बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने STP परियोजना के लिए आरक्षित जमीन पर अवैध ट्रांजिट कैंप बनाने और आर्थिक फर्जीवाड़े के मामले में मुंबई के प्रसिद्ध लोखंडवाला बिल्डर समूह और SRA के कार्यकारी अभियंता डी.बी. पाटील के खिलाफ FIR दर्ज की है। सामाजिक कार्यकर्ता की शिकायत के बाद बड़ी कार्रवाई।
मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई शहर में एक बड़े जमीन घोटाले का खुलासा हुआ है। BMC ने STP यानी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए आरक्षित सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण और आर्थिक फर्जीवाड़े के आरोप में लोखंडवाला इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड, लोखंडवाला डीबी रियल्टी और SRA के कार्यकारी अभियंता डी.बी. पाटील के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई सामाजिक कार्यकर्ता की शिकायत और RTI से सामने आई जानकारी के बाद की गई है। यह पहली बार हुआ है कि झोपडपट्ट पुनर्वसन प्राधिकरण के किसी अधिकारी के खिलाफ अपराधिक मुकदमा दर्ज किया गया है।
🏙️ मुंबई में BMC की बड़ी कार्रवाई
बृहन्मुंबई महानगरपालिका ने शहर के रियल एस्टेट सेक्टर में हड़कंप मचा देने वाली कार्रवाई की है। प्रसिद्ध लोखंडवाला बिल्डर समूह और स्लम रिहैबिलिटेशन अथॉरिटी (SRA) के एक वरिष्ठ अधिकारी पर सरकारी जमीन के दुरुपयोग और आर्थिक धोखाधड़ी का गंभीर आरोप लगा है।
BMC के अनुसार, जिस जमीन पर अवैध रूप से ट्रांजिट कैंप बनाया जा रहा था, वह जमीन सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के लिए आरक्षित थी, जो मुंबई जैसे महानगर के लिए बेहद जरूरी बुनियादी परियोजना है।
🏗️ STP जमीन पर कैसे हुआ अवैध निर्माण?
जांच में सामने आया कि STP परियोजना के लिए सुरक्षित की गई जमीन पर बिना महापालिका की अनुमति के ट्रांजिट कैंप और अस्थायी संरचनाएं खड़ी कर दी गईं। यह काम नियमों के खिलाफ था और इसके लिए जरूरी मंजूरी भी नहीं ली गई थी।
आरोप है कि बिल्डर को SRA के कार्यकारी अभियंता द्वारा नियमों को ताक पर रखकर अनुमति दी गई, जिससे महापालिका को आर्थिक नुकसान हुआ और सरकारी परियोजना बाधित हुई।
⚠️ सरकारी जमीन हड़पने की कोशिश का आरोप
BMC अधिकारियों का कहना है कि यह सिर्फ नियम उल्लंघन नहीं बल्कि सरकारी जमीन हड़पने की सुनियोजित कोशिश थी। STP प्लांट के लिए आरक्षित जमीन पर निर्माण होने से शहर की सीवरेज व्यवस्था और पर्यावरण दोनों पर गंभीर असर पड़ सकता था।
इस पूरे मामले को आर्थिक फर्जीवाड़ा और अधिकारों के दुरुपयोग की श्रेणी में रखा गया है।
🧑⚖️ SRA इंजीनियर की भूमिका सवालों के घेरे में
इस मामले में SRA के कार्यकारी अभियंता डी.बी. पाटील की भूमिका सबसे ज्यादा सवालों के घेरे में है। आरोप है कि उन्होंने बिना अधिकार और नियमों के खिलाफ जाकर बिल्डर को अनुमति दी।
बृहन्मुंबई महापालिका ने इसे आंतरिक मिलीभगत (Collusion) का मामला मानते हुए पुलिस में FIR दर्ज करवाई है। साथ ही, संबंधित अधिकारी पर विभागीय कार्रवाई की तैयारी भी शुरू कर दी गई है।
कांदिवली में अवैध ऑटो पार्किंग बनी खतरा, फायर ब्रिगेड 15 मिनट तक फंसी
🧾 सामाजिक कार्यकर्ता की शिकायत से खुला मामला
इस पूरे घोटाले का खुलासा सामाजिक कार्यकर्ता संतोष दौंडकर की शिकायत के बाद हुआ। उन्होंने लगातार इस प्रोजेक्ट को लेकर शिकायतें कीं और सूचना के अधिकार (RTI) के तहत दस्तावेज हासिल कर बृहन्मुंबई महापालिका के सामने तथ्य रखे।
लगातार फॉलो-अप और सबूतों के आधार पर आखिरकार BMC को कार्रवाई करनी पड़ी।
🚓 क्या होगी आगे की कार्रवाई?
✔️ पुलिस जांच और सबूत जुटाने की प्रक्रिया शुरू
✔️ अवैध निर्माण पर स्टॉप-वर्क नोटिस
✔️ संबंधित बिल्डर कंपनियों पर कानूनी कार्रवाई
✔️ SRA अधिकारी के खिलाफ विभागीय और आपराधिक केस
✔️ जरूरत पड़ने पर गिरफ्तारी और चार्जशीट
आने वाले दिनों में इस केस में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
🔍 STP क्यों है मुंबई के लिए जरूरी?
सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट शहर के गंदे पानी को साफ करने के लिए बेहद जरूरी होते हैं। मुंबई जैसे घनी आबादी वाले शहर में STP परियोजनाओं में देरी या जमीन विवाद सीधे तौर पर स्वास्थ्य, पर्यावरण और समुद्री प्रदूषण से जुड़ा मुद्दा बन जाता है।
❓ FAQ सेक्शन
Q1. FIR किसके खिलाफ दर्ज हुई है?
लोखंडवाला इंफ्रास्ट्रक्चर प्रा. लि., लोखंडवाला डीबी रियल्टी और SRA के कार्यकारी अभियंता डी.बी. पाटील के खिलाफ।
Q2. मामला किस जमीन से जुड़ा है?
सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के लिए आरक्षित महापालिका की जमीन से।
Q3. शिकायत किसने की थी?
सामाजिक कार्यकर्ता संतोष दौंडकर ने।
Q4. आगे क्या कार्रवाई हो सकती है?
गिरफ्तारी, चार्जशीट, अवैध निर्माण हटाना और विभागीय कार्रवाई।
Discover more from
Subscribe to get the latest posts sent to your email.


