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  • Maharashtra: सरकारी कर्मचारियों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर लगी सख्ती

    Maharashtra: सरकारी कर्मचारियों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर लगी सख्ती

    महाराष्ट्र की सरकार ने सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल को लेकर सख्त कानून पास कर दिया है। इसके तहत नियम का पालन नही किए जाने पर महाराष्ट्र सिविल सेवा (अनुशासन और अपील) नियमों के तहत कार्रवाई के आदेश दिए हैं। Maharashtra: Strictness imposed on the use of social media for government employees

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई:
    देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली महायुति सरकार ने महाराष्ट्र के सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल को लेकर सख्त नियम तय किए हैं। सरकार ने साफ चेतावनी दी है कि इन नियमों का उल्लंघन करने वालों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। Maharashtra: Strictness imposed on the use of social media for government employees

    सोशल मीडिया पोस्ट पर लगी रोक

    महाराष्ट्र की महायुति सरकार में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ एकनाथ शिंदे की शिवसेना और अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) शामिल हैं। सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के जानकारी दायक सोशल मीडिया पोस्ट कभी कभार लोगों में भ्रम या गलत संदेश भी फैला सकता है। इसकी जिम्मेदारी को लेकर सरकार अब सख्त हो गई है। हालांकि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल पर रोक नही लगाया गया है। सिर्फ पोस्ट करते समय ध्यान देने के लिए कहा गया है।

    क्या करें क्या ना करें ?

    सामान्य प्रशासन विभाग ने सोमवार को एक सरकारी आदेश जारी कर यह नियम सार्वजनिक रुप से प्रसारित कर दिया है। इसमें बताया गया है कि सरकारी अधिकारी और कर्मचारी सोशल मीडिया पर क्या पोस्ट कर सकते हैं? और क्या नहीं? आदेश में यह भी कहा गया है कि जो भी इन नियमों का उल्लंघन करेगा, उस पर महाराष्ट्र सिविल सेवा (अनुशासन और अपील) नियम, 1979 के तहत कार्रवाई की जाएगी।

    सोशल मीडिया से होगी समस्या

    आदेश में जानकारी देते हुए, कहा गया है, कि “सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के आसान उपयोग से पलक झपकते ही दुनिया के किसी भी कोने में जानकारी पहुंचाई जा सकती है। इसकी अदभुत क्षमता और एक क्लिक में कई लोगों तक बात पहुंचा देने की सुविधा के साथ कुछ खतरे भी सामने आए हैं—जैसे गोपनीय जानकारी का लीक होना, झूठी या भ्रामक जानकारी फैलना और इसके साथ ही बड़ी दिक्कत वाली बात यह है कि एक बार पोस्ट की गई जानकारी को हटाने के लिए कई नियमों का पालन करना पडता है इसकी सीमाएं तय की गई है। सरकारी विभाग के लिए दिक्कत हो सकती है।”

    आदेश में आगे कहा गया, कि “यह भी देखा गया है कि सोशल मीडिया का इस्तेमाल सरकार की नीतियों, राजनीतिक घटनाओं या कुछ व्यक्तियों की आलोचना के लिए किया जा रहा है, जो सिविल सेवा नियमों का उल्लंघन है।” Maharashtra: Strictness imposed on the use of social media for government employees

    नए नियमों की जानकारी

    सरकार द्वारा जारी नियमों के अनुसार, अधिकारियों और कर्मचारियों से कहा गया है कि वे राज्य सरकार या देश से जुड़ी किसी भी नीति की आलोचना करने से बचें और सोशल मीडिया का उपयोग “सावधानी और जिम्मेदारी” के साथ करें। उन्हें कोई आपत्तिजनक या मानहानि करने वाली सामग्री पोस्ट नहीं करने को कहा गया है।

    खुद का प्रचार

    नियमों में यह भी कहा गया है कि अधिकारी यह ज़रूर बता सकते हैं, कि किसी योजना या प्रोजेक्ट की सफलता के लिए उन्होंने या उनके विभाग ने क्या प्रयास किए हैं, लेकिन इस दौरान उन्हें यह ध्यान रखना होगा कि वे खुद का प्रचार न करें। सरकार की किसी योजना या प्रोजेक्ट से जुड़ी पहले से स्वीकृत जानकारी केवल वही व्यक्ति साझा कर सकता है जिसे इसके लिए अधिकृत किया गया है। इसका मकसद आम जनता की भागीदारी को बढ़ाना है।

    सरकारी महकमों का इस्तेमाल

    नियमों में यह भी कहा गया है कि अधिकारी और कर्मचारी अपने निजी और आधिकारिक इस्तेमाल के लिए अलग-अलग सोशल मीडिया अकाउंट बना सकते हैं। इसके अलावा, जब किसी अधिकारी का ट्रांसफर हो जाए, तो उन्हें अपने आधिकारिक अकाउंट को तुरंत संबंधित विभाग के प्रभारी को सौंप देना होगा। नियमों में यह भी स्पष्ट किया गया है, कि अधिकारी और कर्मचारी अपने व्यक्तिगत सोशल मीडिया अकाउंट पर अपनी आधिकारिक पदनाम, सरकारी प्रतीक (लोगो), यूनिफॉर्म, सरकारी गाड़ी या निवास जैसी संपत्तियों से जुड़ी फोटो, वीडियो या रील न डालें।

    अधिकारियों और कर्मचारियों को विभागीय समन्वय के लिए व्हाट्सऐप और टेलीग्राम जैसे सोशल मैसेजिंग ऐप्स के इस्तेमाल की अनुमति होगी, लेकिन उन्हें बिना अनुमति के कोई भी गोपनीय दस्तावेज़, चाहे वह पूरा हो या आंशिक, अपलोड, फॉरवर्ड या साझा करने से बचने की सलाह दी गई है। सरकार ने यह भी सख्त निर्देश दिए हैं कि जिन ऐप्स या प्लेटफॉर्म्स को सरकार ने बैन किया है, उनका उपयोग बिल्कुल न किया जाए।

    यह आदेश सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों पर लागू होगा — चाहे वे स्थायी हों, अनुबंध पर हों या सरकार के बाहर से नियुक्त किए गए हों। यह नियम उन सभी कर्मचारियों पर भी लागू होंगे जो सरकारी कंपनियों, उपक्रमों, अतिथि सेवाओं या स्थानीय निकायों में काम कर रहे हैं। Maharashtra: Strictness imposed on the use of social media for government employees

  • बकरी ईद के पहले बीजेपी नेता किरीट सोमैय्या का बड़ा बयान, बोले “नहीं कटने दूंगा बकरे”

    बकरी ईद के पहले बीजेपी नेता किरीट सोमैय्या का बड़ा बयान, बोले “नहीं कटने दूंगा बकरे”

    Mumbai News: बीजेपी नेता किरीट सोमैय्या ने आरोप लगाते हुए कहा कि एनसीपी शरद पवार, कांग्रेस और उद्धव ठाकरे की वोट जिहाद की सेना ऐसे लोगों को प्रोत्साहित करती है। इस बार मैं खुद ग्राउंड पर हूँ। नहीं काटने दूंगा बकरा .. BJP leader Kirit Somaiya made a big statement before Bakri Eid, said “I will not let goats be slaughtered”

    मुंबई: बकरी ईद के मद्देनजर बीजेपी नेता और पूर्व सांसद किरीट सोमैय्या रहिवासी चालों और इमारतों का दौरा कर रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता रविवार 25 मई को घाटकोपर स्थित मैत्री को-ऑपरेटिव सोसायटी और दामोदर पार्क का दौरा किया। इसी परिसर में बकरा ईद को लेकर पहले भी दो गुटों के बीच विवाद देखने को मिला था। अब एक बार फिर कुछ रहिवासियों का विरोध देखने को मिल रहा है। BJP leader Kirit Somaiya made a big statement before Bakri Eid, said “I will not let goats be slaughtered”

    बकरा नहीं काटने दूंगा ..

    बीजेपी नेता किरीट सोमैय्या ने आरोप लगाते हुए कहा, कि “एनसीपी शरद पवार, कांग्रेस और उद्धव ठाकरे की वोट जिहाद की सेना ऐसे लोगों को प्रोत्साहित करती है। यह सब वोट जिहाद के लिए हो रहा है। अगली बार अगर कोई दहशत फैलाने के लिए ऐसा कोई काम करेगा, यानी बकरा काटेगा तो हम ऐसा नहीं होने देंगे।” BJP leader Kirit Somaiya made a big statement before Bakri Eid, said “I will not let goats be slaughtered”

    किरीट सोमैया हुए हमलावर

    उन्होंने आगे कहा, कि “पिछली बार महानगरपालिका अधिकारियों और माफिया ने पुलिस को धमकी देकर घाटकोपर में बकरा काटा था। इस बार मैं खुद ग्राउंड पर हूं। एनसीपी शरद पवार, उद्धव की सेना या राहुल गांधी की कांग्रेस का यहां पर टारगेट ही है वोट जिहाद करने का।” उन्होंने कहा, “पहलगाम हमले के बाद हमने जो जवाब दिया, वैसा ही अमेरिका में भी वोट जिहाद किया गया। भगवान उन्हें सद्‌बुद्धि दे।” BJP leader Kirit Somaiya made a big statement before Bakri Eid, said “I will not let goats be slaughtered”

    हिजरी कैलेंडर का आखिरी महीना

    ईद उल-अजहा मुस्लिम समुदाय के लोगों के लिए अहम हिस्सा है। इस पर आम बोलचाल की भाषा में बकरा ईद भी कहा जाता है। इस्लामिक कैलेंडर के मुताबिक बकरी ईद का त्योहार जुल हिज्जा (Dhul Hijjah) महीने की दसवीं तारीख को मनाया जाता है, जोकि हिजरी कैलेंडर का 12वां या आखिरी महीना होता है। BJP leader Kirit Somaiya made a big statement before Bakri Eid, said “I will not let goats be slaughtered”

    कब है बकरी ईद ?

    इस साल बकरी ईद का त्योहार 6 या 7 जून को मनाने की संभावना है। इस त्योहार को लेकर तारीख की आधिकारिक घोषणा चांद नजर आने के बाद ही की जाएगी। बकरी ईद का अर्थ सिर्फ जानवरों की कुर्बानी मात्र से नहीं है, बल्कि इसका धार्मिक अर्थ बहुत ही गहरा है। यह पर्व अल्लाह के प्रति समर्पण, त्याग और दान से जुड़ा हुआ है। इसकी मान्यता है कि बकरा ईद पर कुर्बानी के हिस्से को तीन भागों में तकसिम किया जाया है। पहला गरीब और जरूरतमंदों को, दूसरा हिस्सा मित्रों और रिश्तेदारों के लिए और तीसरी हिस्सा अपने घर-परिवार के लिए रखा जाता है। साथ ही ईद की नमाज़ से पहले जकत, फितरे का पैसा निकाला जाता है। जो ज़रूरतमंदों को देकर उनकी मदद की जाती है। BJP leader Kirit Somaiya made a big statement before Bakri Eid, said “I will not let goats be slaughtered”

  • देवेन्द्र फडणवीस को बॉम्बे हाईकोर्ट का नोटिस, चुनाव में घपला..

    देवेन्द्र फडणवीस को बॉम्बे हाईकोर्ट का नोटिस, चुनाव में घपला..

    बॉम्बे हाईकोर्ट ने 2024 के महाराष्ट्र चुनाव में कथित अनियमितताओं को लेकर कांग्रेस नेता प्रफुल्ल विनोदराव गुडधे द्वारा दायर चुनाव याचिका के संबंध में राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को नोटिस जारी किया है। (Bombay High Court issues notice to Devendra Fadnavis, election fraud)

    मुंबई- बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के खिलाफ नागपुर दक्षिण पश्चिम विधानसभा सीट से 2024 में उनकी जीत को चुनौती देने वाली एक चुनावी याचिका को लेकर नोटिस जारी किया है। आरोप है कि देवेंद्र फडणवीस ने चुनाव के दौरान कई अनिवार्य प्रावधानों का पालन नहीं किया। (Bombay High Court issues notice to Devendra Fadnavis, election fraud)

    क्या है मामला ?

    बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर बेंच द्वारा जारी नोटिस का जवाब 8 मई को देना है। यह समन कांग्रेस नेता प्रफुल्ल विनोदराव गुडधे द्वारा जनवरी में दायर चुनाव याचिका के संबंध में जारी किया गया था, जो विधानसभा चुनाव के दौरान देवेंद्र फडणवीस से 39,710 मतों के अंतर से हार गए थे। (Bombay High Court issues notice to Devendra Fadnavis, election fraud)

    खबरों के मुताबिक, गुडधे ने याचिका में प्रक्रियागत खामियों और भ्रष्ट आचरण का आरोप लगाया था और मांग की थी कि हाईकोर्ट फडणवीस की जीत को “अमान्य” घोषित करे। (Bombay High Court issues notice to Devendra Fadnavis, election fraud)

    यह मामला न्यायमूर्ति प्रवीण पाटिल की पीठ के समक्ष पहुंचा, जिन्होंने गुरुवार को अपने कक्ष में याचिका पर सुनवाई की और फडणवीस को नोटिस जारी किया। (Bombay High Court issues notice to Devendra Fadnavis, election fraud)

    गुडधे के वकील पवन दहत ने बताया, “न्यायमूर्ति प्रवीण पाटिल ने मुख्यमंत्री फडणवीस को समन (नोटिस) जारी किया है, जिस पर 8 मई तक जवाब देना है।” (Bombay High Court issues notice to Devendra Fadnavis, election fraud)

    कोर्ट में पेशी

    खबरों के मुताबिक, देवेंद्र फडणवीस को अगली तारीख पर कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश होने की जरूरत नहीं है। लेकिन मुख्यमंत्री के कानूनी प्रतिनिधि को कोर्ट में पेश होकर याचिका का जवाब देना होगा। विनोदराव गुडधे के वकील पवन दहत और एबी मून ने दावा किया है, कि पिछले साल नवंबर में हुए राज्य विधानसभा चुनावों के दौरान कई अनिवार्य प्रावधानों का पालन नहीं किया गया था। (Bombay High Court issues notice to Devendra Fadnavis, election fraud)

    महायुति गठबंधन की सरकार

    महायुति गठबंधन युवती में भाजपा, एकनाथ शिंदे की शिवसेना और अजित पवार की एनसीपी शामिल हैं। इसी महायुति गठबंधन ने हालही के विधानसभा चुनाव में भारी जीत हासिल की। ​​इस गठबंधन ने 288 सदस्यीय महाराष्ट्र विधानसभा सीटों में 230 सीटें जीतीं है। जिसमें भाजपा ने 132 सीटें जीतें। शिवसेना और एनसीपी ने क्रमशः 57 और 41 सीटों पर जीत हासिल की है। जीत के बाद, देवेंद्र फडणवीस महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बने, जबकि शिंदे और पवार ने उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। (Bombay High Court issues notice to Devendra Fadnavis, election fraud)

    इस बीच, उच्च न्यायालय ने नागपुर पश्चिम से भाजपा विधायक मोहन मते और चंद्रपुर जिले की चिमूर सीट से कीर्तिकुमार भांगडिया को भी इसी तरह की चुनाव याचिकाओं पर समन जारी किया है। (Bombay High Court issues notice to Devendra Fadnavis, election fraud)

  • BMC चुनाव में बीजेपी के लिए रास्ता साफ करेगी RSS, पार्टी की बैठकें हुई शुरू

    BMC चुनाव में बीजेपी के लिए रास्ता साफ करेगी RSS, पार्टी की बैठकें हुई शुरू

    महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव की तरह अब राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (RSS) एक बार फिर नगरपालिका एवं पंचायत चुनाव में भाजपा को जीताने के लिए बड़ी भूमिका निभाने वाली है। इसको लेकर भाजपा ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी है। (RSS will pave the way for BJP in BMC elections, party meetings started)

    न्यूज़ डेस्क
    मुंबई-
    महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बड़ी जीत हासिल की जिसकी किसी को भी उम्मीद नहीं थी। बीजेपी की इस बड़ी जीत में जमीनी स्तर पर काम करने वाली आरएसएस का सबसे बड़ा हाथ माना जा रहा है। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद अब आरएसएस फिर एक बार राज्य में नगरपालिका और पंचायत चुनाव के लिए अपनी कमर कस रही है। (RSS will pave the way for BJP in BMC elections, party meetings started)

    आरएसएस कर रही है चुनाव की तैयारी

    राज्य में विधानसभा चुनाव की तरह अब आरएसएस स्थानीय नगरपालिका और पंचायत चुनाव में भी बीजेपी को जीताने के लिए बड़ी भूमिका निभाने को तैयार हो रही है। क्योंकि स्थानीय निकाय चुनाव को लेकर भाजपा के साथ ही आरएसएस की बैठकों का दौर भी शुरू हो गया है। (RSS will pave the way for BJP in BMC elections, party meetings started)

    कहा जा रहा है कि भाजपा में अकेले नगरपालिका और पंचायत चुनाव जीतने के लिए पूरी क्षमता है। हालांकि, भाजपा ने विधानसभा का चुनाव महायुति गठबंधन में एकनाथ शिंदे की शिवसेना के साथ मिलकर जीता है और दूसरी तरफ महाविकास अघाड़ी गठबंधन भी चुनाव की बड़ी तैयारी कर रहा है। (RSS will pave the way for BJP in BMC elections, party meetings started)

    शिवसेना का रहा है हमेशा से कब्जा

    महाराष्ट्र की सबसे बड़ी राजनैतिक पार्टी शिवसेना का नगरपालिका और बाकी महाविकास अघाड़ी गठबंधन में शामिल दलों का पंचायती चुनाव हमेशा से कब्जा रहा है। लेकिन शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में विभाजन के बाद इसके आकड़े बदलने की पूरी संभावना है। हालांकि, महाविकास अघाड़ी में शामिल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) शरद पवार गुट, शिवसेना (UBT) उद्धव ठाकरे गुट और कांग्रेस पार्टी तीनों ही अकेले चुनाव लड़ना चाहती है। इसको लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं से चर्चा हो रही है। (RSS will pave the way for BJP in BMC elections, party meetings started)

    आपको बता दें कि बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) पर पिछले 25 सालों से अविभाजित शिवसेना का कब्जा रहा है। शिवसेना के विभाजन के बाद अब पहली बार मनपा के चुनाव होने जा रहे है। इसलिए देखना दिलचस्प होगा कि किसका पलड़ा भारी होता है और किसकी नैय्या डूबती है। क्योंकि अब तक पार्टी इसलिए जीत पा रही थी क्योंकि वह विभाजित नहीं थी लेकिन अब विभाजन के बाद जनता के भी वोट बटने की ज्यादा उम्मीदें है। (RSS will pave the way for BJP in BMC elections, party meetings started)

    भाजपा की चुनावी तैयारी

    खबर के मुताबिक भारतीय जनता पार्टी ने आरएसएस के नेतृत्व में अपने फ्रंट संगठनों के बीच समन्वय स्थापित करना शुरू कर दिया है। हाल ही में मुंबई से सटे भयंदर में एक बैठक भी आयोजित की थी जिसकी अध्यक्षता खुद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने की थी।
    बीजेपी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया कि भयंदर की बैठक से यह खबर आ रही है कि विधानसभा चुनाव में इसलिए बड़ी सफलता मिली, क्योंकि बीजेपी और आरएसएस साथ थी। पार्टी को आरएसएस के फ्रंट संगठनों की जरूरत है जिसका जमीनी स्तर पर बड़ा नेटवर्क है। (RSS will pave the way for BJP in BMC elections, party meetings started)