नियुक्त किया, जिसमें संकल्पनात्मक चित्र, डिज़ाइन, बजट और निविदा प्रारूप शामिल थे। प्रस्तावों के अनुसार, पूरा प्रोजेक्ट 24 महीनों के भीतर पूरी की जाएगी।

    बजट हुआ आवंटन

    सलाहकारों की दरों सहित सातों पुलों के पुन: र्निर्माण की लागत 32.64 करोड़ रुपये आंकी गई है। यह प्रोजेक्ट बीएमसी सेतु विभाग के माध्यम से क्रियान्वित की जाएगी, जिसके लिए वित्तीय वर्ष 2025-2026 के बजट में 8238.73 करोड़ रुपये का बजट आवंटन किया गया है। 7 bridges in Kandivali and Malad are in bad condition. BMC will rebuild them,

  • Mumbai: मालाड़ में बनेगा समुद्र के पानी को मिठा करने का प्रोजेक्ट, 21 कंपनियों ने भेजा प्रस्ताव

    Mumbai: मालाड़ में बनेगा समुद्र के पानी को मिठा करने का प्रोजेक्ट, 21 कंपनियों ने भेजा प्रस्ताव

    Mumbai-A-project-to-sweeten-sea-water-will-be-built-in-Malad-21-companies-have-sent-proposals

    Manori Seawater Desalination Project Cost: कांग्रेस के भ्रष्टाचार के आरोप के बाद टेंडर को निरस्थ कर दिया गया था। अब फिर एक बार लागत बढाकर टेंडर प्रकृया की गई। जिसमें विदेशी कंपनियों के साथ कुल 21 कंपनियों ने इंट्रेस्ट दिखाया है। Mumbai: A project to sweeten sea water will be built in Malad, 21 companies have sent proposals

    मुंबई: मलाड़ पश्चिम के मनोरी आईलैंड में प्रस्तावित समुद्र के पानी को मीठा करने के प्रोजेक्ट की लागत इस बार पिछले आंकड़ो की तुलना लगभग डेढ़ गुना बढ़ गई है। पहले इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 1920 करोड़ रुपये थी, जो अब बढ़ कर 3000-3200 करोड़ रुपये हो गई है। यह जानकारी देते हुए बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के एडिशनल कमिश्नर अभिजीत बंगार ने बताया कि पिछली बार टेंडर को लेकर विवाद होने पर उसे रद्द कर दिया गया था। 25 मई को दोबारा टेंडर जारी किया गया, जिसके लिए अब तक 21 कंपनियों ने रुचि दिखाई है। इनमें एक कंपनी स्पेन और एक मध्य पूर्वी देश से है। Mumbai: A project to sweeten sea water will be built in Malad, 21 companies have sent proposals

    भ्रष्टाचार का आरोप

    बता दें कि पिछली बार टेंडर में 5 कंपनियों ने टेंडर भरा था, हालांकि बाद में सिर्फ एक कंपनी रह गई। कांग्रेस ने इस टेंडर में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया, जिसके बाद बीएमसी ने टेंडर रद्द कर दिया। नए टेंडर की लागत 3000 से 3200 करोड़ रुपये आंकी गई है, जो पिछली अनुमानित लागत 1920 करोड़ रुपये से डेढ़ गुना अधिक है। Mumbai: A project to sweeten sea water will be built in Malad, 21 companies have sent proposals

    कैसे होगा प्रोजेक्ट?

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका के एडिशनल कमिश्नर अभिजीत बंगार ने बताया कि इस प्रोजेक्ट के तहत टनल बनाई जाएंगी। इसमें दो समुद्र से पानी खींचने के लिए और एक अवशेष जल (नमकीन पानी) को निकालने के लिए बनाई जाएगी। अधिकारी ने बताया कि प्रोजेक्ट के तहत समुद्र के गहरे हिस्से लगभग 2-3 किलोमीटर दूर से पानी खींचा जाएगा, जिससे प्रदूषण होने का खतरा नही होगा। यहां बिजली की जगह ग्रीन एनर्जी का उपयोग किया जाएगा। Mumbai: A project to sweeten sea water will be built in Malad, 21 companies have sent proposals

    रोजाना मिलेगा 400 एमएलडी मिठा पानी

    उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि प्रोजेक्ट को दो चरणों में बांटा गया है। पहले चरण में खारे पानी को शुद्ध करने पर 200 एमएलडी पीने योग्य पानी प्रतिदिन प्राप्त होगा। दूसरे चरण में प्रतिदिन 200 एमएलडी पानी प्राप्त होगा। यानी दोनों चरणों के शुरू होने पर मुंबई को प्रतिदिन 400 एमएलडी पानी मिलेगा। Mumbai: A project to sweeten sea water will be built in Malad, 21 companies have sent proposals