Mumbai hawkers crackdown 2026: Street Vendors Act 2014, BMC action, TVC formation, Bombay High Court orders, illegal Bangladeshi vendors issue, Mumbai street vendors latest news.
मुंबई: शहर में street vendors यानी hawkers पर चल रही कार्रवाई ने पूरे सिस्टम की पोल खोल दी है। एक तरफ Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) “illegal hawkers” हटाने की बात कर रही है, वहीं दूसरी तरफ 12 साल से लंबित Street Vendors Act 2014 का लागू न होना प्रशासनिक फेलियर को साफ दिखाता है। Mayor Ritu Tawde के नेतृत्व में चल रही कार्रवाई ने अब कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
📜 Street Vendors Act 2014: क्या कहता है कानून?
भारत सरकार का Street Vendors (Protection of Livelihood and Regulation of Street Vending) Act, 2014 hawkers को कानूनी मान्यता देता है और उन्हें व्यवस्थित करने के लिए फ्रेमवर्क तय करता है।
इस कानून के अनुसार:
- शहर की कुल आबादी का 2.5% तक hawkers को अनुमति दी जा सकती है
- मुंबई की 2011 की आबादी (~1.2 करोड़) के हिसाब से करीब 3 लाख hawkers वैध हो सकते हैं
- इसके लिए Town Vending Committee (TVC) बनाना अनिवार्य है
TVC में hawkers, BMC अधिकारी, पुलिस, NGO और आम नागरिक शामिल होते हैं।
🏛️ 12 साल तक क्यों नहीं बना TVC?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि 2014 का कानून होने के बावजूद 2024 तक TVC बना ही नहीं।
- BMC के पास survey नहीं था
- survey करने के लिए TVC चाहिए था
- TVC बनाने के लिए survey चाहिए था
यानी पूरा सिस्टम एक “loop” में फंसा हुआ था।
आखिरकार Bombay High Court ने 2024 में हस्तक्षेप किया और BMC को पुराने (2014) डेटा के आधार पर चुनाव कराने का आदेश दिया।
🗳️ TVC चुनाव और विवाद
- 29 अगस्त 2024 को चुनाव हुए
- 32,415 registered hawkers में से 15,085 ने वोट डाला (49.46%)
- लेकिन चुनाव तुरंत विवाद में आ गया
कारण:
- voter list में सिर्फ 32,000 hawkers
- जबकि BMC के मुताबिक 99,435 hawkers eligible थे
कोर्ट ने पहले रिजल्ट रोक दिया, लेकिन 23 मार्च 2026 को जस्टिस कमल खाटा और जस्टिस ए.एस. गडकरी की बेंच ने चुनाव को वैध ठहरा दिया।
कोर्ट ने साफ कहा:
“अब और देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी”
⚖️ कोर्ट का बड़ा आदेश
High Court ने BMC को निर्देश दिया:
- 99,435 hawkers को काम जारी रखने दिया जाए
- TVC बनने के बाद नया survey किया जाए
- कानून को “true spirit” में लागू किया जाए
कोर्ट ने यह भी माना कि:
- फुटपाथ पर अतिक्रमण से लोग सड़क पर चलने को मजबूर हैं
- महिलाओं को खास परेशानी होती है
- public safety खतरे में है
💰 Corruption: असली गेम क्या है?
मुंबई Hawkers Union के अध्यक्ष शशांक राव ने बड़ा आरोप लगाया:
- unlicensed hawkers हर महीने ₹3000 तक रिश्वत देते हैं
- अगर इतना पैसा सिस्टम में जा रहा है, तो regularisation क्यों होगा?
उनका साफ कहना है:
“Corruption ही सबसे बड़ी समस्या है”
📊 Capacity Gap: 3 लाख vs 23 हजार
यहां सबसे बड़ा mismatch सामने आता है:
| Parameter | Number |
|---|---|
| Allowed hawkers (law के अनुसार) | ~3,00,000 |
| BMC द्वारा बनाई गई जगह | ~23,000 |
यानि:
👉 90% से ज्यादा hawkers के लिए कोई जगह ही नहीं
🚧 2017 Elphinstone Stampede के बाद नया संकट
Elphinstone Road stampede के बाद नियम और सख्त हो गए:
- स्कूल, अस्पताल, रेलवे स्टेशन से 100 मीटर दूर hawking
- इससे हजारों spots खत्म हो गए
🚨 Crackdown और ‘Illegal Bangladeshi’ विवाद
Mayor रितु तावड़े ने “illegal Bangladeshi hawkers” के खिलाफ कार्रवाई शुरू की।
शशांक राव का कहना:
- अगर कोई अवैध है तो कार्रवाई होनी चाहिए
- लेकिन पूरे सिस्टम को दोषी नहीं ठहराया जा सकता
🧍 Ground Reality: Hawkers का दर्द
सियॉन के एक vendor ने कहा:
“10 साल से यही काम कर रहा हूं, अब हमें illegal बोलकर हटाया जा रहा है… जगह भी नहीं दे रहे, जाएं तो जाएं कहां?”
🔍 मुख्य सवाल जो अब उठ रहे हैं
- 12 साल तक कानून लागू क्यों नहीं हुआ?
- 3 लाख hawkers को जगह कौन देगा?
- क्या crackdown सिर्फ दिखावा है?
- corruption खत्म कैसे होगा?
🌐 Useful Links (Official & Informational)
- Street Vendors Act Details: https://pib.gov.in
- BMC Official Website: https://portal.mcgm.gov.in
- Bombay High Court Orders: https://bombayhighcourt.nic.in
- National Hawker Federation: http://nasvinet.org
❓ FAQ (Frequently Asked Questions)
Q1. Mumbai में कितने hawkers allowed हैं?
👉 कानून के अनुसार करीब 3 लाख।
Q2. अभी कितनों के लिए जगह है?
👉 सिर्फ 23,000 के लिए।
Q3. TVC क्या है?
👉 Town Vending Committee, जो hawkers को regulate करती है।
Q4. कोर्ट ने क्या आदेश दिया?
👉 99,435 hawkers को काम जारी रखने और नया survey करने का निर्देश।
Q5. crackdown किसके खिलाफ है?
👉 “illegal” और allegedly undocumented vendors के खिलाफ।
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