अंधेरी के डांस बारों में काम करने वाली महिला कलाकारों ने पुलिस पर जबरन सेल्फी लेने, मेकअप रूम में घुसने और उत्पीड़न का आरोप लगाया, महिला आयोग से शिकायत।
मुंबई: अंधेरी इलाके में डांस बारों में काम करने वाली महिला कलाकारों ने स्थानीय पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कलाकारों का कहना है कि कुछ पुलिसकर्मी जबरन सेल्फी लेते हैं, बिना अनुमति मेकअप और चेंजिंग रूम में घुस जाते हैं और निजी जानकारी मांगते हैं। इस कथित उत्पीड़न से परेशान होकर महिलाओं ने महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग को लिखित शिकायत देकर हस्तक्षेप की मांग की है।
📍 अंधेरी के डांस बारों से उठा गंभीर मामला
अंधेरी ईस्ट और वेस्ट के कई डांस और ऑर्केस्ट्रा बारों में काम करने वाली महिला कलाकारों का आरोप है कि अंधेरी पुलिस डिविजन के कुछ अधिकारी लगातार उनकी निजता में दखल दे रहे हैं। खासतौर पर रात 9:30 बजे के बाद पुलिस की मौजूदगी से डर और असुरक्षा का माहौल बन जाता है।
📸 जबरन फोटो और सेल्फी लेने का आरोप
महिला कलाकारों का कहना है कि पुलिसकर्मी बिना अनुमति उनके फोटो खींचते हैं और जबरन सेल्फी लेते हैं। शिकायत में बताया गया है कि ये घटनाएं अक्सर 9:30 बजे के बाद होती हैं, जब बार में ग्राहक भी मौजूद रहते हैं, जिससे माहौल असहज हो जाता है और कारोबार पर असर पड़ता है।
🚪 चेंजिंग और मेकअप रूम में घुसने की शिकायत
कलाकारों ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी जांच के नाम पर मेकअप और चेंजिंग रूम में बिना दस्तक दिए घुस जाते हैं। कई बार वहां महिलाएं असुरक्षित स्थिति में होती हैं। महिला कलाकारों का कहना है कि पुरुष पुलिसकर्मियों का बिना महिला स्टाफ के निजी जगहों में प्रवेश करना नियमों का खुला उल्लंघन है।
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😨 डर का माहौल, विरोध करने की हिम्मत नहीं
एक कलाकार ने बताया कि अगर कोई महिला सवाल उठाती है या विरोध करती है तो उसे झूठे केस में फंसाने की धमकी दी जाती है। इसी डर से ज्यादातर महिलाएं चुप रह जाती हैं। उनका कहना है कि यह स्थिति उन्हें मानसिक रूप से तोड़ रही है।
👨👩👧 परिवारों तक पहुंचने का डर
अधिकतर बार डांसर और सिंगर अपनी नौकरी की जानकारी परिवार से छुपाकर रखते हैं। कलाकारों का कहना है कि अगर उनकी तस्वीरें वायरल हो गईं या गलत हाथों में चली गईं तो उनकी जिंदगी बर्बाद हो सकती है।
“एक फोटो किसी की पूरी जिंदगी खत्म कर सकती है,”
ऐसा शिकायत पत्र में लिखा गया है।
⏰ 9:30 बजे की पाबंदी से रोज़ी-रोटी पर असर
शिकायत में यह भी कहा गया है कि अंधेरी में महिला कलाकारों को जबरन 9:30 बजे काम बंद करने के लिए मजबूर किया जाता है, जबकि नियमों के अनुसार बार 1:30 बजे तक खुले रह सकते हैं। कलाकारों का कहना है कि उनकी सबसे ज्यादा कमाई 9:30 बजे के बाद होती है और यह पाबंदी सीधे उनकी आजीविका पर चोट है।
⚖️ महिला आयोग से क्या मांग की गई
महिला कलाकारों ने महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग से मांग की है कि:
- बिना सहमति फोटो खींचने पर रोक लगे
- चेंजिंग रूम में प्रवेश पर सख्त नियम लागू हों
- महिला-संवेदनशील पुलिस प्रोटोकॉल अपनाया जाए
- भेदभावपूर्ण समय पाबंदी खत्म की जाए
- उन्हें सम्मानजनक और सुरक्षित कार्यस्थल मिले
🗣️ बार कमेटी का आरोप – नियमों की खुलेआम अनदेखी
परफॉर्मेंस बार कमेटी के एक पदाधिकारी ने कहा कि कानून के अनुसार पुलिस केवल एक्साइज अधिकारियों के साथ ही बार में जांच कर सकती है, लेकिन अंधेरी पुलिस हर 30 मिनट में बार में घुसकर कलाकारों की फोटो ले रही है, जिससे व्यापार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
🚔 पुलिस का पक्ष: आरोप बेबुनियाद
अंधेरी पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ निरीक्षक उमेश मचिंदर ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पुलिस सिर्फ यह जांचने जाती है कि बार खुले हैं या बंद।
“हमारे अधिकारी न तो फोटो लेते हैं और न ही मेकअप रूम में जाते हैं। ये आरोप पूरी तरह निराधार हैं।”
FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q1. महिला कलाकारों ने शिकायत कहां की है?
➡️ महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग में।
Q2. मुख्य आरोप क्या हैं?
➡️ जबरन फोटो लेना, चेंजिंग रूम में घुसना, धमकी देना और भेदभाव।
Q3. पुलिस ने क्या जवाब दिया है?
➡️ पुलिस ने सभी आरोपों को झूठा बताया है।
Q4. क्या बार पूरी तरह बंद कराए जा रहे हैं?
➡️ कलाकारों का कहना है कि 9:30 बजे जबरन बंद कराय
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