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  • कांदीवली और मालाड़ के 7 पुलों की हालत हुई खस्ता। बीएमसी करेगी पुन: निर्माण

    कांदीवली और मालाड़ के 7 पुलों की हालत हुई खस्ता। बीएमसी करेगी पुन: निर्माण

    मालाड़ और कांदीवली में जर्जर हो चुके 7 पुलों को बीएमसी तोड़ने जा रही है। यहां फिर से नए पुलों का निर्माण किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के लिए बीएमसी ने लगभग 33 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया है। जबकि प्रोजेक्ट लगभग दो वर्षों में पूरा किए जाने का अनुमान लगाया है। 7 bridges in Kandivali and Malad are in bad condition. BMC will rebuild them,

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने पश्चिमी उपनगर के कांदिवली और मालाड़ इलाके में सात जर्जर पुलों को गिराकर उनकी जगह पुन: र्निर्माण की योजना बनाई है, जिनमें तीन गाडिय़ों के लिए पुल और चार पैदल पुल शामिल हैं। इस प्रोजेक्ट पर लगभग 33 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान बीएमसी ने लगाई है और इसे अगले दो वर्षों में पूरा किया जाना है। 7 bridges in Kandivali and Malad are in bad condition. BMC will rebuild them,

    कहां-कहां का पुल तोड़ा जाएगा?

    बीएमसी अधिकारियों के अनुसार, सभी पुल कांदीवली के आर/दक्षिण वार्ड और मालाड़ पी/उत्तर वार्ड में स्थित हैं। जिसमें प्रोजेक्ट के लिए निर्धारित सात पुलों में से दो आरसीसी स्ट्रक्चर हैं, जिनमें मालाड़ पूर्व के अप्पा पाड़ा क्षेत्र के पास 21 मीटर लंबा वाहन पुल और साईनगर कांदिवली पूर्व के पास सुरभि कॉम्प्लेक्स पर एक और वाहन पुल शामिल है। पुनर्विकास के लिए प्रस्तावित पैदल पुलों में कांदिवली पूर्व में रामनगर चॉल के पास 30 मीटर लंबा पैदल पुल, नरवणे ट्रांजिट कैंप के पास पैदल पुल और गावदेवी रोड और हनुमान नगर के महालक्ष्मी डेयरी फार्म पर बने पैदल पुल शामिल हैं। 7 bridges in Kandivali and Malad are in bad condition. BMC will rebuild them,

    पुल स्ट्रक्चर की ऑडिट रिपोर्ट

    अधिकारियों ने बताया कि पुल वर्तमान में जीर्ण-शीर्ण अवस्था में हैं, कम से कम दो पैदल पुल पहले ही बंद कर दिए गए हैं, जबकि अन्य पुल आंशिक रूप से बंद हैं। यह प्रोजेक्ट सलाहकारों द्वारा प्रस्तुत स्ट्रक्चर ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर प्रस्तावित की गई है, जिन्हें पश्चिमी उपनगरों में पुलों का सर्वेक्षण करने के लिए बीएमसी के पुल विभाग द्वारा नियुक्त किया गया था।

    दो एजंसियों ने दिया रिपोर्ट

    अधिकारियों के अनुसार, विभाग ने एससीजी कंसल्टिंग सर्विसेज़ की सेवाएँ ली थीं, जिनके विश्लेषण में पाया गया कि पश्चिमी उपनगरों में सात पुलों को ध्वस्त करके उनका पुन: र्निर्माण करना आवश्यक है। इसके बाद, बीएमसी ने 2023 में पुलों के पुन: र्मूल्यांकन के लिए एक और एजेंसी, स्ट्रक्चरोनिक्स कंसल्टिंग इंजीनियर्स, को नियुक्त किया था।

    रोडमैप की तैयारी

    दोनों सलाहकारों द्वारा अंतिम रिपोर्ट देने के बाद, जिसमें यह निष्कर्ष निकाला गया कि सात पुलों को ध्वस्त करना आवश्यक होगा, बीएमसी ने एक तकनीकी सलाहकार – फेमस्ट्रक्ट कंसल्टिंग इंजीनियर्स – को एक रोडमैप तैयार करने के लिए नियुक्त किया, जिसमें संकल्पनात्मक चित्र, डिज़ाइन, बजट और निविदा प्रारूप शामिल थे। प्रस्तावों के अनुसार, पूरा प्रोजेक्ट 24 महीनों के भीतर पूरी की जाएगी।

    बजट हुआ आवंटन

    सलाहकारों की दरों सहित सातों पुलों के पुन: र्निर्माण की लागत 32.64 करोड़ रुपये आंकी गई है। यह प्रोजेक्ट बीएमसी सेतु विभाग के माध्यम से क्रियान्वित की जाएगी, जिसके लिए वित्तीय वर्ष 2025-2026 के बजट में 8238.73 करोड़ रुपये का बजट आवंटन किया गया है। 7 bridges in Kandivali and Malad are in bad condition. BMC will rebuild them,

  • कांदीवली का ग्रोवेल्स मॉल होगा बंद, बॉम्बे हाई कोर्ट का आदेश

    कांदीवली का ग्रोवेल्स मॉल होगा बंद, बॉम्बे हाई कोर्ट का आदेश

    पर्यावरण मंजूरी प्राप्त किए बिना मॉल का संचालन करना गलत है। कंपनी ने 5 मार्च को याचिका डाली थी जिसमें मॉल के संचालन को बंद करने के MPCB के निर्देश को चुनौती दी गई थी। (Grovels Mall in Kandivali will be closed, Bombay High Court ordered)

    मुम्बई: बॉम्बे हाई कोर्ट ने कांदिवली पूर्व स्थित ग्रोवेल्स 101 मॉल को तुरंत बंद करने का आदेश दे दिया है। पर्यावरण मंजूर प्राप्त किए बिना मॉल का संचालन करने के लिए ग्रोवेल्स 101 मॉल के खिलाफ महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (MPCB) के बंद करने के निर्देश को अदालत ने बरकरार रखा है। (Grovels Mall in Kandivali will be closed, Bombay High Court ordered)

    कंपनी की याचिका

    बॉम्बे हाई कोर्ट के जस्टिस एमएस सोनक और जितेंद्र जैन की खंडपीठ ने मॉल का संचालन करने वाली कंपनी ग्रेउर एंड वील (इंडिया) लिमिटेड की याचिका को खारिज कर दी है, जिसमें एमपीसीबी के 5 मार्च के बंद करने के आदेश को चुनौती दी गई थी। (Grovels Mall in Kandivali will be closed, Bombay High Court ordered)

    अदालत ने कहा, “पर्यावरण मंजूरी प्राप्त किए बिना निर्मित मॉल का संचालन करना बेहद गंभीर है और स्थापन/ संचालन के लिए सहमति प्राप्त किए बिना ऐसे मॉल का संचालन करना परिस्थितिकी मुद्दे की गंभीरता को बढ़ाता है।” जजों ने कहा कि याचिकाकर्ता कंपनी ने कानूनी आवश्यकताओं की अनदेखा किया और आवश्यक मंजूरी के बिना ही मॉल का निर्माण कार्य आगे बढ़ा दिया। (Grovels Mall in Kandivali will be closed, Bombay High Court ordered)

    तर्क नहीं आया काम

    हालांकि, कंपनी ने तर्क दिया था कि 2016 में एमनेस्टी स्कीम के तहत पर्यावरण मंजूरी के लिए आवेदन किया गया था और ये आवेदन अभी तक लंबित है। लेकिन कोर्ट ने इस बचाव में कोई दम नहीं पाया और बताया कि आवेदन की स्थिति पर कोई स्पष्टता नहीं थी। (Grovels Mall in Kandivali will be closed, Bombay High Court ordered)

    अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा, कि याचिकाकर्ता खुद को कानून से ऊपर मानता है और कहा कि इस तरह के तर्कों के आधार पर पर्यावरण कानून के अनुपालन को विफल नहीं होने दिया जा सकता। याचिकाकर्ता ने मॉल का निर्माण करके कानून को अपने हाथ में ले लिया है, यह कहते हुए अदालत ने फैसला सुनाया कि यह उचित ही है कि बंद करने के निर्देशों को तुरंत लागू किया जाए। (Grovels Mall in Kandivali will be closed, Bombay High Court ordered)

    कोर्ट ने निष्कर्ष निकाला कि “हम इस उम्मीद में कोई भी जुर्माना नही लगा रहे हैं कि भविष्य में ऐसी गलती नहीं दोहराई जाएगी। एमपीसीबी को तुरंत अपने बंद करने के निर्देशों को लागू करना चाहिए।” (Grovels Mall in Kandivali will be closed, Bombay High Court ordered)