न्यूज़ डेस्क मुंबई: चर्चगेट से गुजरात के सूरत तक चलने वाली मुंबई लोकल ट्रेन और मेल एक्सप्रेस में अवैध फेरीवालों, किन्नरों और अवैध यात्रा करने वालों के खिलाफ आरपीएफ ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। यात्रियों की लगातार शिकायतों के बाद आरपीएफ के आईजी चर्चगेट अजय सादानी ने इसको लेकर सख्त आदेश दिए हैं। सादे कपड़ो में आरपीएफ की टीम निगरानी के लिए तैनात कर दिए गए हैं। पिछले 12 दिनों में 1632 लोगों की धरपकड़ हो चुकी है। इसमे 298 अवैध होकर, 100 किन्नर , विकलांग कोच से 889 और महिला कोच में 80 पुरुष यात्रियों की पकड़ा गया है।
लगातार हो रही थी शिकायत
बता दें कि मुंबई लोकल में भीड़ के समय यात्रा के दौरान अवैध हाकर, भीख मांग कर परेशान करने वाले किन्नर, विकलांगों के लिए आरक्षित कोच में अवैध यात्री और महिला कोच में पुरुष यात्रियों से लोग परेशान हो गए थे। जिसको लेकर लगातार रेल प्रशासन को शिकायत मिल रही थी। इन शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए आई जी आरपीएफ चर्चगेट अजय सादानी ने सख्त कार्रवाई के आदेश दिए। इसपर वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त मुंबई सेंट्रल संतोष कुमार सिंह राठौड़ ने एक विशेष टीम का गठन किया, जो हर रेलवे स्टेशनों पर सादे कपड़ो में यात्रियों की सुरक्षा के लिए तैनात कर दिए गए हैं। Western Railway started the crackdown, special RPF team deployed in plain clothes
विशेष चैकिंग अभियान
वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त मुंबई सेंट्रल संतोष कुमार सिंह राठौड़ ने बताया, कि मुंबई मंडल द्वारा सादे कपड़ों में अवैध गतिविधियों की धरपकड़ और रोकथाम लिए एक स्पेशल टीम का गठन किया गया है। जिनके द्वारा एक विशेष चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। पिछले 12 दिनों में कुल 1632 लोगों की धरपकड़ की है जिनमे 298 अवैध होकर, ट्रेनों में भीख मांगकर यात्रियों को परेशान करने वाले 100 किन्नर, विकलांग कोच में अनाधिकृत यात्रा करने वाले 889 गैर विकलांग यात्री और महिला कोच में यात्रा करने वाले 80 पुरुष यात्रियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए कोर्ट के समक्ष पेश कर चालान किया गया। Western Railway started the crackdown, special RPF team deployed in plain clothes
उन्होंने आगे कहा, कि गाड़ी संख्या 20907/08 सयाजी नगरी एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में अनाधिकृत रूप से यात्रा करने वाले 244 जनरल यात्रियों को 132855 रुपए का जुर्माना करवाया गया। पश्चिम रेलवे का मुंबई सेंट्रल मंडल यात्रियों की सुरक्षा और सहयोग के लिए सदैव तत्पर है। उन्होंने यह भी बताया, कि चालू वर्ष 2025 में रेलवे सुरक्षा बल मुंबई सेंट्रल द्वारा यात्रियों के सामानों की चोरी करने वाले 328 अपराधियों की धरपकड़ कर जीआरपी को अग्रिम कार्यवाही हेतु सौंपा गया है। साथ ही 563 शराब तस्करों को 20,09,786/-रु मूल्य की शराब के साथ पकड़कर जीआरपी के सुपुर्द किया गया है घर से भागे हुए और परिजनों से बिछड़े हुए 191 बच्चों को एनजीओ या उनके परिजनों के सुपुर्द किया गया। Western Railway started the crackdown, special RPF team deployed in plain clothes
गोरेगांव पूर्व की वनराई पुलिस ने 6 चोरी के ट्रक समेत 2 लोगों को गुजरात और औरंगाबाद से गिरफ्तार किया है। ये गिरोह ट्रक और भारी वाहनों की चोरी कर बनावटी कागजातों के सहारे दूसरे राज्यों में बेच दिया करते थे। Mumbai police arrested international gang involved in truck theft
मुंबई: गोरेगांव पूर्व की वनराई पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो ट्रक और भारी वाहनों की चोरी कर बनावटी कागजातों के सहारे दूसरे राज्यों में बेच दिया करते थे। हालही में इन लोगों ने 8 जून को रात के अंधेरे में एक 10 टायर टाटा कंपनी का ट्रक चूरा लिया था। जिसकी जांच में पुलिस को पता चला कि बदमाशों ने गुजरात के सुरत ग्रामीण में ट्रक को छुपाया हुआ है। मुंबई पुलिस जब गुजरात पहुची तो और भी घटनाओं का खुलासा पेश होता चला गया। जिसमें पुलिस मुंबई से गुजरता फिर औरंगाबाद से राजस्थान तक चली गई और अबतक 6 ट्रकों को मुंबई वापस ले आई। Mumbai police arrested international gang involved in truck theft
कैसे हुआ खुलासा?
वनराई पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक गिरिष बने ने बताया कि 8 जून को लगभग रात के 1 बजे गोरेगांव पूर्व के घास बाजार के पास सीमेंट गोदाम से 10 चक्का टाटा कंपनी का ट्रक क्रमांक MH50N2086 चोरी होने की शिकायत मिली थी। इसमें गु.र.क्र. 226/2025 में भारतीय न्याय संहिता की धारा 303 (2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई तो हमें तकनीकी जांच से पता चला कि ट्रक सुरत के एक ग्रामीण भाग में खड़ा हुआ है। तुरंत हमने गुजरात पुलिस की सहायता ली जो वहां के जंखवाव पुलिस थाने से संपर्क करवाया। तुरंत हमने वरिष्ठ अधिकारियों से अनुमति लेकर पुलिस उपनिरीक्षक रंजित वनवे, बंकट तळेकर, पुलिस हवलदार येवले, पुलिस सिपाही पाटील की एक टीम तैयार की और गुजरात के लिए रवाना कर दिया। Mumbai police arrested international gang involved in truck theft
गुजरात में क्या हुआ?
वनराई पुलिस थाने में क्राईम डिटेक्शन के पुलिस निरीक्षक सुभाषचंद्र पोस्टुरे ने बताया कि जब हमारी टीम गुजरात पहुची तो उनका संपर्क जंखवाव पुलिस थाने से कराया गया। जिनकी मदद से हमारी टीम सुरत के ग्रामीण इलाके में जाकर छापामारी की और वहां से 44 वर्षीय आरोपी नर्सिंग रामस्वरूप सिंह और चोरी के ट्रक को हिरासत में लिया और उसे मुंबई ले आई। उन्होंने यह भी बताया कि गिरफ्तार आरोपी इंदौर के मैकेनिक नगर का रहने वाला है। इससे हमे पता चला कि जब यह इंदौर का रहने वाला मुंबई और गुजरात में कनेक्शन बना सकता है तो यह अकेला नही होगा और इसने और भी कई कांड किए होंगे। हमने जब इसके रिकॉर्ड की पडताल की तो पूरे महाराष्ट्र मे और भी 7 अलग-अलग मामले का खुलासा हुआ और कड़ी पूछताछ में उसने गिरोह के मास्टर माइंड जावेद अब्दुल्ला शेख का पता बताया। Mumbai police arrested international gang involved in truck theft
पुलिस उपनिरीक्षक रंजित वनवे से मिली जानकारी के मुताबिक 10 जून को गिरोह का मास्टर माइंड जावेद अब्दुल्ला शेख को औरंगाबाद से गिरफ्तार किया गया। इनके खिलाफ अहमदनगर के तोफखाना पुलिस थाने में दो अपराध दर्ज हैं। इसके अलावा नाशिक के आडगांव पुलिस थाना और येवला शहर पुलिस थाना और धुळे के मोहाडी नगर पुलिस थाना, औरंगाबाद के सिटी चौक पुलिस थाना के साथ तळोजा पुलिस थाने में अपराध दर्ज है। Mumbai police arrested international gang involved in truck theft
राजस्थान से मिले 5 ट्रक
पुलिस ने बताया कि दोनों की गिरफ्तारी के बाद जांच मे पता चला कि इन लोगों ने और भी 5 ठिकानों पर ट्रक और भारी वाहनों को चोरी कर छिपाया हुआ है। फिर से वही पुलिस की टीम पुलिस उपनिरीक्षक रंजित वनवे की नेतृत्व में राजस्थान रवाना हुआ। राजस्थान के बांसवाडा जिला, डोंगरपुर जिला और सलुंम्बर जिला के अलग-अलग ठिकानों से पुलिस ने 5 वाहनों को हस्तगत किया और उसे मुंबई ले आए। वनराई पुलिस और अधिक मामले की तहकीकात कर रही है। Mumbai police arrested international gang involved in truck theft
जनसूचना अधिकार का बिल लाकर व्यक्तिगत डेटा कहकर जवाब देने से बचने की साजिश..
मोदी सरकार ने डेटा की आड में अपने गुनाह से बचने का रास्ता निकाला।
धर्म और आस्था के नाम पर राजनीतिक लाभ
बोइंग विमान हादसे पर मोदी के चरण चुंबन में लगी मिडीया ने खुद को मुर्दा होने का दिया प्रमाण
आखिरकार बोइंग विमान हादसा क्यों हुआ?
तुर्की को दी अहमदाबाद हवाई अड्डे की ठेकेदारी: सोशल मिडिया
अमेरिकी कंपनी में कार्यरत दो इंजीनियरों ने बोइंग विमान की कई गड़बड़ियों का किया खुलासा
मुंबई: पुलवामा में चालीस जवान सरकार की गलती से मारे गए। क्योंकि मोदी और उनके सुरक्षा सलाहकार जम्मू कश्मीर के तात्कालीन राज्यपाल ने जब कहा पुलवामा हमारी यानि सरकार की गलती से हुआ है, तब मोदी और अजित डोभाल ने उन्हें चुप रहने को कहा। जवाबदेही नहीं लिया गया। पहलगाम में आतंकी हमला हुआ 27 बेकसूर मारे गए, वह भारत सरकार की सुरक्षा चूक थी। दो दिन पहले वहां जाने वाले थे, मोदी दौरा कैंसिल क्यों किया? सुरक्षा दो दिन पहले क्यों हटाई गई? जबाव देह क्यों नहीं बनी सरकार? पुलवामा के शहीदों के नाम वोट जरूर मांगे, मगर जवाबदेही से क्यों भाग गए?
जनता का अधिकार
चुनावी फायदा उठाने वाली मोदी सरकार जवाबदेही से बचने के लिए ही कांग्रेस द्वारा जनता को दिए गए “जनसूचना अधिकार” को एक बिल लाकर व्यक्तिगत डेटा कहकर जवाब देने से बचने की साजिश रची। यानी केंद्र या राज्यसरकारो की लापरवाही हो या अन्य किसी तकनीकी गड़बड़ी सरकार जवाब देने से भाग गई। जनसूचना अधिकार के तहत कांग्रेस ने जनता के हाथों में प्रबल हथियार दिए थे। लेकिन जवाबदेही से भागने के लिए मोदी सरकार ने डेटा की आड में अपने गुनाह से बचने का रास्ता निकाल लिया।
ट्रेंडिंग फोटो
अहमदाबाद में एयर इंडिया का बोइंग विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ। अमित शाह गए, तो कहा ‘दुर्घटना हो जाती है उसे रोका नहीं जा सकता।’ जिम्मेदारी से भागने वाला ऐसा बयान कोई मोदी सरकार का गैरजिम्मेदार मंत्री ही दे सकता है। जो सरकार जनता के प्रति जवाबदेह होती है यूं मोदी सरकार की तरह भागती नहीं। मोदी भी दुर्घटना स्थल पर गए। फोटो ऐसी खिंचवाई ट्रेंड फोटोग्राफर से कि मोदी सहित दुर्घटनाग्रस्त विमान और मेडिकल छात्रों के आवास की बिल्डिंग भी एक साथ नजर आए।
दुर्घटना में दो सौ अस्सी यात्री और मेडिकल छात्र सहित कुछ क्रु मेंबर भी जल कर मर गए। देश गमगीन है। उन परिवारजनों की आंखों से आंसू अभी सूखे भी नहीं थे, कि मोदी पांच दिनों के विदेश दौरे पर भाग गए। उन्हें देश में रहकर विमान हादसे की जांच होने तक मृत परिवार जनों के आंसू पोछने का समय था। लेकिन मोदी को क्या पड़ी है? मरे तो मर गए उसका ग़म क्यों करे मोदी सरकार। दुख तो उन्हें होता है जो देश की जनता के हर सुख और दुख में साथ रहता है। वही दुखी होता है।
हेलीकॉप्टर दुर्घटना
धर्म और आस्था के नाम पर हिंदुओं को चूल्हे में झोंककर राजनीतिक लाभ लिया जाता है। लेकिन डबल इंजन सरकार के उत्तराखंड में इस बार भी हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें एक परिवार मारा गया। लेकिन इसकी जवाबदेही कोई लेने को तैयार नहीं न केंद्र सरकार और न ही उत्तराखंड बीजेपी सरकार।
विमान हादसे को लेकर सवाल?
एक्टिविस्ट शुक्ला ने अहमदाबाद में हुए बोइंग हादसे के संदर्भ में आर टी आई डालकर पूछा है, कि किस इंजीनियर ने विमान को उड़ान लायक प्रमाणित किया? किस अधिकारी ने उड़ान के पूर्व अनिवार्य जांच कर सर्टिफिकेट दिया? किस अधिकारी ने बोइंग उड़ाने की परमिशन दी? जबकि दिल्ली से अहमदाबाद आने के समय ही एक यात्री ने शिकायत की थी, कि विमान में एयर कंडीशन काम नहीं कर रहा था। डिजिटल सेवाएं भी बाधित रहीं। फिर उसी विमान को लंबी दूरी की यात्रा की अनुमति कैसे दी गई? बोइंग 787 हो या दूसरा उसे लाइसेंस कब दिया गया? उसके उड़ान भरने की एक्सपायरी डेट क्या थी?
जो प्रश्न भारतीय मिडिया को पूछना चाहिए था वह मिडिया तो चरण चुंबन करने में लगी हुई है। पत्रकारिता का अंतिम क्रिया कर्म कर श्रद्धांजलि भी देकर खुद को मुर्दा होने का प्रमाण दे दिया गया है। ऐसे में देश का जागरूक व्यक्ति शुक्ला ने आर टी आई के अधीन सरकार से सवाल पूछकर दुस्साहस का कार्य किया है। ऐसी सरकार से सवाल पूछने के साहस के लिए बधाई जरूर दी जा सकती है। लेकिन मोदी सरकार ने जवाबदेही से बचने के लिए पहले ही पर्सनल डेटा के नाम पर आर टी आई को नख दंत विहीन कर अपंग और अनुपयोगी बना दिया है। ताकि जानकारी देने से बचने के लिए पर्सनल डेटा का सहारा लिया जा सके।
महामानव की राजनैतिक चाल
जैसे महाबली धनुर्धारी भीष्म पितामह को मारने के लिए कृष्ण द्वारा अर्जुन के सामने शिखंडी को खड़ा कर दिया था। क्योंकि भीष्म शिखंडी को स्त्री मानते थे और स्त्रियों के खिलाफ शस्त्र उठाना वीरों को शोभा नहीं देता। यही कारण है कि अर्जुन शिखंडी की आड में भीष्म का शरीर वाणों से छलनी कर सके। उसी तरह मोदी सरकार ने जवाबदेही से बचने के लिए पर्सनल डेटा रूपी शिखंडी को एक्टिविस्टों के सामने खड़ा कर दिया है।
साजिश या टेक्निकल ?
मुद्दा यह है कि आखिरकार बोइंग विमान हादसा हुआ क्यों? क्या विमान को उड़ान भरने का सार्टिफिकेट नियमों का उल्लंघन करके दिया गया? ताकि दुर्घटनाग्रस्त हो जाए, जिसमें गुजरात की वह हस्ती यात्रा कर रही थी, जिसने बीजेपी सरकार के घोटाले खोलने की बातें कही थी। तर्क बहुतेरे हो सकते हैं। साजिश थी या टेक्निकल फेलियर यह तो जांच के बाद ही मालूम हो पाएगा। वैसे सोशल मीडिया पर लिखा जा रहा है, कि अहमदाबाद हवाईअड्डे की ठेकेदारी तुर्की को दी गई है। तुर्की ने ही विमान दुर्घटना कराई है। आदि जैसी सैकड़ों बाजीगरी सोशल मीडिया में देखने को मिल रही हैं।
अहम मुद्दा यह है, कि केंद्रीय गृह मंत्री होते हुए भी अमित शाह ने कैसे गैर जिम्मेदारांना बयान दिया, कि “दुर्घटना होनी थी हो गई। उसे रोका नहीं जा सकता।” इसका जवाब होगा यदि ईमानदारी से अहमदाबाद हवाई अड्डे पर ठीक तरह से जांच की गई होती, तो विमान को दुर्घटना ग्रस्त होने से रोका जा सकता था। विशेषज्ञ अनेक खामियां गिनाते हैं। बोइंग बनाने वाली अमेरिकी कंपनी में कार्यरत दो इंजीनियरों ने बोइंग की कई गड़बड़ियों का खुलासा किया था। दोनों की अचानक और संदिग्ध मय मौत हो जाना भी इशारे करता है, कि बोइंग मौत का उड़ाता ताबूत है।
दुर्घटना का सही कारण?
कई स्थानों पर अधूरी यात्रा करके विमान लैंड होने की खबरें तो बताती हैं कि एक्सपायरी डेट निकल जाने और तकनीकी खराबी के बावजूद कैसे सर्टिफिकेट जारी किया गया? लाइसेंस क्यों और कैसे दिए गए? जबकि देश ही नहीं विदेशों में भी बोइंग विमान के खिलाफ आक्रोश देखा जा रहा है। मुद्दा यह भी है कि कहीं दबाव डालकर दुर्घटना को अंजाम देने वाले या साजिश रचने वालों को बचाने की कोशिश में दबाव भी दिया जा सकता है। अगर बाहरी अथवा विदेशी और खुद बोइंग बनाने वाली कंपनी कुछ एक्सपर्ट के साथ जांच करती है तभी जांच निर्दोष मानी जा सकती है। देखना होगा कि जांच में दुर्घटना का कारण सामने जरूर आएगा।
मुंबई: मालाड़ पूर्व की दिंडोशी पुलिस ने जयपुर की एक ऐसी शातिर महिला को गिरफ्तार किया है, जिसने मुंबई में आकर अपने प्रेमी की हत्या तो की और उसे आत्महत्या साबित करने के लिए परिवार वालों को झूठा मैसेज भेज दिया और बाद में रात के अंधेरे में सूनसान तरिके से गुजारात पहुंच वहां कुछ समय ठहरने के बाद वापस अपने घर जयपुर पहुंच गई। बता दें कि आरोपी महिला ने अकेले बंद कमरे में अपने प्रेमी का गला घोट कर हत्या कर दी। (woman from Jaipur killed her lover in a hotel in Mumbai, Dindoshi police of Malad arrested)
पति के साले से अफेर
मंगलवार को हुई गिरफ्तारी के बाद, मलाड़ पूर्व दिंडोशी पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अजय अफाले ने बताया कि बरकत राठौर पिछले दो सालों से अपने पति के साले इमामुद्दीन अंसारी के साथ कथित तौर पर एक्सट्रा मैरिटल अफेर में थी। मृतक इमामुद्दीन अंसारी मलाड़ का रहने वाला एक इंटीरियर डेकोरेटर कारोबारी था। अंसारी के साथ उसके संबंध का पता चलने के बाद बरकत के पति ने उसे छोड़ दिया और वह पिछले दो सालों से जयपुर में अपनी मां के साथ रह रही थी। (woman from Jaipur killed her lover in a hotel in Mumbai, Dindoshi police of Malad arrested)
शारीरिक संबंध
बरकत ने कथित तौर पर 4 मई को मुंबई के मलाड होटल के एक कमरे में अंसारी का गला घोंट दिया और उसके फोन से परिवार के व्हाट्सएप ग्रुप पर खुद के आत्महत्या किए जाने का मैसज बनाकर डाल दिया। इस मैसज में कहा गया था कि वह अपनी पत्नी के उत्पीड़न की वजह से यह कदम उठा रहा है। उसकी पत्नी को शक था कि उसके और बरकत के बीच शारिरीक संबंध है। इस मैसेज में आगे कहा गया था कि उनके बीच में कोई संबंध नहीं था और आरोप केवल अंसारी की पत्नी की तरफ से जानबूझकर फैलाई गईं अफवाहें थीं। (woman from Jaipur killed her lover in a hotel in Mumbai, Dindoshi police of Malad arrested)
पुलिस ने कहा कि इसके बाद बरकत सूरत चली गई और वहां से कुछ देर रुकने के बाद जयपुर अपनी मां के घर पर चली गई। अंसारी के परिवार ने जब व्हाट्सऐप पर यह मैसेज देखा तो उन्हें उसमें इस्तेमाल की गई भाषा पर शक हुआ। क्योंकि अंसारी अनपढ़ था। इसके बाद परिवार ने पुलिस को जानकारी दी। जब पता चला कि अंसारी के फोन का आखिरी लोकेशन मुंबई के मलाड में था, तो उसका बेटा फोटो दिखाकर आसपास के होटलों में पूछताछ करने लगा। (woman from Jaipur killed her lover in a hotel in Mumbai, Dindoshi police of Malad arrested)
होटल कर्मचारी ने खोले राज
मुंबई के मलाड रेलवे स्टेशन के पास शालीमार होटल के एक कर्मचारी ने उसकी पहचान की। उसने बुर्का पहनी महिला के साथ होटल में चेकइन किया था। कर्मचारी ने अंसारी और उस महिला की तरफ से जमा किए गए दो आधार कार्ड की कॉपियां दिखाईं। पुलिस ने बताया कि अंसारी के बेटे ने होटल में सीसीटीवी फुटेज से बुर्का पहनी महिला को पहचान लिया उसने बताया कि यह उसकी रिश्तेदार बरकत है जो जो फिलहाल जयपुर में अपनी मां के साथ रहती है। (woman from Jaipur killed her lover in a hotel in Mumbai, Dindoshi police of Malad arrested)
गले पर नाख़ून के निशान
जब पुलिस ने होटल के कैमरों को खंगाला तो उन्हें अंसारी फर्श पर पड़ा मिला। उसे गोरेगांव के सिद्धार्थ नगर सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पता चला कि उसके गले पर नाखून के निशान थे और उसकी गला घोंटकर हत्या की गई थी। इसके बाद पुलिस ने केस दर्ज किया और बरकत की तलाश शुरू कर दी। उसके फोन की लोकेशन के आधार पर बरकत को जयपुर में ट्रेस किया गया और बाद में उसे हिरासत में लेकर मुंबई लाया गया। मंगलवार को पुलिस ने हत्या के मामले में बरकत को गिरफ्तार किया। (woman from Jaipur killed her lover in a hotel in Mumbai, Dindoshi police of Malad arrested)
भारत की एक मात्र महिला सेना अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल सोफिया कुरैशी देश की एक ऐसी बहादुर बेटी बन चुकी है जिनको सबसे महत्वपूर्ण मिशन ऑपरेशन सिंदूर की जानकारी दुनिया भर के सामने प्रस्तुत करने का मौका मिला। साथ ही एयरफोर्स की विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने भी अपनी जिम्मेदारी निभाई। (Indian Army: Lieutenant Colonel Sofia Qureshi gave information about the strike on Pakistan)
नई दिल्ली: भारत की बहादुर बेटियां आज सिर्फ सीमाओं की रखवाली नहीं कर रहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी देश की आवाज बन रही हैं। ऑपरेशन सिंदूर के तहत जब दुनिया भर के मीडिया को जानकारी देने का समय आया, तो भारतीय सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी और एयरफोर्स की विंग कमांडर व्योमिका सिंह को इस जिम्मेदारी के लिए चुना गया। उनके साथ विदेश सचिव विक्रम मिस्री भी इस अहम प्रेस ब्रीफिंग में शामिल थे। यह पल भारत की रक्षा सेवाओं में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का प्रतीक बन गया। (Indian Army: Lieutenant Colonel Sofia Qureshi gave information about the strike on Pakistan)
भारतीय सेना के कर्नल की जीवनी
दुनिया भर के मीडिया के सामने प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऑपरेशन सिंदूर को लेकर ब्रीफ करने वाली लेफ्टिनेंट कर्नल सोफिया कुरैशी ने मार्च 2016 में, बहुराष्ट्रीय अभ्यास में सेना की टुकड़ी का नेतृत्व किया, जिसमें 18 देशों ने भाग लिया था। यह अभ्यास महाराष्ट्र के पुणे में हुआ था और इसमें चीन, जापान, रूस, अमेरिका, दक्षिण कोरिया, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया जैसे शक्तिशाली देश शामिल थे। (Indian Army: Lieutenant Colonel Sofia Qureshi gave information about the strike on Pakistan)
लीडरशिप की मिसाल
कर्नल सोफिया कुरैशी भारत के लिए जज्बे, मेहनत और लीडरशिप की मिसाल बन चुकी है। उन्हें 2016 के एक्सरसाइज फोर्स 18 के तहत 18 देशों की मल्टीनेशनल आर्मी ड्रिल में भारत की तरफ से कमान संभालने का मौका मिला। उस समय वो अकेली महिला थीं जो किसी भी देश की आर्मी टुकड़ी की कमांड कर रही थीं। उन्होंने 40 सैनिकों की भारतीय टीम का नेतृत्व किया। वे शांति स्थापना अभियानों में भी सक्रिय रही है। (Indian Army: Lieutenant Colonel Sofia Qureshi gave information about the strike on Pakistan)
2006 में, उन्होंने कांगो में संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन में सैन्य पर्यवेक्षक के रूप में काम किया और 2010 से शांति ऑपरेशंस में जुड़ी रही है। सोफिया सेना के सिग्नल कॉप्स में भी ऑफिसर रही हैं। आपको बता दें कि वे आर्मी बैकग्राउंड से ताल्लुक रखती हैं, उनके दादा भी सेना में थे। उनके पति मेकेनाइज्ड इन्फेंट्री में आर्मी ऑफिसर हैं। (Indian Army: Lieutenant Colonel Sofia Qureshi gave information about the strike on Pakistan)
कौन हैं कर्नल सोफिया कुरैशी
गुजरात की रहने वाली सोफिया कुरैशी 17 साल की आयु में ही सेना में शामिल हो गई थीं। गुजरात के वड़ोदरा की रहने वाली सोफिया कुरैशी भारतीय थलसेना में लेफ्टिनेंट कर्नल के पद पर तैनात हैं। वह सिग्नल कोर में हैं। सोफिया बायोकेमिस्ट्री से पोस्ट ग्रेजुएट हैं जो भारतीय सेना में शॉर्ट सर्विस कमीशन के तहत 1999 में शामिल हुईं थीं। (Indian Army: Lieutenant Colonel Sofia Qureshi gave information about the strike on Pakistan)
कर्नल लेफ्टिनेंट सोफिया कुरैशी एक मात्र महिला अधिकारी है!
इनके परदादा, दादा, पिता, पति,और यह खुद भारतीय सेना मे है!
मुंबई: शिवडी के रफिक एहमद किडवाई मार्ग, चार रास्ता स्थित आर.ए.के. मार्ग पुलिस ने आखिरकार जैन मंदिर मे सोने के आभूषण और दान पेटी चोरी मामले की गुत्थी सुलझा ली है। घटना 22 अप्रैल की रात को अंजाम दिया गया था। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गुजरात के बनासकांठा जिले के दांतीवाड़ा से गिरफ्तार किया है। 19 से 23 साल के चोरों ने चोरी इतने शातिर तरिके से की थी, कि चोरों को पकड़ पाना पुलिस के लिए मुश्किल हो गया था। मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरों के डिवीआर भी चोरों ने नष्ट कर दिया था। (Three accused of theft in Mkumbai’s Jain temple arrested from Gujarat)
क्या है जानकारी?
आर.ए.के. मार्ग पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक संदीप रंदिवे ने बताया, कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान 23 वर्षीय सुनील सिंह सूरज सिंह डाभी, 20 वर्षीय राहुल सिंह प्रवीण सिंह वाघेला और 19 वर्षीय जिगरसिंह दिनेश सिंह वाघेला के रूप में हुई है। इन तीनों ने मंदिर से 750 ग्राम सोने-चांदी के आभूषण और दान पेटी के नकद राशि चुराकर फरार हो गए थे। (Three accused of theft in Mumbai’s Jain temple arrested from Gujarat)
चोरी को अंजाम देने वाले चोर इतने शातिर थे कि आरोपियों ने हर संभव प्रयास कर लिया। लेकिन मुंबई पुलिस और यहां की तकनीक सिस्टम ने आखिरकार सुराग निकाल ही लिया। चोरी के दौरान मंदिर में स्थापित देवी-देवताओं की मूर्तियों से सोने का टीका और चांदी का मुकुट भी निकाल लिया था, साथ ही दान पेटी में रखी नकदी भी ले गए थे। आरोपियों ने घटना को अंजाम देते समय मंदिर के सीसीटीवी कैमरों के तार काट दिए थे और डीवीआर सिस्टम को भी नष्ट कर दिया था। (Three accused of theft in Mumbai’s Jain temple arrested from Gujarat)
कैसे हुई पहचान?
किसी भी तरह का सुराग नही मिलने के कारण पुलिस को जांच में दिक्कत आ रही थी। आरोपी रुमाल से मुंह ढककर चोरी कर रहे थे, जिससे उनकी पहचान करना और भी मुश्किल हो गया था। पुलिस ने घटना स्थल के आसपास से लगभग 70 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद आरोपियों का सुराग निकाला और तकनीकी विश्लेषण की मदद से उनकी पहचान की। (Three accused of theft in Mumbai’s Jain temple arrested from Gujarat)
मुंबई- कांदीवली पश्चिम के इरानी वाडी 3 नंबर इलाके की घटना ने यहां लोगों को हैरान कर दिया है। एक 4 साल के बच्चे का अपहरण और हत्या के बाद से यहां मातम पसर गया है। 22 मार्च की देर रात हुई घटना में आखिरकार पुलिस ने बड़ी मशक्कत के साथ आरोपी को गुजरात के सुरत से गिरफ्तार कर लिया है। घटना की पड़ताल के लिए कांदीवली पुलिस ने कुल 6 अलग-अलग टीम गठित किया था। मामले की पड़ताल जारी। (4 year old child kidnapped and murdered, 25 year old youth arrested from Gujarat)
कांदीवली पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक रविंद्र अडाणे ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में कुल 6 टीमों का गठन किया गया था। पुलिस अधिकारियों ने तांत्रिक विश्लेषण के जांच पड़ताल शुरू की तो आरोपी का लोकेशन बार बार बदल रहा था। इस बीच पुलिस की टीमों ने कांदीवली, बोरीवली, मालाड़, अंधेरी, सांताक्रूज़ और विरार होते हुए गुजरात के कुछ हिस्सों तक के लगभग 150 से 200 सीसीटीवी कैमरों की तलाशी ली। पुलिस ने बताया कि आखिरकार आरोपी के सूरत में छिपे होने की जानकारी मिली। (4 year old child kidnapped and murdered, 25 year old youth arrested from Gujarat)
उत्तर प्रादेशिक विभाग के अप्पर पुलिस आयुक्त अभिषेक त्रिमुखे, मुंबई पुलिस जोन 11 के पुलिस उपायुक्त आनंद भोईटे, मालवनी विभाग की एसीपी श्रीमती निता पाडवी से निर्देश लेकर वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक रविंद्र अडाणे ने कांदीवली पुलिस स्टेशन के पुलिस उपनिरीक्षक नारायण खाडे, पुलिस सिपाही तिजारे और चौहाण को सुरत के लिए रवाना किया और वहां से 25 वर्षीय आरोपी अशोक गरुड़ को गिरफ्तार किया। अपहर और हत्या का कारण अभी तक स्पष्ट नही हुआ है। (4 year old child kidnapped and murdered, 25 year old youth arrested from Gujarat)
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, 22 मार्च की रात लगभग 1:45 से 4 बजे के बीच कांदीवली पश्चिम के इरानी वाडी 3 नंबर इलाके में 4 साल का बच्चा अपने रिश्तेदारों के साथ सो रहा था। इस बीच बच्चा अचानक गायब हो गया और बाद में मृत पाया गया। पीड़ित परिवार ने शिकायत दर्ज कराई कि उन्ही के रिश्तेदार ने बच्चे का अपहरण कर हत्या की है, जो मालाड़ पश्चिम के वलनई वसाहत में “सी” वार्ड का रहने वाला है। पुलिस ने गु.र.क्र.221/2025 में भारतीय न्याय संहिता की धारा 140, 103 के तहत मुकदमा दर्ज जांच शुरू की तब तक आरोपी फरार हो चुका था। (4 year old child kidnapped and murdered, 25 year old youth arrested from Gujarat)
कांदीवली पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक गिरफ्तार 25 वर्षीय आरोपी अशोक गरुड़ पेशे से नौकरी करता है। रिश्तेदारों के बीच आपसी रंजीश का मामला हो सकता है। फिलहाल आरोपी काफी डरा और घबराया हुआ है। जल्द ही बच्चे के अपहरण और हत्या के पीछे का मकसद पता कर लिया जाएगा। फिलहाल तफतिश जारी है। (4 year old child kidnapped and murdered, 25 year old youth arrested from Gujarat)
मुम्बई: गोरेगांव पूर्व एक्सप्रेस हाईवे के नजदीक वनराई पुलिस ने एक बच्चा चोर गैंग का खुलासा किया है। पुलिस ने मासूम के अपहरण की गुत्थी सुलझाते हुए चार आरोपियों को धर दबोचा। गिरफ्तार आरोपियों में 2 महिला और 2 पुरुष शामिल हैं। गैंग ने 5 लाख में डेढ़ महीने के मासूम को बेचने का मंसूबा बनाया था। गोरेगांव पूर्व से मालाड़ पश्चिम के मालवनी का बच्चा चोर गैंग का कनेक्शन पुलिस ने आखिरकार समय रहते सुलझा ही लिया। (Mumbai Child thief gang busted between Malad and Goregaon, four including two women arrested)
बंजारे का बच्चा गायब
पिछले कुछ दिनों से वनराई पुलिस मासूम के अपहरण का मामला दर्ज कर जांच में जुटी थी। गुजरात से कुछ बंजारे समाज के लोग त्योहारी सीज़न के लिए अपने कारोबार को लेकर मुम्बई आए हुए थे। दिनभर अपना कारोबार करते और रात को सड़क किनारे अपने परिवार के साथ सो जाते। अचानक 2 मार्च की सुबह करीब 4 बजे उनका सोया हुआ डेढ़ माह का बच्चा गायब हो गया। गुजरात का बंजारा परिवार वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे के पास खिलौने बेचने का काम करता है। (Mumbai Child thief gang busted between Malad and Goregaon, four including two women arrested)
मालवनी का ऑटो रिक्शा
वनराई थाने में बंजारा परिवार ने बच्चे की गुमशुदगी का मामला दर्ज कराया। बच्चे का सुराग नहीं मिलने पर पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। मुम्बई परिमंडल-12 की पुलिस उपायुक्त स्मिता पाटील के मार्गदर्शन में 6 टीम बनाई गई। टीम ने अलग अलग एंगल से जांच शुरू किया। इस बीच पुलिस ने करीब 11 हजार ऑटो रिक्शा की जांच पड़ताल की। सीसीटीवी कैमरे के जरिए एक ऑटो रिक्शा चालक पर संदेह हुआ। गोरेगांव पूर्व के घटनास्थल से मालाड़ पश्चिम के मालवानी की तरफ ऑटो रिक्शा के जाने की जानकारी पुलिस को मिली। (Mumbai Child thief gang busted between Malad and Goregaon, four including two women arrested)
चौकाने वाला खुलासा
जांच पड़ताल के दौरान चौकाने वाला खुलासा हुआ। आरोपी राजू मोरे की पहली पत्नी मंगल मोरे और दूसरी पत्नी फातिमा शेख है। मंगल मोरे को बच्चा नहीं हो रहा था। पुलिस को जानकारी मिली कुछ दिन पहले ही ऑटो चालक के घर नन्हा बच्चा आया हुआ है। इसके पहले राजू की पत्नी बच्चे को गोद लेने का आग्रह कर रही थी। लेकिन गोद लेने की प्रक्रिया में ज्यादा पैसे लगते हैं। इसलिए पहली पत्नी के आग्रह पर राजू ने सड़क किनारे बच्चा चुराने का फैसला किया। (Mumbai Child thief gang busted between Malad and Goregaon, four including two women arrested)
दूसरी पत्नी फातिमा शेख ने चोरी के बच्चे को 5 लाख रुपये में देने का वादा किया था। राजू मोरे ने बच्चा चुराने से पहले 3 दिन तक वनराई वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर घटनास्थल का रेकी किया। गुजरात के बंजारा परिवार के बच्चे पर राजू की नजर पड़ी। ऑटो रिक्शा की मदद से बच्चा चुराकर फरार हो गया। पीड़ित परिवार गुजरात से रमजान के महीने में खिलौना और गुब्बारा बेचने के लिये मुंबई आया हुआ था। डेढ़ महीने का बच्चा मां के साथ सोया हुआ था। रिक्शा चालक मां के आंचल से बच्चे को छीनकर फरार हो गया। (Mumbai Child thief gang busted between Malad and Goregaon, four including two women arrested)
Mumbai Crime Branch : अमेरिका जाने का सपना दिखाकर मोटी रकम लेकर डंकी रूट से भेजे गए करीबन 80 भारतीयों को लोकेट करेगी मुंबई क्राइम ब्रांच। इस बात की जानकारी लीगल चैनल के माध्यम से मुंबई पुलिस केंद्रीय एजेंसी और फिर उनके माध्यम से अमेरिकन अथॉरिटी से सांझा करेगी। पुलिस को मिली जानकारी के मुताबिक फर्जी वीज़ा के जरिए भारतीय युवाओं को अमेरिका भेजने के लिए डंकी रूट का इस्तेमाल किया जाता है। (Mumbai Crime Branch will locate Indians who went to US via Donkey Route)
इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) से मिली जानकारी के आधार पर मुंबई क्राइम ब्रांच ने करवाई करते हुए अबतक 8 दलालों को गिरफ्तार किया है। जिन्होंने 3 साल में करीबन 80 युवाओं को कनाडा, तुर्की, पोलैंड और UAE में फर्जी वीजा का इस्तेमाल कर भेजा। सूत्रों ने बताया कि एजेंसियों को शक है कि आरोपियों ने उन देशों से (कनाडा, तुर्की, पोलैंड, UAE) भारतीय युवाओं को डंकी रूट का इस्तेमाल कर अमेरिका भेजा है। (Mumbai Crime Branch will locate Indians who went to US via Donkey Route)
वीज़ा नही मिल पाने का कारण क्या है?
क्राइम ब्रांच की जांच में पता चला कि ये युवा ज्यादातर गुजरात, पंजाब और हरियाणा राज्य से हैं। आरोपियों ने भारतीयों को अमेरिका का सपना दिखाकर उनसे 30 से 60 लाख रुपये लिए हैं। एक अधिकारी ने बताया कि कई ऐसे लोग होते हैं, जिन पर कोई न कोई केस या लीगल मामला होता है, जिसकी वजह से उन्हें वीजा नही मिलता। जांच में पता चला कि कनाडा भेजने के लिए ये एजेंट 50 लाख के करीब लेते थे। कनाडा का फर्जी वीजा बनाकर देते थे। इनका काम सिर्फ इतना होता था कि उन्हें एयरपोर्ट पर उतार दे। उसके बाद उन भारतीयों के साथ क्या होगा उससे कोई लेना देना नही। (Mumbai Crime Branch will locate Indians who went to US via Donkey Route)
कनाडा से अमेरिका डंकी रूट का इस्तेमाल
इसके बाद एक बार युवा कनाडा पहुंच गया तो फिर वहां से आगे उसे डंकी रूट का इस्तेमाल कर अमेरिका भेजा जाता है और कनाडा से अमेरिका डंकी रूट से जाने के लिए करीब 12 से 13 दिन लगते हैं। तुर्की भेजने के लिए एजेंट करीब 35 लाख रुपये लेते हैं। वहां से आगे अमेरिका उसे डंकी रूट से भेजा जाता है, जिसमें लगभग 10 दिनों तक का समय लगता है। (Mumbai Crime Branch will locate Indians who went to US via Donkey Route)
पोलैंड भेजने के लिए दलाल करीबन 40 लाख रुपये लेते हैं। वहां से आगे अमेरिका डंकी रूट से जाने में 20 से 25 दिनों का समय लगता है। वहीं UAE के वीज़ा के लिये एजेंट 25 लाख रुपये तक लेते हैं। वहां से भारतीयों को अमेरिका भेजने के लिए यूरोप और फिर मैक्सिको के रास्तों का इस्तेमाल करते हैं। एक अधिकारी ने बताया कि 80 भारतीयों में से 70 से 75 सीधे कनाडा भेजे गए हैं। (Mumbai Crime Branch will locate Indians who went to US via Donkey Route)
कौन है मुख्य आरोपी?
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक इस केस का मुख्य आरोपी अजित पूरी और दूसरा आरोपी रोशन दुधवनकर है। इसमें रोशन के खिलाफ इसी तरह की मानव तस्करी करने के 12 मामले दर्ज हैं। क्राइम ब्रांच इस मामले में अब BNS की धारा 111 (ऑर्गनाइज्ड क्राइम) भी जोड़ने वाली है ताकि आरोपियों के खिलाफ केस और भी मजबूत बनाया जा सके। (Mumbai Crime Branch will locate Indians who went to US via Donkey Route)
अबतक 344 भारतीय हुए वापस
पिछले महीने भारत के लिए निर्वासन उड़ानें शुरू हुईं, जिसमें 104 अवैध अप्रवासियों का पहला जत्था, 5 फरवरी को अमेरिकी सैन्य विमान से अमृतसर में उतरा। 15 फरवरी की रात को उतरी दूसरी उड़ान में 116 अवैध अप्रवासी थे, और 16 फरवरी को उतरी तीसरी उड़ान में 112 लोग थे। 12 निर्वासितों का अंतिम जत्था 23 फरवरी को पनामा से आने वाली एक वाणिज्यिक तुर्की एयरलाइंस की उड़ान से पहुंचा। यह उड़ान दिल्ली में उतरी थी। (Mumbai Crime Branch will locate Indians who went to US via Donkey Route)