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  • मुंबई में फिर खुलेंगे कबूतरखाने! CM फडणवीस ने दिए निर्देश

    मुंबई में फिर खुलेंगे कबूतरखाने! CM फडणवीस ने दिए निर्देश

    मुंबई के पक्षी प्रेमियों को राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राहत की खबर सुनाईं है। कबूतरों को दाना डालने के खिलाफ हो रही कार्रवाई को लेकर विरोध प्रदर्शन हो रहे थे। मुख्यमंत्री के इस पहल से कबूतरों के संरक्षण की मांग कर रहे कबूतरप्रेमियों को बड़ी राहत मिली है। Pigeon houses will open again in Mumbai! CM Fadnavis gave instructions

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई:
    शहर में कबूतरखानों को लेकर पिछले कुछ दिनों से चल रहा विवाद अब थमता हुआ नजर आ रहा है। बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद कबूतरखानों के खिलाफ मुंबई महानगरपालिका (BMC) द्वारा शुरू की गई कार्रवाई अब थम सकती है। दरअसल मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आज इस मुद्दे पर एक महत्वपूर्ण बैठक की और उन्होंने शहर में कबूतरखानों को अचानक बंद करने के कदम को उचित नहीं माना।

    मंत्रालय में हुए उच्चस्तरीय बैठक

    मंत्रालय में मंगलवार को हुई उच्चस्तरीय बैठक में सीएम फडणवीस ने कहा, कि “कबूतर-खानों यानी पक्षियों को दाना डालने की जगह को अचानक बंद करना कोई समस्या का समाधान नहीं है।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया, कि यदि कबूतरों के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो रही हैं, तो उन पर वैज्ञानिक अध्ययन की आवश्यकता है, न कि सीधे प्रतिबंध लगा देना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया, कि “कबूतरों को दाना डालने के लिए एक निर्धारित समय तय किया जा सकता है।”

    मुख्यमंत्री ने दिया सुझाव

    सीएम फडणवीस की अध्यक्षता में हुई बैठक में उपमुख्यमंत्री अजित पवार, वन मंत्री गणेश नाइक, मंत्री गिरीश महाजन और मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा भी उपस्थित थे। बैठक के दौरान फडणवीस ने कहा कि कबूतरों की विष्ठा से होने वाली गंदगी की सफाई के लिए विशेष तकनीक का उपयोग किया जाना चाहिए। कबूतरखानों से नागरिकों को कोई परेशानी न हो, यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए। Pigeon houses will open again in Mumbai! CM Fadnavis gave instructions

    सरकार करेगी अदालत में अपील

    सीएम फडणवीस ने राज्य सरकार और बीएमसी को निर्देश दिए हैं कि हाईकोर्ट में कबूतरखानों के पक्ष में मजबूत ढंग से अपनी बात रखा जाना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि ‘नियंत्रित फीडिंग’ जैसी व्यवस्था लागू की जा सकती है, और जरूरत पड़ी तो सुप्रीम कोर्ट भी सरकार जाएगी। Pigeon houses will open again in Mumbai! CM Fadnavis gave instructions

    विशेष मशीन का होगा उपयोग

    बीजेपी विधायक एवं मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने मीडिया से बात करते हुए कहा, कि सरकार कबूतरखानों को अचानक बंद करने के पक्ष में नहीं है और बॉम्बे हाईकोर्ट में सरकार पक्ष रखेगी। जो कबूतरखाने प्लास्टिक शीट से ढंककर बंद किए गए है, उन्हें जल्द ही फिर से खोला जाएगा। उन्होंने बताया कि कबूतरों को अब नियंत्रित ढंग से ही दाना दिया जाएगा, जिससे नागरिकों को कोई असुविधा न हो। कबूतरों की विष्ठा की सफाई के लिए ‘टाटा’ कंपनी द्वारा निर्मित एक विशेष मशीन का उपयोग किया जाएगा। इसके लिए एक विशेष समिति का गठन भी किया जाएगा।

    FIR दर्ज करने का दिया था आदेश

    मुंबई शहर में 51 ‘कबूतर खाने’ यानी पक्षियों को दाना डालने की जगह हैं। कुछ दिन पहले बॉम्बे हाईकोर्ट ने कबूतरों के झुंड को दाना डालने को ‘सार्वजनिक उपद्रव’ करार देते हुए बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) को ऐसे लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया था। बीएमसी ने दादर का मशहूर ‘कबूतर खाना’ बंद कर दिया और उसे प्लास्टिक के तिरपाल से ढक दिया। इसके बाद शहर के कुछ हिस्सों में पक्षी प्रेमियों और जैन समुदाय के लोगों ने नाराजगी जताते हुए प्रदर्शन भी किए। हालांकि अब सीएम फडणवीस की इस पहल से कबूतरप्रेमियों को बड़ी राहत मिली है।

  • महाराष्ट्र भर में 21 मई को ऑटोरिक्शा युनियन करेंगी हड़ताल

    महाराष्ट्र भर में 21 मई को ऑटोरिक्शा युनियन करेंगी हड़ताल

    महाराष्ट्र ऑटो रिक्शा यूनियनों ने ई-बाइक टैक्सी की मंजूरी के खिलाफ 21 मई को राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है। यह विरोध प्रदर्शन महाराष्ट्र भर के सभी क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों (RTO) के सामने किया जाएगा। (Autorickshaw unions will strike across Maharashtra on May 21)

    मुंबई: महाराष्ट्र ऑटो रिक्शा चालक-मालक संघ की संयुक्त कार्रवाई समिति ने महाराष्ट्र की राज्य सरकार द्वारा ई-बाइक टैक्सियों को हाल ही में दी गई मंजूरी का विरोध करते हुए 21 मई, 2025 को राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है। यह विरोध प्रदर्शन महाराष्ट्र भर के सभी क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों (RTO) के सामने किया जाएगा। (Autorickshaw unions will strike across Maharashtra on May 21)

    मिली जानकारी के मुताबिक 27 अप्रैल को संयुक्त कार्रवाई समिति की बैठक के दौरान आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया गया था। राज्य भर के 15 लाख से अधिक ऑटो-रिक्शा चालकों का प्रतिनिधित्व करने वाली समिति ने सरकार के इस कदम को उनकी आजीविका और आमदनी के लिए सीधे तौर पर खतरा बताया है। (Autorickshaw unions will strike across Maharashtra on May 21)

    बेरोजगार युवाओं को मिलेगा मौका

    मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री अजीत पवार और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में महाराष्ट्र सरकार ने अप्रैल 2025 में ई-बाइक टैक्सियों की सेवा शुरु करने को लेकर मंजूरी दे दी। बताया गया, कि इस पहल का उद्देश्य बेरोजगार युवाओं के लिए स्वरोजगार के अवसर पैदा करते हुए किफायती, पर्यावरण के अनुकूल परिवहन विकल्पों को बढ़ावा देना है। (Autorickshaw unions will strike across Maharashtra on May 21)

    दैनिक आय के लिए खतरा

    हालांकि, रिक्शा यूनियनों का तर्क है कि अनुमोदन प्रक्रिया एकतरफा रहा और इसमें उन हितधारकों के साथ पर्याप्त परामर्श का अभाव भी रहा। इस साझेदारी में सीधे तौर पर ऑटोरिक्शा कारोबार और उनकी आमदनी पर प्रभाव पडेगा। एक वरिष्ठ यूनियन नेता ने कहा, कि “हजारों परिवार आजीविका चलाने के लिए ऑटो-रिक्शा पर निर्भर हैं। पर्याप्त परामर्श के बिना ई-बाइक टैक्सी की शुरूआत उनकी दैनिक आय के लिए सीधा खतरा है।” (Autorickshaw unions will strike across Maharashtra on May 21)

    कॉम्पिटिशन का खतरा

    ऑटोरिक्शा यूनियनों को डर है कि नई सेवा के शुरू करने से अनियमित कॉम्पिटिशन बढ़ेगा, जिस वजह से मौजूदा रिक्शा चालकों की आय पर बहुत ज्यादा असर पड़ेगा। युनियन की तरफ से ऑटो-रिक्शा चालकों के लिए कल्याणकारी नीतियों पर सरकार के अनदेखी पर भी चिंता व्यक्त की गई है और मांग की है कि इसके बजाय मौजूदा सहायता प्रणालियों को मजबूत करने पर ध्यान दिया जाना चाहिए। (Autorickshaw unions will strike across Maharashtra on May 21)

    सुरक्षा नीतियों पर विचार

    यूनियन के एक नेता ने कहा, “हमारी आजीविका को नुकसान पहुंचाने वाली नई सेवा शुरू करने के बजाय, राज्य सरकार को रिक्शा चालकों की सुरक्षा के लिए मौजूदा नीतियों को मजबूत करना चाहिए, जो दशकों से सार्वजनिक परिवहन की रीढ़ की हड्डी रहे हैं।” (Autorickshaw unions will strike across Maharashtra on May 21)

    परिवहन विभाग ने क्या कहा?

    परिवहन विभाग के एक अधिकारी ने बचाव करते हुए कहा कि ई-बाइक टैक्सी विशेष रूप से अकेले यात्रा करने वालों के लिए अधिक सुरक्षित और अधिक लागत से प्रभावी विकल्प के रूप में काम करेगा। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि सुरक्षा उपायों को लागू किया जाएगा, जिसमें मानसून के मौसम के दौरान सुरक्षा कवर और सवारियों और महिला यात्रियों के बीच गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए भौतिक अवरोध शामिल रहने वाले हैं। (Autorickshaw unions will strike across Maharashtra on May 21)