Category: Civic Issues

  • Maharashtra: उद्धव ठाकरे को और एक झटका

    Maharashtra: उद्धव ठाकरे को और एक झटका

    पूर्व शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के नेता रवींद्र वायकर शिंदे की सेना में शामिल। वायकर चार बार बीएमसी स्थायी समिति के अध्यक्ष और मुंबई के जोगेश्वरी क्षेत्र से तीन बार विधायक रहे हैं।

    नितिन तोरस्कर (मंत्रालय प्रतिनिधि)
    मुंबई-
    उद्धव ठाकरे गुट के कद्दावर नेता और ठाकरे परिवार के करीबी रवींद्र वायकर रविवार रात एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो गए हैं। वर्षा बंगले में वायकर को एकनाथ शिंदे ने अपनी पार्टी में शामिल किया। वायकर चार बार बीएमसी स्थायी समिति के अध्यक्ष और मुंबई के जोगेश्वरी क्षेत्र से तीन बार विधायक रहे हैं।

    मीडिया से बात करते हुए वायकर ने कहा, वह 1974 से बाला साहेब ठाकरे के साथ हैं। “मैं पार्टी और सरकार में कई महत्वपूर्ण पदों पर था।” यूबीटी शिवसेना छोड़ने की वजह पर बात करते हुए वायकर ने कहा, ”आरे कॉलोनी की 45 किलोमीटर सड़कों के निर्माण जैसे कई काम लंबित हैं। मुझे उन सड़कों के निर्माण के लिए कम से कम 173 करोड़ रुपये की जरूरत है। इसके अलावा मेरे विधानसभा क्षेत्र के सर्वोदय नगर में कई जर्जर इमारतें हैं। उन इमारतों का पुनर्विकास करना होगा और सरकार से बाहर रहते हुए ऐसे काम नहीं हो सकते।”

    वायकर ने कहा, “मैंने देश में पीएम नरेंद्र मोदी और महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे जी द्वारा किए गए बेहद अच्छे काम को देखा है। इसलिए, मैं एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हो रहा हूं।”

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    सीएम एकनाथ शिंदे ने भी उनका स्वागत किया और कहा, “अन्य नेताओं की तरह वायकर भी महाराष्ट्र में महायुति सरकार और केंद्रीय स्तर पर मोदीजी द्वारा किए गए विकास कार्यों से प्रभावित हैं। शिवसेना में लगातार इजाफ़ा हो रहा है।”

    उद्धव ठाकरे,

    विपक्ष का दावा ..

    हालांकि, विपक्षी नेता विजय वेडट्टिवार ने कहा, “मुझे नहीं लगता कि रवींद्र वायकर एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के साथ जा रहे हैं। उन्हें ईडी और आयकर जैसी एजेंसियों ने परेशान किया था। जब उन्होंने हमसे बात की तो वह भावुक थे। उन पर दबाव है।” इसलिए वह एकनाथ वाली शिवसेना में शामिल हो रहे हैं।”

    उद्धव ठाकरे ने क्या कहा ?

    गोरेगांव में रैली को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा, “अगर कोई सोच रहा है, कि यूबीटी सेना के विधायक चुराने के बाद पार्टी पर असर पड़ेगा तो मैंने आपको स्पष्ट कर दिया है, कि इससे मेरी पार्टी पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। मेरी रैलियों में बड़ी संख्या में लोग शामिल हो रहे हैं। बड़ी हस्तियां पार्टी छोड़ दी है लेकिन जिन लोगों ने उन्हें बड़ा बनाया वे अब भी मेरे साथ हैं।”

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    मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा उसके पीछे थी। भाजपा नेता किरीट सोमैया ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, कि वायकर ने जोगेश्वरी इलाके में बगीचे के लिए आरक्षित भूमि पर कब्जा कर लिया है।

  • उद्धव की घोषणा पर भड़के कांग्रेस नेता संजय निरुपम

    उद्धव की घोषणा पर भड़के कांग्रेस नेता संजय निरुपम

    चुनावी टिकट के बंटवारे पर भड़के संजय निरुपम। कहा, कांग्रेस को नीचा दिखाने के लिए ऐसी हरकत जानबूझकर की जा रही है।

    नितिन तोरस्कर (मंत्रालय प्रतिनिधि)
    मुंबई
    – महाराष्ट्र में महाविकास आघाड़ी में सब कुछ ठीक नहीं है। दरअसल शिवसेना (UBT) ने मुंबई की उत्तर-पश्चिम लोकसभा सीट से पार्टी उम्मीदवार के तौर पर शनिवार को अमोल कीर्तिकर का नाम घोषित किया है। इसको लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता संजय निरुपम भड़क गए। कहा, कि कांग्रेस को नीचा दिखाने के लिए जानबूझकर ऐसी हरकत की जा रही है।

    संजय निरुपम ने शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे द्वारा अमोल कीर्तिकर को उम्मीदवार घोषित किए जाने पर सवाल खड़ा कर दिया है। संजय निरुपम ने कहा, कि शिवसेना (UBT) ने उत्तर पश्चिम सीट से उम्मीदवार घोषित कर दिया, जबकि अभी तक सीट बटवारे पर फैसला नहीं हुआ है। संजय निरुपम ने कहा, कि 8 से 9 सीटें पेंडिंग है और उसमें से एक उत्तर पश्चिम की सीट भी है। उद्धव ठाकरे गठबंधन धर्म का उल्लंघन कल रहे है।

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    कांग्रेसी नेता संजय निरुपम ने उद्धव ठाकरे के उम्मीदवार पर कई आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा, कि ‘कांग्रेस को नीचा दिखाने के लिए ऐसी हरकत जानबूझकर की जा रही है। उद्धव ठाकरे ने जिस उम्मीदवार का नाम प्रस्तावित किया है वह कौन है? वह खिचड़ी स्कैम का घोटालेबाज है। उसने खिचड़ी सप्लायर से बैंक चेक के जरिये रिश्वत ली है।’

    कांग्रेस,
    उत्तर पश्चिम एकनाथ शिंदे के सांसद गजानन कार्तिक एवं उद्धव ठाकरे के साथ अमोल कार्तिक की फाइल तस्वीर

    संजय निरुपम ने कहा, ‘कोविड के समय प्रवासी मजदूरों को बीएमसी की तरफ से मुफ्त भोजन उपलब्ध कराया गया था। यह एक सराहनीय कार्य था लेकिन गरीबों के खाने में से शिवसेना के उम्मीदवार ने कमीशन खाया है और ईडी मामले की जांच कर रही है। क्या ऐसे घोटालेबाज उम्मीदवार के लिए कांग्रेस और शिवसेना के कार्यकर्ता प्रचार करेंगे? दोनों पार्टी के नेतृत्व से मेरा यह सवाल है।’

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    अमोल कीर्तिकर के पिता गजानन कीर्तिकर हैं सांसद

    आप जानकारी देते हुए बता दें, कि उत्तर पश्चिम लोकसभा सीट से अमोल कीर्तिकर के पिता गजानन कीर्तिकर इस वक्त के मौजूदा सांसद हैं। गजानन कीर्तिकर उद्धव ठाकरे की शिवसेना से संसदीय चुनाव जितने के बाद पार्टी से बगावत कर शिंदे गुट मे पाला बदल लिया है। कार्तिक इस वक्त महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे वाली शिवसेना में हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी की ओर से संजय निरुपम ने उत्तर पश्चिम लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था और यहां उन्हें हार का सामना करना पड़ा। शिवसेना उम्मीदवार गजानन कीर्तिकर ने संजय निरुपम को 2 लाख 60 हज़ार से भी अधिक वोटों से हराया था।

  • कांग्रेस विधायक वर्षा गायकवाड़ समेत 16 पदाधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज

    कांग्रेस विधायक वर्षा गायकवाड़ समेत 16 पदाधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज

    बिना इजाज़त सफाईकर्मियों के साथ मनपा (BMC) मुख्यालय के बाहर कांग्रेस और एनसीपी द्वारा निकाले गए मोर्चा के मामले विधायक वर्षा गायकवाड़ समेत 16 पदाधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज।

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    सफाईकर्मियों के साथ मनपा (BMC) मुख्यालय के बाहर कांग्रेस और एनसीपी द्वारा निकाले गए मोर्चा के मामले में आजाद मैदान पुलिस ने विधायक एवं पूर्व शिक्षा मंत्री वर्षा गायकवाड़ समेत 16 पदाधिकारियों और 60 से 70 प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि बिना अनुमति के मोर्चा निकालने का मामला दर्ज किया गया है। (Mumbai case filed against Varsha Gaikwad)

    मुंबई की विशेष मलिन बस्तियों में स्वच्छता के लिए ठेकेदारी प्रथा अपनाई जा रही है। ठेका प्रथा से दैनिक मजदूरों के सामने भुखमरी की नौबत आ जायेगी है। इसलिए सफाई कर्मचारी संगठनों ने बुधवार को बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन कर मांग किया, कि मनपा (BMC) प्रशासन 1200 करोड़ रुपये के टेंडर रद्द करें। इस आंदोलन में कांग्रेस, एनसीपी (शरद पवार ग्रुप), आप, कम्युनिस्ट पार्टी और इंडिया गठबंधन की सहयोगी पार्टियों ने हिस्सा लिया। (Mumbai Congress Party Varsha Gaikwad News)

    इस आंदोलन की पृष्ठभूमि में बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) मुख्यालय के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। मनपा मुख्यालय और सामने की सड़कों को बैरिकेड्स लगाकर बंद कर दिया गया था। प्रदर्शनकारियों ने इस सड़क को जाम कर मुख्यालय में घुसने की कोशिश की। लेकिन पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने मनपा कमिश्नर इकबाल सिंह चहल से मिलने की कोशिश की। (Mumbai Congress Party Varsha Gaikwad News)

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    मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष वर्षा गायकवाड़..

    पुलिस बल ने उन्हें मुख्यालय जाने से रोक दिया। पुलिस सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर आजाद मैदान थाने ले गई। आज़ाद मैदान पुलिस ने मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष वर्षा गायकवाड़ के साथ प्रकाश रेड्डी और 15 अन्य पदाधिकारियों के साथ-साथ 60 से 70 प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया। अधिकारी ने बताया, कि बिना इजाजत मोर्चा निकालने और आदेश का उल्लंघन करने का के लिए भारतीय दंड संहिता सहित मुंबई पुलिस की धारा 143, 145, 149 के साथ 188 के तहत मामला दर्ज किया गया है। (Mumbai Congress Party Varsha Gaikwad News)

    कांग्रेस,

    मंत्रालय के सामने किया सड़क जाम ..

    युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा बुधवार को मंत्रालय के यहां सड़क जाम कर दिया था। उस मामले में मरीन ड्राइव पुलिस ने यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कुणाल राउत और 17 कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इलेक्ट्रो बांड के संबंध में सुप्रीम कोर्ट द्वारा मांगी गई सूची एसबीआई द्वारा अब तक नहीं दिए जाने के विरोध में युवा कांग्रेस ने बुधवार को मंत्रालय के पास सड़क रोककर प्रदर्शन किया था। उस वक्त सभी अधिकारियों को हिरासत में लेकर पुलिस स्टेशन ले जाया गया। इन सभी को नोटिस देकर रिहा कर दिया गया। (Mumbai Congress Party Varsha Gaikwad News)

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  • मालाड़ मे अवैध निर्माण के लिए झाड़ियां और वृक्षों की निर्मम हत्या।

    मालाड़ मे अवैध निर्माण के लिए झाड़ियां और वृक्षों की निर्मम हत्या।

    मालाड़ मनपा पी/उत्तर विभाग अंतर्गत अवैध निर्माण कार्य को अंजाम देने के लिए किटी इसोबिस हेडिक्स, डेरीस इसोबिस हेडिक्स, नोएल और जीन इसोबिस द्वारा पूराने जीवित झाड़ियां और वृक्षों की निर्मम हत्या की जा रही है।

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    मालाड़ मनपा पी/उत्तर विभाग अंतर्गत अवैध निर्माण कार्य को अंजाम देने के लिए पूराने जीवित झाड़ियां और वृक्षों की निर्मम हत्या की जा रही है। इस पर मनपा पी/उत्तर विभाग उद्यान विभाग के सहायक अधीक्षक (Assistant superintendent of Garden department) कछुआ कार्यवाही के नाम पर चुप्पी साध ली है। यहां लगभग 33 गुन्ठा खेती की नॉन डेवलपमेंट जोन वाली जमीन पर अवैध भर्नी को लेकर मनपा पी/उत्तर विभाग के घन-कचरा विभाग ने नोटिस जारी किया है। इसी समय अवैध भर्नी माफिया राजेश चौरसिया के खिलाफ मनपा कानून एमआरटीपी (MRTP) के तहत नोटिस जारी किया गया है। (Ruthless killing of bushes and trees for illegal construction in Malad)

    झाड़ियां और वृक्षों की निर्मम हत्या..

    मालाड़ पश्चिम, मार्वे रोड़, कल्पना पार्क के बाजू में कमल तलाव के पीछे सर्वे कंमाक 66/13 भाग सीटीएस. क्रमांक 2248 पार्ट, सर्वे नं 64/1 पार्ट सीटीएस क्रमांक 2249 पार्ट सर्वे क्रमांक 6473 सीटीएस नं 2251 सर्वे क्रमांक 64/4 सीटीएस नं 2497 सर्वे नं 64/2 सीटीएस नं 2250 पार्ट मौजे मालवणी गांव तालुका बरीवली, मार्वे रोड , मालवणी, मालाड़ पश्चिम, मंबई -95 कुल मिलाकर 3069 स्केवर मिटर के एरिया में यानी लगभग 33 गुन्ठा खेती की नॉन डेवलपमेंट जोन वाली जमीन में अवैध निर्माण कर लोगों को यहां फंसाने का प्लान बनाया जा रहा है। इसके लिए यहां वृक्षों की निर्मम हत्या की जा रही है। (Ruthless killing of bushes and trees for illegal construction in Malad)

    हालांकि पैसों के बल पर यहां अवैध निर्माण के जरिये गाले और रूम बनाकर यहां के जमीन माफिया लोगों को बेचने में कामयाब भी हो जाएंगे। लेकिन मनपा के उच्च अधिकारियों से शिकायत होने पर, वही भ्रष्ट मनपा अधिकारियों द्वारा तोड़क कार्रवाई कर अवैध बांधकामों को ज़मिदोस्त कर दिया जाएगा। तब यहां गाले और मकान खरीदने वालों के साथ पैसों की ठगी होने की पूरी संभावना है। ऐसे में यहां अपनी पूंजी लगाने से लोगों को सावधान रहने की जरूरत है। (Ruthless killing of bushes and trees for illegal construction in Malad)

    आम जनता को इस खबर के माध्यम से सावधान रहने की अपील की जा रही है। अंदाजन 33 गुन्ठे की जमीन पर अवैध गालों का निर्माण कर यहां लगों को बेचकर पैसे ठगने का प्लान बनाया जा रहा है। मनपा नियमानुसार कभी भी इन अवैध बनाए जाने वाले गालों पर तोड़क कार्रवाई की जा सकती है। लेकिन पैसों की लालच में मनपा पी/उत्तर विभाग के भ्रष्ट अधिकारियों की सहमति प्राप्त होने की भी जानकारियां प्राप्त हो रही है। मनपा पी/उत्तर विभाग के सहायक आयुक्त (Assistant Commissioner) किरण शिवाजीराव दिघावकर को अपने विभाग के भ्रष्ट अधिकारियों पर ध्यान देने की जरुरत है। जबकि यहां वृक्षों की निर्मम हत्या मामले में पुलिसिया कार्रवाई कर आरोपियों को दंडित किया जाना चाहिए। (Ruthless killing of bushes and trees for illegal construction in Malad)

    https://indian-fasttrack.com/2024/02/23/illegal-business-of-government-land-by-land-mafia-omji-kumawat

    कुछ महीनों पहले जमीन मालिक श्रीमती किटी इसोबिस हेडिक्स, श्री. डेरीस इसोबिस हेडिक्स, श्री नोएल, कमारी जीन इसोबिस इन चारों ने मिलकर मनपा की अनुमति लिए बिना यहा खेती की नॉन डेवलपमेंट जोन की जमीन पर रात दिन ट्रकों के जरिये अवैध भर्नी कर झाड़ियां और वृक्षों को नष्ट कर रहे थे। मनपा पी/उत्तर विभाग के घन-कचरा विभाग के नज़र में आते ही कार्यवाही करते हुए नोटिस जारी किया। लेकिन प्राप्त जानकारी के अनुसार बाद में मनपा अधिकारियों से इनकी पैसों को लेकर सेटिंग हो गई। जिसमें अवैध भर्नी माफिया राजेश चौरसिया के खिलाफ सिर्फ मनपा कानून एमआरटीपी (MRTP) के तहत नोटिस जारी कर ठंडे बक्से में डाल दिया और आगे की पुलिस कार्रवाई अभी तक नहीं की गई। (Ruthless killing of bushes and trees for illegal construction in Malad)

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    जबकि चारों जमीन मालिकों के खिलाफ सरकारी पक्ष की तरफ से पुलिसिया कार्रवाई कर इन चारों को भर्नी माफिया चौरसिया के साथ गिरफ्तार किया जाना चाहिए था। लेकिन कार्रवाई के नाम पर कुछ भी नहीं किया गया। उसी सेटिंग के बल बूते अब बेधड़क रात-दिन यहां पुरानी झाड़ियां और वृक्षों को नष्ट किया जा रहा है। खुले तौर पर मनपा अधिकारियों से यहां अवैध चालियों का निर्माण कर बेचने की मंशा जाहिर कर दी गई है। यहां करोड़ की लेनदेन में अपना हिस्सा पाने के लिए मनपा अधिकारियों ने कार्रवाई नहीं करते हुए चुप्पी साध ली है। लोगों का कहना है, कि मनपा प्रशासन के उच्च अधिकारियों को इन भ्रष्ट अधिकारियों के कारनामों पर दंडित करते हुए पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने के खिलाफ कार्यवाही करनी चाहिए। (Ruthless killing of bushes and trees for illegal construction in Malad)

  • Maratha Reservation : महाराष्ट्र में फिर गर्म हो रहा मराठा आरक्षण का मुद्दा, Manoj Jarange का Mumbai

    Maratha Reservation : महाराष्ट्र में फिर गर्म हो रहा मराठा आरक्षण का मुद्दा, Manoj Jarange का Mumbai

    Maratha Reservation : महाराष्ट्र में फिर गर्म हो रहा मराठा आरक्षण का मुद्दा, मनोज जरांगे का मुंबई तक विरोध मार्च शुरू। यात्रा के दौरान नवी मुंबई में वाहनों पर प्रतिबंध।

    विशेष संवाददाता
    मुंबई
    – महाराष्ट्र में एक बार फिर मराठा आरक्षण का मुद्दा गर्म हो रहा है। महाराष्ट्र के मराठवाड़ा औरंगाबाद के जालना ज़िले से बड़ी संख्या में समर्थकों को लेकर मराठा नेता मनोज जरांगे पाटिल ने मुंबई की तरफ़ कूच की है। हज़ारों की संख्या में लोग हाथों में भगवा झंडे लिए और साथ में छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति लिए हुए पुणे के रांजणगांव तक पहुंचे हैं। इसके बाद मराठा पुणे के जुन्नर से निकले और अब ये सभी लोग आज लोनावाला पहुँचेंगे। मनोज जारँगे पाटिल की अगुवाई में 20 जनवरी को जालना से सरकार के खिलाफ विरोध मोर्चा मैं यह पूरी भीड़ शामिल हजारों की तादाद में लोग मुंबई के रास्ते में निकले हैं । इनके 26 जनवरी तक मुंबई पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि सरकार मराठा आरक्षण के लिए निकले इस जत्थे को मुंबई आने से रोकने की पूरी कोशिश में जुटी है और मराठा नेताओं से लगातार बात कर रही है। सरकार मराठा नेताओं से अनुरोध कर रही है वे मुंबई में प्रदर्शन के लिए ना आएं, इसका जनमानस पर प्रभाव पड़ेगा।

    मराठा आरक्षण की मांग को लेकर मनोज जारांगे का मार्च 25 जनवरी को नवी मुंबई पुलिस कमिश्नर कार्यालय की हद मे आ रहा है। इसको ध्यान मे रखते हुए, 25 जनवरी को दोपहर 12:00 बजे से 26 जनवरी को रात 11:00 बजे तक सभी प्रकार के भारी वाहनों के लिए शहर में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके अलावा मार्च गुजरने वाले, शहर की सभी सड़कों पर वाहनों की पार्किंग पर रोक लगा दी गई है।

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    Maratha Reservation,

    मनोज जरांगे पाटील ने महायुति सरकार द्वारा रखे गए तीन खंड वाले प्रस्ताव (Maratha Reservation) को खारिज कर दिया है। छत्रपति संभाजीनगर संभागीय आयुक्त मधुकरराजे आर्दड और कलेक्टर आस्तिक कुमार पांडेय रांजनगांव गणपति स्थित मोर्चे में ढाई घंटे के प्रतीक्षा के बाद मनोज जरांगे पाटील से मुलाकात की सुबह चार बजे शुरू हुई चर्चा के डेढ़ घंटे तक उनसे मुंबई आने से बचने का आग्रह किया गया। हालाँकि, पाटिल अपनी बात पर अड़े रहे। इस चर्चा में मनोज जारांगे पाटिल ने साफ तौर पर कहा, कि “जिन 54 लाख लोगों का कुनबी रिकॉर्ड मिला है, उन्हें और उनके आश्रितों को भी जाति प्रमाण पत्र दिया जाना चाहिए।” उन्होंने यह भी कहा, कि “सर्वेक्षण कार्य जारी रखें। क्यूरेटिव पिटीशन पर सुनवाई के साथ अदालती लड़ाई जारी रहेगी। लेकिन उससे पहले सरकार हमें आरक्षण दे।”

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    Maratha Reservation: सवा लाख से अधिक गणनाकार मंगलवार से शुरू..

    मराठा आरक्षण पर उच्चतम न्यायालय में महाराष्ट्र सरकार की उपचारात्मक याचिका के समर्थन में राज्यभर में मंगलवार को सवा लाख से अधिक गणनाकारों एवं अधिकारियों की मदद से अनिवार्य सर्वेक्षण शुरू हो गया है। राज्य के राजस्व मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल ने सोमवार को कहा, कि “गणनाकारों को इस प्रक्रिया को त्रुटिहीन रखने का निर्देश दिया गया है और यह प्रक्रिया 31 जनवरी तक चलेगी।” उन्होंने एक बयान में कहा, “अधीक्षकों और अधिकारियों समेत सवा लाख से अधिक गणनाकारों को यह कार्य करने के लिए नियुक्त किया गया है। उनका प्रशिक्षण पूरा हो गया है। राज्य के सभी 36 जिलों, 27 नगर पालिकाओं और सात छावनी बोर्ड में सर्वेक्षण शुरू है जो 31 जनवरी तक चलेगा।”

    महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने रविवार को मराठा आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे मनोज जरांगे से मुंबई की ओर नहीं बढ़ने की अपील की और इस बात पर जोर दिया कि मुद्दे पर राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग काम कर रहा है।

  • कब सुधरेंगे विधायक विनय वर्मा, क्या यही है अपनादल पार्टी की पहचान

    कब सुधरेंगे विधायक विनय वर्मा, क्या यही है अपनादल पार्टी की पहचान

    शोहरतगढ़ को शोहरत की बुलंद उंचाईयों तक लेजाने की इच्छा जाहिर करने वाले अपना दल पार्टी के विधायक हकीकत में अपने समर्थकों को ही चूना लगा रहे हैं।

    वी बी माणिक
    लखनऊ
    – उत्तर प्रदेश, सिद्धार्थनगर जिले के शोहरतगढ़ निर्वाचित अपनादल के विधायक सुधरने को तैयार नही है। योगी आदित्यनाथ की सरकार में जगह हासिल करने के बाद से ही इनके तेवर बदल गए हैं। गरीबों का पैसा चुनाव के समय डकार कर बैठे विनय आज तक देने को तैयार नही है। जिन लोगो ने अपना खून पसीना बहाकर और नगद उधारी के तौर पर पैसे दिए हैं वो त्राहि-त्राहि कर रहे है। एक ग्राम प्रधान का भी करीब पच्चीस लाख लेकर बैठे है।

    योगी आदित्यनाथ की सरकार ..

    समाजवादी पार्टी से हाथ झटक कर भाजपा के सहारे उत्तरप्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार में जगह हासिल करने वाली अपनादल की सुप्रीमो एवं केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल की पार्टी क्या बेईमानो, लुटेरों की पार्टी है? जो गरीबों का खून पीने का काम करती है। बड़ा दुर्भाग्य है ये गरीब पुलिस में शिकायत भी दर्ज नही करवा पा रहे है। विनय वर्मा द्वारा इनको खुली धमकी दी जाती है, कि तुमको जो करते बने कर लो हम पैसा नही देंगे। पत्रकार ने अनुप्रिया पटेल से संपर्क करने का प्रयास किया। उनसे मुलाकात नही हो सका है।

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    योगी आदित्यनाथ,
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ अपना दल पार्टी की मुखिया अनुप्रिया पटेल की तस्वीर

    राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ऐसी पार्टीयो के समर्थन से सरकार चला रहे है। योगी जी घोषणाएं अच्छी-अच्छी कर रहे है पर जो उनकी सरकार में कुछ लुटेरे विधायक बैठे है। उन पर कार्रवाई कब होगी ? कब गरीबो का पैसा मिलेगा ? यही कारण है ठग लुटेरे नेता योगी जी से सहयोग माँगकर चुनाव जीतकर जनता को गुमराह करए है। इससे बड़े शर्म की बात और क्या हो सकता है।

    वैसे भी अपना दल पार्टी का नारा है ‘जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिसदारी’ इसका विधायक विनय वर्मा भरपूर फायदा उठा रहे हैं। लोगों को इनके इरादों को समझने में समय लग गया। नहीं तो धोखा और नुकसान नहीं होता। बता दें कि लोग कहते हैं, कि ये विनय वर्मा अपनी जरूरत के वक़्त हाथ जोड़कर मदद मांग रहे थे। अभी वही उधार के पैसे वापस करने के बजाय सत्ता का रौब झाड़ते हुए धमका रहे हैं। ये राजनीति का गंदा चहरा है। जो इनसे धोखा खाने वालों को देखने को मिल रहा है।

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  • पत्रकारों को संरक्षण कब मिलेगा ?

    पत्रकारों को संरक्षण कब मिलेगा ?

    देश की सरकार पत्रकारों को संरक्षण देने से रही। लेकिन देश के नेताओं ने राजनीति का अपराधीकरण जरूर कर दिया है। कहीं इनके खिलाफ जागरुकता ना फैल जाए, इसी को लेकर पत्रकारों की आवाज कुचली जा रही है।

    वी बी माणिक
    मुंबई
    – भारत सरकार ने पत्रकरो के लिए कानून तो बना दिया है पर उसका अनुपालन कब से होगा? नेता,मंत्री, सरकारी अधिकारी, कर्मचारी, खाकी वर्दी जब धन उगाही करती है तब तो उनको भी संरक्षण प्रदान किया जाता है। इसके अलावा न्यायपालिका में खुलेआम फाइल को इधर-उधर करने के लिए वसूली किया जाता है। तब कहाँ चली जाती है नियम कानून जब इन मामलों की हकीकत देश के सामने उजागर करने वाले पत्रकार वर्ग सुरक्षा पर बात आती तो सांप सूंघ जाता है।

    जनता का हक और सरकारी संरक्षण

    सरकार और नेताओं की तनख्वाह जनता अदा करती है। जिसके फलस्वरूप देश की जनता वास्तविकता की जानकारी रखने की हकदार हैं और इस जनता जनार्दन के हक को अदा करने वाला पत्रकार वर्ग इनसे न सरकार से अपना मेहनताना मांगता है। मीडिया वर्ग को अपने कर्तव्यों को पूरा करने में जानमाल का जोखिम रहता है। ऐसे में पत्रकारों को संरक्षण नहीं मिलना सच्चाई का गला घोटने जैसा ही है। इसमें कोई एक हो तो सुनवाई हो चुकी होती पर पूरा सिस्टम ही भ्रष्टाचार में लिप्त होता जा रहा है।

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    पत्रकार, संरक्षण,
    पत्रकार संरक्षण कानून को लेकर बेसबरी से इंतजार करता मीडिया वर्ग की प्रतिकारात्मक फाइल तस्वीर

    पत्रकारों को संरक्षण ..

    आज देश मे अधिकांश नेता अपराधी है जिनके ऊपर केस चल रहे है और वो खुलेआम छुट्टे सांड की तरह घूम रहे गरीबो की जमीनों पर अपने गुर्गो द्वारा जब्ती, कब्जा कर रहे है। मकानों पर अवैध कब्जा कर रहे है। मामला न्यायालय में दो तीन पीढ़ी तक चलता है। इस पर कोई पत्रकार खबर लिखता है, तो उसको धमकी दिया या आजाती है। पुलिस कुछ नही करती धमकी देने वाले गुंडों का स्वागत लोग भी करते है।

    देश को मिल रही खुली झूठ ..

    आज पत्रकार सबसे कमजोर वर्ग बन गया है। सच्चाई लिखना जुर्म बन गया है। नेताओ का स्वाभिमान पूरी तरह खत्म हो गया है। कुछ पत्रकार तो विधायको, मंत्रियों, सांसदों के पिए और चाटुकार बन गए है। दिन पर दिन पत्रकारिता समाप्ति की ओर बढ़ने लगी है। अब नेता टीवी पर बैठकर सीधा झूठ बोलते हैं।

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    चुनाव आयोग भी गुमराह ..

    इस पर चुनाव आयोग कब संज्ञान लेगा की जिस नेता पर एक भी केस हो उसको चुनाव लड़ने का अधिकार नही होना चाहिए। अगर वो झूठ बोलकर चुनाव लड़ता है, तो उसकी मान्यता रदद् कर देना चाहिए। चुनाव आयोग किन कामों में ग़ुम है। इसका देश की जनता को कोई जानकारी नहीं है। सवाल करने वाले पूछ तो रहें हैं जवाब देना जरूरी नहीं। आने वाला दिन भारत का अंधकार मय दिखाई पड़ रहा है।

  • चुनाव लड़ने के लिए अपने ही समाज से पैसे लेकर अब उन्हीं को धमका रहा है अपनादल का विधायक

    चुनाव लड़ने के लिए अपने ही समाज से पैसे लेकर अब उन्हीं को धमका रहा है अपनादल का विधायक

    अपनादल के विधायक विनय कुमार वर्मा  स्वर्णकार समाज की लुटिया डूबा रहे है और समाज के कथित ठेकेदार वर्मा की जय जय कार कर रहे है।

    वी बी माणिक
    लखनऊ-
    उत्तरप्रदेश के शोहरतगढ़ से अपनादल अनुप्रिया पटेल गुट के विधायक विनय कुमार वर्मा ने अपने स्वर्णकार समाज के कई लोगो से चुनाव लड़ने के नाम पर उधारी के तौर पर लिए गए करोड़ो रूपये का घपला कर दिया है। जिन-जिन लोगो ने पैसा दिया है, वह अपना पैसा मांगते है, तो वर्मा धमकी देकर सीधा कहता है, “मैं पैसा नही दूंगा। जो करते बने कर लो।”

    इसके अलावा चुनाव प्रचार के दौरान अपनादल के वर्मा ने जिससे अपने लिए चार बॉडी गार्ड लिया था। उसका भी लाखों रुपये डकार गया है। उन सभी चारो बॉडी गार्डो का भी पैसा नही दिया है। कुल 4 महीना इक्कीस दिन तक बॉडीगार्डों ने चौबीसों घंटे अपनादल के वर्मा की सुरक्षा में तैनात थे। सभी बॉडीगार्ड अपने मालिक से पैसे के लिए झगड़ा कर रहे है। मालिक ने समाज के ठेकेदारों से इसकी शिकायत किया, कि ऐसे समाज के नेता जो गरीबो का ही खून पीकर विधायक बने है।

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    अपनादल,
    अपना दल का विधायक विनय वर्मा की फाइल तस्वीर

    अपनादल का विधायक ..

    अब सुरक्षा गार्ड कंपनी का मालिक दर-दर भटक कर समाज के ठेकेदारों के सामने गुहार लगा रहा है। ऐसे विधायक को चुल्लूभर पानी मे डूब मरना चाहिए। विनय कुमार वर्मा  स्वर्णकार समाज की लुटिया डूबा रहे है और समाज के कथित ठेकेदार वर्मा की जय जय कार कर रहे है।

    क्या ऐसे लोग समाज के लिए योग्य है? क्या समाज ऐसे लोगो का सामाजिक बहिष्कार करेगा? या ऐसे विधायको का सत्कार करेगा और अवैध कारोबार को बढ़ावा देगा? इस पर समाज को विचार करना है। समाज के अंदर काफी तोश व्याप्त है। लोग अपनादल के विधायक के नाम से डर रहे है। क्या अनुप्रिया पटेल इस विधायक पर कार्रवाई करेंगी या ऐसे विधायको का सत्कार करेंगी? जो लूटपाट, बेईमानी, ठगी में माहिर हो खबर लिखने के बाद क्या कार्रवाई होगी? ये नागरिकों और समाज को जानकारी मिलनी चाहिए सुर सभी गरीबो का पैसा वापस मिलना चाहिए।

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  • सेवानिवृत न्यायाधीश की अध्यक्षता में समिति गठित करने का निर्णय

    सेवानिवृत न्यायाधीश की अध्यक्षता में समिति गठित करने का निर्णय

    • जाति प्रमाणपत्र के लिए राष्ट्रीय दस्तावेज होने जरूरी….!
    • न्यायमूर्ति रिटायर्ड संदीप शिंदे की अध्यक्षता में गठित करने हेतु सरकार ने दी मंजूरी

    सुरेंद्र राय
    मुंबई-
    महाराष्ट्र सरकार ने मराठवाड़ा में मराठा कुनबी समुदाय, कुनबी मराठा समुदाय को जाति प्रमाण पत्र देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसमें कई कागजात साक्ष्य के रूप में मान्य होंगे, निजाम काल के अनिवार्य साक्ष्य, वंशावली, शैक्षिक साक्ष्य, राजस्व साक्ष्य, निजाम काल में किए गए समझौते, निजाम काल के संस्थानों द्वारा दिए गए चार्टर, राष्ट्रीय दस्तावेज होने ज़रूरी होंगे। इसमें निजाम शाही के समय के प्रमाण सरकारी कागजातों में होंगे। सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में समिति गठित करने का निर्णय लिया गया है। (Maratha Arakshan News)

    मिलेगा जाति प्रमाणपत्र ..

    सरकारी निर्णय संख्या MASU -2023/P.No.03/16A दिनांक 07/सितंबर 2023, मैडम कामा मार्ग, हुतात्मा राजगुरू चौक, मंत्रालय,मुंबई के अनुसार महाराष्ट्र सरकार शिक्षा एवम समाज कल्याण विभाग, सरकारी निर्णय दिनांक 13 अक्तूबर 1967, महाराष्ट्र अनुसूचित जाति, जनजाति, विमुक्त जाति, घुमंतू जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, जाति प्रमाणपत्र जारी करने और सत्यापन का विनियमन अधिनियम, महाराष्ट्र सरकार का सामाजिक न्याय, सांस्कृतिक कार्य, खेल और विशेष सहायता विभाग के निर्णय दिनांक 1 जून 2004, महाराष्ट्र सरकार का सामाजिक न्याय ईवीएम विशेष सहायता विभाग दिनांक 1 सितंबर 2012, महाराष्ट्र सरकार के सामाजिक न्याय और विशेष सहायता विभाग की अधिसूचना 5 परिपत्र दिनांक 28 फरवरी 2018, क्रमांक दिनांक 29 मई 2023, पिछड़ावर्ग और विशेष पिछड़ावर्ग जातिप्रमानपत्र जारी और सत्यापन का बिनयनम अधिनियम 2000 के अनुसार किया जाता है। (Maratha Arakshan News)

    जाति प्रमाणपत्र, Maratha Arakshan,
    मराठा आरक्षण पर प्रतिकारात्मक फाइल तस्वीर

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    13 अक्तूबर 1967 निर्णय संख्या 1 के तहत उल्लखित राज्य में अन्य पिछड़ावर्ग की सूचीनुसार (अ) (स) 83 पर कुनबी जाति का उल्लेख है। सरकारी निर्णय 2004 को जारी किया गया, उसके द्वारा मराठा कुनबी के समान कुनबी मराठा को (ए) (न) 83 पर कुनबी जाति के समान जाति के रूप में शामिल किया गया है। यह भी कहा गया, कि सक्षम प्राधिकारी पुराने अभिलेखों साक्ष्यों के आधार पर जांच कर प्रमाणपत्र जारी करने का निर्णय लेना चाहिए। (Maratha Arakshan News)

    समिति गठित करने का निर्णय..

    सरकार की पहल पर न्यायमूर्ति रिटायर्ड संदीप शिंदे की अध्यक्षता में गठित करने के लिए सरकार ने मंजूरी दी है। समिति के अन्य सदस्य मुख्य सचिव राजस्व, प्रधानसचिव विधि एवम न्याय, अतिरिक्त मुख्यसचिव संबंधित जिलों के कलेक्टर, विभागीय आयुक्त औरंगाबाद।
    आवश्यकता पड़ने पर प्रशासनिक विभागो के अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रमुख सचिव को बैठक में आमंत्रित किया जाना चाहिए। (Maratha Arakshan News)

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  • शिवसेना शिंदे गुट पोस्टर विवाद IPC Sec. 353, 332 के तहत कांदिवली पुलिस थाने में FIR दर्ज।

    शिवसेना शिंदे गुट पोस्टर विवाद IPC Sec. 353, 332 के तहत कांदिवली पुलिस थाने में FIR दर्ज।

    अवैध पोस्टरों पर आदेश का पालन करने पर शिंदे के लोगो ने
    बीएमसी अधिकारियों की पिटाई की
    वार्ड के कर्मचारियों में शिंदे समर्थकों की गुंडागर्दी से भय व्याप्त (Maharashtra Cm Eknath Shinde BMC Commissioner Iqbal Singh Chahal Mumbai News)

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    शहर को गंदा करने वाले अनधिकृत राजनीतिक बैनरों और पोस्टरों को हटाने के लिए मुख्यमंत्री (Maharashtra CM) एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) के आदेशों पर अब तक उनकी अपनी ही शिवसेना पार्टी के कार्यकर्ताओं ने ध्यान नहीं दिया है। उन्होंने आक्रोश व्यक्त किया और कथित तौर पर बॄहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) अधिकारियों की पिटाई कर दी है।
    जानकारी के अनुसार कांदिवली पुलिस (kandivali Police) ने शुक्रवार को शिंदे गुट के शाखा 21 के शिव सेना शाखा प्रमुख प्रकाश गिरी के साथ 15-20 कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया है, जिन्होंने एमजी रोड और लिंक रोड के जंक्शन पर अपने राजनीतिक बैनर हटाने का विरोध किया था। बीएमसी कर्मियों को अभद्र भाषा से धमकाया और कथित तौर पर उनके साथ मारपीट भी की थी।

    मुंबई के कांदीवली में शिवसेना का शिंदे गुट

    कांदिवली पुलिस के एक अधिकारी ने पुष्टि की कि प्रकाश गिरि ने ऐसा किया है तथा बताया है कि आईपीसी की धारा 353 (एक लोक सेवक को उसके कर्तव्य को निभाने से रोकने के लिए हमला या आपराधिक बल का उपयोग) और 332 (किसी लोक सेवक को उसके कर्तव्य को निभाने से रोकने के लिए जानबूझकर चोट पहुंचाना) के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले में अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।

    https://indian-fasttrack.com/2023/09/09/mumbai-building-fire-fire-breaks-out-in-andheri-east-building-33-including-2-newborns-rescued
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    शिवसेना, मुंबई, BMC,
    न्यूज़ की प्रतिकारात्मक तस्वीर

    मनपा कर्मचारियों की पिटाई ..

    इस प्रक्रिया में शाखा कर्मियों ने मनपा अधिकारी महेश महापंकर और एक मजदूर हनीफ शेख और अन्य श्रमिकों को बेरहमी से पीटा। संबंधित अधिकारियों ने फिर कांदिवली पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पीआई को अपराध की सूचना दी। आर दक्षिण वार्ड के सहायक आयुक्त ललित तलेकर ने कहा, “नगर निगम प्रमुख के आदेश के अनुसार, लाइसेंस विभाग के हमारे अधिकारियों ने अवैध बैनरों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की थी किंतु पार्टी कार्यकर्ताओं ने कर्मचारियोंओ पर हमला किया। पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई और शिवसेना के शाखा प्रमुख प्रकाश गिरि के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।”

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    मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का आदेश

    बतादें कि 1 सितंबर को शाम 5 बजे आयोजित एक ऑनलाइन बैठक में, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के आदेशों के आधार पर मनपा प्रमुख (Mumbai Commissioner) इकबाल सिंह चहल ने 2 सितंबर को 24 वार्डों के सहायक आयुक्तों को सभी अनधिकृत बैनर और पोस्टर हटाने का निर्देश दिया था। तदनुसार, आर/साउथ वार्ड के सहायक अभियंता और अधिकारियों/कर्मचारियों और वरिष्ठ निरीक्षक (लाइसेंस विभाग) ने 8 सितंबर को दोपहर लगभग 12.15 बजे कांदिवली में एमजी रोड, लिंक रोड जंक्शन पर संयुक्त कार्रवाई की। किंतु शाखाप्रमुख प्रकाश गिरि ने करीब 15-20 कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर उनकी पिटाई शुरू कर दी थी, जिससे वार्ड में शिंदे समर्थकों की गुंडागर्दी से भय व्याप्त हो गया है। हलांकि शिव सेना की प्रवक्ता शीतल म्हात्रे टिप्पणी के लिए उपलब्ध नहीं थीं।