मालाड़ के P North Ward में CRZ-1 क्षेत्र में धड़ल्ले से चल रहे अवैध निर्माण पर BMC प्रशासन आंखें मूंदे बैठा है। यह न सिर्फ कोस्टल नियमों का उल्लंघन है बल्कि IPC और नए BNS कानून के तहत दंडनीय अपराध भी है।
मुंबई: मालाड़ स्थित P North Ward में हालात बेहद चिंताजनक हैं। CRZ-1 (Coastal Regulation Zone-1) जैसे अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र में खुलेआम अवैध और अनधिकृत निर्माण चल रहे हैं, लेकिन BMC प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। आरोप है कि आधुनिक “कुंभकर्ण” बने अधिकारी जानबूझकर आंखें मूंदे हुए हैं, जबकि यह निर्माण न केवल कोस्टल रेगुलेटरी नियमों का उल्लंघन है, बल्कि IPC और नए BNS Act के तहत गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
🌊 CRZ-1 क्या है और यह इलाका इतना संवेदनशील क्यों?
CRZ-1 वह क्षेत्र होता है जहां
- मैंग्रोव
- समुद्री तट
- इको-सेंसिटिव ज़ोन
शामिल होते हैं।
यहां किसी भी प्रकार का निर्माण कलेक्टर, MSD और राज्य सरकार की सख़्त अनुमति के बिना पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके बावजूद मालाड़ इलाके में बिना अनुमति इमारतें, शेड, स्लैब और स्ट्रक्चर खड़े किए जा रहे हैं।
🏗️ अवैध निर्माण जारी, कार्रवाई नदारद
स्थानीय नागरिकों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं का आरोप है कि
- निर्माण दिन-दहाड़े चल रहा है
- भारी मशीनरी का इस्तेमाल हो रहा है
- शिकायतों के बावजूद कोई तोड़क कार्रवाई नहीं
सवाल यह है कि अगर यह सब गैरकानूनी है, तो BMC की नजर क्यों नहीं पड़ती?














👁️ “नेल्सन की आंख” और आधुनिक कुंभकर्ण
स्थानीय लोग P North Ward कार्यालय पर तंज कसते हुए कहते हैं कि
“यहां बैठे अधिकारी आधुनिक कुंभकर्ण हैं, जिन्हें सब दिखता है लेकिन दिखाना नहीं चाहते।”
आरोप है कि
- फाइलें दबा दी जाती हैं
- निरीक्षण रिपोर्ट तैयार नहीं होती
- शिकायतों को जानबूझकर लंबित रखा जाता है
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⚖️ कानून साफ, फिर भी डर किस बात का?
CRZ-1 में अवैध निर्माण
- IPC के तहत अपराध
- और नए संशोधित BNS Act के तहत कठोर दंड को आमंत्रित करता है
इसके अलावा यह
- राज्य सरकार के आदेशों की अवहेलना
- कलेक्टर MSD के निर्देशों की अनदेखी
- और पर्यावरण कानूनों का सीधा उल्लंघन है
इसके बावजूद कार्रवाई न होना भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है।
💰 भ्रष्टाचार का शक और संरक्षण का खेल
स्थानीय सूत्रों का दावा है कि
- कुछ निर्माणकर्ताओं को अंदरूनी संरक्षण मिला हुआ है
- “मैनेजमेंट” के नाम पर कार्रवाई रोकी जाती है
- छोटे अवैध कामों पर तुरंत हथौड़ा, बड़े पर खामोशी
यह दोहरा मापदंड BMC की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
🌱 पर्यावरण को अपूरणीय नुकसान
CRZ-1 क्षेत्र में अवैध निर्माण से
- समुद्री जैव विविधता नष्ट होती है
- बाढ़ और समुद्र जलस्तर का खतरा बढ़ता है
- आने वाली पीढ़ियों का भविष्य खतरे में पड़ता है
यह सिर्फ कानून का नहीं, मानवता और पर्यावरण का अपराध है।
🗣️ नागरिकों की मांग
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों की मांग है कि
- तत्काल अवैध निर्माण रोके जाएं
- जिम्मेदार अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई हो
- BNS Act के तहत केस दर्ज किए जाएं
- CRZ-1 क्षेत्र की स्वतंत्र जांच कराई जाए
❓ FAQ
Q1. CRZ-1 क्षेत्र में निर्माण पूरी तरह प्रतिबंधित है क्या?
हाँ, बिना विशेष अनुमति के किसी भी प्रकार का निर्माण पूरी तरह अवैध है।
Q2. इस मामले में कौन-कौन से कानून लागू होते हैं?
IPC, पर्यावरण कानून और नया संशोधित BNS Act लागू होता है।
Q3. BMC की भूमिका पर सवाल क्यों उठ रहे हैं?
क्योंकि शिकायतों और स्पष्ट उल्लंघन के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही।
Q4. नागरिक क्या कर सकते हैं?
शिकायत, RTI, पर्यावरण प्राधिकरण और न्यायालय का सहारा लिया जा सकता है।
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