Goregaon Flyover Extension 8 साल बाद भी अधूरा, लागत 45% बढ़कर ₹247 करोड़

Goregaon Flyover Extension Mumbai: 8 साल बाद भी अधूरा प्रोजेक्ट, लागत ₹170 करोड़ से बढ़कर ₹247 करोड़। जानिए देरी की वजह, completion update और BMC का बयान।

मुंबई: इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की देरी का एक और बड़ा उदाहरण सामने आया है। गोरेगांव में बन रहा Goregaon Flyover Extension Project पिछले 8 साल से अधूरा है और इसकी लागत भी अब 45% बढ़कर ₹247 करोड़ तक पहुंच गई है। फिलहाल यह प्रोजेक्ट करीब 80% पूरा हो चुका है और अधिकारियों के मुताबिक इसे अप्रैल अंत या मई 2026 के मध्य तक पूरा किया जा सकता है।

8 साल से अधूरा फ्लायओवर प्रोजेक्ट

Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) द्वारा बनाया जा रहा यह फ्लायओवर एक्सटेंशन 2018 में शुरू हुआ था।

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यह Mrinaltai Gore Flyover का 750 मीटर लंबा विस्तार है, जो गोरेगांव को राम मंदिर (WEH) से जोड़ने के लिए बनाया जा रहा है।

शुरुआत में इस प्रोजेक्ट को सिर्फ 24 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन 8 साल बाद भी यह अधूरा है।

लागत में 45% का भारी इजाफा

इस प्रोजेक्ट की शुरुआती लागत ₹170.82 करोड़ थी, लेकिन अब यह बढ़कर ₹247 करोड़ हो गई है।

  • पहले संशोधन के बाद लागत: ₹194 करोड़
  • नया प्रस्ताव (2026): ₹247 करोड़

यह संशोधित प्रस्ताव हाल ही में BMC की स्टैंडिंग कमेटी के सामने रखा गया है।

क्या है इस फ्लायओवर का उद्देश्य

इस फ्लायओवर का मुख्य उद्देश्य traffic congestion Mumbai को कम करना है।

यह प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद:

  • गोरेगांव से राम मंदिर तक डायरेक्ट कनेक्टिविटी मिलेगी
  • SV Road और Link Road का ट्रैफिक कम होगा
  • Western Express Highway (WEH) पर जाम से राहत मिलेगी

देरी की बड़ी वजहें क्या रहीं

BMC के अनुसार इस प्रोजेक्ट में देरी के कई कारण रहे:

1. ट्रैफिक के कारण रात में काम

फ्लायओवर चार बड़े जंक्शनों के ऊपर से गुजरता है, इसलिए दिन में काम संभव नहीं था।
केवल night construction work ही किया गया।

2. काम शुरू होने में देरी

हालांकि वर्क ऑर्डर 2018 में जारी हुआ था, लेकिन असली काम 2019 में शुरू हो पाया।

3. कोविड-19 का असर

Pandemic के दौरान मजदूरों की कमी और काम में रुकावट आई।

4. डिजाइन में बदलाव

स्थानीय लोगों की मांग के कारण डिजाइन में बदलाव करना पड़ा, खासकर

  • कब्रिस्तान और श्मशान घाट तक पहुंच बनाए रखने के लिए
  • एक additional underpass बनाना पड़ा

इसी वजह से लागत और समय दोनों बढ़ गए।

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80% काम पूरा, जल्द खुलने की उम्मीद

अधिकारियों के मुताबिक:

  • प्रोजेक्ट का 80% काम पूरा हो चुका है
  • इसे April-end या mid-May 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है

अगर सब कुछ योजना के मुताबिक चला, तो जल्द ही इसे ट्रैफिक के लिए खोल दिया जाएगा।

इंफ्रास्ट्रक्चर पर उठ रहे सवाल

इस प्रोजेक्ट की देरी और लागत बढ़ने के बाद मुंबई में urban infrastructure delays और project management issues पर सवाल उठ रहे हैं।

यह मामला दिखाता है कि कैसे बड़े प्रोजेक्ट्स समय और बजट दोनों से बाहर चले जाते हैं।

Related Links (Useful Resources)


FAQ Section

Q1. गोरगांव फ्लायओवर एक्सटेंशन कब शुरू हुआ था?

यह प्रोजेक्ट 2018 में शुरू हुआ था।

Q2. अब तक कितना काम पूरा हुआ है?

करीब 80% काम पूरा हो चुका है।

Q3. नई लागत कितनी हो गई है?

अब लागत ₹247 करोड़ हो गई है।

Q4. देरी की मुख्य वजह क्या है?

ट्रैफिक, कोविड-19 और डिजाइन बदलाव।

Q5. यह कब तक पूरा होगा?

अप्रैल अंत या मई 2026 के मध्य तक पूरा होने की उम्मीद है।


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