Category: केरल

  • 🚨 NEET UG 2026: 22.79 लाख छात्रों ने दी परीक्षा, भारत से लेकर विदेशों तक बना रिकॉर्ड – PwD Candidates को मिला Extra Time!

    🚨 NEET UG 2026: 22.79 लाख छात्रों ने दी परीक्षा, भारत से लेकर विदेशों तक बना रिकॉर्ड – PwD Candidates को मिला Extra Time!

    NEET UG 2026 Exam Today: 22.79 lakh candidates appeared across 551 cities in India and 14 abroad. NTA conducts exam from 2 PM to 5 PM, PwD candidates get extra time till 6 PM. Full update here.

    नई दिल्ली: भारत में मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम NEET UG 2026 आज देश और विदेश में बड़े स्तर पर आयोजित किया गया। National Testing Agency (NTA) द्वारा आयोजित इस परीक्षा में करीब 22.79 लाख उम्मीदवारों ने हिस्सा लिया, जो इसे दुनिया की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षाओं में से एक बनाता है।

    🌍 India से Abroad तक NEET UG 2026 का बड़ा आयोजन

    इस साल NEET UG 2026 का आयोजन देशभर के 551 शहरों और विदेशों के 14 शहरों में किया गया। परीक्षा दोपहर 2 बजे से 5 बजे तक pen-and-paper मोड में आयोजित हुई।

    👉 आधिकारिक जानकारी के लिए देखें:
    https://neet.nta.nic.in
    👉 NTA वेबसाइट:
    https://nta.ac.in

    इतने बड़े स्तर पर परीक्षा कराने के लिए सभी केंद्रों पर सुरक्षा और व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए थे।

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    👨‍🎓 22.79 लाख Candidates ने दी परीक्षा – Global Level पर रिकॉर्ड

    करीब 22.79 लाख registered candidates के साथ NEET UG 2026 दुनिया की सबसे बड़ी medical entrance exams में से एक बन गई है। हर साल बढ़ती संख्या इस परीक्षा की प्रतिस्पर्धा को और कठिन बना रही है।

    PwD Candidates के लिए Special व्यवस्था

    NTA ने PwD (Persons with Disabilities) और PwBD उम्मीदवारों के लिए खास सुविधा दी:

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    • Extra time (compensatory time)
    • परीक्षा का समय शाम 6 बजे तक बढ़ाया गया

    यह कदम परीक्षा को सभी के लिए समान अवसर देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    👮 2 लाख से ज्यादा स्टाफ की तैनाती

    परीक्षा को smooth और fair बनाने के लिए देशभर में 2 लाख से ज्यादा personnel तैनात किए गए। इसमें:

    • पुलिस और सुरक्षा बल
    • invigilators
    • प्रशासनिक अधिकारी

    शामिल रहे, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोका जा सके।

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    🌡️ Kanyakumari में गर्मी के बीच भी भारी उपस्थिति

    Kanyakumari जिले में:

    • कुल 4,945 candidates
    • 10 परीक्षा केंद्र

    बनाए गए थे। तेज गर्मी के बावजूद छात्र समय से पहले परीक्षा केंद्रों के बाहर पहुंच गए थे।

    🏫 सुबह 10 बजे से ही पहुंचने लगे छात्र

    कई केंद्रों जैसे:

    • Carmel Higher Secondary School
    • SLB School
    • SMRV School (Vadassery, Nagercoil)

    पर छात्र सुबह 10 बजे से ही पहुंचने लगे, ताकि समय पर एंट्री मिल सके और किसी परेशानी से बचा जा सके।

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    🇮🇳 देशभर के शहरों में दिखा उत्साह

    NEET UG 2026 के लिए देश के कई शहरों में छात्रों की भारी भीड़ देखने को मिली, जैसे:

    • Anantnag
    • Jaipur
    • Coimbatore

    हर जगह छात्र अपने माता-पिता के साथ परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे।

    📊 Maharashtra HSC Result 2026: Pass Percentage में गिरावट

    इसी बीच Maharashtra State Board of Secondary and Higher Secondary Education ने हाल ही में Class 12 (HSC) Result 2026 घोषित किया।

    • इस साल pass percentage: 90.50%
    • पिछले साल: 91.88%
    • गिरावट: 1.38%

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    🎯 Copy-Free Campaign बना गिरावट का कारण

    Board Chairman Trigun Kulkarni के अनुसार:

    • Strict anti-copying drive
    • CCTV surveillance
    • सख्त अनुशासन

    की वजह से result में गिरावट देखी गई।

    📍 Mumbai Division का प्रदर्शन

    Mumbai डिवीजन का प्रदर्शन:

    • Pass percentage: 90.50%

    📝 Re-evaluation और Improvement Scheme

    स्टूडेंट्स के लिए बोर्ड ने ये सुविधाएं शुरू की हैं:

    • Mark verification
    • Answer sheet photocopy
    • Re-evaluation

    👉 आवेदन तारीख: 3 मई से 17 मई तक (online)

    इसके अलावा:

    • Improvement Scheme
    • जून 2026 से जुलाई 2027 तक 3 attempts

    👉 अधिक जानकारी:
    https://mahahsscboard.in


    FAQ (लोगों के सवाल)

    Q1. NEET UG 2026 परीक्षा कब हुई?
    A: 2 PM से 5 PM तक (PwD के लिए 6 PM तक)।

    Q2. कितने students ने exam दिया?
    A: करीब 22.79 लाख।

    Q3. परीक्षा कितने शहरों में हुई?
    A: 551 cities in India और 14 abroad।

    Q4. PwD candidates को क्या सुविधा मिली?
    A: Extra time (compensatory time)।

    Q5. Maharashtra HSC result कितना रहा?
    A: 89.79% pass percentage।


    📝 Conclusion

    NEET UG 2026 ने एक बार फिर साबित कर दिया कि यह सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि दुनिया की सबसे बड़ी परीक्षाओं में से एक है। लाखों छात्रों की मेहनत और सपनों का यह इम्तिहान अब अगले चरण यानी result और counselling की ओर बढ़ेगा। वहीं, Maharashtra HSC result में गिरावट शिक्षा प्रणाली में सख्ती का संकेत देती है।

  • Gas Crisis के बीच बड़ा फैसला: अब घरों के लिए Kerosene मिलेगा, मोदी सरकार का ऐलान

    Gas Crisis के बीच बड़ा फैसला: अब घरों के लिए Kerosene मिलेगा, मोदी सरकार का ऐलान

    Iran crisis और global oil supply impact के बीच Modi Government ने घरेलू इस्तेमाल के लिए kerosene supply बढ़ाने का फैसला लिया। जानिए कौन-कौन से राज्यों में मिलेगा फायदा।

    नई दिल्ली: दुनिया में बढ़ते Energy Crisis और ईरान से जुड़े तनाव के बीच नरेंद्र मोदी सरकार ने आम जनता को बड़ी राहत दी है।

    मुंबई स्टाइल में बोले तो – “अब गैस की टेंशन थोड़ी कम होने वाली है भाई!”

    रविवार को केंद्र सरकार ने ऐलान किया कि घरेलू जरूरतों के लिए kerosene distribution rules में ढील दी जाएगी, ताकि लोगों को खाना बनाने और रोशनी के लिए परेशानी न हो।

    🌍 Middle East Crisis का सीधा असर

    मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और ईरान संकट के चलते global oil supply पर असर साफ दिख रहा है।

    👉 सप्लाई चेन डिस्टर्ब
    👉 fuel prices में उतार-चढ़ाव
    👉 LPG availability पर दबाव

    इसी को ध्यान में रखते हुए Ministry of Petroleum and Natural Gas ने kerosene supply बढ़ाने का बड़ा फैसला लिया है।

    🛢️ क्या है सरकार का नया फैसला?

    सरकार ने पेट्रोलियम से जुड़े safety और licensing rules में temporary relaxation दिया है।

    👉 इसका मकसद:

    • आम लोगों को तुरंत राहत
    • fuel shortage से बचाव
    • rural और गरीब इलाकों में energy access बढ़ाना

    📍 इन 21 राज्यों/UTs में मिलेगा फायदा

    सरकार ने साफ किया है कि यह सुविधा देश के 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू होगी:

    • दिल्ली (NCT)
    • चंडीगढ़
    • हरियाणा
    • पंजाब
    • दादरा और नगर हवेली और दमन-दीव
    • पुडुचेरी
    • आंध्र प्रदेश
    • अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
    • राजस्थान
    • उत्तर प्रदेश
    • गोवा
    • गुजरात
    • उत्तराखंड
    • लक्षद्वीप
    • जम्मू-कश्मीर
    • लद्दाख
    • तेलंगाना
    • हिमाचल प्रदेश
    • नागालैंड
    • मध्य प्रदेश
    • सिक्किम

    👉 यानी देश के बड़े हिस्से में अब kerosene आसानी से उपलब्ध होगा।

    ⛽ Petrol Pump से भी मिलेगा Kerosene

    नई व्यवस्था के तहत अब:
    👉 सरकारी तेल कंपनियां (Oil PSUs)
    👉 Petrol Pumps और retail outlets

    के जरिए भी kerosene बेच सकेंगी।

    📅 यह सुविधा अगले 60 दिनों तक लागू रहेगी।

    👉 इससे फायदा:

    • लंबी लाइन से छुटकारा
    • पास के पंप से ही kerosene मिलेगा
    • supply shortage कम होगी

    📦 डीलर कितना स्टॉक रख सकेंगे?

    सरकार ने dealers को भी राहत दी है:

    👉 हर retail unit पर
    2500 लीटर तक kerosene stock रखने की अनुमति

    👉 इससे:

    • supply chain मजबूत होगी
    • emergency में तुरंत availability मिलेगी

    ⚖️ कानून में क्या प्रावधान है?

    यह फैसला पेट्रोलियम अधिनियम 1934 और 2002 के नियमों के तहत लिया गया है।

    👉 इन कानूनों में सरकार को special situations में
    rules relax करने का अधिकार होता है

    और अभी के global crisis को देखते हुए इसी power का इस्तेमाल किया गया है।

    👨‍👩‍👧‍👦 आम जनता को क्या फायदा?

    इस फैसले से सबसे ज्यादा राहत मिलेगी:

    👉 गरीब परिवार
    👉 ग्रामीण इलाके
    👉 जहां LPG पहुंच कम है

    अब वे:

    • kerosene से खाना बना सकेंगे
    • lighting की जरूरत पूरी कर सकेंगे
    • LPG price hike से बच पाएंगे

    🔗 Related Links (जानकारी के लिए)

    • Ministry of Petroleum Official Updates
    • Energy Crisis Global News
    • LPG vs Kerosene Usage Guide

    (लेटेस्ट अपडेट के लिए PIB India, Indian Oil, BPCL जैसी आधिकारिक साइट्स देखें)


    ❓ FAQ सेक्शन

    Q1. क्या अब हर जगह kerosene मिलेगा?
    👉 नहीं, फिलहाल 21 राज्यों और UTs में ही यह सुविधा लागू होगी।

    Q2. क्या petrol pump पर kerosene मिलेगा?
    👉 हां, अब petrol pumps और retail outlets पर भी मिलेगा।

    Q3. यह सुविधा कितने समय के लिए है?
    👉 अभी के लिए 60 दिनों तक लागू रहेगी।

    Q4. एक डीलर कितना kerosene स्टॉक कर सकता है?
    👉 अधिकतम 2500 लीटर।

  • Borivali: बिल्डर-बाप बेटे पर करोड़ों की ठगी, कई FIR दर्ज

    Borivali: बिल्डर-बाप बेटे पर करोड़ों की ठगी, कई FIR दर्ज

    मुंबई के Borivali में रियल एस्टेट डेवलपर अशोक जेठवा और बेटे मिहिर पर करीब 3 करोड़ की ठगी का आरोप। फर्जी दस्तावेज, फ्लैट का झांसा, कई केस दर्ज।

    मुंबई: बोरीवली इलाके में एक बड़े रियल एस्टेट फ्रॉड का खुलासा हुआ है। रिटायर्ड शिपिंग कर्मचारी और अन्य निवेशकों से करोड़ों रुपये लेकर फ्लैट न देने के आरोप में डेवलपर अशोक जेठवा (55) और उसका बेटा मिहिर जेठवा (35) पुलिस के शिकंजे में आ गए हैं। पुलिस के मुताबिक, दोनों ने फर्जी दस्तावेज, झूठे वादे और रेरा रजिस्ट्रेशन का हवाला देकर कई लोगों को ठगा।

    🔍 क्या है पूरा मामला

    कस्तूरबा मार्ग पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR के अनुसार, शिकायतकर्ता प्रज्योत डाभोलकर (60), जो कांदिवली ईस्ट के निवासी और रिटायर्ड शिपिंग कर्मचारी हैं, वर्ष 2015 में एक फ्लैट खरीदने की तलाश में थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात ब्रोकर नवीनचंद्र बरखड़ा से हुई, जिसने उन्हें मिहिर जेठवा से मिलवाया।

    मिहिर ने खुद को और अपने पिता अशोक जेठवा को बोरीवली इलाके का नामी रियल एस्टेट डेवलपर बताते हुए कई प्रोजेक्ट्स की जानकारी दी।

    🏗️ फ्लैट नहीं पसंद आए, निवेश का लालच दिया

    डाभोलकर को शुरू में दिखाए गए फ्लैट्स पसंद नहीं आए। इसके बाद मिहिर ने उन्हें “आने वाले प्रोजेक्ट्स” में निवेश करने का सुझाव दिया और भरोसा दिलाया कि बदले में उन्हें बोरीवली वेस्ट में पांच फ्लैट मिलेंगे।

    अक्टूबर 2015 से दिसंबर 2019 के बीच डाभोलकर ने अलग-अलग किश्तों में ₹2.12 करोड़ निवेश कर दिए। वहीं उनकी सास से भी ₹85 लाख लिए गए।

    ❌ पैसे गए, न फ्लैट मिला न रिफंड

    पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने यह रकम प्रोजेक्ट में लगाने के बजाय निजी इस्तेमाल में लगा दी। न तो फ्लैट दिए गए और न ही पैसे लौटाए गए। जब शिकायतकर्ता ने दबाव बनाया तो टालमटोल शुरू हो गई।

    👤Borivali दूसरा निवेशक भी ठगा गया

    इसी तरह खार वेस्ट के रहने वाले एक 50 वर्षीय निवेशक ने भी शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि जेठवा पिता-पुत्र ने उन्हें बोरीवली ईस्ट के नील आकाश को-ऑप हाउसिंग सोसायटी प्रोजेक्ट में तीन फ्लैट देने का झांसा दिया।

    उन्हें बताया गया कि:

    • इमारत को 10 मंज़िलों की मंज़ूरी है
    • 3 अतिरिक्त मंज़िलों का प्रस्ताव BMC में लंबित है
    • प्रोजेक्ट RERA रजिस्टर्ड है
    • 31 दिसंबर 2018 तक कब्ज़ा मिलेगा

    इन बातों पर भरोसा कर उन्होंने ₹1.74 करोड़ ट्रांसफर कर दिए।

    🏚️ साइट पर सिर्फ 6 मंज़िल, काम बंद

    जब निवेशक ने दिसंबर 2018 में साइट देखी, तो केवल 6 मंज़िलें बनी थीं और निर्माण पूरी तरह बंद था। बाद में आरोपियों ने कांदिवली में फ्लैट देने का वादा किया, जो कभी नहीं मिला। पैसे वापस मांगने पर कथित तौर पर जवाब मिला –
    “जो करना है कर लो।”

    🚓 केरल से गिरफ्तारी, फर्जी पहचान का खुलासा

    पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल कर अलग-अलग राज्यों में छिपते फिर रहे थे।
    जोन-12 की स्पेशल टीम ने उन्हें केरल के एर्नाकुलम स्थित एक होटल से गिरफ्तार किया और मुंबई लाया गया।

    📂 एक नहीं, कई मामले दर्ज

    पुलिस के अनुसार, जेठवा पिता-पुत्र के खिलाफ 6 से अधिक केस दर्ज हैं।

    📌 प्रमुख केस डिटेल्स

    • Cr No. 177/25 – ₹1.17 करोड़
    • Cr No. 488/25 – ₹1.51 करोड़
    • Cr No. 351/25 – ₹1.74 करोड़
    • Cr No. 852/23 (MPID) – ₹13.52 करोड़
    • Cr No. 288/23 – ₹75 लाख
    • Cr No. 108/23 – ₹1.20 करोड़
    • बोरीवली: Cr No. 75/21, 464/24
    • MHB कॉलोनी: Cr No. 356/23

    ⚠️ पुलिस की अपील

    पुलिस ने आशंका जताई है कि और भी पीड़ित सामने आ सकते हैं। ऐसे किसी भी व्यक्ति से आगे आकर शिकायत दर्ज कराने की अपील की गई है।


    ❓ FAQ

    Q1. आरोपी कौन हैं?
    अशोक जेठवा और उनका बेटा मिहिर जेठवा, दोनों रियल एस्टेट डेवलपर बताए जा रहे हैं।

    Q2. कुल कितनी रकम की ठगी का आरोप है?
    अलग-अलग मामलों में ₹20 करोड़ से ज्यादा की ठगी का आरोप है।

    Q3. गिरफ्तारी कहां से हुई?
    केरल के एर्नाकुलम से, जहां वे फर्जी पहचान के साथ रह रहे थे।

    Q4. क्या और पीड़ित सामने आ सकते हैं?
    पुलिस के मुताबिक, संभावना है कि और निवेशक भी ठगे गए हों।

  • Canara Bank Apprentice Recruitment 2025: कैनरा बैंक में निकली 3500 अप्रेंटिस की भर्ती, ₹15,000 स्टाइपेंड के साथ बड़ा मौका!

    Canara Bank Apprentice Recruitment 2025: कैनरा बैंक में निकली 3500 अप्रेंटिस की भर्ती, ₹15,000 स्टाइपेंड के साथ बड़ा मौका!

    कैनरा बैंक ने 3500 अप्रेंटिस पदों के लिए भर्ती निकाली है। ग्रेजुएट उम्मीदवारों के लिए यह शानदार मौका है ₹15,000 मासिक स्टाइपेंड और बैंकिंग सेक्टर में करियर शुरू करने का। आवेदन की आखिरी तारीख 12 अक्टूबर 2025 है।

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई: अगर आप हाल ही में ग्रेजुएशन पूरी कर चुके हैं और बैंकिंग सेक्टर में अपना करियर शुरू करना चाहते हैं, तो आपके लिए बड़ी खुशखबरी है। Canara Bank ने पूरे भारत में 3500 अप्रेंटिस पदों के लिए भर्ती निकाली है।
    यह मौका सिर्फ एक साल का अप्रेंटिसशिप प्रोग्राम नहीं, बल्कि एक सुनहरा गेटवे है बैंकिंग सेक्टर में करियर की शुरुआत का।

    📅 आवेदन की तारीखें और ज़रूरी डिटेल

    इवेंटतारीख
    आवेदन शुरू होने की तारीख23 सितंबर 2025
    आवेदन की आखिरी तारीख12 अक्टूबर 2025
    NATS पोर्टल रजिस्ट्रेशन शुरू22 सितंबर 2025

    👉 आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन मोड में किया जाएगा।

    🏦 कैनरा बैंक अप्रेंटिस भर्ती के मुख्य पॉइंट्स

    • कुल पद: 3500
    • पोस्ट का नाम: Graduate Apprentice
    • सैलरी (स्टाइपेंड): ₹15,000 प्रति माह
    • जॉब लोकेशन: पूरे भारत में
    • आयु सीमा: 20 से 28 वर्ष
    • शैक्षणिक योग्यता: किसी भी विषय में ग्रेजुएशन (1 जनवरी 2022 के बाद और 1 सितंबर 2025 से पहले पास होना चाहिए)

    📍 राज्यवार वैकेंसी डिटेल

    राज्यसीटें
    कर्नाटक591
    उत्तर प्रदेश410
    तमिलनाडु394
    आंध्र प्रदेश242
    केरल243
    महाराष्ट्र201
    पश्चिम बंगाल150
    तेलंगाना132
    बिहार119
    हरियाणा111
    मध्य प्रदेश111
    कुल3500

    👉 उम्मीदवार सिर्फ एक राज्य के लिए आवेदन कर सकते हैं।

    🎓 योग्यता और पात्रता शर्तें

    • उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन डिग्री होनी चाहिए।
    • जिन्होंने पहले से कोई अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग की है या जिनके पास एक साल से अधिक का जॉब अनुभव है, वे पात्र नहीं हैं।
    • आयु सीमा (1 सितंबर 2025 तक):
    • न्यूनतम: 20 वर्ष
    • अधिकतम: 28 वर्ष

    🔸 आयु में छूट (Relaxation)

    • SC/ST: 5 साल
    • OBC (NCL): 3 साल
    • PwBD: 10 साल
    • विधवा/तलाकशुदा महिलाएं: 35-40 वर्ष तक (कैटेगरी अनुसार)

    💰 स्टाइपेंड और ट्रेनिंग बेनिफिट्स

    कैनरा बैंक के अप्रेंटिस को हर महीने ₹15,000 का स्टाइपेंड मिलेगा।

    • ₹10,500 बैंक की तरफ से सीधे अकाउंट में
    • ₹4,500 सरकार की तरफ से Direct Benefit Transfer (DBT) के ज़रिए

    यह राशि एक साल की ट्रेनिंग अवधि के लिए तय की गई है।

    ध्यान दें — अप्रेंटिस को किसी प्रकार का HRA, DA या अन्य भत्ता नहीं मिलेगा, लेकिन बैंकिंग सेक्टर की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग और अनुभव सबसे बड़ा लाभ है।

    🧩 चयन प्रक्रिया (Selection Process)

    इस भर्ती में कोई लिखित परीक्षा नहीं होगी। चयन पूरी तरह मेरिट के आधार पर होगा।

    प्रक्रिया इस प्रकार है:

    1. मेरिट लिस्ट: उम्मीदवार के 12वीं (HSC) या डिप्लोमा के मार्क्स के आधार पर बनाई जाएगी।
    2. टाई-ब्रेकर: समान प्रतिशत वाले उम्मीदवारों में उम्र अधिक वाले को वरीयता दी जाएगी।
    3. न्यूनतम अंक:
    • सामान्य वर्ग – 60%
    • SC/ST/PwBD – 55%
    1. डॉक्युमेंट वेरिफिकेशन और लोकल लैंग्वेज टेस्ट
    • जिस राज्य के लिए आवेदन किया है, उसी राज्य की भाषा में टेस्ट होगा (अगर 10वीं/12वीं में भाषा पढ़ी हो तो छूट)।
    1. मेडिकल फिटनेस: अंतिम चयन से पहले मेडिकल टेस्ट पास करना ज़रूरी।

    🌐 आवेदन प्रक्रिया (How to Apply Online)

    आवेदन से पहले तैयार रखें:

    • पासपोर्ट साइज फोटो
    • सिग्नेचर
    • बाएं हाथ का अंगूठा निशान
    • हस्तलिखित घोषणा (Declaration)
    • ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर
    • शैक्षणिक दस्तावेज़

    आवेदन के स्टेप्स:

    1. NATS पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करें (https://nats.education.gov.in)
    2. प्रोफाइल 100% पूरी करें और एनरोलमेंट नंबर प्राप्त करें।
    3. कैनरा बैंक की वेबसाइट पर जाएं – [canarabank.com → Careers → Recruitment]
    4. “Engagement of Graduate Apprentices 2025” लिंक पर क्लिक करें।
    5. “New Registration” पर जाकर बेसिक जानकारी भरें।
    6. आवेदन फॉर्म भरें और सभी दस्तावेज़ अपलोड करें।
    7. ₹500 फीस ऑनलाइन पे करें (General/OBC/EWS के लिए)।
    8. फाइनल सबमिट कर आवेदन प्रिंट निकाल लें।

    💵 आवेदन शुल्क (Application Fees)

    कैटेगरीफीस
    SC/ST/PwBDNIL
    General/OBC/EWS₹500/-

    🤔 FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    1️⃣ कैनरा बैंक अप्रेंटिस भर्ती 2025 के लिए आवेदन कब तक कर सकते हैं?
    👉 आवेदन की आखिरी तारीख 12 अक्टूबर 2025 है।

    2️⃣ इस भर्ती के लिए परीक्षा होगी या नहीं?
    👉 नहीं, चयन मेरिट (12वीं/डिप्लोमा मार्क्स) के आधार पर होगा।

    3️⃣ क्या अप्रेंटिस को परमानेंट नौकरी मिलेगी?
    👉 यह एक साल का अप्रेंटिस प्रोग्राम है, लेकिन प्रदर्शन अच्छा होने पर भविष्य में स्थायी अवसरों की संभावना बढ़ सकती है।

    4️⃣ स्टाइपेंड कितना मिलेगा?
    👉 कुल ₹15,000 प्रति माह — जिसमें ₹10,500 बैंक और ₹4,500 सरकार की तरफ से मिलेगा।

    5️⃣ कौन आवेदन नहीं कर सकता?
    👉 जिनके पास पहले से एक साल से ज़्यादा का जॉब अनुभव है या जिन्होंने पहले अप्रेंटिसशिप की है, वे आवेदन नहीं कर सकते।

  • राहुल गांधी को लाइव टीवी डिबेट में गोली मारने की धमकी, बीजेपी प्रवक्ता के बयान से मचा बवाल

    राहुल गांधी को लाइव टीवी डिबेट में गोली मारने की धमकी, बीजेपी प्रवक्ता के बयान से मचा बवाल

    केरल में एक टीवी लाइव डिबेट के दौरान बीजेपी प्रवक्ता ने राहुल गांधी को गोली मारने की धमकी दे दी। इस बयान के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस ने इसे लोकतंत्र पर हमला बताया जबकि विपक्ष ने सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए।

    नेशनल डेस्क
    मुंबई: केरल के एक टीवी चैनल पर डिबेट के दौरान बीजेपी के प्रवक्ता ने खुलेआम कहा कि राहुल गांधी के सीने में गोली मार देनी चाहिए। इस धमकी के बाद विपक्ष आगबबूला हो गया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह वही विचारधारा है, जिसने महात्मा गांधी की हत्या करवाई थी।

    आरएसएस और नाथूराम गोडसे का जिक्र

    कांग्रेस नेताओं ने बीजेपी और आरएसएस पर निशाना साधते हुए कहा कि इस विचारधारा से ही दूसरा गोडसे पैदा हुआ है। इतिहास गवाह है कि जब महात्मा गांधी की हत्या हुई थी, तब आरएसएस से जुड़े लोग मिठाई बांटते नजर आए थे। अब वही मानसिकता आज भी राहुल गांधी जैसे नेताओं के खिलाफ जहर उगल रही है।

    Rahul-Gandhi-threatened-with-shooting-during-a-live-TV-debate-BJP-spokesperson'-statement-sparks-uproar

    मोदी सरकार और नफरत की राजनीति के आरोप

    विपक्ष का आरोप है कि मोदी सरकार और बीजेपी आईटी सेल पूरे देश में नफरत का माहौल फैला रहे हैं। राहुल गांधी लगातार “भारत जोड़ो यात्रा” और “भारत न्याय यात्रा” के जरिए मोहब्बत की बात कर रहे हैं, जबकि बीजेपी के नेता खुलेआम हिंसा की धमकी दे रहे हैं।

    राहुल गांधी क्यों बीजेपी के निशाने पर?

    कांग्रेस का कहना है कि राहुल गांधी ने संसद और चुनाव आयोग में वोट चोरी के सबूत रखे। यही वजह है कि बीजेपी उनसे डर गई है और अब उन्हें चुप कराने के लिए धमकियों का सहारा लिया जा रहा है।

    लद्दाख से लेकर यूपी तक विपक्ष पर हमले

    लेख में यह भी जिक्र आया है कि सरकार विरोधियों पर लगातार शिकंजा कस रही है। छात्रों से लेकर कार्यकर्ताओं तक, हर उस आवाज को दबाया जा रहा है जो सत्ता से सवाल पूछती है। वहीं, बीजेपी नेताओं और समर्थकों को धमकी और हिंसा फैलाने की खुली छूट मिली हुई है।

    कांग्रेस का ऐक्शन प्लान

    अब कांग्रेस कार्यकर्ताओं को सुझाव दिया गया है कि वे गैर-बीजेपी शासित राज्यों में हर पुलिस थाने में इस धमकी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएं। उनका कहना है कि जैसे राहुल गांधी के खिलाफ झूठे केस दर्ज होते हैं, वैसे ही यह केस भी दर्ज होना चाहिए।


    ⚡ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1: राहुल गांधी को किसने धमकी दी?
    Ans: केरल के एक टीवी डिबेट में बीजेपी प्रवक्ता ने यह धमकी दी।

    Q2: क्या बीजेपी ने इस प्रवक्ता पर ऐक्शन लिया?
    Ans: खबर लिखे जाने तक बीजेपी की तरफ से कोई आधिकारिक ऐक्शन सामने नहीं आया है।

    Q3: कांग्रेस का क्या रुख है?
    Ans: कांग्रेस ने इसे लोकतंत्र और विपक्ष की आवाज पर हमला बताया है।

    Q4: क्या पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है?
    Ans: अब तक केरल पुलिस या सरकार की तरफ से कोई FIR दर्ज नहीं की गई है।

    Q5: लोग सोशल मीडिया पर क्या कह रहे हैं?
    Ans: सोशल मीडिया पर यूजर्स बीजेपी और केंद्र सरकार पर भड़ास निकाल रहे हैं और कह रहे हैं कि यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक है।

  • महाराष्ट्र में 106 तो केरल में 182 कोरोना के मामले दर्ज, मुंबई में दो की मौत

    महाराष्ट्र में 106 तो केरल में 182 कोरोना के मामले दर्ज, मुंबई में दो की मौत

    देश में फिर एक बार कोरोना की लहर जोर पकड़ रही है। स्वास्थ्य की कमजोरी पर वायरस सीधे तौर पर हमलावर हो रही है। महाराष्ट्र के साथ साथ केरल में कोरोना के सबसे ज्यादा लक्षण सामने आ रहे हैं। 106 cases of corona registered in Maharashtra and 182 in Kerala, two died in Mumbai

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई:
    कोरोना वायरस अभी पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है। हालही में कोविड-19 से जुड़ी महाराष्ट्र में दो मौतें हुई हैं। राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने मंगलवार को यह जानकारी दी। विभाग की एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि दोनों मौतें मुंबई में हुई हैं और दोनों मरीजों को पहले से ही अन्य बीमारियां थीं। जब किसी व्यक्ति को एक साथ दो या उससे ज्यादा बीमारियां होती हैं तो उसे सह-रुग्णता (कोमोरबिडिटीज) कहा जाता है। विज्ञप्ति के मुताबिक, एक मरीज को नेफ्रोटिक सिंड्रोम (किडनी से जुड़ी बीमारी) के साथ हाइपोकैल्सीमिया (शरीर में कैल्शियम की कमी से होने वाला दौरा) था, जबकि दूसरा मरीज कैंसर से पीड़ित था। 106 cases of corona registered in Maharashtra and 182 in Kerala, two died in Mumbai

    महाराष्ट्र में 106 केस एक्टिव

    स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि जनवरी से अब तक कुल 6,066 लोगों के ‘स्वैब सैंपल’ की जांच की गई, जिनमें से 106 लोगों में कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई। इनमें से 101 मामले मुंबई से हैं, बाकी पुणे, ठाणे और कोल्हापुर से हैं। जब डॉक्टर या स्वास्थ्यकर्मी आपकी नाक या गले के अंदर से रुई की एक स्टिक की मदद से थोड़ा सा स्राव (लार) लेते हैं, तो उसे स्वैब सैंपल कहते हैं। इस समय 52 मरीजों का उपचार हल्के लक्षणों के साथ चल रहा है, जबकि 16 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं। विज्ञप्ति में कहा गया है कि महाराष्ट्र ही नहीं, बल्कि देश के अन्य राज्यों और कई देशों में भी कोरोना वायरस के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। 106 cases of corona registered in Maharashtra and 182 in Kerala, two died in Mumbai

    केरल में 182 मामले दर्ज

    वहीं, केरल में इस मई महीने में अब तक कुल 182 कोरोना के मामले सामने आ चुके हैं। केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीणा जॉर्ज ने बुधवार को बताया कि सबसे ज्यादा मामले कोट्टायम जिले से 57 मामले मिले हैं, जबकि एर्नाकुलम में 34 और तिरुवनंतपुरम में 30 मामले दर्ज किए गए हैं। जॉर्ज ने कहा कि दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों में कोरोना के मामलों में तेजी देखी जा रही है, इसलिए केरल में भी मामलों में बढ़ोतरी हो सकती है। इसलिए लोगों को सतर्क रहना चाहिए। उन्होंने बताया कि इन देशों में ओमिक्रॉन JN.1, LF.7 और NB 1.8 वैरिएंट फैल रहे हैं। ये सभी सिमटम्स जल्दी फैल सकते हैं, लेकिन बीमारी उतनी गंभीर नहीं है। 106 cases of corona registered in Maharashtra and 182 in Kerala, two died in Mumbai

    स्वास्थ्य मंत्री ने दिए निर्देश

    उन्होंने कहा कि जिन लोगों को जुकाम, गले में खराश, खांसी या सांस लेने में दिक्कत हो, उन्हें मास्क पहनना चाहिए। मंत्री ने यह भी कहा, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोग सार्वजनिक स्थानों पर और सफर के दौरान मास्क पहनें। अस्पतालों में मास्क पहनना अनिवार्य है। स्वास्थ्यकर्मियों को भी मास्क पहनना जरूरी है। राज्य के सभी अस्पतालों में कोरोना के लक्षण वाले मरीजों के परीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही आरटीपीसीआर किट और अन्य सुरक्षा उपकरण उपलब्ध रखने के आदेश भी दिए गए हैं। मंत्री ने यह भी कहा कि आने वाले बरसात के मौसम को देखते हुए लोगों को डेंगू, लेप्टोस्पायरोसिस (चूहों से फैलने वाला बुखार) और पानी से फैलने वाली बीमारियों से भी सावधान रहना चाहिए। 106 cases of corona registered in Maharashtra and 182 in Kerala, two died in Mumbai

  • वक्फ संशोधन विधेयक में क्या है सेक्शन 40, जिसे खत्म करने का किया ऐलान

    वक्फ संशोधन विधेयक में क्या है सेक्शन 40, जिसे खत्म करने का किया ऐलान

    लोकसभा में केंद्रीय मंत्री वक्फ एक्ट के सेक्शन 40 खत्म करने का ऐलान कर दिया है। वक्फ बोर्ड अधिनियम 40 के तहत वक्त बोर्ड को वक्फ संपत्तियों के फैसले का अधिकार दिया गया था। लेकिन अब इसे हटाने का प्रस्ताव किया गया है, जिससे बोर्ड की स्वतंत्रता पर सवाल उठ रहे हैं। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    Waqf Amendment Bill 2024: 2 अप्रैल को लोकसभा में पेश किए गए ‘वक्फ संशोधन बिल 2024’ में सबसे बड़ा बदलाव है सेक्शन 40 को खत्म करना। ये सेक्शन ही इस बोर्ड को किसी भी भूमि को वक्फ संपत्ति में बदलने की अनुमति देता था। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को संसद में एक बहस के दौरान इसे वक्फ अधिनियम का सबसे कठोर प्रावधान बताया था। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    रिजिजू ने चर्चा के दौरान कहा कि, ‘अधिनियम में सबसे कठोर प्रावधान सेक्शव 40 है, जिसके तहत वक्फ बोर्ड किसी भी जमीन को वक्फ संपत्ति घोषित कर सकता था, लेकिन संशोधन के तहत हमने उस प्रावधान को हटा दिया है।” ऐसे में, दूसरी तरफ सवाल उठता है कि आखिर ये सेक्शन 40 है क्या? और इसे हटाने के बाद किस तरीके के बदलाव आ सकते हैं? (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    वक्फ कानून अधिनियम 40

    वक्फ कानून का अधिनियम 40 वक्फ संपत्तियों के बारे में फैसला करने से जुड़ा हुआ है। इसका मतलब है कि अगर किसी संपत्ति के बारे में यह सवाल उठता है कि क्या वह संपत्ति वक्फ है या नहीं ? तो वक्फ बोर्ड इस सवाल का फैसला खुद कर सकता था। इस फैसले को चुनौती देने का अधिकार किसी के भी पास नहीं था। अगर किसी को आपत्ति होती भी थी तो वह, वक्फ ट्रिब्यूनल में अपील कर सकता था। जिसपर फैसले का अधिकार भी वक्फ बोर्ड के ही पास था। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    इस सेक्शन के तहत, अगर वक्फ बोर्ड किसी संपत्ति को वक्फ संपत्ति मानता है, तो उसका यह फैसला अंतिम होता है। इसका मतलब है कि सरकार या कोई और संस्थान इस फैसले में हस्तक्षेप नहीं कर सकता। अगर किसी को बोर्ड के फैसले से आपत्ति होती, तो वह वक्फ ट्रिब्यूनल में अपील कर सकता था। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    यह सेक्शन वक्फ बोर्ड को एक तरह से स्वतंत्रता देता था कि वह बिना किसी बाहरी दबाव के यह तय कर सके कि कोई संपत्ति वक्फ बोर्ड की संपत्ति है या नही? साथ ही, अगर कोई अन्य ट्रस्ट या सोसाइटी की संपत्ति को वक्फ संपत्ति के रूप में पंजीकरण कराने की आवश्यकता होती, तो बोर्ड उसे ऐसा करने का निर्देश दे सकता था। अब, वक्फ संशोधन बिल में इस सेक्शन को हटाने के प्रस्ताव से वक्फ बोर्ड की ताकत और स्वतंत्रता पर सवाल उठने लगे हैं। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    सरकारी हस्तक्षेप नहीं

    सेक्शन 40 के तहत, बोर्ड के फैसले पर सरकार या किसी अन्य सरकारी संस्थान का कोई सीधा हस्तक्षेप नहीं होता था। इसका मतलब है कि वक्फ संपत्तियों के मामलों में बोर्ड का फैसला ही सर्वोपरि होता था। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    इस सेक्शन के तहत अगर कोई संपत्ति किसी अन्य ट्रस्ट या सोसाइटी के तहत पंजीकृत होती, लेकिन वक्फ बोर्ड को लगता कि वह संपत्ति वक्फ संपत्ति हो सकती है, तो बोर्ड उसकी जांच कर सकता था। अगर बोर्ड ने यह फैसला लिया कि वह संपत्ति वक्फ संपत्ति है, तो उस ट्रस्ट या सोसाइटी को उसे वक्फ एक्ट के तहत पंजीकरण करने के लिए कहा जाता था। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    सेक्शन 40 को लागू नहीं किया जाएगा

    वक्फ (संशोधन) बिल 2025 में इस सेक्शन को हटा दिया गया है। इस बदलाव को लेकर केंद्रीय मंत्री ने संसद में ऐलान किया कि सेक्शन 40 को अब लागू नहीं किया जाएगा। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    इस बदलाव के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद कालन बैनर्जी ने संसद में कहा कि अगर सेक्शन 40 को हटा दिया गया, तो वक्फ बोर्ड महज एक ‘गुड़िया’ बनकर रह जाएगा, जिसकी कोई ताकत नहीं होगी। उनका कहना था कि अगर इस सेक्शन को हटा दिया जाता है, तो वक्फ बोर्ड को बनाए रखने का कोई मतलब नहीं है और इसकी शक्तियां सीधे तौर पर मंत्री को दे दी जानी चाहिए। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    केंद्र सरकार का तर्क

    केंद्र सरकार का कहना है कि इस बदलाव से वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता और प्रभावशीलता आएगी। उनका मानना है कि अब वक्फ संपत्तियों के मामलों में कोई भ्रम नहीं होगा और यह प्रक्रिया ज्यादा सरल और सुचारू होगी। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    वक्फ कानून मे संशोधन का असर

    विपक्ष का कहना है कि इस बदलाव से वक्फ बोर्ड की स्वायत्तता खत्म हो जाएगी और सरकार को वक्फ संपत्तियों के मामलों में ज्यादा नियंत्रण मिलेगा। वहीं, सरकार का कहना है कि यह बदलाव वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन को और बेहतर बनाएगा। अब यह देखना होगा कि इस बिल को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं और इसका वक्फ बोर्ड पर क्या प्रभाव पड़ेगा। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

  • दूसरे धर्म में शादी करना गलत नही.. “लव जिहाद”- मुख्यमंत्री देंवेद्र फडणवीस

    दूसरे धर्म में शादी करना गलत नही.. “लव जिहाद”- मुख्यमंत्री देंवेद्र फडणवीस

    महाराष्ट्र सरकार लव जिहाद के खिलाफ कानून लाने की तैयारी कर रही है, मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी दूसरे धर्म में शादी करना गलत नहीं है। वहीं मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा सरकारों को हिंदू मुस्लिम की राजनीति से  ऊपर उठकर राज्य के विकास और तरक्की के लिए काम करना चाहिए। जबकि लव जिहाद कानून का हवाला देते हुए पक्षपात किया जाता है। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)

    मुम्बई: महाराष्ट्र सरकार के ‘लव जिहाद’ कानून बनाए जाने के खिलाफ कई तरह के बयान सामने आ रहे हैं। सरकार ‘लव जिहाद’ के खिलाफ कानून बनने की तैयारी कर रही है। महाराष्ट्र राज्य पुलिस महानिदेशक (DGP) के नेतृत्व में राज्य सरकार ने लव जिहाद को लेकर एक कमेटी का गठन किया है। वहीं विरोध के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि किसी दूसरे धर्म में शादी करना गलत नहीं है, लेकिन धोखाधड़ी और झूठी पहचान के जरिए की होने वाले अत्याचार के खिलाफ कदम उठाए जाने की जरूरत है। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)

    धोखे से शादी

    सीएम फडणवीस ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट और केरल हाई कोर्ट ने ‘लव जिहाद’ की हकीकत के बारे में टिप्पणी की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हकीकत है कि महाराष्ट्र में धोखे से शादी करने और फिर बच्चे पैदा होने पर छोड़ देने की घटनाएं बढ़ रही हैं। इन घटनाओं का असर न केवल उस परिवार पर पड़ता हैं, बल्कि समाज पर भी इसका गहरा असर होता है। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)

    सांप्रदायिक सोच

    उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी दूसरे धर्म में शादी करने पर कुछ भी गलत नहीं है। ये सब नॉर्मल है, लेकिन अगर पहचान बदलकर या छिपाकर इस तरह की शादी की जाती है, तो ये गंभीर मामला है। समय रहते इन पर अंकुश लगाने की जरूरत है। वहीं उत्तर प्रदेश के बरेली से ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार द्वारा लव जिहाद को लेकर कानून बनाने की तैयारी सांप्रदायिक सोच को जाहिर करता है। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)

    पक्षपात का आरोप

    मौलाना ने कहा कि हम इस बात को पहले से ही कहते आए हैं कि इस्लाम अपने अनुयायियों को पहचान छुपाने की इजाजत नहीं देता। साथ ही पूरे भारत में कोई भी मुस्लिम संस्था नहीं है जो धर्मांतरण का कार्य करती हो। जबकि कुछ दिनों से ये देखा जा रहा है कि मुस्लिम लड़कियां हिंदू बन रही हैं, अगर उस लड़की के माता-पिता शिकायत करते हैं तो उनकी शिकायत नहीं सुनी जाती। अगर दूसरे संप्रदाय के लोग इस तरह की शिकायत करते हैं तो तत्काल कार्रवाई होती है। जबकि होना ये चाहिए कि निष्पक्ष और इंसाफ पर आधारित कार्रवाई हो। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)

    हिंदू मुस्लिम की राजनीति

    मौलाना ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार लव जिहाद पर कानून बनाकर बहुसंख्यक का भला नहीं कर सकती। इस तरह के कानूनों से समाज पर कोई अच्छा असर नहीं पड़ता। सरकार फिरकापरस्ती को बढ़ावा देना चाहती है। सरकारों को हिंदू मुस्लिम की राजनीति से  ऊपर उठकर राज्य के विकास और तरक्की के लिए काम करना चाहिए। इस तरह के कानून की वो लोग बात करते हैं, जिनकी सोच बहुत छोटी है और वो विकास के बजाय हिंदू मुसलमानों को आपस में टकराव की तरफ ले जाने की बात करते हैं। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)

    प्रदेश का भला कैसे होगा ?

    मौलाना ने आगे कहा कि महाराष्ट्र सरकार इन मुद्दों को छोड़कर राज्य के विकास पर ध्यान दें। गरीब और कमजोर जनता को अपने पैरों पर खड़े करने के लिए योजनाएं बनाए। राज्य के बच्चों को 100 फीसद शिक्षा देने की स्कीम चलाएं। इससे प्रदेश का भला होगा। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)

    शिकायतों का हवाला

    महाराष्ट्र में धर्मांतरण की शिकायतों के बाद देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में इसके खिलाफ कानून बनाने का वादा किया था। अब राज्य सरकार ने पुलिस महानिदेशक की अध्यक्षता में एक विशेष समिति गठित की है। इस समिति के सदस्य महिला एवं बाल कल्याण विभाग के सचिव, अल्पसंख्यक विकास विभाग के सचिव, विधि एवं न्याय विभाग के सचिव, सामाजिक न्याय एवं विशेष सहायता विभाग के सचिव, गृह विभाग के सचिव तथा गृह विभाग (विधि) के सचिव होंगे। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)

    यह समिति राज्य की वर्तमान स्थिति का अध्ययन करेगी, लव जिहाद तथा छल-कपट व बलपूर्वक किए जाने वाले धर्मांतरण के समाधान पर सुझाव देगी। इसके अलावा अन्य राज्यों में जारी इस कानून का अध्ययन भी करेगी। समिति कानून का मसौदा भी तैयार करेगी तथा कानूनी मामलों का अध्ययन भी करेगी। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)

    देश के 9 राज्यों में लव जिहाद के खिलाफ कानून

    उत्तर प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, झारखंड, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ जैसे बीजेपी शासित राज्यों में इस प्रकार के कानून मौजूद हैं। तमिलनाडु में 2002 में इस कानून को रद्द कर दिया गया था। मध्य प्रदेश में जबरन धर्म परिवर्तन कराने पर एक से पांच साल तक कैद की सजा और 25 हजार रुपए के जुर्माने की सजा। हिमाचल और उत्तराखंड में 5 साल तक कैद की सजा का प्रावधान है। SC-ST और नाबालिग के मामले में ये सजा 7 साल की है। उत्तर प्रदेश में जबरन धर्म परिवर्तन करने पर 10 साल तक की सजा का प्रावधान है। गुजरात में लव जिहाद कानून के तहत 5 साल की सजा और अधिकतम 5 लाख रुपए के जुर्माने का प्रावधान है। जबकि राजस्थान में इस कानून से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)

  • chennaiyin vs hyderabad- When You’re On That Field, You Should Have 11 Captains

    chennaiyin vs hyderabad- When You’re On That Field, You Should Have 11 Captains

    Owen Coyle urges Chennaiyin FC to be more vocal before their home match against Hyderabad FC, saying, “When you’re on that field, you should have eleven captains.” Coyle described how awful a loss tastes and admitted that every team would go through a stretch of games that would prove difficult. But he encouraged his men to break out of their rut and make its supporters happy.

    Ahead of Chennaiyin FC’s home match against Hyderabad FC, which is scheduled for Wednesday in the 2024–25 Indian Super League season at the Jawaharlal Nehru Stadium in Chennai, manager Owen Coyle expressed how heartbreaking it is to give up a loss and reiterated that he would like his players to speak more on the field.

    12 points from 11 games

    With 12 points from 11 games, CFC is currently ranked ninth in the ISL standings, but a victory over the visiting HFC might propel them into the playoffs.

    Up till this point in the season, Chennai has recorded three victories, five losses, and a number of ties; however, they have failed to win at home this year. Despite Coyle’s best efforts to get his team out of their current slump, CFC has also lost their last three games.

    current season at Gachibowli Stadium

    The two-time ISL champions CFC and Hyderabad drew in their previous meeting during the current season at Telangana’s Gachibowli Stadium.

    Coyle said his team played well before giving up the first goal against East Bengal FC in their last match, ahead of the rematch at the Marina Arena.

    He highlighted how awful a loss tasted and admitted that every team will go through a stretch of games that would be difficult. But he encouraged his men to break out of their rut and make its supporters happy.

    “We performed admirably up to the East Bengal goal. We had five excellent opportunities that we could have taken advantage of,” Coyle remarked.

    runs during times

    “You will always have runs during times when you have lost games. It’s not pleasant. It’s a terrible sensation,” the British person went on.

    We are the only ones who can go to that pitch, score our goals, take our chances, win the game, and make the people happy, he continued. “Nobody hurts more than us, but we are the ones who can change it.”

    To put it more broadly, I would suggest that the team as a whole should speak up more. Even though Ryan Edwards is the captain, there should be eleven captains on the field. Eleven leaders are required,” Coyle continued.

  • महाविकास अघाडी का हुआ विधानसभा में शपथग्रहण

    महाविकास अघाडी का हुआ विधानसभा में शपथग्रहण

    महाराष्ट्र विधानसभा में महाविकास अघाडी गठबंधन के विधायकों ने शपथग्रहण किया, जिसके दौरान शिंदे ने तीखी टिप्पणी करते हुए सवाल किया कि क्या ईवीएम घोटाला खत्म हो गया है। (Mahavikas Aghadi took oath in the assembly)

    नितिन तोरस्कर (मंत्रालय प्रतिनिधि)
    मुंबई– महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद प्रकाश में आये नतीजों ने महाविकास अघाडी गठबंधन में हलचल मचा दिया है। इसको लेकर गठबंधन के नेताओं ने ईवीएम मशीन में भाजपा द्वारा हेरफेरी किये जाने का आरोप लगा रहे हैं। जबकि इसी मुद्दे को लेकर कल शनिवार विधानसभा सत्र के पहले दिन एमवीए विधायकों ने शपथ लेने से इनकार कर दिया।लेकिन आज रविवार को उन्होंने शपथ ले ली। (Mahavikas Aghadi took oath in the assembly)

    विधानसभा में महाविकास अघाडी गठबंधन के विधायकों द्वारा शपथग्रहण के मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान में राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने तंज कसा। कहा, कि “क्या आज ईवीएम घोटाला खत्म हो गया है?” उन्होंने यह भी कहा, कि “जब विपक्ष को जीत मिलती है, तब ईवीएम सही होती है। जब हार गये, तो दोष दिया जा रहे है। क्या? वायनाड से प्रियंका गांधी को जीत मिली और झारखंड में इंडिया गठबंधन जीता तब ईवीएम सही था।” (Mahavikas Aghadi took oath in the assembly)

    जीत गए तो ईवीएम अच्छी होती है..

    उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने लोकसभा चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा, “हमारी महायुति को सिर्फ 17 सीटें मिली थीं तब ईवीएम खराब नहीं था।” वही विपक्ष को एकनाथ शिंदे ने सवाल करते हुए पूछा, “हमारी हार पर क्या उस वक्त हमने ईवीएम को दोष दिया था?” वहीं सलाह देते हुए उन्होंने कहा, कि “विपक्ष को महाराष्ट्र की जनता का जनादेश स्वीकार करना चाहिए। महायुति सरकार ने 2.5 साल में बहुत काम किया है। बहुत सारी योजनाएं लागू की है। जिसका नतीजा हमारी जीत के रूप में सामने आया है। (Mahavikas Aghadi took oath in the assembly)

    झारखंड और केरल में कैसे जीत गए?

    देश में बाकी चुनावी नतीजों पर प्रकाश डालते हुए एकनाथ शिंदे ने कहा, कि “हाल ही में झारखंड में और केरल के वायनाड में चुनाव हुए। जहां भी इनकी जीत हुई हैं, ईवीएम अच्छी होती है। तो फिर महाराष्ट्र के नतीजों पर इन्हें आपत्ति क्यों है?” उन्होंने लोकसभा चुनावी नतीजों पर कहा, कि “महायुति गठबंधन को 43.55 प्रतिशत वोट मिले और महाविकास अघाड़ी गठबंधन को 43.71 प्रतिशत वोट मिले। बस कुछ अंकों का अंतर रहा, लेकिन हमें 17 सीट और उन्हें 31 सीटें मिलीं। तब उन्होंने ईवीएम घोटाले का मुद्दा नहीं उठाया?” बता दें कि कल शनिवार को महाराष्ट्र विधानसभा सत्र के दौरान काफी हंगामा रहा, महाविकास अघाडी गठबंधन के विधायकों ने ईवीएम घोटाले का हवाला देते हुए शपथग्रहण करने से इनकार कर दिया, लेकिन आज रविवार को उन्होंने शपथ ले ली। (Mahavikas Aghadi took oath in the assembly)