डिजिटल डेस्क मुंबई: महाराष्ट्र और आसपास के राज्यों में पिछले कुछ दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण हाहाकार मचा हुआ है। खासकर पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन के कारण हजारों लोगों की मौत हो गई है। वहीं, अब मुंबई में भी भूस्खलन के कारण 2 लोगों की मौत हो गई और चार लोग बुरी तरह से जख्मी हो गए हैं। Landslide occurred at midnight due to heavy rain in Mumbai, 2 dead and 4 injured
BMC के अधिकारियों ने क्या कहा?
मुंबई के विक्रोली में शनिवार को भीषण भूस्खलन हुआ। भारी बारिश के कारण हुए हादसे में 2 लोगों की मौत हो गई और कई लोग बुरी तरह से घायल हैं। मिली जानकारी के मुताबिक हादसा शनिवार की रात लगभग 2:39 बजे हुआ। बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से हो रही लगातार बरसात के कारण एक पहाड़ी पर से अचानक भूस्खलन हो गया। पहाड़ी का मलबा आकर एक झोपड़ी पर गिरा, जिसके कारण 2 लोगों की जान चली गई और 4 लोग घायल हो गए।
एक ही परिवार पर टूटा पहाड़
BMC अधिकारी के मुताबिक, सभी पीड़ित एक ही परिवार से हैं। हादसे के फौरन बाद उन्हें राजावडी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने 2 लोगों को मृत घोषित कर दिया। मृतकों की पहचान 19 वर्षीय शालू मिश्रा और 50 वर्षीय सुरेश मिश्रा के रूप में हुई है। वहीं, परिवार के दो अन्य सदस्य 45 वर्षीय आरती मिश्रा और 20 वर्षीय ऋतुराज मिश्रा को गंभीर चोटें आई हैं। हालांकि, अब उनकी हालत में सुधार देखने को मिला है। इस हादसे के कारण परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। इलाके के लोग उन्हें सांत्वना दे रहे हैं। Landslide occurred at midnight due to heavy rain in Mumbai, 2 dead and 4 injured
भूस्खलन के बाद BMC बचाव दल के लोगों ने इलाके के बाकी लोगों को सुरक्षित जगहों पर स्थानांतरित कर दिया है, अधिकारियों के मुताबिक दोबारा खतरा हो सकता है। जबकि, मुंबई में भारी बारिश के कारण लोकल ट्रेनों का आवागमन भी प्रभावित हुआ है। कई जगहों पर जल भराव से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। खासकर दादर, कुर्ला, सायन, तिलक नगर समेत सभी रेलवे स्टेशनों पर पानी भरने से ट्रेनों की आवाजाही बाधित हो गई है। Landslide occurred at midnight due to heavy rain in Mumbai, 2 dead and 4 injured
मुंबई: पश्चिम उपनगर के दहिसर इलाके में दही हांडी अभ्यास के दौरान छठी मंजिल से गिरकर एक 11 साल के बालगोपाल की मौत हो गई है। यह घटना रविवार रात दहिसर पूर्व के केतकिडपाड़ा इलाके में हुई। मृतक बालगोविंद की पहचान महेश रमेश जाधव के रूप में हुई है, जिसकी उम्र 11 वर्ष बताई जा रही ह। मिली जानकारी के मुताबिक मृतक बालगोविंद नवतरुण गोविंदा पथक दल का सदस्य बताया जा रहा है। 11-year-old boy dies after falling from 6th floor during Dahi Handi practice in Mumbai’s Dahisar
घटना के बाद, पुलिस ने शुरुआत में आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज किया था। हालाँकि, महेश की माँ की शिकायत के बाद, नवतरुण मित्र मंडल गोविंदा पथक के अध्यक्ष बालू सुरनार के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज किया गया है। शिकायत के मुताबिक अध्यक्ष की लापरवाही ने बच्चे की जान ले ली। पुलिस ने मौत का कारण बनने और निरोधक आदेश का उल्लंघन करने का मामला दर्ज किया गया। 11-year-old boy dies after falling from 6th floor during Dahi Handi practice in Mumbai’s Dahisar
बॉम्बे उच्च न्यायालय ने निर्देश दिया है कि छोटे बच्चों को ऊपरी मंज़िल पर चढ़ने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए और दही हांडी खेलते समय हेलमेट, सुरक्षा बेल्ट और कुशन जैसे उपकरणों का उपयोग करना अनिवार्य है। हालाँकि, कई टीमें इन नियमों का पालन नहीं कर रही हैं। शहर में सैकड़ों गोविंदा पथक इस साल 16 अगस्त को होने वाले दही हांडी उत्सव की तैयारी कर रहे हैं। जब की इस घटना की खबर से सारा माहौल दुखी हो गया है। 11-year-old boy dies after falling from 6th floor during Dahi Handi practice in Mumbai’s Dahisar
महाराष्ट्र में स्वास्थ्य सेवाओं की कमी और ट्रैफिक जाम की समस्या से जूझ रहें लोगों दर्द आखिरकार एक महिला को अपनी जान गवां कर प्रकाश में लाना पड़ा है। जबकि लगातार हो रही जनता की मांगों पर सरकार को ध्यान देने की जरुरत है। Traffic jam took the life of a woman, ambulance was stuck for 3 hours
डिजिटल डेस्क मुंबई: पालघर से मुंबई के बीच एक महिला की मौत ने पूरे ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम और यहां की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खोलकर रख दी है। एक साधारण सी दुर्घटना और अस्पताल तक पहुचने में 49 वर्षीय छाया पुरव की मौत हो गई। कारण 3 घंटो तक एम्बुलेंस ट्रैफिक मे फंसा रहा और अस्पताल तक पहुंच ही नही पाया कि छाया ने दम तोड़ दिया। पति लगातार एम्बुलेंस में बैठे बैठे डॉक्टरों के संपर्क में था। पर ट्रैफिक मे फंसे होने की वजह से बेबस और लाचार अपनी पत्नी को निहारता और दिलासा देता रहा और छाया ने दम तोड़ दिया। Traffic jam took the life of a woman, ambulance was stuck for 3 hours
पेड़ की टहनी गिरने से हुआ हादसा
31 जुलाई को पालघर के अपने घर के पास खड़ी छाया पूरव के सिर पर अचानक एक भारी पेड़ की टहनी गिर गई। इस हादसे में उनके सिर, कंधे और रीढ़ की हड्डी पर गंभीर चोटें आई। स्थानीय लोगों ने तुरंत उन्हें नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने बताया कि इतनी गंभीर चोटों के लिए यहां जरूरी सेवाएं नही है, पूरे पालघर जिले में इस तरह के अपघात पर इलाज हो पाना मुश्किल है। मजबूरी में पीड़ित के परिजनों को उन्हें मुंबई के हिंदुजा अस्पताल रेफर करना पड़ा। Traffic jam took the life of a woman, ambulance was stuck for 3 hours
हाईवे पर हुआ मौत से जंग
2 अगस्त की दोपहर करीब 3 बजे छाया पूरव को एम्बुलेंस के जरिए मुंबई के लिए रवाना किया गया। सामान्य परिस्थितियों में पालघर से मुंबई 100 किलोमीटर का सफर लगभग 2 घंटे में तय हो सकता था। लेकिन जैसे ही NH-48 Mumbai-Ahmedabad Highwayपर एम्बुलेंस पहुंची, वहां लंबा और भारी ट्रैफिक जाम लगा हुआ था, गाड़ियां रेंग-रेंगकर चल रही थीं। एम्बुलेंस के ड्राइवर ने कई बार हॉर्न और सायरन बजाकर रास्ता बनाने की कोशिश की, लेकिन जाम इतना था कि गाड़ियां किनारे नहीं हो पा रहीं थी। मरीज की हालत धीरे-धीरे बिगड़ती जा रही थी, लेकिन जाम के आगे सब बेबस थे। Traffic jam took the life of a woman, ambulance was stuck for 3 hours
3 घंटो तक जाम में फंसे रहे
शाम 6 बजे तक एम्बुलेंस सिर्फ 70 किलोमीटर का ही सफर तय कर पाई। यानी तीन घंटे बाद भी मरीज मुंबई के अस्पताल से काफी दूर थी। इस बीच छाया पूरव की हालत गंभीर होती चली गई। उनके पति, जो एम्बुलेंस में साथ थे, डॉक्टरों से लगातार फोन पर बात कर रहे थे, लेकिन स्थिति बिगड़ने के कारण उन्हें मीरा रोड के ऑर्बिट अस्पताल में भर्ती करने का फैसला किया गया। Traffic jam took the life of a woman, ambulance was stuck for 3 hours
हिंदुजा अस्पताल से सिर्फ 30 किलोमीटर पहले ऑर्बिट अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें तुरंत जांचा, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनकी मौत ने परिवार को गहरा सदमा दे दिया और यह सवाल छोड़ दिया कि अगर ट्रैफिक जाम न होता या पालघर में बेहतर आपातकालीन स्वास्थ्य देखभाल सुविधाएं होतीं, तो शायद उनकी जान बच सकती थी। Traffic jam took the life of a woman, ambulance was stuck for 3 hours
महाराष्ट्र में ट्रैफिक और स्वास्थ्य समस्याओं पर सवाल
यह घटना कई गंभीर सवाल खड़ा कर गई – क्यों पालघर जैसे बड़े जिले में ट्रॉमा सेंटर की सुविधा नहीं है? क्यों हाईवे पर आपातकालीन वाहन के लिए अलग ग्रीन कॉरिडोर नहीं बनाया जाता? क्यों हमारी यातायात प्रबंधन प्रणाली इतनी कमजोर है कि जान बचाने वाली गाड़ियां भी जाम में फंस जाती हैं? आपातकालीन चिकित्सा सहायता में समय की कीमत जिंदगी से ज्यादा कुछ नहीं हो सकती। यह घटना सरकार और प्रशासन के लिए चेतावनी है कि तुरंत ट्रैफिक और हेल्थकेयर व्यवस्था में सुधार की जरूरत है। Traffic jam took the life of a woman, ambulance was stuck for 3 hours
जनसूचना अधिकार का बिल लाकर व्यक्तिगत डेटा कहकर जवाब देने से बचने की साजिश..
मोदी सरकार ने डेटा की आड में अपने गुनाह से बचने का रास्ता निकाला।
धर्म और आस्था के नाम पर राजनीतिक लाभ
बोइंग विमान हादसे पर मोदी के चरण चुंबन में लगी मिडीया ने खुद को मुर्दा होने का दिया प्रमाण
आखिरकार बोइंग विमान हादसा क्यों हुआ?
तुर्की को दी अहमदाबाद हवाई अड्डे की ठेकेदारी: सोशल मिडिया
अमेरिकी कंपनी में कार्यरत दो इंजीनियरों ने बोइंग विमान की कई गड़बड़ियों का किया खुलासा
मुंबई: पुलवामा में चालीस जवान सरकार की गलती से मारे गए। क्योंकि मोदी और उनके सुरक्षा सलाहकार जम्मू कश्मीर के तात्कालीन राज्यपाल ने जब कहा पुलवामा हमारी यानि सरकार की गलती से हुआ है, तब मोदी और अजित डोभाल ने उन्हें चुप रहने को कहा। जवाबदेही नहीं लिया गया। पहलगाम में आतंकी हमला हुआ 27 बेकसूर मारे गए, वह भारत सरकार की सुरक्षा चूक थी। दो दिन पहले वहां जाने वाले थे, मोदी दौरा कैंसिल क्यों किया? सुरक्षा दो दिन पहले क्यों हटाई गई? जबाव देह क्यों नहीं बनी सरकार? पुलवामा के शहीदों के नाम वोट जरूर मांगे, मगर जवाबदेही से क्यों भाग गए?
जनता का अधिकार
चुनावी फायदा उठाने वाली मोदी सरकार जवाबदेही से बचने के लिए ही कांग्रेस द्वारा जनता को दिए गए “जनसूचना अधिकार” को एक बिल लाकर व्यक्तिगत डेटा कहकर जवाब देने से बचने की साजिश रची। यानी केंद्र या राज्यसरकारो की लापरवाही हो या अन्य किसी तकनीकी गड़बड़ी सरकार जवाब देने से भाग गई। जनसूचना अधिकार के तहत कांग्रेस ने जनता के हाथों में प्रबल हथियार दिए थे। लेकिन जवाबदेही से भागने के लिए मोदी सरकार ने डेटा की आड में अपने गुनाह से बचने का रास्ता निकाल लिया।
ट्रेंडिंग फोटो
अहमदाबाद में एयर इंडिया का बोइंग विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ। अमित शाह गए, तो कहा ‘दुर्घटना हो जाती है उसे रोका नहीं जा सकता।’ जिम्मेदारी से भागने वाला ऐसा बयान कोई मोदी सरकार का गैरजिम्मेदार मंत्री ही दे सकता है। जो सरकार जनता के प्रति जवाबदेह होती है यूं मोदी सरकार की तरह भागती नहीं। मोदी भी दुर्घटना स्थल पर गए। फोटो ऐसी खिंचवाई ट्रेंड फोटोग्राफर से कि मोदी सहित दुर्घटनाग्रस्त विमान और मेडिकल छात्रों के आवास की बिल्डिंग भी एक साथ नजर आए।
दुर्घटना में दो सौ अस्सी यात्री और मेडिकल छात्र सहित कुछ क्रु मेंबर भी जल कर मर गए। देश गमगीन है। उन परिवारजनों की आंखों से आंसू अभी सूखे भी नहीं थे, कि मोदी पांच दिनों के विदेश दौरे पर भाग गए। उन्हें देश में रहकर विमान हादसे की जांच होने तक मृत परिवार जनों के आंसू पोछने का समय था। लेकिन मोदी को क्या पड़ी है? मरे तो मर गए उसका ग़म क्यों करे मोदी सरकार। दुख तो उन्हें होता है जो देश की जनता के हर सुख और दुख में साथ रहता है। वही दुखी होता है।
हेलीकॉप्टर दुर्घटना
धर्म और आस्था के नाम पर हिंदुओं को चूल्हे में झोंककर राजनीतिक लाभ लिया जाता है। लेकिन डबल इंजन सरकार के उत्तराखंड में इस बार भी हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें एक परिवार मारा गया। लेकिन इसकी जवाबदेही कोई लेने को तैयार नहीं न केंद्र सरकार और न ही उत्तराखंड बीजेपी सरकार।
विमान हादसे को लेकर सवाल?
एक्टिविस्ट शुक्ला ने अहमदाबाद में हुए बोइंग हादसे के संदर्भ में आर टी आई डालकर पूछा है, कि किस इंजीनियर ने विमान को उड़ान लायक प्रमाणित किया? किस अधिकारी ने उड़ान के पूर्व अनिवार्य जांच कर सर्टिफिकेट दिया? किस अधिकारी ने बोइंग उड़ाने की परमिशन दी? जबकि दिल्ली से अहमदाबाद आने के समय ही एक यात्री ने शिकायत की थी, कि विमान में एयर कंडीशन काम नहीं कर रहा था। डिजिटल सेवाएं भी बाधित रहीं। फिर उसी विमान को लंबी दूरी की यात्रा की अनुमति कैसे दी गई? बोइंग 787 हो या दूसरा उसे लाइसेंस कब दिया गया? उसके उड़ान भरने की एक्सपायरी डेट क्या थी?
जो प्रश्न भारतीय मिडिया को पूछना चाहिए था वह मिडिया तो चरण चुंबन करने में लगी हुई है। पत्रकारिता का अंतिम क्रिया कर्म कर श्रद्धांजलि भी देकर खुद को मुर्दा होने का प्रमाण दे दिया गया है। ऐसे में देश का जागरूक व्यक्ति शुक्ला ने आर टी आई के अधीन सरकार से सवाल पूछकर दुस्साहस का कार्य किया है। ऐसी सरकार से सवाल पूछने के साहस के लिए बधाई जरूर दी जा सकती है। लेकिन मोदी सरकार ने जवाबदेही से बचने के लिए पहले ही पर्सनल डेटा के नाम पर आर टी आई को नख दंत विहीन कर अपंग और अनुपयोगी बना दिया है। ताकि जानकारी देने से बचने के लिए पर्सनल डेटा का सहारा लिया जा सके।
महामानव की राजनैतिक चाल
जैसे महाबली धनुर्धारी भीष्म पितामह को मारने के लिए कृष्ण द्वारा अर्जुन के सामने शिखंडी को खड़ा कर दिया था। क्योंकि भीष्म शिखंडी को स्त्री मानते थे और स्त्रियों के खिलाफ शस्त्र उठाना वीरों को शोभा नहीं देता। यही कारण है कि अर्जुन शिखंडी की आड में भीष्म का शरीर वाणों से छलनी कर सके। उसी तरह मोदी सरकार ने जवाबदेही से बचने के लिए पर्सनल डेटा रूपी शिखंडी को एक्टिविस्टों के सामने खड़ा कर दिया है।
साजिश या टेक्निकल ?
मुद्दा यह है कि आखिरकार बोइंग विमान हादसा हुआ क्यों? क्या विमान को उड़ान भरने का सार्टिफिकेट नियमों का उल्लंघन करके दिया गया? ताकि दुर्घटनाग्रस्त हो जाए, जिसमें गुजरात की वह हस्ती यात्रा कर रही थी, जिसने बीजेपी सरकार के घोटाले खोलने की बातें कही थी। तर्क बहुतेरे हो सकते हैं। साजिश थी या टेक्निकल फेलियर यह तो जांच के बाद ही मालूम हो पाएगा। वैसे सोशल मीडिया पर लिखा जा रहा है, कि अहमदाबाद हवाईअड्डे की ठेकेदारी तुर्की को दी गई है। तुर्की ने ही विमान दुर्घटना कराई है। आदि जैसी सैकड़ों बाजीगरी सोशल मीडिया में देखने को मिल रही हैं।
अहम मुद्दा यह है, कि केंद्रीय गृह मंत्री होते हुए भी अमित शाह ने कैसे गैर जिम्मेदारांना बयान दिया, कि “दुर्घटना होनी थी हो गई। उसे रोका नहीं जा सकता।” इसका जवाब होगा यदि ईमानदारी से अहमदाबाद हवाई अड्डे पर ठीक तरह से जांच की गई होती, तो विमान को दुर्घटना ग्रस्त होने से रोका जा सकता था। विशेषज्ञ अनेक खामियां गिनाते हैं। बोइंग बनाने वाली अमेरिकी कंपनी में कार्यरत दो इंजीनियरों ने बोइंग की कई गड़बड़ियों का खुलासा किया था। दोनों की अचानक और संदिग्ध मय मौत हो जाना भी इशारे करता है, कि बोइंग मौत का उड़ाता ताबूत है।
दुर्घटना का सही कारण?
कई स्थानों पर अधूरी यात्रा करके विमान लैंड होने की खबरें तो बताती हैं कि एक्सपायरी डेट निकल जाने और तकनीकी खराबी के बावजूद कैसे सर्टिफिकेट जारी किया गया? लाइसेंस क्यों और कैसे दिए गए? जबकि देश ही नहीं विदेशों में भी बोइंग विमान के खिलाफ आक्रोश देखा जा रहा है। मुद्दा यह भी है कि कहीं दबाव डालकर दुर्घटना को अंजाम देने वाले या साजिश रचने वालों को बचाने की कोशिश में दबाव भी दिया जा सकता है। अगर बाहरी अथवा विदेशी और खुद बोइंग बनाने वाली कंपनी कुछ एक्सपर्ट के साथ जांच करती है तभी जांच निर्दोष मानी जा सकती है। देखना होगा कि जांच में दुर्घटना का कारण सामने जरूर आएगा।
मुंबई: अंधेरी ईस्ट के चकाला इलाके में स्थित ज्योति होटल में सोमवार सुबह भीषण आग लग गई। इस अफरा तफरी के कारण होटल में ठहरे हुए मेहमानों और आस-पास के रहनेवालों में हड़कंप मच गया। यह घटना इमारत की छठी मंजिल पर सुबह करीब 3:00 बजे हुई। मौके पर आग ने होटल के कई हिस्सों को अपनी चपेट में ले लिया, जबकि होटल के अंदर कई लोग फंस गए थे। A huge fire broke out in a hotel in Andheri East at 3 am, 35 people evacuated
फायर ब्रिगेड के अधिकारियों ने बताया, कि इस घटना में किसी के हताहत होने या घायल होने की खबर नहीं है। हालांकि, होटल के कई कमरे आग की चपेट में आकर पूरी तरह जल गए हैं। सुबह के समय तक ऑपरेशन जारी रहा। इस दौरान इमारत के ऊपरी मंजिल से घना धुआं और लपटें निकलती देखी गई। A huge fire broke out in a hotel in Andheri East at 3 am, 35 people evacuated
आग लगने का सही कारण अभी तक ज्ञात नहीं हो पाया है। अंधेरी पुलिस के साथ अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने आग के स्रोत का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दिया है। प्रारंभिक रिपोर्टों के मुताबिक, बिजली की खराबी या गैस लीक का कोई तत्काल सबूत नहीं मिला है, लेकिन अधिकारियों ने किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया है। A huge fire broke out in a hotel in Andheri East at 3 am, 35 people evacuated
ठाणे: कल्याण इलाके में मंगलवार दोपहर एक रिहायशी इमारत के भीतर एक मंजिल की छत गिरने से छह लोगों की मौत हो गई है। जिनमें एक बच्चा भी शामिल है, जबकि चार अन्य घायल हो गए हैं। कल्याण डोंबिवली महानगरपालिका (KDMC) के एक अधिकारी ने घटना की जानकारी दी। Maharashtra: Six people died due to collapse of building slab in Kalyan
बचाव कार्य जारी …
उन्होंने बताया, दमकल विभाग और आपदा प्रबंधक बल की टीमों द्वारा राहत और बचाव कार्य तेजी से चल रहा है। कल्याण तहसीलदार सचिन शेजाल ने बताया कि एक व्यक्ति अब भी मलबे के नीचे फंसा हो सकता है। अधिकारियों ने बताया कि यह हादसा दोपहर के समय कल्याण (पूर्व) के मंगलराघो नगर क्षेत्र स्थित सप्तश्रृंगी इमारत की दूसरी मंजिल की छत गिरने से हुआ है। Maharashtra: Six people died due to collapse of building slab in Kalyan
इमारत में रिपेयरिंग का काम
कल्याण के उपविभागीय अधिकारी (SDO) विश्वास दिगंबर गुजर ने बताया, कि “कल्याण स्थित श्री सप्तश्रृंगी इमारत की चौथी मंजिल पर फ्लोरिंग का काम चल रहा था। मरम्मत कार्य के दौरान चौथी मंजिल की स्लैब गिर गई, जिससे नीचे की सभी मंजिलों की स्लैब भी उसके साथ ढह गई।” Maharashtra: Six people died due to collapse of building slab in Kalyan
उन्होंने कहा, इस हादसे में 11 लोग मलबे में फंस गए थे। दमकल विभाग और अन्य टीमें मौके पर पहुंचीं और तुरंत बचाव कार्य शुरू कर दिया। अब तक 5 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है जबकि 6 लोगों की इस दुर्घटना में मौत हो गई है। उन्होंने यह भी बताया कि मलबा हटाने का काम जारी है। Maharashtra: Six people died due to collapse of building slab in Kalyan
इमारत को किया जाएगा ध्वस्त
एसडीओ गुजर ने और अधिक जानकारी देते हुए यह भी बताया कि इस इमारत में कुल 52 परिवार रहते थे। समय के साथ इसकी हालत काफी खराब हो चुकी है, इसलिए इस इमारत को जल्द ही ध्वस्त कर दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा, कि प्रभावित परिवारों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी। Maharashtra: Six people died due to collapse of building slab in Kalyan
मुंबई के बांद्रा टर्मिनस पर ट्रेन पकड़ने के चक्कर में भगदड़ में 9 लोग घायल हो गए हैं। इस हादसे को लेकर उद्धव ठाकरे गुट के शिवसेना नेता संजय राउत ने रेल मंत्री को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने मोदी सरकार पर भी सवाल उठाए है। (Stampede at Mumbai Bandra Terminus Railway Station, 9 people injured)
न्यूज़ डेस्क मुंबई- बांद्रा टर्मिनस रेलवे स्टेशन पर रविवार सुबह एक ट्रेन में चढ़ने के लिए धक्का-मुक्की के दौरान भगदड़ मच गई। इस भगदड़ के चलते 9 लोग घायल हो गए है। बांद्रा स्थित भाभा अस्पताल के डाक्टरों द्वारा दो लोगों की क्रिटिकल हालत बताई जा रही है। इस घटना को लेकर शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के नेता संजय राउत ने भाजपा को जिम्मेदार ठहरा है। (Stampede at Mumbai Bandra Terminus Railway Station, 9 people injured)
शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के नेता संजय राउत ने भारतीय जनता पार्टी के कार्यकाल के दौरान होने वाले रेल हादसों को याद करते हुए रेल मंत्री को घटना का जिम्मेदार ठहराया है। इसके साथ ही उन्होंने मोदी सरकार के दौरान बने रेल मंत्री पर सवाल करते हुए, उन्हें भी इस तरह के हादसे का जिम्मेदार ठहराया है। (Stampede at Mumbai Bandra Terminus Railway Station, 9 people injured)
बुलेट ट्रेन की बात
संजय राउत कहते, “जब से मोदी सरकार तीसरी बार सत्ता में आई है और रेल मंत्री को फिर से जिम्मेदारी सौंपी है, तब से देश में 25 से अधिक बड़ी रेल दुर्घटनाएं हुई हैं। जिनमें 100 से अधिक लोगों की जान गई है।” इसके साथ ही उन्होंने कहा, कि “आप बुलेट ट्रेन, मेट्रो और हाई-स्पीड ट्रेनों की बात करते हैं और नितिन गडकरी हवा में बसें चलाने की बात करते हैं। लेकिन, जमीन पर हकीकत क्या है? जिस तरह से यात्री घायल हुए, क्या इसके लिए रेल मंत्री जिम्मेदार नहीं हैं?” (Stampede at Mumbai Bandra Terminus Railway Station, 9 people injured)
बांद्रा-गोरखपुर एक्सप्रेस की घतना
बता दें कि रविवार की सुबह मुंबई में बांद्रा रेलवे स्टेशन पर एक ट्रेन में चढ़ने के लिए धक्का-मुक्की के दौरान मची भगदड़ में 9 लोग घायल हो गए। बृहन्मुंबई महानगर पालिका के एक अधिकारी ने यह जानकारी देते हुए कहा, कि यह घटना बांद्रा टर्मिनस के प्लेटफॉर्म संख्या एक पर सुबह 5 बजकर 56 मिनट पर हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि गाड़ी संख्या 22921 बांद्रा-गोरखपुर एक्सप्रेस ट्रेन पर चढ़ने के लिए यात्रियों की भारी भीड़ थी। घटना के बाद सभी घायलों को तुरंत भाभा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। (Stampede at Mumbai Bandra Terminus Railway Station, 9 people injured)
Mumbai Bandra Terminus Railway Station Accident news image
घायलों की पहचान ..
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घायलों की पहचान 40 वर्षीय शबीर अब्दुल रहमान, 28;वर्षीय परमेश्वर सुखदर गुप्ता, 30 वर्षीय रवींद्र हरिहर चूमा, 29 वर्षीय रामसेवक रवींद्र प्रसाद प्रजापति, 27 वर्षीय संजय तिलकराम कांगे, 18 वर्षीय दिव्यांशु योगेंद्र यादव, 25 वर्षीय मोहम्मद शरीफ शेख, 19 वर्षीय इंद्रजीत सहानी और 18 वर्षीय नूर मोहम्मद शेख के रूप में की गयी है। इसमें नूर मोहम्मद और इंद्रजीत सहानी की हालत गंभीर बताई जा रही है। (Stampede at Mumbai Bandra Terminus Railway Station, 9 people injured)