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  • BMC चुनाव में पर्चों पर संकट: ठाकरे गुट के 5 उम्मीदवारों पर खतरा, डिजिटल साइन बना वजह

    BMC चुनाव में पर्चों पर संकट: ठाकरे गुट के 5 उम्मीदवारों पर खतरा, डिजिटल साइन बना वजह

    BMC चुनाव 2026 में नामांकन जांच के दौरान बड़ा सियासी विवाद सामने आया है। मालाड के पांच वार्डों में ठाकरे गुट के उम्मीदवारों के पर्चों पर शिंदेसेना ने डिजिटल साइन को लेकर आपत्ति उठाई है, वहीं दो वार्डों में महायुति को झटका लगा है।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव 2026 के लिए नामांकन पत्रों की छाननी शुरू होते ही सियासी घमासान तेज हो गया है। पश्चिमी उपनगर मालाड में ठाकरे गुट के पांच उम्मीदवारों के पर्चे खतरे में पड़ गए हैं। शिंदेसेना ने आरोप लगाया है कि इन उम्मीदवारों के एबी फॉर्म पर हाथ से साइन की जगह डिजिटल साइन किए गए हैं, जो नियमों के खिलाफ हैं। दूसरी ओर, वार्ड 211 और 212 में शिंदेसेना और भाजपा को भी बड़ा झटका लगा है, जिससे चुनावी समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं।

    🗳️ BMC चुनाव 2026: त्रिकोणीय मुकाबला

    इस बार बीएमसी चुनाव में मुकाबला सीधा नहीं है।

    • एक तरफ शिंदेसेना-भाजपा (महायुति)
    • दूसरी तरफ ठाकरे बंधुओं का गुट
    • और तीसरी तरफ कांग्रेस-वंचित गठबंधन

    मंगलवार को नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख थी। अब पूरे मुंबई में नामांकन पत्रों की जांच चल रही है, और इसी दौरान कई जगहों से विवाद सामने आ रहे हैं।

    ⚠️ मालाड में बढ़ी ठाकरे गुट की परेशानी

    पश्चिमी उपनगर मालाड पूर्व के ईशान्य विभाग स्थित चुनाव कार्यालय में जब नामांकन की जांच शुरू हुई, तब ठाकरे गुट की मुश्किलें बढ़ गईं।
    शिंदेसेना ने वार्ड क्रमांक 38, 39, 40, 41 और 42 में ठाकरे गुट के पांच उम्मीदवारों के नामांकन पर आपत्ति दर्ज कराई है।

    अगर यह आपत्ति मान्य मानी गई, तो इन सभी वार्डों में ठाकरे गुट के उम्मीदवारों के पर्चे रद्द हो सकते हैं, जिससे वहां सीधा मुकाबला ही बदल जाएगा।

    ✍️ डिजिटल साइन पर क्यों हुआ विवाद?

    शिंदेसेना के विभाग प्रमुख वैभव भरडकर ने चुनाव अधिकारियों को बताया कि ठाकरे गुट के उम्मीदवारों के एबी फॉर्म पर डिजिटल हस्ताक्षर किए गए हैं।
    जबकि चुनाव आयोग के नियमों के मुताबिक,

    • एबी फॉर्म पर हाथ से की गई असली साइन जरूरी होती है
    • डिजिटल साइन को वैध नहीं माना जाता

    इसी आधार पर शिंदेसेना ने लिखित शिकायत दी है। चुनाव अधिकारियों ने शिकायत स्वीकार कर ली है और नियमों के तहत फैसला लेने का भरोसा दिया है।

    🔄 महायुति को भी झटका, दो वार्डों में पर्चे रद्द

    जहां एक ओर ठाकरे गुट के पांच उम्मीदवार संकट में हैं, वहीं दूसरी ओर महायुति को भी नुकसान झेलना पड़ा है।

    • वार्ड क्रमांक 211 में शिंदेसेना के उम्मीदवार का पर्चा जरूरी दस्तावेज पूरे न होने की वजह से रद्द कर दिया गया।
    • वार्ड क्रमांक 212 में भाजपा उम्मीदवार मंदाकिनी खामकर का नामांकन भी खारिज हो गया।

    बताया जा रहा है कि वे एबी फॉर्म मिलने के बाद नामांकन कार्यालय 15 मिनट देरी से पहुंचीं, जिस वजह से उनका पर्चा स्वीकार नहीं किया गया।

    🟠 वार्ड 212 में मनसे की स्थिति मजबूत

    भाजपा उम्मीदवार का पर्चा रद्द होते ही वार्ड 212 में सियासी गणित बदल गया है।
    अब यहां मनसे की उम्मीदवार श्रावणी हलदळकर को मजबूत दावेदार माना जा रहा है।

    इस वार्ड में

    • अखिल भारतीय सेना की गीता गवळी,
    • कांग्रेस
    • और अन्य दलों के उम्मीदवार भी मैदान में हैं,

    लेकिन ठाकरे बंधुओं की एकजुट ताकत और मौजूदा हालात को देखते हुए मनसे उम्मीदवार की जीत की संभावना ज्यादा बताई जा रही है। अगर ऐसा हुआ, तो बीएमसी में मनसे का खाता खुल सकता है।

    👀 आगे क्या होगा?

    अब सभी राजनीतिक दलों की नजर चुनाव अधिकारियों के फैसले पर टिकी है।

    • अगर डिजिटल साइन को नियमों के खिलाफ माना गया, तो मालाड के पांच वार्डों में ठाकरे गुट को बड़ा झटका लगेगा।
    • वहीं महायुति पहले ही दो वार्डों में नुकसान झेल चुकी है।

    आने वाले फैसलों से साफ होगा कि किसका पत्ता कटेगा और किसे चुनावी फायदा मिलेगा।


    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. ठाकरे गुट के कितने उम्मीदवारों के पर्चे खतरे में हैं?
    👉 कुल 5 उम्मीदवारों के।

    Q2. विवाद की मुख्य वजह क्या है?
    👉 एबी फॉर्म पर डिजिटल साइन किया जाना।

    Q3. कौन-कौन से वार्ड प्रभावित हो सकते हैं?
    👉 वार्ड क्रमांक 38, 39, 40, 41 और 42।

    Q4. महायुति को कहां नुकसान हुआ है?
    👉 वार्ड 211 और 212 में।

    Q5. वार्ड 212 में किसे बढ़त मानी जा रही है?
    👉 मनसे उम्मीदवार श्रावणी हलदळकर को।