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    नकली ट्रेडिंग ऐप से 48.5 लाख की ठगी, मुंबई साइबर पुलिस ने तीन आरोपियों को पकड़ा

    मुंबई के बोरीवली के व्यापारी से नकली ट्रेडिंग ऐप और WhatsApp ग्रुप के जरिए 48.5 लाख की साइबर ठगी। नॉर्थ साइबर पुलिस ने पुणे से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।

    मुंबई: साइबर पुलिस ने नकली शेयर मार्केट ट्रेडिंग ऐप स्कैम का बड़ा खुलासा करते हुए पुणे के तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने बोरीवली के एक बिजनेसमैन को WhatsApp स्टॉक टिप्स ग्रुप और नकली ट्रेडिंग ऐप के जरिए 48.50 लाख रुपये की ठगी का शिकार बनाया। पुलिस ने बैंक ट्रांजैक्शन, मोबाइल नंबर और डिजिटल सबूतों के आधार पर कार्रवाई की है। मामले की आगे जांच जारी है।

    📍 कैसे शुरू हुई ठगी की कहानी

    पीड़ित, 43 वर्षीय कारोबारी, बीकेसी के डायमंड मार्केट में एग्जीक्यूटिव ऑफिसर के तौर पर काम करता है।
    अक्टूबर 2025 में उसे एक अंजान महिला का कॉल आया, जिसने अपना नाम “रिया” बताया और खुद को SEBI से जुड़े ब्रोकर्स के साथ काम करने वाला बताया।

    इसके बाद पीड़ित को “Daily Recommendations 602” नाम के WhatsApp ग्रुप में जोड़ा गया, जहां रोज़

    • शेयर टिप्स
    • IPO अपडेट
    • QIB इन्वेस्टमेंट
    • मुनाफे के फर्जी स्क्रीनशॉट

    शेयर किए जाते थे।

    📲 VIP ग्रुप और फेक ट्रेडिंग ऐप का जाल

    विश्वास बढ़ाने के लिए पीड़ित को बिना अनुमति “VIP Study Group” में भी जोड़ दिया गया।
    यहां उसे एक लिंक भेजकर TMGPLUS नाम का ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड करवाया गया।

    यह ऐप दिखने में असली ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म जैसा था और उसमें

    • फर्जी मुनाफा
    • बढ़ती हुई रकम
      दिखाई जाती थी, जिससे पीड़ित और ज्यादा निवेश करने लगा।

    💰 48.50 लाख रुपये कैसे निकाले गए

    पुलिस के अनुसार,
    18 नवंबर से 12 दिसंबर 2025 के बीच पीड़ित ने

    • IMPS
    • NEFT
    • RTGS

    के जरिए 48.50 लाख रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर किए।

    शुरुआत में छोटी रकम निकालने दी गई, ताकि भरोसा बने।
    लेकिन जब बड़ी रकम निकालने की कोशिश की गई, तो अकाउंट ब्लॉक कर दिया गया।

    🧾 IPO अलॉटमेंट का बहाना

    जब पीड़ित ने अपनी रकम और मुनाफा निकालना चाहा, तो आरोपियों ने कहा कि

    • पैसा IPO अलॉटमेंट में फंसा है
    • रकम रिलीज करने के लिए 50 लाख रुपये और जमा करने होंगे

    इसके बाद पीड़ित को शक हुआ और उसने

    • साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत की
    • फिर पुलिस से संपर्क किया।

    👮‍♂️ मुंबई पुलिस की कार्रवाई कैसे हुई

    बैंक ट्रांजैक्शन, WhatsApp ग्रुप्स, मोबाइल नंबर और डिजिटल ट्रेल की तकनीकी जांच के बाद
    नॉर्थ साइबर पुलिस स्टेशन की टीम ने
    30 जनवरी 2026 को पुणे के अंबेगांव पुलिस स्टेशन की मदद से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।

    टीम का नेतृत्व

    • इंस्पेक्टर किरण आहेर
    • एपीआई सुदर्शन पाटिल

    ने किया।

    🧑‍⚖️ गिरफ्तार आरोपी कौन हैं

    पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों के नाम हैं:

    • अमर बापू शिंदे (31)
    • प्रशांत सुनील कडव (33)
    • प्रणिल संजय राठोड (25)

    तीनों पुणे के रहने वाले हैं और पढ़े-लिखे हैं।

    🔍 आरोपियों की भूमिका

    पुलिस जांच में सामने आया कि:

    • शिंदे ने अपने बैंक अकाउंट उपलब्ध कराए
    • कडव ने मिडलमैन बनकर दूसरे अकाउंट्स जुटाए
    • राठोड ने खातों से पैसा निकालकर मास्टरमाइंड तक पहुंचाया

    तीनों को हर ट्रांजैक्शन पर कमीशन मिलता था।

    🏦 33 लाख का अहम ट्रांजैक्शन ट्रेस

    पुलिस ने RBL बैंक के एक अकाउंट से जुड़े
    33 लाख रुपये के ट्रांजैक्शन को ट्रेस किया,
    जो Sunenergier Solutions Pvt Ltd, पुणे के नाम पर रजिस्टर्ड था।

    इससे तीनों की संलिप्तता पुख्ता हुई।

    ⚠️ पुलिस की जनता से अपील

    मुंबई साइबर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि:

    • अनजान WhatsApp स्टॉक टिप्स ग्रुप से दूर रहें
    • किसी भी ऐप को डाउनलोड करने से पहले उसकी जांच करें
    • बिना वेरिफिकेशन निवेश न करें

    ❓ FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. ठगी की रकम कितनी है?
    👉 48.50 लाख रुपये।

    Q2. ठगी कैसे की गई?
    👉 WhatsApp ग्रुप और फेक ट्रेडिंग ऐप के जरिए।

    Q3. आरोपी कहां के रहने वाले हैं?
    👉 पुणे के।

    Q4. शिकायत कहां दर्ज की गई थी?
    👉 साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 और नॉर्थ साइबर पुलिस स्टेशन।

    Q5. क्या जांच अभी जारी है?
    👉 हां, मास्टरमाइंड और बाकी आरोपियों की तलाश जारी है।