Malad Murder Mystery: चिपळूण में हड्डियों से खुला 4 लाख का काला सच

Mumbai Malad Murder Case: Chiplun Rampur में मिले human bones से खुला shocking murder mystery। 4 लाख रुपये के rent dispute में girlfriend और साथी ने की हत्या, दोनों आरोपी गिरफ्तार, पुलिस जांच जारी।

मुंबई: मालाड से जुड़ा एक सनसनीखेज मर्डर केस चिपळूण के रामपूर इलाके में मिले मानव अवशेषों के बाद सामने आया है। पुलिस की जांच में खुलासा हुआ कि 4 लाख रुपये के विवाद में एक शख्स की हत्या कर शव को दफनाया गया और बाद में जलाकर सबूत मिटाने की कोशिश की गई।

चिपळूण में हड्डियों से शुरू हुई पूरी कहानी

रामपूर के हापूस आम के बाग में स्थानीय लोगों को एक जला हुआ बैग मिला, जिससे बदबू आ रही थी। जब पुलिस मौके पर पहुंची, तो बैग के अंदर अर्ध-जला शव, हड्डियां, अंगूठी और कुछ धातु के टुकड़े मिले।

Advertisements

रत्नागिरी फॉरेंसिक टीम ने जांच के बाद पुष्टि की कि ये human remains हैं। इसके बाद पुलिस ने तुरंत FIR No. 88/2026 दर्ज कर murder investigation शुरू की।

जांच में आया मालाड कनेक्शन

जांच के दौरान पता चला कि जहां शव दफनाया गया था, वह जमीन विशाल विजय खोडदेकर (28) की है। आरोपी पहले से फरार था और मुंबई पुलिस भी उसकी तलाश कर रही थी।

31 मार्च 2026 की रात चिपळूण पुलिस ने गुप्त सूचना पर छापा मारकर विशाल को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने हत्या कबूल कर ली और अपनी साथी जन्नतुनिसा जिन्नत खान (मालाड, मालवनी) का नाम लिया। अगले ही दिन पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया।

कांदिवली में Dooring Accident: Zomato डिलीवरी बॉय की दर्दनाक मौत

मृतक की पहचान कैसे हुई

पुलिस जांच में सामने आया कि मालाड पश्चिम के मालवनी में एजाज कुरेशी (54) नाम का व्यक्ति पिछले चार महीनों से लापता था।

मृतक की पहचान उस समय पक्की हुई जब अवशेषों में पैर में लगी steel rod मिली। परिवार ने पुष्टि की कि एजाज के पैर में पहले से रॉड लगी थी। इस तरह यह missing person case एक murder case में बदल गया।

4 लाख रुपये का विवाद बना मौत की वजह

पूछताछ में खुलासा हुआ कि जन्नतुनिसा ने एजाज को फ्लैट के rent advance के तौर पर करीब 4 लाख रुपये दिए थे। लेकिन एजाज पैसे वापस नहीं कर रहा था।

इसी money dispute को लेकर एजाज को मालाड स्थित मालवनी के घर उसे बुलाया गया, जहां विशाल और जन्नतुनिसा ने उसकी पिटाई की। मारपीट के दौरान ही उसकी मौत हो गई। यह घटना 15 नवंबर 2025 के आसपास की बताई जा रही है।

शव को ठिकाने लगाने की खौफनाक साजिश

हत्या के बाद दोनों आरोपियों ने शव को बैग में भरकर कार से चिपळूण के रामपूर ले गए और विशाल के प्लॉट में दफना दिया।

करीब दो महीने बाद विशाल वहां लौटा तो शव के अवशेष देखकर घबरा गया। उसने सबूत मिटाने के लिए शव को बाहर निकालकर डीजल डालकर जला दिया। लेकिन स्थानीय कुत्तों ने बैग फाड़ दिया, जिससे पूरा मामला सामने आ गया।

गिरफ्तारी और पुलिस रिमांड

चिपळूण पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां उन्हें 6 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया।

यह पूरी जांच जिला पुलिस अधीक्षक नितीन बगाटे और अपर डीएसपी बाबूराव महामुनी के निर्देशन में चल रही है। इंस्पेक्टर फुलचंद मेंगडे इस केस की तहकीकात कर रहे हैं।

फॉरेंसिक और जांच का बड़ा रोल

इस केस में forensic evidence यानी हड्डियों की जांच ने अहम भूमिका निभाई। अगर बैग नहीं मिलता, तो यह केस शायद हमेशा के लिए दबा रह जाता।

विशेषज्ञों के अनुसार, यह केस दिखाता है कि कैसे छोटे financial disputes बड़े criminal conspiracy में बदल सकते हैं।

Related Links (Useful for Readers)


FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

प्रश्न: यह घटना कब और कहां हुई?
उत्तर: चिपळूण के रामपूर इलाके में मार्च 2026 में मानव अवशेष मिले, जबकि हत्या 15 नवंबर 2025 के आसपास हुई थी।

प्रश्न: मृतक कौन था?
उत्तर: मृतक एजाज कुरेशी (54), मालाड मुंबई का निवासी था।

प्रश्न: हत्या का कारण क्या था?
उत्तर: 4 लाख रुपये के rent dispute को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद हत्या की गई।

प्रश्न: आरोपी कौन हैं?
उत्तर: विशाल विजय खोडदेकर और जन्नतुनिसा जिन्नत खान।

प्रश्न: पुलिस जांच कहां तक पहुंची है?
उत्तर: दोनों आरोपी गिरफ्तार हैं और 6 दिन की पुलिस हिरासत में हैं, आगे की जांच जारी है।


Discover more from  

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisements
Scroll to Top

Discover more from  

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading